मैं अपने देवर के बड़े लंड से चुदवाकर मजा ली

randi bhabhi xxx chudai kahani

मेरा नाम शीला है। मेरी शादी को दस साल हो चुके हैं और अब मेरी उम्र 33 साल है।

मेरा कोई बच्चा नहीं है – शायद यह भगवान की कोई मर्जी है, या शायद मेरे पति के कमजोर लंड का नतीजा।

मैं शादी से पहले एक बेहद जीवंत और यौन रूप से सक्रिय लड़की थी।

लोग मुझे “रंडी” कहते थे, लेकिन मैं इसे अपमान नहीं, बल्कि अपनी यौन स्वतंत्रता का बैज मानती थी।

मैं जानती थी कि मेरे शरीर में आग है, एक ऐसी आग जिसे केवल एक मर्द ही बुझा सकता था – और वह भी केवल वही मर्द जिसके पास एक मजबूत, बड़ा और शक्तिशाली लंड हो।

पिछले दस सालों से मैं अपने पति के छोटे लंड से काम चला रही हूं। जब वह मुझसे संभोग करता है, तो मुझे कुछ महसूस ही नहीं होता।

उसका लंड इतना छोटा और पतला है कि मेरी बुर में जाने के बाद भी मुझे पता नहीं चलता कि कुछ अंदर है भी या नहीं।

मैं अक्सर उससे चुदवाते वक्त अपने पुराने आशिकों की यादों में खो जाती हूं – उन मर्दों की याद में जिनके बड़े-बड़े लंड ने मेरी बुर को खूब चौड़ा किया था, जिन्होंने मुझे असली मर्दानगी का स्वाद चखाया था।

मैं अपने शरीर के बारे में बताऊँ तो मेरे दूध 36 इंच के बड़े और भरपूर हैं। मेरी कमर 32 इंच की सपाट है और मेरी गांड 40 इंच की भारी और मोहक है।

मैं दिखने में बिल्कुल रंडी एंजेला व्हाइट जैसी हूं – वही भरपूर शरीर, वही मादक आंखें, वही सेक्सी लुक जो किसी भी मर्द को मेरे करीब खींच लाए।

मुझे चुदाई वाले फिल्में देखना बहुत पसंद है, खासकर जॉनी डी की फिल्में।

जब मैं उसका 11 इंच का विशाल और मोटा लंड देखती हूं, तो मेरी बुर गीली हो जाती है और मैं कल्पना करती हूं कि काश मुझे भी ऐसा ही बड़ा लंड मिल सके जो मेरी गहरी बुर को पूरी तरह से भर सके।

लेकिन यह सब केवल सपने हैं। मेरे नसीब में ऐसा लंड नहीं है – या फिर शायद था, लेकिन मुझे पता नहीं था।

मेरे ससुराल में मेरा एक छोटा देवर रहता है जो कॉलेज में पढ़ता है। उसका नाम राहुल है और वह 22 साल का जवान, तंदुरुस्त और खूबसूरत नौजवान है।

मैंने सुना है कि उसका लंड बहुत बड़ा है – यह बात उसके पैंट से साफ झलकती है।

जब वह घर में घूमता है, तो उसके पैंट के सामने एक साफ उभार दिखाई देता है जो बताता है कि उसके अंदर एक विशाल हथियार छिपा है।

लाख कोशिशों के बावजूद मुझे आज तक उसे देखने को नसीब नहीं हुआ, लेकिन मेरी इच्छा दिन-ब-दिन और रात-ब-रात बढ़ती जा रही है।

मैं उससे चुदवाना चाहती हूं, उसके बड़े लंड को अपनी बुर में महसूस करना चाहती हूं, उस वीर्य को अपने बुर में लेना चाहती हूं जो एक जवान मर्द की ताकत को दर्शाता है।

