sex crazy lady story
सेक्स क्रेजी लेडी स्टोरी में मेरे बेटे से चुद कर मुझे बहुत मजा आया. मैंने अपनी चुदक्कड़ सहेली की चूत और अपने बेटे को दिलवाने की सोची और दोनों को मिलवा दिया.
फ्रेंड्स, मैं आपकी अपनी सिम्मी एक बार फिर से अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
इसमें मेरी परिचिता आयशा आपको उसके बेटे से चुदाई वाली सेक्स कहानी लिख रही है.
आप उसकी जुबानी ही इस भाग का मजा लें.
हाय मैं आयशा … मैंने आपको कहानी के दूसरे भाग
सगे बेटे से गांड मरवाई
में अब तक बताया था कि पति के बाहर चले जाने के बाद किस तरह से मेरे बेटे शौक़त ने मुझे चोदा और मैं भी उसके साथ खुल कर चुदी.
फिर हम दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए.
अब आगे सेक्स क्रेजी लेडी स्टोरी:
सुबह 7:30 बजे मेरी आंख खुली.
मैंने देखा कि मेरा बेटा मेरे ऊपर चढ़ा हुआ था और मेरी चुत में अपना लंड घुसाने का प्रयास कर रहा था.
मुझे जगी हुई देख कर वह बोला- उठ गई जान?
मैंने कहा- हां जानू, उठ गई हूँ.
इतना बोल कर मैंने उसके होंठों पर किस किया, उसने भी मुझे रिस्पॉन्स दिया.
सुबह-सुबह इतनी लंबी किस करके मुझे बहुत मज़ा आया.
मैंने उससे कहा- जल्दी-जल्दी से रेडी हो जाओ, हमको आज कहीं जाना भी है!
तब शौक़त ने मुझसे पूछा- कहां जाना है?
मैं बोली- यह सरप्राइज है तेरे लिए … तुम बस तैयार हो जाओ.
वह बोला- किसी और की दिलाओगी क्या?
मैंने शोखी से कहा- हां मस्त माल दिलाऊंगी!
वह मुझे देख कर मुस्कुराने लगा.
फिर उसने मुझे एक बार चोदा और जैसे ही उसका पानी निकला, वह बाथरूम में आ गया.
मैं भी पीछे-पीछे चली गई क्योंकि हम दोनों नंगे ही थे, तो हम एक साथ नहाये; उसने मुझे अच्छे से नहलाया और मैंने भी उसको अच्छे से नहलाया.
मैंने उसका लंड भी एक बार और चूसा, जिसमें उसने अपना सारा पानी मेरी बॉडी पर निकाल दिया.
जब मैं अपने रूम में आकर तैयार होने लगी, तो मुझे अपने कपड़े थोड़े टाइट लगने लगे और मेरी चाल भी थोड़ी सी बदल गई थी.
मैंने जैसे ही कपड़े पहने और मिरर के सामने गई, मैं हैरान रह गई.
मेरी गांड का साइज़ थोड़ा बढ़ चुका था.
अब मेरा फिगर 36-32-40 का हो गया था जो बहुत मस्त लग रहा था क्योंकि पहले मेरा साइज़ 32-30-36 का था और मेरे बेटे ने दो दिन में ही मेरा इतना साइज़ बढ़ा दिया.
हां दिन तो दो ही हुए थे, पर चुदाई 10 से 15 बार हो चुकी थी.
मैं बहुत खुश थी.
फिर हम सुबह 11:00 बजे घर से रेडी होकर निकले.
मेरी एक फ्रेंड तान्या के घर पार्टी थी.
मैंने शौक़त से कह दिया था कि तुम्हें उधर कोई नहीं जानता है तो तुम मुझसे मेम कह कर बात करना. मॉम मत कहना … इसका तुम्हें फायदा होगा.
यह कह कर मैंने शौक़त को आंख मार दी.
वह समझ गया कि मैं क्या कहना चाहती हूँ.
हम लोग जैसे ही वहां पहुंचे, तो मेरी सहेली तान्या मुझे देखकर बोली- वाह क्या बात है जान … आज तो बड़ी मस्त लग रही हो!
उसने धीरे से मेरे कान में कहा- गांड बहुत अच्छी करवा ली तुमने … क्या राज है इसका?
