मुंहबोली भाभी की बहन को चोदा

Young Bhabhi Sex Kahani

यंग भाभी सेक्स कहानी में मैंने एक भाभी को पटाया लेकिन उसने कहा कि मेरे बदले मेरी छोटी बहन को चोदो क्योंकि उसके पति घर से दूर रहते हैं. भाभी ने अपनी बहन से बात करवा दी.

यहां हमारे UP के कई रिश्तेदार और दोस्त लोग रहते हैं।
उन्हीं दोस्तों में से एक की वाइफ है। भाभी का नाम यहां मैं ‘सविता’ लिख रहा हूं (प्राइवेसी की वजह से नाम बदला हुआ है) लेकिन स्थान एकदम ठीक है।

तो यंग भाभी सेक्स कहानी में हुआ यह कि जो मेरे दोस्त हैं, उनकी वाइफ मुंबई की थी, लेकिन शादी के बाद दिल्ली रहने लगी।

वैसे भाभी मेरी मस्त हैं और रंगीन मिजाज हैं।
मैं उस भाभी को किसी भी तरह से पटाना चाहता था लेकिन जुगाड़ नहीं बन रहा था।

बाद में पता चला कि भाभी तो खुद मुझे पटाना चाहती हैं!
किसी तरह से हमने एक-दूसरे का नंबर लिया और फिर धीरे-धीरे बात होने लगी।

साथियो, वैसे भी मैं बहुत सेक्सी मिजाज का आदमी हूं। शादीशुदा हूं, लेकिन फिर भी कोई बढ़िया सी भाभी दिख जाए तो लंड खड़ा हो जाता है।
और मेरी भाभी थी भी ऐसी कि बूढ़े का भी लंड खड़ा कर दे!

जब मैं भाभी को पटाने की कोशिश करने लगा तो पहले भाभी ना-नुकर करती थीं।

फिर एक दिन मैं नाराज हो गया भाभी से, तो उन्होंने मुझे फोन करके मनाया।
लेकिन मेरी एक ही शर्त थी, “भाभी, आपके साथ सेक्स करूंगा!”

मेरे बहुत जोर देने पे आखिर में वह मुझसे बोली, “मुझे छोड़ दो, तो आपका जुगाड़ अपनी बहन से करा दूंगी!”

मैंने भाभी से उनकी बहन की फोटो मांगी, तो वह तो भाभी से भी मस्त थी!
भाभी ने हिंट दिया तो मैं उनकी बहन को पटाने में लग गया।

उनके पति का काम गाड़ी का था इसलिए ज्यादातर घर से बाहर ही रहते थे।
वह दिल्ली के बगल फरीदाबाद से हैं।

ऐसे में हंसी-मजाक करते हुए मैंने भाभी की बहन को पटा लिया।
फोन सेक्स से उन्हें इतना व्याकुल कर दिया कि अब वह मेरा लंड मांगने लगी थीं।

अभी तक मैंने भाभी की बहन को सिर्फ फोटो में देखा था या वीडियो कॉलिंग में।
बात होते हुए हमें एक महीना हो गया था।

एक दिन मैंने भाभी की बहन के यहां जाने का प्लान बनाया।
अपने घर पर बोल दिया कि किसी काम से जा रहा हूं, हो सकेगा तो रात में न आऊं।

भाभी की बहन के घर पहुंचा तो उन्होंने मेरा खूब स्वागत किया।
उनके हाथ का खाना खाया और कुछ देर टहले।

जब लगा कि बच्चे सो गए हैं, तो हम लोग कमरे में आ गए।
कमरे की तरफ जाते हुए मैं भाभी के बूब्स और पीछे कूल्हे पर हाथ सहलाता रहा।
भाभी के ऊपर इसका असर हुआ और उनकी चूत गीली होने लगी।

अंदर आकर मैंने सबसे पहले खुद के कपड़े उतारे और धीरे-धीरे भाभी की बहन के भी कपड़े उतारना शुरू किया।

मुझे पेटीकोट की डोरी खींचना बहुत अच्छा लगता है।
जैसे ही मैंने डोरी खींची, देखा तो भाभी नीचे से पूरी नंगी थीं!

मैंने पूछा, “अंदर पेंटी नहीं पहनती क्या?”
तो वह बोली, “पहनती हूं, लेकिन आज आपके लिए नहीं पहनी!”