राहुल के कॉलेज की छुट्टियां शुरू हो गई थीं और वह पूरे दिन घर पर रहता था।

मेरे पति दफ्तर से सुबह नौ बजे निकलते और शाम को सात बजे लौटते।

यह दस घंटे का अंतराल मेरे और राहुल के बीच एक अनकही कशिश पैदा कर रहा था।

मैंने जानबूझकर अपने कपड़ों में बदलाव किया। मैं गहरे गले वाले ब्लाउज पहनने लगी जिससे मेरे 36 इंच के स्तनों की गहराई साफ दिखती थी।

मैं टाइट साड़ी बांधने लगी जो मेरी 40 इंच की गांड को और भी मोहक बना देती थी।

मैं “अनजाने” में उसके सामने झुककर काम करती, जिससे मेरे स्तनों का क्लीवेज उसकी आंखों के सामने होता। मैं जानती थी कि वह मुझे देख रहा है, और मुझे यह अच्छा लगता था।

एक दिन मैं रसोई में खाना बना रही थी। मैंने एक हल्का कॉटन का कुर्ता पहना था जो बिल्कुल पारदर्शी था और नीचे कोई ब्रा नहीं पहनी थी।

जब मैं आटा गूंथ रही थी, तो मेरे दूध कुर्ते में हिल रहे थे और मेरे निप्पल साफ दिख रहे थे।

राहुल रसोई के दरवाजे पर खड़ा होकर मुझे देख रहा था। मैंने अपनी आंखों से उसे अंदर आने का इशारा किया।

“क्या चाहिए राहुल?” मैंने पूछा, जानबूझकर अपनी आवाज में एक मादक भराव लाते हुए।

“वो… पानी… प्यास लगी थी भाभी,” वह हकलाते हुए बोला।

मैं उठी और फ्रिज की ओर बढ़ी। जानबूझकर मैंने अपने पैर फिसलाए और सीधे राहुल की गोद में गिर गई।

उसने मुझे पकड़ने के लिए अपने हाथ बढ़ाए और उसके हाथ मेरे चुचियों पर आकर रुक गए। एक सेकंड के लिए हम दोनों स्थिर रहे।

मैंने महसूस किया कि उसके हाथ मेरे मुलायम स्तनों पर थे और मेरे निप्पल उसकी हथेलियों में कड़े हो रहे थे।

“सॉरी भाभी,” वह घबराकर बोला।

“कोई बात नहीं देवर जी,” मैंने मुस्कुराते हुए कहा और धीरे से उसके हाथ अपने स्तनों पर दबाते हुए खड़ी हो गई। “आप तो परिवार ही हो।”

उस दिन के बाद कुछ बदल गया। राहुल अब मुझसे आंख मिलाकर बात करने लगा था।

वह मेरे करीब आने की कोशिश करता, किचन में मेरी मदद के बहाने मेरे पीछे खड़ा हो जाता जिससे उसका शरीर मेरी पीठ से टकराता।

मैं महसूस करती थी कि उसके पैंट में कुछ कठोर हो रहा है – वह उसका बड़ा लंड था जो मुझे छूने के लिए बेताब था।

एक शाम जब मैं बाथरूम से नहाकर निकली, तो मैंने जानबूझकर अपना तौलिया ढीला पहना हुआ था।

राहुल गलती से (जो शायद जानबूझकर थी) मेरे सामने आ गया।

तौलिया फिसलकर गिर गया और मैं सामने पूरी नंगी खड़ी थी – मेरे 36 इंच के स्तन खुले थे, मेरे काले निप्पल कड़े होकर उसे बुला रहे थे, मेरी बुर पर हल्के बाल थे जो गीली हो रही थी।

राहुल की आंखें खुली की खुली रह गईं। वह मेरे शरीर को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।

“भाभी…” वह सिर्फ इतना ही बोल पाया।

मैंने शर्माते हुए (जो नकली थी) तौलिया उठाया और धीरे से बोली, “कुछ मत कहना राहुल… यह हमारे बीच का राज रहेगा।”

