ड्राइवर, माली, मेरा बेटा और तीनों बावर्ची मिलकर मुझे ग्रुप में चोदे

hot slut mother sex story

मेरे घर में दो और नौकर काम करते हैं जिन पर मेरी नजर काफी दिनों से थी। पहला है रामू, जो हमारा ड्राइवर है।

वह 48 साल का काला आदमी है, बहुत हट्टा-कट्टा और मजबूत। वह पहले सेना में था, इसलिए उसका बदन बहुत गठीला है।

अगर आपने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी है तो पढ़े की कैसे 3 बावर्ची और मेरा बेटा मिलकर मुझे चोदे

दूसरा है श्याम, जो हमारे बगीचे का माली है। वह 35 साल का है, बहुत गोरा और हैंडसम।

रामू का लंड 12 इंच का है, यह मैंने एक बार अपनी नौकरानी सुनीता के मुंह से सुना था। वह हमेशा जब भी मैं कार में बैठती या उतरती, मुझे बहुत ध्यान से देखता।

कार का आईना वह इस तरह सेट करता था कि वह मेरी स्कर्ट के अंदर देख सके।

जब मैं पिछली सीट पर बैठती और अपने पैर क्रॉस करती, तो वह आईने में मेरी जांघें और पैंटी देखने की कोशिश करता।

श्याम का लंड 10 इंच का है। वह हमेशा बगीचे में काम करते समय मुझे देखता।

जब मैं हाई हील्स में बगीचे में टहलने जाती, मेरी गांड और चुचियां ऊपर-नीचे होतीं, तो वह मुँह खोलकर देखता रहता।

वह कई बार फूलों के पास झुककर मेरी पैंटी देखने की कोशिश करता।

एक दिन मैंने अपने बेटे अक्षय से कहा, “बेटा, मुझे रामू और श्याम भी चाहिए। मैंने देखा है कि वे मुझे कैसे घूरते हैं। उनके लंड भी मेरी बुर के लिए तड़प रहे होंगे।”

“माँ, मैं भी यही सोच रहा था। रामू तो कई बार मुझसे तुम्हारे बारे में पूछ चुका है। उसने कहा कि उसका 12 इंच का लंड 6 साल से किसी औरत को नहीं मिला है। वह पागल हो रहा है तुम्हें चोदने के लिए,” अक्षय ने कहा।

“और श्याम?” मैंने पूछा।

“श्याम भी कहता है कि वह तुम्हें बगीचे में ही चोदना चाहता है। वह तुम्हारी गांड का दीवाना है,” अक्षय बोला।

“ठीक है बेटा, तो फिर सभी को बुला लो। तुम्हारे तीन बावर्ची दोस्त – राजू, गोविंद और मोहन, फिर रामू और श्याम, और तुम। कुल छह लोग। मैं एक साथ छह लंड लेना चाहती हूँ,” मैंने कहा।

“वाह माँ, तुम सच में एक सुपर रंडी हो। छह लंड एक साथ! तुम तो बहुत अच्छे से संभाल लोगी।” अक्षय ने पूछा।

“हाँ बेटा, मेरी बुर बहुत लचीली है। वह पचासों लंड भी संभाल सकती है। मुझे बस लंड चाहिए, चाहे कितने भी हों,” मैंने कहा।

“ठीक है माँ, मैं कल सभी को बुला लेता हूँ। हम गैरेज में और बगीचे में चुदाई करेंगे। गैरेज में कार की पिछली सीट बहुत चौड़ी है, वहाँ पर हम आराम से चोद सकते हैं। और बगीचे में घास पर भी मजा आएगा,” अक्षय बोला।

अगले दिन मैंने एक बहुत ही सेक्सी आउटफिट पहनी। मैंने एक छोटी सी लाल रंग की स्कर्ट पहनी जो मेरी जांघों के ऊपर तक थी।

ऊपर मैंने एक ट्रांसपेरेंट टॉप पहना जिसमें मेरे निप्पल साफ दिख रहे थे।

मैंने ब्रा नहीं पहनी थी, इसलिए मेरे निप्पल टॉप से बाहर उभरे हुए थे। मैंने हाई हील्स की सैंडल पहनी।

मैंने अपने बालों को खुला छोड़ा और गालों पर हल्का मेकअप किया। मैं बिल्कुल एक पेशेवर रंडी की तरह लग रही थी।

मैं गैरेज में गई। वहाँ रामू, श्याम और अक्षय इंतजार कर रहे थे। जब उन्होंने मुझे देखा, तो उनकी आँखें फटी रह गईं।

“ओह मालकिन… आप तो…” रामू कुछ बोल नहीं पाया। उसका मुँह खुला रह गया।

“क्या हुआ रामू? कैसी लग रही हूँ मैं?” मैंने मुस्कुराते हुए पूछा।

“मालकिन, आप तो बहुत खूबसूरत लग रही हैं। आपके निप्पल तो टॉप से दिख रहे हैं,” रामू बोला।

