jawan bhabhi sex kahani
जवान भाभी सेक्स कहानी में मैं लोगों को मिसकॉल देकर परेशान करता था. एक बार ऐसे ही एक भाभी से बात हो गयी. उनसे दोस्ती हो गयी. फिर मिलकर मैं उनको अपने कमरे में ले आया.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रोहन है.
मैं नेपाल से हूँ और मैं अन्तर्वासना साइट का पिछले दस साल से नियमित पाठक हूँ.
यहां प्रकाशित सभी कहानियां मुझे बहुत पसंद आती हैं, खास करके शादीशुदा औरतों की चुदाई वाली कहानियां.
मेरा कद साढ़े पांच फुट का है और उम्र 30 साल है.
मेरे लंड का साइज़ औसत ही है मतलब साढ़े पांच इंच है, लेकिन ये कुछ ज्यादा ही मोटा है.
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है.
जवान भाभी सेक्स कहानी 2015 की है, जब मेरी उम्र 19 साल की थी.
उस वक्त मैंने पहला मोबाइल लिया था.
ये नोकिया का साधारण की-पैड वाला सेट था.
मैंने एक सिम कार्ड खरीदकर मोबाइल में डाला.
मैं मोबाइल से सभी को मिसकॉल देकर परेशान किया करता था. कोई कॉल बैक करके गाली भी देता था, पर मज़ा आता था.
ऐसे ही एक दिन मैंने कुछ भी नंबर डायल करके मिसकॉल दे दिए.
उधर से कॉल बैक हुआ.
मैंने कॉल रिसीव किया.
अंजान कॉल और अजनबी लड़की की सुरीली सी आवाज आई- हैलो कौन?
मैं- जी, मैं रोहन. गलती से मिसकॉल चला गया.
लड़की की आवाज- ओके, कोई बात नहीं.
बस इतनी बात हुई और कॉल कट हो गया.
उस टाइम मैंने फेसबुक आईडी नहीं बनाई थी.
रात को उसी अंजान नंबर से एसएमएस मैसेज आया.
‘मेरा नाम निशा है. मैं शादीशुदा हूँ और एक बच्चे की माँ भी हूँ. मुझे इस नंबर पर कॉल या मैसेज नहीं करना. पर तुम्हारी आवाज बहुत मीठी है, मुझे तुम्हारी आवाज को सुनकर बहुत अच्छा लगा!’
उस भाभी ने बस इतना ही लिखा था और मैं मैसेज पढ़कर सो गया.
क्योंकि मुझे ऐसी बातों में कोई इंटरेस्ट नहीं था.
ऐसे ही कई दिन बीत गए.
फिर एक रात उसी नंबर से एसएमएस आया.
निशा- हैलो कैसे हो? मैं निशा. आपका नाम क्या है?
मैं- हैलो मैं ठीक हूँ. मेरा नाम रोहन है.
ऐसे ही हमारे बीच बातचीत शुरू हो गई.
बातचीत से समझ में आया कि वे मुझसे उम्र में बड़ी हैं तो मैं उन्हें भाभी कहने लगा.
उन्हें भी मेरे मुँह से भाभी सुनने में अच्छा लगा.
कभी-कभी कॉल पर भी बातें होने लगीं.
उन्होंने ये भी बताया कि उनके पति काम के सिलसिले में देश से बाहर रहते हैं.
ऐसे हमारे बात करते-करते एक साल हो गया.
फिर एक दिन उन्होंने मुझे प्रपोज किया- मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ.
मैंने भी उनका प्रपोजल सहज स्वीकार कर लिया.
फिर हमने एक दिन मिलने का प्लान बनाया और एक पार्क में मिले.
उस दिन हम एक-दूसरे को पहली बार देख रहे थे.
मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया.
वे एक बच्ची की माँ नहीं लग रही थीं; वे बिल्कुल कुँवारी माल के जैसी दिख रही थीं.
उनके 36 इंच के दूध देख कर मुझे लगा कि मैं इन्हें अभी पटक कर यहीं चोद दूँ.
फिर मैंने अपने आप को कंट्रोल किया.
उस दिन हमने होटल में नाश्ता किया.
मैंने उनके फिगर की बहुत तारीफ की … और वे भी मेरी तारीफ से बहुत खुश थीं.
नाश्ते के बाद मैंने निशा से अपने रूम में चलने के लिए कहा.
वे राजी हो गईं और मैं उन्हें अपने साथ कमरे पर ले गया.
रूम में जाकर निशा भाभी फ्रेश होने बाथरूम में चली गईं.
मैं चाय बनाने लगा.
फिर हम दोनों ने चाय पी.
चाय पीने के बाद हम दोनों बिस्तर पर बैठकर बातें करने लगे.
बात करते-करते कब हम दोनों किस करने लगे, पता ही नहीं चला.
वे एक प्यासी भाभी की तरह मेरे होंठ चूस रही थीं.
