milking bhabhi chudai
27 साल का वरुण अपने दोस्त रोहित के घर उसकी भाभी निशा की देखभाल करने जाता है, जहां दोनों के बीच एक गहरा शारीरिक रिश्ता विकसित होता है।
मेरा नाम वरुण है और मेरी उम्र 27 साल है। मेरी हाइट 6 फुट है और मैं दिल्ली में एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करता हूं।
मेरी यह कहानी कुछ 8 महीने पुरानी है जब मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया।
मेरा एक बचपन का दोस्त है रोहित। हम दोनों एक ही कॉलोनी में पले-बढ़े हैं और एक साथ स्कूल और कॉलेज भी गए हैं।
रोहित ने अपने पिता के बिजनेस को संभाल लिया है जो प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
उनका परिवार बेहद अमीर है और उनका घर दिल्ली के एक पॉश इलाके में है।
रोहित के घर में उसके माता-पिता, उसका बड़ा भाई अर्जुन, और उसकी भाभी निशा रहते हैं।
रोहित के भाई अर्जुन की शादी को दो साल हो चुके हैं और वह अपनी पत्नी निशा के साथ रहते हैं।
निशा की उम्र 26 साल है और वह बेहद खूबसूरत है।
उसकी हाइट 5 फुट 5 इंच है, गोरी त्वचा, लंबे काले बाल, और एक ऐसा फिगर जो हर किसी का ध्यान खींच लेता है।
उसके स्तन बेहद भरे हुए हैं और उसकी गांड इतनी मोटी और गोल है कि जब वह चलती है तो वह हिलती-डुलती है।
मैं अक्सर रोहित के घर जाता था और वहां परिवार के सभी लोगों से घुल-मिल जाता था।
लेकिन मेरी नजरें हमेशा निशा पर ही टिकी रहती थीं।
वह जब भी घर में घूमती, मैं उसकी गांड को घूरता रहता।
उसके स्तनों का आकार इतना आकर्षक था कि मेरा मन करता था कि बस एक बार उन्हें छू लूं।
लेकिन मैं यह सब अपने दिल में ही दबाए रखता था क्योंकि वह मेरे दोस्त की भाभी थी और मैं इस रिश्ते को खराब नहीं करना चाहता था।
ये बात उन दिनों की है जब रोहित का भाई अर्जुन एक बड़े बिजनेस डील के सिलसिले में सिंगापुर गया हुआ था।
वहां पर उसे कुछ हफ्ते लगने थे। उसी समय रोहित की मां को अचानक बुखार आ गया और उसकी हालत गंभीर हो गई।
डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें देहरादून के एक स्पेशलिस्ट के पास ले जाना होगा।
रोहित और उसके पिता अपनी पत्नी को लेकर देहरादून चले गए। घर पर सिर्फ निशा अकेली रह गई।
रोहित के पिता ने मुझे फोन किया और कहा, “बेटा वरुण, तुम कुछ दिनों के लिए हमारे घर पर रहना। निशा अकेली है और हमें उसकी चिंता हो रही है। तुम उसका खयाल रखना।”
मैंने तुरंत हां कर दी। अंदर ही अंदर मैं बेहद खुश था क्योंकि यह मेरे लिए एक सुनहरा मौका था।
मैंने अपने घर वालों को बता दिया कि मुझे ऑफिस के काम से बाहर जाना है और कुछ दिनों तक घर नहीं आऊंगा।
मैं रोहित के घर पहुंचा। निशा ने मेरा स्वागत किया।
उसने उस दिन एक हल्के गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उस पर बेहद खूबसूरत लग रही थी।
साड़ी का ब्लाउज थोड़ा गहरा था और उसके स्तनों का क्लीवेज साफ दिखाई दे रहा था।
“वरुण, तुम आ गए, बहुत अच्छा हुआ। मुझे अकेले में बहुत डर लग रहा था,” निशा ने कहा।
“कोई बात नहीं भाभी, मैं हूं ना। आप चिंता मत करो,” मैंने कहा।
“अरे भाभी नहीं, अब तो हम दोनों ही घर में हैं। तुम मुझे निशा कहो,” उसने कहा।
“ठीक है निशा,” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
शाम को हमने साथ में खाना खाया। निशा ने बहुत स्वादिष्ट खाना बनाया था।
खाने के बाद हम लिविंग रूम में बैठे और टीवी देखने लगे।
निशा मेरे बगल में सोफे पर बैठी थी और उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था जिससे उसकी गोरी जांघें दिखाई देने लगी थीं।
मैं उन्हें देखते ही रह गया। निशा ने नोटिस किया और मुस्कुराई। “कहां खो गए वरुण?”