“हाँ रामू, मैंने जानबूझकर ऐसा पहना है। मैं चाहती हूँ कि तुम सब मुझे देखकर पागल हो जाओ,” मैंने कहा।

श्याम बोला, “मालकिन, आपकी यह स्कर्ट तो बहुत छोटी है। आपकी जांघें दिख रही हैं। मैं तो पागल हो रहा हूँ आपको देखकर।”

“और तुम्हारा लंड श्याम? क्या वो खड़ा हो गया?” मैंने पूछा।

“हाँ मालकिन, मेरा 10 इंच का लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को तैयार है,” श्याम बोला।

“और मेरा 12 इंच का लंड तो बहुत दिनों से तड़प रहा है आपके लिए,” रामू बोला।

“आओ फिर, मैं आज तुम सबकी तड़प बुझाऊंगी। पहले गैरेज में चोदेंगे, फिर बगीचे में जाएंगे,” मैंने कहा।

तीनों लोग मेरे चारों ओर आ गए। रामू मेरे दाहिनी तरफ आया, श्याम बाईं तरफ और अक्षय पीछे।

रामू ने पहले मेरा दाहिना दूध पकड़ लिया। उसके हाथ बहुत बड़े और मोटे थे। उसने मेरे स्तन को जोर से दबाना शुरू किया। मेरा निप्पल उसकी हथेली में कड़ा हो गया।

“अहहह… रामू… तुम्हारे हाथ बहुत बड़े हैं… मेरे दूध दर्द कर रहे हैं,” मैंने कहा।

“मालकिन, आपके दूध बहुत बड़े और सुडौल हैं। मैंने ऐसे स्तन कभी नहीं देखे। मुझे इन्हें चूसना है,” रामू बोला।

रामू ने मेरे टॉप को ऊपर उठाया और मेरा दाहिना स्तन बाहर निकाल लिया। उसने तुरंत मेरे निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और जोर से चूसना शुरू कर दिया। वह अपने दाँतों से मेरे निप्पल को काट रहा था।

“ओह… रामू… धीरे… मेरे निप्पल दर्द कर रहे हैं… लेकिन मजा भी आ रहा है,” मैंने कहा।

इतने में श्याम ने मेरा बायां दूध पकड़ लिया। उसने भी मेरा स्तन बाहर निकाला और चूसने लगा। अब दोनों लोग एक-एक करके मेरे दोनों दूध चूस रहे थे।

“अहहह… हाँ… और चूसो… मेरे दोनों दूध पी जाओ… मेरे निप्पलों को काटो,” मैंने कहा।

रामू और श्याम जोर-जोर से मेरे स्तनों को चूस रहे थे। मेरे निप्पल उनके मुँह में थे और वे उन्हें काट-काटकर चूस रहे थे। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

इतने में अक्षय पीछे से आया। उसने मेरी स्कर्ट उठाई और मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी गांड को सहलाना शुरू कर दिया।

“माँ, तुम्हारी गांड बहुत मोटी और सुडौल है। मुझे इसे चोदने का बहुत मन कर रहा है,” अक्षय बोला।

“हाँ बेटा, चोदो मेरी गांड। लेकिन पहले मुझे चूमो,” मैंने कहा।

अक्षय ने मेरा चेहरा अपनी ओर किया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वह मुझे जोर से चूमने लगा।

उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और मेरी जीभ से खेलने लगा। हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे।

“ओह बेटा… क्या चूम रहे हो… मुझे बहुत मजा आ रहा है,” मैंने कहा।

रामू और श्याम मेरे दूध चूस रहे थे और अक्षय मुझे चूम रहा था। तीनों लोग मुझे एक साथ संतुष्ट कर रहे थे।

“मालकिन, अब और मत तड़पाओ। मुझे आपकी बुर दिखाओ,” रामू बोला।

“हाँ रामू, देखो मेरी बुर,” मैंने कहा।

मैंने अपनी स्कर्ट उठाई और अपनी पैंटी नीचे खींची। मेरी बुर सामने थी। वह गीली हो चुकी थी।

“वाह… क्या गुलाबी बुर है… बहुत सुंदर है,” श्याम बोला।

“मैं इसे चाटना चाहता हूँ,” रामू बोला।

रामू नीचे बैठ गया और उसने अपनी जीभ मेरी बुर पर लगाई। वह मेरी बुर को चाटने लगा।

“ओह… रामू… क्या कर रहे हो… मेरी बुर चाट रहे हो… अहहह… बहुत मजा आ रहा है,” मैं चीखी।

