Chachi xxx chudai kahani
चाची Xxx चुदाई कहानी में लॉकडाउन में मेरी जवान चाची हमारे घर रहने लगी थी. मेरी उनसे पक्की वाली दोस्ती हो गयी. मैं चाची की जवानी को चखना चाहता था.
नमस्ते दोस्तो! मेरा नाम सुनील है (यह मेरा बदला हुआ नाम है)।
मेरी उम्र 22 साल है और मैं देखने में ठीक-ठाक हूँ।
मैं कद-काठी से भी बिल्कुल फिट हूँ।
मेरे लण्ड का साइज भी 6 इंच लंबा व ढाई इंच मोटा है, जो कि भारतीय महिलाओं के लिए एकदम पर्याप्त है।
मैं काफी समय से अंतर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, तो मुझे भी लगता है कि मुझे अपनी एक सच्ची कहानी आपके साथ साझा करनी चाहिए।
तो आपका ज्यादा समय नहीं लेते हुए चाची Xxx चुदाई कहानी शुरू करते हैं।
मैं राजस्थान के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ।
यह कहानी मेरे और गाँव की ही एक चाची की है।
बात आज से करीब 3-4 साल पहले यानी पहले लॉकडाउन की है।
उस समय मैं 12वीं कक्षा में था और घर रह कर ही अपनी पढ़ाई कर रहा था।
लॉकडाउन के कारण शहर वाले लोग गाँव में आने लगे थे।
लॉकडाउन के चलते ही मेरी एक चाची, जो शहर में रहती थीं, वो भी चाचा के साथ गाँव में रहने के लिए आ गई थीं।
चाची देखने में बहुत ही सुंदर थीं; बिल्कुल गोरी, पतली एवं अपने शरीर का ध्यान रखने वाली।
जब वो चलतीं, तो लोग अपना लण्ड सहलाने लगते! चाची भी अपनी 36 की गाँड को बहुत मटका कर चलती थीं।
चाची शुरू से ही शहर में पली-बढ़ी थीं, इसलिए भी वे बिल्कुल फिट थीं।
गाँव में चाचा को रोज शराब पीने की आदत हो गई।
शहर में शराब मिलना मुश्किल था, लेकिन हमारे गाँव में मिल रही थी, इस कारण चाचा रोज शराब पीने लगे।
चाचा के रोज-रोज शराब पीने के कारण चाचा और चाची में झगड़े होने लगे थे।
चाचा की शराब की आदत से चाची भी परेशान हो चुकी थीं।
दिन बीतने लगे, अब तो दोनों में दिन भर लड़ाई होने लगी थी।
चाचा रोज शराब पीकर चाची के साथ झगड़ा करते और उनके साथ मारपीट करना उनका रोज का काम हो गया था।
रोज-रोज की लड़ाई से परेशान होकर चाची ने यह बात मेरे पापा को बताई, इसलिए चाची को मेरे पापा अपने घर ले आए।
चाची हमारे घर आ गईं और घर के कुछ कामों में हाथ बँटाने लगीं।
मैं चाची को उनकी शादी के बाद अब देख रहा था।
लॉकडाउन के कारण हम इतना करीब आ पाए थे।
धीरे-धीरे मैं और चाची पास आने लगे।
मैं उनके साथ लूडो खेलता था और उनसे डबल मीनिंग बातें करने लगा।
जैसे, “चाची आप खोलो, मैं आपकी मारता हूँ!” मेरी बातों को चाची नादानी समझने लगी थीं।
मैं हमेशा उनसे डबल मीनिंग बातें करता, लेकिन चाची मेरी बातों को सुनकर सिर्फ मुस्कुराने लगतीं।
अब मैं चाची को चलते-चलते छू लेना या इधर-उधर हाथ लगा देना, अपना रोज का काम बना चुका था।
एक दिन मेरे पापा ने चाची से कहा- तुम पढ़ी-लिखी हो, थोड़ा बहुत इस नालायक को भी पढ़ा दो; वैसे भी यह घर में रह कर पढ़ाई नहीं कर रहा है।
इस बात को लेकर भी मैं चाची से डबल मीनिंग बातें करने लगा।
मेरी किताब में एक चैप्टर सेक्स को लेकर भी था, जिसमें पुरुष व मादा के जननांगों को दिखाया गया था।
मैंने जान-बूझकर चाची को वही चैप्टर खोल कर दिया।
मैंने जान-बूझकर वही चैप्टर समझने को कहा।
चाची ने बोला, “बताओ, क्या समझ नहीं आ रहा?”