“कहीं नहीं, बस ऐसे ही,” मैंने शर्माते हुए कहा।
“तुम बहुत शरमाते हो। अपनी दोस्त की भाभी से इतना शर्माओगे तो कैसे काम चलेगा?” उसने कहा और हंसी।
मैं भी हंस पड़ा। धीरे-धीरे हमारी बातचीत शुरू हो गई।
हमने बचपन की यादें साझा कीं, कॉलेज के दिनों के बारे में बात की, और फिर धीरे-धीरे निजी बातों पर आ गए।
“वरुण, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?” निशा ने पूछा।
“नहीं निशा, अभी तक कोई ऐसी नहीं मिली जिसे मैं पसंद कर सकूं,” मैंने कहा।
“कैसी लड़की चाहिए तुम्हें? बताओ, मैं ढूंढती हूं,” उसने कहा।
“वैसी जो मेरी केयर करे, मुझे समझे, और जिसके साथ मुझे सुकून मिले,” मैंने कहा।
“और फिगर? फिगर कैसा होना चाहिए?” उसने पूछा।
“36-26-38,” मैंने कहा।
निशा ने मुझे घूरा और फिर हंसी। “यह तो मेरा फिगर है।”
मैं चुप रहा। मुझे पता था कि उसका फिगर वही है जो मैंने कहा था।
“क्या तुम मुझे पसंद करते हो वरुण?” निशा ने अचानक पूछा।
मैं हक्का-बक्का रह गया। “वो… मैं…”
“सच बताओ, मैंने कई बार तुम्हें मुझे घूरते हुए देखा है। जब मैं चलती हूं तो तुम्हारी नजरें मेरी गांड पर टिकी रहती हैं,” उसने कहा।
मैं शर्मिंदा हो गया। “मुझे माफ कर दो निशा, मैं…”
“शांत हो जाओ, मुझे बुरा नहीं लगा। बल्कि मुझे अच्छा लगता है जब तुम मुझे देखते हो,” उसने कहा।
मैं उसकी आंखों में देखने लगा। उसकी आंखों में कुछ अलग था आज। एक चमक, एक प्यास।
“सच?” मैंने पूछा।
“हां, मैंने हमेशा तुम्हें एक खास नजर से देखा है। तुम बेहद हैंडसम हो और तुम्हारी हाइट, तुम्हारा बदन, सब कुछ मुझे पसंद है,” उसने कहा।
मैं उसके करीब बैठ गया। हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। फिर मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया।
“निशा, मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। लेकिन तुम रोहित की भाभी हो और मैं…”
“रोहित की भाभी हूं, तुम्हारी क्या लगती हूं? तुम मुझे पसंद करते हो, मैं तुम्हें पसंद करती हूं, बस इतना ही काफी है,” उसने कहा।
मैंने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया। फिर धीरे से मैं उसके करीब आया और उसके गाल पर चुंबन किया।
निशा ने कोई विरोध नहीं किया। बल्कि वह मेरे और करीब आ गई। मैंने उसके मोटे होंठों को देखा और फिर उन्हें अपने होंठों से छू लिया।
हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे। उसके होंठ इतने नरम थे कि मैं उन्हें छोड़ना नहीं चाहता था।
मेरी जीभ उसके मुंह में घुसी और उसकी जीभ से खेलने लगी।
“वावू वरुण, बहुत मजा आ रहा है” निशा ने सिसकी।
“क्या हुआ?” मैंने पूछा।
“कुछ नहीं, बहुत अच्छा लग रहा है,” उसने कहा।
हम लगभग 15 मिनट तक एक-दूसरे को चूसते रहे। फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसकी साड़ी खोलने शुरू की।
“आज रात हमारी है निशा,” मैंने कहा।
“हां वरुण, आज मैं तुम्हारी हूं। जी भर के प्यार करो मुझसे,” उसने कहा।
मैंने उसकी साड़ी खोल दी। वह अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी।
मैंने उसका ब्लाउज भी खोल दिया।
