मामी ने अपनी चुदास मुझसे मिटाने को बोला

horny mami fuck story

मेरा नाम कमलेश है। उम्र 23 साल, रायपुर का रहने वाला। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ,

वो मेरी जिंदगी की सबसे गर्म, सबसे गंदी और सबसे यादगार रातों में से एक है। मेरी अंकिता मामी… उफ्फ, उनका नाम लेते ही लंड में सिहरन दौड़ जाती है। Horny Mami Fuck Story

गोरा-चिट्टा रंग, भरे हुए गुलाबी होंठ जो हमेशा हल्के गीले-गीले से लगते हैं, 36 साइज की भरी-भरी चूचियाँ जो किसी भी ब्लाउज या सूट में कैद होने से इनकार करती हैं,

और कमर के नीचे वो गोल-मटोल, मुलायम गांड… देखते ही मन करता है कि अभी पकड़कर चोद डालूँ।

लेकिन वो मेरी मामी थीं— रिश्ते में माँ जैसी। फिर भी किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि सब कुछ बदल गया।

मेरे छोटे मामा दुबई में नौकरी करते हैं। साल में सिर्फ़ एक बार घर आ पाते हैं।

ग्रीन कार्ड न मिलने की वजह से वो मामी को साथ नहीं ले जा सकते। उनकी शादी को अभी सिर्फ़ चार-पाँच महीने ही हुए थे।

शादी के ठीक एक हफ्ते बाद मामा वापस दुबई चले गए थे। मामी अकेली रह गईं।

मैंने कई बार दूर से देखा था—उनकी आँखों में वो अधूरी चाहत, वो भूख जो चेहरे पर साफ़ झलकती थी।

वो मुस्कुरातीं तो भी लगता था जैसे अंदर से जल रही हों। कुछ महीने पहले मामा-मामी हमारे घर आए मिलने।

शाम को सबने खूब बातें कीं, हँसी-मजाक हुआ। रात को मामा अपने पुराने दोस्तों से मिलने निकल गए और मामी को हमारे घर पर ही छोड़ गए।

अगली सुबह सब आराम कर रहे थे, लेकिन दोपहर के करीब 2 बजे मैं लिविंग रूम में मोबाइल देख रहा था।

तभी मामी आईं। हल्का गुलाबी सूट पहने हुए, बाल खुले हुए, गर्दन पर पसीने की चमकदार बूँदें।

गर्मी की वजह से सूट हल्का सा चिपका हुआ था, जिससे उनकी चूचियों की आउटलाइन साफ़ दिख रही थी। वो मेरे बगल में बैठ गईं।

उनकी देह की हल्की साबुन वाली खुशबू मेरे नाक में घुस गई। मैंने नजरें नीचे कीं, लेकिन उनकी जाँघ मेरी जाँघ से छू गई।

मन में विचार आया, “ये गलत है कमलेश… वो तेरी मामी है।” फिर भी लंड में हल्की हलचल शुरू हो गई। बातों-बातों में माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा। “Horny Mami Fuck Story”

मैंने पूछा, “मामी, आजकल सब ठीक तो है ना?”

वो एक लंबी, गहरी साँस लेकर बोलीं, “क्या ठीक होना है कमलेश… तेरे मामा को मेरे लिए कभी टाइम ही नहीं मिलता। दिन भर काम, रात को थककर सो जाते हैं। और फिर कुछ दिन बाद वापस चले जाते हैं। मैं अकेली… ये घर, ये बिस्तर… सब सूना लगता है।”

उनकी आवाज़ में वो दर्द और वो अधूरी चाहत थी जो सीधे मेरे दिल में उतर गई।

मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, “मामी, आप इतनी खूबसूरत हो… कोई भी आपके लिए पूरा टाइम निकाल लेगा।”

वो हल्के से मुस्कुराईं, लेकिन आँखों में शरारत थी। “तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?”

“हाँ मामी,” मैंने मोबाइल दे दिया।

फोटो देखते-देखते उनकी नजर मेरी गैलरी में पड़ी ब्लू फिल्म पर गई। वो चुपके से प्ले कर दीं। स्क्रीन पर लड़की लंड चूस रही थी। मामी की साँसें तेज हो गईं।

वो फुसफुसाईं, “ये क्या देखता रहता है तू? सच-सच बता… अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कुछ किया है?”

