दोस्त बनाकर मामा ने मुझे कुएं के पीछे चोद दिया

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एक भाभी की गुप्त चाहत – जब पारिवारिक मेले में एक रिश्तेदार की नजरें मिलीं तो शर्म की दीवार गिर गई। पढ़िए कैसे एक पवित्र माहौल में दो दिलों ने गुनाह का मज़ा लिया…

नमस्ते दोस्तों, ये कहानी मेरी पत्नी अर्चना की है, जो अपने मायके में एक धार्मिक यात्रा के दौरान अपने मामा, रणवीर उर्फ रॉकी, से अपने जिस्म का राज़ खोल बैठी।

अर्चना 26 साल की है, रंग गोरा-चिट्टा, फिगर ऐसा कि हर मर्द की नीयत खराब हो जाए।

उसके मोटे-मोटे चूतड़, भरे हुए मम्मे और पतली कमर का जादू किसी पर भी चल जाए। उसका चेहरा गोल है, होंठ मोटे और गुलाबी, और आँखें ऐसी कि शरारत और वासना दोनों एक साथ झलकती हैं।

बिस्तर में उसकी हरकतें देखकर मैं कई बार हैरान रह जाता हूँ।

वो लंड चूसने में इतनी माहिर है कि मैं कुछ ही मिनटों में झड़ने लगता हूँ और उसे जबरदस्ती रोकना पड़ता है।

उसकी चूत की गर्मी और सेक्स की प्यास ऐसी है कि वो हर बार कुछ नया आजमाना चाहती है।

दूसरी तरफ, उसका मामा रणवीर, 47 साल का जवान दिखने वाला आदमी, बिजनेसमैन और औरतों का शौकीन।

उसके चेहरे पर गजब का आकर्षण है। वो थोड़ा सफेद बालों वाला है, लेकिन उसकी आँखों में चालाकी और जवानी थी।

अर्चना की छोटी बहन बेला, 22 साल की, गोरी और चुलबुली।

उसकी आँखें बड़ी-बड़ी हैं, और बात करने का अंदाज ऐसा कि कोई भी उसकी मिठी बातों में फंस जाए।

बात उस वक्त की है जब अर्चना अपने मायके में एक धार्मिक समारोह में गई थी।

वहाँ रिश्तेदारों की भीड़ थी, भजन-कीर्तन और पूजा का माहौल।

रिवाज के मुताबिक, मेजबान परिवार की औरतें मंदिर में दीप जलाती हैं और प्रसाद बाँटती हैं।

अर्चना ने नारंगी रंग की साड़ी पहनी थी, जिसके साथ हल्का ब्लाउज था जो उसके स्तनों को और उभार रहा था।

उसकी काली लेस वाली ब्रा ब्लाउज के नीचे से हल्की-हल्की झलक रही थी।

बेला ने पीली साड़ी और गुलाबी ब्लाउज पहना था, जो उसके गोरे रंग पर खूब जंच रहा था।

दोनों बहनें पूजा की तैयारी में मशगूल थीं, हंसी-ठिठोली के साथ रिश्तेदारों से बातें कर रही थीं।

तभी रणवीर वहाँ आया। उसने सफेद कुर्ता-पायजामा पहना था, और उसकी आँखों में वही चालाक चमक थी।

वो रिश्ते में अर्चना और बेला का मामा लगता था। उसकी पत्नी, यानी अर्चना की मामी, घर की दूसरी तैयारियों में व्यस्त थी।

रणवीर ने पहले दीप जलाने से मना किया, “अरे, ये औरतों का काम है, मैं क्या दीप जलाऊं?”

लेकिन बेला ने अपनी चुलबुली अदा से उसे मना लिया। “अरे मामा जी, भगवान का काम है, जलवा लो, मजा आएगा।”

अर्चना ने भी हल्के से मुस्कुराकर कहा, “हां मामा जी, आपके हाथ तो पवित्र हैं।” रणवीर ने दोनों बहनों की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए मान गया।

अर्चना और बेला ने उसके हाथों में दीप जलाए।

रणवीर मजाक-मजाक में दोनों से मस्त-मस्त बातें कर रहा था। पूजा के बाद रस्म के हिसाब से आशीर्वाद देना था।

बेला ने चहकते हुए कहा, “मामा जी, अब जेब ढीली करो, मोटा आशीर्वाद चाहिए।”

