hot sexy wife group sex story
मैं तुम्हें एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरी ज़िंदगी का सबसे यादगर और उत्तेजक अनुभव है। यह कहानी है मेरी और मेरी पत्नी सिमरन की, जिसने मेरी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल दिया।
मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 31 साल है। मैं एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता हूँ।
मेरी हाइट 5 फीट 7 इंच है और मैं एक औसत भारतीय पुरुष की तरह दिखता हूँ।
मेरे लंड का साइज भी औसत भारतीय मर्द जैसा ही है – लंबाई लगभग 5 इंच और मोटाई करीब 3.5 इंच।
मैं अपने लंड के साइज को लेकर कभी ज़्यादा परेशान नहीं था, लेकिन हाँ, कभी-कभी यह ख्याल ज़रूर आता था कि काश यह थोड़ा और बड़ा होता।
मैं दिल्ली के एक छोटे से किराए के अपार्टमेंट में अकेला रहता था। मेरे माता-पिता गाँव में रहते हैं और मैं शहर में नौकरी करने आया था।
दिन भर ऑफिस में काम करके जब रात को मैं अपने खाली घर में लौटता, तो एक अजीब सा सन्नाटा मुझे घेर लेता।
वो खामोशी कभी-कभी मुझे अंदर ही अंदर खा जाती। मेरे दोस्त भी थे, लेकिन सब अपनी-अपनी ज़िंदगी में व्यस्त थे।
कुछ की शादी हो चुकी थी और वे अपनी पत्नियों के साथ खुश थे।
मैंने कभी किसी लड़की को डेट नहीं किया था। कॉलेज में भी मैं पढ़ाई में इतना डूबा रहता था कि लड़कियों से बात करने का मौका ही नहीं मिला।
अब नौकरी में आने के बाद, ऑफिस में तो लड़कियाँ थीं, लेकिन वे सब या तो कमिटेड थीं या फिर मुझमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाती थीं।
एक दिन रविवार की शाम, जब मैं अपने कमरे में बैठा बोर हो रहा था, तो मुझे एक विचार आया।
मैंने सोचा क्यों न मैं भी डेटिंग ऐप ट्राई करूँ? आजकल तो सब लोग ऑनलाइन मिलते-जुलते हैं।
मैंने अपने फोन पर एक लोकल डेटिंग ऐप डाउनलोड किया।
मैंने बड़ी मेहनत से अपना प्रोफाइल बनाया। अपनी कुछ अच्छी तस्वीरें लगाईं, जिसमें मैं ऑफिस की फॉर्मल ड्रेस में था।
अपने बारे में लिखा कि मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ, अकेला रहता हूँ, और एक गंभीर रिश्ते की तलाश में हूँ।
मैंने सोचा था कि शायद कोई लड़की मुझे पसंद कर लेगी और हमारी बातचीत शुरू हो जाएगी।
लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। मैंने कई दिनों तक इंतज़ार किया।
रोज़ सुबह उठकर पहला काम यही करता कि ऐप खोलकर देखूँ कि किसी ने मुझे लाइक किया है या मैसेज किया है।
लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। कोई रिप्लाई नहीं आ रहा था।
लड़कियाँ मेरी प्रोफाइल देखती तो थीं, लेकिन कोई आगे बढ़कर बात नहीं करता था।
मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि गड़बड़ कहाँ है। शायद मेरी तस्वीरें उतनी आकर्षक नहीं थीं, या फिर मेरा बायो डाटा उतना दिलचस्प नहीं लग रहा था।
एक हफ्ता, फिर दो हफ्ते, फिर एक महीना बीत गया। मेरी उम्मीदें टूटने लगी थीं।
फिर एक दिन मुझे ऐप पर एक विज्ञापन दिखा।
उसमें लिखा था कि अगर आप प्रीमियम प्लान खरीदते हैं, तो आप उन लोगों के फोन नंबर देख सकते हैं जिन्होंने आपको लाइक किया है, और सीधे उन्हें कॉल या मैसेज कर सकते हैं।
