kuvari ladki sex kahani
कुवारी लड़की सेक्स कहानी में मेरा एक दोस्त बन गया. उसने मिलने को कहा और मेरे शहर में आ गया. मैं भी मिलने को बेताब थी तो उसके होटल में पहुँच गयी.
दोस्तो, मेरा नाम आरू राजपूत है. मैं भोपाल की रहने वाली हूँ.
मेरी उम्र 21 साल है.
मैं एक सुंदर और कुंवारी लड़की हूँ. मेरे पीछे बहुत लड़के पागल हैं.
कॉलेज में मुझे 3 लड़कों ने प्रपोज किया लेकिन मैंने किसी का प्रपोज स्वीकार नहीं किया क्योंकि मैं अपने बहुत दूर रहने वाले बॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती थी.
मैंने अब तक कभी भी सेक्स नहीं किया था.
मेरे ब्वॉयफ्रेंड से मेरी दोस्ती तीन साल पहले हुई थी.
हम दोनों एक-दूसरे से एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऑनलाइन मिले थे.
हमारे रिश्ते को 2 साल हो गए थे. वह भी मेरी ही उम्र का था.
कुवारी लड़की सेक्स कहानी तब बन्ने लगी जब अभी कुछ समय पहले उसने मुझसे मिलने का प्लान बनाया.
मैंने उससे मिलने में सहमति जताई तो वह भोपाल आया.
मैं भी उससे पहली बार सामने से मिलने के लिए बेताब थी.
हम दोनों फोन पर बहुत ज्यादा सेक्सी और खुली खुली बातें किया करते थे.
रात में वीडियो कॉल पर वह मुझे अपना 7 इंच का लंड दिखाता था और मैं अपनी चूत और चूचियां दिखाती थी.
मैं आपको अपना फिगर बता देती हूँ ताकि आप भी सेक्स कहानी में रस ले सकें.
मैं 5 फीट 2 इंच की हूँ. मेरा रंग गोरा है और मेरी साइज़ 34-30-36 का है.
जब मेरा बॉयफ्रेंड भोपाल आया, तो उसने मुझे कॉल किया और कहा- जींस पहन कर आना.
मैंने कहा- जींस में कोई खास इन्टरेस्ट है क्या?
वह बोला- नहीं बस मैं यह चाहता हूँ कि तुम पूरे कपड़े पहन कर आओ.
उसकी इस बात से मेरे दिल में उसके लिए और भी ज्यादा प्यार उमड़ आया.
ये हमारी पहली मुलाकात थी और उसने मिलने से पहले ही मुझसे कह दिया था कि जब मैं मिलने आऊंगा तो किस पक्का करूँगा.
मैंने भी हामी भर दी थी.
उस दिन मैं सुबह जल्दी ही घर से निकल गई.
वह होटल में रूम ले चुका था.
उससे होटल के कमरे में मिलने जाने में मेरे दिल में एक धुकपुकी सी हो रही थी और सच कहूँ तो मैं बहुत डरी हुई थी.
पहली बार मैं अकेली किसी लड़के से एक कमरे में मिलने जा रही थी.
मैं होटल के पास पहुंचने वाली थी, तब मैंने उसको कॉल किया.
वह होटल के बाहर ही खड़ा था.
मैं उसके पास गई और उसे देखा तो उनसे भी मुझे देख कर प्यार से हाय कहा.
मैं शर्मा गई और उससे नज़रें ही नहीं मिला पा रही थी.
उसने मुझे गले लगा लिया और अपने सीने से चिपका लिया.
मेरी आंखें खुशी से भर गईं.
फिर हम दोनों कुछ देर यूं ही टहलते रहे.
उसके बाद उसने मुझे पूछा- अब ओके हो न!
मैंने उसे देख कर मीठी मुस्कान दे दी और कहा- हां.
उसने पूछा- कमरे में चलें?
मैंने मुस्कुरा कर हां कह दी.
अब हम दोनों होटल के रूम में चले गए.
उधर रह कर 2 घंटे तक हम दोनों ने ढेरों बातें की.
फिर हम दोनों ने बाहर घूमने जाने का विचार बनाया और निकलने को रेडी हो गए.
हम दोनों बाहर निकल आए और उसने मुझसे घूमने जाने की जगह पूछ कर एक कैब बुक कर ली.
हम दोनों काफी देर तक कई जगहों तक घूमते रहे और जब मन भर गया तो वापस आने लगे.
उस वक्त तक दोपहर हो गई थी.
हम दोनों ने होटल के रेस्टोरेंट में ही बैठ कर साथ में खाना खाया और रूम में चले गए.
