garam bahan ki x chudai story
कॉलेज से जल्दी घर आने पर बहन को अपने कमरे में सोता पाया, जिससे शुरू हुई उन दोनों के बीच गहरी शारीरिक संबंध की यात्रा।
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रोहन है और मैं आज आपको अपनी बहन टीना के साथ हुई मेरी कहानी सुनाने जा रहा हूँ।
यह कहानी उस समय की है जब मैं कॉलेज में था और मेरी बहन स्कूल में थी।
मेरी बहन टीना मुझसे दो साल छोटी है। उसकी उम्र उस समय 18 साल थी और वो दिखने में बहुत खूबसूरत थी।
उसका फिगर बिल्कुल कातिलाना था – 34-26-36। उसके बूब्स 34 इंच के गोल और उभरे हुए थे, कमर 26 इंच की बिल्कुल पतली और सुडौल, और गांड 36 इंच की मोटी और गोल।
वो रंग से गोरी थी, लंबे काले बाल उसकी कमर तक आते थे, और आँखें हल्की भूरी थीं जिनमें एक शरारती सी चमक रहती थी।
हमारे घर में माता-पिता, मैं और टीना रहते थे। मेरे पापा एक सरकारी नौकरी करते थे और मम्मी घर संभालती थीं।
मैं कॉलेज का दूसरा साल कर रहा था और टीना 12वीं क्लास में थी।
टीना दिन-ब-दिन निखरती जा रही थी। उसके शरीर में वो बदलाव आ रहे थे जो एक लड़की को औरत बनाते हैं।
उसके बूब्स बड़े हो गए थे और उसकी गांड भी उभरकर आई थी।
मैं उसे कई बार देखकर मन ही मन सोचता था कि काश इसे चोदने का मौका मिले, लेकिन वो मेरी बहन थी इसलिए मैं ऐसा सोचना छोड़ देता था।
एक दिन की बात है। मेरे कॉलेज में छुट्टी जल्दी हो गई थी क्योंकि प्रोफेसर साहब को कोई ज़रूरी काम था।
मैं सुबह 11 बजे ही घर वापस आ गया। जब मैंने घर का दरवाज़ा खोला तो देखा कि घर में कोई नहीं था।
मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे और टीना घर पर अकेली थी।
मैंने सोचा कि टीना अपने कमरे में होगी। मैंने उसे आवाज़ दी लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
फिर मैंने सोचा कि शायद वो मेरे कमरे में होगी क्योंकि उसे मेरे कमरे की खिड़की से बाहर का नज़ारा बहुत पसंद था।
मैंने अपने कमरे का दरवाज़ा खोला और देखा कि टीना मेरे बिस्तर पर सो रही थी।
उसने एक गुलाबी रंग का पजामा और सफेद टी-शर्ट पहनी हुई थी।
वो उल्टी लेटी हुई थी जिससे उसकी 36 इंच की गोल गांड ऊपर उठी हुई थी और पजामे में उसकी पैंटी की शेप साफ नज़र आ रही थी।
उसके बूब्स नीचे दबे हुए थे और टी-शर्ट से उनकी आउटलाइन झलक रही थी।
मैं उसे देखकर रुक गया। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।
मैंने सोचा कि यह मौका है जब मैं उसे करीब से देख सकता हूँ।
मैं धीरे-धीरे उसके पास गया और उसके बगल में बैठ गया।
मैंने उसे देखा। वो गहरी नींद में सो रही थी।
मैंने हिम्मत करके अपना हाथ उसकी टी-शर्ट में डाला और उसकी कमर पर हाथ फेरने लगा।
उसकी कमर बहुत चिकनी और नरम थी।
मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ ऊपर की तरफ बढ़ाया और उसकी ब्रा तक पहुँच गया।
मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। अब उसकी ब्रा ढीली हो गई थी।
मैंने उसकी टी-शर्ट थोड़ी ऊपर की और उसकी कमर पर अपनी जीभ फेरने लगा।
उसकी त्वचा बहुत मुलायम थी और मुझे उसे चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था।
इतने में टीना हिली। मैं डर गया और पीछे हट गया। लेकिन वो पूरी तरह नहीं जगी, बस सीधी होकर लेट गई।
अब उसकी निप्पल टी-शर्ट के ऊपर से खड़ी हुई दिख रही थीं।
मैंने देखा कि वो अपनी आँखें ज़ोर से बंद किए हुए थी और थोड़ा मुस्कुरा रही थी।
