sasur ne bahu ki chudai ki story
दोस्तों ये कहानी मेरी यानि सुनीता की है और ये कहानी मेरे और मेरे ससुरजी के बीच हुई चुदाई के बारे मे। तो कहानी को पूरा पढ़िएगा आर मज़ा लीजिएगा की कैसे मैंने अपने ससुरजी के घोड़े जैसे लंबे मोटे लौड़े से चुदवाया। तो चलिये स्टोरी पर आते है।
मेरी उम्र 26 साल की है। मेरी शादी हो चुकी है। मेरे पति एक मार्केटिंग कंपनी में जॉब करते है इसलिए वो ज्यादातर घर से बाहर ही रहते है। अभी मेरी शादी को सिर्फ 3 साल हुए है और ये कहानी दोस्तों आज से करीब 2 साल पहले की है। मेरे घर में मेरे सास ससुर और मेरी एक 18 साल की ननद रहती है। शादी के बाद से अभी तक मैंने 25-30 बार ही सेक्स किया है क्योकि मेरे हस्बैंड पर इतना टाइम नहीं होता। इसलिए मैं और मेरी चूत चुदाई के लिए तड़पती रहती है। एक दिन की बात है मैं अपने रूम में बैठकर टीवी पर कुछ देख रही थी तभी मुझे प्यास लगी और मैं किचन में से पानी पीने के लिए जाने लगी।
जब मैं किचन में जा रही थी तभी मुझे अपनी ननद के रूम में से कुछ आवाजे सुनाई दी। मैंने उसके रूम की विंडो में से चुपके से देखा तो मैं पूरी तरह से हैरान रह गयी। मैंने देखा की मेरी ननद नीचे जमीन पर पूरी नंगी लेटी हुई है और हमारा कुत्ता उसकी चूत को चाट रहा है और वो कुत्ते के लंड को अपने हाथ में ले कर जोर जोर से ऊपर नीचे कर रही है। कुछ ही देर बाद वो कुत्ते के सामने कुत्ती बन गयी और कुत्ता उसके ऊपर पीछे से चढ़ गया और जोर जोर से उसे चोदने लग गया।
मुझसे ये सब देखा न गया इस लिए मैं वहाँ से हट गयी। करीब 15 मिनट बाद मेरी ननद के रूम में से कुत्ता बाहर आया और उसके पीछे से मेरी ननद भी आ गयी। मैंने उसे साफ़ साफ़ बता दिया की मैंने उसे ये सब करते हुए देख लिया है। वो मेरे सामने रोने लग गयी पर मैंने उससे समझते हुए कहा तुम कोई अपना बॉयफ्रेंड बना लो ऐसे जानवर से ऐसे काम करवाना ठीक नहीं है। तब मेरी ननद ने कहा.. sasur ne bahu ko pela kahani
ननद – भाभी मैं बॉयफ्रेंड तो बना लूँ पर आदमी का तो कुत्ते से भी ज्यादा बड़ा होता है इसलिए मुझे डर लगता है।
मैं – नहीं इतना भी बड़ा नहीं होता जितना तुम समझ रही हो।
मेरी ननद – नहीं भाभी मैंने देखा है इसलिए मैं कह रही हूँ।
मैं – अच्छा किस का देख लिया है तूने कही घोड़े का तो नहीं देख लिया।
मेरी ननद – नहीं भाभी मैंने पापा का देखा है उनका लंड तो घोड़े से भी बड़ा है कसम से इतना लम्बा और मोटा लंड तो मैंने आज तक नहीं देखा।
ननद के मुँह से ऐसी बातें सुन कर मेरी चूत में खुजली होनी शुरू हो गयी। मुझे तो पता ही नहीं था की मेरे घर में जबरदस्त चुदाई का सामान है। अब मुझे किसी भी हालत में ससुर जी का लंड देखना था बस मुझे एक अच्छे से मोके की तलाश थी और मुझे जल्दी ही एक मौका मिल गया। उस दिन मेरे सारी घरवाले किसी शादी में 2 दिन के लिए चले गए। घर में मैं और मेरे ससुर थे।
जब रात हुई तो मैंने ससुर जी के दूध में नींद की दवाई घोलकर दे दी। दूध पीते ही उन्हें नींद आनी शुरू हो गयी। पर फिर भी मैं करीब 30 मिनट बाद ही उनके रूम में गयी। मैने अंडर जाते ही ससुर जी को बहुत हिलाया, जब वो नहीं उठे तो मैं समझ गयी कि अब रास्ता साफ़ है। मैंने जल्दी से उनकी धोती साइड में करी और अंडरवियर का नाडा खोल कर उनका लंड बाहर निकाल लिया। sasur ne bahu ko pela kahani
उनका लंड देख कर तो मेरी आँखों में एक अलग सी चमक आ गयी। मेरी ननद वाकई मे सच कह रही थी मेरे ससुर का लंड सच में काफी बड़ा और मोटा था। वो कमाल की बात तो ये थी की अभी लंड बैठा हुआ था तो भी वो कितना खरतनाक लग रहा था। मैं अपने दोनों हाथो से लंड को पकड़ कर ऊपर नीचे करने लग गयी और पता नहीं कब खुद ही मेरे होंठ लंड के पास आ गए और उसे चूमने लग गए।