उधर हम दोनों ने एक मस्त सी सेल्फी ली और उसने उस पिक को अपने स्टेटस पर लगा लिया.
खाना खाकर आने से हम दोनों को ही आलस्य आ रहा था और बाहर से घूमकर भी आए थे, तो थोड़ी थकान भी लग रही थी इसलिए मैं बिस्तर पर लेट गई.
वह मेरी आंखों में देख रहा था.
मुझे उसका यूं देखना कुछ अजीब सा लगा.
मैंने उसे आखों से ही इशारा किया कि क्या देख रहे हो?
वह न जाने क्या समझा और धीरे धीरे से चल कर मेरे करीब आ गया.
मैं लेटी हुई थी तो वह मेरे बाजू में लेट गया और मेरे गालों को टच करने लगा.
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
उसने कहा- तुम्हारे गाल बहुत मुलायम हैं. मन कर रहा है किस कर लूँ.
मैंने कहा- अगर मन है तो कर लो!
उसने मेरे दोनों गालों पर बारी बारी से किस किया.
मैंने भी उसके गालों पर किस किया.
फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा.
पहले तो मैं सिहर गई मगर मुझे अच्छा लगा तो मैंने उसे रोका नहीं.
उसने मुझे 2 मिनट तक लगातार किस किया.
फिर मैंने उसको रोका.
वह मेरे ऊपर आने की कोशिश करने लगा.
उसके अपने ऊपर चढ़ा देख कर मुझे महसूस हुआ कि उसका लंड खड़ा हो रहा है.
उसने फिर से मेरे होंठों पर चुंबन किया और मेरे स्तनों को पकड़ने लगा.
मैंने उसका हाथ रोका लेकिन उसने फिर भी मेरे स्तनों को नहीं छोड़ा.
वह मुझे लगातार किस किए जा रहा था और स्तन दबा रहा था.
अब मेरी चूत भी गर्म होने लगी थी.
मुझ पर भी कंट्रोल नहीं हो रहा था.
मैं भी उसको किस करने लगी.
मैंने उसको शर्ट उतारने को कहा पर उसने पहले मेरी कुर्ती उतार दी.
मैं उसके सामने ऊपर केवल ब्रा में थी.
मुझे ब्रा में देख कर उसकी आंखों में वासना झलकने लगी थी.
उसने मेरे दूध देखते हुए ही अपनी शर्ट उतार कर अलग रख दी और अपनी जींस को भी उतारने लगा.
कुछ ही पलों बाद वह सिर्फ अपने अंडरवियर में था.
उसने आगे बढ़ कर मेरी ब्रा उतार दी.
मैं अपने बड़े-बड़े स्तनों को छुपाने की कोशिश करने लगी क्योंकि मुझे शर्म आ रही थी.
उसने मेरा हाथ हटाया और मेरे एक स्तन के निप्पल को अपने मुँह में ले लिया.
वह आम की तरह मेरे चूचे को चूसने लगा. एक चूचे को हाथ से मसलने लगा और दूसरे को चूसने लगा.
मेरे मुँह से ‘आआअह … उफ्फ़ …’ की आवाज आने लगी.
मुझे मजा आ रहा था.
मेरी चूत में खुजली मचने लगी थी.
उसने मेरी पैंट भी उतार दी और मुझे पूरी तरह से नंगी कर दिया.
मेरी चूत बिल्कुल साफ थी क्योंकि मुझे पता था कि मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरी चूत की चुदाई जरूर करेगा इसलिए मैं घर से ही अपनी चुत की झांटों को साफ करके आई थी.
वह मेरी चूत को उंगली से छूने लगा तो मेरे बदन में एकदम करंट जैसा दौड़ गया.
वह अपनी दो उंगलियों से मेरी चूत को मसलने लगा.
इससे मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी.
अब वह मेरी चूत की तरफ अपना मुँह ले गया और अपनी जीभ से चाटने लगा.
‘आहह … क्या मस्त लग रहा था!’
ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में हूँ.
मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और चुत पर दबाने लगी.
वह मस्ती से मेरी चुत को जीभ से चाटने लगा.
कुछ देर बाद वह उठा और मुझे किस करने लगा.
मैं अपने होश में नहीं थी.
मुझे बस अब अपनी चूत में उसका लंड चाहिए था.
मैंने उसको कहा- जल्दी करो ना जान … बहुत आग लगी है!
उसने कहा- सब्र रखो मेरी जान … तुम्हारी आग तो आज मैं बुझा कर ही रहूँगा!
उसका लंड अंडरवियर से पूरा साफ-साफ पता चल रहा था, एकदम तन कर खड़ा था.
मैंने उसका अंडरवियर उतार दिया.
मैं उसके लंड को देखती रह गई.
