मेरे बेटे के बड़े लंड की मौज हो गयी- 4

Young pussy sex kahani

यंग पुसी सेक्स कहानी में मेरी सहेली मेरे बेटे से गांड मरवा कर निहाल हो गयी. वो अपनी भतीजी को भी जोरदार चुदाई का मजा दिलवाने के लिए मेरे बेटे को अपने घर ले गयी.

दोस्तो, मैं मीनाक्षी आपको अपनी मॉम एंड सन सेक्स कहानी को सुना रही थी.

कहानी के तीसरे भाग अपने बेटे से सहेली की गांड फड़वाई में अब तक आप पढ़ चुके थे कि मेरे बेटे निहाल ने साईमा को रगड़ कर चोदा और हम तीनों मस्ती करने लगे.

अब आगे यंग पुसी सेक्स कहानी:

फिर मैंने साईमा की फिगर को नापा.
उसकी कमर 30 थी, ब्रेस्ट 34 और हिप्स साइज 36 के थे.

वह बोली- लिख लो!
मैंने कहा- हां अब जब तुम वापस जाने लगोगी, तब नाप कर देखेंगे कि कितना हो गया है तेरा फिगर?

फिर मेरा बेटा उसको लगातार चोदता रहा.
सुबह, दोपहर, शाम, रात और दिन!
मतलब जहां भी उसका मन होता, वह वहीं शुरू हो जाता.

चूँकि नंगी तो मैं भी रहती थी घर पर लेकिन उसको चोदने के लिए ही हमारी डील हुई थी.

मैंने अपने बेटे को खुद बोला था कि मैं एक हफ्ते तक तुझसे नहीं चुदवाऊंगी क्योंकि एक हफ्ते तक तू सिर्फ साईमा को चोदेगा!
उसने भी वही किया.

साईमा की गांड इतनी खुली हो चुकी थी कि उसमें मेरी तीन उंगलियां किसी भी वक्त बहुत आसानी से चली जाती थीं.
जब चौथी उंगली डालती थी तब थोड़ा बहुत महसूस होता था, वरना उसमें तो कुछ पता ही नहीं चलता था!

कभी-कभी उसकी सहेलियों के फोन भी आते थे- साईमा, क्या कर रही है?
तब वह गर्व से बोलती- मैं अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा रही हूँ! उसने मेरी गांड को ऐसा कर दिया है, वैसा कर दिया है!

मेरे बेटे का मैक्सिमम टाइम रिकॉर्ड साईमा के साथ ही बना था जब उसने उसे लगातार 3 घंटे 20 मिनट तक चोदा था!

जिस दिन यह 3 घंटे वाला प्रोग्राम चला था, उस दिन दोनों की बस-बस हो गई थी.

मेरे बेटे ने 3 घंटे से ज्यादा उसे झटके दिए थे और वह नीचे घोड़ी बनी रही थी.
उन 3 घंटों में सिर्फ उसकी गांड ही चुदी, उसकी चूत में एक बार भी लंड नहीं घुसा था.

साईमा को खुद महसूस होने लगा था कि उसकी गांड का साइज बढ़ गया है.
जब उसे अगले दिन वापस जाना था, तो मैंने उसका साइज नापा.
उसका साइज अब 38-32-42 का हो चुका था!

वह देखकर हैरान रह गई और बोली- मीनाक्षी, बहुत-बहुत धन्यवाद तुम्हारा! देखो, तुम्हारे बेटे ने मेरा कितना साइज बढ़ा दिया है. मैं तो सोचती थी शायद 2 इंच बढ़ जाए वही बहुत है, लेकिन यह तो देखो क्या से क्या कर दिया. अब मुझे सारे अंडरगारमेंट्स नए लेने पड़ेंगे. मैं घर पर अपने पति से क्या कहूँगी?

मैंने हंसकर कहा- वह सब छोड़ … अब तू यह बता कि मेरे जानू से तू कितनी लड़कियां चुदवाएगी?
वह बोली- अब तेरा बेटा मना करेगा, लेकिन मैं नहीं रुकने वाली! मैं तो इसके लिए लड़कियों की लाइन लगा दूँगी!

