gf chudai kahani
मेरा नाम आशीष है
मेरा नाम आशीष है, मेरी उम्र 27 साल है। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम सरोज है, उसकी उम्र 25 साल है। सरोज की बॉडी एकदम गोरा और गदराई हुई माल लगती है, उसकी फिगर 32, 30, 32 की है। उसकी गांड उठी हुई है, जब वह चलती है तो रोड पर लड़कों के लंड खड़े हो जाते हैं उसकी गांड को देखकर।
यह एक रियल चुदाई स्टोरी है। यह घटना तब घटी थी जब कोरोना की दूसरी लहर खत्म हो गई थी। यह कहानी शुरू करने से पहले यह बताना चाहता हूँ कि मुझे मजबूरी में सरोज को जवान लड़के से चुदवाना चाहता था, क्योंकि वो एक सील माल थी और हम सेक्स करते थे तो मेरा लंड बिना चूत में घुसे ही पानी छोड़ देता था। उसकी चूत भी टाइट थी तो मेरा लंड नहीं घुस पाता था। ऐसे करते-करते बिना चुदे 5 साल हो गए थे।
अब मुझे लगने लगा कि चूत की सील तोड़ना मेरी वश की बात नहीं। जब मैं सरोज से पूछता था कि अब क्या करें, तब वो बोलती थी कि अच्छे से इलाज कराओ। दोस्तों, मैंने बहुत इलाज कराया पर लंड ठीक नहीं हुआ, दोबारा सेक्स के समय चूत में घुसने से पहले ही पानी छोड़ देता था।
अब सरोज को मैं बोलने लगा कि अगर तेरी चूत की सील कोई खीरा या नकली रबड़ के लंड से तोड़ दूँ तो कैसा रहेगा? इस पर सरोज ने कहा कि नहीं, तोड़ना, ऐसे खीरा या कोई नकली लंड से उसने साफ-साफ मना कर दी।
वो बार-बार बोलती थी कि किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज कराओ तो ठीक हो जाएगा। दोस्तों, मैं क्या करता, मजबूरन मुझे महँगे-महँगे अस्पताल में डॉक्टर से दवाई लिखवानी पड़ी। लेकिन दवाई का भी कोई असर लंड में नहीं हुआ।
अंत में मैंने थक-हारकर सरोज से बोला कि अगर मेरा लंड तेरी चूत की सील नहीं तोड़ पा रहा है तो दूसरा लंड जुगाड़ करूँ क्या? तो इस पर उसने साफ-साफ मना कर दी, क्योंकि वो एक गाँव की संस्कारी लड़की थी, वो बिल्कुल ऐसा नहीं करना चाहती थी। ऐसे ही दिन बीतते जा रहे थे।
अब मैंने सेक्स करते टाइम उसे दूसरों से चुदवाने की बात बोलकर उसकी चूची और चूत को सहलाता था, जिससे वो गरम हो जाए। मैंने बहुत बार ऐसे करता रहा।
अब सरोज को भी ऐसी बात सुनकर मजा लगने लगा। अब वो दूसरों से चुदवाने वाली बात सुनकर हँसती थी। उसने पूछा कि क्या वाकई ऐसा संभव है? तो मैंने तुरंत जवाब दिया — हाँ।
सरोज — ये कैसे होगा?
मैं — ये तुम मेरे ऊपर छोड़ दो।
अब मैं समझ गया था कि वो रेडी हो गई है, लेकिन खुलकर नहीं बोल सकती है। वो बोलती थी कि पता नहीं, जो लड़का होगा वो कैसे करेगा बोलकर?