मैं समझ गया कि वो जाग रही है और मज़े ले रही है।
यह सोचकर मेरी हिम्मत बढ़ गई। मैंने अपनी दो उँगलियों से उसकी निप्पल मसलना शुरू कर दिया।
वो आहें भरने लगी लेकिन आँखें बंद रखीं।
मैंने उसकी टी-शर्ट और ऊपर की और कहा, “टीना, थोड़ा ऊपर हो जाओ तो टी-शर्ट और ऊपर कर दूँ।”
उसने अपनी कमर उठाई और ऊपर हो गई।
अब मैं समझ गया कि वो पूरी तरह गर्म है और चाहती है कि मैं आगे बढ़ूँ।
मैंने उसकी टी-शर्ट गले तक ऊपर कर दी।
उसके गोरे-गोरे बूब्स और पेट सामने आ गए।
उसने पीच रंग की ब्रा पहनी थी जो अब ढीली हो चुकी थी।
मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स पकड़े और मसलने लगा। वो आहें भर रही थी, “आह्ह्ह… भैया… धीरे…”
दो मिनट मसलने के बाद मैंने उसकी ब्रा को भी ऊपर किया और अब उसके गोरे-गोरे बूब्स बिल्कुल नंगे थे।
उसके निप्पल हल्के भूरे रंग के थे और कड़े हो चुके थे।
मैंने उन्हें मसलना शुरू किया और फिर एक निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा।
टीना पागल हो रही थी। वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और आहें भर रही थी।
मैं बारी-बारी से दोनों बूब्स चूस रहा था।
फिर मैंने उसकी टी-शर्ट और ब्रा पूरी तरह उतार दी।
अब टीना ऊपर से पूरी तरह नंगी थी।
मैंने अपना लंड निकाल लिया। वो 7 इंच लंबा और मोटा था।
मैंने अपना लंड टीना की आँखों के ऊपर कर दिया और बोला, “टीना, आँखें खोलो।”
जैसे ही उसने आँखें खोली, मेरा बड़ा सा लंड देखकर वो दंग रह गई।
उसकी आँखें चौड़ी हो गईं। मैंने कहा, “इसे पकड़ो।”
उसने शर्माते हुए अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा।
उसके हाथ बहुत नरम थे। फिर मैंने कहा, “इसे चूसो।”
टीना ने कुछ नहीं कहा, बस मेरे लंड को अपने मुँह के पास लाया और टोपे को मुँह में लेकर चूसने लगी।
वो पहली बार कर रही थी लेकिन फिर भी बहुत अच्छे से चूस रही थी।
मैंने हल्के-हल्के झटकों के साथ उसका मुँह चोदना शुरू कर दिया।
मैं अपना आधा लंड ही उसके मुँह में दे रहा था ताकि उसे साँस लेने में दिक्कत न हो।
वो गपागप की आवाज़ के साथ चूस रही थी। करीब 10 मिनट बाद मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाला।
अब मैंने उसका पजामा नीचे सरकाया और उतार दिया।
टीना ने लाल रंग की पैंटी पहनी थी जो पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
मैंने पैंटी की साइड से हाथ डालकर उसकी चूत रगड़ने लगा।
वो पागल हो रही थी, “आह्ह्ह… भैया… मुझे कुछ हो रहा है… प्लीज़ करते रहो…”
मैंने अपना हाथ पैंटी से बाहर निकाला और उसकी पैंटी भी उतार दी।
उसकी चूत एकदम साफ थी और थोड़ी झाँटों वाली। उसकी चूत के ओट गुलाबी थे और बहुत खूबसूरत लग रहे थे।
मैंने अपनी एक उँगली उसमें डाली तो टीना चिल्लाई, “आह्ह्ह… धीरे भैया…”
मेरी उँगली आसानी से अंदर चली गई। उसकी चूत गीली थी लेकिन टाइट भी।
मैंने अपनी उँगली अंदर-बाहर करनी शुरू की। टीना मज़े से आहें भर रही थी।
फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ भी अंदर करने लगा।
टीना के मुँह से आहें निकल रही थीं, “ऊह… भैया… और अंदर जीभ डालो… बहुत मज़ा आ रहा है…”
मैं उसकी चूत को पागलों की तरह चाट रहा था। करीब 15 मिनट बाद वो झड़ने वाली थी।
उसने कहा, “भैया… रुको… मैं झड़ने वाली हूँ…”
मैंने चूत चाटना बंद नहीं किया और वो झड़ गई।
