first gay sex story
फर्स्ट गे सेक्स स्टोरी में एक ऐप में विज्ञापन से मेरी मुलाक़ात एक लड़के से हुई जो मुझे लंड चुसवाना चाहता था. मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं किया था.
दोस्तो, मेरा नाम आर्यन है और मैं दिल्ली में रहता हूँ.
मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ता हूँ और अभी केवल 23 साल का हूँ.
मेरा रंग गोरा है और मैं एक सुंदर लड़का हूँ.
मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है.
आज मैं आप सबको अपनी जिंदगी की एक वास्तविक गे सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ.
यह कोई कहानी नहीं है, मैं यहां अपने साथ घटी 100% वास्तविक घटना साझा कर रहा हूँ इस फर्स्ट गे सेक्स स्टोरी में.
पहले मैं काफी एब्स वाला था, पर अब हल्का सा फैट गेन कर लिया है, जिसकी वजह से मेरा सीना किसी लड़की के ब्रेस्ट जैसे लगने लगा है.
एक दिन मैं बहुत रोमांटिक वाला अहसास महसूस कर रहा था, तो मैंने सेक्स स्टोरीज़ पढ़ना शुरू कर दी.
उसी में मुझे एक ऐप के बारे में पता चला. वो एक ऐसा ऐप है जहां आप अपनी किसी भी जरूरत को लेकर ऐड डाल सकते हैं.
फिर चाहे वह सेक्स की पेशकश ही क्यों न हो.
उधर मैंने अपनी प्रोफाइल बनाई और ऐड भी डाल दिया कि मुझे एक लड़की चाहिए, जिसको मैं अपने 6 इंच के लंड से खूब चोद सकूँ.
मुझे कई लोगों के संदेश आए, लेकिन ज्यादातर लड़के ही थे.
मैं बहुत रोमांस वाले मूड का बंदा हूँ तो उस दिन मुझे पता नहीं क्या सूझा कि मैंने ऐड को एडिट करके उसमें लड़की चोदने की जगह यह लिख दिया कि मुझे किसी का लंड चूसना है और इसके लिए मुझे एक ऐसा लड़का चाहिए, जो मेरे मुँह को खूब चोदे और अपना सारा कम मेरे मुँह में डाल दे. साथ ही वह अपना लंड मेरे मुँह में रखकर रात को सो भी जाए!
अब चूंकि मुझे कोई लड़की नहीं मिली थी, इसलिए मैंने लड़के के लिए ही लिख दिया.
लंड चुसवाने के लिए काफी सारे जवाब आने लगे और मैंने उनमें से कुछेक के साथ भी बात कर ली.
बात करने के बाद मुझे डर भी लगा था, लेकिन उन जबावों में कई सारे लोगों ने अपने खड़े मोटे मोटे लंड के फ़ोटो भेजे थे और उन्हें देख कर मैं बहुत ज्यादा हॉर्नी हो गया था.
फिर एक लड़के ने बताया कि उसका लंड 8 इंच का है और यह आधा घंटा तक नहीं झड़ता है.
उसकी बात से मैं काफी इंप्रेस हो गया.
उसने अपने लौड़े की फोटो भी भेजी थी.
उसके लंड की फोटो देखकर तो मैं पागल ही हो गया था और मेरा मन करने लगा था कि बस इसी का लंड अभी के अभी अपने मुँह में ले लूँ.
हम दोनों ने बात करना शुरू कर दी.
काफी समय तक बात करने के बाद हम दोनों ने प्लान बनाया कि वह मुझे ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन से पिक करेगा.
उस दिन मैं अच्छे से तैयार हुआ.
मैंने सफेद टी-शर्ट पहनी और काला शॉर्ट्स डाला.
ऊपर से मैंने एक लोअर पहन लिया था.
मुझे सॉक्स फेटिश भी है और मोजे मुझे बहुत रोमांटिक वाला बना देते हैं इसलिए मैंने सफेद रंग वाले छोटे मोजे पहन लिए.
फिर मैं मालवीय नगर से मेट्रो पकड़कर ग्रीन पार्क जाने लगा.
रास्ते में मुझे बहुत डर भी लग रहा था और उत्तेजना भी थी.
ग्रीन पार्क मेट्रो पहुंचकर मैंने उसे एप पर मैसेज किया कि मैं इंतज़ार कर रहा हूँ.
तभी उसने कहा- अपनी दाहिनी ओर देखो.
मैं मुड़ा तो वहां एक सफेद कार खड़ी थी.
उसने मुझे इशारा करके पास बुलाया.
मैं उस कार के नजदीक गया और उसे देख कर मैं कार के अन्दर जाकर बैठ गया.
मेरा दिल बहुत तेज धड़क रहा था.
उसने अपना नाम रोहन बताया.
वह लगभग 32 साल का था.
उसने मुझे खूबसूरत दिखने पर बधाई दी और पानी भी दिया.
फिर उसने मुझसे पूछा- तुम इतने चुप क्यों हो?
मैंने कहा- मैं नर्वस हूँ. ये मेरा पहली बार है.