मैंने चाची से पूछा, “क्या सच में महिलाओं का प्राइवेट पार्ट ऐसा ही होता है?”
इस पर चाची कुछ नहीं बोलीं।
फिर मैंने दोबारा पूछा।
तो उन्होंने कहा, “तुमने देखी नहीं क्या!”
मैंने कहा, “नहीं!”
तो उन्होंने कहा, “गर्लफ्रेंड की भी नहीं?”
मैंने कहा, “कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं है!”
यह बात सुनकर वह हँसने लगीं।
मैंने सोचा कि चाची को आसानी से पटाया जा सकता है क्योंकि चाचा भी घर नहीं आते, तो कहीं ना कहीं चाची का भी मन करता होगा।
तो मैंने उनसे कहा, “साइंस का प्रैक्टिकल करवा दो!”
उन्होंने मेरे गाल पर धीरे से चपत लगाई और कहा, “तुम अभी छोटे हो!”
धीरे-धीरे मैं चाची को देखने के बहाने ढूँढने लगा।
मैंने सोचा जब चाचा घर नहीं आते, तो चाची की चूत बिना लण्ड के कैसे रह सकती है?
यही जानने के लिए मैंने बाथरूम में फोन का कैमरा चालू करके लगा दिया, जिससे उनका नंगा बदन रिकॉर्डिंग में आ जाए।
जब चाची नहाने गईं, उसके तुरंत बाद मैं बाथरूम में घुस गया और मोबाइल में रिकॉर्डिंग देखने लगा।
मैंने देखा कि चाची बिल्कुल नंगी होकर नहा रही थीं और अपने बूब्स व चूत पर साबुन लगाकर रगड़ रही थीं।
उसके बाद चाची अपनी चूत में उँगली करने लगीं और जब उनका पानी निकल गया, तो वह नहाकर बाहर आ गईं।
यह सब मेरे फोन में रिकॉर्ड हो गया था।
अब मैं चाची से सीधे बात करना चाहता था।
एक दिन जब वह मुझे पढ़ा रही थीं, तो मैंने प्रैक्टिकल की बात शुरू कर दी.
लेकिन वह कुछ बोल नहीं रही थीं।
तो मैंने उनकी जाँघ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया।
उन्होंने तुरंत मेरा हाथ हटा दिया।
मैंने थोड़ी देर बाद थोड़ी हिम्मत दिखाते हुए दोबारा हाथ जाँघ पर रख दिया।
इस बार चाची ने कुछ देर हाथ रखा रहने दिया और उसके बाद खड़ी होकर जाने लगीं।
जाते हुए मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और उन्हें वापस बैठा लिया।
मुझे पता चल गया था कि चाची थोड़ी गर्म हो गई हैं।
मैंने दूसरा हाथ आगे बढ़ाकर चाची के बूब्स को दबाना शुरू किया.
जिससे चाची नाराज हो गईं और जाने का प्रयास करने लगीं।
फिर मैंने वीडियो स्टार्ट करके उनके सामने रख दी जिसे देखकर वह उसे डिलीट करने को बोलने लगीं।
मैंने उनसे कहा, “मैं तो इसे डिलीट नहीं करूँगा!”
इससे वह नाराज सी हो गईं और वहाँ से उठकर चली गईं।
अगले दिन मेरा परिवार बुआ की लड़की की शादी में भात लेकर जाने वाला था, लेकिन चाची नहीं जा रही थीं।
तो मैंने भी जाने से मना कर दिया।
पापा ने मुझे घर रहने को बोल दिया और कहा कि घर का और चाची का ख्याल रखना, हम 2 दिन बाद आएँगे।
मैं बहुत खुश था कि आज रात मैं चाची के साथ अकेला था।
शाम को चाची ने खाना बनाया।
मैंने खाना थोड़ा जल्दी खा लिया और थोड़ा बाहर घूमने चला गया।
जब मैं वापस आया, तो चाची खाना खा रही थीं।
वह मुझे देखकर पूछने लगीं, “कहाँ गया था?”
मैंने कहा, “मैं ऐसे ही बाहर घूमने गया था।”
उन्होंने पूछा, “इतनी देर तक कहाँ घूम रहा था?”
मैंने बोला, “ऐसे ही दोस्तों के साथ घूम रहा था; वैसे भी घर में मुझसे बात करने वाला है कौन!”
इस पर चाची बोलीं, “मैं हूँ ना!”