अंदर उसने एक काले रंग की लेस वाली ब्रा पहनी थी जो उसके भारी स्तनों को बांधने में संघर्ष कर रही थी।
“क्या खूबसूरत स्तन हैं तुम्हारे,” मैंने कहा।
“तुम्हें पसंद आए?” उसने पूछा।
“बहुत,” मैंने कहा और उसकी ब्रा खोल दी।
उसके स्तन बाहर आ गए। वे इतने बड़े और गोल थे कि मेरी आंखें चौड़ी हो गईं। उसके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे और बेहद बड़े थे।
मैंने एक स्तन को हाथ में लिया और दबाना शुरू कर दिया। वह इतना नरम था कि मेरा हाथ उसमें डूब गया।
“ओह, मेरे आज के पति वरुण, धीरे दबाओ अपनी रंडी के दूध को,” निशा ने कहा।
मैंने धीरे-धीरे उसके स्तनों को दबाना शुरू किया। फिर मैंने एक निप्पल अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा।
“ओहhhhh… बहुत मजा आ रहा है,” निशा कहने लगी।
मैं एक स्तन चूस रहा था और दूसरे को हाथ से दबा रहा था।
निशा ने मेरे सिर को अपने दोनों चुचियों के बीच में दबा दिया। मैं लगभग 10 मिनट तक उसके दूधों को चूसता रहा।
फिर मैं नीचे बैठ गया और उसका पेटीकोट उतार दिया। अंदर उसने एक मैचिंग काले रंग की पैंटी पहनी थी।
मैंने उसकी पैंटी पर हाथ फेरा और फिर उसे उतार दिया।
निशा की चूत साफ शेव की हुई थी और गुलाबी रंग की थी। वह बेहद सुंदर लग रही थी। मैंने उसकी चूत पर चुंबन किया। निशा एकदम से सिहर उठी.
“ओहhhhh वरुण मेरे राजा, यह क्या कर रहे हो?” निशा ने कहा।
“तुम्हें स्वर्ग का आनंद दे रहा हूं,” मैंने कहा और अपनी जीभ निकालकर उसकी चूत पर फेरने लगा।
निशा की चूत से पहले से ही पानी निकल रहा था। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और चाटने और अपने जीभ से चोदने लगा।
“ओहhhhh… बहुत अच्छा लग रहा है… और जोर से वरुण,” निशा चीखने लगी।
मैं उसकी चूत को जोर-जोर से चाट रहा था। उसकी क्लिटोरिस को भी चाट रहा था और वह कांप रही थी।
“मैं झड़ने वाली हूं,” निशा ने कहा।
“झड़ जाओ मेरी जान, मेरे मुंह में ही,” मैंने कहा।
निशा ने अपना पानी छोड़ दिया, मैं उसके बुर पर अपने होंटों को रगड़ता रहा। फिर मैं खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतारने लगा।
मैंने अपनी शर्ट उतारी, फिर पैंट उतारी। अंदर मेरा लंड अंडरवियर में तनकर खड़ा था। निशा ने उसे देखा और उसकी आंखें चौड़ी हो गईं।
“वाह, तुम्हारा लंड तो काफी बड़ा है,” उसने कहा।
मैंने अपना अंडरवियर उतारा और मेरा लंड बाहर आ गया। वह लगभग 8.5 इंच लंबा और बहुत मोटा था।
“क्या लंड है तुम्हारा वरुण,” निशा ने कहा।
“तुम्हारे लिए है यह,” मैंने कहा।
“मुझे चूसने दो,” उसने कहा और घुटनों के बल बैठ गई।
उसने मेरा लंड हाथ में लिया और उसे देखने लगी। फिर उसने अपनी जीभ निकाली और लंड के सिरे पर लगाया।
“ओहhhhh,” मैंने आह भरी।
निशा ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। वह इतनी अच्छी तरह चूस रही थी कि मुझे बेहद मजा आ रहा था।
“बहुत अच्छा कर रही हो निशा,” मैंने कहा।
वह मेरे लंड को गहरे तक अपने मुंह में ले रही थी। उसके थूक से मेरा लंड चमकने लगा था। लगभग 5 मिनट तक वह चुस्ती रही इतना मजा आ रहा था की मुझसे रोका नहीं जा रहा था.