तो मैं बोली- बता तुझे भी करवानी है क्या?
तान्या बोली- नहीं-नहीं, मेरी पहले ही बहुत अच्छी है!
फिर मैंने उसको अपने बेटे से मिलवाया.
मैं उससे बोली- यह सब इसी की मेहरबानी है!
तान्या मेरे बेटे को नहीं जानती थी क्योंकि मैंने आज तक शौक़त को अपनी किसी सहेली से नहीं मिलवाया था.
मेरी सहेली तान्या उसे देखकर बोली- मस्त लड़का मिला है तेरे को … खूब चोदता होगा तेरी?
मैं बोली- बस अभी दो दिन ही चोदा इसने … और गांड देख ले कितनी बाहर आ गई है. इसका लंड भी मस्त है, मैं इसको तुझे मिलवाने के लिए ही लाई हूँ!
वह मेरे बेटे को देख रही थी और बोली- यार मैं चुदवा तो लेती, लेकिन यहां सबके सामने कैसे?
मैं बोली- उसका अरेंज भी किया है मैंने!
तो तान्या बोली- लगता है सिर्फ मेरे लिए ही लेकर आई हो क्या!
मैंने कहा- बिल्कुल सिर्फ तेरे लिए ही.
फिर वह बोली- चलो देखती हूँ, अगर टाइम लगा तो काम लगवा लूँगी!
मैं बोली- टाइम लगे नहीं, टाइम निकालो.
वह बोली- यार इतना काम है, फिर वह कौन करेगा?
मैं बोली- तुम बस चुपचाप मेरे साथ आओ.
मैं बेटे को ऊपर जाने का कह गई और उससे एक जगह रुकने का कहा.
मैं और मेरी फ्रेंड तान्या, हम दोनों ऊपर गए.
उसका सबसे टॉप फ्लोर पर एक रूम खाली रहता था.
उसने मुझसे कहा- आशा यह सब क्या है?
जो भी मुझे प्यार करते हैं, आयशा की जगह आशा ही बोलते हैं.
तो मैं बोली- मुझको तेरी फिक्र थी. तूने भी मेरी एक बार चुदाई करवाई थी न!
वह यह सुनकर बहुत खुश हुई थी.
‘आज मैं तुझे चुदवाती हूँ. उसका तो लंड केवल 5 इंच का था, इसका तू एक बार अगर लेगी, तो तेरे को किसी और से चुदने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी!’
वह हम्म करके मेरी तरफ देखने लगी.
मैंने कहा- तुम यहीं वेट करो, मैं उसे बुलाती हूँ.
मैंने कॉल किया और शौक़त को ऊपर बुला लिया.
वह जल्दी ही ऊपर आ गया.
तब मैं उससे बोली- देख यह मेरी फ्रेंड है तान्या, क्या तू इसको खुश करेगा?
मैं यह सब तान्या के सामने ही बोल रही थी.
‘तुम दोनों एक घंटे के लिए इस रूम में हो और मैं जब दरवाजा खोलूँ, तो मुझे इसके चेहरे पर मुस्कान चाहिए!’
शौक़त ने हां में सिर हिला दिया.
मैं दोनों को अन्दर छोड़कर बाहर से लॉक लगाकर वापस आ गई.
मुझे जिसने पहले एक बार चोदा था, वह भी उस पार्टी में था.
वह मेरे पास आकर मेरे से बात करने लगा और हम बात करते-करते एक साइड चले गए.
यहां पर उसने अपना हाथ मेरी गांड पर रखा और घुमाने लगा.
उसने मुझसे कहा- जान अगर आपकी परमिशन हो, तो आज कुछ करें?
मैंने टाइम देखा, तो टाइम तो मेरे पास भी बहुत था.
मैंने मुस्कुरा कर कहा- आप अपना देखो, मेरे पास तो टाइम ही टाइम है!
वह मुझे थोड़ा साइड में को ले गया, वहां एक स्टोर रूम था.
वह मुझे उसके अन्दर ले गया जहां काफी सामान बिखरा पड़ा था.
उसने मुझे वहां बिठाया और सीधा मेरे मुँह में अपना लंड दे दिया.
मैं उसका लंड चूसने लगी.
