मैं तलाक के बाद अपने एक्स ब्वॉयफ्रेंड की रखैल बनी

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मेरा नाम मोनिका है। मैं 27 साल की एक जवान और खूबसूरत औरत हूँ। मेरा फिगर 34-30-38 है और मेरी हाइट 5 फुट 3 इंच है।

लोग कहते हैं कि मैं बहुत खूबसूरत हूँ, और मेरी खूबसूरती में एक अलग ही नशा है।

मेरी माँ भी कभी बहुत खूबसूरत थीं – लोग उन्हें रंडी कहते थे क्योंकि वह बहुत मनचली थीं।

वह एक कंपनी में काम करती थीं और वहीं के एक लड़के से शादी कर लीं।

अब वह एक हाउसवाइफ हैं, लेकिन मैं उनकी तरह ही हूँ – मुझे भी जीने का पूरा मजा लेना आता है, खासकर चुदवाने का।

मैं एक टपोरी लड़की हूँ जिसे चुदवाना बहुत पसंद है।

मेरे शरीर में एक अलग ही आग है जो सिर्फ एक मर्द की छुअन से ही बुझ सकती है। और वह मर्द कोई और नहीं, मेरा पूर्व प्रेमी अनिल था।

अनिल… जिसका नाम सुनते ही मेरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ जाती है।

उसकी हाइट 5 फुट 11 इंच है – मुझसे काफी लंबा। उसका बॉडी तो नॉर्मल लड़कों जैसा ही है, लेकिन उसके पास एक खासियत है जो शायद ही किसी और मर्द में हो।

उसका लंड नौ इंच लंबा है और इतना मोटा कि मेरी बुर को पूरी तरह से भर देता है।

वह चोदने में एक नंबर है – ऐसा चोदता है कि औरत गदगद हो जाए।

हमारी मुलाकात तब हुई थी जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी।

मैं एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में जाती थी, लेकिन मेरे पीछे एक लड़का बैठ गया था।

मेरी सहेली की मदद से उसने मुझे पटा लिया। शुरू में तो मैं शर्माती थी, लेकिन फिर धीरे-धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई।

अनिल मुझे बहुत प्यार करता था। वह मुझे पार्क में घुमाने ले जाता था। वहाँ हम एकांत में बैठते और वह मुझे अपनी बाहों में भर लेता।

उसके बदन की गर्मी मुझे बेहद पसंद आती थी। फिर वह मुझे रेस्टोरेंट में ले जाता था। वहाँ वह मुझे अपनी गोद में बिठाता और अपने हाथों से खिलाता था।

जब वह मुझे खिलाता, तो उसका एक हाथ मेरे दूध पर आ जाता।

वह मेरे 34 साइज़ के स्तनों को अपने हाथों में लेकर धीरे-धीरे दबाता।

मेरे निप्पल उसकी उंगलियों के नीचे कड़े हो जाते और मुझे एक अजीब सी तरंग दौड़ जाती।

वह मेरी पीठ पर हाथ फेरता, मेरी कमर को सहलाता, और फिर धीरे से अपना हाथ मेरी जांघों पर ले जाता।

मेरी जांघें उसके हाथों की छुअन से कांप उठतीं।

वह धीरे-धीरे अपना हाथ ऊपर की ओर बढ़ाता और मेरी बुर के पास आ जाता।

मैं शर्म से लाल हो जाती, लेकिन मना नहीं करती क्योंकि मुझे भी यह सब पसंद आता था।

एक बार रेस्टोरेंट में, जब हम अकेले थे, उसने मुझे टेबल पर बिठा लिया। वह मेरे पैरों के बीच आया और अपना लंड मेरी बुर में डाल दिया।

वह टेबल पर ही मुझे चोदने लगा। उसका नौ इंच का लंड मेरी बुर में पूरा अंदर-बाहर हो रहा था और मैं सिसकियाँ भर रही थी।

वह मेरे दूध को भींच रहा था और मेरे निपल्स को चूस रहा था। वह इतनी तेजी से चोद रहा था कि मैं जल्दी ही झड़ गई।

फिर एक दिन उसने एक प्लान बनाया। उसने मुझे एक होटल में ले गया। वहाँ हमने पूरा दिन एक-दूसरे के शरीर का आनंद लिया। उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे सारे कपड़े उतार दिए।