यह सुनकर मेरा बेटा हंसने लगा और बोला- मम्मी, आप तो मेरे लिए एक हीरा ढूँढ कर लाई हैं. अब मैं इसको भी चोदूँगा और उन लड़कियों को भी!
मैं हंसते हुए बोली- अगर मुझे पहले पता होता कि मेरा बेटा इतना बड़ा चुदक्कड़ है, तो इसे बुलाने से पहले चार बार सोचती कि कहीं मेरी चुत ही सूखी न रह जाए!

यह सुनते ही मेरा बेटा हंस पड़ा और उसने मुझे चूम लिया.

उस समय साईमा बार-बार अपनी पिछवाड़े को हाथ लगाकर देख रही थी, उसके हिप्स का साइज बहुत ज्यादा ‘अप’ हो चुका था.
उसके पास एक कॉटन की लैगी थी, जो उसने हमारे सामने ही पहननी शुरू की क्योंकि अब वह पूरी तरह खुल चुकी थी.

जैसे ही उसने लैगी पहनी, उसके हिप्स ऐसे लग रहे थे जैसे पीछे कोई अलग ही चीज लगी हो.
वह आईने के पास गई और अपने हिप्स को हाथ लगाकर देखते हुए बोली- मीनाक्षी देख, कितनी सुंदर लग रही हूँ! अब तो हर कोई मुझे चोदने को भागेगा!

तभी मेरा बेटा उसके पीछे गया.
उसने लैगी के ऊपर से ही उसकी गांड की जगह पर चीरा लगाया और अपना खड़ा लंड सीधे उसकी गांड में उतार दिया.

साईमा की गांड इतनी खुली हो चुकी थी कि लंड सीधा ‘पक्क’ की आवाज़ से अन्दर चला गया.
मैं देखती रह गई, मेरा बेटा उसको ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.

वह मस्ती से चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगी- मीनाक्षी आह मेरा दिल नहीं कर रहा है यहां से जाने को … आह मेरे डार्लिंग निहाल तुम मेरी गांड को और हॉट कर डालो.
मैं साईमा को गाली देती हुई बोली- साली छिनाल … अभी तो मेरे बेटे ने तेरा होल इतना बड़ा कर दिया है कि आराम से लंड घुसने लगा है. अब क्या हाथी का लंड भी गांड में लेना चाहती है. फिलहाल तो तू यह बताया कि मेरे बेटे को इस काम के लिए क्या प्राइस देगी?

वह बोली- यह जो भी बोलेगा, वही दे दूँगी!
तब मेरा बेटा बोला- मैं तेरे साथ एक दिन तेरे घर पर जाऊंगा और मुझे जो भी अच्छी लगेगी, उन सबको मैं चोदूँगा.

इस पर साईमा बोली- हां बिल्कुल, कोई बात नहीं … जिसकी लेने का तेरा दिल करे बता, उसी को नंगी करवा कर तेरे लौड़े से चुदवा दूँगी … और मेरी वह रंडी फ्रेंड दीपाली … वह भी कल आएगी तेरे पास, तेरे से स्पेशल मिलने के लिए. उस कुतिया को तो कम से कम एक घंटा चोदना पूरा … और ऐसा चोदना कि वह तेरे अलावा किसी और के पास जाए ना! उसके पास भी बहुत सारी लड़कियां आती हैं. उसका एक किट्टी हाउस है, जहां पर बहुत सारे मर्द जाते हैं और उसकी बताई हुई लौंडियों को चोद कर मजा लेते हैं. उसके पास बहुत सारे कॉन्टैक्ट हैं. मैं भी वहां पर बहुत बार गई हूँ. मैं कभी भी उसकी सैटिंग करवा दूँगी तेरे से … बल्कि वह तो खुद ही तेरे लंड से चुदने को मचल रही है.

मेरे बेटे ने साईमा को करीब 30 मिनट तक खूब रगड़ कर चोदा. उसके हिप्स पर थप्पड़ मार-मार कर भी चोदा.
साईमा भी ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती रही और मैं उसके होंठों को चूसती रही.

बहुत मज़ा आया.

उसकी विदाई का टाइम आ गया था, वह कपड़े पहन ही रही थी कि तभी उसको किसी लड़की का फोन आया.

