चाचा की जवान बेटी की चूत चुदाई

garam bur ki chudai

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विकास है और मैं आज आपको अपनी ज़िंदगी की सबसे यादगार रात की कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

यह कहानी मेरी और मेरे चाचा की बेटी के बीच हुई है, जो मेरी कज़िन होती है और जिसके साथ मेरा रिश्ता आज तक कायम है।

मैं 22 साल का जवान लड़का हूँ, दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरा शरीर एथलेटिक है क्योंकि मैं रोज़ाना जिम जाता हूँ।

मेरे लंड का आकार करीब 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है, जो किसी भी लड़की को संतुष्ट करने के लिए काफी है।

मैं अन्तःवासना का नियमित पाठक हूँ और पिछले कई सालों से यहाँ की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, इसलिए सोचा कि अपनी असली कहानी भी आपके साथ साझा करूँ।

मेरे चाचा का नाम रमेश है और वो मेरे पापा के छोटे भाई हैं।

उनकी बेटी रिया मुझसे 2 साल छोटी है, यानी वो अभी 20 साल की है।

रिया का फिगर बिल्कुल कातिलाना है – 32-26-34।

उसके बूब्स 32 इंच के गोल और उभरे हुए हैं, कमर 26 इंच की बिल्कुल पतली और सुडौल, और गांड 34 इंच की गोल और मोटी।

वो रंग से गोरी है, लंबे काले बाल उसकी कमर तक आते हैं, और आँखें हल्की भूरी हैं जिनमें एक अलग सी चमक है।

हमारे परिवार में रिश्ते बहुत अच्छे हैं। हम अक्सर एक-दूसरे के घर आते-जाते रहते हैं।

मैं और रिया बचपन से साथ खेले हैं, लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े हुए, मैंने उसे एक औरत की नज़र से देखना शुरू किया।

उसके शरीर में जो बदलाव आए, वो मुझे बहुत आकर्षित करते थे।

यह कहानी उस समय की है जब हमारे एक रिश्तेदार की शादी थी।

शादी उसी शहर में थी जहाँ रिया रहती है, इसलिए हम सब वहीं ठहरे हुए थे।

शादी वाले दिन सुबह से ही धूमधाम थी। मैं अपने परिवार के साथ वहाँ पहुँचा और हमने होटल में कमरा लिया।

शाम को जब मैं शादी हॉल में पहुँचा, तो वहाँ बहुत भीड़ थी।

मैंने रिया को ढूँढना शुरू किया। काफी देर तक देखने के बाद मैंने उसे हॉल के बाहर एक कोने में खड़ी हुई पाया।

वो एक गुलाबी रंग की लहंगे में थी, जिसमें उसकी कमर बहुत पतली लग रही थी और उसके बूब्स ब्लाउज में उभरे हुए दिख रहे थे।

मैं उसके पास गया और बोला, “अरे रिया, यहाँ अकेली क्या कर रही हो?”

वो मुड़ी और मुझे देखकर मुस्कुराई, “अरे विकास भैया, आप भी आ गए? मैं तो यहाँ थोड़ी शांति के लिए आई थी। अंदर बहुत शोर है ना।”

मैंने कहा, “हाँ, बहुत भीड़ है। वैसे तुम इस लहंगे में बहुत खूबसूरत लग रही हो।”

वो शर्माते हुए बोली, “थैंक्यू भैया, आप भी अच्छे लग रहे हो।”

हम दोनों बातें करने लगे। मैंने उससे पूछा, “तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है अभी?”

वो थोड़ा शर्माते हुए बोली, “नहीं भैया, अभी तक कोई नहीं है।”

मेरे मन में लड्डू फूटने लगे। मैंने सोचा, यह तो अभी कुंवारी है।

मैंने कहा, “अच्छा, कोई बात नहीं, तुम्हारी मर्जी होगी।”

फिर उसने भी मुझसे पूछा, “और आपकी कोई गर्लफ्रेंड है?”

मैंने झूठ बोला, “नहीं, अभी तक कोई नहीं बनी।”

वो बोली, “क्यों? इतने हैंडसम होकर भी?”

मैंने कहा, “कोई मिली नहीं तुम्हारी तरह।”

वो हँसने लगी, “मेरे जैसी क्या है मुझमें?”