फिर उसने जो किया, मेरे होश उड़ गए.
उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी अंडरवियर के ऊपर रख दिया. फिर उसने मुझसे अपने लंड को रगड़ने को कहा.
मैंने धीरे से उसका लंड सहलाया, तो उसने अपनी टांगें कुछ ज्यादा ही खोल दीं.
मैंने भी अपने हाथ को बदस्तूर उसके लौड़े पर चलने दिया.
वह मस्ती से गाड़ी चलाता रहा.
वह सर्दी की रात थी, समय 11 बज रहे होंगे. उस वक्त सड़क पर ट्रैफिक भी नाम मात्र का था.
कुछ देर बाद उसने मेरी गर्दन पकड़ी और अपने अंडरवियर पर मेरे मुँह को लगा दिया.
मेरे मुँह को उसके नंगे लौड़े का अहसास हुआ तो मैं समझ गया कि इसने अपने लंड को बाहर निकाल लिया है.
उसके लंड के रस की मधुर महक मिल रही थी, तो मैंने जीभ निकाल दी.
उसी समय मेरी नजर सामने शीशे पर गई तो सड़क पर कुछ नहीं दिख रहा था.
गाड़ी स्लो स्पीड में चल रही थी और कार में अन्दर अंधेरा था.
मैंने अंडरवियर की जिप को कायदे से खोला और उसके लंड को थोड़ा ज्यादा सा बाहर निकाल कर उसे मुँह में भर लिया.
अब मैंने उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया.
उस वक्त कुछ लंड ही मेरे मुँह में जा रहा था.
कुछ देर बाद उसने खुद ही अपने अंडरवियर नीचे करके अपना समूचा लंड मेरे मुँह में डाल दिया.
उसका लंड बहुत बड़ा था, लौड़े की मोटाई से मेरे मुँह में जगह नहीं बची थी तो हल्का हल्का दर्द होने लगा था.
उसने लौड़े को मेरे मुँह में अन्दर तक ठेल कर मेरे सर को लौड़े पर दबा दिया, लंड ने गले में तककर मारी तो मेरे होश उड़ गए.
मेरे मन में बस यही चल रहा था कि मैं एक सीधा लड़का था और आज मेरे मुँह में लंड कैसे घुस गया है!
उधर वह मस्ती से अपनी गांड उठा कर मेरे मुँह को चोदने लगा और मुझे गालियां देने लगा ‘आह चूस कुतिया … मस्त मजा दे रही है मादरचोद!’
वह उस वक्त थोड़ा हिंसक सा होने लगा तो मैं कुछ नहीं बोला, बस चुपचाप उसका लंड चूसता रहा.
मैंने उसका लंड करीब 30 मिनट तक चूसा, लेकिन वह अभी तक नहीं झड़ा था.
बार बार झुक-झुक कर लंड चूसने के कारण मेरी कमर और गर्दन दर्द करने लगी थी.
फिर मैंने मुँह उठाया तो मेरा चेहरा पूरा गीला हो रखा था और मेरे चेहरे से एक अलग गंध भी आ रही थी.
मैंने बाहर झांक कर देखा तो हम द्वारका के किनारे राजमार्ग पर आ गए थे.
वहां काफी सन्नाटा था.
वह गाड़ी चलाता जा रहा था.
कुछ देर बाद उसने बोला कि वह मुझे चोदना चाहता है लेकिन एप्प पर मेरी बात सिर्फ ब्लोजॉब तक हुई थी.
मैंने गांड मरवाने के लिए ना कहा.
वह जिद करने लगा.
मैंने कहा- मैं सीधा सादा लड़का हूँ. आज मैंने जो किया वह एक भूल और जिज्ञासा बस हो गया है. पर जो आप अब कर रहे हो, उसे मैं नहीं मानने वाला!
उसने अपने फोन पर मेरे फोटो दिखाए तो मुझे डर लग गया कि पता नहीं कब क्लिक कर लिए थे.
मैं गिड़गिड़ाने लगा- कृपया मुझे जाने दो.
वह नहीं माना.
उसने मुझे मेरा एप्प वाला ऐड दिखाया, जहां मैंने जोश में पता नहीं क्या लिख दिया था.
मैंने लिखा था कि कोई मुझे सॉक्स में ही अपनी रंडी बना कर चोदे और अपना सारा कम मेरे अन्दर छोड़ दे.
दस मिनट के बाद हम दोनों द्वारका में कहीं पहुंच गए थे, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि हम लोग कहां आ गए थे.
वहां सिर्फ पेड़ ही पेड़ थे और पूरा अंधेरा था. दूर तक कुछ नहीं दिख रहा था.
ऐसी जगह में वह मुझे नुकसान भी पहुंचा देता तो किसी को पता नहीं चलता.
उसने मुझे आगे वाली सीट पर नंगा किया और कार से उतरने को बोला.
मैं सिर्फ मोजे पहने हुए था.
मैं उतरा और उसने मुझे पीछे वाली सीट पर लेटने को कहा.
