मैं और मेरी बहन जवानी के जोश में चुदाई किये

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यह कहानी अखिलेश की है जो अपनी बहन बबीता को एक लड़के के साथ देखकर उसे ब्लैकमेल करता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनते हैं और अंततः अखिलेश अपनी बहन की बुर और गांड दोनों चोदता है। यह जानने के लिए कि कैसे एक भाई अपनी बहन को पटाकर उसकी चुदाई करता है, पूरी कहानी पढ़ें।

दोस्तो, मैं अखिलेश हूँ और आज आप एक मस्त सेक्स कहानी पढ़ने जा रहे हैं। ये ब्रो सिस फुल सेक्स कहानी है हमारी जवानी का प्यार।

मेरी बहन का नाम बबीता है। हम दोनों तब जवान हो गए थे। मैं 22 का था और मेरी बहन बबीता 20 साल की हो गयी थी। हम दोनों में जवानी का जोश पैदा होने लगा था।

मैं और बबीता बचपन से साथ में खेले थे।

जब हम छोटे थे तो हमारे बीच कुछ नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े हुए, मुझे बबीता में एक अलग आकर्षण महसूस होने लगा।

उसके गोल दूध और मोटी गांड देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।

मैं रोज़ उसके बारे में सोचता था। रात में मैं उसके दूधों के बारे में सोचकर मुठ मारता था।

मुझे उसे पाने की इच्छा होती थी लेकिन हिम्मत नहीं होती थी। वो मुझसे दूर रहती थी और कम ही बात करती थी।

एक दिन हमारे परिवार ने नैनीताल की यात्रा का फैसला किया। हम एक फार्महाउस में ठहरे थे।

यह फार्महाउस बहुत बड़ा था और उसके पीछे एक पुराना गोदाम था जो अब इस्तेमाल में नहीं आता था।

बबीता के दूध बड़े हो गए थे और जब वो नहा कर अपने बाल झटका देकर सुखाती तो उसके दूध मेरे लंड को खड़ा होने पर मजबूर कर देते थे।

कभी कभी उसकी नजरें मेरे खड़े होते लौड़े पर पड़ जाती थीं तो वो भी मुस्कुरा देती थी।

एक दिन शाम के वक़्त बिजली चली गयी थी। पापा काम पर गए हुए थे और मम्मी खाना बना रही थीं। मैं फार्महाउस की छत पर बैठा हुआ था।

तभी मैंने देखा कि मेरी बहन हमारे फार्महाउस के पीछे वाले पुराने गोदाम में चोरी छुपे जा रही थी। मुझे पहले तो अजीब सा लगा कि ये वहां क्यों जा रही है और इतने अंधेरे में ये उस गोदाम में क्या करने जा रही है।

ये देखने मैं भी उसके पीछे पीछे उस गोदाम के पास चला आया।

जैसे ही मैंने खिड़की से झांका, तो मैंने देखा कि वो उधर एक लड़के के साथ थी और उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी।

सीन देख कर मैं हैरान हो गया। मैं समझता था कि मेरी बहन बहुत सीधी सी लड़की है पर वो तो मोहल्ले के लड़कों का लंड चूसने वाली रंडी निकली।

मेरी बहन, जिसे मैं चोदना चाहता था, जिसके मुँह से मैं अपना लंड चुसवाना चाहता था, वो साली किसी और का लंड चूस रही थी। ये देखकर मुझे गुस्सा आ गया।

पर बाद में ये चीज़ मुझे एक अवसर की तरह लगी।

मैंने सोचा कि मैं मेरी बहन और उस लड़के का वीडियो बनाकर मैं अपनी बहन को इस बात के लिए राजी कर लूंगा कि वो मेरे लंड को भी चूस कर अपनी चूत में लेकर मेरी हर चाहत को पूरा कर दे।

मैं भी अपनी बहन को चोदना चाहता था। उसके मुँह में अपना लंड डालकर उससे चुसवाना चाहता था।

मुझे ऐसे ही किसी मौके की तलाश थी, जिससे मैं अपनी बहन को मुझसे अपनी चूत चुदवाने के लिए सैट कर सकूँ।

अब मैंने मेरी बहन का उस लड़के के साथ लंड चूसते हुए वीडियो बनाया और कोशिश करने लगा कि उन दोनों की सेक्सी आवाजों को भी रिकॉर्ड कर सकूँ।

कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया और मैं अपना भाईपना दिखाने अन्दर जाने की सोचने लगा।

मैंने मोबाइल जेब में रखा और ज़ोर से दरवाजे को धक्का देकर अन्दर चला गया।

मुझे आते हुए देख वो लड़का भाग गया और मेरी बहन भी भागने की कोशिश कर रही थी। पर मैंने उसे पकड़ कर रोक लिया।

वो शर्म से अपना सर झुकाए मेरे सामने खड़ी हो गई। उसका चेहरा उतर गया था, उसका बदन कांप रहा था।

वो इस बात से डर गयी थी कि कहीं मैं ये सब मम्मी पापा को ना बता दूँ।

मैंने गुस्से में पूछा- ये क्या हो रहा था? तुम हमारे पीठ पीछे मोहल्ले के लड़कों के लंड चूसती फिरती हो।

उसने कोई जवाब नहीं दिया।

मैं गुस्से से चिल्लाया- कुछ बोलो?

उसने डरते हुए जबाव दिया- भैया मुझे माफ़ कर दीजिए, उसने मुझे फोन दिलवाने का कहा था कि मैं तुम्हें फोन दिलाऊंगा और उसके बदले में तुम्हें मेरा चूसना होगा। मैं आगे से ऐसा नहीं करूंगी भैया, बस आप मम्मी पापा को मत बताना।

इतना बोल कर वो वहां से भाग गयी। मैं घर में गया, तो वो मुझसे नज़र तक नहीं मिला रही थी।

उसी समय बिजली चली गई। मैंने सही मौका समझा और अपनी बहन को एक कागज में लिख कर कहा कि मुझे फार्महाउस के पीछे वाले गोदाम में अभी आकर मिलो।

अगर तुम नहीं आईं तो मैं तुम्हारा और उस लड़के का वीडियो, जो मैंने तुम्हारे लंड चूसते वक़्त शूट किया था, वो मम्मी पापा को दिखा दूँगा।

वो कागज बहन को देकर मैं गोदाम में चला गया और उसका इंतज़ार करने लगा।

थोड़ी देर के बाद मेरी बहन गोदाम में आ गई और दोबारा मुझसे माफी मांगने लगी। मैंने गुस्से में पूछा- सच सच बताना अब तक तुम कितने लड़कों से अपनी चूत चुदवा चुकी हो?

उसने डर कर जवाब दिया- भैया किसी से नहीं … इस लड़के ने मुझे फोन का लालच दिया था और कहा था कि शाम को गोदाम में आ जाना। आप प्लीज़ मम्मी पापा को वो वीडियो मत दिखाना, आप जो कहेंगे, मैं वो करूंगी।

ये कह कर वो मेरे सीने से चिपक गई।

जैसे ही उसने ये कहा कि आप जो कहेंगे मैं वो करूंगी … मुझे लगा कि बहन के साथ अपनी सारी चाहत को पूरा करने का यही सही मौका है।

वैसे भी मैं ऐसे ही किसी मौके की तलाश में था क्योंकि मुझे अपनी बहन की चूत चोदनी थी।

मैंने गुस्से में उसे दूर करते हुए कहा- मैं जो कहूँगा क्या तुम वो करोगी?

उसने जवाब दिया- हां करूंगी।

मैंने उसकी एक चूची मसलते हुए कहा- तुम मेरी रंडी बन जाओ, मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगा।

उसने हंस कर कहा- भैया, पर मैं तो आपकी बहन हूँ।

मैंने कहा- साली, जो सारे सुख तुम किसी और लड़के से चाहती हो, वो मैं भी तुम्हें दे सकता हूँ। बस तुम इस बारे में किसी को कुछ मत कहना और मैं भी तुम्हारी वीडियो किसी को नहीं दिखाऊंगा। आज से तुम मेरी बहन नहीं, मेरी रंडी हो। मैं जो कहूँगा, तुम्हें वो करना होगा। मैं जब कहूँगा, तुम्हें मेरा लंड चूसना होगा। मैं जब कहूँगा, मुझे अपनी चूत को छोड़ने देना होगा। क्या तुम तैयार हो?