उसने मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ दिया और मैंने सब पी लिया। वो थककर बेड पर पड़ गई।
अब मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए।
मैं पूरी तरह नंगा हो गया। मैं टीना के बूब्स रगड़ने लगा और ऊपर होकर उसे लिप किस करने लगा।
टीना मेरे नीचे दबी हुई थी और मेरा लंड उसकी चूत को टच कर रहा था।
मेरे लंड से पानी भी निकल रहा था जो उसकी चूत पर लग रहा था।
मैं उसकी जीभ चूस रहा था और मेरे हाथ में उसके बूब्स थे जिन्हें मैं निचोड़ रहा था।
टीना आहें भरते हुए मेरे बालों में हाथ फेर रही थी।
फिर मैं खड़ा हो गया और टीना को नीचे बैठने को कहा। वो बैठ गई और मैंने अपना लंड उसके मुँह के पास किया।
टीना मेरे लंड को ध्यान से देख रही थी। मैंने अपने हाथ में लंड पकड़कर उसके गालों पर मारना शुरू किया।
कई बार जोर से मारता तो वो अपनी आँखें ज़ोर से बंद करती और उसके गाल लाल हो जाते।
फिर मैंने अपना लंड उसके लिप्स पर रखा। टीना समझदार थी, उसने खुद अपना मुँह खोल लिया और लंड के टोपे को चूसने लगी।
मैंने उसका मुँह पकड़ा और जोर से झटके मारने लगा। मेरा लंड उसके गले तक चला गया।
टीना मुझे धक्के से पीछे करने लगी क्योंकि उसका साँस रुक गया था।
मैंने दो-तीन झटके मारकर लंड मुँह से निकाल लिया। वो खाँसने लगी।
फिर बोली, “भैया, आराम से करो, ऐसे तो मत करो। कोई रंडी तो नहीं हूँ मैं जो ऐसा कर रहे हो।”
मैंने कहा, “टीना, तू चूसती तो ऐसे है जैसे पहले कई लंड चूसे हैं। बता दे किस-किस की रंडी बनी है और किसका बिस्तर गर्म किया है?”
टीना ने कहा, “भैया, कैसी बात कर रहे हो, ऐसा कुछ नहीं है।”
मैंने कहा, “टीना, झूठ मत बोल। अब तो तू मुझे बता सकती है, इसमें छिपाने वाली बात ही नहीं है।”
टीना थोड़ा शर्माते हुए बोली, “भैया, मेरी क्लास में एक लड़का है राहुल, जो मुझे… लंड चुसवाता है। पर आपके जैसा तो नहीं जो मेरे गले तक डाल दिया। मेरी साँस रुक गई थी।”
मैंने पूछा, “कभी चूत भी मरवाई उससे?”
वो बोली, “नहीं भैया, कभी मौका नहीं मिला।”
मैंने कहा, “पहले मैं तेरी चूत खोल दूँ, फिर अपने यार को घर ले आना और यहीं चुदना मेरे सामने। मैं चुप होकर तुम दोनों की चुदाई देखूँगा।”
टीना खुश हो गई और बोली, “हाँ भैया, ज़रूर। हमें मौका मिल जाए बस, आपके सामने मैं अपने यार की रंडी बनूँगी, वो भी इसी बेड पर।”
फिर वो फिर से मेरा लंड चूसने लगी।
इस बार वो और भी अच्छे से चूस रही थी। करीब 15 मिनट बाद मैंने उसे बेड पर लिटाया और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा।
टीना बोली, “क्यों तड़पाते हो अपनी रंडी बहन को भैया, डाल दो अंदर।”
मैंने लंड के टॉप को उसकी चूत पर सेट किया और जोर का झटका मारा।
मेरा लंड उसकी चूत में आधा अंदर चला गया। टीना ज़ोर से चिल्लाई और मुझे धक्के से पीछे करने लगी।
मैंने उसे अच्छे से पकड़ रखा था जिससे वो पीछे न हट सकी।
टीना मुझसे लंड बाहर निकालने को बोली लेकिन मैंने अंदर ही रहने दिया और हल्के-हल्के झटकों के साथ उसे चोदने लगा।
टीना आहें भर रही थी, “आह्ह्ह… भैया… बाहर निकाल लो… प्लीज़… दर्द हो रहा है…”
थोड़ी देर मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा तो उसे मज़ा आने लगा। वो बोली, “ऊह… भैया… थोड़ा और अंदर करो ना… मज़ा आ रहा है…”
मैंने कहा, “मेरी रंडी बहना कहे तो पूरा दे दूँ तेरी चूत में।”
वो बोली, “हाँ भैया, दे दो ना, पूछते क्यों हो?”