“मैं झड़ने वाला हूं,” मैंने कहा।
“मेरे मुंह में ही डाल दो,” निशा ने कहा।
मैंने जोर से धक्के मारे और उसके मुंह में ही अपना वीर्य निकाल दिया। निशा ने सब कुछ पी लिया और लंड को पूरी तरह से निचोड़ लिए फिर खड़ी हो गई।
“कैसा लगा?” उसने पूछा।
“स्वर्ग जैसा,” मैंने कहा।
“अभी तो शुरुआत है वरुण, आज रात बाकी है,” उसने कहा।
मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बेडरूम में ले गया। वहां मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया।
“तैयार हो निशा?” मैंने पूछा।
“हां वरुण, आओ मुझे अपना बनाओ,” उसने कहा।
मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा और धीरे से धक्का मारा। मेरा लंड का सिरा अंदर चला गया।
“ओहhhhh… बहुत मोटा है,” निशा ने कहा।
“धीरे-धीरे लूंगा पूरा,” मैंने कहा।
मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। वह मेरे गहरे तक जा चुका था।
“बहुत गहरा है,” निशा ने कहा।
“अब मजा आएगा,” मैंने कहा और पेलना शुरू कर दिए।
मैं धीरे-धीरे उसकी चूत में अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था। निशा की सांसें तेज हो गई थीं।
“ओहhhhh… बहुत अच्छा लग रहा है… और जोर से चोदे वरुण, आज चोदकर मेरे बुर को भोसड़ा बना दो, मुझ बुरमारी को रंडी बना दो,” निशा कहने लगी।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। पच पच पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
“क्या चूत है तुम्हारी… इतनी टाइट,” मैंने कहा।
“तुम्हारा लौड़ा भी बहुत मोटा है साले, रंडीबाज, रंडी चोद वरुण,” निशा ने कहा।
मैंने उसके पैर अपने कंधों पर रखे और और जोर से धक्के मारने लगा। मेरा लंड उसकी चूत के सबसे अंदर तक जा रहा था।
“ओहhhhh… तेरी रंडी भाभी झड़ने वाली हैं,” निशा ने गाली देते हुए कहा।
“मैं भी,” मैंने कहा।
“अंदर ही डाल दो साले वरुण, भोसड़ी वाले, प्लीज,” निशा ने कहा।
मैंने जोर से धक्के मारे और उसकी चूत में ही अपना वीर्य निकाल दिया। निशा भी उसी समय झड़ गई।
थककर हम दोनों बेड पर गिर पड़े। मैं उसके ऊपर ही लेटा हुआ था। उसने मेरे बालों में हाथ फेरा।
“कैसा लगा?” मैंने पूछा।
“कमाल वरुण, यह मेरा सबसे बेहतरीन अनुभव था,” उसने कहा।
“मुझे भी बहुत मजा आया,” मैंने कहा।
कुछ देर आराम करने के बाद निशा ने कहा, “वरुण, मुझे एक बात और करनी है।”
“क्या?” मैंने पूछा।
“मेरी गांड मारो,” उसने शर्माते हुए कहा।
“क्या?” मैंने हैरान होकर पूछा।
“हां, मैं चाहती हूं कि तुम मेरी गांड भी मारो। मेरे पति ने कभी नहीं मारी,” उसने कहा।
मैं उत्तेजित हो गया। “ठीक है निशा, लेकिन पहले तैयारी करनी होगी।”
मैंने उसे उल्टा लेटने के लिए कहा। वह उल्टी होकर लेट गई और अपनी गांड हवा में उठा दी। उसकी गांड इतनी मोटी और गोल थी कि मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
मैंने उसकी गांड पर थूका और फिर अपनी उंगली पर लगाकर उसकी गांड की छेद पर लगाया।
“धीरे से वरुण,” निशा ने कहा।
“डरो मत, मैं धीरे से करूंगा,” मैंने कहा।
मैंने धीरे से अपनी उंगली उसकी गांड में डाली। वह बेहद टाइट थी।
“ओहhhhh… दर्द हो रहा है,” निशा ने कहा।
“थोड़ी देर में मजा आएगा,” मैंने कहा और अपनी उंगली अंदर-बाहर करने लगा।
कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के मुहाने पर रखा।
“तैयार हो?” मैंने पूछा।
“हां वरुण, डाल दो,” उसने कहा।
मैंने धीरे से धक्का मारा और मेरे लंड का सिरा उसकी गांड में घुस गया।
“ओहhhhh… बहुत मोटा है हरामी… धीरे पेल साले,” निशा चीखी।
मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया। वह मेरे गहरे तक जा चुका था।
“बहुत गहरा है,” निशा ने कहा।
“अब धक्के मारूं साली रंडी, छिनाल?” मैंने पूछा।
“हां साले वरुण, धीरे-धीरे पेल,” उसने कहा।
मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। निशा को धीरे-धीरे मजा आने लगा।
“ओहhhhh… अब जोर से करो,” निशा ने कहा।
मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि मुझे बेहद मजा आ रहा था।
“क्या गांड है तुम्हारी निशा… इतनी टाइट,” मैंने कहा।
“तुम्हारा लंड भी बहुत मोटा है,” उसने कहा।
मैं लगातार उसकी गांड मार रहा था। पच पच पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
“मैं झड़ने वाला हूं,” मैंने कहा।
“अंदर ही डाल दो वरुण,” निशा ने कहा।
मैंने जोर से धक्के मारे और उसकी गांड में ही अपना वीर्य निकाल दिया।
थककर हम दोनों बेड पर गिर पड़े। मैंने निशा को अपनी बाहों में भर लिया।
“कैसा लगा?” मैंने पूछा।
“अद्भुत वरुण, मैंने कभी सोचा नहीं था कि गांड मरवाने में इतना मजा आता है,” उसने कहा।
“अब तुम मेरी हो निशा,” मैंने कहा।
“हां वरुण, मैं हमेशा तुम्हारी रहूंगी,” उसने कहा।
उस रात के बाद निशा और मेरा रिश्ता बदल गया। वह अब मेरी प्रेमिका बन चुकी थी। हम दोनों जब भी मौका मिलता, एक-दूसरे से प्यार करते।
रोहित और उसके परिवार को इस बात का कोई अंदेशा नहीं था। वह सोचते थे कि मैं निशा की देखभाल कर रहा हूं, लेकिन असल में मैं उसे हर रात चोद रहा था।
जब रोहित के भाई अर्जुन वापस आए, तो निशा ने उनसे दोबारा संबंध बनाने से मना कर दिया। वह कहती थी कि उसे उनसे कोई interest नहीं है। अर्जुन हैरान थे लेकिन कुछ कर नहीं सकते थे।
निशा अब पूरी तरह मेरी हो चुकी थी। वह मुझसे हर तरह की खुशी लेती और मुझे भी खुश रखती। हम दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते थे।
एक दिन निशा ने मुझे कहा, “वरुण, मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं।”
“लेकिन निशा, तुम पहले से शादीशुदा हो,” मैंने कहा।
“मैं तलाक ले लूंगी। मैं तुम्हारे साथ ही रहना चाहती हूं,” उसने कहा।
मैंने सोचा और फिर हां कर दी। निशा ने अर्जुन से तलाक लेने के लिए कहा। अर्जुन ने पहले तो मना किया लेकिन जब निशा जिद पर अड़ गई, तो उन्होंने हां कर दी।
तलाक के बाद निशा और मैंने शादी कर ली। रोहित और उसके परिवार ने हमसे बातचीत तोड़ दी, लेकिन हम दोनों खुश थे।
आज भी निशा मेरी पत्नी है और हम दोनों बेहद खुशी से रह रहे हैं। वह मुझे हर रात संतुष्ट करती है और मैं भी उसे पूरा प्यार देता हूं।
यह कहानी मेरी और निशा की है, जो एक अनोखे रिश्ते से शुरू हुई और एक पवित्र बंधन में बदल गई।
हम दोनों एक-दूसरे के लिए बने थे और हमेशा एक-दूसरे के रहेंगे।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
bahut achha kiya sali randi ko chodkar