शादी मे बुड्ढों की रंडी बनकर चुदी

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मेरा नाम प्रियंका है और मेरी शादी को 1 साल हो गया है. मेरे पाती का नाम गुड्डू है वो एक बिज़नेसमैन है और वो मुझे बहुत प्यार करते है. हम सब मुंबई में रहते है. में अपनी इस ज़िन्दगी में बहुत खुश हूँ। मैंने MSC साइंस में किया हुआ है. पढ़ाई कम्पलीट करते ही मेरे मम्मी पापा ने मेरी शादी कर दी. में एक बहुत ही सीधी सादी औरत हूँ। में अभी 25 साल की हूँ। अब मै मेरी स्टोरी आपको बताती हूं जो मैंने बहुत हिम्मत करके लिखी है. इसके बारे में मेरे घर में किसी को भी नहीं पाता है.

जब में कॉलेज में पढ़ती थी तब बहुत से लड़के मुझे घूर घूर कर देखते थे यहाँ तक की सर और प्रिंसिपल भी. क्युकी मेरा साइज 36-26-36 का है. मुझे उन सब का गन्दी नजर से देखना बहुत ही ख़राब लगाता था. पर मैंने जैसे तैसे पढ़ाई पूरी कर ली और अब तो शादी को 1 साल भी हो गया है. 28 जून को हमें एक रिस्तेदार की शादी में जाना था. इसलिए में बहुत एक्ससाईटेड थी. हम 4-5 दिन पहले जाने वाले थे. पर मेरे पाती को अचानक बिज़नेस के लिए कानपूर जाना था. इसलिए मेरे पाती और ससुर जी तो वहाँ जाने वाले थे.
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अब रिश्तेदार की शादी है तो किसी को तो जाना ही था. सो अब मै ही शादी में जाने वाली थी. मेरी सासु जी तो ज्यादातर बीमार ही रहती है वो तो कही जा नहीं सकती. इसलिए में ही जा रही थी और मैंने पैकिंग शुरू कर दी. जिसमे मेरे कपडे और कुछ सामान डाल दिए। 21 जून को मेरे पाती और ससुर जी तो कानपूर चले गए. 22 को सुबह 6 बजे मेरी ट्रैन थी दिल्ली के लिए. सुबह हुई और में टैक्सी करके स्टेशन पहुँच गयी और ट्रैन का वेट करने लगी.

थोड़ी देर बाद ट्रैन आयी में उसमे चढ़ने लगी पर मेरा बैग भारी था सो मुझसे उठाया नई जा रा था. अचानक अंदर से किसी ने मेरा बैग ऊपर रखा और में भी ट्रैन में चढ़ गयी. अपनी सीट पर जाकर बैठी और उस आदमी को थैंक्स बोली. थोड़ी देर बाद सो गई. करीब 2 बजे तक मै उठी. और अपना मुँह धोया बाल ठीक किये और वापस सीट पर बैठी. वो आदमी जिसने मेरी हेल्प की थी वो मेरे सामने वाली सीट पर ही बैठा था.

उसकी भी वो ही सीट थी. हमारे बीच थोड़ी बाते हुई. उसका नाम सुरजीत था. वो करीब 50-55 साल का था. फिर शाम हुई और मैंने चाय पी. हम दोनों बातें तो कर ही रहे थे. रात के 12 बजे करीब दिल्ली आया. उस आदमी ने मेरा बैग उतारा और में एक टैक्सी में बैठकर शादी वाले घर चली गयी जिसमे 1 घंटे का रास्ता था.

अब में बहुत थक चुकी थी क्युकी सफर इतना लम्बा था इसलिए घर में घुसी तो सब सो रहे थे, क्युकी रात के 1 बज चुके थे. मैंने सोचा रात को क्यों किसी को परेशान करू जहा भी जगह मिले सो जाती हूँ। थोड़ी देर बाद मुझे एक बड़ा आ कमरा मिला जो एक हॉल जितना बड़ा था. सोते हुए लोगो को परेशानी न हो इसलिए मैंने लाइट नहीं लगाई. और फ़ोन की लाइट से जगह ढूँढी और पास में ही बिस्तर पड़े थे बिछा कर सो गई. सभी लोग ज़मीन पर ही गड्ढा चादर और तकिया लगाकर सो रहे थे. इसलिए में भी सो गई.