मैंने सरोज को बताया कि चुदाई करते समय तुम मेरे को सोचकर ही उससे चुद जाना, वहाँ मत सोचना कि दूसरा कोई चोद रहा है तुमको, तुम यह सोचकर चुदाना कि तुम्हें आशीष चोद रहा है।
इस पर वो बोली — ठीक है, लेकिन यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और वह लड़का भी बात को गुप्त रख सके। दोस्तों, वो रेडी तो हो गई थी, लेकिन किस लड़के से चुदवा दूँ, यह अभी भी मुसीबत बनी हुई थी।
ऐसे ही करते-करते एक महीना बीत गया। एक दिन पोर्न साइट में एक आईडी दिखी, उसमें वो लड़का रांची का ही पता दिया था। उसका लंड भी बहुत बड़ा था, लंड करीब 8 इंच का था।
मैंने उसके मोबाइल नंबर पर वाट्सअप मैसेज भेज दिया, सरोज के मोबाइल से ही। बाद में उस लड़के का रिप्लाई आया। उसका नाम भी आशीष था, वो 28 साल का बलवान शरीर वाला मर्द था।
मैंने सरोज को बोल दिया कि इस लड़के से बात करो। वो कॉल में बात करने लगा और वो लड़का अपने लंड का फोटो सरोज को भेज दिया। लंड देखकर सरोज हमें बोली कि लंड बहुत बड़ा है, यह लड़का तो हमें मार डालेगा।
इस पर मैंने उनको बताया कि मत डरो, कुछ नहीं होगा, तुम्हें भी मजा आएगा। अंदर ही अंदर वो भी चाह रही होगी कि उस लड़के से चुदवा लूँ, लेकिन वो खुलकर नहीं बोली।
अचानक 2 सप्ताह बात करने के बाद वो लड़का सरोज से बोला कि मैडम, आज मेरे घर में कोई नहीं है, सब टूर चले गए, तो क्या आप आज मिलोगी? तो सरोज ने हमें बताया कि वो लड़का मिलना चाह रहा है बोलकर। तो मैंने भी सरोज से बोला कि चल जाओ मिलने।
जैसे ही मैंने सरोज को अनुमति दी, वैसे ही सरोज उनसे मिलने जाने के लिए तैयार हो गई। उसने कुर्ती और लेगिंग्स पहन लीं और चेहरे पर थोड़ा बहुत मेकअप किया। वो ज्यादा मेकअप नहीं करती थी, लेकिन उस दिन उसने हल्का मेकअप किया था, क्योंकि वो गोरी लड़की है।
उस दिन करीब शाम के 4 बज रहे थे, वो लड़का उसे स्कूटी से लेने के लिए आया और उनकी वो आमने-सामने पहली मुलाकात थी, वो पहली बार एक-दूसरे को देख रहे थे। वो लड़का सरोज को अपने घर लेकर गया।
आगे सरोज की जुबानी —
उस लड़के ने मुझे स्कूटी पर बैठाया और अपने घर की ओर ले जाने लगा। मुझे डर भी लग रहा था, क्योंकि मैं कभी किसी अनजान के साथ पहली बार की मुलाकात में ही उसके घर जा रही थी।
स्कूटी में मैंने अनुभव किया कि वो लड़का बार-बार ब्रेक मार रहा था ताकि मेरा बूब्स उनसे टच हो जाए, लेकिन मैं स्कूटी के पीछे पकड़ी हुई थी। अंदर ही अंदर मेरी चूत गीली हो रही थी, क्योंकि आज मेरी सील टूटने वाली थी।
मैंने अपने बॉयफ्रेंड के चक्कर में यह कर रही थी, लेकिन मैं यह बात उस आशीष नाम के लड़के को नहीं बताई थी। उसे यह भी नहीं बताया था कि मैं सील लड़की हूँ।
शाम करीब 6 बजे मैं और वो लड़का उसके घर पहुँच गए। मैं जब स्कूटी से उतरी तो देखा, उसका लंड खड़ा था और पैंट के ऊपर तंबू बन गया था। उसने मुझे आते वक्त बताया कि उसे सेक्स किए हुए 3 महीने से ऊपर हो गया है, इसलिए वह सरोज से मिलना चाहता है। मतलब साफ था कि वो सेक्स का भूखा है।