मैंने सोचा कि शायद यही रास्ता है। मैंने अपने क्रेडिट कार्ड से 1800 रुपये का पेमेंट किया और प्रीमियम प्लान खरीद लिया।
अब मुझे वो सुविधा मिल गई थी कि मैं किसी भी लड़की का नंबर देख सकता था जिसने मुझे लाइक किया था।
लेकिन यहाँ भी मायूसी हाथ लगी। जिन लड़कियों के नंबर मैंने लिए और उन्हें कॉल किया, उनमें से काफी तो फेक निकलीं।
कुछ के नंबर बंद आ रहे थे, कुछ ने उठाकर कहा कि उन्होंने कोई प्रोफाइल नहीं बनाई है – यानी ऐप वालों ने फेक अकाउंट बनाकर रखे थे।
कुछ लड़कियाँ ऐसी थीं जो सिर्फ टाइमपास करना चाहती थीं, कोई गंभीर बात नहीं करना चाहती थी।
मैं लगभग हार ही चुका था। 1800 रुपये भी बर्बाद हो गए और कोई फायदा नहीं हुआ।
मैंने सोचा कि शायद मेरी किस्मत में अकेलापन ही लिखा है।
लेकिन फिर ठीक उसी समय, जब मैं ऐप डिलीट करने ही वाला था, मेरी नज़र एक प्रोफाइल पर पड़ी जिसने मेरे दिल की धड़कन रोक दी।
उस प्रोफाइल की फोटो देखते ही मेरा दिल धड़कने लगा। उसमें एक खूबसूरत औरत थी, जो करीब 35 साल की लग रही थी।
उसने प्रोफाइल में लिखा था कि वह दो बच्चों की माँ है और विधवा है।
उसकी तस्वीरें देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो गया।
वह बेहद गोरी थी, उसका चेहरा पाकिस्तानी एक्ट्रेस अनमोल बलोच जैसा कटिंग था – वही खूबसूरत आँखें, वही नाज़ुक नाक, और वो मासूमियत भरा चेहरा।
उसकी हाइट प्रोफाइल में 5 फीट 3 इंच लिखी थी। फोटो में वह एक साड़ी में थी और उसके बदन का ऐसा नशीला खुमार था कि मैं उसे देखता ही रह गया।
उसके दूध यानी स्तन बहुत ही आकर्षक लग रहे थे – फोटो देखकर अंदाज़ा लग रहा था कि 32C साइज के होंगे।
वो कपड़ों में भी इतनी सेक्सी लग रही थी कि मेरे मन में उसके लिए एक अजीब सी ख्वाहिश जाग उठी।
मैंने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। मुझे लगा कि शायद वह मुझे इग्नोर कर देगी क्योंकि मैं उससे उम्र में छोटा था।
लेकिन हैरानी की बात यह थी कि उसने मेरी रिक्वेस्ट तुरंत एक्सेप्ट कर ली। मेरा दिल खुशी से उछल पड़ा।
मैंने उसे मैसेज किया: “हाय, मैंने तुम्हारी प्रोफाइल देखी। तुम बहुत खूबसूरत हो। क्या हम बात कर सकते हैं?”
लेकिन उसने कोई ज़्यादा बढ़िया रिप्लाई नहीं दिया।
बस एक “हाय” लिखा और फिर चुप हो गई। मैं समझ नहीं पा रहा था कि वह इंटरेस्टेड है या नहीं।
मैंने कुछ और मैसेज किए, लेकिन उसने एक-दो शब्दों में जवाब दिए।
मुझे लगा कि शायद मैसेजिंग में वह कंफर्टेबल नहीं है। मैंने हिम्मत करके उसे कॉल करने का फैसला किया।
फोन उठने में काफी देर लगी। जब उसने उठाया, तो उसकी आवाज़ इतनी मधुर और सुरीली थी कि मेरे कानों में संगीत सा गूंज गया।
“हलो,” उसने धीमी आवाज़ में कहा।
“हलो, मैं राहुल बोल रहा हूँ… डेटिंग ऐप से,” मैंने हिचकिचाते हुए कहा।
“अच्छा… अभी दिन में फोन किया है, मैं बच्चों के साथ हूँ। रात में कॉल करना, फ्री रहूँगी,” उसने कहा और फोन काट दिया।
मैं पूरे दिन उसी एक बात को सोचता रहा। रात में कॉल करना… इसका मतलब वह बात करना चाहती है।