होंठ चूसते-चूसते ही मैंने अपने एक हाथ से उनके कपड़ों के ऊपर से ही उनके मम्मों पर रख दिया.
उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई तो मैं उनके दूध मसलने लगा.
भाभी के दूध मसलते ही मुझे मजा आ गया और मैंने एक दूध कुछ ज्यादा ही जोर से दबा दिया, इससे उनके मुँह से ‘अह्ह’ की सिसकारी निकल गई.
फिर उन्होंने भी मेरा लंड पैंट के ऊपर से पकड़ लिया और उसे प्यार से सहलाने लगीं.
मैं अब निशा भाभी के कपड़े निकालने लगा.
अपने कपड़े निकलवाने में वे मेरा पूरा साथ दे रही थीं.
जल्द ही वे सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई थीं.
उनके तने हुए सख्त दूध उनकी ब्रा फाड़ कर निकलने को बेताब दिख रहे थे.
फिर निशा भाभी ने खुद ही मेरे कपड़े निकाल दिए.
मैं सिर्फ अंडरवियर में था.
अब निशा भाभी ने कहा- रोहन, आज मेरे वर्षों की प्यास बुझा दो. मेरी चूत ने पिछले तीन साल से लंड का मुँह नहीं देखा है!
यह कहती हुई वे फिर से मुझसे चिपक गईं और मुझे बेतहाशा चूमने लगीं.
किस करते-करते मैंने निशा भाभी की ब्रा और पैंटी भी निकाल दी.
निशा भाभी की ब्रा निकालते ही उनके बड़े-बड़े दूध उछल कर मेरे सामने आ गए.
मैंने पहली बार किसी लड़की की नंगी चूचियां देखी थीं.
मैंने झट से उनके बूब्स पकड़े और एक को चूसने लगा.
अपना दूध मेरे मुँह में देते ही निशा भाभी के मुँह से मदभरी सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह उउह्ह … और चूसो खा जाओ इसे और दबाओ!
कुछ देर बाद निशा भाभी ने मेरी अंडरवियर को निकाल दिया.
अंडरवियर निकालते ही मेरा तना हुआ लंड बाहर आ गया.
मेरे लंड को देखते ही निशा भाभी की आंखों में चमक आ गई.
वे झट से घुटनों के बल बैठकर हाथ से लंड सहलाने लगीं.
निशा- रोहन इतना बड़ा लंड है तुम्हारा … मेरी चूत में कैसे जाएगा? मेरा पति का बहुत छोटा है. मैं कभी अपने पति से संतुष्ट नहीं हुई हूँ. आज तुम मेरे सारे अरमान पूरा कर देना रोहन!
यह कहते हुए वे मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.
करीब दस मिनट तक लंड चूसने के बाद मैं भाभी के मुँह में ही झड़ गया.
निशा भाभी ने पूरा माल पी लिया और लंड चाट कर पूरा साफ कर दिया.
फिर मैंने निशा भाभी को बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत चूसने लगा.
निशा भाभी बड़बड़ाने लगीं- ओह रोहन आह्ह … खा जाओ उम्म … आह्ह मेरे पति ने मेरी चूत कभी नहीं चूसी है आह्ह … ओह येस येस रोहन आई लव यू रोहन और जोर से चूसो … आह मैं मर जाऊंगी रोहन!
वे चिल्लाती रहीं.
मैंने 15 मिनट तक निशा भाभी की चूत को चूसा.
फिर वे इतनी जोर से झड़ीं कि मेरे मुँह में ही उनकी चुत से तेज धार छूट कर लगी.
वे हांफने लगीं.
मैं भाभी का सारा पानी पी गया.
फिर भाभी उठीं और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं.
एक मिनट में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
करीब दस मिनट तक हम दोनों एक-दूसरे के लंड और चूत चूसते रहे.
इसके बाद भाभी बोलीं- रोहन अब डाल भी दो प्लीज … मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता!
मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटाया और अपना लंड चूत पर सैट कर दिया.
फिर एक धक्का लगाया, पर लंड फिसल गया.
मैंने लंड को फिर से चूत पर सैट किया और फिर से धक्का दिया.
इस बार लंड का टोपा चूत में जाकर फंस गया.
सुपारा घुसते ही मैंने एक जोरदार धक्का मारा और निशा भाभी की चूत को फैलाता हुआ आधा घुस गया.
भाभी जोर से चीख पड़ीं.
मैं झट से उनके होंठों को चूसने लगा.
मैंने देखा कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे.
फिर निशा भाभी ने अपना सर उठाकर देखा तो लंड आधा बाहर था.
वे हैरत से देख रही थीं.
मैंने उन्हें चूमते हुए कहा कि भाभी ज्यादा दर्द हो रहा हो तो इतने से ही काम चला लूं?
