स्कूल के दोस्त से गांड मरवाकर गांडू बन गया

school friend sex kahani

स्कूल फ्रेंड सेक्स कहानी में मेरा स्कूल का दोस्त अच्छी बॉडी का था जबकि मैं थोड़ा चिकना सा हूँ. पढ़ाई के बाद हमें एक साथ जॉब ली और एक साथ रहने लगे.

दोस्तो, यह गे सेक्स कहानी एक बॉटम राहुल की उस वक्त की है जब उसका टॉप दोस्त विदेश चला गया.
फिर उसने ट्रक में सफर करके ड्राइवर से गांड चुदाई का आनन्द लिया.

राहुल ने अपनी जीवन की स्कूल फ्रेंड सेक्स कहानी मुझे भेजी.
मैं उसकी स्कूल सेक्स कहानी को सम्पादित करके और उसे थोड़ा और सेक्सी करके आपके लिए लिख रहा हूँ.

राहुल की स्कूल फ्रेंड सेक्स कहानी उसी की जुबानी सुनें.

दोस्तो, मैं जब स्कूल में था उस समय मेरी दोस्ती मदन से हुई थी.
स्कूल के बाद हम दोनों कॉलेज में साथ पढ़े.

मैं गेहुंए रंगत का भरे शरीर का था.
बचपन में सब लोग मुझे सुन्दर बालक कहते थे, मैं आइने में खुद को देखता और सज संवरकर रहता.
बड़ा होकर भी सजने की आदत बकरार रही, मैं क्लीन शेव रहता हूँ.

मदन सांवला था व मुझसे लम्बा था.

हम दोनों साधारण परिवार से थे.

ग्रेजुएशन के बाद हम दोनों ने दूसरे शहर के बड़े कॉलेज में एमबीए में एडमिशन लिया और एजुकेशन लोन लेकर हम हॉस्टल में रह कर सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने लगे.
एमबीए पूरा करने के बाद हम दोनों को उसी शहर में नौकरी मिल गई.

हम दोनों ने एक बेडरूम का फ्लैट किराए पर ले लिया और साथ में रहने लगे.
हम लोग ज्यादा से ज्यादा बचत करते और अपना लोन चुकाते.

उस समय हमारी उम्र 23 साल थी.
उम्र का तकाजा था, जिस वजह से सेक्स की तलब होने लगी थी.

सहकर्मी गण अपनी गर्लफ्रेंड्स पर खर्च करते थे लेकिन हमें गर्लफ्रेंड पर खर्चा करना ठीक नहीं लगा.
हम दोनों लड़कियों से दूर ही रहते.

अपनी वासना की आग को शांत करने के लिए हम लोग लैपटॉप पर सेक्स वीडियो देखते, फिर बाथरूम में जाकर मुठ मारकर सो जाते.
जब मैं सेक्स वीडियो देखता, तो मुझे लगता मैं उसमें दिखाई जा रही लड़की हूँ.

हम दोनों हिंदी सेक्स कहानियां भी पढ़ते थे.
ऐसी मस्त सेक्स कहानियां अंतरवासना 3 पर पढ़ने को मिलती थीं जिन्हें पढ़ कर हम दोनों को बड़ी आत्मतृप्ति मिलती थी.

एक रात हम दोनों बिना चड्डी पहने सिर्फ लुंगी पहन कर पास-पास बैठकर सेक्स वीडियो देख रहे थे.

उस दिन न जाने मुझे क्या हुआ, मैंने मदन का खड़ा लंड, जो उसकी लुंगी में तम्बू बना था … पकड़ लिया.
मदन ने मेरा हाथ हटाकर लुंगी ऊपर की और मुझे अपना लंड फिर से पकड़ा दिया.

मुझे बहुत अच्छा लगा, मदन ने मेरे होंठ चूम लिए.

फिर मदन ने गे सेक्स वीडियो लगा दिया.

