वाराणसी के कॉल बॉय की क्लाइंट सगी भाभी निकली

hot bhabhi chudai kahani

हॉट भाभी चुदाई कहानी में मैंने एक लेडी को चोदा. उसे मजा आया तो उसने अपनी सहेली को मेरा नम्बर दिया. मुझे फोन आया तो वो मेरी भाभी का नम्बर था.

हेलो.
चूत की रानियों और लंड के राजाओं को मेरा नमस्कार!

मेरा नाम रियाज सिंह है।
मैं वाराणसी का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 23 साल है।

और जिसकी दीवानी भाभियाँ होती हैं, वो 7 सेमी और 3 इंच मोटा है!
मैं अभी तक कुल 12 आंटियों को चोद चुका हूँ।

हॉट भाभी चुदाई कहानी शुरू करता हूँ.

यह 2 साल पुरानी बात है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था।
उस समय मेरे पास पैसा नहीं होता था। तभी मैंने गूगल पर एक ऐड देखा कि वाराणसी में हॉट आंटियों के साथ सेक्स करने पर पैसा मिलता है, वो भी बहुत सारा!
जिसे देखकर मुझे लगा कि इस काम में मज़ा भी बहुत है और पैसा भी।
तो मैंने जॉब के लिए अप्लाई कर दिया।

कुछ समय के बाद कॉल आया कि आप जॉइन हो सकते हो।
मैंने ओके करके सेंड किया।
उन्होंने कुछ पूछा, जिसका जवाब हम दिए।
फिर उसके बाद कंपनी वालों ने एक आईडी दी और बोला कि इसी आईडी से ही तुमको क्लाइंट मिलेगी… यह बात सुनकर हम बहुत खुश हो गए!

कुछ दिनों के बाद मेरी फर्स्ट मीटिंग हुई, जिसमें मुझे बहुत मज़ा आया।
इसी तरह सब कुछ चलता रहा।

फिर एक दिन मेरी भाभी की फ्रेंड ने मुझे अपने घर सेक्स के लिए बुलाया।
हालांकि मुझे नहीं पता था कि वो मेरी भाभी की फ्रेंड हैं।
उनको सर्विस देने के बाद मैं वहाँ से चला गया।

कुछ महीनों तक कोई मीटिंग नहीं मिलती थी।

तभी मेरी भाभी की फ्रेंड ने मुझे कॉल किया और बोला, “एक क्लाइंट है जो तुमसे सर्विस लेना चाहती है, तो क्या मैं उनको तुम्हारी फोटो सेंड कर दूँ!”
मैंने कहा, “ठीक है!”

फिर कुछ दिनों के बाद वो फिर मैसेज करके बोलती है, “मेरी सहेली तुमसे सर्विस लेना चाहती है।”
मैंने कहा, “ठीक है, आप उनकी फोटो एंड होटल एड्रेस सेंड कर दो!”
भाभी की फ्रेंड ने कहा, “फोटो के लिए तो उसने मना किया है।”

तो मैंने कहा, “तो सर्विस कहाँ देना है?”
उसने कहा, “वो खुद कॉल करेगी।”

तो फ्रेंड्स, मैं आपको अपनी भाभी के बारे में कुछ बता दूँ।
मेरी भाभी भी वाराणसी से ही हैं।
उनका साइज 36-34-38 है।
वो पूरी गोरी हैं और ब्यूटीफुल भी!
उनकी उम्र 35 साल है।

चलो आगे की कहानी चालू करते हैं।

सबसे पहले भाभी का कॉल आया।
वे पूछने लगी मुझसे, “मैं क्या सुन रही हूँ तुम्हारे बारे में, कि तुम कॉलबॉय सर्विस देते हो!”
फिर क्या, मैं पूरा डर गया!

मैंने कहा, “ये सब झूठ है भाभी! मैं ऐसा काम नहीं करता हूँ.”
भाभी ने कहा, “तुम मेरे घर आओ, फिर बात करते हैं। नहीं तो मम्मी को कॉल करके बता दूँगी!”

ये सुनकर मेरा पूरा दिमाग हिल गया!
फिर मैंने कहा, “ठीक है भाभी, कब आना है?”
भाभी ने कहा, “कल 2 बजे आ जाना।”
हम कहे, “ठीक है।”

अगले दिन हम भाभी के घर पहुँचे, तो घर में भाभी के अलावा कोई नहीं था।
भाभी ने कहा, “तुम अंदर आओ.”

उस समय भाभी ने ब्लैक कलर की नाइटी पहनी हुई थी।
उस नाइटी में तो भाभी बहुत हॉट लग रही थीं!

फिर वो पूछने लगीं, “ये सब कब से चल रहा है?”
हम बोले, “कुछ महीनों से चल रहा है।”

भाभी ने बोला, “गांड मारने की इतनी जल्दी थी कि तुम कॉलबॉय बन गए!”
हम बोले, “मनी भी खूब मिलता था।”

भाभी ने कहा, “पैसा की ज़रूरत थी तो मुझसे माँग लेते!”
हम बोले, “सॉरी भाभी जी!”
वो बोलीं, “ठीक है, कोई बात नहीं।”

तभी उनकी सहेली का कॉल उनको आया।
वो बात करने के बाद हमको फोन दिया।

हम हेलो बोले तो उनकी फ्रेंड ने कहा, “यही है तुम्हारी क्लाइंट!”