रणवीर ने हंसते हुए जवाब दिया, “जितना लेना है ले लो, मेरे हाथ तो घी से रंगे हैं। मेरा बटुआ जेब से निकाल लो।” उसने अपनी कमर की तरफ इशारा किया।

बेला ने अर्चना को देखकर कहा, “जा, तू निकाल ले, आज मामा जी से मोटी रकम ऐंठेंगे।”

अर्चना ने जैसे ही रणवीर की जेब की तरफ देखा, उसकी नजर उसकी पायजामा पर पड़ी। रणवीर का लंड तना हुआ था और पायजामा में साफ उभर रहा था।

अर्चना का चेहरा लाल हो गया, और उसकी सांसें तेज चलने लगीं।

उसने हिचकते हुए जेब में हाथ डाला, और बटुआ निकालते वक्त उसका हाथ रणवीर के लंड से छू गया।

लंड की सख्ती और गर्मी महसूस होते ही अर्चना की चूत में हल्की सी सिहरन दौड़ गई।

रणवीर ने उसकी आँखों में देखा और समझ गया कि ये लौंडिया लंड की भूखी है।

अर्चना ने बटुए से 2000 रुपये निकाले और बेला को दे दिए। बेला पैसे लेकर वहाँ से चली गई, शायद किसी और रिश्तेदार को तंग करने।

अर्चना अभी भी रणवीर के पास खड़ी थी। उसकी नजर बार-बार रणवीर के उभरे हुए लंड पर जा रही थी।

रणवीर ने मौका देखकर कहा, “बड़ी प्यास लगी है, जरा जल पिला दो।” उसकी बात में डबल मीनिंग थी।

अर्चना ने हल्के से मुस्कुराकर कहा, “जल तो मैं ला दूंगी, लेकिन आपकी प्यास शायद जल से न बुझे।”

रणवीर ने उसकी बात पकड़ ली और बोला, “तो फिर तू ही बुझा दे मेरी प्यास, अर्चना।”

अर्चना हंस पड़ी और जल लेने चली गई। जब वो जल लेकर लौटी, रणवीर ने फिर बात शुरू की।

“आशीर्वाद तो तुझे लेना था, बेला क्यों ले गई? ये लो, 3100 रुपये और,” कहकर उसने अर्चना को पैसे देने की कोशिश की।

अर्चना ने पहले मना किया, “नहीं मामा जी, इतना काफी है।” लेकिन रणवीर के बार-बार कहने पर उसने पैसे ले लिए।

अब रणवीर ने बात को और आगे बढ़ाया। “क्या जल्दी है? मेरे हाथ धोने तक तो रुक जाओ।”

अर्चना ने हंसते हुए कहा, “मर्दों के हाथ तो गर्म होते हैं, आपके हाथ तो अब तक शुद्ध हो गए होंगे।”

रणवीर ने तपाक से जवाब दिया, “हां, मेरे हाथ तो गर्म हैं, और भी बहुत कुछ गर्म है, देखना चाहेगी?”

अर्चना की हंसी और बढ़ गई, लेकिन उसकी आँखों में शरारत थी।

बातों-बातों में रणवीर ने अर्चना का नंबर मांग लिया और उसे अपना फोन देकर नंबर डायल करने को कहा। अर्चना ने नंबर डायल किया, और रणवीर ने तुरंत एक मैसेज भेज दिया।

फिर रणवीर ने कहा, “मेरे हाथ धोवा दे।”

अर्चना ने पहले बाहर बने नल में जाने को कहा, लेकिन रणवीर ने मना करते हुए कहा, “वहाँ लोग हंसेंगे। कहीं अकेले में चलें?”

अर्चना ने उसकी नजरों को पढ़ लिया और बिंदास बोली, “ठीक है, मेरे साथ चलो।” उसने रणवीर को पास के पुराने भंडार घर में ले गई, जहाँ पूजा का सामान रखा था।

अर्चना ने रणवीर के हाथ धोवाए। हाथ धोने के बाद रणवीर ने कहा, “चल, कुछ देर यहीं बैठकर बातें करते हैं।”

दोनों एक पुराने गद्दे पर बैठ गए। रात का अंधेरा था, और चारों तरफ सन्नाटा, सिर्फ दूर मंदिर की घंटियों की आवाज़ आ रही थी।