थोड़ी देर बाद मुझे गहरी नींद आ गयी क्युकी में सफर से थकी हुई थी. मेरे पास एक आदमी सो रहा था और ये बात मुझे नहीं पाता थी. मैंने तो सोचा ये हॉल में सभी लेडीज और जैंट्स मिक्स ही सो रहे होंगे. पर वो सिर्फ मर्दो का ही कमरा था. में गहरी नींद में सो रही थी. पीछे से वो आदमी मेरे ब्लाउज के हुक खोल रहा था धीरे धीरे उसने मेरे सारे ब्लाउज के हुक खोल दिए फिर उसने मेरी ब्रा के भी हुक खोल दी। थोड़ी देर में जब में नींद में इस और मुड़ी. तब वो आदमी मेरे सामने ही था उसको ये नहीं पाता था लिए कौन हूं किसी दिखती हूं फिर भी वो ये सब कर रहा था.

वो भी सोच रहा था मर्दो के कमरे में ये औरत कौन आकर सोइ है. जब में उसके सामने की और मुँह करके सी रही थी तब उसने धीरे से मेरा ब्लाउज भी उतार दिया. अब मैंने सिर्फ ब्रा ही पहनी हुई थी. फिर अचानक से लाइट लगी और एक आदमी कमरे में आया. उसने मुझे देखा तो हैरान हो गया की यार ये औरत कौन है और इस तरह मर्दो के कमरे में कैसे सो रही है.

मुझे देखकर सायद उसकी भी नीयत बदल गयी और लाइट ऑफ करके वो भी बिस्तर लेके मेरे पास आके सो गया. फिर पहले वाले ने धीरे से मेरी ब्रा को भी उतार दिया. अब में ऊपर से बिना कपड़ो में थी पर निचे साड़ी पहनी हुई थी. पीछे वाले मेरे ऊपर अपनी टांग रख दी और सामने वाला मेरे बूब्स दबा रहा था, उसने भी सायद इतने बड़े बूब्स नहीं देखे होंगे. एक ने अपने फ़ोन से फ़्लैश ऑन करके मेरी फोटो खींच ली. तभी अचानक मेरी नींद खुली और मेरी हालत देखकर तो में हैरान ही रह गयी. सोचा की ये क्या हो गया.

मै मेरी ब्रा और ब्लाउज ढूंढ़ने लगी. तभी एक ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खींचा और बोला तेरा ब्लाउज तुजे नहीं मिलेगा. और दूसरे ने मुझे वो मेरी फोटो दिखाई. मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था. में उनसे बोली की मुझे मेरे ब्लाउज ब्रा दे दो वरना में सबको बता दूंगी. तब एक ने कहा की ये कमरा सिर्फ मर्दो का है और तेरी फोटो भी हम सबको दिखा देंगे. आखिर मै सीधी सादी औरत हूं और ये कहा फंस गयी थी. में तो मज़बूर थी.

एक ने मुझे अपनी बाहों में लिया और मुझे किश करने लगा. दूसरे ने मेरी साड़ी उतार कर पास में रख दी. और मेरा पेटीकोट और पैंटी भी उतार दी. अब में एक सीधी सादी औरत दो अनजान मर्दो के बीच नंगी सोइ हुई थी. एक मुझे किश करके मेरे बूब्स चूसने लगा और दूसरे ने मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया.वो लंड बहुत छोटा और उसमे से बदबू भी आ रही थी. धीरे धीरे उसका लंड टाइट होने लगा और मै मज़बूरी में उस लंड को चूस रही थी.

दूसरे ने अपना लंड मेरी चूत में डाला और मुझे चोदने लगा. काफी देर तक वो मुझे बारी बारी से मुझे चोद रहे थे. वो मुझे बूढ़े लग रहे थे. में मज़बूरी में उनसे चुद रही थी. तभी अचानक दरवाज़ा बजा. वो दोनों तो अपने अपने चादर में घुस गए पर मुझे चादर अंधेरे में नहीं मिला तो मैंने अपनी साड़ी ओढ़ ली. उस आदमी ने लाइट लगायी उसने मेरी तरफ देखा. लाइट की वजह से मेरा बदन साफ़ साफ़ दिख रहा था. उसने लाइट ऑफ की और सीधा मेरे ऊपर आकर ही सो गया. मैंने सोचा की अब तो और मरी तीसरा और आ गया.