उस रात मैं सो नहीं पाई। मैं सिर्फ राहुल के उस विशाल उभार को सोच रही थी जो मैंने उसके पैंट में देखा था।

मेरी बुर पूरी तरह से गीली थी और मैंने अपनी उंगलियों से खुद को संतुष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था।

मुझे असली चीज चाहिए थी – मुझे राहुल का बड़ा लंड चाहिए था।

अगले दिन सुबह मेरे पति दफ्तर निकल गए। घर में सिर्फ मैं और राहुल थे।

मैंने एक गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी जो बिल्कुल पारदर्शी थी और नीचे एक हल्का ब्लाउज जिसमें से मेरे स्तनों का आधा हिस्सा दिख रहा था।

मैंने ब्रा नहीं पहनी थी ताकि मेरे निप्पल साफ दिखें।

मैं राहुल के कमरे में गई। वह बिस्तर पर बैठकर अपने फोन में कुछ देख रहा था।

मैंने देखा कि वह सेक्स वाले वीडियो देख रहा था – और वह वीडियो एंजेला व्हाइट की थी, जो मुझसे मिलती-जुलती थी।

“क्या देख रहे हो देवर जी?” मैंने पीछ से आवाज दी।

वह घबराकर फोन छुपाने लगा, लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। “डरो मत राहुल। मैं भी यही देखती हूं। जॉनी डी का लंड कितना बड़ा है ना?”

राहुल ने हां में सिर हिलाया, उसकी आंखें मेरे दूधों पर टिकी थीं।

“तुम्हें बड़े लंड पसंद हैं?” मैंने पूछा।

“हां भाभी,” वह घबराते हुए बोला।

“क्या तुम्हारा भी बड़ा है?” मैंने सीधे सवाल पूछा।

राहुल चुप रहा, लेकिन उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी।

“दिखाओ ना,” मैंने कहा और उसके पास बैठ गई। “मैं वादा करती हूं, किसी को नहीं बताऊंगी।”

राहुल ने धीरे-धीरे अपना टी-शर्ट उतारा।

उसका शरीर बेहद सुडौल था – चौड़ी छाती, सिक्स पैक एब्स, और नीचे की ओर एक साफ उभार जो उसके जींस में साफ दिख रहा था।

“और नीचे?” मैंने पूछा, मेरी सांसें तेज हो रही थीं।

राहुल ने अपनी जींस की चेन खोली और धीरे से अपना अंडरवियर नीचे किया। जो चीज बाहर निकली, वह देखकर मेरी सांसें थम गईं।

वह लंड बेहद सुंदर था – लगभग 9 इंच लंबा, इतना मोटा कि मेरी उंगलियां उसे पूरी तरह से नहीं घेर सकती थीं, और एक बड़ा गुलाबी टोपा जो पहले से ही गीला हो रहा था।

वह एकदम सीधा खड़ा था, नसों से भरा हुआ और ताकत से फूला हुआ।

“ओह माय गॉड,” मैंने फुसफुसाते हुए कहा। “यह तो बहुत बड़ा है राहुल।”

“क्या यह जॉनी डी जैसा है?” उसने पूछा।

“उससे भी बेहतर,” मैंने कहा और अपना हाथ आगे बढ़ाया।

मैंने उसके लंड को अपने हाथ में लिया। वह गर्म और कठोर था, एक जीवित हथियार जो मेरी बुर में घुसने के लिए बेताब था।

मैंने धीरे से उसे सहलाना शुरू किया, ऊपर से नीचे तक। राहुल की आंखें बंद हो गईं और उसने मस्ती से सांस ली।

“भाभी…” वह कराहते हुए बोला।

“शhhhhh,” मैंने कहा और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।

वह हमारा पहला चुंबन था – नरम, गीला और आग भरा।

हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं और मैं उसके लंड को जोर-जोर से हिला रही थी।

उसने अपने हाथ मेरी साड़ी में डाले और मेरे स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया।