भाभी ने एकदम से कहा- नहीं रोहन, मुझे पूरा अन्दर चाहिए … तुम मेरी परवाह मत करना. तुम पूरा घुसा दो, मैं जितना चिल्लाऊं, तुम बस पेलते रहना. मैं तुम्हारे लिए सब सह लूँगी!
बस इतना सुनते ही मैंने वापस एक करारा धक्का लगा दिया और पूरा जड़ तक घुस गया.
निशा भाभी फिर से छटपटाने लगीं.
पर मैं लंड को अन्दर-बाहर करता रहा.
कुछ मिनट बाद भाभी भी अपने चूतड़ उठाकर मेरा साथ देने लगीं.
कमरे में पूरा ‘फच-फच-फच’ की आवाज गूंजने लगी.
निशा भाभी अब बड़बड़ाने लगी थीं- रोहन फाड़ दो मेरी चूत … आज तीन साल बाद लंड खाया है इसने … भोसड़ा बना दो इसका अह्ह … आह्ह … उउह्ह … रोहन रुको मत बस चोदते रहो!
मैंने चोदने की स्पीड बढ़ा दी.
इस दौरान भाभी झड़ गईं, पर मेरा अभी नहीं हुआ था.
फिर मैंने निशा भाभी से घोड़ी बनने को कहा और घोड़ी बनाकर पीछे से चूत में लंड पेल दिया.
भाभी फिर से कराह उठीं- आह रोहन आराम से करो .. पीछे से दर्द होता है!
मैंने उन्हें उसी पोजीशन में दस मिनट तक चोदा.
फिर मैं उनको दीवार के सहारे से खड़ी कर दिया और उनकी एक टांग उठा कर अपने कंधे पर रख ली.
भाभी मुझे बड़ी प्यारी नजर से देख रही थीं.
शायद वे इस आसन को समझने की कोशिश कर रही थीं कि कैसे चुदाई होगी.
मैंने अपने लंड को फिर से उनकी चूत में घुसेड़ दिया.
वे पुनः आह आह करने लगीं.
मैं उसी अवस्था में खड़े होकर भाभी का एक दूध अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और भाभी की चुत में धक्के देने लगा.
इस तरह पांच मिनट की चुदाई में निशा भाभी फिर से झड़ गईं.
निशा भाभी कहने लगीं- रोहन तुमने गोली खाई है क्या?
मैंने कहा- नहीं!
निशा भाभी बोलीं- फिर तुम्हारा झड़ क्यों नहीं रहा?
वे यह कहकर मेरे लंड को चूसने लगीं.
फिर मैंने घड़ी देखी तो पता चला कि हम दोनों को चुदाई करते हुए पौन घंटा हो चुका था.
अब मैंने निशा भाभी को बिस्तर पर लिटाया और लंड चूत में ठोक दिया.
मैं उन्हें तेज-तेज चोदने लगा.
निशा भाभी फिर से आह आह करती हुई बोलने लगीं- आह्ह … उउह्ह … उम्म … येस … उउ उउ … आह्ह … रोहन फक मी!
मेरा अब होने वाला था तो मैंने पूछा- कहां निकालूँ?
भाभी बोलीं- अन्दर ही छोड़ना मेरी चूत को अपनी लंड के पानी से प्यास बुझा दो!
मैंने कहा- कुछ गड़बड़ हुई तो?
वे बोलीं- मैं दवाई खा लूँगी.
फिर कुछ तगड़े धक्कों के बाद मैंने अपना लंड निशा भाभी की चूत के अन्दर ही खाली करना शुरू कर दिया और अपने लौड़े का सारा माल चुत में ही भर दिया.
झड़ने के बाद दस मिनट तक मैंने अपने लंड को भाभी की चूत में ही घुसाए रखा और हम दोनों की आंखें भी मुँद गई थीं.
जवान भाभी सेक्स के कुछ देर बाद मेरा लंड अपने आप सिकुड़ कर चूत से बाहर आ गया.
एक घंटा तक गहरी नींद में सोने के बाद हम दोनों ने दूसरा राउंड शुरू किया. मैंने पुनः निशा भाभी को चोदा.
दो बार की चुदाई के बाद हम दोनों उठे, अपने-अपने कपड़े पहने.
वे जाने लगीं.
जाते जाते भाभी बोलीं- रोहन, आज मैं बहुत खुश हूँ.
वे मेरे गले से लग गईं.
उन्होंने एक लंबी किस की और बहुत जल्द फिर से मिलने का वादा करके चली गईं.
हमने तीन साल तक खूब चुदाई की.
पर अब भाभी के पति घर वापस आ चुके हैं और अब उनकी चुदाई का मौका बहुत कम मिलता है.
तो दोस्तो, ये मेरी एक सच्ची जवान भाभी सेक्स कहानी थी जो मैंने आपके सामने रखी, आपको कैसी लगी?
आपका सेक्सी चोदू दोस्त रोहन
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