अब मैंने भी मेरे बदन से साड़ी हटा ली. और सोचा ये तीनो तो मुझे अब मार ही देंगे. एक ने मेरे मुँह में लंड डाला एक ने चूत में और एक ने मेरी गांड में अपना लंड डाला. मेरी हालत तो बुरी हो रही थी. बारी बारी से 2 घंटे तक वो मुझे चोदते रहे और अपना वीर्य भी मेरी चूत में ही छोड़ रहे थे. मैंने मना भी किया पर उन्होंने मेरी बात ही नहीं सुनी. तीनो में दो दो बार मेरी चुदाई की कभी मेरे मुँह पर तो कभी मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ रहे थे. आखिर में जब वो थक गए तो जाकर सो गए.

मैंने भी अपनी ब्रा पैंटी साड़ी पेटीकोट ब्लाउज ढूंढ़ने और पहन लिए तभी एक ने मुझे अपनी और खींचा और मुझे अपनी बाँहों में लेकर सो गया जैसे में उसकी पत्नी हूँ। में रात भर उसकी बाहों मे ही सोई रही. सुबह हुई और में जल्दी ही उठ गयी और उस कमरे से बाहर चली गयी. रात वाली बात अब भी मेरे दिमाग में घूम रही थी. मैंने नहाया धोया और एक अच्छी सी साड़ी पहनकर शादी वाले घर में ऐसी मिल गयी जैसे कल कुछ हुआ ही न हो.

आंटी ने मुझसे कहा की प्रियंका तुम कब आयी. मैंने कहा आंटी रात को आयी. फिर सभी लोग शादी के कामो में बिजी थे. तभी मैंने तीन बूढ़े लोगो को मुझे घूरते हुए देखा करीब 55-60 के लग रहे थे. मुझे बड़ा अजीब लगा पर में इधर उधर चली गयी. वो भी मेरे पीछे पीछे ही आ रहे थे. मुझे थोड़ा अजीब लगा और मैंने उनसे कहा की कौन है आप और इतनी देर से मुझे क्यों देख रहे है. तभी एक में फ़ोन निकाला और मुझे वो मेरी रात वाली फोटो दिखाई. में तो एकदम से चुप ही हो गयी.

वो मुझे अकेले में ले गए और बोला तू बड़ी सेक्सी है एक तो तेरे बूब्स ऊपर से इतनी बड़ी गांड. उनकी ये लैंग्वेज सुनकर में वहाँ से चली गयी आखिर करती भी क्या. जैसे ही वापस इधर आयी तो मैंने उस आदमी को देखा जो ट्रैन में मेरे साथ था. में उसके पास गयी और बोली आप यहाँ. वो भी मुझे देखकर बहुत खुश हुआ और बोला है मेरे रिस्तेदार ही है. में उसके लिए चाय लेकर आयी. और उसने चाय पी. मुझे थैंक्स बोला. हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो चुकी थी. घर में काफी मेहमान आये हुए हुए थे.

हम भी बातें कर रहे थे अपने परिवार के बारे में ये सब. उसने बताया की उसके एक बेटा है जो 21 साल का है. और हमने बहुत बातें की. में हूं एक सीधी सादी औरत पर हूं फ्रैंकली किसी से भी दोस्ती कर लेती हूँ। रात वाला बूढ़ा था जिसने मुझे चोदा था. में उसके पास गयी और वो तीनो पास में ही खड़े थे. उन्होंने मुझसे कहा आज तो हमारी रंडी बहुत ही सुन्दर लग रही है. मुझे ये सब सुनकर बहुत ही बुरा लगा पर कुछ नहीं कर सकती थी.