बातों-बातों में रणवीर ने अर्चना को 7000 रुपये ऑफर किए।

“तू मुझे बहुत पसंद आई है, अर्चना। मैं तुझसे दोस्ती करना चाहता हूँ।”

अर्चना ने पहले मना किया, “मामा जी, मेरी शादी हो चुकी है, ये ठीक नहीं।”

लेकिन रणवीर ने कहा, “बस दोस्ती, और कुछ नहीं।” अर्चना चुप रही।

रणवीर ने तुरंत 7000 रुपये निकालकर अर्चना के हाथ में थमा दिए और बोला, “आज हमारी दोस्ती का पहला दिन है, इसे यादगार बनाना चाहिए।”

अर्चना ने पहले मना किया, लेकिन रणवीर के बार-बार कहने पर वो मान गई।

रणवीर ने फिर पूछा, “कोई ऐसी जगह है जहाँ हम अकेले में बात कर सकें?”

अर्चना ने सोची और बोली, “यहाँ से थोड़ी दूर गाओं का पुराना कुआं है, वहाँ चलते हैं।” रात का अंधेरा गहरा था।

दोनों चुपके से वहाँ पहुँच गए। अर्चना ने कुएं के पास की झोपड़ी का दरवाज़ा बंद किया। झोपड़ी में एक पुराना चारपाई था, जिस पर पुरानी चादर बिछी हुई थी।

अर्चना ने चारपाई पर चादर ठीक की और पास रखी लालटेन जलाई। कमरे में हल्की सी रोशनी थी, लेकिन दोनों के शरीर गर्म थे।

रणवीर ने अर्चना को पास खींचा और उसे गले से लगा लिया। अर्चना की सांसें तेज हो गईं।

उसने रणवीर की आँखों में देखा और हल्के से मुस्कुराई।

रणवीर ने धीरे से अर्चना के गालों पर चूमा, फिर उसके गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

दोनों के बीच गहरी लिप-लॉक किस शुरू हो गई। रणवीर की जीभ अर्चना की जीभ से खेल रही थी।

उसने अर्चना के होंठों को चूसा, फिर हल्के से काटा।

अर्चना की सिसकारी निकल गई, “आह… मामा जी…” रणवीर ने अर्चना के बड़े-बड़े चूतड़ों को सहलाना शुरू किया।

उसका एक हाथ अर्चना की कमर पर था, और दूसरा उसके चूतड़ों को जोर-जोर से मसल रहा था।

अर्चना के मुँह से हल्की सिसकारियाँ निकल रही थीं, “उह… ओह…”

रणवीर ने अर्चना की साड़ी धीरे से खींचकर उतार दी।

अब अर्चना सिर्फ अपने ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उसका ब्लाउज इतना टाइट था कि उसके स्तन बाहर निकलने को बेताब थे।

रणवीर ने ब्लाउज के ऊपर से ही अर्चना के स्तनों को दबाना शुरू किया।

अर्चना के निप्पल सख्त हो गए थे, और वो काली ब्रा के नीचे से साफ उभर रहे थे।

रणवीर ने ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक बटन खुलने के साथ अर्चना की सांसें और तेज हो रही थीं।

ब्लाउज खुलते ही उसकी काली लेस वाली ब्रा सामने थी।

रणवीर ने ब्रा के ऊपर से अर्चना के निप्पलों को हल्के से चुटकी में लिया। अर्चना सिसकारी, “आह… धीरे… मामा जी…”

रणवीर ने अर्चना का पेटीकोट ऊपर उठाया और उसकी काली लेस वाली पैंटी को नीचे सरकाया।

अर्चना की चूत साफ थी, उसका क्लिट गुलाबी और हल्का उभरा हुआ था।

चूत पहले से ही गीली थी, और उसकी खुशबू कमरे में फैल रही थी। रणवीर ने अर्चना को चारपाई पर बिठाया और उसकी टांगें फैलाकर अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी।

उसकी जीभ अर्चना की चूत के होंठों को चूम रही थी, कभी क्लिट पर चक्कर काट रही थी, तो कभी चूत के अंदर तक जा रही थी।

अर्चना की सिसकारियाँ तेज हो गईं, “आह… उह… मामा जी… और चाटो… मेरी चूत को खा जाओ…” उसका शरीर कांप रहा था, और वो अपने कूल्हे हिलाकर रणवीर की जीभ का मजा ले रही थी।