मेरे मन में उसके लिए एक अजीब सी उत्सुकता घर कर गई थी।
मैंने उसकी फोटोज़ बार-बार देखीं और हर बार मेरे मन में उसके प्रति इच्छा और बढ़ जाती।
शाम ढलते ही मैंने फ्रेश होकर खाना खाया और रात के 9 बजे का इंतज़ार करने लगा।
यह सही समय लग रहा था कॉल करने का। ठीक 9 बजे मैंने उसे कॉल किया।
इस बार उसने जल्दी उठाया। “हलो राहुल,” उसने मेरा नाम लेते हुए कहा। मुझे अच्छा लगा कि उसने मेरा नाम याद रखा।
“हाँ, बोलो सिमरन… तुम कैसी हो?” मैंने पूछा।
“मैं ठीक हूँ… बच्चे सो गए हैं, अब थोड़ा वक्त मिला है,” उसने कहा।
फिर शुरू हुई हमारी बातचीत। शुरुआत में तो हमने सामान्य बातें कीं – मौसम, नौकरी, शहर। लेकिन धीरे-धीरे हमारी बातें गहरी होने लगीं।
उसने मुझे अपने बारे में बताया। उसका नाम सिमरन था और वह पंजाब से थी। उसकी शादी 20 साल की उम्र में हो गई थी।
उसके पति एक कार एक्सीडेंट में 5 साल पहले चल बसे थे। तब से वह अकेले ही दोनों बच्चों को पाल रही थी।
मैंने उसकी हिम्मत की तारीफ की। उसने मुझसे मेरे बारे में पूछा। मैंने भी अपनी ज़िंदगी की कहानी बयान की – अपना अकेलापन, अपनी तलाश।
हमारी बातें रात भर चलती रहीं। 2 घंटे बीत गए और हमें पता ही नहीं चला। वह बहुत फ्रैंक थी, बिल्कुल खुलकर बात करती थी।
उसमें एक अजीब सी बेबाकी थी जो मुझे बहुत भायी।
अगले कुछ दिनों में हमारी बातचीत का दौर जारी रहा। रोज़ रात को हम फोन पर घंटों बातें करते।
धीरे-धीरे हम एक-दूसरे को पसंद करने लगे। मुझे उसकी सोच, उसकी बेबाकी, और उसकी खूबसूरती सब कुछ पसंद आने लगा।
वह भी मुझे एक ईमानदार और समझदार इंसान के तौर पर देखने लगी थी।
हमारी बातचीत में एक दिन ऐसा आया जब हमारे विषय सेक्स की तरफ मुड़े। हम बात कर रहे थे रिश्तों और ज़रूरतों के बारे में।
“राहुल, मैं तुमसे एक बात कहूँ… मुझे नहीं पता तुम्हें बुरा लगेगा या नहीं,” उसने एक रात कहा।
“कहो ना, क्या बात है?” मैंने पूछा।
“देखो, मैं दो बच्चों की माँ हूँ, लेकिन मैं औरत हूँ। मुझे भी ज़रूरतें हैं। मेरे पति के जाने के बाद मैंने 5 साल तक अपने आपको संभाला। लेकिन अब मुझे लगता है कि मुझे भी जीने का हक़ है,” उसने कहा।
मैं समझ गया कि वह किस तरफ इशारा कर रही है।
“सिमरन, मैं समझ सकता हूँ। तुम्हारी ज़रूरतें जायज़ हैं,” मैंने कहा।
“नहीं, तुम नहीं समझोगे… मैं बहुत फ्रैंक हूँ इस मामले में। मुझे सेक्स पसंद है। मुझे अच्छा लगता है। और मैं… मैं किसी से भी चुदवाने के लिए तैयार हूँ, लेकिन शादी के बाद,” उसने बेझिझक कहा।
मैं उसकी बात सुनकर हैरान रह गया। यह सचमुच बहुत बेबाक बात थी। एक औरत का खुलकर यह कहना कि वह सेक्स एंजॉय करती है और किसी से भी चुदवाने को तैयार है… यह सुनकर मेरे मन में उसके प्रति एक अलग ही इज़्ज़त और आकर्षण जाग उठा।
“तुम सच कह रही हो?” मैंने पूछा।
“हाँ, मैं जानती हूँ तुम्हें लग रहा होगा कि मैं बहुत बड़ी रंडी हूँ… लेकिन मैं सच बोल रही हूँ। मेरे पति के समय में भी मैं बहुत खुली सोच की थी। हम लोग एक्सपेरिमेंट करते थे। लेकिन अब 5 साल बाद मेरा बदन आग उगल रहा है,” उसने कहा।
मैं उसकी बातों से बहुत उत्तेजित हो गया। मेरे लंड में खड़कन होने लगी।