मैंने कहा क्या है क्यों बुलाया मुझे. तो उन्होंने कहा आज रात का क्या प्लान है रंडी. मैंने कहा ये क्या मजाक है ये सब यही ख़तम करो. वो बोले आना तो तुजे पड़ेगा क्युकी तेरे फोटोज है हमारे पास. अब में कुछ भी नहीं कर सकती थी मैंने उनको बोला की रात को 12 बजे मै कहु जहा आ जाना. फिर वो इधर उधर चले गए. मै भी शादी की रस्मो में लग गयी. जैसे जैसे रात हो रही थी मेरी धड़कन तेज़ हो रही थी. मैंने आंटी को बोला की कोई कमरा है खालों जहा में रह सकू कल रात को बहुत परेशानी हुई सोने में.

आंटी ने बोला बेटा बहुत से कमरे है जहां तुम्हारी इच्छा हो वहाँ सो जाओ. मैंने एक अच्छा सा खाली कमरा ढूंढ लिया और अपना सामान ले जाकर वहाँ रख दिया. 10 बजे उन तीनो ने कहा की आना कहा पे है. मैंने मेरा कमरा बता दिया जैसे की में चुदाई की भूखी हूं पर ऐसा नहीं था ये मेरी मजबूरी थी. रात के 11 बजे में नहाने चली गई. और साड़ी खोलकर गाउन पहन लिया. वो गाउन जिसमे से मेरा गाला चेस्ट तक पूरा दिख रहा था और मेरे बूब्स की लाइन भी दिख रही थी. निचे की तरफ साइड से कट थे तो मेरी टंगे भी दिख रही थी घुटनो तक. क्युकी गाउन के निचे मैंने पेटीकोट नहीं पहना था सिर्फ ब्रा एंड पैंटी ही.

रात के 12 बजे तक सभी घर वाले सो गए और मेरे कमरे का दरवाजा बजा. मैंने खोला तो वो तीनो बूढ़े थे. अंदर आये और मैंने दरवाजा बंद कर दिया. मुझे बाद पर लिटा दिया और तीनो मेरे पास बैठे थे. मुझे घूर रहे थे जैसे की अब वो मुज पर टूट ही पड़ेंगे. एक ने बोला की आज तो क्या माल लग रही है. दूसरे ने बोला की ये रंडी है रंडी. और मेरे गाउन को खोला और ब्रा पैंटी भी. तीनो ने अपने कपडे उतरे और नंगे हो गए में भी नंगी ही थी उनके सामने. लेकिन तीनो के लंड सोये हुए थे मुझे बोला की चल ले इसे मुँह में.

मैंने तीनो का लंड बारी बारी से चूसने लगी उनको बड़ा मजा आ रहा था. मस्ती से मुझे लंड चुसवा रहे थे. मेरी चूत से भी पानी निकल रहा था. फिर एक ने मुझे कुतिया वाली पोजीशन में लिटाया और एक मेरे निचे लेटा और मेरी चूत में लंड डालकर मुझे चोद रहा था. दूसरा पीछे से मेरी गांड मार रहा था. और एक का लंड में मुँह में लिए हुए चूस रही थी. में भी अब बेसरम हो चुकी थी क्युकी पता था की में उनके जाल में फंस चुकी हूँ। वो मेरी गांड और चूत में जोर जोर से धक्का मार रहे थे और मेरे मुँह से चीख निकल रही थी. पर सामने से वो मेरे मुँह में लंड दिए हुए था.

तीनो के मुँह से आवाजे निकाल रही थी. यह…अहा अहह… साली कुटिया. रंडी. अहा. अह्ह्ह. अहह… मजा आ गया. आह. तीनो ने बारी बारी मेरे गांड मुँह और चूत को चोदा. अब सायद वो झड़ने वाले थे. एक ने मेरे मुँह में ही झाड दिया. में वीर्य को थूक रही थी पर उसने मुझे वीर्य पीला दिया. और बाकि दोनों ने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया मेरी भी हालत बुरी थी. और बोले अब हमारे लंड पे लगे वीर्य को साफ़ कर रंडी. मैंने तीनो के लंड को अपने मुँह में लिया और साफ़ किया. फिर नंगी ही उनके साथ बेड पर सो गयी.