गैरेज में एक बड़ी काली रंग की लग्जरी कार खड़ी थी। उसकी पिछली सीट बहुत चौड़ी और आरामदायक थी। हम सब कार के अंदर बैठ गए।

रामू ने कहा, “मालकिन, मैं आपको यहाँ चोदना चाहता हूँ। मेरा 12 इंच का लंड आपकी बुर को फाड़ देगा।”

“हाँ रामू, चोदो मुझे। मैं तुम्हारे 12 इंच के लंड के लिए तैयार हूँ,” मैंने कहा।

रामू कार की पिछली सीट पर बैठ गया। उसने अपने कपड़े उतार दिए और उसका 12 इंच का काला मोटा लंड बाहर निकल आया।

वह इतना बड़ा था कि देखकर ही मेरी सांसें फूल गईं।

“ओह माँ… यह तो बहुत बड़ा है… मेरी बुर में समाएगा यह?” मैंने पूछा।

“सम जाएगा मालकिन, आपकी बुर बहुत लचीली है,” रामू बोला।

मैं उसके ऊपर बैठने लगी। मैंने अपनी बुर को उसके लंड के सुपारे पर रखा और धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी।

उसका लंड मेरी बुर में घुसने लगा।

“उई माँ… बहुत दर्द हो रहा है… बहुत मोटा है… लेकिन और डालो… पूरा डालो,” मैंने कहा।

मैंने एक जोरदार झटका दिया और रामू का पूरा 12 इंच का लंड मेरी बुर में समा गया। मेरी बुर पूरी तरह से भर गई और फैल गई।

“ओह… यह तो मेरी बुर की दीवारों तक पहुँच गया… बहुत अंदर है,” मैंने कहा।

मैं ऊपर-नीचे होने लगी। रामू के हाथ मेरे दूध पर थे और वह उन्हें जोर-जोर से दबा रहा था।

इतने में श्याम भी कार में आ गया। उसने अपना 10 इंच का लंड बाहर निकाला।

वह मेरे पीछे आ गया और मेरी गांड के छेद पर अपना लंड रगड़ने लगा।

“मालकिन, मैं भी आ रहा हूँ। आपकी गांड में जगह है?” श्याम ने पूछा।

“हाँ श्याम, डालो… मेरी गांड में भी डालो… मैं दो लंड एक साथ ले सकती हूँ,” मैंने कहा।

श्याम ने अपने लंड पर थूक लगाया और मेरी गांड में डालना शुरू किया। उसका लंड भी मेरी गांड में घुस गया।

“ओह… मेरी गांड… बहुत दर्द हो रहा है… दोनों तरफ भरी हुई हूँ,” मैंने कहा।

अब मेरी बुर में रामू का 12 इंच का लंड था और गांड में श्याम का 10 इंच का लंड। दोनों एक साथ धक्के मार रहे थे।

“ओह हाँ… और तेज… मेरी बुर और गांड दोनों को फाड़ दो… मैं रंडी हूँ… मुझे चोदो,” मैं चिल्ला रही थी।

“ले रंडी… ले मेरा 12 इंच का लंड… अपनी बुर में ले,” रामू गाली देते हुए चोद रहा था।

“और मेरा भी ले… अपनी गांड में ले… साली,” श्याम भी गाली दे रहा था।

अक्षय कार के बाहर से मेरे मुँह में अपना लंड डाल रहा था। मैं उसे चूस रही थी।

“चूसो माँ… मेरा लंड चूसो… अपनी रंडी माँ बनकर चूसो,” अक्षय बोला।

कुछ देर बाद हम बगीचे में गए। वहाँ राजू, गोविंद और मोहन पहले से ही इंतजार कर रहे थे।

अब हम छह लोग थे – रामू, श्याम, राजू, गोविंद, मोहन और अक्षय।

बगीचे में एक बड़ा घास का मैदान था। वहाँ पर एक बड़ा तौलिया बिछाया गया था। मैं उस पर लेट गई।

“आओ सब लोग… आज मुझे छह लंड से चोदो… मैं तैयार हूँ,” मैंने कहा।

सभी छह लोगों ने अपने कपड़े उतार दिए। सभी के लंड खड़े थे।

रामू का 12 इंच का काला लंड, श्याम का 10 इंच का, राजू का 11 इंच का, गोविंद का 10 इंच का, मोहन का 9.5 इंच का और अक्षय का 8 इंच का।

“ओह… इतने सारे बड़े लंड… मैं तो पागल हो जाऊंगी,” मैंने कहा।

रामू मेरे ऊपर आया और उसने अपना लंड मेरी बुर में डाल दिया।

श्याम मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया। राजू मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया।

गोविंद और मोहन ने अपने लंड मेरे हाथों में पकड़ा दिए। अक्षय ने अपना लंड मेरे दूध के बीच में रख दिया।