मैं अपने कमरे में जाकर फोन चलाने लगा।
थोड़ी देर बाद चाची मेरे कमरे में आईं, उनके हाथ में पानी का जग था।
वह बोलीं कि उन्हें अकेले सोने में डर लगता है, क्या वह भी यहीं सो सकती हैं?
मैंने अपनी खुशी छुपाते हुए ‘हाँ’ बोल दिया।
अब चाची मेरे बेड पर लेट गईं।
वह पूछने लगीं कि मैं नाराज क्यों हूँ?
मैंने उनसे कहा, “उस दिन आप भी तो नाराज हुई थीं, मैंने तो कारण पूछा ही नहीं! जब मैंने आपके नाराज होने का कारण नहीं पूछा, तो आप क्यों पूछ रही हो?”
थोड़ी देर इधर-उधर की बातें करने के बाद चाची बोलीं, “तुम्हारी सच में कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?”
मैंने ‘ना’ में गर्दन हिला दी।
उन्होंने फिर पूछा, “इसका मतलब तुमने कभी सेक्स भी नहीं किया?”
मैंने बोला, “आज तक नहीं किया!”
इसके बाद चाची सोने लगीं लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी।
थोड़ी देर बाद जब चाची सो गईं तो मैंने चाची की तरफ करवट कर ली।
चाची की गाँड मेरी तरफ थी और मैं चाची के पास सरकता चला गया।
जब मैंने देखा कि चाची गहरी नींद में हैं तो मैंने उनके मम्मों को हाथ में लेकर दबाना शुरू कर दिया।
इधर मेरा लण्ड खड़ा हो गया था और वह चाची की गाँड में घुसने की कोशिश करने लगा।
मैं चाची के मम्मों को जोर-जोर से दबाने लगा, जिससे चाची की आँख खुल गई।
इसका पता मुझे तब लगा जब चाची ने पीछे हाथ रखकर मेरा लण्ड पकड़ा!
मैं एकदम से डर गया।
चाची बैठ गईं।
वह मुझसे बोलने लगीं, “तू बिना प्रैक्टिकल के मानेगा नहीं!”
तो मैंने कहा, “चाची, प्लीज एक बार कर लेने दो!”
इस पर चाची कुछ नहीं बोलीं और मेरे हाथ में गुदगुदी करने लगीं।
मैंने चाची के गाल पर एक किस कर दिया।
चाची ने कोई विरोध नहीं किया।
मैंने सोचा यही समय है चाची के साथ मजा करने का।
मैं आगे बढ़ा और चाची को लिप-किस करने लगा।
अब तो चाची भी मुझे पागलों की तरह चूमने लगीं!
वे मेरे कपड़े खोलने लगीं।
चाची ने मेरी शर्ट खोल दी और वे पैंट का हुक भी खोलने लगीं।
मैं भी चाची के ब्लाउज और कपड़ों को खोलने लगा।
थोड़ी ही देर में चाची सिर्फ ब्रा-पेंटी में मेरे सामने थीं।
वे अपने आप को छिपाने की कोशिश कर रही थीं क्योंकि उन्हें थोड़ी शर्म आ रही थी।
लेकिन मैं नहीं माना।
मैंने चाची की ब्रा और पेंटी भी निकाल दी और चाची बिल्कुल नंगी हो गईं।
उनका गोरा बदन बहुत ही प्यारा लग रहा था।
जल्द ही चाची ने भी मेरे कपड़े उतार दिए।
अब मैं और चाची बिल्कुल नंगे हो चुके थे।
मैं चाची के मम्मों को दबाने लगा, वो ‘आह-आह’ की कामुक आवाजें निकाल रही थीं।
उनकी चूत से पानी निकलने लगा था।
चाची मेरे लण्ड को हाथ में लेकर आगे-पीछे करने लगीं।
चाची मेरे लण्ड को देखकर बहुत खुश थीं, उनकी आँखों में एक अलग ही चमक थी।
मैं उनके बूब्स को चूसने लगा।
थोड़ी देर बाद चाची मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगीं, जिससे लण्ड गीला हो गया।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मैं लगातार चाची को किस करने लगा और बूब्स को दबाने लगा।
थोड़ी देर में चाची बहुत गर्म हो गईँ और मुझे चोदने की विनती करने लगीं।
लेकिन मैं चाची को और तड़पाना चाहता था। मैं पेट को चूमता हुआ चाची की चूत पर आ गया और चूत को चाटने लगा।
चाची की चूत से लगातार पानी बहने लगा जो कि बहुत ही स्वादिष्ट था।
उसका टेस्ट कुछ नमकीन व थोड़ा खट्टा-खट्टा सा था।
मुझे उसे पीने में चूत चाटने का मजा आ रहा था।
मैं लगातार चाची की चूत को चाटता रहा, चाची मेरे सिर को चूत पर दबाने लगीं।
इतने में चाची पागल सी हो गईं और अकड़ने लगीं, एकदम से बोलीं, “आह… गई!”