लेकिन अब भी वो मेरे बूब्स को जोर जोर से दबा रहे थे और मेरे बदन को चाट रहे थे. कोई तो मेरे नंगे बदन की फोटो खींच रहा था. और कोई मुठ मार रहा था. उन्होंने मुझे बोला बाथरूम में चल. हम सब बाथरूम में गए. और बोले इस रेजर से हमारे झांटे साफ़ कर. मुझे ये बुरा तो लग रहा था पर में उनके झांटे साफ़ करने लगी. क्युकी अब में पूरी तरह से बेसरम हो चुकी थी. में जब उनके झांटे साफ़ कर रही थी तब एक एक करके वो मेरे मुँह पर मूत रहे थे. और अपना मूत मुझे पीला रहे थे.

मैंने बारी बारी से तीनो के झांटे साफ़ किये और. फिर हम सब साथ में नहा रहे थे. कोई मेरे बूब्स पर साबुन लगा रहा था तो कोई मेरी चूत पर. सबने स्नान किया और. बाद पर जाकर सो गए. नंगे ही. अपनी बाँहों में लेकर मुझे सो रहे थे. सुबह हुई और में जल्दी उठी और तीनो को बोला अब आप सब जाओ यहाँ से वरना कोई देख लेगा.

वो बोले चले जाएंगे पर एक शर्त है. मैंने कहा अब क्या लोगे सब कुछ तो ले लिया मेरा. वो बोले आज दिन भर तुजे हमारे साथ घूमने चलना होगा. में अब पराये मर्दो के साथ कैसे घूमने जाती. पर मैंने हाँ कर दी. उन तीनो ने मुझे किश किया और कपडे पहनकर चले गए. मै भी फ्रेश हुई नहायी और अच्छी से साड़ी पहनकर बाहर आ गयी सबके साथ एन्जॉय कर रही थी. तभी मुझे सुरजीत मिला वो ट्रैन वाला. और हमने ही हेलो किया और कुछ देर बातें की.

फिर दोपहर के 11 बजे उन तीनो में से किसी का फ़ोन आया और बोला गेट के बाहर आजा हम रेडी है. मै गेट के बाहर गयी तो देखा एक लक्ज़री कार खड़ी थी जिसमे वो तीनो बैठे थे. में भी उस कार में जाकर बैठ गयी. उनमे से एक कार चला रहा था और दो पीछे मेरे पास बैठे थे. दोनों ने अपनी पेंट खोलकर रख दी और कहा चल थोड़ा लंड चूस हमारा. अब उनसे क्या शर्मना. पहले कितनी बात तो में उनका लंड ले चुकी थी. तो में आराम से उनका लंड चूस रही थी. कार एक मॉल के सामने रुकी. ये वो ही मॉल था जहा मै और वो सुरजीत (ट्रैन वाला आदमी) आये थे. और उसी कपडे वाले के पास गए.

मैंने कहा अब यहाँ से क्या लेना है. उन्होंने कहा तेरे लिए कपडे. में थोड़ी खुश तो हुई क्युकी ये कमीने मुझे कपडे दिला रहे थे. वो कपडे वाला भी मुझे गन्दी नजरो से देख रहा था. सायद सोच रहा था की कल किसी और के साथ तो आज किसी और के साथ वो भी तीन लोगो के. उन्होंने मुझे एक साड़ी दिलाई जो नेट वाली थी और जिसका ब्लाउज स्लीवलेस था मतलब सिर्फ पतियों वाला पीछे से कमर पूरी दिख रही थी. और एक ड्रेस जो छोटी सी स्कर्ट और छोटा सा टॉप था. और पीछे सिर्फ एक डोरी से बंधा हुआ था. उन्होंने कहा जा इसे पहन के आ जा.

मैंने उन्हें मना कर दिया क्युकी मैंने ऐसी ड्रेस कभी नहीं पहनी थी. और में एक सीधी औरत हूं इसलिए सिर्फ साड़ी पहनती थी. उन्होंने कहा. चुपचाप पहन के आ वरना तुजे पता ही है हम क्या करेंगे. और ब्रा पैंटी मत पहनना. मैंने कहा ऐसा मत करो. प्लीज में ऐसे कपडे नहीं पहनती वो भी ब्रा पैंटी के बिना. वो बोले जाकर पहन के आ. में रूम में गयी और साड़ी उतार कर वो ड्रेस पहन कर आ गयी. मैंने ब्रा नहीं पहनी पर पैंटी पहन ली सोचा उनको क्या पता चलेगा अगर ब्रा पहनती तो उनको दिख जाती साफ़ क्युकी पीछे से मेरी पूरी कमर दिख रही थी.