मैंने कहा, “तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी आँखें, और तुम्हारा फिगर… सब कुछ परफेक्ट है।”

वो और शर्मा गई। हम दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे।

मुझे लगा कि आज कुछ तो होगा।

मैंने उससे कहा, “चलो, यहाँ खड़े-खड़े क्या करें, कहीं घूमने चलते हैं।”

वो बोली, “लेकिन भैया, मम्मी-पापा कहेंगे।”

मैंने कहा, “बस आधे घंटे के लिए। मैं उन्हें बता दूँगा कि हम दोनों घूमने गए थे।”

वो मान गई। हम दोनों हॉल से बाहर निकले और पास में एक पार्क की तरफ चलने लगे।

रात हो चुकी थी और मौसम बहुत सुहाना था। हम दोनों साथ-साथ चल रहे थे और बातें कर रहे थे।

बातों-बातों में मैंने उससे कहा, “रिया, मैं तुम्हें एक बात बताना चाहता हूँ, लेकिन तुम बुरा नहीं मानोगी ना?”

वो बोली, “नहीं भैया, बताइये ना।”

मैंने कहा, “मैं तुम्हें बचपन से पसंद करता था, लेकिन अब जब से तुम बड़ी हुई हो, मेरे मन में तुम्हारे लिए कुछ और ही भाव आने लगे हैं।”

वो चौंककर मुझे देखने लगी, “क्या मतलब भैया?”

मैंने कहा, “मतलब यह कि मैं तुम्हें एक औरत की तरह देखने लगा हूँ। मुझे तुम्हारे साथ वो सब करना है जो एक आदमी और औरत करते हैं।”

वो रुक गई और मुझे घूरकर देखने लगी। मुझे लगा कि शायद वो गुस्सा हो गई है और मुझे थप्पड़ मारेगी।

लेकिन वो अचानक मुस्कुराने लगी और बोली, “भैया, मुझे भी आपके बारे में ऐसे ही विचार आते हैं। मैं भी आपको पसंद करती हूँ।”

मैं हैरान रह गया। मैंने सोचा नहीं था कि वो भी यही सोचती है। मैंने पूछा, “सच में?”

वो हाँ में सिर हिलाया। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।

मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींचा।

वो मेरे करीब आ गई। मैंने उसके कंधों पर हाथ रखा और उसकी आँखों में देखने लगा।

“क्या मैं तुम्हें किस कर सकता हूँ?” मैंने पूछा।

वो शर्माते हुए बोली, “हाँ, लेकिन यहाँ कोई देख ना ले।”

मैंने देखा कि पास में एक पुराना बंगला था जो शायद किसी का खाली मकान था।

मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे वहाँ ले गया। वहाँ अंधेरा था और कोई नहीं था।

मैंने उसे दीवार से सटाया और धीरे से उसके गाल पर किस किया। वो कांपने लगी।

फिर मैंने उसके होंठों पर किस किया। वो पहले तो झिझकी, लेकिन फिर वो भी रिस्पॉन्ड करने लगी।

हम दोनों एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे। करीब 10-12 मिनट तक हम किस करते रहे।

फिर मैंने अपने हाथ उसके ब्लाउज के अंदर डाले और उसकी ब्रा ऊपर करके उसके बूब्स दबाने लगे।

वो सिसकारियाँ भरने लगी, “आह्ह्ह… धीरे भैया…”

मैं उसके नरम-नरम बूब्स दबा रहा था। उसके निप्पल्स कड़े हो गए थे।

मैंने उन्हें मुँह में लेकर चूसना शुरू किया, बारी-बारी से दोनों। वो और ज़्यादा गर्म होने लगी।

फिर मैंने एक हाथ उसके लहंगे के अंदर डाला और उसकी चूत के ऊपर हाथ फेरने लगा।

वो पैंटी पहने हुई थी और उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाना शुरू किया।

वो और ज़्यादा उत्तेजित हो गई। वो बोली, “भैया, यहाँ कोई आ सकता है। हम कहीं और चलते हैं।”

मैंने कहा, “ठीक है, चलो।”