उसने साईमा से पूछा कि आंटी आप कब आ रही हो?
तो साईमा बोली- क्या यार! अभी तो मैं चुद कर फ्री हुई हूँ … मस्त लंड मिला है. तू भी आ जा यहां पर, तू भी इस मूसल लौड़े से चुदवा ले!

वह बोली कि हां, किसी मोटे लवड़े से चुदवाने का तो दिल है लेकिन मैं आ नहीं सकती ना … यही प्रॉब्लम है मेरी.
साईमा बोली- चल, मेरे घर पर आएगी क्या?

वह बोली- हां साईमा आंटी, मैं आपके घर पर आ सकती हूँ. आप उसे साथ में ले आना.
अब साईमा मेरी तरफ देखने लगी, तभी मैंने ‘ओके’ का इशारा कर दिया कि निहाल को ले जाना!

साईमा उस लड़की से बोली- साराह नेक काम में देरी कैसी? तू आज ऐसा कर, अभी चल कर मेरे घर पर जा! वहां पर आकर पहले तू सफाई कर. तब तक मैं तेरे लिए लंड लेकर आती हूँ. सिर्फ मेरा बेडरूम साफ़ कर देना, वहां पर तेरी आज चुदाई होगी! और ऐसी चुदाई होगी, जिसको तू भूल नहीं पाएगी!

मेरे बेटे का जैसे पहले लंड का नाप 7 इंच के आसपास का था लेकिन हम लोगों ने जब साईमा की फिगर नापी थी तब अपने बेटे का लंड भी माप लिया था.
उस वक्त उसका लंड 8.4 इंच लंबा हो गया और मोटा भी 4 इंच का था.

उसका लंड किसी लोखंड की रॉड की तरह था, पूरा हार्ड रहता था … जब भी उसको पकड़ो तो एकदम रेडी रहता था.

मैंने बेटे से कहा- बेटे, किसी जरूरत मंद को चोदने में किसी तरह की इंसल्ट फ़ील नहीं होना चाहिए. जाओ आज तुम उस लड़की को ऐसा चोदना, ऐसा चोदना कि वह दो से तीन दिन तक अच्छे से चल ही ना पाए!

वह हंस कर बोला- जैसे ये साईमा आंटी!
‘हां जैसे तेरी साईमा आंटी नहीं चल पाई थीं ना, बिल्कुल वैसे ही चोदना.’

मेरा बेटा बोला- बिल्कुल मेरी जान! ऐसे ही चोदूंगा. जब तुम दोनों जैसी छिनालों को मैंने चोदा है और हालत पतली कर दी है तो वह तो अभी लड़की है, उसकी क्या हालत होगी सोचो!
उसकी बात सुनकर हम दोनों सहेलियां हंसने लगीं.

‘सच में यार, जिस दिन पहली बार चुदी थी ना … मेरे से सच में चला नहीं जा रहा था.
मैं भी बोली- हां साईमा इसने जब मुझे पहली बार चोदा था न … तो मैं कौन सा सही से चल पाई थी? मैं तो बार बार गिर ही जा रही थी. इसी ने सहारा दिया था .. तब जाकर बाथरूम में जा पाई थी.

साईमा बोली- मेरे साथ भी यही हुआ है. मैं तो सोच सोच कर ही डर रही हूँ कि वह लड़की तो अभी सिर्फ 24 साल की है और उसकी चूत ज्यादा चुदी भी नहीं है तो बहुत टाइट होगी!
मैंने पूछा- तो उसको भी बड़े लौड़े से क्यों चुदवाना है?

साईमा- क्योंकि उसने खुद ही कहा था कि उसको अपनी चुत की सही से ओवरहालिंग करवानी है. उसने किसी लड़के से एक-दो बार चुदाई करवाई थी तो दी है, फिर उसके बाद उसका ब्रेकअप हो गया. फिर उसने किसी से भी अपनी चुत चुदवाई नहीं! वह सिर्फ मेरे साथ बातें करती है. मैं भी समझती हूँ कि उसका दिल करता है, लेकिन वह ऐसे किसी से नहीं मिलती है. अब यह सांड उसकी गांड-चूत फाड़ेगा, जैसे इसने मेरी फाड़ी है!