फिर क्या, मेरी पूरी फटने के बाद भाभी ने कहा, “कैसी लगी मेरी एक्टिंग!”

फिर वो बोलीं, “तुमने मेरी फ्रेंड को चोदा था, वो बताई थी कि एक बॉय है जो बहुत मस्त सर्विस देता है, तुम भी ट्राई कर लो। मैंने कहा ठीक है, बात करके उसे हमको बताओ। फिर मेरी फ्रेंड ने तुमसे बात किया, तुमने हाँ किया, तो वो तुम्हारी फोटो दी। तो मैं बोली कि अरे, ये तो मेरा देवर है! फिर ये सब प्लान बनाए थे हम लोग…”

भाभी ने कहा, “जैसे मेरी फ्रेंड को चोदा था, उससे भी मस्त हमको चोदना!”

यह बात सुनकर हमको और मज़ा आ गया!
फिर हम लोग रूम में गए और भाभी ने जब अपनी नाइटी उतारी, तो बस क्या, मेरा लैंड तुरंत खड़ा हो गया!
जैसा कि मैंने आप लोगों को बताया था कि 36-34-38 साइज की उनकी बॉडी है।

फिर भाभी ने मुझे किस करना स्टार्ट किया और मेरे कपड़े के बटन खोलने लगीं और पूरी जगह किस करने लगीं।
मुझसे भी रुका नहीं गया।
मैंने उनको उल्टा किया और किस करना स्टार्ट कर दिया और उनके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया, जिससे वो गरम होने लगीं।

फिर मैंने उनकी बिकनी उतार दिया और उनके बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।
भाभी “आहह… उहहह… उफ़्फ़्…” की आवाजें निकालने लगीं और बोलने लगीं, “रियाज, अब रुका नहीं जाता!”

तो मैंने उनकी पैन्टी उतार दिया और अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा।
वो अपने हाथों से मुझे अपनी चूत में और धकेलने लगीं।
वो सिसकियाँ लेने लगीं और “उम्मम… आआ आओ ओओ…” की आवाजें फिर से निकालने लगीं।

भाभी ने फिर मेरी पैन्टी उतारकर मेरे लैंड को अपने हाथों से हिलाने लगीं और चूसने लगीं, और बोलने लगीं, “हहह… इट्स यम्मी!”

फिर मैंने उनको उल्टा किया और उनकी चूत, यानी कि उनके बूर के मुँह में अपना लैंड रखा और धीरे-धीरे से धक्का देने लगा।
जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत में आधा अंदर गया, मैंने एक जोरदार धक्का दिया.
जिससे भाभी की चीखें निकल गईं! वो बोलने लगीं, “धीरे से रियाज!”

अब मैं कहाँ रुकने वाला था!
बस धपा-धप भड़ा-भड़ चोदना स्टार्ट कर दिया।
भाभी दो बार झड़ गईं और मैं भी।

फिर हम लोग किस करना स्टार्ट किए।
कुछ समय बाद मेरा फिर खड़ा हुआ, तो भाभी बोलने लगीं, “अब थोड़ा धीरे करना।”

मैंने कहा, “आपने ही शुरू करने से पहले कहा था कि अपनी फ्रेंड से ज्यादा जोर से, तो अब मैं रुकने वाला नहीं हूँ!”

मैंने उनको डॉगी स्टाइल में कर दिया और स्टार्ट हो गया उनको चोदना!
तो वो चीखने लगीं और बोल रही थीं, “और जोर से! और जोर से! मम्म्म उउ… याआ आआ… ओओ हहह… फक मी… न्न म्म्ह्ह…”

जैसे फिर वो बोलीं, “तुमने अपना स्टाइल कर लिया, अब मेरी बारी है। मुझे मिर्जापुर वाली की तरह करना है!”

मैं लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ गईं और चालू हो गईं, आवाज़ निकालने लगीं, “आआ आआह हह… य्य्य्य य्य्य… उफ़्फ़्… कम ऑन बेबी, कम ऑन!”
बोलीं, “तुम्हारे भैया जी भी इतना नहीं ठोकते हैं जानेमन! तुमने तो मेरा पूरा दिन बना दिया है.”

वो बोलने लगीं, “तुम बस मुझे अपनी रंडी जैसा समझकर चोदो, क्योंकि तुम्हारी रंडी जो भी बनेगी, वो तुम्हारे लैंड की हर रोज़ मज़ा लेगी!”

फिर हम दोनों ने पूरी रात मस्ती की।
हम लोगों ने पूरी रात और पूरा दिन बिना कपड़ों के घूम रहे थे।
यहाँ तक कि हम लोगों ने खाना भी बिना कपड़ों के ही खाया था और शॉवर भी एक साथ ही लिया था!

भाभी बोलीं, “अब कल फिर से मुझे अपनी रंडी बनाकर चोदोगे ना मेरी जान?”
मैंने कहा, “जब भी आप बोलोगे तब!”

फिर क्या, भाभी और मैं, जब भी भैया नहीं होते घर पर, तो हम लोग मिलते हैं।

बस चोदना और चुदवाना शुरू हो जाता है।
ये थी मेरी और भाभी की कहानी

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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