इस वीडियो में दिखाया जा रहा था कि एक टॉप लड़का अपने बॉटम दोस्त की गांड पहली बार मारने के लिए उसे तैयार कर रहा है.
हम दोनों वीडियो की नक़ल करने लगे.

हम दोनों अपने अपने कपड़े उतार कर नंगे हो गए और एक दूसरे को चूमने लगे.
मदन मेरे पुरुष चूचे दबाने लगा, निप्पल मरोड़ने लगा, मैं आनन्द से सिसकारियां लेने लगा.

मदन ने मुझे पेट के बल लेटकर अपने कूल्हे हाथ से फैलाकर छेद से दूर करने कहा.
मैं हो गया.

फिर मदन ने अपनी एक उंगली में तेल लगाया और मेरी गांड में डालकर अन्दर बाहर करने लगा तो मैंने गांड ढीली छोड़ दी, मुझे मजा आ रहा था.

फिर मदन ने दो उंगलियां एक साथ मेरी गांड में डालीं, तो मुझे थोड़ा दर्द हुआ.

मैंने गांड कस ली, उससे छेद टाइट हो गया.
मदन ने मेरे कूल्हे सहला कर कहा- गांड ढीली छोड़ो!

मैंने गांड ढीली छोड़ी, तो उसने उंगलियां अन्दर कर दीं.

कुछ देर के दर्द के बाद मदन की दोनों उंगलियां आसानी से मेरी गांड में अन्दर जाने आने लगीं.

अब मदन ने अपने लंड पर तेल लगाकर कहा- तुम्हारी गांड अब ढीली हो गई है, मैं लंड गांड में डाल रहा हूँ. तुम्हें पहले थोड़ा दर्द होगा, फिर मजा ही मजा आएगा.
मैं हां में सर हिला कर राजी हो गया.

मदन ने अपना लंड मेरी गांड में पेल दिया और मेरे ऊपर लेट गया.
उसके लंड घुसने से मुझे तेज दर्द हुआ.

मैं आ आ करके कराह उठा.
मैंने कहा- आह दर्द हो रहा है मदन. प्लीज अपना लंड निकालो, आह बहुत दर्द हो रहा है.
मगर मदन ने लंड नहीं निकाला.

वह मेरी गर्दन, कान के पीछे और गाल चूमने लगा.

मदन का लंड करीब पांच इंच लम्बा था, पर उसका लंड ज्यादा मोटा नहीं था.

थोड़ी देर में लंड ने मेरी गांड में जगह बना ली, तो मेरी गांड का दर्द कम हो गया.

मैंने मदन को बताया.
अब मदन धीरे धीरे अपनी कमर को आगे पीछे करके मेरी गांड मारने लगा.
मुझे भी अब दर्द कम हो रहा था और मजा ज्यादा आने लगा था.

मैंने समर्पण में अपने पैर फैला दिए और गांड मरवाने का मजा लेने लगा.
करीब दस मिनट बाद मदन ने मेरी गांड अपने वीर्य से भर दी.

उसका वीर्य गांड में भर जाने से मुझे सुखद अहसास हुआ, ऐसा लगा जैसे तपती धरती पर बारिश हो गई हो.

मेरा लंड खड़ा था, मुझे भी अपने लौड़े की मुठ मारने का जी कर रहा था.

मैंने उसे बताया तो मदन मेरे ऊपर से उतर गया.
अब उसने मुझे चित लिटाया और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मुठ मारने लगा.

मैं जोश से भर गया और मैंने रस झाड़ दिया.

इस तरह से मेरे साथी ने मुझे ठंडा कर दिया था.
हम दोनों ही संतुष्ट हो गए थे.

मैं बाथरूम से फ्रेश होकर आया, मदन भी अपना लंड साबुन से धोकर आया.
हम दोनों ने एक दूसरे से पूछा तो मैंने उसको बताया कि मुझे गांड मरवाने में और मुठ मरवाने में बहुत मजा आया.