मैं शरमा गया।

वो फिर बोलीं, बहुत धीमी और कामुक आवाज़ में, “शरमाने की कोई जरूरत नहीं मेरे राजा… मुझे सब कुछ बता सकते हो। मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगी।”

मैंने हिम्मत करके कहा, “करना तो बहुत चाहता हूँ मामी… लेकिन मौका कभी नहीं मिला।”

मामी की आँखें चमक उठीं। वो और करीब आईं, उनकी जाँघ अब मेरी जाँघ से पूरी तरह सटी हुई थी। “एक तू है जिसे चांस नहीं मिलता… और एक मैं हूँ जिसके पास चांस तो है, लेकिन कोई करता नहीं।”

उनकी बातों से साफ़ पता चल गया कि ये खुला न्योता था।

वो धीरे से मेरे कंधे पर हाथ रखकर बोलीं, “हम दोनों की जरूरत एक जैसी है कमलेश… क्यों ना हम एक-दूसरे की मदद करें?”

मैंने पूछा, “कैसे?”

वो मुस्कुराईं, “किसी को बताएगा तो नहीं ना?”

“नहीं मामी… कभी नहीं।”

तभी उन्होंने मेरे गाल पर एक गहरा, गीला चुम्बन दे दिया। उनके रसीले होंठ मेरे गाल पर रगड़े। मैं सिहर उठा।

वो फुसफुसाईं, “अब तू भी मुझे किस कर।”

मैंने उनके गाल पर किस किया।

वो हँसीं, “गाल पर नहीं… होंठों पर, मेरे राजा।”

मैं रुक गया। मन में हजार विचार दौड़ रहे थे— ये गलत है, रिश्ता, समाज… लेकिन उनकी आँखों में वो भूख, वो प्यास… मैं टूट गया।

मैंने उनके मुलायम, गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वो बड़े प्यार से मुझे चूमने लगीं। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी, जैसे सालों से भूखी हों।

एक हाथ से वो मेरी पीठ सहला रही थीं, दूसरा हाथ धीरे-धीरे मेरी जाँघ पर… फिर लंड पर।

पैंट के ऊपर से ही उसे मसलने लगीं। मेरा 7 इंच का लंड पत्थर की तरह सख्त हो चुका था। वो फुसफुसाईं, “उफ्फ… कितना मोटा और सख्त है तेरा… मामा का तो आधा भी नहीं।”

फिर वो बोलीं, “कोई ऐसी जगह जहाँ कोई न आए?”

मैंने कहा, “छत वाला बाथरूम… कोई यूज नहीं करता।”

हम चुपके से सीढ़ियाँ चढ़कर छत पर गए। सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त उनकी गांड मेरे सामने हिल रही थी।

मैंने हाथ बढ़ाकर हल्का सा दबाया। वो मुड़ीं और मुस्कुराईं। बाथरूम में घुसते ही दरवाजा बंद किया। मामी फिर से मुझे चूमने लगीं।

उनके होंठ मेरे होंठों पर, जीभ अंदर। मैंने उनके सूट के ऊपर से चूचियाँ दबानी शुरू कीं। वो सिसकारियाँ ले रही थीं—“आह… हल्के से कमलेश… दबा… और जोर से।”

मैंने उनका सूट ऊपर किया। ब्रा में कैद चूचियाँ बाहर आने को बेताब थीं। मैंने ब्रा नीचे खींची। गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे।

मैंने एक को मुँह में लिया, चूसने लगा। मामी के हाथ मेरे बालों में फँसे। वो कराह रही थीं, “हाँ… ऐसे ही… चूस मेरे बूब्स… सालों बाद किसी ने ऐसे छुआ है।”

फिर उन्होंने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड बाहर आया— प्री-कम से चमक रहा था। मामी ने उसे हाथ में लिया, ऊपर-नीचे किया।

“कितना खूबसूरत है तेरा लंड…” फिर झुककर जीभ से टिप चाटी। मैं सिहर उठा। वो धीरे-धीरे मुँह में लेने लगीं। गर्म मुँह, जीभ की हरकतें… मैं पागल हो रहा था। तभी नीचे से मामा की गाड़ी की आवाज आई।

मामी बोलीं, “आज चूत नहीं मिलेगी… लेकिन अपना सारा गाढ़ा रस मेरे मुँह में दे दे।”

मैंने उनके बाल पकड़े और जोर-जोर से मुँह में धक्के मारे। 2-3 मिनट में ही मैं झड़ गया।

वो सब पी गईं, फिर जीभ से साफ किया। दो दिन बाद मामा दुबई वापस चले गए। अगले दिन शाम को मामी ने फोन किया, “कल सुबह आ जाना कमलेश… मुझे तेरी बहुत ज्यादा जरूरत है।”