उसने सर हिला कर ‘हां …’ में जवाब दिया और बोली- मुझे खुद आपके साथ सेक्स करने का मन था।

मेरी बहन के ये कहते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं अब और इंतज़ार नहीं करना चाहता था।

मैंने अपनी बहन को नीचे बिठाया और अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।

जैसे ही मेरा लंड मेरी बहन के मुँह में गया, ऐसा लगा मानो मैं स्वर्ग में आ गया हूँ। मेरी बहन के नाज़ुक हाथों ने मेरे लंड को पकड़ा हुआ था और उसके कोमल होंठ मेरे लंड को चूस रहे थे।

ऐसा लग रहा था जैसे कोई स्वर्ग की अप्सरा मेरे लंड को चूस रही हो। मैं भी अपने लंड को धीरे धीरे मेरी बहन के मुँह के अन्दर बाहर पेलने लगा।

फिर मैंने मेरी बहन के सर को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उसके मुँह में अपना लंड तेज़ी से घुसेड़ने लगा। मेरी बहन के मुँह को अपने लंड से चोदने लगा।

मेरी बहन के मुँह से ‘पक … पक … पक …’ की आवाजें आने लगीं। फिर मैंने अपना लंड पूरा का पूरा उसके मुँह में गले तक घुसा दिया।

उसकी गों गों …’ की आवाजें आने लगीं और आंखों से आंसू निकलने लगे।

तब भी वो पूरी शिद्दत से मेरा लंड चूस रही थी और मेरे अंडे सहला रही थी।

ऐसे ही मैं अपनी सगी बहन के मुँह को करीब दस मिनट तक चोदता रहा।

उतने में ही बिजली वापस आ गयी और मुझे और मेरी बहन को वापस घर में जाना पड़ा।

मैं अपनी बहन की चूत को चोदना चाहता था पर बिजली ने सारा प्लान खराब कर दिया।

घर पर जाकर भी मेरे लंड तो पूरी तरह संतुष्टि नहीं मिली थी। थोड़ी देर के बाद पापा भी घर आ गए और खाने का वक़्त भी हो गया था।

पर मुझे खाने से ज़्यादा मेरी बहन की चूत को चोदने का मन था।

हम सभी ने कुछ ही देर में खाना खा लिया।

अब मम्मी पापा टीवी देख रहे थे। मेरी बहन किचन में बर्तन धो रही थी। मैं उसके पास गया और कहा- आज रात को मैं तुम्हारी चूत को चोदना चाहता हूँ। पापा मम्मी के सोने के बाद तुम गोदाम में चली आना।

थोड़ी देर के बाद पापा मम्मी रूम में सोने चले गए। मेरी बहन भी उन्हीं के साथ रूम में सोने चली गयी।

आधी रात होने के बाद मैं उठकर गोदाम में आ गया और अपनी बहन का इंतज़ार करने लगा।

मैंने उधर दरी बिछा दी थी और उधर ही बहन की चूत चोदने की, फुल सेक्स की तैयारी कर ली थी। साथ में मैं एक शीशी में तेल भी ले गया था।

थोड़ी देर बाद वो भी आ गयी। हम दोनों गोदाम के अन्दर आ गए।

मैंने उसको कसकर अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों को किस करने लगा।

वो भी किस में मेरा साथ देने लगी। ऐसे ही हम थोड़ी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे।

फिर मैंने उसके कपड़ों को उतारना शुरू कर दिया। उसके चूचे पहले से और ज़्यादा बड़े हो गए थे। उसकी बॉडी का फिगर किसी पोर्न ऐक्ट्रेस से कम नहीं था।

मैंने उसके लोअर के साथ साथ पैंटी भी उतार दी।

अब मैं उसका पूरा नंगा बदन देख सकता था। उसकी गुलाबी चूत, उसकी एकदम गोल और बड़ी गांड सच में मस्त थी। वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।

मैंने उसे दरी पर लेटा दिया और हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए।

उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मैं उसकी चूत को अपनी जुबान से चाटने लगा। आज से पहले मैंने किसी लड़की की चूत तक नहीं देखी थी और आज मैं अपनी सगी बहन की चूत चाट रहा था।

थोड़ी देर तक हम इसी पोज़िशन को एन्जॉय करते रहे।

फिर फाइनली वो वक़्त आ गया, जिसके लिए मैंने इतना इंतज़ार किया था। मैंने अपनी बहन को उसके पीठ के बल लिटाया, जिससे उसका मुँह मेरी तरफ रहे।