मैंने उससे पूछा- तुम मुझे कब से चोदना चाहते थे?
तो मदन बोला- जब मैं बाथरूम से नहाकर गमछा लपेट कर बाहर आता था, तब मैंने ध्यान दिया था कि तुम मेरे फूले हुए लंड को ध्यान से देखते थे. मुझे उसी वक्त समझ आ गया था कि तुम बॉटम गे हो.

मैं उसे मुस्कुरा कर देखने लगा.

मदन आगे बोला- फिर मैंने गांड मारने के बारे में पढ़ा और पहली बार गांड मारने का वीडियो डाउनलोड किया. जब तुमने मेरा लंड पकड़ा, मैंने वह गे वीडियो लगा दिया.
हम दोनों हंसने लगे.

मेरी गांड में हल्का दर्द और जलन हो रही थी, पर गांड खाली खाली लग रही थी.
मदन ने उंगली में बोरोलीन लेकर मेरी गांड में लगाई तो कुछ देर बाद गांड का दर्द जाता रहा.

दूसरे दिन शाम को घर आकर हम फ्रेश हुए और नंगे होकर चूमा-चाटी करने लगे.
मदन ने मेरे चूचे दबाए और चूसे.

मैं उत्तेजित हो गया.

मदन ने अपने खड़े लंड की तरफ इशारा कर कहा- डार्लिंग मैं अपने लौड़े को अच्छे से धोकर आया हूँ, चूसोगी?
जैसे ही मदन ने मुझसे ‘चूसोगी’ कह कर मुझे लड़की समझते हुए कहा तो मैं अन्दर से जोश से भर गई और खुद को मदन की रखैल समझने लगी.

मैं उसकी तरफ से ऐसे ही किसी उद्बोधन का इंतजार कर रहा था इसलिए तुरंत मुस्कुरा कर उसे देखा.

सुबह मैंने ऑफिस के बाथरूम में एक गे सेक्स वीडियो देखा था, उसमें लंड की चुसाई देख कर मेरा मन बन गया था कि मैं शाम को अपने पति मदन का लंड चूसूंगी.
मदन ने इशारा किया- आ जा.

मैं झट से फर्श पर तकिया रखकर घुटनों पर खड़ी हो गई और मदन के लंड को कुल्फी की तरह चूसने लगी.
कुछ देर बाद मदन ने मुझसे लेटने को कहा.

मैं मिसनरी पोजीशन में कमर के नीचे तकिया लगाकर अपने पैर छाती की तरफ कर लेट गया.
मदन लंड पर तेल लगाकर गांड मारने लगा.

इस पोजीशन में हमारे चेहरे आमने सामने थे.
मैं आह आह करते हुए बोलने लगा- सच में आज बड़ा मजा आ रहा है.

मदन इत्मीनान से मेरी गांड मार रहा था.

फिर मैं घोड़ी बनकर पलंग के किनारे खड़ा हुआ, तो मदन पीछे से मेरी गांड मारने लगा था.

वह मेरी गांड चुदाई के साथ साथ मेरे कूल्हों पर चांटे भी मार रहा था.
उसके चांटों से मुझे और जोश आने लगा.
मैं अपना लंड बिना छुए ही झड़ गया.

करीब बीस मिनट गांड चोदने के बाद मदन मेरी गांड में ही झड़ गया.

अब मैंने अपने पूरे बदन की वैक्सिंग करा ली, क्रीम लगाकर बदन को चमका लिया.
मेरी मांसल चिकनी जांघें, चिकना बदन, गोल चिकने कूल्हे और भरे बदन पर नवयौवना जैसे चूचे किसी लड़की से कम नहीं थे.

हम दोनों ने बाथरूम बेडरूम किचन ड्राइंगरूम में अलग अलग तरीके से यौन आनन्द लिया.
जब मैं मदन के लंड की सवारी करता, उस वक्त मैं झुक कर मदन को अपने चूचे चूसने देता.

मेरा मुँह चोदते समय मदन यदि मेरे मुँह में झड़ जाता, तो मैं ख़ुशी से वीर्य पी लेता.