“सिमरन, मुझे तुम्हारी यह बेबाकी बहुत पसंद आई। मैं भी तुम्हें पसंद करता हूँ… बहुत ज़्यादा,” मैंने कहा।
“तो फिर आज रात हम फोन सेक्स करें?” उसने अचानक पूछा।
मैं चौंक गया, लेकिन खुशी से। “हाँ, क्यों नहीं…”
फिर शुरू हुआ हमारा फोन सेक्स। उसने मुझे अपने कपड़े उतारने को कहा।
मैंने भी उसे कहा। हम दोनों नंगे होकर बात कर रहे थे। वह मुझे बता रही थी कि वह अपने बदन को कैसे सहला रही है।
“राहुल, मैं अपने दूध को सहला रही हूँ… मेरे निपल्स कड़े हो गए हैं… तुम्हारा लंड कैसा है?” उसने आवाज़ में कामुकता भरते हुए पूछा।
“मेरा लंड खड़ा हो गया है सिमरन… वो तुम्हें चाहता है,” मैंने कहा।
“हाँ, मुझे बताओ… तुम क्या करोगे मेरे साथ? मेरी बुर में क्या डालोगे?” वह पूछ रही थी।
मैंने उसे बताया कि मैं उसकी बुर को चाटूँगा, उसके निपल्स को काटूँगा, और अपने लंड से उसे खूब चोदूँगा।
“ओह राहुल… मैं अपनी उंगली अपनी बुर में डाल रही हूँ… यह बहुत गीली हो गई है… तुम्हारा लंड अंदर चाहिए,” वह कराह रही थी।
हम दोनों ने साथ में हिला-हिलाकर खुद को संतुष्ट किया। वह ग्रोन कर रही थी, आवाज़ें निकाल रही थी। मैं भी उसकी आवाज़ सुनकर झड़ गया।
यह हमारा पहला फोन सेक्स था और इसके बाद यह सिलसिला रोज़ का हो गया।
वह बहुत फ्रैंक थी, बिल्कुल रंडियों वाली बातें करती थी।
वह मुझे बताती कि उसे क्या-क्या पसंद है, कैसे लंड पसंद हैं, कैसी चुदाई पसंद है।
मैं हर बार हैरान हो जाता था उसकी सेक्स की भूख देखकर।
हमारी बातचीत और फोन सेक्स करीब 3 महीने तक चला। इस दौरान हम एक-दूसरे को दिलो-जान से चाहने लगे थे।
मैंने उसके बच्चों के बारे में भी सोचा, लेकिन मुझे लगा कि मैं उन्हें अपना प्यार दे सकता हूँ।
एक दिन मैंने उसे प्रपोज़ किया। “सिमरन, क्या तुम मुझसे शादी करोगी? मैं तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को खुश रखना चाहता हूँ।”
उसने कुछ पल सोचा और फिर कहा, “हाँ राहुल, मैं तुमसे शादी करना चाहती हूँ। लेकिन मेरी एक शर्त है।”
“क्या शर्त?” मैंने पूछा।
“मैं सेक्स को लेकर बहुत खुली सोच की हूँ। मैं चाहती हूँ कि शादी के बाद भी मेरी ज़रूरतें पूरी हों। अगर मैं कभी कुछ और चाहूँ, तो तुम मना नहीं करोगे,” उसने कहा।
मैं समझ गया कि वह क्या कहना चाह रही है। मुझे उसकी यह शर्त मंज़ूर थी। मैं उसे खुश देखना चाहता था, चाहे जैसे भी।
हमने शादी का फैसला किया। मैं अपने गाँव गया, माता-पिता को मनाया।
उन्हें थोड़ा अजीब लगा कि मैं एक विधवा और दो बच्चों की माँ से शादी कर रहा हूँ, लेकिन मेरी ज़िद के आगे वे मान गए।
सिमरन ने भी अपने ससुराल वालों से बात की। उनका भी यही हाल था, लेकिन वे भी उसकी खुशी के लिए तैयार हो गए।
हमने एक साधारण से समारोह में शादी की। कोर्ट मैरिज हुई और फिर एक छोटी सी पार्टी।
मेरे कुछ दोस्त और उसके रिश्तेदार आए। हम दोनों बहुत खुश थे।
शादी के बाद मैं सिमरन को अपने दिल्ली वाले अपार्टमेंट में ले आया।
बच्चों को हमने एक अलग कमरे में सुला दिया। और फिर आई वो रात – हमारी सुहागरात।
मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। सिमरन बाथरूम में थी। मैंने कमरे को रोमांटिक तरीके से सजाया था।