वह मेरे निप्पलों को अपनी उंगलियों से कुचल रहा था जिससे मुझे बेहद मजा आ रहा था।

“तुम्हारे दूध बहुत बड़े और मुलायम हैं भाभी,” राहुल ने कहा।

“तुम्हें पसंद आए?” मैंने पूछा।

“बहुत,” वह बोला और मेरे ब्लाउज के बटन खोलने लगा।

मेरे स्तन आजाद हो गए। मेरे 36 इंच के भरपूर स्तन उसके सामने थे, मेरे काले निप्पल कड़े होकर उसे बुला रहे थे।

राहुल ने अपना मुंह उन पर रख दिया और चूसना शुरू कर दिया।

“ओहhhhh… हां… और जोर से चूसो,” मैंने कराहते हुए कहा।

वह मेरे एक स्तन को अपने मुंह में भरकर चूस रहा था और दूसरे को अपने हाथ से दबा रहा था।

मेरे निप्पल उसकी जीभ के नीचे कड़े हो रहे थे और मुझे बेहद मजा आ रहा था।

मैंने अपना हाथ उसके लंड पर रखा और उसे जोर-जोर से हिलाने लगी।

वह बहुत बड़ा और मोटा था – मेरे हाथ में आ रहा था लेकिन फिर भी बहुत कठोर था।

“मुझे तुम्हारा दूध पीना है भाभी,” राहुल ने कहा।

“पी लो मेरे राजा,” मैंने कहा और उसका चेहरा अपने स्तनों पर दबा दिया।

वह जानवरों की तरह मेरे स्तनों को चूस रहा था। वह मेरे निप्पलों को काट रहा था, मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबा रहा था।

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग में हूं। पिछले दस सालों में पहली बार कोई मर्द मेरे स्तनों को इतनी तीव्रता से चूस रहा था।

“अब मुझे अपनी बुर दिखाओ भाभी,” राहुल ने कहा।

मैं खड़ी हुई और अपनी साड़ी उतार दी।

फिर मैंने अपनी पैंटी भी उतार दी।

मैं उसके सामने पूरी नंगी खड़ी थी – मेरे स्तन लटक रहे थे, मेरी बुर गीली होकर चमक रही थी, मेरी गांड मोटी और मादक थी।

राहुल ने मुझे देखकर अपना लंड और जोर से हिलाना शुरू कर दिया। “तुम बहुत खूबसूरत हो भाभी। तुम्हारी बुर बहुत मादक है।”

“आओ इसे चखो,” मैंने कहा और बिस्तर पर लेट गई, अपने पैर फैलाकर।

राहुल मेरे पैरों के बीच आ गया। उसने पहले मेरी जांघों को चूमा, फिर धीरे-धीरे ऊपर बढ़ा।

जब उसकी जीभ मेरी बुर पर पड़ी, तो मैं उछल पड़ी।

“ओहhhhh… हां… वहीं… चाटो मेरी बुर को,” मैंने चिल्लाते हुए कहा।

राहुल ने मेरी बुर को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया।

वह मेरी योनि के होठों को चूस रहा था, मेरी क्लिटोरिस को अपनी जीभ से सहला रहा था।

मेरी बुर पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और मैं उसके मुंह पर अपनी गांड उठाकर चुदवा रही थी।

“और अंदर डालो अपनी जीभ,” मैंने कहा।

राहुल ने अपनी जीभ मेरी बुर में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे एक छोटा लंड अंदर जा रहा है। मैं पागल हो रही थी, अपने स्तनों को खुद ही दबा रही थी, अपने निप्पलों को खींच रही थी।

“अब बस करो राहुल… अब मुझे तुम्हारा लंड चाहिए,” मैंने कहा।

राहुल खड़ा हुआ और उसका विशाल लंड मेरी बुर के मुंह पर टिका दिया।

वह इतना बड़ा था कि मुझे डर लग रहा था कि वह अंदर जाएगा भी या नहीं।

“धीरे से डालना,” मैंने कहा।

राहुल ने धीरे से अपने लंड का टोपा मेरी बुर में डाला।

पहले तो मुझे दर्द हुआ क्योंकि इतने सालों बाद इतना मोटा लंड मेरी बुर में जा रहा था, लेकिन फिर वह दर्द मजे में बदल गया।