और इतना कह कर चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया।
मैंने चाची की चूत का सारा पानी पी लिया।
मैं लगातार चाची की चूत चाट रहा था और उनके मम्मों को दबा रहा था।
अब चाची मुझसे बोलने लगीं, “अब मुझसे नहीं रुका जा रहा, जल्दी से अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा कर फाड़ दो मेरी चूत को!”
मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए चाची के दोनों पैरों के बीच में आ गया और उनके पैरों को ऊपर करके चूत पर लण्ड रगड़ने लगा।
चाची बिना पानी के मछली के जैसे तड़पने लगीं और मुझे जल्दी पेलने को बोलने लगीं।
मैंने भी ज्यादा टाइम ना लेते हुए लण्ड को चूत में घुसाने की कोशिश की.
लेकिन वह चूत में जा नहीं रहा था और बार-बार फिसल रहा था।
मैंने थोड़ा सा थूक लण्ड पर लगाया और चाची की चूत में घुसाने लगा।
मेरे लण्ड का टोपा चाची की चूत में घुस गया!
चाची दर्द से चिल्लाने लगीं!
मैंने चाची के होठों पर अपने होठ रख दिए और मम्मों को अपने हाथों से दबाने लगा।
चाची मुझे “छोड़ने” के लिए बोलने लगीं लेकिन मैं अब पीछे नहीं हट सकता था।
मैंने चाची की बातों को अनसुना करते हुए एक और झटका दिया, जिससे कि मेरा आधे से ज्यादा लण्ड चाची की चूत में घुस गया।
मैंने उनके होठों को अपने होठों से लॉक किया हुआ था, नहीं तो चाची बहुत जोर से चिल्ला देतीं।
मैं कुछ समय के लिए रुक गया।
चाची मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगीं, लेकिन मैं मजबूती से चाची के ऊपर पड़ा रहा।
थोड़ी देर बाद मैंने एक और झटका मारा और रुक गया।
फिर थोड़ी देर बाद एक और तेज झटका मारा, जिससे मेरा पूरा लण्ड चाची की चूत में उतर गया!
चाची को दर्द हो रहा था और वह छटपटा रही थीं लेकिन मैं वहीं रुका रहा और मम्मों को दबाता रहा।
थोड़ी देर में जब चाची का दर्द कुछ कम हुआ, तो वह गाँड उठा-उठाकर इशारा करने लगीं।
इधर मैंने झटके लगाने शुरू कर दिए।
मुझे ‘एक्सप्रेस’ बनने में जरा भी समय नहीं लगा और मैं जोर-जोर से झटके लगाने लगा।
उधर चाची भी गाँड उठा-उठाकर मेरा लण्ड लेने लगीं; चाची को मजा आने लगा।
मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
लगभग 10 मिनट बाद चाची का शरीर अकड़ने लगा।
वह मुझे पकड़ने लगीं और ‘आ-आ’ करती हुई चाची झड़ गईं।
लेकिन मैं अभी नहीं झड़ा था तो मैं लगातार झटके लगाता रहा।
चाची दोबारा गर्म होने लगीं और मुझे तेज-तेज करने को बोलने लगीं।
मैंने चाची को डॉगी स्टाइल में आने को बोला और दोबारा लण्ड घुसाकर झटके देने लगा।
थोड़ी ही देर में Xxx चाची चुदाई में अपने चरम पर पहुँच गईं और झड़ने लगीं।
चाची के झड़ने से चूत कुछ ज्यादा ही गीली हो गई, इस कारण लण्ड जल्दी-जल्दी फिसल रहा था।
अब मेरा भी निकलने को हुआ, तो मैंने चाची से पूछा, “कहाँ निकालूँ?”
चाची ने कहा, “अंदर ही निकाल दो, मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ!”
मैंने भी स्पीड बढ़ाते हुए चाची की चूत में ही झड़ दिया।
चाची मुझे किस करने लगीं।
इसके बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम लोग चुदाई शुरू कर देते।
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