फिर हम तीनों नंगे ही एक-दूसरे को हग करने लगे.
मेरा अपने बेटे को भेजने का बिल्कुल भी दिल नहीं कर रहा था.
मैं बार-बार उसका लंड अपने मुँह में ले रही थी.

साईमा मेरे बेटे से बोली- जान! अपनी मॉम को एक बार चोद कर ठंडी कर दो, वर्ना यह जाने ही नहीं देगी … और रही बात वापस आने की, तो शायद कल तक यह वापस तुम्हारे पास होगा, फिर जितना मर्जी खुल के चुदवा लेना मीनाक्षी रानी … ठीक है ना!
यह सुनकर कि चुदने की जुगाड़ हो रही है, मैं थोड़ी खुश हो गई और बोली- हां चलो, एक दिन की ही तो बात है, कोई बात नहीं. लेकिन साईमा तू तो जानती है कि आजकल कोई अपना प्राइवेट सामान किसी को देता नहीं है, इसलिए मुझे थोड़ा फील हो रहा था.

इस पर मेरा बेटा बोला- अरे मॉम! टेंशन क्यों ले रही हो? तुमको साराह कुछ वीडियो कॉल पर दिखाऊंगा!
साईमा बोली- हां … मैं भी तो साथ में ही हूँ, मैं भी साथ में ही चुदूँगी इससे!

मैं बोली- नहीं नहीं … तू इसके साथ अब सेक्स नहीं करना. पूरा एक वीक तू चुदी है, मैंने कभी कहा कि मैं भी तेरे साथ में चुदूँगी? अब ये उस लौंडिया को चोदने जा रहा है, तो उसको ही चोदेगा. तुम यहां पर आओगी मेरे पास, तब ही चुदना.
साईमा बोली- ठीक है! जैसे तुम्हें अच्छा लगे वैसे ही सही. वैसे भी मैं दो या तीन दिन के बाद वापस आ रही हूँ तेरे पास, तो यहीं पर रुकूँगी.

मैं खुश हो गई और बोली- हां आ जाना … तुझे मेरा बेटा कुछ ज्यादा ही पसंद आ गया है न!
वह बोली- पसंद तो इतना है कि दिल तो करता नहीं है कि इसको छोड़ूँ! तेरी किस्मत है, तेरे को घर बैठे-बैठे इतना बढ़िया लंड मिल गया!

मैं बोली- मुझे मिला था ना, मैंने तेरे को भी दे दिया है, अब तुम चिंता क्यों करती हो?
वह बोली- हां, मुझे मिला है ना, तो मेरी भतीजी को भी मिल रहा है.

मुझे समझ में आ गया कि साईमा अपनी भतीजी को चुदवाने के लिए मेरे बेटे को ले जा रही है.

उसकी भतीजी का नाम साराह था, वह 21 साल की थी.
उसका साइज अभी सिर्फ 28-26-30 का था.
उसके हिप्स बहुत छोटे थे हमारे मुकाबले क्योंकि साईमा ने साराह की फोटो दिखाई थी.
वह बहुत सुंदर थी.

इधर मेरा बेटा मुझे लंड चुसा रहा था.
उसका लंड झड़ने को हुआ तो उसने बिना बताए अपने लौड़े का साराह पानी मेरे गले में ही उतार दिया.
मैं जब तक कुछ समझती तब तक साराह रस मेरे गले को तर करता हुआ अन्दर चला गया.

मैंने रस खा लेने के बाद उसका लंड चूस कर साफ कर दिया.
फिर वह रूम में चला गया और उसने अपनी पैकिंग कर ली.

मेरे बेटे ने दो दिन की ही पैकिंग की थी और साईमा ने सिर्फ अपने अंडरगारमेंट्स ले लिए थे क्योंकि दो या तीन दिन के बाद साईमा और मेरे बेटे को वापस आना था.
वे दोनों चले गए और मैं उन दोनों को दूर तक जाते हुए देखती रही.

मेरी आंखों से आंसू निकल रहे थे!
पता नहीं क्यों … बेटे के लिए यह क्या हो रहा था?

करीब आधा घंटा के बाद मेरे बेटे ने मुझे कॉल किया और पूछा- क्या कर रही हो मेरी जान?
मैं बोली- कुछ नहीं यार, दिल नहीं लग रहा है मेरा.