अब मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ने वाला था। मैंने उसकी चूत पर तेल लगाया और अपने लंड पर भी तेल लगाया।

मैं भूल गया था कि मेरे और मेरी बहन के बीच में क्या रिश्ता है। मैं बस उसे एक रंडी की तरह चोदना चाहता था। मेरी बहन भी अपने भाई के साथ चुदाई का मजा लेना चाहती थी।

मैंने अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू किया। वो भी उत्तेजित थी और अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ रही थी।

मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा और अपनी पूरी ताक़त के साथ एक ज़ोर का झटका दे दिया।

जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत के अन्दर पेला, वो ज़ोर से चिल्ला दी- आआह आह … भैया मर गई … नहीं जा रहा आह बाहर निकालो … आपका लंड बहुत बड़ा है … मेरी चूत फट जाएगी।

उसकी चूत सच में बहुत टाइट थी। अपनी पूरी ताक़त लगाने के बाद भी मेरा लंड अभी आधा भी अन्दर नहीं गया था।

मैंने कहा- कोई बात नहीं, शुरू शुरू में दर्द होगा, एक बार मेरा लंड पूरा अन्दर चला गया तो फिर दर्द नहीं होगा।

और मैंने दोबारा अपनी पूरी ताक़त से उसको ज़ोर का झटका दिया।

वो दर्द से तड़पने लगी- अया आह फट गई … मां चुद गई मेरी चूत की! मेरी बहन चिल्लाने लगी, रोने लगी।

पर अभी भी मेरा लंड पूरा उसकी चूत में नहीं गया था। वो मुझे मेरा लंड निकालने के लिए कह रही थी पर मैं अभी भी संतुष्ट नहीं हुआ था। इतने इंतज़ार के बाद आया हुआ मौका मैं ऐसे कैसे जाने दे सकता था।

मैंने तीसरी बार उसके मुँह पर हाथ रखा और अपनी पूरी ताक़त से उसकी चूत में अन्दर अपने लंड को घुसेड़ दिया। वो फिर से चिल्लाने लगी- आह मुझे छोड़ दो … मुझे जाने दो … मेरी चूत फट जाएगी।

मैं और तेज़ी से झटके देने लगा। अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में घुसेड़ने लगा। वो दर्द से चिल्ला रही थी और छोड़ देने की कह रही थी।

जितने ज़ोर से वो चिल्ला रही थी, उतने ही ज़ोर से मैं उसको झटके दिए जा रहा था। कुछ ही देर में उसकी चूत से खून आने लगा। अब चूत में लंड अन्दर बाहर होने लगा था। वो भी शांत होने लगी थी।

मैं दस मिनट तक बहन की चूत चोदी और लंड बाहर खींच कर रस झाड़ दिया। फुल सेक्स के बाद मैं झड़ कर अपनी बहन के ऊपर ही गिर गया।

कुछ देर बाद हम दोनों घर में आ गए।

उसके बाद दिन में मम्मी पापा काम पर चले जाते थे और मैं अपनी बहन की चुदाई में लगा जाता था। वो भी मस्ती से चूत खोल कर लंड लेती थी।

इसी तरह मैंने अपनी बहन को जब मेरा मन चाहे, तब रंडी की तरह चोदने लगा। अब उसकी गांड मारने की प्लानिंग थी। वो आजकल मोमबत्ती से अपनी गांड ढीली करने में लगी थी।

एक दिन जब मम्मी-पापा बाहर गए थे, मैंने उसकी गांड में बट प्लग लगाया जिससे उसकी गांड लंड आसानी से ले सके। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी गांड में तेल लगाकर अपना लंड घुसाया।

वो पहले तो चिल्लाई लेकिन फिर मजे में आ गई। मैंने उसकी गांड 20 मिनट तक चोदी और फिर उसकी गांड में ही झड़ गया।

आज मैं और बबीता शौहर बीवी की तरह रहते हैं। हमारे बीच अब कोई शर्म नहीं है। मैं रोज़ उसकी बुर और गांड दोनों चोदता हूँ और वो भी मुझसे बहुत प्यार करती है।

हमारा यह रिश्ता आज भी जारी है और हम दोनों बहुत खुश हैं।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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