छोटी भाभी रेखा की चुदाई

chhoti bhabhi ki chudai

देवर की बीवी के साथ घर में ही हुई जबरदस्त चुदाई की कहानी जिसने दोनों की जिंदगी बदल दी।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विजय है और मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ।

मैं आज आपको अपनी रेखा के साथ हुई मेरी चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

यह कहानी उस समय की है जब मेरी पत्नी सुमन अपने मायके गई हुई थी और मैं अकेले घर पर था।

मेरी उम्र 32 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ।

मेरा परिवार मेरे माता-पिता, मेरी पत्नी सुमन, और मेरे छोटे भाई राजेश से मिलकर बना है।

राजेश की शादी दो साल पहले रेखा से हुई है। रेखा मेरी छोटी भाभी है क्योंकि वो मेरे छोटे भाई की पत्नी है।

रेखा की उम्र 28 साल है और वो दिखने में बहुत खूबसूरत है।

उसका फिगर है 36-30-38। उसके बूब्स 36 इंच के बड़े-बड़े और उभरे हुए हैं, कमर 30 इंच की पतली और सुडौल, और गांड 38 इंच की मोटी और गोल।

वो रंग से गोरी है, लंबे काले बाल उसकी कमर तक आते हैं, और आँखें हल्की भूरी हैं जिनमें एक अलग सी चमक है।

राजेश एक मार्केटिंग की नौकरी करता है और उसे अक्सर टूर पर जाना पड़ता है।

रेखा हमारे साथ ही रहती है क्योंकि उसका अपना घर नहीं है।

हमारा घर दो मंजिला है। नीचे माता-पिता रहते हैं और ऊपर मैं और राजेश अपनी-अपनी पत्नियों के साथ रहते हैं।

लेकिन क्योंकि राजेश अक्सर बाहर रहता है, इसलिए रेखा अक्सर अकेली रहती है।

यह कहानी उस समय की है जब मेरी पत्नी सुमन अपने मायके गई हुई थी।

उसके पापा की तबीयत खराब थी इसलिए वो एक महीने के लिए चली गई थी।

माता-पिता भी किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं और रेखा थे।

रात का समय था। मैं ऊपर अपने कमरे में था और रेखा अपने कमरे में थी।

अचानक मुझे आवाज़ आई कि कोई मुझे बुला रहा है। मैंने दरवाज़ा खोला तो देखा रेखा खड़ी थी।

उसने एक हल्की सी नाइटी पहनी हुई थी जो उसके शरीर पर चिपकी हुई थी और उसके बूब्स साफ झलक रहे थे।

“क्या हुआ रेखा?” मैंने पूछा।

वो बोली, “भैया, मुझे बहुत डर लग रहा है। ऊपर वाले कमरे से कुछ आवाज़ें आ रही हैं। क्या आप देखेंगे?”

मैंने कहा, “ठीक है, मैं देखता हूँ।”

मैं ऊपर गया लेकिन वहाँ कुछ नहीं था। जब मैं वापस आया तो रेखा अभी भी मेरे कमरे के बाहर खड़ी थी।

उसने कहा, “भैया, क्या आज मैं आपके कमरे में सो सकती हूँ? मुझे अकेले में बहुत डर लग रहा है।”

मैंने सोचा कि यह ठीक नहीं है, लेकिन फिर मैंने कहा, “ठीक है, लेकिन मैं सोफे पर सो जाऊँगा, तुम बेड पर सोना।”

हम दोनों कमरे में आए। रेखा बेड पर लेट गई और मैं सोफे पर लेटने लगा।

लेकिन सोफा छोटा था इसलिए मैं अच्छी नींद नहीं ले पा रहा था।

करीब आधे घंटे बाद रेखा ने कहा, “भैया, आप भी बेड पर आकर सो जाएँ। यह बेड बड़ा है, हम दोनों आराम से सो सकते हैं।”

मैंने कहा, “ठीक है।”

मैं बेड पर आया और उसके बगल में लेट गया। लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि रेखा की खुशबू मुझे बेहोश कर रही थी।

उसने एक हल्की सी परफ्यूम लगाई थी जो बहुत सेक्सी थी।

कुछ देर बाद रेखा ने मुझे छुआ और कहा, “भैया, आप सो नहीं रहे?”

मैंने कहा, “नहीं, नींद नहीं आ रही।”

वो बोली, “मुझे भी नींद नहीं आ रही। क्या हम बातें करें?”

मैंने कहा, “ठीक है, क्या बात करें?”

वो बोली, “भैया, मैं आपसे एक बात पूछूँ अगर आप बुरा न मानें तो?”

मैंने कहा, “पूछो।”

वो बोली, “आप और भाभी रोज़ाना सेक्स करते हैं ना?”

मैं थोड़ा शर्माया और बोला, “हाँ, करते हैं।”

वो बोली, “राजेश तो महीने में एक बार आता है और वो भी थका हुआ रहता है। मेरी तो कोई खुशी ही नहीं है।”

मैंने कहा, “यह तो गलत है। तुम्हारी भी जरूरतें हैं।”

वो बोली, “भैया, क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?”