मैंने अपना थोड़ा लंड बाहर निकाला और पूरा ज़ोर का झटका मारा।
लंड टीना की चूत में पूरा चला गया। वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई, “आह्ह्ह… मर गई…”
मैंने दो-तीन झटके ही मारे थे जब मैंने देखा कि उसकी चूत से खून आ रहा था।
टीना की सील टूट चुकी थी और उसकी आँखों में पानी था। वो आँखें बंद किए लेटी थी।
मैं ऐसे ही अपना लंड उसकी चूत में डाले रहा और धीरे-धीरे झटके मारता रहा।
टीना आहें भर रही थी, “ऊह… भैया… दर्द हो रहा है… प्लीज़ रुक जाओ…”
मैं भी थोड़ा रुक गया और उसके बूब्स मसलने लगा और लिप किस करता रहा।
टीना को थोड़ी राहत मिली। फिर मैंने पूछा, “चुदाई स्टार्ट करूँ?”
वो बोली, “हाँ भैया, मारो अब, दर्द नहीं है। पूरी तेज़ी से चोदना अपनी रंडी बहन को।”
मैंने यह सुनते ही झटके मारने शुरू कर दिए और तेज़ झटकों से उसकी चूत मारने लगा।
टीना मज़े से आहें भर रही थी, “आह्ह्ह… भैया… और तेज़… मारो… फाड़ दो आज अपनी बहन की चूत को… मज़ा आ रहा है…”
मैं भी उसे गालियाँ देते हुए चोदने लगा, “साली रंडी… तेरी चूत तो बहुत टाइट है… मज़ा आ गया…”
टीना झड़ने वाली थी। वो बोली, “आह्ह्ह… भैया… मैं झड़ रही हूँ… अपना माल मेरी चूत में डालो… मेरी चूत की प्यास बुझा दो…”
मैं और तेज़ हो गया। टीना झड़ गई और मुझे अपनी चूत से निकला पानी महसूस हुआ।
मैं तेज़ झटके मारता रहा। चूत से फूच-फूच की आवाजें कमरे में गूँजने लगीं।
टीना बोली, “भैया, बस करो, मैं झड़ गई हूँ, आप भी झड़ो अब।”
मैं और तेज़ हो गया और कहा, “आह्ह्ह… रंडी कुत्तिया… तुझे तो मैं अपने बच्चे की माँ बनाऊँगा… साली रंडी… मेरा माल तेरी बच्चेदानी में निकल रहा है…”
टीना आहें भरते हुए झड़ गई। मेरे लंड से वीर्य की गर्म धार मेरी छोटी रंडी बहन की बच्चेदानी में निकल गई।
मैं पाँच मिनट तक उसके ऊपर लेटा रहा।
थोड़ी देर बाद टीना बोली, “भैया, ऐसा भी करता है कोई अपनी बहन के साथ?”
मैंने कहा, “क्या किया है मैंने? तू खुद ही कह रही थी और तेज़ और तेज़। अब बोल रही है ऐसा भी करता है कोई भाई।”
वो मुस्कुराई और बोली, “अभी तो तुझे मेरे सामने अपने यार से चुदना है। बोल, चुदेगी ना?”
वो बोली, “हाँ भैया, ज़रूर। जैसे ही मौका मिले, मैं राहुल को बुलाऊँगी और आपके सामने उससे चुदवाऊँगी।”
उस दिन के बाद टीना और मेरी रिश्ते में एक नई गहराई आ गई।
हम दोनों जब भी मौका मिलता, चुदाई करते।
और कुछ ही दिनों बाद मैंने उसे राहुल के साथ भी अपने सामने चुदवाया, लेकिन वो अलग कहानी है जो मैं अगली बार सुनाऊँगा।
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very nice story