मेरे नंगे शरीर को देखकर वह पागल हो गया। उसने मेरे दूध को चूसना शुरू किया, मेरे निप्पलों को काटा, और फिर नीचे की ओर बढ़ गया।

उसने मेरी बुर को चाटना शुरू किया। उसकी जीभ मेरी बुर के अंदर घुस रही थी और मैं तड़प रही थी।

फिर उसने अपना नौ इंच का लंड मेरी बुर में डाल दिया। वह मुझे घंटों चोदता रहा – कभी मिशनरी पोज़िशन में, कभी डॉगी स्टाइल में, कभी मुझे अपनी गोद में बिठाकर। वह मेरी बुर को इतनी अच्छी तरह से चोदा कि मैं बार-बार झड़ी।

लेकिन फिर किस्मत ने हमें अलग कर दिया। मेरे पिता को अनिल पसंद नहीं था।

उन्होंने मेरी शादी एक दूसरे लड़के से कर दी जो उनकी नजर में अच्छा था, लेकिन मेरी नजर में वह कुछ नहीं था।

मेरे पति का नाम राहुल था। वह देखने में तो ठीक-ठाक था, लेकिन बिस्तर पर वह एकदम बेकार था। उसका लंड छोटा था और वह जल्दी झड़ जाता था। वह मुझे कभी संतुष्ट नहीं कर पाता था।

शादी की पहली रात को ही मुझे पता चल गया था कि मैंने क्या गलती की है। जब वह मुझे चोदने आया, तो उसका लंड मेरी बुर में ठीक से घुसा भी नहीं और वह झड़ गया।

मैं वहीं पड़ी रही, अधूरी, अधूरी और तड़पती हुई। मेरी बुर को अनिल के नौ इंच के लंड की याद आ रही थी, जो मुझे पूरी तरह से भर देता था।

सात साल तक मैंने यही दर्द सहा। मेरा पति रोज़ मुझे चोदने की कोशिश करता, लेकिन वह कभी मुझे ऑर्गेज्म तक नहीं पहुँचा पाता था।

मेरी बुर तरसती रहती थी, मेरे दूध उसकी छुअन के लिए तरसते रहते थे, मेरे निपल्स कड़े होकर रह जाते थे लेकिन वह उन्हें ठीक से चूस भी नहीं पाता था।

मैं अक्सर सोचती थी कि काश मैं अनिल से शादी करती। वह मुझे कितनी खुशी देता, कितनी अच्छी तरह चोदता।

मेरी बुर उसके लंड को याद करके गीली हो जाती थी।

मैं अक्सर बाथरूम में हाथ से अपनी बुर को संतुष्ट करती, अपने निप्पलों को खुद दबाती, लेकिन वह आनंद नहीं मिलता था जो एक असली मर्द के लंड से मिलता है।

सात साल बाद, जब मैं पूरी तरह से निराश हो चुकी थी, तब मैंने तलाक ले लिया।

मेरे पिता इसके खिलाफ थे, लेकिन मैंने अपनी खुशी के लिए यह फैसला लिया। मैंने सोचा कि अब मैं अपनी जिंदगी जिएँगी अपनी शर्तों पर।

तलाक के कुछ महीने बाद, एक दिन मैं मॉल में शॉपिंग कर रही थी। मैंने एक टाइट जींस और गहरे गले वाला टॉप पहना हुआ था जिसमें मेरे दूध बहुत सेक्सी लग रहे थे।

मेरे निप्पल हल्के से उभरे हुए थे और मेरी बुर उस जींस में बहुत ही खूबसूरत आकार में दिख रही थी।

अचानक मेरी नजर एक आदमी पर पड़ी जो मुझे घूर रहा था। जब मैंने उसे देखा, तो मेरा दिल धड़क उठा – वह अनिल था! वह पहले से भी ज्यादा हैंडसम लग रहा था। उसकी आँखों में वही पुराना प्यार था।

हम दोनों एक-दूसरे को देखकर रुक गए।

वह मेरी तरफ बढ़ा और मुस्कुराते हुए बोला, “मोनिका… तुम इतनी खूबसूरत लग रही हो। तुम्हारे दूध तो पहले से भी बड़े हो गए हैं।”

मैं शर्मा गई, लेकिन मुझे अच्छा लगा। हमने एक-दूसरे को गले लगाया।

उसके बदन की गर्मी मुझे महसूस हुई और मेरी बुर तुरंत गीली हो गई।

मैंने महसूस किया कि उसका लंड मेरी जांघों से टच हो रहा था और वह पहले से भी ज्यादा कड़ा था।