“और अंदर डालो… पूरा डाल दो,” मैंने कहा।

राहुल ने एक जोरदार धक्का दिया और उसका पूरा लंड मेरी बुर में समा गया।

मैं चीख पड़ी – वह इतना गहरा गया था कि मुझे लगा कि वह मेरे पेट तक पहुंच गया है।

“ओहhhhh… बहुत बड़ा है तुम्हारा लंड राहुल,” मैंने कराहते हुए कहा।

“कैसा लग रहा है भाभी?” उसने पूछा।

“बहुत अच्छा… अब चोदो मुझे… जोर-जोर से चोदो,” मैंने कहा।

राहुल ने धक्के देना शुरू किया। वह धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था, फिर उसने गति तेज कर दी।

वह मुझे जोर-जोर से चोद रहा था, उसका लंड मेरी बुर की दीवारों से टकरा रहा था, मेरी योनि को पूरी तरह से भर रहा था।

“हां… हां… और जोर से… फाड़ दो मेरी बुर को,” मैंने चिल्लाते हुए कहा।

राहुल ने मेरे पैर अपने कंधों पर रखे और और गहरे धक्के देने लगा।

वह एक मशीन की तरह मुझे चोद रहा था, उसका हर धक्का मुझे स्वर्ग तक ले जा रहा था।

मैंने अपने नाखून उसकी पीठ पर गड़ा दिए, मेरे स्तन उसकी छाती से रगड़ खा रहे थे।

“भाभी… तुम्हारी बुर बहुत टाइट है,” राहुल ने कहा।

“तुम्हारे लिए ही तो है यह… और जोर से चोदो मुझे,” मैंने कहा।

राहुल ने मुझे कुत्तिया की तरह बनने के लिए कहा। मैं घुटनों और हाथों के बल हो गई, मेरी गांड हवा में थी।

राहुल मेरे पीछे आया और उसने अपना लंड मेरी बुर में एक ही धक्के में पूरा डाल दिया।

“ओहhhhh… मां… क्या मार रहे हो,” मैंने चिल्लाया।

वह मेरी गांड थामकर मुझे पीछे से चोद रहा था। उसका लंड मेरी योनि की सबसे गहरी जगह तक पहुंच रहा था।

मैं अपने स्तनों को हिलाते हुए उसकी चुदाई का मजा ले रही थी।

मेरे निप्पल बिस्तर की चादर से रगड़ खा रहे थे जिससे मुझे दोगुना मजा आ रहा था।

“मैं झड़ने वाला हूं भाभी,” राहुल ने कहा।

“अंदर ही झड़ जाओ… मुझे अपना वीर्य चाहिए,” मैंने कहा।

राहुल ने कुछ और जोरदार धक्के दिए और फिर उसने अपना लंड मेरी बुर में ही छोड़ दिया।

मैंने महसूस किया कि उसका गर्म वीर्य मेरी योनि में भर रहा है – वह इतना अधिक था कि बाहर बहकर बिस्तर पर गिर रहा था।

राहुल मेरे ऊपर गिर गया, उसका लंड अभी भी मेरी बुर में था। हम दोनों सांस फूंकते हुए एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।

“कैसा लगा भाभी?” राहुल ने पूछा।

“बहुत अच्छा… तुम्हारा लंड बहुत बड़ा और मजेदार है,” मैंने कहा और उसे चूमा।

“क्या हम फिर से कर सकते हैं?” उसने पूछा।

मैंने देखा कि उसका लंड फिर से कठोर हो रहा था। जवानी की ताकत थी उसमें – वह फिर से तैयार था।