मैं समझ नहीं पाया और बोला, “कैसी मदद?”

वो धीरे से बोली, “मुझे भी चुदवाना है भैया। मेरी चूत प्यासी है। क्या आप मुझे चोदोगे?”

मैं चौंक गया। मैंने कहा, “रेखा, यह गलत है। तुम मेरी भाभी हो, मेरी समधन हो।”

वो बोली, “लेकिन भैया, राजेश तो मेरी खुशी का ख्याल नहीं रखता। मैंने सुना है आपका लंड बहुत बड़ा है। भाभी ने मुझे बताया था। मुझे भी मज़ा चाहिए।”

मैंने कहा, “सुमन ने तुम्हें यह सब बताया?”

वो बोली, “हाँ, उसने कहा कि आप रोज़ उसे चोदते हो और वो बहुत खुश है। मुझे भी वो खुशी चाहिए।”

मैं सोचने लगा। रेखा बहुत खूबसूरत थी और मैं भी उसे कई बार देखकर मन ही मन सोच चुका था कि काश इसे चोदने का मौका मिले। आज वो मौका सामने था।

मैंने कहा, “ठीक है, लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए।”

वो खुश हो गई और बोली, “वादा करती हूँ भैया, यह हमारे बीच का राज रहेगा।”

वो उठी और मेरे पास आई। उसने अपनी नाइटी उतार दी। वो अंदर ब्रा और पैंटी में थी। उसने वो भी उतार दी।

अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी। उसके गोरे-गोरे बूब्स और उभरी हुई गांड देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए। मेरा 7 इंच का लंड देखकर वो खुश हो गई। वो बोली, “वाह भैया, सच में बहुत बड़ा है।”

वो नीचे बैठी और मेरा लंड चूसने लगी। वो बहुत अच्छे से चूस रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुँह को आगे-पीछे कर रहा था। करीब 15 मिनट बाद मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटाया।

मैंने उसकी टांगें फैलाईं और उसकी चूत देखी। वो गुलाबी रंग की थी और थोड़ी गीली हो चुकी थी।

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और धीरे से अंदर डाला।

वो चीखी, “आह्ह्ह… भैया… बहुत मोटा है… धीरे से…”

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। उसकी चूत बहुत टाइट थी।

शायद राजेश कम ही चोदता था। मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।

वो अब मज़े में आने लगी थी। वो बोली, “हाँh… भैया… अब तेज़ करो… और ज़ोर से…”

मैंने स्पीड बढ़ा दी। थप-थप-थप की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।

उसके बूब्स हिल रहे थे और मैं उन्हें दबा रहा था। करीब 30 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा।

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी गोरी गांड देखकर मैं और ज़्यादा उत्तेजित हो गया।

मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए।

“आह्ह्ह… भैया… मर गई… बहुत अंदर जा रहा है… और तेज़ करो…” वो चिल्ला रही थी।

मैंने उसकी गांड थपथपाई और चोदता रहा। करीब 20 मिनट बाद वो झड़ गई। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। मैंने भी कुछ ही मिनट बाद अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया।

हम दोनों थककर बेड पर गिर गए। वो बोली, “भैया, यह बहुत अच्छा था। राजेश कभी इतनी देर नहीं चोदता।”

मैंने कहा, “जब भी तुम्हारा मन करे, मुझे बता देना।”

उस रात के बाद रेखा और मैं नियमित रूप से चुदाई करने लगे।

जब भी राजेश टूर पर जाता, हम दोनों मौका ढूंढकर चोदते।

कभी रात में, कभी दिन में जब घर में कोई नहीं होता।

एक दिन माता-पिता भी घर पर थे। रात को रेखा मेरे कमरे में आई और बोली, “भैया, आज मैं बहुत गर्म हूँ। प्लीज़ चोदो मुझे।”

मैंने कहा, “लेकिन माता-पिता घर पर हैं, कोई सुन लेगा।”

वो बोली, “आवाज़ कम रखेंगे। प्लीज़…”

मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और धीरे-धीरे चोदना शुरू किया।

वो भी आवाज़ दबाकर मज़े ले रही थी। हम दोनों बहुत संभलकर चोद रहे थे ताकि कोई आवाज़ बाहर ना जाए।

करीब 40 मिनट तक हम चोदते रहे और फिर हम दोनों झड़ गए। रेखा बहुत खुश थी।

उसने कहा, “भैया, आप तो मेरी जान ले लेते हो।”

मैंने कहा, “तुम भी तो कमाल की हो।”

अब तो हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया।

रेखा अब मेरी पत्नी से भी ज़्यादा मुझे प्यार करती है।

हम दोनों जब भी मौका मिलता है, चुदाई करते हैं।

यह हमारा सीक्रेट है जो हम दोनों के बीच ही रहेगा।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “छोटी भाभी रेखा की चुदाई”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top