हमने कॉफी पीने का प्लान बनाया। कॉफी शॉप में बैठकर हमने अपनी-अपनी जिंदगी की दास्तान सुनाई।

जब मैंने उसे बताया कि मेरा तलाक हो गया है और मेरे पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते थे, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई।

“मोनिका, मैंने कभी किसी और लड़की को नहीं चोदा जितनी अच्छी तरह मैंने तुम्हें चोदा था,” उसने कहा। “तुम्हारी बुर मेरे लंड के लिए बनी है। मेरा नौ इंच का लंड आज भी तुम्हारी याद में कड़ा हो जाता है।”

मैंने उसके पैंट पर देखा और वहाँ एक बड़ी सी उभार दिखाई दे रही थी।

मेरी साँसें तेज़ हो गईं। मैंने कहा, “अनिल, मेरी बुर सात साल से तड़प रही है। उसे तुम्हारे लंड की सख्त जरूरत है।”

हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे और हमारे बीच की हवा में यौनिकता का जादू था।

उसने मेरे हाथ को पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया। मैंने महसूस किया कि वह कितना कड़ा और मोटा था। मेरे मुँह से सिसकी निकल गई।

“चलो मेरे अपार्टमेंट चलते हैं,” उसने कहा। “मैं तुम्हें वह आनंद दूँगा जिसकी तुम्हें सात साल से तलाश है।”

मैंने हाँ में सिर हिलाया। हम उसके अपार्टमेंट पहुँचे। जैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ, हम एक-दूसरे पर टूट पड़े।

अनिल ने मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसका चुम्बन बहुत ही जोशीला था – जैसे सात साल की प्यास एक साथ बुझ रही हो। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुसी और मेरी जीभ के साथ खेलने लगी।

मैं भी पागलों की तरह उसे चूम रही थी। मेरे हाथ उसके बालों में थे और मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी दौड़ रही थी। उसने मेरे गालों को चूमा, मेरी गर्दन पर किस किए, और फिर नीचे की ओर बढ़ गया।

“मोनिका, तुम बहुत सेक्सी लग रही हो,” वह बोला। “मैं तुम्हारे दूध देखना चाहता हूँ। मैं तुम्हारे निप्पल चूसना चाहता हूँ।”

उसने मेरा टॉप उतार दिया। मेरे सफेद स्तन ब्रा में कैद थे। उसने मेरी ब्रा भी उतार दी और मेरे दूध आज़ाद हो गए। मेरे स्तन बड़े और गोल थे, और बीच में गुलाबी निप्पल कड़े होकर खड़े थे।

“वाह… कितने खूबसूरत हैं तुम्हारे दूध,” वह बोला और एक स्तन को अपने हाथ में ले लिया। उसने मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों से मसला और मैं मदहोश हो गई। फिर उसने अपना मुँह मेरे स्तन पर रखा और निप्पल को चूसने लगा।

उसकी जीभ मेरे निप्पल पर घूम रही थी और वह धीरे-धीरे काट रहा था। मैं “आह्ह्ह… अनिल… और चूसो… मेरे दूध पी जाओ…” कहकर कराह उठी। उसने दूसरे स्तन को भी वैसे ही चूसा और मेरे दोनों निप्पल लाल हो गए।

वह नीचे बैठ गया और मेरी जींस का बटन खोलने लगा। उसने मेरी जींस और पैंटी एक साथ नीचे खींची और मेरी बुर सामने आ गई। मेरी बुर बिल्कुल गीली थी और उसकी खुशबू कमरे में फैल गई।

“कितनी खूबसूरत है तुम्हारी बुर,” वह बोला। “मैं इसे चाटना चाहता हूँ।”

उसने अपनी जीभ मेरी बुर पर रखी और चाटना शुरू किया। उसकी जीभ मेरी बुर की दरार में घूम रही थी और मैं सातवें आसमान पर थी। वह मेरी क्लिटोरिस को चूस रहा था और अपनी उंगली मेरी बुर में डाल रहा था।

“ओह्ह्ह… अनिल… बहुत मज़ा आ रहा है… और चाटो… मेरी बुर को खा जाओ…” मैं चीख रही थी।

उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने कपड़े उतारने लगा। जब उसने अपनी अंडरवियर उतारी, तो उसका नौ इंच का लंड बाहर आ गया। वह इतना मोटा और कड़ा था कि मेरा मुँह खुला रह गया।

