dada babu chudai sex story
मेरा नाम सोनिया है। मेरी उम्र 22 साल है और मैं शादीशुदा हूँ। मेरे पति राहुल की उम्र 25 साल है।
हम लोग एक संयुक्त परिवार में रहते हैं। हमारे परिवार में मेरे सास-ससुर, मेरे पति और उनके दादा जी रहते हैं।
दादा जी की उम्र 70 साल है लेकिन वो बहुत फिट और तंदुरुस्त हैं। उनका नाम मोहन है।
वो रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं और आज भी उनका शरीर बहुत मजबूत है।
उनकी हाइट 6 फीट है और वो बहुत हैंडसम हैं अपनी उम्र के हिसाब से।
उनका लंड मैंने बाद में देखा तो पता चला कि वो 8 इंच का और बहुत मोटा है।
मैं जब पहली बार इस घर में आई तो मुझे दादा जी बहुत पसंद आए।
वो मुझे अपनी पोती की तरह प्यार करते थे लेकिन मेरी नजर में उनके लिए एक अलग ही भावना थी।
मैं उनके मोटे-मोटे बूब्स जैसे चेस्ट को देखकर उत्तेजित हो जाती थी। उनकी पैंट में उनका लंड का उभार देखकर मेरी चूत में पानी आ जाता था।
मेरे पति राहुल का लंड छोटा था, मुश्किल से 4 इंच का। वो मुझे कभी संतुष्ट नहीं कर पाते थे।
मेरी चूत हमेशा लंड की प्यासी रहती थी।
मैं अक्सर सोचती थी कि काश कोई मोटा लंड वाला मर्द मिल जाए जो मेरी चूत को अच्छे से चोदे।
एक दिन की बात है, मैं नहाने के बाद बाथरूम से बाहर निकली। मेरा साड़ी का पल्लू गीला हो गया था इसलिए मैंने उसे हटा दिया।
मैंने ब्रा और पैंटी में ही बाहर आई। दादा जी सोफे पर बैठे थे और उनकी नजर मुझ पर पड़ी।
उन्होंने मेरे मोटे मोटे बूब्स देखे और उनका लंड खड़ा हो गया।
मैंने उनकी पैंट में उभार देखा और शर्मा कर अपने कमरे में चली गई।
उस रात मैं सोचती रही कि दादा जी का लंड कैसा होगा।
क्या वो मुझे चोदेंगे? मेरी चूत में आग लगी हुई थी।
अगले दिन सुबह सब लोग बाहर गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं और दादा जी थे।
दादा जी अपने कमरे में थे और मैं उनके लिए चाय बनाकर ले गई।
जब मैं उनके कमरे में गई तो देखा कि वो केवल बनियान और लंगोट में थे।
उनका लंड लंगोट में से उभर रहा था। मेरी नजर उस पर टिक गई।
दादा जी ने मेरी नजर देखी और मुस्कुराए।
उन्होंने कहा, “क्या देख रही हो बहू?”
मैंने शर्माते हुए कहा, “कुछ नहीं दादा जी।”
उन्होंने कहा, “आओ पास बैठो।”
मैं उनके पास बैठ गई। उन्होंने अपना हाथ मेरे कंधे पर रखा और धीरे से मेरी चूची को छुआ।
मैं सिहर उठी लेकिन मना नहीं किया।
दादा जी ने कहा, “बहू, तुम बहुत खूबसूरत हो। मुझे तुम्हें देखकर बहुत मजा आता है।”
मैंने कहा, “दादा जी, ये ठीक नहीं है।”
उन्होंने कहा, “कोई नहीं देखेगा। सब बाहर गए हैं। आज मैं तुम्हें रंडी बनाऊँगा।”
ये सुनकर मेरी चूत में पानी आ गया।
मैंने कहा, “दादा जी, आप जो चाहें कर सकते हैं।”
दादा जी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर किस करने लगे।
उनकी मूंछें मेरे चेहरे पर खुजला रही थीं और मुझे बहुत मजा आ रहा था।
वो मेरे होंठों को चूस रहे थे और मेरी जीभ को अपने मुँह में खींच रहे थे।
फिर उन्होंने मेरी साड़ी खोलनी शुरू की। मैंने केवल ब्रा और पैंटी पहनी थी।
उन्होंने मेरी ब्रा खोली और मेरे मोटे मोटे बूब्स बाहर निकल आए। उन्होंने मेरे निप्पल को पकड़ा और खींचा।
“आह्ह्ह… दादा जी… धीरे…” मैं सिसकी।
वो मेरे बूब्स को जोर-जोर से दबाने लगे और चूसने लगे। उनके दाँत मेरे निप्पल पर काट रहे थे। मुझे दर्द में भी मजा आ रहा था।
फिर उन्होंने मेरी पैंटी उतार दी। मेरी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी।
उन्होंने मेरी चूत को देखा और कहा, “क्या मस्त चूत है बहू। तुम तो इसे बिलकुल साफ सुथरी राखी हो, तुम्हारी दादी के ज़माने में इतना साफ बुर नहीं होता था, मैं आज तुम्हारे बुर को अच्छे से चोदूँगा और इसे भोसड़ा बना दूंगा, समझी मेरी रंडी बहु।”
मैंने कहा, “दादा जी सचमुच में आज मेरे चूत को चोदकर भोसड़ा बना दीजिये, मैं आपकी रंडी बनने के लिए तैयार हूँ।”
दादा जी ने अपनी लंगोट उतारी और उनका मोटा लंड बाहर निकल आया। वो लंड 9 इंच लंबा और 4.3 इंच मोटा था। उस पर मोटी-मोटी नसें उभरी हुई थीं और टोपा एकदम लाल था। स्किन थोड़ा लूज हो गया था चोदते चोदते। दादाजी नि किसी पड़ोसन को नहीं छोड़े थे।
मैंने हैरानी से देखा और कहा, “दादा जी, आपका लंड तो बहुत मोटा और खुबसूरत है, मुझे काला लंड बहुत पसंद है।”