पिंक कलर की स्कर्ट और वाइट कलर का टॉप था.टॉप में से मेरी चूचियों की मोटाई साफ़ दिख रही थी. उन्होंने पैसे दिए और कार में जाकर बैठ गए. कार चल रही थी. वो मेरे बूब्स और जांघ पर हाथ फेर रहे थे अचानक उनका हाथ मेरी पैंटी पर गया. उन्होंने बोला कमिनी रंडी मना किया था न पैंटी पहनने का. और मेरी पैंटी खींच कर फाड़ दी और कार के बाहर फेक दी अब में सिर्फ स्कर्ट और टॉप में थी. अगर कोई टॉप की पीछे से डोरी खोल दे तो मेरा ऊपर का नंगा बदन साफ़ दिखेगा. मैंने कहा अब घर मत जाना कही और ही जाना क्युकी में इन कपड़ो में घर नहीं जा सकती.

उन्होंने कहा तूने तो हमारी मुँह की बात छीन ली. और गाड़ी को एक बार के सामने रोका. हम सब बार में गए. बार में बहुत से लड़के. लड़किया थी. अभी दोपहर के 2 बजे थे. तो उन्होंने कहा रात को आएँगे. अभी नहीं. फिर वापस गाड़ी में बैठे और एक सिनेमा ले गए. फिर हम ने फिल्म देखि और फिर एक रेस्टोरेंट में गए उन्होंने बहुत कुछ आर्डर किया. हमने खाना खाया. मै स्कर्ट में थी और कुर्सी पर बैठी थी तो निचे से मेरी चूत साफ़ दिख रही थी. पर में पैर के ऊपर पैर रखकर बैठी रही रात के 9 बजे तक हम वही बैठे रहे. काफी देर तक बातें की.

मैंने भी उनसे बातें की क्युकी अब में उनके सामने खुल चुकी थी. उनका नाम अजीत प्रेम और शक्ति था मेरा नाम तो उनको पता ही था प्रियंका. फिर थोड़ी देर बाद करीब 10 बजे वापस उसी बार में गए. अब बारे सिर्फ लड़के ही थे. लड़किया दिख ही नहीं रही थी. सिर्फ डांसर्स दिख रही थी जो लड़कों के साथ डांस करती है. और लड़के उनको पैसे देते है. वो तीनो शराब पी रहे थे और मुझे भी जबरदस्ती शराब पिलाई. मैंने मना किया पर वो नहीं माने क्युकी मैंने पहले कभी भी शराब नहीं पी थी… मुझे उसका नशा चढ़ गया और में अजीब सी बातें करने लगी.

और पास में सिगरेट भी पिने लगी. में उठकर नसे में डांस करने लगी. सारे लड़के मुझे गन्दी नजरो से देख रहे थे और मेरे पास आकर डांस करने लगे. कोई मेरे बूब्स पर हाथ लगा रहा था तो कोई मेरी गांड पर. किसी ने मुझे और शराब पीला दी. मुझे अब कुछ नहीं पता था की मेरे साथ क्या हो रहा है. और वो तीनो बूढ़े बैठे देख रहे थे. में मदहोस होकर नाच रही थी. डांस करते वक़्त मेरे बूब्स हिल रहे थे. सायद उन सबको पता लग चुका था की मैंने ब्रा नहीं पहनी है. अब कुछ लड़के मेरे बूब्स को जोर जोर से दबा रहे थे. पर किसी ने मेरा टॉप नहीं खोला.