“आ जाओ मेरी जान, इसे अपने मुँह में लो,” वह बोला।

मैं उठी और उसके लंड को पकड़ लिया। वह गर्म और सख्त था।

मैंने उसे अपने मुँह में डाला और चूसने लगी। उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था और मैं उसे अपनी जीभ से चाट रही थी।

“ओह्ह्ह… मोनिका… क्या चूस रही हो… बहुत मज़ा आ रहा है…” वह कराह रहा था।

मैं उसके लंड को चूसते हुए उसकी टोपी को भी चाट रही थी।

मेरे हाथ उसकी गांड को सहला रहे थे। वह मेरे सिर को पकड़कर अपना लंड मेरे मुँह में अंदर-बाहर कर रहा था।

फिर उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे पैरों के बीच आ गया। उसने मेरी बुर पर अपना लंड रगड़ा और धीरे से अंदर डालने लगा।

“आह्ह्ह… अनिल… धीरे… बहुत मोटा है…” मैं चीखी।

उसका नौ इंच का लंड मेरी बुर में धीरे-धीरे अंदर जा रहा था।

मेरी बुर सात साल बाद इतना मोटा लंड ले रही थी इसलिए थोड़ी तकलीफ हो रही थी, लेकिन साथ में बहुत मज़ा भी आ रहा था।

जब उसका पूरा लंड अंदर चला गया, तो उसने रुककर मुझे चूमा।

फिर वह धीरे-धीरे चोदने लगा। उसका लंड मेरी बुर की दीवारों से टकरा रहा था और मुझे बेहद मज़ा आ रहा था।

“कैसा लग रहा है मेरी जान?” वह पूछा।

“बहुत अच्छा… तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है… और तेज़ चोदो… मेरी बुर को फाड़ दो…” मैं चिल्लाई।

वह तेज़ी से चोदने लगा। उसका लंड मेरी बुर में पूरी तरह से अंदर-बाहर हो रहा था।

वह मेरे दूध को भींच रहा था और मेरे निप्पलों को चूस रहा था। मैं बार-बार झड़ रही थी।

“ओह्ह्ह… मैं झड़ने वाला हूँ…” वह बोला।

“अंदर ही डालो… मेरी बुर में अपना पानी छोड़ दो…” मैं चीखी।

उसने एक जोरदार झटका मारा और उसका गर्म पानी मेरी बुर में भर गया।

मैं भी उसी वक्त झड़ गई। हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर पड़े रहे।

थोड़ी देर आराम करने के बाद, अनिल फिर से तैयार हो गया। उसका लंड फिर से कड़ा हो गया था। इस बार उसने मुझे डॉगी स्टाइल में चोदने का प्लान बनाया।

मैं अपने हाथ और घुटनों के बल बिस्तर पर आ गई। मेरी बुर पीछे की ओर उभरी हुई थी।

उसने मेरी गांड को सहलाया और फिर अपना लंड मेरी बुर में डाल दिया।

इस पोज़िशन में उसका लंड मेरी बुर में और भी गहरा जा रहा था। वह मेरी कमर पकड़कर जोर-जोर से चोद रहा था और मेरी गांड थपथपा रहा था।

“आह्ह्ह… अनिल… मारो… और जोर से मारो… मेरी बुर को तोड़ दो…” मैं चीख रही थी।

वह इतनी तेज़ी से चोद रहा था कि बिस्तर हिल रहा था।

मेरे दूध नीचे लटक रहे थे और उसने आगे झुककर एक हाथ से मेरे स्तन पकड़ लिए।

वह मेरे निप्पलों को मसलते हुए चोद रहा था।

“तुम्हारी बुर बहुत टाइट है मोनिका… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है…” वह बोला।

“तुम्हारा लंड भी बहुत मोटा है… मेरी बुर को पूरी तरह से भर दिया है…” मैंने जवाब दिया।

वह लगातार चोदता रहा। मैं तीन-चार बार झड़ चुकी थी। फिर उसने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर आ गया। वह मिशनरी पोज़िशन में मुझे चोदने लगा।

मेरे पैर उसकी कमर पर थे और उसका लंड मेरी बुर में पूरी तरह से घुसा हुआ था। वह मेरे होंठ चूसते हुए चोद रहा था। मेरे निप्पल उसकी छाती से रगड़ रहे थे।