“हां… लेकिन इस बार मैं तुम्हें और मजा दूंगी,” मैंने कहा।

मैंने उसे लिटाया और उसके लंड पर बैठ गई। मैंने धीरे से उसका लंड अपनी बुर में लिया और ऊपर-नीचे उछलने लगी।

मेरे स्तन हवा में हिल रहे थे, मेरे निप्पल कड़े थे। राहुल ने अपने हाथ ऊपर उठाए और मेरे स्तनों को पकड़ लिया।

“क्या दूध है तुम्हारे भाभी,” वह बोला।

“चूस लो इन्हें… पी लो मेरा दूध,” मैंने कहा और नीचे झुकी।

राहुल ने मेरे स्तनों को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा।

वह मेरे दूध को पीने की कोशिश कर रहा था, मेरे निप्पलों को काट रहा था। मैं उसके लंड पर उछल रही थी, मेरी बुर उसे पूरी तरह से निगल रही थी।

“मैं फिर से झड़ने वाली हूं,” मैंने कहा।

“मैं भी,” राहुल ने कहा।

हम दोनों एक साथ झड़े। मेरी योनि ने उसके लंड को कसकर पकड़ लिया और उसके वीर्य को अपने अंदर खींच लिया।

यह एक बेहद तीव्र ऑर्गेज्म था जिसने मेरे पूरे शरीर को कंपा दिया।

मैं उसके ऊपर गिर गई, उसके लंड अभी भी मेरी बुर में था। हम एक-दूसरे को चूम रहे थे, एक-दूसरे के शरीर को सहला रहे थे।

“मैं तुमसे रोज चुदवाना चाहती हूं राहुल,” मैंने कहा।

“मैं भी भाभी… तुम्हारी बुर बहुत मस्त है,” उसने कहा।

“तुम्हारे बड़े लंड के लिए ही तो बनी है यह,” मैंने शरारत से कहा।

हम दोनों हंस पड़े और एक-दूसरे की बाहों में लिपटकर सो गए।

मेरी बुर में उसका वीर्य भरा हुआ था, मेरे स्तन उसके हाथों में थे, और मेरा दिल उसके प्यार से भरा हुआ था।

यह सिर्फ शुरुआत थी। अब रोज सुबह जब मेरे पति दफ्तर जाते, राहुल मेरी बुर में अपना बड़ा लंड डालता।

वह मुझे हर तरह से चोदता – कभी मिशनरी पोजीशन में, कभी घोड़ी की तरह, कभी मुझे अपनी गोद में बिठाकर।

वह मेरे हर छेद को भरता – मेरी बुर, मेरी गांड, मेरा मुंह। वह मेरे स्तनों का दूध पीता, मेरे निप्पलों को काटता, मेरी योनि को चाटता।

मैं पिछले दस सालों में पहली बार पूरी तरह से संतुष्ट थी।

राहुल का बड़ा लंड मेरी हर यौन इच्छा को पूरा कर रहा था।

मैं अब अपने पति के छोटे लंड से काम चलाने वाली नहीं थी – मुझे असली मर्द चाहिए था, और वह मेरा देवर था।

हमारा यह रिश्ता रोमांस और यौन आनंद से भरा हुआ था। राहुल मुझसे प्यार करता था और मैं भी उससे।

हम दोनों एक-दूसरे के शरीर का पूरी तरह से आनंद ले रहे थे।

मेरी बुर रोज उसके बड़े लंड से भरी रहती, मेरे स्तन उसके मुंह में रहते, और मैं खुश रहती।

यह थी मेरी कहानी – एक भाभी जिसने अपने देवर के बड़े लंड से चुदवाकर असली मजा लिया।

अब मेरी जिंदगी पूरी हो गई थी, मेरी यौन इच्छाएं पूरी हो गई थीं, और मैं खुश थी।

आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे कमेंट में बताएं……….मैं आपकी रंडी भाभी शीला!

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “मैं अपने देवर के बड़े लंड से चुदवाकर मजा ली”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top