virgin girlfriend chudai sex story
रोहन अपने किरायेदार नेहा के साथ एक गहरा शारीरिक रिश्ता विकसित करता है जो समय के साथ प्रेम में बदल जाता है।
आज मैं अपना असली अनुभव आप से साझा करने जा रहा हूं।
बात 2025 की है जब मेरे घर पर नए किरायेदार आए थे।
मेरे माता-पिता काफी साल पहले ही गुजर चुके हैं और मेरी बहनों की शादी हो चुकी है, जिस वजह से मैं घर पर अकेला रहता हूं और पूरा घर भी खाली रहता है।
इसलिए मैं किरायेदार रखता हूं और हर साल किरायेदारों को बदल देता हूं ताकि नए-नए लोगों से इंटरैक्शन होता रहे।
उन दिनों मेरे नए किरायेदार आए थे, छोटी सी फैमिली थी।
भैया, भाभी और भैया की बहन यानी नेहा। नेहा उम्र में मुझसे बड़ी थी, यही कोई 25 साल की होगी।
पहले तो शुरुआत में मेरी नेहा से बात नहीं होती थी।
लेकिन मैं भी घर में अकेला रहता था और वह भी अकेली बोर होती थी।
शुरुआत में नेहा ने भी भैया-भाभी के साथ नौकरी ज्वाइन की लेकिन उसका मन नहीं लगता था तो उसने नौकरी छोड़ दी।
और घर में पढ़ती थी।
धीरे-धीरे एक-दो महीनों में मेरा इंटरैक्शन उससे बढ़ गया,
अब हम लोग अच्छे दोस्त बन गए थे, मैं उसको समझने भी लगा था और मेरा हल्का सा क्रश भी था।
अब जब भी मौका मिलता तो मैं उनसे मिलने का बहाना ढूंढता रहता था।
शुरुआत में तो सब ठीक-ठाक चल रहा था बस एक चीज नेहा की मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती थी,
और वो ये थी कि नेहा हमेशा मेरे लिंग यानी लंड की ओर घूरती रहती थी।
इसलिए मैं थोड़ा अजीब महसूस करता था।
क्योंकि वो मुझसे उम्र में 5 साल बड़ी थी इसलिए कभी गलत नजर से नहीं देखा था और कहीं न कहीं सम्मान भी करता था।
इन सब चीजों को नजरअंदाज करके मैंने उससे दोस्ती जारी रखी,
लेकिन अब उनके डबल मीनिंग बातें मुझे भी थोड़ी-थोड़ी अच्छी लगने लगीं,
मैंने उनकी आंखों में सेक्स की उत्सुकता देखी थी,
एक-दो बार तो गलती से मुझसे उनके स्तन छू गए लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।
अब रातों में नींद नहीं आती थी, एक अजीब सा नशा चढ़ रहा था उसका।
इस बीच मैंने उनको बताया कि मैं उनको पसंद करता हूं तो उन्होंने हां भी नहीं किया और ना भी नहीं बोला और कुछ दिन बाद गांव चली गई।
मैं थोड़ा उदास हुआ इसलिए मैं रिश्तेदारों के घर घूमने गया।
फिर कुछ दिन बाद जब वापस आया तो देखा वो घर आई है, मुझे बहुत अच्छा लगा।
और हम लोगों की बातें शुरू हो गईं।
लेकिन इस बार पता नहीं क्यों मेरे अंदर अहंकार आ गया था।
मैं उनकी डबल मीनिंग बातों को नजरअंदाज करने लगा और उनसे कम बातें करने लगा।
कुछ दिन ऐसे ही सब चलता रहा लेकिन एक दिन हम दोनों बातें कर रहे थे और बातों ही बातों में उसने मुझसे कह दिया कि तुमसे कुछ नहीं हो पाएगा,
पता नहीं अचानक मुझे बहुत गुस्सा आया। तुरंत ही मैं उनको अपने कमरे में लेकर आया और उनसे पूछा कि क्या मतलब है उनका।
वह रोने लगी और बोली कि वो मजाक कर रही थी।
फिर मैंने उनको बैठाया और शांति से बात की।
उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे।
मैंने उनकी टी-शर्ट उतारने लगा तो वह बोली कि वो ऐसी लड़की नहीं है, मैं उसे चूमने लगा।
अब वह थोड़ा विरोध कर रही थी लेकिन वह चिल्ला नहीं रही थी और ना ही कहीं जाने की कोशिश कर रही थी।
उसके स्तन जैसे मैंने देखे मैं पागल हो गया,
पहली बार किसी के स्तन देखे थे वो बहुत नरम थे।
अब धीरे-धीरे नेहा ने भी साथ देना शुरू कर दिया।
मैं बस उनके स्तनों को चूसे जा रहा था और वह लंबी-लंबी सांसें ले रही थी,
मैंने उनके स्तनों को काटना शुरू कर दिया और वह आह आह आह की आवाजें निकालने लगी।
उसके बाद मैंने उनकी जींस उतारी और पैंटी को नीचे किया।