“मैं फिर से झड़ने वाला हूँ…” वह बोला।

“मेरे साथ ही झड़ो… हम एक साथ आएँगे…” मैंने कहा।

हम दोनों एक साथ झड़े। उसका गर्म वीर्य मेरी बुर में भर गया और मैं पूरी तरह से संतुष्ट हो गई।

रात भर हमने यही खेल खेला।

उसने मुझे हर तरह से चोदा – कभी मुझे अपनी गोद में बिठाकर, कभी मुझे दीवार से सटाकर, कभी बाथरूम में, कभी सोफे पर।

हर बार वह मेरे दूध को चूसता, मेरे निप्पलों को काटता, मेरी बुर को चाटता, और फिर अपने नौ इंच के लंड से मुझे खूब चोदता।

सुबह जब हम उठे, तो मेरी बुर में थोड़ी दर्द थी, लेकिन मैं बहुत खुश थी। मैंने सात साल बाद वह आनंद पाया था जिसकी मुझे तलाश थी।

“मोनिका, मैं तुमसे फिर से प्यार करने लगा हूँ,” अनिल ने कहा। “क्या तुम मुझे फिर से अपना लोगी?”

मैंने उसे गले लगाया और कहा, “अनिल, मैं तो कभी तुम्हें भूली ही नहीं थी। तुम्हारा लंड मेरी बुर का हकदार है।”

उस दिन के बाद हम फिर से एक हो गए। अब मैं रोज़ उससे चुदवाती हूँ।

वह मुझे हर रात खूब चोदता है – मेरे दूध दबाता है, मेरे निप्पल चूसता है, मेरी बुर चाटता है, और फिर अपने नौ इंच के मोटे लंड से मेरी बुर को पूरी तरह से संतुष्ट करता है।

मेरी जिंदगी अब पूरी हो गई है।

तलाक के बाद मैंने सोचा था कि मेरी जिंदगी अधूरी रह जाएगी, लेकिन अनिल की वापसी ने मुझे नई जिंदगी दी है।

अब मेरी बुर रोज़ तरोताजा रहती है, मेरे दूध रोज़ दबे जाते हैं, मेरे निप्पल रोज़ चूसे जाते हैं, और मैं पूरी तरह से संतुष्ट रहती हूँ।

हमारा प्यार और हमारी सेक्स लाइफ दोनों ही बहुत अच्छे हैं।

हर रात वह मुझे नई-नई पोज़िशन में चोदता है और मैं उसके लंड का पूरा आनंद लेती हूँ।

मेरी बुर अब हमेशा उसके लंड की इंतज़ार में रहती है। जैसे ही वह घर आता है, मैं उसे अपनी बाहों में भर लेती हूँ और उसे अपने कमरे में ले जाती हूँ।

फिर वह मेरे सारे कपड़े उतार देता है, मेरे दूध को चूसता है, मेरे निप्पलों को काटता है, और फिर मेरी बुर में अपना लंड डालकर मुझे खूब चोदता है।

यह है मेरी कहानी – तलाक के बाद अपने पूर्व प्रेमी से फिर से मिलने और उससे चुदवाने की कहानी।

मेरी बुर अब हमेशा खुश रहती है क्योंकि उसे अनिल के नौ इंच के लंड का साथ मिल गया है।

मेरे दूध अब हमेशा तने रहते हैं क्योंकि उन्हें रोज़ चूसा और दबाया जाता है। मेरे निप्पल अब हमेशा कड़े रहते हैं क्योंकि उन्हें रोज़ काटा और चूसा जाता है।

मैं एक खुशहाल औरत हूँ जिसे अपने प्यार और सेक्स दोनों मिल गए हैं।

अनिल मुझे बहुत प्यार करता है और मुझे बहुत अच्छी तरह चोदता है।

हमारी जिंदगी अब सिर्फ प्यार और चुदाई से भरी हुई है।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

4 thoughts on “मैं तलाक के बाद अपने एक्स ब्वॉयफ्रेंड की रखैल बनी”

  1. Wow! Very nice chudai… Koi patna se padh raha ho to mujhe reply karen. Mai 5 feet 1 inch height ki hun aur dudh 36 aur kamar mera 32 hai aur gand ki size 42 hai, main ek shaadi shuda hun. Please 8 inch se upar ke land size wale message karen, apna whatsapp number share karen. Aur email

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