हम वहाँ से निकले और मैंने सोचा कि होटल में मेरे कमरे में तो कोई नहीं आएगा।

मैंने उससे कहा, “मेरे होटल के कमरे में चलो, वहाँ कोई नहीं आएगा।”

वो थोड़ा सोचने के बाद मान गई। हम दोनों होटल पहुँचे। मेरा कमरा सेकंड फ्लोर पर था।

हम चुपचाप ऊपर गए और कमरे में घुस गए।

जैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ, मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और फिर से किस करने लगा।

इस बार हम दोनों बेड की तरफ बढ़ने लगे। मैंने उसे बेड पर बिठाया और उसके सामने खड़ा होकर उसे देखने लगा।

“तुम बहुत खूबसूरत हो रिया,” मैंने कहा।

वो शर्माते हुए बोली, “आप भी अच्छे लग रहे हो भैया।”

मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके सारे बटन खोल दिए।

उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसमें उसके बूब्स बहुत सेक्सी लग रहे थे।

मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी और उसके गोल-गोल, गोरे बूब्स बाहर आ गए।

मैं उन्हें देखता ही रह गया। वो इतने सुंदर थे कि मैं बस उन्हें चूसता रहना चाहता था।

मैंने उन पर हाथ फेरा, उन्हें दबाया, और फिर मुँह में लेकर चूसने लगा।

वो आहें भर रही थी, “आह्ह्ह… हाँh… और चूसो भैया… बहुत मज़ा आ रहा है…”

मैं दोनों बूब्स बारी-बारी से चूस रहा था। उसके निप्पल्स को काट रहा था, जिससे वो और ज़्यादा गर्म हो रही थी।

फिर मैंने नीचे की तरफ बढ़ना शुरू किया। मैंने उसका लहंगा खोला और उसकी पैंटी देखी। वो गीली हो चुकी थी।

मैंने उसकी पैंटी उतार दी। उसकी चूत बिल्कुल साफ शेव्ड थी, गुलाबी रंग की और बहुत चिकनी।

मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं। उसकी चूत का मुँह देखकर मेरा लंड पागल हो रहा था।

मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया और चाटना शुरू कर दिया।

वो एकदम से उछल पड़ी, “ओह्ह्ह… भैया… यह क्या कर रहे हो… बहुत गudगudi हो रही है…”

मैंने उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। अंदर-बाहर कर रहा था।

उसकी चूत का स्वाद बहुत अच्छा था। वो पागल हो रही थी, अपनी कमर उठा-उठाकर मेरे मुँह पर दबा रही थी।

करीब 10 मिनट बाद वो झड़ गई। उसने ढेर सारा पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैंने सब पी लिया। वो थककर बेड पर पड़ गई।

थोड़ी देर बाद वो फिर से गर्म हो गई। उसने मेरे कपड़े खोलने शुरू किए।

मैंने अपनी शर्ट उतारी और पैंट खोली। मेरा लंड अंडरवियर में कड़ा होकर उभर रहा था।

उसने मेरा अंडरवियर नीचे किया और मेरा 7 इंच का लंड देखकर हैरान रह गई।

“वाह भैया, कितना बड़ा है आपका,” वो बोली।

मैंने कहा, “तुम्हें पसंद आया?”

वो हाँ में सिर हिलाई और उसे अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी।

फिर वो नीचे बैठ गई और मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।

वो पहली बार कर रही थी, इसलिए थोड़ी अजीब तरह से चूस रही थी, लेकिन फिर भी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मैंने उसके बाल पकड़े और उसके सिर को आगे-पीछे करने लगा।

वो गपागप-गपागप की आवाज़ के साथ चूस रही थी। करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था।

मैंने उससे कहा, “मैं झड़ने वाला हूँ,” लेकिन वो नहीं रुकी और मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह में छोड़ दिया।

वो थोड़ा उलझी, लेकिन फिर उसने सब पी लिया। मैंने उसे गले लगाया और कहा, “तुम बहुत अच्छी हो।”

वो मुस्कुराई। अब हम दोनों नंगे बेड पर लेटे हुए थे।

मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके बूब्स दबाने लगा।

थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से कड़ा हो गया।

मैंने उससे कहा, “अब असली मज़ा लेते हैं।”