अब आगे बताती हूँ। मैंने उसके घर में घुस गई और पेशाब लगी थी तो बाथरूम गई, तो वो लड़का भी मेरे साथ घुस गया और हमें पेशाब करते हुए देखने लगा। उसके बाद मैं बाहर निकल गई, फिर उसने मुझे डाइनिंग रूम में बैठा दिया और कुछ मिठाई खाने को दिया।
बॉयफ्रेंड ने बोला था कि एक बार चुदाई कराकर शाम तक लौट जाना, लेकिन वो लड़का शुरुआत ही नहीं कर रहा था और ठंड का समय था, फरवरी का महीना, इसलिए अंधेरा हो गया।
उसने मुझे बताया कि मैं रिकॉर्डिंग भी करता हूँ और अपनी पोर्न साइट पर वीडियो डालता हूँ, लेकिन केवल फेस की रिकॉर्डिंग नहीं करता हूँ।
उसने मुझे अपने बहुत सारी लड़कियों के साथ सेक्स किए हुए वीडियो दिखाए और वो दिखाते-दिखाते अपने मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू की और किस करने लगा। उसने मेरे होंठ चूसने लगा, फिर बूब्स को पकड़ने लगा।
मैं उसका विरोध कर रही थी, लेकिन वो इतना तगड़ा लड़का था कि मेरा विरोध काम नहीं आया। वो धीरे से मेरी कुर्ती उतार दिया, अब मैं केवल ब्रा और नीचे लेगिंग्स में थी। उसने फिर लेगिंग्स उतार दिया, अब ब्रा-पैंटी में रह गई।
अब किसिंग करते हुए उसने ब्रा के हुक खोल दिए, जिससे मेरा 32 साइज का बूब्स आजाद हो गया। मेरी सांस जोर-जोर से चल रही थी। वो लड़का मेरा बूब्स मुँह में चूसने लगा, मुझे अजीब और मजा आ रहा था। ऐसा करते-करते 15 मिनट हो गए थे। अंत में उसने मेरी पैंटी उतार दी और पैंटी सूंघने लगा, मानो चूत की महक का दीवाना हो।
अब वो खुद नंगा हुआ। जैसे ही उसने अपनी चड्डी उतारी, उसका 8 इंच का लंड फनफनाने लगा। उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया और आगे-पीछे करने को बोला।
दोस्तों, पहली बार आज इतना बड़ा लंड अपने हाथों से छू रही थी। उसने मेरी बहुत तारीफ की, क्योंकि मैं गोरी थी और वो लड़का काला था, इसलिए लंड भी काला था। मैं लंड नहीं चूसना चाह रही थी, लेकिन उस लड़के ने मुझे जबरदस्ती चुसवा दिया।
2 मिनट चूसने के बाद उसने मेरी चूत को अपने मुँह से चाटना शुरू किया तो मुझे बहुत मजा आ रहा था, जैसे सबसे बड़ा मजा यही हो। उसके सिर को मैं अपनी चूत में दबा रही थी और अपनी जीभ अंदर घुसा रही थी, साथ में हाथ से मेरे बूब्स को जोर-जोर से मसल रहा था। यह मेरा पहला अनुभव था।
उसके बाद उसने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरे पैर फैला दिए। उसको मैंने पहले ही बताया था कि कंडोम लगाकर करना है, जो मेरे बॉयफ्रेंड ने ही मुझे बोला था। तो उस लड़के ने कंडोम लगाया और मेरी चूत के छेद पर रगड़ने लगा, तो मुझे बहुत मजा आ रहा था।
उसके बाद उसने चूत में धीरे से 2 इंच लंड अंदर घुसाया तो मुझे दर्द हुआ। वो रुका और मेरे बूब्स को मसलने लगा। मैं छटपटा रही थी और लंड निकलने को बोल रही थी, लेकिन उसने बात को अनसुना करते हुए मेरे मुँह पर अपना मुँह रखकर किस करते हुए जोरदार धक्का मारा तो उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया।
मैं बहुत जोर से चिल्लाई और आँख से आँसू आ गए — ओई माँ, मर गई रे, ऊँ, उउउ, मर गई रे।
वो लड़का रुका और देखा तो ब्लड निकल रहा था, लेकिन उसका लंड अंदर ही था। उसने मुझे जोर-जोर से किस किया और बूब्स को दबाया और अब वो लंड को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा, तो थोड़ा दर्द कम हुआ।