अब पहली बार किसी की बुर देखी थी मैंने।
उनकी बुर थोड़ी गीली थी लेकिन मैंने बुर को मुंह में भर लिया और जोर-जोर से चाटने लगा।
वह अपने नाखूनों से मेरे बालों को खींच रही थी और आह आह आह कर रही थी।
फिर मुझसे रहा नहीं गया और अपनी अंडरवियर उतार दी।
फिर मैंने अपना लंड उनकी बुर में डालने लगा, हल्का सा जोर देने पर लंड अंदर गया और वह जोर से सिसकी और कांपने लगी।
फिर मैंने भी अपना लंड धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
वह आह आह आह कर रही थी, कुछ मिनट तक तो मैंने धीरे-धीरे धक्के मारे।
फिर मैंने भी अपने धक्के तेज कर दिए और साथ ही उनके स्तनों को भी मसल रहा था।
उनके स्तनों को काटने में बहुत मजा आ रहा था।
फिर जब मुझे लगा कि झड़ने वाला हूं तो मैंने अपना लंड उनके मुंह में लेने के लिए कहा और कमाल की बात है उन्होंने अपना मुंह खोल दिया।
उनके मुंह में दो-तीन धक्के देने के बाद सारा वीर्य निकाल दिया।
अब वह भी लेटी थी और मैं भी, कुछ देर बाद मैं उनके स्तनों के साथ खेलने लगा और मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा।
इस बार मैंने उनके मुंह में अपना लंड डाल दिया और वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई आइसक्रीम चूसता है।
वह बार-बार मेरा लंड मुंह में लेती और बार-बार हाथ में लेकर उसको ताकत लगाकर हिलाती, एक-दो बार उसने मेरे अंडों को भी काटा।
इस बार जब मैं झड़ने वाला था तो उनकी गांड में लंड डालना चाहता था
लेकिन जैसे ही मैंने अपना लंड उनके मुंह से निकाला उन्होंने लंड को अपने हाथों से पकड़ लिया और जोर से हिला दिया।
हम दोनों फिर से लेटे थे, इस बार वह मेरे लंड को बार-बार खड़ा करने के लिए उसको चूस रही थी
और आखिरकार जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ मैंने उनको पलट दिया
और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा।
वह आह आह आह करने लगी और मना कर रही थी।
लेकिन मैंने उनकी एक भी ना नहीं सुनी और धक्के मारना शुरू रखा।
काफी देर धक्के मारने के बाद उनकी गांड में ही वीर्य छोड़ दिया और उनसे मेरे लंड को मुंह में लेने के लिए कहने लगा,
पर वह मना कर रही थी, उनकी कमर में दर्द होने लगा था
लेकिन मैं नहीं माना और उनके मुंह में अपना लंड डाल ही दिया और वह धीरे चूसने लगी।
पता नहीं कब नींद आ गई और मैं सो गया, जब उठा तो वहां नहीं थी,
वह अपने कमरे में चली गई थी। लेकिन मैं मना नहीं और उनको अपने कमरे में ले आया और उनके कपड़े उतार दिए।
पर वह मना कर रही थी, बोल रही थी कि कमर में दर्द हो रहा है।
तो मैंने उनसे खाली लेटने को कहा, वह चुपचाप लेट गई और मैं फ्रिज से मूली निकाल लाया, गांव की देसी मूली थी।
वह मूली देखकर समझ नहीं पाई, इतने में मैंने उनके पैर फैलाए और उनकी बुर में ठंडी-ठंडी मूली घुसाने लगा।
मूली काफी मोटी थी, नेहा आह आह आह करने लगी और रोने भी लगी लेकिन मैंने उनकी बुर में आधी मूली घुसा दी और उनको एक थप्पड़ मारा।
वह जोर से रो रही थी।
अब उनकी गांड में अपना लंड सेट किया और धक्के मार रहा था और नेहा रो रही थी।
जब मैं झड़ गया तो नेहा को सीने से लगाकर सो गया।
इस बार जब आंख खुली तो शाम होने वाली थी और नेहा चुपचाप नंगी लेटी थी।
उठने के बाद मैंने नेहा को बहुत चूमा और उनकी गांड में दूसरी मूली घुसा दी और उनके मुंह में अपना लंड,
जब तक मन नहीं भरा तब तक उनसे अपना लंड चुसवाया और शाम को साथ में नहाया।
यह नेहा को इतना अच्छा लगा की अब हम लोग अक्सर इस तरह की लंड चुसना और गांड चुदाई करते है।
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Amazing 😍😍🤩
Acha ji tumbhi logo kiya