मैंने बीडीएसएम वीडियो में चाबुक देखकर, एक चमड़े के बेल्ट से पतली पट्टियां काट लीं, जो करीब 2 मिली मीटर चौड़ी और एक फुट लम्बी थीं.
उन पट्टियों के एक सिरे को आपस में बांधकर चाबुक का हैंडल बना लिया.

पट्टियों को तेल में भिगो कर लचीला बनाया.
मैंने वह वीडियो मदन को दिखाया, चाबुक मदन को दिया.

मदन नंगा पलंग पर बैठा, मैं नंगा फर्श पर खड़ा होकर पलंग पर हाथ रखकर मदन का लंड चाटने लगा.

मदन ने धीरे से चाबुक मेरे कूल्हे पर मारकर कहा- लंड चूस दासी!
मैं उसके लंड की टोपी चूसने लगा.

मदन ने फिर चाबुक मारकर कहा- गले तक लेकर चूस!
मैं लंड गले तक लेने लगा.

कुछ देर बाद मदन मुझे हटाकर खड़ा हो गया.

मदन ने मुझे फर्श पर खड़े होकर पलंग पर हाथ रखकर कुतिया बनने को कहा.
मैं कुतिया बन गया, तो उसने मेरे कूल्हों पर चाबुक मारकर कहा- पैर फैला!

मैंने पैर फैला लिए तो उसने लंड पेल कर घमासान तरीके से मेरी गांड मारी.
गांड मारते समय वह मुझे चाबुक से मार भी रहा था.

उसके बाद से हमने चाबुक का प्रयोग बहुत बार किया.

मैं लंड की सवारी करते करते जानबूझ कर रुक जाता, मदन चाबुक मारकर कहता- उछल मेरी रंडी!
उसकी मीठी आवाज सुनकर मैं उछलने लगता.

इस तरह से हमारा यौन संबंध 3 साल से चल रहा था.
मदन का एक दोस्त विजय हमारे शहर अक्सर काम से आता था, हमारे घर ठहरता था, मेरी भी उससे दोस्ती हो गयी.

विजय की एक गर्लफ्रेंड थी.
उसने गर्लफ्रेंड की फोटो हमें दिखाई और बताया कि वे दोनों सेक्स करते हैं और शादी करने वाले हैं.

विजय ड्राइंगरूम में सोता था.
मैं मदन के साथ बेडरूम में.

एक रात बेडरूम का दरवाज़ा खुला रह गया, विजय ने हमें यौन आनन्द लेते देख लिया.
जब हम दोनों ने देखा कि विजय हमें देख रहा है, तो हम लोग अलग अलग हो गए.

सुबह मदन ने उसे बता दिया कि हम दोनों पति पत्नी की तरह रहते हैं.

मैं एक कंपनी में काम करता था, मेरे काम में कंपनी में बना सामान ग्राहक तक समय पर पहुंचे, यह जिम्मेदारी भी हमारे विभाग पर थी.
मैं ट्रॉन्सपोर्ट कंपनी और ट्रक ड्राइवरों से अक्सर बात करता रहता था.

मेरा सबसे भरोसे का ड्राइवर था बलवंत, उसने एक बार वादा किया था कि सामान अमुक तारीख तक पंहुचा देगा.
जबकि मुझे लग रहा था कि ये माल समय पर नहीं पहुंच आएगा.
पर उसने अपना वादा पूरा किया था.

वह अपने हर वादे को पूरा करता था इसलिए मेरा उस पर बहुत भरोसा था.

बलवंत मोना सरदार (बाल कटा) था, लम्बा तगड़ा गेंहुआ था.
उसका क्लीनर एक दुबला सांवला लड़का था.

एक दिन मैं बलवंत को फ़ोन कर रहा था, बलवंत फ़ोन नहीं उठा रहा था.

मैं उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में गया और बलवंत को ढूंढते ढूंढते गोदाम के पीछे आ गया.