करीब 15 मिनट तक रणवीर ने अर्चना की चूत चाटी। अर्चना की चूत ने पानी छोड़ दिया।

वो जोर से सिसकारी, “आह… ओह… मैं झड़ रही हूँ… उफ्फ…”

रणवीर ने उसका सारा पानी चाट लिया और बोला, “तेरी चूत का रस तो अमृत से भी मीठा है।” अर्चना हांफ रही थी, लेकिन उसकी आँखों में और भूख थी।

रणवीर ने अपनी शर्ट और बनियान उतार दी। उसका सीना चौड़ा था, और उसकी छाती पर हल्के-हल्के बाल थे।

फिर उसने अपनी पैंट उतारी। उसका 8 इंच लंबा और मोटा लंड अर्चना के सामने था।

लंड का सुपारा लाल था, और वो पूरी तरह से तना हुआ था।

अर्चना ने उसे देखकर अपने होंठ चाटे और बोली, “मामा जी, ये तो बहुत विशाल है… मेरी चूत में कैसे समाएगा?”

रणवीर ने हंसते हुए कहा, “चिंता मत कर, रानी। ये तेरी चूत के लिए ही बना है।”

अर्चना ने रणवीर की ब्रा और पैंटी पूरी तरह उतार दी। अब वो पूरी नंगी थी।

उसके गुलाबी निप्पल सख्त थे, और उसकी चूत चमक रही थी।

रणवीर ने अर्चना को चारपाई पर लिटाया और उसकी चूत को फिर से चाटना शुरू किया।

उसकी जीभ अर्चना की चूत के हर कोने को छू रही थी।

अर्चना की सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं, “आह… उह… और चाटो… मेरी चूत को चूस लो…”

अब रणवीर ने अर्चना को 69 की पोजीशन में आने को कहा। अर्चना उसके ऊपर चढ़ गई।

उसकी चूत रणवीर के मुँह के सामने थी, और उसका लंड अर्चना के मुँह में।

अर्चना ने रणवीर के लंड को अपने मुँह में लिया और चूसना शुरू किया।

उसकी जीभ लंड के सुपारे पर चक्कर काट रही थी, कभी पूरा लंड गले तक ले रही थी, तो कभी सिर्फ सुपारा चूस रही थी।

रणवीर की सिसकारियाँ निकल रही थीं, “आह… अर्चना… तू तो वेश्या से भी बढ़कर चूसती है… और चूस… उह…” अर्चना का मुँह लंड पर लार से चमक रहा था।

दूसरी तरफ, रणवीर अर्चना की चूत में अपनी जीभ गहरे तक डाल रहा था। दोनों की सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं, “आह… उह… ओह…”

अर्चना ने हांफते हुए कहा, “मामा जी… अब रहा नहीं जाता… अपनी भांजी की चूत में लंड डाल दो…”

रणवीर ने हंसते हुए कहा, “रानी, मैंने दवा खा रखी है। आज तेरी चूत को फाड़ दूंगा।”

उसने अर्चना को चारपाई पर लिटाया और उसकी टांगें फैलाकर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया।

अर्चना की चूत गीली थी, और लंड का सुपारा उसकी चूत के होंठों पर फिसल रहा था।

अर्चना सिसकारी, “उफ्फ… डाल दो ना… मेरी चूत तड़प रही है…”

रणवीर ने धीरे से अपना लंड अर्चना की चूत में डाला।

उसका मोटा लंड जैसे ही अंदर गया, अर्चना चीख पड़ी, “आह… धीरे… दर्द हो रहा है…” रणवीर ने रुककर कहा, “तेरे पति ने कितने दिन से नहीं चोदा?”

अर्चना ने हांफते हुए कहा, “एक महीना हो गए…” रणवीर ने मुस्कुराते हुए कहा, “तो आज मैं तेरी चूत का सारा प्यास खत्म कर दूंगा।” उसने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया।

अर्चना की चूत टाइट थी, और लंड की हर धक्के के साथ वो सिसकार रही थी, “आह… उह… और जोर से… मामा जी…”

रणवीर ने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं, “थप-थप-थप…” अर्चना के स्तन उछल रहे थे, और रणवीर उन्हें जोर-जोर से दबा रहा था।

उसने अर्चना के गुलाबी निप्पलों को अपने मुँह में लिया और चूसना शुरू किया। अर्चना की सिसकारियाँ और तेज हो गईं, “आह… चूसो… मेरे मम्मों को खा जाओ… उह…” रणवीर ने अर्चना के होंठों को चूमा, उसकी जीभ को अपने मुँह में लिया। दोनों की सांसें एक-दूसरे से टकरा रही थीं।

करीब 25 मिनट की चुदाई के बाद रणवीर ने कहा, “मेरा निकलने वाला है, कहाँ लूँ?”