अब मैं लंड को अपने मुँह में ले कर चूसने लग गयी और नीचे से ऊपर तक लंड को अपनी जुबान से चाटने लग गयी। तभी अचानक लंड में एक करेंट सा लगा और लंड खड़ा होना शुरू हो गया। देखते ही देखते लंड 5 इंच से 14 इंच का हो गया। मेरी ऑंखें खुली की खुली रह गयी और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। सच में लंड काफी शानदार लग रहा था। अब तो मेरी जुबान लंड को चाटने में लगी हुई थी। लंड को देख कर अब मेरी चूत में खुजली होनी शुरू हो गयी थी।
ससुर बहु की चुदाई सेक्स स्टोरी
मैं उठी और अपनी साड़ी और पेटीकोट उतार सीधा लंड के ऊपर आ गयी और लंड को अपने हाथ में पकड़ अपनी चूत पर रगड़ने लग गयी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं इतने बड़े लंड को चूत में कैसे लुंगी इसके बारे में सोच रही थी और लंड को अपनी चूत पर लगा कर नाप रही थी। मैंने देखा की लंड अगर चूत में जाता है तो वो मेरे पेट तक आता है। मुझे अब डर सा लगने लग गया इस लिए अब मैंने जाने का फैसला किया। मैं जैसे ही लंड के ऊपर से उठने लगी तभी मेरी कमर को किसी ने जोर से पकड़ लिया। मैं एक दम बहुत डर गयी मैंने देखा तो ससुर जी जाग चुके थे और उन्होंने ही मुझे पकड़ा हुआ था।
ससुर – बहु अब लंड को नाप तो लिया है तुमने अब इसे अपनी चूत में भी ले लो ना तुम्हे बहुत मजा आएगा।
मैंने उनसे अपने को छुड़वाने की कोशिश करी पर उन्होंने एक दम मुझे बेड पर दे मारा और मेरे ऊपर आ कर बहुत बुरी तरह मेरे बूब्स को मसलने लग गए। मेरी ऑंखें बंद होनी शुरू हो गयी क्योकि अब मैं मदहोश सी होनी शुरू हो गयी थी। तभी ससुर जी ने मेरा ब्लाउज पकड़ा और खिंच कर फाड़ दिया और मेरे नंगे बूब्स को एक एक करके अपने मुँह में ले कर चूसने लग गए। मुझे बहुत मजा आने लग गया मैं पागल सी होने लगी थी क्योकि आज तक मेरे बूब्स मेरे पति ने भी नहीं चूसे थे।
ससुर जी अब मेरी चूत में उंगलिया कर रहे थे। मेरी चूत गीली होनी शुरू हो गयी थी। मुझे सच में बहुत मजा आ रहा था। तभी ससुर जी नीचे गए और मेरी चूत को अपनी जुबान से चाटने लग गए। जैसे ही उनकी जुबान मेरी चूत पर लगी वैसे ही मेरे पूरे जिस्म में करंट सा दौड़ने लग गया। अब मेरे एक हाथ में उनका लंड था जिसे मैं जोर जोर से ऊपर नीचे कर रही थी।
अचानक ही ससुर जी ने मेरे हाथ से लंड ले लिया और खुद ही अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ने लग गए मेरी चूत के दाने के ऊपर लंड पूरी स्पीड में ऊपर नीचे हो रहा था। मैं पूरी तरह से पागल हो चुकी थी क्योकि आज तक ऐसा मजा कभी नहीं मिला था। करीब 2 मिनट बाद ही मेरी चूत ने काफी सारा पानी बाहर निकाल दिया।
ससुर जी – बहु ये क्या है अभी तो मेरा लंड तेरी चूत के अंदर गया भी नहीं और तेरी चूत ने पहले ही जवाब दे दिया।
ससुरजी के मुँह से ऐसी बातें सुन कर मैं शर्मा गयी और मैं धीरे से बोली।।
मै – ससुर जी अब प्लीज आप मेरी चूत को अच्छे से चोद दो, ये मुझे बहुत परेशान करती है।
ससुर बहू की हिन्दी सेक्स स्टोरी
ये सुनते ही ससुर जी ने मेरे होंठो को चूसा और नीचे जा कर मेरी चूत को फिर से चाटने लग गए। अब की बार वो अपनी जुबान मेरी चूत के दाने पर घुमा रहे थे जिससे मेरे मुँह से अब आह्हः आह्ह्ह्ह की मस्ती से भरी आवाजे निकल रही थी। ससुर जी ने अब अपनी दो उंगलिया मेरी चूत में उतार दी और जोर जोर से ऊपर नीचे कर रहे थे और साथ में ही ऊपर से मेरी चूत के दाने को चाट रहे थे। एक साथ दो हमले मेरी चूत सहन न कर पायी और करीब एक मिनट में ही मेरी चूत ने फिर अपना सारा पानी निकाल दिया।
मैं – ससुर जी अब क्यों आप मुझे तड़पा रहे हो प्लीज जल्दी से अब आप अपना लंड मेरी चूत में डालो और मेरी प्यास को बुझा दो प्लीज।
मैंने उनके लंड को हाथ मे पकड़ा तो मैंने देखा की ये तो इतना मोटा है की ये मेरे हाथ में नहीं आ रहा है ये तो मेरी चूत के चिथड़े चिथड़े कर देगा। मेरे चेहरे पर परेशानी के भाव देख कर ससुर जी बोले..