तभी वो तीनो बूढ़े आये उन लड़कों के पास और बोले. ले जाओ इसे और मजे लो. पर इसके पैसे देने होंगे वो 5 लड़के थे और 15000 रुपये उन बुड्ढों को देकर मुझे एक कमरे में ले गए. और मेरा टॉप उतार दिया एंड स्कर्ट भी उतार दी. किसी ने बोला की साली पक्की रंडी है ब्रा पैंटी कुछ नहीं पहनती. सभी लड़के मुज पर टूट पड़े. किसी ने मेरे मुँह में लंड डाला किसी ने चूत में और किसी में गांड में और बाकि 2 मेरे दोनों बूब्स को चूस रहे थे. में भी लंड मस्ती में चूस रही थी. क्युकी में नसे में थी.

सबका लंड 8-9 इंच का था और बहुत मोटा भी. वो बारी बारी से मेरे चूत और गांड को मार रहे और जोर जोर से धक्के लगा रहे थे. मेरे मुँह से आवाजे निकल रही थी. अह्ह्ह….उफ़.. आह मर गयी. ससससस. आई. अहा. और करो. यह यह यह ससससस. पर एक ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और जोर का धक्का लगाया उसका लंड मेरे गले तक पहुँच गया. मेरी जोर की चीख निकल पड़ी. आआआआह. पर वो लगातार मुझे चोदे ही जा रहे थे. वो जवान थे तो अभी झड़े नहीं थे.

उन्होंने मेरे बूब्स दबा दबा कर बहुत मोठे कर दिए थे. और मस्ती से चूस रहे थे. में भी नसे में उनके बालो को पकड़ कर मेरे बूब्स चुसवा रही थी. में ऐसी नहीं हूं पर में नसे में थी इसलिए कुछ नहीं पता था. करीब 2 घंटे तक चुदाई करने के बाद. उन सभी लड़को मेरे मुँह और बॉडी पर अपना वीर्य छोड़ दिया. अब में पूरी वीर्य से भरी हुई. नंगी पड़ी थी. और वो लड़के थोड़ी देर बाद नहाकर रूम से चले गए.

में नसे में सोती रही और सुबह के 6 बजे मेरी नींद खुली. अब में नसे में नहीं थी. मैंने मेरी हालत देखि तो चौंक गयी. की ये क्या मेरी बॉडी पूरी वीर्य से भरी हुई है। तब मुझे रात की कुछ कुछ बातें याद आने लगी. की है वो 5 लड़के मुझे चोद रहे थे. मैं अपना सर पकड़ कर बैठ गयी. और सोचने लगी. इन बुड्ढों ने मुझे पूरा रंडी ही बना दिया. में उठी और बाथरूम की तरफ जाने लगी. पर में चल ही नहीं पा रही थी. उनके मोठे मोठे लंड से चुदी हुई थी… जैसे तैसे में नहायी और वापस वो ही टॉप और स्कर्ट पहनकर बाहर आयी. तो उन बुड्ढों को देखा. वो मेरे सामने हंस रहे थे.

मैंने उनसे कहा कितने कमीने हो तुम. में तुम्हे कभी माफ़ नहीं करुँगी. उनमे से एक मेरी साड़ी लेकर आया और कहा पहन ले इसे. में रूम में गयी और. पेटीकोट ब्लाउज और साड़ी पहन ली. पर मेरी ब्रा पैंटी का कुछ पता नहीं था. मैंने शर्म नहीं की क्युकी इतने छोटे कपड़ो में भी मैंने ब्रा पैंटी नहीं पहनी तो ये तो साड़ी है. फिर हम सब घर गए. 28 जून को शादी थी और बारात 27 को आने वाली थी दो दिन तक वो रात को रोज मुझे चोदते थे. जब 27 को बारात आयी तो सब बारात के स्वागत में लग गए. में भी काम में अपना हाथ बटा रही थी.

आज काम वगेरा हो गया और 27 रात महिला संगीत का प्रोग्राम था तो मुझे भी वहाँ जाना था. रात के 10 बज चुके थे. जब में अपने रूम में तैयार हो रही थी तभी अचानक रूम का दरवाजा बजा. उस वक़्त में गाउन में थी और मेरे बाल खुले हुए थे. एकदम सेक्सी लग रही थी. मैंने दरवाजा खोला तो देखा 2 आदमी थे. उन्होंने कहा बाहर सारे बाथरूम फुल है तो क्या हम आपका बाथरूम यूज़ कर सकते है. अब वो बाराती थे तो में उन्हें मना भी नहीं कर सकती थी. मैंने कहा है आ जाइये. उस वक़्त में गाउन में थी और मुझे शर्म भी आ रही थी थोड़ी.