गुलाब की पंखुड़ियाँ बिछाई थीं, हल्की सी मोमबत्तियाँ जलाई थीं।
लगभग आधे घंटे बाद बाथरूम का दरवाज़ा खुला और मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं।
सिमरन ने एक लाल रंग का बेबी डॉल पहना हुआ था। वह ड्रेस इतनी छोटी और सेक्सी थी कि उसके गोरे-गोरे जांघें नज़र आ रहे थे।
उसके दूध ऊपर से झाँक रहे थे और निपल्स की उभार साफ दिख रही थी।
“कैसी लग रही हूँ मैं?” उसने शरारत से पूछा।
“तुम… तुम तो जन्नत से उतरी परी लग रही हो,” मैंने कहा।
वह मेरे पास आई। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। उसकी खुशबू ने मुझे पागल कर दिया।
मैंने उसके गालों पर, फिर होंठों पर चूमना शुरू किया।
हमारा पहला किस बहुत लंबा और गहरा था। मैं उसकी जीभ को चूस रहा था और वह मेरी।
मेरे हाथ उसकी पीठ पर घूम रहे थे, धीरे-धीरे नीचे की तरफ बढ़ रहे थे।
मैंने उसके बेबी डॉल के स्ट्रैप्स नीचे किए और उसके कंधे नंगे कर दिए।
उसकी त्वचा इतनी मुलायम और गोरी थी। मैंने उसके गले पर किस किया, फिर कंधों पर, और धीरे-धीरे उसके दूध की तरफ बढ़ गया।
“ओह राहुल… हाँ…,” वह सिसकी।
मैंने उसके दूध को बेबी डॉल के ऊपर से ही सहलाना शुरू किया।
वह बहुत नरम और भारी थे। मैंने एक हाथ से एक दूध दबाया और दूसरे को मुँह में लेकर चूसने लगा।
बेबी डॉल का पतला कपड़ा उसके निपल्स के ऊपर चिपक गया था और मैं उसे चूस रहा था।
“आह… राहुल… और ज़ोर से…,” वह कराह रही थी।
मैंने उसका बेबी डॉल पूरी तरह उतार दिया। वह सामने पूरी नंगी खड़ी थी।
उसका बदन एकदम परफेक्ट था – 35 साल की उम्र में भी उसकी कमर बहुत पतली थी, hips चौड़े थे, और उसकी बुर पर हल्के-हल्के बाल थे जो मुझे और उत्तेजित कर रहे थे।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके ऊपर आ गया।
मैं उसके पूरे बदन को चूमने लगा – उसके पैरों के पंजों से लेकर ऊपर तक।
मैंने उसकी जांघों पर किस किए, फिर उसकी बुर के पास पहुँच गया।
“प्लीज़ राहुल… मेरी बुर को चाटो… बहुत दिनों से किसी ने नहीं चाटी,” वह भीख माँग रही थी।
मैंने उसकी टाँगें फैलाई और उसकी बुर को देखा।
वह गुलाबी रंग की थी, थोड़ी फूली हुई, और बहुत गीली।
मैंने अपनी जीभ निकाली और उसकी बुर पर लगा दी।
“ओह माई गॉड… हाँ… हाँ…,” वह चीख उठी।
मैं उसकी बुर को जीभ से चाट रहा था, अंदर-बाहर कर रहा था।
उसकी बुर से एक अलग मीठी खुशबू आ रही थी।
मैंने उसकी क्लिटोरिस को मुँह में लेकर चूसा और वह पागल हो गई।
“राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… रुको मत…,” वह चिल्ला रही थी।
मैंने उसकी जांघों को कसकर पकड़ा और चाटना जारी रखा।
कुछ ही देर में उसका शरीर काँपने लगा और वह झड़ गई।
उसकी बुर से पानी निकला और मैंने उसे चाट-चाटकर साफ कर दिया।
अब उसकी बारी थी। मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरा लंड पूरी तरह खड़ा था। सिमरन ने मेरे लंड को देखा और मुस्कुराई।
“आओ मेरे पास,” उसने कहा।
मैं उसके पास गया। उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और सहलाया। “यह तो बहुत प्यारा है… मुझे यह चाहिए अपनी बुर में,” उसने कहा।