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ बहू, ये तुम्हारी चूत को फाड़ देगा। आज तुम मेरी रंडी बनोगी।”
मैंने उनका लंड हाथ में पकड़ा और हिलाने लगी। वो बहुत गर्म और कड़क था। फिर मैंने उसे मुँह में ले लिया और चूसने लगी। उनका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुँथ में आधा ही समा रहा था।
पर मेरी वासना पुरे लंड को अपने मुहँ में लेने की हो रही थी। मैं पूरी कोसिस करने लगी गले तक लेने की।
मैं स्कूल में सबसे चुदक्कड़ लड़की थी, ऐसा कोई भी लड़का नहीं था जिसने मुझे चोदा न हो। लडको ने मेरा नाम ही चुदक्कड़ सोनिया रंडी रख दिया था।
दादा जी मेरे मुँह को पकड़कर अपना लंड अंदर-बाहर करने लगे। वो मेरा मुँह चोद रहे थे। मैं उनके लंड का रस चाट रही थी। मेरे मुहँ से लार टपक रहा था।
“चूसो बहू… अच्छे से चूसो… मेरे लंड का रस पी जाओ…” दादा जी कराह रहे थे।
कुछ देर बाद उन्होंने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे पैर फैलाए। उन्होंने अपना मोटा लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा।
“आह्ह्ह… हाए मईया.. दादाजी आपने तो मेरा बुर फाड़ दिया. बहुत मोटा है…” मैं चीख उठी।
उनका आधा लंड ही अंदर गया था और मेरी चूत फट रही थी। वो रुके नहीं, उन्होंने दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
“ऊई… मर गई… इतना अंदर… हाए राम…” मेरी सांसें फूल रही थीं।
दादा जी जोर-जोर से धक्के मारने लगे। उनका मोटा लंड मेरी चूत को पूरी तरह से भर रहा था। मेरी चूत से फच-फच की आवाजें आ रही थीं।
“कैसा लग रहा है रंडी?” दादा जी पूछ रहे थे।
“बहुत अच्छा लग रहा है दादा जी… आपका लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फाड़ दीजिए…” मैं चिल्ला रही थी।
वो मुझे घोड़ी बनाकर भी चोदे। उन्होंने मेरी गांड पर थप्पड़ मारे और जोर-जोर से धक्के मारे। मेरी चूत से पानी निकल रहा था और उनका लंड गीला हो रहा था।
दादा जी ने मुझे पूरी तरह से रंडी बना दिया। वो मुझे हर तरह से चोद रहे थे। कभी मिशनरी में, कभी घोड़ी बनाकर, कभी खड़े होकर।
“आह्ह्ह… दादा जी… और जोर से चोदो… मैं आपकी रंडी हूँ… मुझे फाड़ दो…” मैं पागल हो रही थी।
उन्होंने मेरी गांड भी मारी। उनका मोटा लंड मेरी गांड में घुसा और मैं दर्द से चीख उठी। लेकिन फिर मजा आने लगा।
“मारो दादा जी… मारो मेरी गांड… मुझे पूरी तरह से रंडी बनाओ…” मैं चिल्ला रही थी।
वो मुझे 2 घंटे तक लगातार चोदते रहे। मैं 5 बार झड़ चुकी थी। उनका लंड अभी भी कड़ा था।
अंत में उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह में डाला और मुझे चूसने को कहा।
मैंने उनका लंड चूसा और वो मेरे मुँह में ही झड़ गए। उनका गाढ़ा वीर्य मेरे मुँह में भर गया और मैंने पहले उसे गार्गल किया और फिर उसे पी लिया।
उस दिन के बाद, दादा जी मुझे रोज चोदते हैं। जब भी घर में कोई नहीं होता, वो मेरी चूत और गांड मारते हैं। मैं उनकी रंडी बन चुकी हूँ।
उन्होंने मुझे कई तरह के कपड़े भी खरीदकर दिए हैं – छोटी स्कर्ट, गहरे गले के ब्लाउज, सेक्सी लिंगरी। वो मुझे उन कपड़ों में पहनाकर चोदते हैं।
एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों को भी बुलाया। उनके दोस्त भी 70 साल के थे लेकिन उनके लंड बहुत मोटे थे।
उन्होंने मुझे चारों मिलकर चोदा। यह कहानी मैं फिर कभी बताऊंगी। मैं एक रंडी की तरह उन सबका लंड चूसती और चुदवाती।
अब मैं पूरी तरह से रंडी बन चुकी हूँ। मेरी चूत हमेशा लंड की प्यासी रहती है। दादा जी मुझे रोज चोदते हैं और मुझे पूरा मजा देते हैं।
मेरे पति राहुल को कुछ पता नहीं है। वो सोचते हैं कि मैं एक पतिव्रता पत्नी हूँ लेकिन असल में मैं दादा जी की रंडी हूँ।
दादा जी ने मुझे सिखाया है कि असली मजा क्या होता है। उनका मोटा लंड मेरी चूत को पूरी तरह से संतुष्ट करता है।
अब मैं बहुत खुश हूँ कि मैं दादा जी की रंडी बन गई हूँ।
NEXT PART:
- मैंने अपनी वर्जिन वाइफ को चोदा
- मैंने पड़ोसन भाभी को मस्ती के साथ चोदा
- रंडी भाभी ने पार्टी के बाद चुदवाया
- मेरे यार ने मुझे चोदकर औरत बनाया
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Amazing chudai dada ji 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
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