वो समझ गई। मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं।

मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुँह पर रगड़ा। वो कांप रही थी।

“डरो मत रिया, थोड़ा दर्द होगा पहली बार, फिर मज़ा आएगा,” मैंने कहा।

वो बोली, “हाँ भैया, डाल दीजिए, मैं तैयार हूँ।”

मैंने धीरे से धक्का दिया। लंड का सुपाड़ा अंदर चला गया। वो दर्द से चीखी, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है भैया…”

मैंने रुक गया और उसके बूब्स दबाने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने और धक्का दिया।

आधा लंड अंदर गया। वो फिर चीखी, लेकिन इस बार कम ज़ोर से।

मैंने उसके होंठों पर किस किया ताकि उसकी आवाज़ बाहर ना जाए।

फिर मैंने एक ज़ोरदार धक्का दिया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

उसकी सील टूट गई और खून आया। वो दर्द से कराहने लगी। मैंने उसे शांत किया और कुछ देर वहीं रुका रहा।

जब उसका दर्द कम हुआ, तो मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।

शुरू में उसे दर्द हो रहा था, लेकिन फिर उसे भी मज़ा आने लगा। वो नीचे से कमर उठाने लगी।

“हाँh… भैया… अब अच्छा लग रहा है… और तेज़ कीजिए…,” वो बोली।

मैंने स्पीड बढ़ा दी। थप-थप-थप की आवाज़ कमरे में गूँजने लगी।

उसकी चूचियाँ हिल रही थीं, मैं उन्हें दबाते हुए चोद रहा था। करीब 20 मिनट तक मैं उसे इसी पोजीशन में चोदता रहा।

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। वो अपने हाथों और घुटनों पर खड़ी हुई और मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू किया।

इस पोजीशन में वो और ज़्यादा चीख रही थी क्योंकि लंड और गहराई तक जा रहा था।

“आह्ह्ह… भैया… बहुत अंदर जा रहा है… मर गई…,” वो चिल्ला रही थी।

मैं उसकी गांड थपथपा रहा था और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहा था।

करीब 15 मिनट बाद वो झड़ गई। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मेरा लंड और भी तेज़ी से अंदर-बाहर होने लगा।

अंत में मैंने भी अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया। हम दोनों थककर बेड पर गिर गए।

वो मेरे ऊपर लेटी हुई थी और हम दोनों साँसें ले रहे थे।

“कैसा लगा रिया?” मैंने पूछा।

वो बोली, “बहुत अच्छा भैया। यह मेरी पहली चुदाई थी और आपने मुझे बहुत मज़ा दिया।”

मैंने उसे गले लगाया और कहा, “मैं हमेशा तुम्हें खुश रखूँगा।”

हम दोनों कुछ देर और लेटे रहे, फिर नहाने के लिए बाथरूम में गए।

वहाँ भी हमने एक बार और सेक्स किया। उसके बाद वो अपने घर चली गई और मैं अपने कमरे में आ गया।

अगले दिन शादी थी। हम दोनों शादी में मिले तो एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए।

रात को जब सब सो गए, तो रिया मेरे कमरे में आ गई। उसने कहा कि उसके घर पर कोई नहीं है क्योंकि उसके मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हैं।

मैं उसके घर गया। वहाँ हमने पूरी रात चुदाई की।

हमने अलग-अलग पोजीशन में सेक्स किया – मिशनरी, डॉगी स्टाइल, काउगर्ल, 69, और भी बहुत कुछ। वो अब पूरी तरह से खुल चुकी थी और मुझसे हर तरह की चुदाई करवा रही थी।

उस रात मैंने उसे करीब पाँच बार चोदा। हर बार वो झड़ती थी और मैं उसकी चूत को भर देता था।

सुबह जब हम जागे तो हम दोनों बहुत खुश थे।

तब से लेकर आज तक जब भी हमें मौका मिलता है, हम चुदाई करते हैं।

वो अब मेरी गर्लफ्रेंड है और हम दोनों शादी करने का सोच रहे हैं।

यह थी मेरी और मेरी चाचा की बेटी रिया की चुदाई की कहानी।

उम्मीद है आपको पसंद आई होगी।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “चाचा की जवान बेटी की चूत चुदाई”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top