वह नीचे झुकी और मेरे लंड को मुँह में ले लिया। उसने बड़े मज़े से चूसना शुरू किया।
उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर घूम रही थी। वह अंडकोश भी चाट रही थी। मैं सातवें आसमान पर था।
“सिमरन… अब और मत तड़पाओ… मुझे तुम्हारी बुर में अपना लंड डालना है,” मैंने कहा।
वह लेट गई और अपनी टाँगें फैला दीं। मैंने उसके ऊपर आकर अपने लंड का सिरा उसकी बुर पर रखा।
वह पहले से ही बहुत गीली थी। मैंने एक धक्का लगाया और मेरा लंड आधा अंदर चला गया।
“ओह… आह… राहुल… तुम्हारा लंड मुझे पूरा अपना लग रहा है… और अंदर डालो,” वह कह रही थी।
मैंने दूसरा धक्का लगाया और मेरा पूरा लंड उसकी बुर में समा गया।
वह इतनी टाइट थी कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।
“हाँ… ऐसे ही… चोदो मुझे राहुल… अपनी पत्नी को खूब चोदो…,” वह अश्लील बातें कर रही थी।
मैंने उसकी स्पीड बढ़ा दी। बेड की कड़कड़ाहट और हमारी साँसों की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी।
मैं उसके दूध को भी दबा रहा था और उसके निपल्स को काट रहा था।
“मैं झड़ने वाला हूँ सिमरन…,” मैंने कहा।
“अंदर ही डाल दो… मैं गर्भनिरोधक की गोली खा लूँगी… मुझे तुम्हारा पानी अपनी बुर में चाहिए,” वह चीखी।
मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाए और फिर मेरा लंड फट पड़ा।
मेरा गर्म पानी उसकी बुर में भर गया। वह भी झड़ गई और हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर पड़े रहे।
यह हमारी पहली चुदाई थी और यह बहुत यादगार थी।
हमारी शादी को कुछ महीने बीत गए। हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी थी।
हम रोज़ चुदाई करते, कभी-कभी दिन में भी दो-तीन बार। सिमरन की सेक्स की भूख कम होने का नाम नहीं ले रही थी।
एक रात हम बिस्तर पर लेटे हुए थे। मैं उसके दूध सहला रहा था और वह मेरे लंड से खेल रही थी।
“राहुल, मुझे तुमसे एक बात कहनी है,” उसने अचानक कहा।
“क्या?” मैंने पूछा।
“मैंने हमेशा से सोचा है कि… मुझे बड़े लंड वाले मर्दों के साथ सेक्स करना है। तुम्हारा लंड अच्छा है, लेकिन मैं और बड़ा लेना चाहती हूँ। अफ्रीकन लंड जैसे… वो बहुत बड़े और मोटे होते हैं,” उसने कहा।
मैं थोड़ा चौंका, लेकिन मैंने उसकी शर्त याद की थी। “तुम्हें वाकई ऐसा चाहिए?” मैंने पूछा।
“हाँ, मैं चाहती हूँ कि मैं एक बार अफ्रीकन लंड से चुदवाऊँ। वो 8-9 इंच के होते हैं और बहुत मोटे। मेरी बुर में वो पूरा समा जाएगा,” उसने कहा।
मैंने सोचा और फिर कहा, “ठीक है, अगर तुम्हें यह चाहिए तो मैं तुम्हारे लिए इंतज़ाम करूँगा।”
सिमरन खुश हो गई। उसने मुझे गले लगाया और कहा, “तुम सचमुच बहुत अच्छे हो। मुझे समझते हो।”
मैंने इंटरनेट पर सर्च किया और दिल्ली में कुछ अफ्रीकन लोगों से संपर्क किया जो ऐसी सर्विस देते थे।
मैंने एक सुरक्षित और साफ-सुथरा होटल का इंतज़ाम किया दिल्ली के एक अच्छे इलाके में।
हम दोनों दिल्ली गए। बच्चों को हमने सिमरन की एक रिश्तेदार के यहाँ छोड़ दिया। हमने होटल में एक बड़ा सूट बुक किया।