फिर मैंने भाभी को ऊपर से भी नंगा किया।
अब भाभी एकदम नंगी लेटी थीं और मेरे शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था।

भाभी बोली, “इसे उतारो!”
मैंने कहा, “आपको जरूरत हो तो निकालो!”

तो उन्होंने झटके में मेरा अंडरवियर उतारा और लंड देखा तो भाभी के चेहरे पर घबराहट के भाव नजर आ रहे थे।
बोली, “बाप रे! ऐसे लंड से मैं इसके पहले कभी नहीं चुदी!”

फिर मैंने भाभी की बहन, जिनका नाम ‘अर्चना’ (बदला हुआ नाम) है, उनके पूरे शरीर को ऊपर से नीचे तक चूसना चालू किया।

अर्चना भाभी मेरे लंड से खेल रही थीं।

मैंने उन्हें लंड मुंह में लेने के लिए बोला तो वह मना करने लगीं।
बोली, “मैंने कभी लिया नहीं है!”

तो मैं जान गया कि जब तक गर्म नहीं होगी, तब तक ये लंड नहीं चूसेगी।
फिर नाभि पर किस करते हुए मैंने सीधे भाभी की योनि को चूसना चालू किया।

कुछ ही देर में भाभी इतनी ज्यादा मगन हो गई कि खुद लौड़े को मुंह में लेकर चूसने लगीं।
अब हम 69 की पोजीशन में आ गए।
भाभी ने इस कदर लंड चूसा कि सारा पानी उनके मुंह में गिर गया और उन्होंने चाटकर साफ कर दिया।

इधर मैंने उनकी चूत को चूसना जारी रखा।

मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा तो भाभी बोली, “अब मत तड़पाओ, अंदर डाल दो!”
मैंने कहा, “क्या अंदर डाल दूं और किसके अंदर?”

भाभी शर्मा रही थीं।
आखिर में जब उनसे रहा नहीं गया तो उन्होंने बोला, “यार अपना लंड मेरी चूत में डाल के चोद दो!”

तो मैंने भाभी को तड़पाने के लिए लंड उनकी चूत के मुंह पर रगड़ना शुरू किया।
भाभी सिसकने लगीं।

अचानक मैंने धक्का मारा और पूरा लौड़ा भाभी की चूत में घुस गया!
वह चिल्लाने लगीं, तो मैंने उनका मुंह दबा दिया और कहा, “बच्चे सो रहे हैं!”

लौड़ा अंदर डाले ही मैंने भाभी से पूछा, “अंतिम बार कब चुदी थी भाई साहब से?”
तो उन्होंने बताया, “3 महीने पहले!”

इधर मैं धक्का देता रहा।
बीच-बीच में जब भाभी सामान्य हुई तो उनकी जबरदस्त चुदाई शुरू हुई।

भाभी तो जल्दी झड़ गई लेकिन मेरा अभी बाकी था।

फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और पीछे से डाल के चुदाई करना शुरू कर दिया।
भाभी की बहन की गांड यदि देख लो तो बूढ़े का भी लौड़ा खड़ा हो जाए!

मुझे चुदाई का बहुत शौक है।
मैं कोई दवा तो नहीं खाता लेकिन देशी जड़ी-बूटी जरूर लेता हूं चुदाई करने के लिए।

लगभग आधे घंटे की जबरदस्त चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने पूछा, “भाभी, माल कहां लोगी?”

तो उन्होंने अपनी चुचियों पर माल लपक लिया।
उस पूरी रात मैंने भाभी की 4 बार चुदाई की।

रात के 2 बजे हम थक गए तो सो गए।

अगले दिन मैं फरीदाबाद से दिल्ली अपने घर वापस आ गया।
अब तो जब भी फरीदाबाद जाता हूं तो भाभी की बहन को चोदे बिना नहीं आता।

अब तो भाभी भी मुझसे महीने में एक-दो बार चुदवाने लगती है।

जब मैं भाभी की बहन के घर से निकला तो भाभी को फोन किया और बताया, “भाभी, आपकी बहन चुद गई!”

साथियो, बाद में मैंने भाभी की भी चुदाई उनके घर में की और भाभी जब मेरी चुदाई से मस्त हुई तो अपनी एक सहेली को भी मुझसे चुदवाया।
लेकिन वह कहानी अगली बार!

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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