मेरा गला सूखने लगा.
मैं डर गई कि इतना बड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत में कैसे जाएगा!
वह अपने लंड को पकड़ कर हिलाते हुए बोला- मुँह में लो!
मैंने कहा- छी: मैं नहीं लूंगी!
उसने कहा- ले लो, मजा आएगा बेबी!
मैंने कहा- मुझे करना ही नहीं है अब कुछ … तुम गंदे हो.
मैंने तुरंत गुस्सा होने का ड्रामा किया.
यह देख कर उसने झट से कहा- अरे मेरी जान गुस्सा क्यों होती हो? मत लो, जब मन करे … तब ले लेना.
मैं मुस्कुरा दी और गहरी आंखों से देखने लगी.
वह समझ गया आगे क्या करना है.
उसने मुझे उठाया और एक तकिया मेरी कमर के नीचे रख दिया.
मैंने कहा- अब डाल भी दो ना, कितना इंतज़ार करवाओगे!
उसने मेरे पैरों को फैलाया और लंड मेरी चूत के पास लाकर चूत के ऊपर घुमाने लगा.
मैं उसके लौड़े की गर्मी के अहसास से मदहोश होती जा रही थी.
वह चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा.
मेरी चूत में जैसे आग लग गई थी.
चुत किसी भट्टी की तरह तप रही थी.
उसने कहा- छेद बहुत गर्म है!
मैंने इठला कहा- क्या ठंडा वाला छेद चाहिए था?
वह हंस दिया और बोला- वह बाद में ले लूँगा.
मैं उसकी बात को समझ नहीं पाई कि बाद में कौन सा छेद ठंडा वाला लेने की बात कर रहा है.
तभी उसने मेरी गांड को सहलाया तो मैं समझ गई और उसी वक्त बोल उठी- नो वे हनी!
वह हंस दिया.
अब वह मेरी चुत में धीरे-धीरे अपने लंड को अन्दर पेलने लगा.
लेकिन उसका मूसल लंड मेरी चूत में घुस ही नहीं रहा था.
उसने जोर लगाया, तो मेरी कुंवारी चूत में थोड़ा सा टोपा घुसा.
मुझे दर्द हुआ लेकिन मैं कुछ नहीं बोली.
मैंने उसे तैश दिलाते हुए कहा- क्या हुआ? घुसाना नहीं आता क्या?
यह सुनकर उसका मर्द जाग गया और उसका जोश एकदम से बढ़ गया.
उसने मेरी कमर के दोनों ओर अपने हाथ जमाए और एकदम से अपनी गांड का दम लगा कर मेरी चूत में अपना आधा लंड घुसेड़ दिया.
मैं उसके मोटे लवड़े को झेल न सकी और चिल्लाने लगी.
मैं दर्द से कराहती हुई कहने लगी- आह मर गई आह प्लीज निकाल दो इसे … मैं नहीं ले पाऊंगी … मुझे नहीं करना … आह प्लीज जल्दी निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज आहह!
वह उतना लंड पेले हुए ही रुक गया.
मैं अब भी दर्द से थर्रा रही थी.
उसने झुक कर मुझे चूमना चालू कर दिया और अपने होंठों से मेरे एक दूध के निप्पल को पकड़ कर खींचने लगा.
इससे मुझे राहत मिलने लगी और मैं शांत हो गई.
थोड़ी देर बाद उसने वापस बहुत जोर से धक्का लगाया और मेरी चूत में अपना समूचा मूसल लंड ठांस दिया.
कुवारी लड़की सेक्स में मुझे बहुत तेज दर्द हुआ; मैं रोने लगी.
मैं रोती हुई बोली- आह निकाल लो प्लीज … मैं मर जाऊंगी प्लीज निकाल लो … तुमको मेरी कसम है आह निकाल लो प्लीज!
वह मुझसे बहुत प्यार करता था.
इसलिए मुझे रोता देख कर उसने अपना लंड चुत से निकाल लिया.
उसने अपने लंड में देखा कि थोड़ा सा खून लगा हुआ है.
वह समझ गया कि मेरी कुंवारी चुत की सील टूट गई.
फिर मैं उठ कर बाथरूम गई और पेशाब करके वापस आ गई.
उसने कहा- अभी भी दर्द हो रहा है क्या?
मैंने कहा- हां, दर्द हो रहा है थोड़ा थोड़ा!
उसने कहा- पहली बार में होता है जान!
मैं चुप रही.
उसने मुझे किस किया और पुनः मुझे गर्म करने लगा.
जब मुझे लगा कि अब दर्द खत्म हो गया है, तो मैं भी उसके लंड को पकड़ने लगी.