शाम को करीब 6 बजे, तीन अफ्रीकन मर्द आए। वे सब काफी लंबे-चौड़े और हट्टे-कट्टे थे।
उनका रंग काला था और मांसपेशियाँ बहुत उभरी हुई थीं।
सिमरन ने उन्हें देखा और उसकी आँखें चौड़ी हो गईं। “वाह… यह तो बहुत बड़े हैं,” उसने मेरे कान में फुसफुसाया।
मैंने उनसे बात की और उन्हें पैसे दिए। फिर वे तीनों कमरे में आ गए।
सिमरन ने एक सेक्सी रेड कलर की लैंगरी पहनी हुई थी जो उसके गोरे बदन पर बहुत अच्छी लग रही थी।
पहले आदमी का नाम जैक था। उसने अपनी शर्ट उतारी और उसका बदन देखकर मैं भी हैरान रह गया। इतनी मांसपेशियाँ! फिर उसने अपनी पैंट उतारी और उसका लंड बाहर निकला।
ओह माई गॉड… वह लंड करीब 9 इंच लंबा था और इतना मोटा कि मुझे लगा कि सिमरन की बुर फट जाएगी।
लेकिन सिमरन के चेहरे पर उत्साह था।
“आओ जैक… मुझे वो लंड चाहिए,” सिमरन ने कहा।
जैक उसके पास गया और उसके दूध को बाहर से ही दबाने लगा।
दूसरा आदमी माइक उसके पीछे गया और उसकी गांड सहलाने लगा।
तीसरा आदमी टॉम मेरे पास आया और मुझे देखते हुए मुस्कुराया।
“तुम्हारी पत्नी बहुत खूबसूरत है,” टॉम ने कहा।
मैंने सिर हिलाया। मुझे अजीब लग रहा था, लेकिन उत्तेजना भी बहुत थी।
जैक ने सिमरन की लैंगरी फाड़ दी। वह नीचे से पूरी नंगी हो गई।
उसने सिमरन को घुटनों के बल बैठने को कहा और अपना विशाल लंड उसके मुँह के सामने कर दिया।
“चूसो इसे,” जैक ने आदेश दिया।
सिमरन ने वो लंड मुँह में लेने की कोशिश की, लेकिन वह इतना मोटा था कि उसका मुँह पूरा खुल गया और फिर भी आधा ही अंदर जा पाया।
वह उसे चूस रही थी और जैक उसके सिर को पकड़कर अपना लंड उसके गले तक धकेल रहा था।
इधर माइक ने सिमरन की गांड में अपनी उंगली डाल दी। “यह तो बहुत टाइट है,” माइक ने कहा।
“आज इसे ढीला कर दो,” जैक ने कहा।
कुछ देर बाद जैक ने अपना लंड मुँह से निकाला और सिमरन को बेड पर लेटा दिया।
उसने उसकी टाँगें फैलाई और अपने उस विशाल लंड को उसकी बुर पर रखा।
“तैयार हो?” जैक ने पूछा।
“हाँ… डाल दो… मुझे वो बड़ा लंड अपनी बुर में चाहिए,” सिमरन ने कहा।
जैक ने एक ज़ोरदार धक्का लगाया और उसका आधा लंड सिमरन की बुर में घुस गया।
“आह… ओह… माँ… यह तो बहुत बड़ा है… मेरी बुर फट रही है… लेकिन मज़ा आ रहा है… और डालो,” सिमरन चीख रही थी।
जैक ने दूसरा धक्का लगाया और पूरा लंड अंदर समा गया।
सिमरन की साँसें फूल रही थीं। उसकी बुर पूरी तरह भरी हुई थी।
फिर जैक ने धक्के लगाने शुरू किए। वह बहुत तेज़ी से उसे चोद रहा था।
बेड हिल रहा था और सिमरन की चीखें कमरे में गूंज रही थीं।
“ओह… हाँ… चोदो मुझे… और ज़ोर से… मेरी बुर को फाड़ दो…,” सिमरन अश्लील बातें कर रही थी।
माइक और टॉम भी नंगे हो गए थे। उनके लंड भी उतने ही बड़े थे।
माइक ने सिमरन के मुँह में अपना लंड ठूंस दिया जबकि टॉम ने उसके दूध को कस-कसकर दबाना शुरू किया।
मैं एक कुर्सी पर बैठकर यह सब देख रहा था। मेरा लंड भी खड़ा था। मैं अपने लंड को हिला रहा था।
जैक ने सिमरन को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी बुर में अपना लंड डाला।
माइक आगे से उसके मुँह में लंड दे रहा था। टॉम नीचे बैठकर उसके दूध चूस रहा था और उसके निपल्स काट रहा था।
