virgin chut fuking story
वर्जिन चूत फुकिंग स्टोरी में मेरी गर्लफ्रेंड के जन्मदिन पर उसे मैंने एक गिफ्ट दिया. बदले में उसने मुझे किस किया. उसके बाद मैंने उसे सेक्स के लिए कहा.
नमस्ते! मैं रॉकी (नाम बदला हुआ), मैं धनबाद (झारखंड) से हूँ।
मेरी हाइट 5.8 इंच है और रंग गोरा है।
मैंने इंजीनियरिंग पूरी कर ली है और उम्र 22 साल है।
यह मेरी सेक्स स्टोरी लिखने की पहली कोशिश है।
अगर कोई गलती हो तो माफ कर देना।
तो अब आपको बोर न करते हुए मैं अपनी पहली सेक्स एक्सपीरियंस की स्टोरी पर आता हूँ।
यह वर्जिन चूत फुकिंग स्टोरी साल 2013 की है।
तभी मेरी एक गर्लफ्रेंड बनी थी (एंजेल प्रिया)।
कुछ ही दिन बाद उसका जन्मदिन था।
हम दोनों घूमने निकले।
वापस आते वक्त मैंने उसे एक गिफ्ट दिया।
उसने कहा कि वह भी मुझे एक गिफ्ट देगी।
यह बोलकर उसने मुझे रोड के साइड में एक घर के पीछे ले गई, जहाँ हमें कोई देख न सके।
और उसने मुझे किस कर दिया।
वो मेरी और उसकी पहली किस थी।
हम दोनों की आँखें बंद हो गई थीं।
करीब 2 मिनट तक किस चलता रहा।
फिर हमें याद आया कि कोई आ सकता है और हम अलग हो गए।
यह सिलसिला चलता रहा और हमारी किसिंग होती रही।
अब धीरे-धीरे मैं उसके बूब्स को भी सहलाने लगा था।
फिर वो दिन आ ही गया।
डेट थी 19 अगस्त 2013
हम रात के 2 बजे फोन पर बात कर रहे थे।
फिर मैंने उसे बोला, “करना है मुझे अब!”
वो बोली, “कहाँ करेंगे? कैसे करेंगे?”
अक्सर छोटे शहर में ये दिक्कत होती ही रहती है।
तो मैंने बोला, “आज ही करना है और अभी करना है!”
वो बोली, “पागल हो क्या? अभी कैसे आओगे? कोई देख लेगा। बहुत रात हो गई है!”
मैं बोला, “बस मैं जब कॉल करूँ तो घर से बाहर आ जाना…”
और मैंने कॉल काट दी।
तब मैंने चुपके से कार की चाबी ली, धीरे से गेट खोला, बाहर निकला और 10 मिनट में उसके घर के बाहर पहुँच गया।
मैंने उसे कॉल किया।
वो भी चुपके-चुपके धीरे-धीरे बाहर आई।
पहली बार मैं उसे नाइट ड्रेस में देख रहा था।
क्या गजब लग रही थी!
उसे कार की पिछली सीट पर लेकर गया और किसिंग शुरू कर दी।
ओह भाई! दोनों के अंदर जानवर आ गया था शायद।
एक-दूसरे के होंठों को काट रहे थे, बाल नोच रहे थे।
10-15 मिनट किसिंग के बाद मैं उसके बूब्स सहलाने लगा।
हाथ पीछे करके उसकी ब्रा खोल दी और उसके बूब्स को पहली बार टच किया।
क्या नरम बूब्स थे और उतने ही हार्ड उसके निप्पल्स!
फिर मैंने उसे ऊपर से पूरी नंगी कर दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा।
वो बस मुँह से आवाज निकाल रही थी और मेरे लंड को सहला रही थी।
कुछ देर ऐसे ही चला।
फिर उसने कहा, “अब प्लीज करो ना!”
मैं भी तड़प रहा था और वो भी।
मैंने उसकी हॉट पैंट खोली और फिर उसकी पैंटी खोली।
पूरी पैंटी गीली हो चुकी थी।
मैंने बस हाथ लगाया उसकी चूत पर तो वो सिहर गई।
फिर वो बोली, “अपना भी दिखाओ!”
तो मैं बोला, “खुद देख लो!”