अगले दिन मैं सुबह उनके घर पहुँचा। दिन भर सबके साथ बातें कीं, हँसी-मजाक हुआ।

रात को खाने के बाद मामी ने चुपके से आँख मारकर कहा, “मैं कमरे का दरवाजा खुला रखूँगी। सब सो जाएँ तो आ जाना।” रात करीब 12 बजे जब घर में सन्नाटा छा गया, मैं चुपके से उनके कमरे में घुसा।

कमरे में हल्की नीली लाइट जल रही थी। टेबल पर वाइन की बोतल और दो ग्लास। मामी सेमी ट्रांसपेरेंट नाइट गाउन में खड़ी थीं।

ब्लैक ब्रा और पैंटी साफ़ दिख रही थीं। उनकी चूत की आउटलाइन… उफ्फ। वो मेरे पास आईं, गले लगीं। उनकी चूचियाँ मेरी छाती से दब गईं। हमने दो-दो पेग पीए। “Horny Mami Fuck Story”

वो बोलीं, “अपने लंड पर वाइन डाल… मैं चाटूँगी।”

मैंने लंड बाहर निकाला। वो ठंडी वाइन डाली। वाइन टपक रही थी। मामी घुटनों पर बैठीं, जीभ से चाटने लगीं। बॉल्स से लेकर टिप तक।

फिर बोलीं, “अब मेरी चूत पर डाल।”

मैंने उनकी पैंटी साइड की। उनकी चूत पहले से गीली थी। वाइन डाली। ठंडी वाइन और गर्म रस मिलकर बह रहा था।

मैंने जीभ लगाई। मामी सिहर उठीं, “आह… कमलेश… चाट… पूरी चाट ले… सालों से ये प्यास बुझी नहीं।” मैं चाटता रहा। उनकी चूत की महक, वाइन की खुशबू… सब कुछ मिलकर मुझे पागल कर रहा था।

फिर मामी ने मेरा लंड फिर से चूसा। चूस-चूसकर खड़ा कर दिया। मैंने उनके बूब्स के बीच लंड रखकर चोदा।

हर धक्के पर मेरा लंड उनके होंठ छूता। अब वो बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। बोलीं, “कमलेश… अब मत तड़पा… फाड़ दे मेरी चूत।

घुसेड़ अपना मोटा लंड अंदर तक। तेरे मामा ने कभी ऐसा नहीं किया। तू ही मेरा असली मर्द है… चोद मुझे रंडी की तरह!”

मैंने उनकी गांड के नीचे तकिया रखा। लंड की टिप चूत के होंठों पर रखी। जोर से धक्का मारा। आधा लंड अंदर।

मामी चीखीं, “आह्ह्ह… फट गई मेरी चूत!” मैं रुका नहीं। एक और जोरदार धक्का। पूरा लंड अंदर। खून निकलने लगा—गर्म, चिपचिपा। मामी दर्द से कराह रही थीं, लेकिन आँखों में मजा।

मैंने स्पीड बढ़ाई। जोर-जोर से धक्के। उनकी चूत टाइट थी, लेकिन गीली। हर धक्के में वो सिसकारियाँ—“हाँ… फाड़ दे… और जोर से… चोद मुझे!”

तकरीबन 45 मिनट तक मैंने उन्हें चोदा। बीच-बीच में स्पीड कम करके टीज किया, फिर जोर से।

वो तीन बार झड़ चुकी थीं—हर बार चूत से पानी निकलता, मेरे लंड पर बहता। आखिर में मैंने उनकी चूत में ही सारा गाढ़ा रस छोड़ दिया।

जैसे ही लंड बाहर निकाला, वो उसे मुँह में लेकर चाटने लगीं।

थोड़ी देर में लंड फिर खड़ा। मामी बोलीं, “अब मेरी गांड… चोद मेरी गांड कमलेश।” वो डॉगी स्टाइल में हो गईं। मैंने पहले ऑयल लगाया, उँगली से छेद खोला।

फिर लंड रखा। जोर से धक्का। टोपा अंदर। मामी चीखीं।

मैंने धीरे-धीरे पूरा घुसाया। उनकी गांड बहुत टाइट थी। मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू किया।

वो कराह रही थीं, “हाँ… फाड़ दे गांड भी… मैं तेरी रंडी हूँ आज से!” कुछ देर बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया।

हम सुबह करीब 5 बजे तक नंगे लिपटे रहे। उसके बाद कई बार मैंने उन्हें चोदा। उनकी प्यास बुझी, मेरी भी।

बाद में अंकिता मामी ने अपनी बहन और कुछ सहेलियों को भी मेरे साथ मिलवाया।

लेकिन वो पहली रात… वो खून… वो चीखें… वो कभी नहीं भूलूँगा।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

2 thoughts on “मामी ने अपनी चुदास मुझसे मिटाने को बोला”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top