ससुरजी – मेरी बहु तू फ़िक्र न कर आज इस लंड को अपनी चूत में ले के देख फिर आज के बाद तू किसी दूसरे लंड को देखेगी भी नहीं।
मैं – पर ससुर जी आज आप मेरी चूत की अच्छे से चुदाई करना ये साली मुझे बहुत तंग करती है।
ये सुनते ही ससुर जी ने मेरी तरफ देख कर हलकी सी स्माइल करि और अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया। मैं समझ गयी की अब वे क्या चाहते है मैंने झट से अपना मुँह खोल दिया और जोर जोर से लंड को अच्छे से चूसने लगी। ससुर जी ने तभी मेरा सर पकड़ लिया और जोर जोर से मेरे मुंह को अपने लंड से चोदने लग गए। अब उनका लंड मेरे गले के अंडर तक जा रहा था जिससे मुझे साँस लेने में बहुत दिक्कत आ रही थी।
पर वो रुके नहीं और करीब 5 मिनट तक मेरे मुँह को ऐसे ही बेरहमी से चोदते रहे। अब उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला और मेरी चूत पर रख कर, थोड़ा सा जोर लगा कर अपने लंड का आगे वाला हिस्सा पहले मेरी चूत में उतारा और बाद में फिर एक जोर से धक्का लगा कर करीब 4-5 इंच तक लंड मेरी चूत में उतार दिया। लंड अंदर जाते ही मेरी जान निकल गयी मैं उनके नीचे एक मछली की तरह तड़प रही थी।
ससुर जी बहुत पुराने खिलाडी थी और धीरे धीरे मेरी चूत मे अपना लंड अंदर बाहर करते रहे। अब उन्होने मेरी गांड के नीचे एक तकिया रखा जिससे अब मेरी चूत ऊपर उठ गयी और अब तो ससुर जी ने अपना लंड मेरी चूत में एक दम डाला और ऊपर नीचे करने लग गए। अब ससुर जी मेरे ऊपर आ गए और जोर जोर से मेरी चूत को चोदने लग गए। ससुर जी ने अब अपना लंड पूरा बाहर निकाला और एक जोरदार धक्के से अपना पूरा 14 इंच का लंड एक ही बार में मेरी चूत में उतार दिया। अब मैंने अपनी दोनों तांगे ऊपर उठा ली और अपनी गांड उठा उठा कर अपने ससुर जी का लंड अपनी चूत में लेने लग गयी।
ससुर जी ने मेरी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया और जोर जोर से मुझे चोदने लग गए। मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं अपनी दोनों ऑंखें बंद कर के ससुर जी के हर धक्के का मजा ले रही थी। करीब 20 मिनट की इस घमासान चुदाई के बाद अचानक मेरा पूरा जिस्म अकड़ गया और मेरी चूत ने ससुर जी के लंड पर अपने पानी की बारिश कर दी और 2 मिनट बाद ही ससुर जी ने भी अपना सारा पानी मेरी चूत में ही निकाल दिया।
मुझे बहुत जोर से पेशाब आ रहा था पर मुझसे उठा तक नहीं जा रहा था इसलिए ससुर जी मुझे अपनी गोद में उठा कर बाथरूम में ले गए और मैंने उनके सामने बाथरूम किया क्योकि उन्हे मेरी चूत में से निकलते पेशाब को देखना था। मेरी चूत से निकलते गरम गरम पीले पीले पेशाब को देख कर ससुर जी फिर से गरम हो गए और अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर फिर से मेरे मुँह को चोदने लग गए।
फिर ससुर जी ने मुझे टॉयलेट की सीट पर बिठाया और मेरी दोनों टंगे ऊपर कर के मेरी चूत और गांड दोनों मारी। आज मेरी चूत और गांड दोनों अच्छे से फट चुकी थी और मेरी बहुत ज्यादा बुरी हालत हो चुकी थी। उस दिन से मैं रोज रात को अपने ससुर जी से चुदती हूँ। एक दिन मेरी ननद ने मुझे अपने पापा से सेक्स करते देख लिया और फिर मैंने अपने साथ उसे भी ले लिया। अब हम तीनो इस सेक्स लाइफ के पूरे मजे लेते है।
मुझे उम्मीद है आप को मेरी ये कहानी पसंद आयी होगी। कहानी पसंद आई हो तो कमेंट ज़रूर करें। धन्यवाद!!
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