उसने जगह का नाम बताते हुए कहा- मॉम मैंने उस जगह पर आपके लिए एक चीज़ रखी है.

मैं जैसे ही वहां पर गई, देखा वहां पर एक नकली लंड था, जिसका साइज़ 7 इंच था.
मैंने उससे कहा- हां प्लास्टिक का लंड मिल गया.

तो वह बोला- मॉम, यह मेरे लंड की पुरानी साइज़ है. इसको आप अपनी चुत या गांड में लेकर समझना कि यह मेरा ही लंड है! जब तुम इसको अपनी गांड या चुत में लो तो मुझे वीडियो बनाकर जरूर भेजना.
मैं बोली- नहीं यार, मैं ऐसा-वैसा कुछ नहीं करूँगी.

वह बोला- मुझे सब कुछ चाहिए, मुझे वीडियो भेजो! मैं भी आपको इधर की चुदाई की वीडियो भेजता हूँ.
फिर थोड़ी देर ऐसे ही ना-हां चलता रहा. कभी मैं उसको ‘हां’ कहती, कभी वह ‘हां’ करता.

कुछ देर बाद मैं कॉल कट करके वीडियो बनाने लगी.
मुझे मजा आने लगा और इस सब में कब एक घंटा हो गया मुझे पता ही नहीं चला.

जब मैंने वीडियो भेजी, तब तक मेरे बेटे ने साराह को नंगी कर लिया था क्योंकि उसकी लाइव चुदाई की वीडियो उसकी साईमा आंटी चुपके से बना रही थी.

वह अपने फोन से चुदाई की वीडियो बना रही थी और साथ ही उसने मेरे बेटे के फोन से मुझे वीडियो कॉल लगा दी.
साराह की चूत का साइज़ बहुत छोटा था, मैं समझ गई कि इसने बहुत कम चुदाई करवाई है.

जबकि मेरा बेटा घर से निकला था, तब उसने एक पावर बढ़ाने वाली दवाई खा ली थी.
बाद में उसने मुझे बताया था कि उसने एक और गोली भी खा ली थी, जब वह रास्ते में था.

मुझे मेरे बेटे का लंड 9 इंच लंबा लग रहा था.
उसने साराह को थोड़ी देर चूमा-चाटा और फिर जैसे ही साराह की चूत में लंड डाला, तो उसमें से खू.न निकल आया.

साराह ऐसे चिल्लाने लगी जैसे एकदम सील पैक वर्जिन लड़की चिल्लाती है.
वह बहुत छटपटाने लगी लेकिन मेरे बेटे ने उसको नहीं छोड़ा.

फिर दो मिनट रुकने के बाद वह साराह की चुत में झटके देने लगा.
कुछ ही झटकों में उसका पूरा लंड साराह की चुत के अन्दर चला गया था.

साराह बहुत ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी और वह मेरे बेटे की पकड़ से छूट कर भागने की कोशिश करने में लगी थी.
लेकिन वह भाग नहीं पाई.

अब वह साईमा को गालियां दे रही थी- आह मुझे कहां फँसा दिया आंटी … ये साला सांड है!
साईमा हंस रही थी, हालांकि वह भी समझ रही थी कि उसने साराह जैसी कम चुदी लड़की को किस सांड के लौड़े से चुदवा दिया है.

मेरा बेटा साराह को लगातार यंग पुसी सेक्स के झटके देने में लगा हुआ था.
कुछ देर बाद साराह को चैन मिलने लगा था और अब वह भी चुदाई के मज़े लेने लगी थी.

मेरे बेटे ने साराह को काफी देर तक रगड़ कर चोदा और उसके बाद उसने अपना पानी साराह की चुत में ही छोड़ दिया.
उसके बाद साराह की सारी रात चुदाई हुई उसकी गांड भी चुदी और साथ में साईमा ने भी मेरे बेटे के लवड़े से मजे लिए.

उन तीनों ने अगले तीन दिन तक क्या क्या किया … वह मैं आपको अगली बार लिखने का प्रयास करूंगी.
यह सब आपके मेल और कमेंट्स पर निर्भर होगा कि मैं अगली सेक्स कहानी लिखूँ या न लिखूँ.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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