मैंने आज साड़ी पहनी थी, उसके नीचे कुछ भी नहीं पहना था क्योंकि मैं तो चाहती थी कि मैं अपने बेटे के साथ ही तान्या के घर जाऊं.
लेकिन मुझे क्या पता था कि मुझे यहां दूसरा वाला मिल जाएगा.
मैं उसका पूरा-पूरा लंड अपने मुँह में ले रही थी.
उसका लंड लगभग 5 इंच का होगा … और मैं उसे बड़े मजे से चूस रही थी.
वह भी खूब मस्ती में मेरे मुँह में झटके दे रहा था.
फिर उसने अपना लंड बाहर निकाला और मुझे ‘घोड़ी’ बना दिया.
उसने मेरी साड़ी को ऊपर उठाया और जब नीचे देखा, तो वहां मैंने कुछ भी नहीं पहना था.
यह देखकर वह बहुत खुश हुआ और सीधा मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया.
उसके लंड का मुझे सिर्फ थोड़ा सा ही अहसास हुआ क्योंकि मेरी चूत इतनी बड़ी हो चुकी थी कि उसके लंड का पता ही नहीं चला.
वह झटके देने लगा और उसने करीब आठ-दस मिनट तक झटके दे-देकर मुझे चोदा.
आखिर में उसने सारा पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया और वहीं बैठ गया.
तब मैं बोली- क्या, बस हो गया?
वह बोला- हां, अभी तो बस है लेकिन तू किसी दिन रात का प्रोग्राम कर, तुझे मैं और मेरा एक साथी और है, दोनों मिलकर चोदेंगे!
मैं मुस्कुराकर बोली- अभी तो तेरे से कुछ हुआ नहीं, तब क्या कर लेगा!
तो वह बोला- तब का तब बताऊंगा.
मैंने वितृष्णा से कहा- हां, जैसा अभी बताया न … मेरी गांड को भी कहां ढंग से चोद पाया तू!
तब वह खिसिया कर बोला- एक बार तान्या से पूछकर तो देख, जिस दिन वह रात को आई थी, पूरी रात सोने नहीं दिया था उसे. अगर मेरे पर भरोसा नहीं है, तो उससे पूछ लेना!
मैं उठकर अपने कपड़े ठीक करने लगी.
जैसे ही मैं चलने लगी, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे गले लगाकर गर्दन पर किस करने लगा.
तभी उसे किसी की कॉल आई.
उसने फोन स्पीकर कर उठाया.
किसी ने उससे फोन पर पूछा- क्या कर रहा है?
उसने जवाब दिया- एक मस्त लड़की को चोद कर फ्री हुआ हूँ अभी!
सामने वाले ने पूछा- भला कौन सी लड़की है?
वह बोला- बहुत ही मस्त है इसको किसी दिन साथ में चोदने का प्रोग्राम करेंगे.
तब उसने कहा- हां-हां, ऐसी कोई बात नहीं है, मैं मना थोड़े ही करूँगा और तू जिसको भी लाएगा, वह बहुत मस्त होगी, इतना मुझे पता है!
तब उसने मुझे देख कर इशारे से पूछा तो मैंने कहा- हां-हां, करती हूँ चुदाई का अरेंजमेंट!
तभी मेरे पास तान्या का कॉल आ रहा था.
मैंने जैसे ही उसकी कॉल पिक की, तब वे दोनों भी चुदाई से फारिग हो चुके थे क्योंकि उन दोनों को साथ में करीब 30 से 40 मिनट हो चुके थे.
जैसे ही मैंने फोन उठाया, उसने बोला- यह जो तेरे साथ लड़का आया है शौक़त, इसको बोलो प्लीज कि थोड़ी देर और रुक जाए. वह बोल रहा है कि जब तू बोलेगी तभी रुकेगा, नहीं तो जाना है!
मैंने तान्या से उसके कमरे में आने का कहा और अपने कपड़े सही करके सीधी उनके कमरे में आ गई.
जब तक मैं उधर पहुंची, तब तक शौक़त ने कपड़े पहन लिए थे और तान्या ने भी थोड़े-बहुत कपड़े पहने हुए थे.
मैंने सीधा जाकर तान्या के स्तन पकड़े और बोली- हां बता, मज़ा आया?