उसमे से एक बाथरूम में चला गया और दूसरा बेड पर बैठ गया. मुझे कहा आप भी बैठ जाओ न. तो में भी बैठ गयी. मुझे तो तैयार होकर बाहर जाना था पर उसके सामने तो तैयार नहीं हो सकती थी और बाथरूम मे भी एक आदमी था. हमारे बीच बातचीत होने लगी.. नाम वगेरा पुछा… जब तक वो एक बाहर आ गया और दूसरा अंदर चला गया. वो जो नहाके बाहर आया उसने सिर्फ अंडरवियर ही पहना था और उसका तना हुआ लंड मुझे देखकर और तन गया.

मै सरम के मारे लाल हो गयी. सोचा. किसी पराये अनजान मर्द के सामने में यही गाउन में बैठी हूं वो भी निचे पेटीकोट भी नहीं पहना. और वो भी कमीना अपने कपडे नहीं पहन रहा था. यही अंडरवियर में खड़ा था और अपने लंड को सहला रहा था. मुझे बोला तू भी तैयार हो जा न. मैंने सोचा ये ऐसे कैसे बात कर रहा है. फिर कहा है हो जाउंगी पहले आप तैयार हो जाओ और बाहर जाओ. उन्होंने कहा हमे तो टाइम लगेगा. तू हो जा तैयार. अब मै उनके सामने कैसे तैयार होती और बाथरूम में भी एक पहले से था.

वो मेरे पास आकर बैठ गया और मेरी पीठ सहलाने लगा. मैंने कहा आप ये क्या कर रहे है. तभी दूसरा भी आ गया नंगा ही बहार. तो मुझे पता चल गया की अब क्या होने वाला है. उन्होंने ने मेरा गाउन उतार दिया. और ब्रा पेंटी भी. और अपना लंड मेरे मुँह में घुसा दिया. मै मना कर रही थी पर वो नहीं मान रहे थे. और एक ने मुझे चोदना सुरु कर दिया. जोर जोर से मेरी चूत में धक्का मार रहा था और गन्दी गन्दी गालिया निकाल रहा था. मेरे मुँह से आवाजे निकाल रही थी आह आह आह आह सससस मर गयी आह ऊई माँ आआह्ह्ह्ह वो बोले मजा दे हमें रंडी. और 2 घंटे तक मेरी चुदाई करते रहे और अपना वीर्य मेरे चूत में छोड़ दिया और नंगे ही बेड पर सो गए. और बोले आज तो मजा आ गया. मै भी नंगी ही उनके साथ सो रही थी. उन्होंने कहा की उन तीन बुड्ढों ने हमें तेरे पास भेजा था और बोला था की तू एक रंडी है. और उनकी बात सही निकली तू सच मे एक रंडी है. पर में क्या करती य मेरी मज़बूरी थी.

वो मुझे बाथरूम मे ले गए और मेरे ऊपर मूतने लगे. फिर साथ में हमने नहाया और वो तो कपडे पहनकर चले गए. में भी साड़ी पहनकर बाहर आ गयी. जैसे तैसे शादी हुई और मै भी ट्रैन पकड़कर वापस मुंबई के लिए निकल पड़ी. वहाँ तो मै पूरी तरह रंडी बन चुकी थी करीब 10-12 लोगो का लंड लिया था. में एक शीदी सादी औरत रंडी बन चुकी थी. ट्रैन में मेरे साथ वो ही आदमी था जो मेरे साथ जाते वक़्त ट्रैन मे था.

जब मै मुंबई स्टेशन पर उत्तरी तो. मैंने उस आदमी को गले लगा लिया. उसने भी कहा आप ये क्या कर रही हो. मैंने कहा आप बहुत अच्छे है. क्युकी में उसके साथ इतनी रही पर उसने कुछ नहीं किया था मेरे साथ और मै अपने घर चली गयी.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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