वह समझ गया और उसने अपने लंड को मेरी चूत पर दोबारा सैट कर दिया.
मैंने कहा- आराम से!
मगर वह तो सांडपने पर उतारू था, साले ने इस बार और जोरदार धक्का मार दिया.
कसम से मेरी चूत में मुझे ऐसा लगा कि फट गई हो.
मैं चिल्लाने लगी और बोली- मैं अब कभी नहीं आऊंगी तुम्हारे पास … आअहह … उम्म … मर गई … तुम गंदे हो आह … उफ्फ्!
उसने मेरी बात को अनसुना किया और धीरे-धीरे अपने लंड को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे दर्द हो रहा है या अच्छा लग रहा है.
मैं बस उसके लंड से चुदती जा रही थी.
मेरी आवाजें कमजोर पड़ गई थीं और अब सिर्फ आंह उंह की आवाज निकल रही थी.
थोड़ी देर में ही उसके लंड ने पानी छोड़ दिया.
हम दोनों अब अलग हो गए और उठ कर बाथरूम में आ गए.
हम दोनों नंगे तो थे ही तो उसने शॉवर चालू कर दिया और हम दोनों नहा लिए.
नहाने के दौरान ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.
उसने फिर मुझे चोदने की कोशिश की, तो मैं गुस्सा करने लगी.
वह मुझे पकड़ कर बेड पर ले आया, मुझे पटक कर मेरे ऊपर चढ़ गया और चूमने लगा.
उसने इस बार मुझे बेड के एक साइड में लिटाया था.
कुछ पल बाद उसने मुझे किनारे को खींचा और मेरी गांड को पलंग के किनारे पर टिका कर वह खुद बेड के नीचे खड़ा हो गया था.
उसने मेरे दोनों पैरों को पकड़ कर अपने दोनों कंधों पर रखा और लंड हिलाते हुए मेरी चूत पर रगड़ने लगा.
मैं फिर से गर्म हो गई.
अब उसने जोर से मेरी चूत में लंड घुसाया और आगे-पीछे करने लगा.
इस बार मुझे बहुत मजा आ रहा था.
मैं मस्ती से चिल्ला रही थी- आआह … उफ्फ् … और तेज करो ना आह और जोर से करो … फाड़ दो मेरी चूत!
ये सुनकर उसे और जोश आ गया.
वह मेरी चूत का भोसड़ा बनाने में लग गया.
मैं मजे लेने लगी.
खुद चुदवाने के बाद मेरी चूत में बहुत जलन और दर्द होने लगा लेकिन मजा भी बहुत आया.
मैं बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थी.
बस मेरे मन में यही चल रहा था कि मैं अपने घर कैसे जाऊंगी?
मैं दर्द के कारण चल नहीं पा रही थी.
उसने मुझसे पूछा कि कैसा लग रहा है बेबी?
मैंने उसे बताया कि दर्द हो रहा है, तो उसने तुरंत ऑनलाइन मेरे लिए पेन किलर मंगवाई.
मैंने एक साथ दो गोलियां खा लीं.
करीब आधा घंटा में मुझे बेहद राहत मिल गई थी.
फिर जैसे-तैसे मैं शाम को अपने घर आ गई.
उसने मुझे कॉल किया और पूछा- दर्द कैसा है?
मैंने कहा- उस वक्त दवा के कारण दर्द तो नहीं हो रहा था, पर अब फिर से हल्का हल्का होने लगा है.
वह बोला- एक गोली और खा कर सो जाओ! तुमको सुबह मेरे पास आना भी है.
मैंने ओके कहा और थोड़ी देर बात करके मैं सो गई.
फिर जब मैं सुबह उठी तो मेरी कमर में बहुत दर्द हो रहा था.
मैंने उसको कॉल किया और कहा- आज मैं नहीं आ पाऊंगी, मेरी कमर में बहुत दर्द हो रहा है.
उसने कहा- पेनकिलर खा लो जान… लेकिन आओ ना मेरे पास … मैं तुम्हारे लिए ही इतनी दूर से आया हूँ!
मैं कहीं जाने लायक नहीं थी इसलिए मैंने मना कर दिया और उसके पास नहीं गई.
फिर दो दिन रुकने के बाद वह अपने घर वापस चला गया.
उसके बाद हम दोनों अभी तक दोबारा नहीं मिले हैं.
हालांकि हम दोनों ने शादी करने का प्लान बनाया है.
जब हमारी सुहागरात होगी तो वापस सेक्स कहानी आपको सुनाऊंगी. वह सब आप लोगों के साथ शेयर जरूर करूंगी.
तो कैसी लगी आपको मेरी कुवारी लड़की सेक्स कहानी?
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