वह बोली- हां, बहुत मज़ा आया … मस्त माल लेकर आई है यार!
मैंने पूछा- अभी और चुदवाएगी क्या?
वह बोली- मैं तो चुदवाने के लिए तैयार हूँ, लेकिन इससे बात तो करो!
मैंने शौक़त को बोला- अपने कपड़े उतारो और इसे ऐसा चोदो कि यह कुतिया तेरे अलावा किसी और का नाम ही न ले!
शौक़त बोला- ओके मैम, ठीक है, जैसा आप बोलो!
उसने जैसे ही अपने कपड़े उतारे, मैंने उसका लंड हाथ में ले लिया और चूसने लगी.
यह देखकर तान्या पूरी तरह जलने लगी और बोली- ऐसे मत करो यार, आज तो इसको मेरे पास रहने दो!
वह मुझे पीछे करके खुद ही शौक़त का लंड चूसने लगी.
तभी तान्या सिगरेट पीने के लिए डिब्बी लेने के लिए उठकर जाने लगी तो वह थोड़ा अजीब तरीके से चल रही थी.
जब वह सिगरेट सुलगा कर धुआं उड़ाती हुई मेरे पास आई, तो मैंने उससे पूछा- क्या हुआ? गांड में भी लिया था क्या?
वह कश लेती हुई बोली- नहीं, गांड में तो नहीं … क्यों, क्या हुआ है? अगर इसका हैवी मूसल मैं गांड में ले लूँगी तो चल ही नहीं पाऊंगी. इसका लंड अपनी गांड में लेने के लिए मुझे पूरा एक दिन इसके साथ बिताना पड़ेगा.
मैंने तान्या के हाथ से सिगरेट ले ली और पीने लगी.
तभी शौक़त ने तान्या के गले तक लंड पेल डाला और थोड़ी देर बाद उसको घोड़ी बना कर उसकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा.
करीब दस मिनट चोदने के बाद उसने तान्या को उठाया.
मैं सामने ही चेयर पर बैठी धुआं उड़ा रही थी.
वह उसे मेरी तरफ लेकर आया और मुझसे बोला- आप सिगरेट बुझाओ और अपने कपड़े उतारो!
मैंने अपनी लैगी नीचे की और अपनी चूत आगे कर दी.
तब उसने तान्या को बोला- आशा की चूत चाटो!
उसने तान्या को ऐसे सैट किया कि वह आगे को झुक रही थी.
तान्या डॉगी स्टाइल में ही थी और पीछे से शौक़त ने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया.
जैसे ही उसने लंड डाला, वैसे ही तान्या जरा चिहुंकी और आगे को बढ़ कर अच्छे से मेरी चूत चाटने लगी.
मैं भी मजे लेती रही और वह भी.
करीब 20 मिनट तक शौक़त ने उस सेक्स क्रेजी लेडी को हचक कर खूब चोदा.
उस दौरान मैं भी अपनी चुत चुसवा कर एक बार पानी छोड़ चुकी थी.
तान्या तो मेरे ख्याल से 2-3 बार झड़ चुकी थी.
वह खूब मस्ती से चिल्ला-चिल्ला कर चुद रही थी.
आखिर में शौक़त ने अपना सारा पानी उसकी चुत के अन्दर ही छोड़ दिया और अलग हो गया.
तान्या मेरी चूत के ऊपर ही अपना मुँह रखकर लेटी रही.
फिर मैंने शौक़त को बोल दिया- शौक़त, अब तुम अपने कपड़े पहन लो.
शौक़त ने अपने कपड़े पहनने शुरू किए.
फिर मैंने तान्या को उठाया और कहा- अब तुम भी अपने कपड़े पहन लो.
तान्या भी अपने कपड़े पहनने लगी.
मैं बोली- अब बता, कैसा लगा?
वह बोली- आज तक मैंने इतना कभी मज़ा नहीं किया था … तेरे को तो पता ही है मैं कितनों से चुदी हूँ, लेकिन इतना मज़ा कभी नहीं आया. देख न … इसने अभी सिर्फ मेरी चूत में ही लंड दिया है और मेरी चाल बदल गई है. अगर मेरी गांड में पेल देगा, तो मैं तो चल ही नहीं पाऊंगी!
मैं बोली- बस, मैं भी यही चाहती हूँ.