अर्चना ने हांफते हुए कहा, “मेरे मुँह में… सारा अमृत मेरे मुँह में डाल दो…” रणवीर ने अपना लंड अर्चना के मुँह में डाला, और उसका सारा वीर्य अर्चना ने गटक लिया।

अर्चना ने वीर्य को अपने मुँह में रखकर रणवीर को दिखाया और फिर निगल लिया।

दोनों नंगे ही चारपाई पर लेट गए। अर्चना रणवीर के लंड को हल्के-हल्के सहला रही थी, और रणवीर उसकी चूत को उंगली से सहला रहा था।

अर्चना ने रणवीर के सीने पर चूमा और बोली, “मामा जी, आप तो अश्वत्थामा हो। मेरी चूत को इतना मजा कभी नहीं मिला।”

रणवीर ने हंसते हुए कहा, “रानी, अभी तो रात भर बाकी है।”

करीब 20 मिनट बाद रणवीर का लंड फिर से खड़ा हो गया।

इस बार उसने अर्चना को घोड़ी बनाया। अर्चना के मोटे-मोटे चूतड़ हवा में थे, और उसकी चूत चमक रही थी।

रणवीर ने पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया।

अर्चना की सिसकारी निकल गई, “आह… मामा जी… मेरी चूत फाड़ दो…” रणवीर ने अर्चना के चूतड़ों पर चांटे मारने शुरू किए। हर चांटे के साथ अर्चना चहक रही थी, “उह… मारो… मेरे चूतड़ लाल कर दो… और चोदो…” चुदाई की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं, “थप-थप-थप…”

15 मिनट की घोड़ी स्टाइल चुदाई के बाद रणवीर चारपाई पर बैठ गया और अर्चना को अपनी गोद में बिठा लिया।

अर्चना ने उसका लंड अपनी चूत में लिया और ऊपर-नीचे होने लगी।

उसके स्तन रणवीर के मुँह के सामने उछल रहे थे। रणवीर ने एक निप्पल को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा।

अर्चना की सिसकारियाँ तेज हो गईं, “आह… ओह… चोदो मुझे… मेरी चूत को रगड़ डालो…” दोनों मजे ले रहे थे, और अर्चना की चूत बार-बार गीली हो रही थी।

फिर रणवीर ने अर्चना को दोबारा घोड़ी बनाया और पीछे से चुदाई शुरू की। इस बार उसने अर्चना की कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारे।

अर्चना की चूत से “थप-थप” की आवाजें आ रही थीं, और वो चीख रही थी, “आह… मामा जी… मेरी चूत फाड़ दो… उह…” करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद रणवीर ने कहा, “मैं फिर से झड़ने वाला हूँ।”

अर्चना ने उसका लंड मुँह में लिया और चूसना शुरू किया। रणवीर ने सिसकारी के साथ अर्चना के मुँह में झड़ गया।

अर्चना ने उसका सारा वीर्य पी लिया और मुस्कुराते हुए उसे दिखाया।

चुदाई के बाद दोनों ने कपड़े पहने। अर्चना ने अपनी साड़ी और ब्लाउज ठीक किया, और रणवीर ने अपनी पैंट और शर्ट पहनी।

दोनों चुपके से झोपड़ी से निकलकर घर वापस आ गए।

अर्चना ने न सिर्फ रणवीर के लंड का मजा लिया, बल्कि उससे मोटी रकम भी ऐंठ ली।

उस रात के बाद अर्चना और रणवीर का रिश्ता बदल गया।

अब वो हर बार जब भी मिलते, एक-दूसरे को चुपके से चूमते और अगली मुलाकात की योजना बनाते।

अर्चना की ये गुप्त चाहत अब उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन गई थी, और वो इसे छुपाकर अपने पति से भी बड़े प्यार से रहने लगी थी।

आपको मेरी पत्नी अर्चना की ये चुदाई की कहानी कैसी लगी? अपने विचार जरूर बताएं।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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