कंपाउंड वाल के पास एक बड़ा पेड़ था.
मैंने देखा कि बलवंत का क्लीनर लड़का पैंट उतार कर पेड़ पकड़ कर झुका है और बलवंत उसकी गांड मार रहा है.

बलवंत के तेज झटकों से लड़का हिल रहा था और आ आ कर रहा था.
बलवंत ने मुझे नहीं देखा.

गांड मारने के बाद बलवंत ने लंड गांड से निकाला तो मैंने देखा कि उसका लंड मदन के लंड से थोड़ा बड़ा था.
मैं वापस गोदाम में गया.

थोड़ी देर बाद बलवंत आया, मैंने काम की बात की पर मैंने उसे गांड मारते देखा … यह नहीं बताया.

मैं भी गांड चुदाई का आनन्द लेता था, मुझे उसका मजा मालूम था.
फिर मैं कमरे पर आ गया.

कुछ दिनों बाद जब मदन एक दिन ऑफिस से घर आया, तब वह काफी तनाव में दिख रहा था.

मदन- राहुल एक अच्छी खबर है, मुझे प्रमोशन मिला है … पर बुरी खबर भी है कि मुझे करीब तीन साल के विदेश जाना है. उधर मुझे एक प्रोजेक्ट पर काम करने जाना पड़ रहा है!

मैं- प्रमोशन के लिए बधाई, पर हमारा साथ छूट रहा है!
यह कहकर मैं भी उदास हो गया.

मदन- डार्लिंग, मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूँगा … मालूम नहीं!
मैं भी चुप था.

दु:खी मन से मदन विदेश जाने की तैयारी करने लगा.
उसे एक हफ्ते बाद जाना था.

दो दिनों बाद सुबह विजय का फ़ोन आया, मदन ने फ़ोन स्पीकर पर रखा.

विजय- मदन, मैं बहुत दुखी और परेशान हूँ … मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे धोखा दे दिया. उसने एक अमीर आदमी से शादी कर ली. मैं बेकार में गर्लफ्रेंड के चक्कर में पड़ा, तुम और राहुल कितने मजे करते हो.

यही सब बातें करने के बाद उसने फ़ोन काट दिया.

शाम को ऑफिस से आने के बाद मदन बोला- कल छुट्टी है, आज रात शराब पार्टी करते हैं?
मैं- हां, तुम्हारे प्रमोशन की पार्टी करते हैं.

मदन व्हिस्की व चखना ले आया, हम दोनों पीने बैठे.

दो पैग के बाद मदन- राहुल तुमने सुना, विजय फ़ोन पर कह रहा था कि उससे तो हम दोनों अच्छे हैं, साथ में मजे तो करते हैं. वह बेकार ही गर्लफ्रेंड के चक्कर में पड़ा.
मैं मदन की बात सुनकर हूँ हां कर रहा था.

मदन आगे बोला- राहुल, मेरा प्रस्ताव है, सोचकर जवाब देना … अब तुम विजय के साथ रहने लगो.
मैं समझ गया कि मदन बाहर जा रहा है इसलिए ये मेरे बारे में सोच कर कह रहा है.

मैंने भी सोचा कि बिना गांड चुदाई के मैं कितने दिन रह पाऊंगा, इसलिए मैं राजी हो गया.
मदन ने विजय से बात की तो वह भी राजी हो गया.

विजय ने कहा कि वह हमारे शहर में नौकरी की कोशिश करेगा, जिससे वह मेरे साथ रह सके.

मदन विदेश चला गया, उससे कभी कभी फ़ोन पर बात होती रहती थी.
विजय मुझे फ़ोन पर बताता कि वह हमारे शहर में नौकरी की कोशिश कर रहा है.

दोस्तो, मैंने मदन के अलावा बलवंत ड्राइवर के साथ किस तरह से गुदा मैथुन किया, वह गे सेक्स कहानी आपको अगले भाग में पढ़ने मिलेगी.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top