यह सुनकर वह मेरी तरफ देखकर बोली- क्यों? मेरे से क्या दुश्मनी है?
मैंने कहा- दुश्मनी नहीं, यह प्यार है कि कोई तेरी भी गांड ऐसी मारे कि तू अच्छे से चल भी न पाए … और अब जब भी तेरा दिल करे मुझे कॉल कर लेना, तुझे तुरंत लंड मिल जाएगा.
तान्या बोली- यार, मेरा तो दिल अभी ही नहीं कर रहा है कि इसको छोड़ूँ!
मैंने कहा- क्यों क्या हुआ, पहले तो कह रही थी कि बहुत काम है कैसे चुदवा सकती हूँ?
वह हंसने लगी और बोली कि इसके लौड़े में दम है यार!
मैं बोली- लेकिन माय डियर, अभी तो तुझे छोड़ना ही पड़ेगा. मैं तो सिर्फ यह चाहती थी कि तुझको इसके लंड का एक बार मजा दिलवा दूँ. तुझे इससे एक बार ही चुदवाना था, लेकिन अभी दो बार चुदवा दिया. इससे ज़्यादा आज नहीं होगा. अगर इससे ज़्यादा चाहिए तो मेरे पास आ जाना.
वह तुरंत बोली- हां, बिल्कुल-बिल्कुल आऊंगी और तेरे पास जैसा लंड है, इसके लिए तो मैं कहीं पर भी जा सकती हूँ और कुछ भी खर्च कर सकती हूँ.
मैं बोली- बस, तुम मेरे पास आ जाना बाकी का खेल उधर ही होगा.
फिर हम सब वहां से नीचे आ गए.
जैसे ही हम हॉल में आए, तो वहां मेरी एक बहुत अच्छी फ्रेंड मिल गई.
वह भी एक नंबर की चुदक्कड़ थी.
उसका खुद का एक्टिविटी हाउस था, जहां वह किटी पार्टीज़ अरेंज करती थी.
वहां उसके पास बहुत सी औरतें और लड़कियां आती थीं जिनमें से जो भी इसको पसंद होता, उससे यह चुदवाती थी.
तान्या के पसीने को देखकर वह बोली- क्या हुआ? इतना पसीना क्यों आ रहा है?
हम दोनों भी साथ में ही थे, तब तान्या बोली- क्या बताऊं दीदी आपको, अभी इस लड़के ने मुझे इतना चोदा है कि मेरी बैंड बजा दी!
वह हैरान होकर बोली- ऐसा क्या है इसमें, जो इसने तेरी बैंड बजा दी?
तब तान्या बोली- आप एक बार चुदवा कर तो देखो, आपको खुद ही पता चल जाएगा!
तब वह बोली- अगर ऐसी बात है तो अभी आ जाओ, मैं भी तो देखूँ कितना दम है इसमें!
मैं बोली- नहीं-नहीं, अभी यह कुछ नहीं करेगा. जिसको भी चुदवाना है, वह कल मेरे को कॉल करे.
तब उसने तान्या से शौक़त को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसे सुनकर मुझे गुस्सा आ गया.
मैंने शौक़त को बोला- जरा इसको इसकी नानी तो याद दिला दो … बहन की टकी बहुत चबड़ चबड़ कर रही है!
शौक़त को भी गुस्सा आया.
वह वहीं से उसको पकड़ कर वापस उसी कमरे में ले गया.
हम दोनों भी पीछे-पीछे आ गए.
वहां जाते ही शौक़त ने उसको ऐसा बजाया, ऐसा बजाया कि एक घंटे तक चोदता ही रहा.
पूरे कमरे में सिर्फ उसकी चीखें ही गूंज रही थीं.
जब वह फारिग हुई, तो मैंने उससे पूछा- हां बता, अब कैसा रहा?
तब वह शर्मिंदा सी हो गई.
मैं बोली- तुमने किटी पार्टी बहुत देखी हैं, लेकिन मेरे वाले के लौड़े का दम नहीं देखा था. अब ठीक है? हो गई तसल्ली?
वह हाथ जोड़ कर हंसने लगी.
फिर हम लोग घर की तरफ आने लगे.
उसके बाद क्या हुआ, वह फिर कभी लिखूँगी.
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।