“मुझे और चाहिए… मुझे तीनों के लंड एक साथ चाहिए,” सिमरन ने कहा।
उन्होंने डबल पेनिट्रेशन की पोज़िशन बनाई। जैक लेट गया और सिमरन उसके ऊपर बैठी और उसका लंड अपनी बुर में ले लिया।
फिर माइक ने पीछे से अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया।
“ओह… माँ… दो लंड… मेरी बुर और गांड दोनों में… यह तो स्वर्ग है,” सिमरन चीखी।
टॉम ने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।
अब तीनों के लंड सिमरन के तीनों छेदों में थे – बुर, गांड और मुँह।
वे तीनों एक साथ धक्के लगा रहे थे। सिमरन पूरी तरह से भरी हुई थी।
उसकी आँखें बाहर निकली हुई थीं और वह गुर्राहट भरी आवाज़ें निकाल रही थी।
मैं देख रहा था कि कैसे मेरी पत्नी तीन अफ्रीकन मर्दों से एक साथ चुदवा रही थी। यह दृश्य बहुत उत्तेजक था।
लगभग 20 मिनट तक इसी तरह चुदाई चली।
फिर जैक ने अपना पानी सिमरन की बुर में निकाल दिया। माइक ने गांड में और टॉम ने मुँह में।
सिमरन थक कर बेड पर गिर गई। उसकी बुर और गांड से पानी बह रहा था।
उसके दूध पर निशान थे और निपल्स लाल हो गए थे।
“यह तो अद्भुत था,” सिमरन ने हाँफते हुए कहा।
मैं उसके पास गया और उसे प्यार किया। “तुम ठीक तो हो?” मैंने पूछा।
“बहुत ठीक… मुझे और चाहिए,” उसने कहा।
उस रात उन्होंने सिमरन को दो-तीन बार और चोदा। हर बार अलग-अलग पोज़िशन में। सिमरन पूरी तरह से संतुष्ट थी।
दिल्ली से लौटने के बाद हमारी ज़िंदगी बदल गई। सिमरन की सेक्स की भूख और भी बढ़ गई थी।
अब वह सिर्फ मुझसे ही संतुष्ट नहीं होती थी।
उसने मुझसे कहा कि मुझे अलग-अलग लोगों से उसे चुदवाना पड़ेगा।
मैंने उसकी यह ख्वाहिश भी मान ली। मैंने इंटरनेट पर कुछ लोगों से संपर्क किया और हर हफ्ते कोई न कोई मेहमान हमारे घर आने लगा।
कभी वह पड़ोसी का लंड लेती, कभी मेरे ऑफिस के कलीग का, कभी किसी स्टूडेंट का।
मैं उसे हर तरह के लंड से चुदवाता। कभी-कभी तो एक साथ दो-तीन लोग आ जाते और ग्रुप चुदाई होती।
सिमरन बहुत खुश थी। उसकी बुर अब हमेशा गीली रहती थी।
उसके दूध हमेशा किसी न किसी के हाथों में रहते थे। उसके निपल्स रोज़ किसी न किसी के मुँह में रहते।
मैं भी खुश था क्योंकि मेरी पत्नी संतुष्ट थी। हमारा रिश्ता बहुत मज़बूत हो गया था।
हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे और सेक्स को लेकर खुले विचार रखते थे।
अब भी जब मैं उसे किसी और से चुदवाता हूँ, तो मुझे बहुत मज़ा आता है।
मैं देखता हूँ कि कैसे उसकी बुर में बड़े-बड़े लंड अंदर-बाहर होते हैं, कैसे उसके दूध दबाए जाते हैं, कैसे उसके निपल्स काटे जाते हैं।
यह है मेरी और सिमरन की कहानी – एक ऐसी कहानी जो अकेलापन, प्यार, और बेइंतहा सेक्स की भूख की है।
हम दोनों अब बहुत खुश हैं और हमारी यह ज़िंदगी यूँ ही चलती रहेगी, जहाँ सिमरन की बुर रोज़ नए-नए लंडों से चुदती रहेगी और मैं उसे देखकर खुश होता रहूँगा।
- जमींदार साहब ने मुझे हवेली में बुलाकर चोद दिए
- मेरी छोटी बहन ने ट्रेन में मेरा लंड चूसा
- MLA साहब ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर चुदाई की
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।