उसने मेरा हाफ पैंट खोला।
अंडरवियर तो मैं पहनता ही नहीं था।
उसने मेरा लंड बस हाथ में लिया और फील करने लगी।
अब मुझे भी रहा नहीं जा रहा था।
मैंने उसे लिटाया और बस लंड को सेट किया।
एक हल्का ट्राई मारा पर लंड गया नहीं क्योंकि मुझे कोई एक्सपीरियंस था नहीं।
फिर दूसरी बार लंड को अच्छे से पकड़कर और उसकी चूत को खोलकर एक और हल्का झटका दिया और लंड का टोपा (हेड) उसकी चूत में चला गया।
अब वो दर्द से रोने लगी।
मैं रुक गया और उसे समझाने लगा कि अब ज्यादा दर्द नहीं होगा।
तो वो बोली, “ठीक है!”
फिर मैंने एक और झटका मारा और लंड आधा चला गया।
उसकी चूत से खू.न निकलने लगा और वो बहुत रोने लगी।
मैं फिर रुक गया और समझाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं मानी।
तो मैंने अपना लंड निकाल लिया और वहीं बैठ गया।
वो भी उठी।
उसकी चूत फट चुकी थी।
थोड़ी देर में वो शांत हुई तो मैंने सोचा फिर से इसे एक्साइट करता हूँ।
मैंने उससे पूछा, “ठीक हो?”
वो बोली, “हाँ पर अब नहीं करेंगे!”
मैं बोला, “ठीक है पर किस तो कर ही सकते हैं ना!”
तो वो बोली, “किस के लिए किसने मना किया है! लेकिन अब सेक्स नहीं।”
मैं बोला, “ठीक है! आ जाओ मेरी जाँघ पर बैठ जाओ!”
वो धीरे से उठी और आकर मेरी गोद में बैठ गई।
हमने किसिंग शुरू की और मेरा लंड उसकी चूत में टच हो रहा था।
अभी तक हम दोनों नंगे ही थे।
मैंने उसके बूब्स दबाना शुरू किया।
वो फिर से आवाज निकालने लगी।
अब मैं समझ गया कि ये जवानी के जोश में है।
मैं धीरे-धीरे उसकी चूत को रगड़ने लगा अपने हाथों से और किसिंग चालू ही थी हमारी।
अब धीरे-धीरे लंड को उसकी चूत में रगड़ना शुरू किया और फिर धीरे से उसके कान में बोला, “बाबू! एक बार और डालूँ?”
वो बोली, “नहीं सोना! बहुत दर्द होता है!”
मैं बोला, “अब तो चूत फट गई है, अब दर्द नहीं! अब बस मजा आएगा!”
वो बोली, “नहीं प्लीज! प्लीज!”
फिर 10 मिनट किसिंग और समझाने के बाद वो मानी।
फिर मैंने उसे लिटाया और उसकी चूत में अपने लंड को हल्का सा घुसाया और एक जोर का झटका दिया।
पूरा लंड उसकी चूत में चला गया!
वो दर्द से फिर रोने लगी लेकिन इस बार मैं हार मानने वाला नहीं था, वहीं रुक गया और उसे किस करने लगा।
मैं उससे बातें करने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा।
फिर धीरे-धीरे वो शांत हुई तो मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।
अब उसे मीठा-मीठा दर्द हो रहा था।
अब वो रो नहीं रही थी, “आह! आह!” कर रही थी।
फिर धीरे-धीरे मैंने स्पीड बढ़ाई और अब उसे भी मजा आ रहा था।
वो भी अपनी गांड उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी।
करीब 10 मिनट बाद उसने मुझे जोर से पकड़ लिया।
अब मैं समझ गया कि वो झड़ गई।
मैंने भी स्पीड बढ़ाई और उसकी चूत में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया।
अब हम बातें करने लगे।
मैंने उससे पूछा, “कैसा लगा?”
उसने कहा, “बहुत मजा आया!”
फिर उसी रात मैंने उसे अपने ऊपर बिठाकर अपनी सवारी भी करवाई।
पूरी कार की बैक सीट खू.न से लाल हो गई थी।
लेकिन मजा भी बहुत आया!
फिर वो धीरे-धीरे निकलकर अपने घर गई।
उससे चला भी नहीं जा रहा था।
अपने घर पहुँचकर उसने मुझे कॉल की।
तब तक मैंने कार की बैक सीट पानी और कपड़े से साफ की और फिर अपने घर आ गया।
तो दोस्तो, मुझे आशा है कि आपको मेरी ये वर्जिन चूत फुकिंग स्टोरी अच्छी लगी।
अगली बार बताऊंगा मैंने उसकी गांड कैसे मारी।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।