“ओह… यह तो बहुत ही मजेदार है… हर जगह लंड ही लंड… मेरी बुर, गांड, मुँह, हाथ, सब कुछ भरा हुआ है,” मैंने कहा।

छहों लोग एक साथ धक्के मारने लगे। रामू और श्याम मेरी बुर और गांड चोद रहे थे।

राजू मेरे मुँह में अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था। मैं गोविंद और मोहन के लंड हिला रही थी।

अक्षय मेरे स्तनों के बीच में अपना लंड रगड़ रहा था।

“ओह हाँ… और तेज… सब लोग और तेज चोदो… मैं रंडी हूँ… मुझे चोदो… मेरी बुर फाड़ दो… मेरी गांड फाड़ दो,” मैं चिल्ला रही थी।

“ले रंडी… ले छह लंड… अपनी बुर में ले… अपनी गांड में ले… साली… कितनी चुदासी है तू,” रामू गाली दे रहा था।

“हाँ मैं रंडी हूँ… तुम सबकी रंडी हूँ… और तेज चोदो… मुझे मर डालो चोद-चोदकर,” मैंने कहा।

सभी लोग बारी-बारी से स्वैप कर रहे थे। हर कोई मेरी बुर, गांड और मुँह चोद रहा था। मैं लगातार तीन लंडों से भरी हुई थी।

लगभग दो घंटे की लगातार चुदाई के बाद सभी छह लोग झड़ने वाले थे।

“माँ, अब हम सब झड़ने वाले हैं। तुम हम सबका वीर्य पीयोगी?” अक्षय ने पूछा।

“हाँ बेटा, मैं सबका वीर्य पीऊंगी। मुझे तुम सबका गर्म पानी चाहिए। मेरे मुँह में निकालो और मेरे दूध पर भी निकालो,” मैंने कहा।

मैं नीचे बैठ गई और सभी छह लोग मेरे चारों ओर खड़े हो गए। उन्होंने अपने लंड हिलाने शुरू किए।

पहले रामू झड़ा। उसने अपना 12 इंच का लंड मेरे मुँह के सामने रखा और जोर से हिलाया। उसका गाढ़ा और गर्म वीर्य सीधे मेरे मुँह में निकला। वह बहुत सारा था।

“पी जाओ रंडी… मेरा वीर्य पी जाओ… अपनी रंडी माँ बनकर पी जाओ,” रामू बोला।

मैंने उसका सारा वीर्य पी लिया।

फिर श्याम, राजू, गोविंद और मोहन ने भी मेरे मुँह में अपना वीर्य निकाला। मैंने सबका पी लिया।

अक्षय ने मेरे दूध पर अपना वीर्य निकाला। उसका वीर्य मेरे निप्पलों पर गिरा।

“ओह… मेरे दूध पर वीर्य… क्या मजा है,” मैंने कहा।

मैंने अपने हाथों से अपने स्तनों पर लगे वीर्य को चाटकर खा लिया।

“कैसा लगा माँ?” अक्षय ने पूछा।

“बहुत अच्छा बेटा… मैं बहुत संतुष्ट हूँ… छह लंडों ने मुझे खूब मजा दिया,” मैंने कहा।

हम सभी थककर घास पर लेट गए। मैं छहों के बीच में थी। सभी मेरे शरीर को सहला रहे थे।

कुछ दिनों बाद अक्षय ने मुझसे कहा, “माँ, हमारे पड़ोस में रहने वाले शर्मा जी हैं। उनके तीन बेटे हैं जो तुम्हें देखकर पागल होते हैं। क्या तुम उन्हें भी मौका दोगी?”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, मेरी बुर तो हमेशा तैयार है। बुला लो उन्हें भी। हम सब मिलकर चुदाई करेंगे।”

“ठीक है माँ, मैं कल उन्हें बुला लेता हूँ,” अक्षय बोला।

आप सोचें… अगले भाग में क्या होगा… पड़ोसी के तीन बेटे… और मेरा बेटा… और नौकर… कुल दस लंड… मेरी बुर फिर से तड़पने लगी…

अभी तक ये चुदाई प्लान किया है जब कर लूंगी फिर इस कहानी को लिखती हूँ तब तक….. आप कमेंट करके बताएं की मेरी चुदवाने की स्टाइल आपको अच्छा लग रहा है या नहीं?

NEXT PART: मेरी ख्वाहिश पूरी हुयी दस लंडों से चुदवाकर

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “ड्राइवर, माली, मेरा बेटा और तीनों बावर्ची मिलकर मुझे ग्रुप में चोदे”

  1. Sexy aunty , bhabhi, girls message me
    WhatsApp no:7498917970
    Location: Aurangabad Maharashtra
    Free service 💯 only your room.
    (With Privacy 🔏)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top