अब उसने धीरे-धीरे चुदाई की स्पीड बढ़ा दी तो मेरा मजा दुगुना बढ़ गया। क्या बताऊँ दोस्तों, मजा को मुँह से बयां नहीं कर सकती।
रूम में झटकों की आवाज और मेरी सिसकारी की आवाज आ रही थी। वो लड़का बहुत जोर-जोर से चोद रहा था, मानो उसे ऐसी गोरी लड़की कभी न मिली हो। रूम में थप-थप-थप की आवाज गूंज रही थी, भूखे शेर की तरह मुझे चोद रहा था, साथ में रिकॉर्डिंग भी कर रहा था।
20 मिनट चुदाई के बाद मैं तो झड़ गई, लेकिन वो लड़का फिर भी चोदे जा रहा था, उसी से उसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो कितना स्टेमिना से भरा मर्द था। 30 मिनट लगातार चुदाई के बाद उसने कंडोम निकाला और मेरे बूब्स पर अपना वीर्य निकाल दिया। वीर्य भी बहुत निकला, लगता है उसने मेरे लिए ही बचाकर रखा था।
अब दोनों बाथरूम गए और शरीर धोया और तौलिये से शरीर पोंछ लिया। अब घड़ी देखी तो 9:00 PM हो गए थे, तो मेरे बॉयफ्रेंड की बात याद आई कि उसने मुझे बोला था कि एक बार सील टूटने के बाद अपने रूम लौट जाऊँ, लेकिन अब लौटना संभव नहीं था, क्योंकि रांची से लड़के का घर 30 किलोमीटर की दूरी पर है और गाँव के जंगल के सुनसान इलाके में है। मोबाइल देखा तो मेरे बॉयफ्रेंड के 10 मिस्ड कॉल थे, जिन्हें मैंने चुदाई के समय रिसीव नहीं कर सकी।
अब मैंने बॉयफ्रेंड को SMS में बता दिया कि बहुत दूर लाया है वो लड़का तो लौटना संभव नहीं है। तो मेरे बॉयफ्रेंड ने बोला कि सील टूटा या नहीं? तो मैंने उसे SMS करके बता दिया कि टूट गया।
तो बॉयफ्रेंड ने बोला कि अब दोबारा मत देना सेक्स करने के लिए। तो मैंने ओके बोलकर मोबाइल रख दिया।
अब तक हम दोनों नंगा ही थे और नंगा ही खाना खाया। उस लड़के ने मेरा सारा कपड़ा, जिसमें पैंटी, ब्रा, कुर्ती और लेगिंग्स थे, छिपा दिया था। दोस्तों, मैं क्या करती, मज़बूरी में नंगा ही उसके घर में थी।
रात को दोनों एक ही बेड पर लेट गए। मैं सोने वाली थी कि वो लड़का दोबारा मेरे ऊपर टूट पड़ा। उसने बोला कि जब तक तू यहाँ है, तब तक मुझसे चुदना होगा, नहीं तो कल भी नहीं जाने दूँगा।
अब क्या करती, मैं भी उसकी बात के अनुसार न चाहते हुए रेडी हो गई और उसने मुझे सुबह तक 6 ट्रिप चोदा, अलग-अलग स्टाइल में और बिना कंडोम के, और मेरी चूत के अंदर ही झड़ गया।
सुबह उठकर नहाकर धोकर मैंने उनसे कपड़ा मांगा तो दोबारा उसने 20 मिनट जमकर चोदा और मेरी चूत में ही झड़ गया और मुझे दोबारा चूत की सफाई करनी पड़ी और मैं कपड़ा पहनकर निकल गई।
वो लड़का मुझे अपने शहर के रूम तक छोड़ दिया। मुझे बहुत दर्द हो रहा था चलने में और बूब्स में भी दर्द हो रहा था, क्योंकि उसने बाइट किया था। आकर मैंने अपने बॉयफ्रेंड को बुलाया और प्रेगनेंसी रोकने की दवाई लाने को बोला, खा गई और सो गई।
अंत में दोस्तों, सरोज की चुदाई एक बार की जगह 7 ट्रिप हो गई, चूत अब फट चुकी है। उम्मीद है यह रियल स्टोरी बहुत मजा आया होगा आप सबको। अगली स्टोरी बहुत जल्द लिखूंगा।
धन्यवाद।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।