मैंने वैसा ही किया.
वह अपने कपड़े उतारकर सिर्फ केल्विन क्लेन की अंडरवियर में मेरे पीछे आया और काफी डोमिनेंट तरीके से मेरी गांड उठाकर ऊपर जीभ से चाटने लगा.
मैं सहम गया लेकिन मुझे मजा भी आ रहा था.
कुछ देर बाद वह मेरे मुँह पर बैठ गया और मेरा मुँह अपने टट्टों पर लगा दिया.
वह ऐसे ही बैठा रहा, अपने टट्टों को चुसवाने की नियत से वह मेरे मुँह को अपनी टांगों में घुसेड़ रहा था.
मैंने उसके टट्टे चूसने चालू कर दिए. झांट के बाल मेरे मुँह में आ रहे थे मगर अच्छा लग रहा था.
मैं उसके टट्टे की गोली को कैंडी की गोली समझ कर चूस रहा था और वह आह आह करके मेरे सर को दबा रहा था.
पूरी कार हम दोनों की कामुक आवाजें गूंज रही थीं.
मेरा मुँह भी दर्द कर रहा था लेकिन वह ऐसे ही चुसवाता रहा था.
फिर उसने मेरे मुँह में लंड डाला और बैठ गया.
मैं समझ ही नहीं पाया कि यह क्या करना चाह रहा है.
तभी उसने अपने चूतड़ों को जोर जोर से पटकना चालू किया और अपने लौड़े का सारा माल मेरे गले में उड़ेल दिया, जो सीधा मेरे पेट में चला गया.
वह हटा तो मैं हांफते हांफते उठा.
वह आगे की सीट पर चला गया. उधर से उसने एक लुब्रिकेन्ट की बोतल निकाली और वापस पीछे आ गया.
अब उसने मुझे लिटाया, मेरे दोनों पैरों को उठाकर मेरे पेट से चिपका दिया.
फिर उस लुब्रिकेन्ट को मेरी गांड के छेद पर लगा कर उंगली से गांड को ढीला व चिकना किया.
मैं अच्छा महसूस करने लगा था.
फिर उसने जोर से मेरे हाथ पकड़ लिए और अपने लंड के टोपे को मेरी गांड में घुसाया, जिससे मुझे थोड़ा दर्द हुआ.
उसके लंड का सुपारा मेरी गांड के छल्ले को फैलाते हुए अन्दर घुस गया था. गांड चिरने सी लगी थी तो मैं दर्द से तड़फ उठा था.
अचानक से उसने पूरी शक्ति से अपना पूरा 8 इंच का लंड मेरी गांड में घुसा दिया.
आह … मेरी तो जैसे आत्मा शरीर छोड कर निकल गई हो, मैं चीख उठा.
उसने झट से अपनी अंडरवियर मेरे मुँह में ठूँस दी और ऊपर से अपने हाथ से मुँह को दबा दिया था, ताकि मेरी चीख ज्यादा बाहर न जाए.
कुछ देर बाद उसने आगे-पीछे करना शुरू किया और चोदना शुरू कर दिया.
पूरी गाड़ी में बस मेरी ‘आह आह’ की आवाजें गूंज रही थीं.
वह मुझे तकरीबन 40 मिनट तक बेहरमी से चोदता रहा, फिर पूरी ताकत से लंड अन्दर डालकर झड़ गया.
मुझे लगा जैसे मेरे पेट में गर्म-गर्म तरल भर गया हो.
उसके बाद वह मेरी गांड से लंड निकाल कर उतर कर हट गया और आगे जाकर बैठ गया.
मैं पीछे लेटा रहा.
मेरी गांड परपरा रही थी.
गांड का मुँह काफी बड़ा खुल गया था और हवा सी निकल रही थी.
कुछ देर बाद उसने मुझे उठाया और कपड़े पहनने को कहा.
मैंने कपड़े पहने.
उसने मुझे कुछ ₹ दिए और जनकपुरी के पास उतार कर चला गया.
रात के करीब 2 बज रहे थे.
मैंने घर के लिए एक कैब की बुकिंग कर ली.
अगले दिन मुझे सब कुछ बहुत अजीब सा लग रहा था.
मेरी गांड से उसका कम निकल रहा था.
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर मैं कैसे एक अजनबी लड़के से गांड मरवा कर आ गया.
उसका माल अभी भी मेरे अन्दर था और रह रह कर टपक रहा था.
फिर मैंने उसके दिए हुए ₹ देखे और यकीन हो गया कि मैं सच में रात में रंडी बन कर आया था.
वह वाकिया सोच सोच कर मुझे खुद पर बहुत शर्म आती है जब मैंने पहली बार गांड में लिया लंड.
आज भी लगता है कि मेरे अन्दर उसका कम भरा है, जिसकी मुझे सही से याद भी नहीं है.
दोस्तो, मुझे आशा है कि आपको मेरी यह वास्तविक फर्स्ट गे सेक्स स्टोरी अच्छी लगी होगी.
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।