सोशल मीडिया से मिली खुबसूरत लड़की की चुदाई

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं पुणे, महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ।

मेरी उम्र ३५ साल है और मैं एक सफल बिजनेसमैन हूँ।

मेरे लंड का साइज़ ७ इंच है, मोटा और एकदम तराशा हुआ।

मैं शादीशुदा हूँ लेकिन पत्नी से अलग-अलग रहता हूँ क्योंकि वो अमेरिका में रहती है।

यह कहानी मेरी और मेरी एक ऑनलाइन दोस्त की है जिसका नाम निषा है।

यह मेरी पहली कहानी है, कोई गलती हो तो माफ करना।

निषा ३० साल की है। वह मुंबई में रहती है और एक फैशन डिजाइनर है।

उसका फिगर ३६-२६-३६ का है—पूरे गोल स्तन, पतली कमर, और मोटे नितंब।

वह दिखने में बिल्कुल हीरोइन जैसी है, लेकिन उसकी असली खूबसूरती उसकी बिंदास attitude में है।

हमारी मुलाकात एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई थी।

मैंने उसकी एक फोटो देखी और उसे मैसेज किया। शुरू में तो हम सिर्फ हाय-हैलो करते थे, लेकिन धीरे-धीरे हमारी बातें गहरी होने लगीं।

निषा बहुत ही खुले विचारों की लड़की है।

वो अपनी जिंदगी पूरी तरह से जीती है, कोई पछतावा नहीं।

उसने मुझे बताया कि उसने कई रिश्ते निभाए हैं, लेकिन किसी से भी उसे वो संतुष्टि नहीं मिली जो वो चाहती थी।

हमारी बातें रोज होने लगीं।

सुबह से रात तक हम चैट करते थे।

वो अपने काम के बारे में बताती, मैं अपने बिजनेस के बारे में।

लेकिन धीरे-धीरे हमारी बातें सेक्स की तरफ मुड़ने लगीं।

एक रात, हम वीडियो कॉल पर थे।

निषा ने अचानक कहा, “अर्जुन, मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहती हूँ।”

“क्या?” मैंने पूछा।

उसने अपनी टी-शर्ट उतार दी। वो ब्रा में थी।

उसके गोरे स्तन ब्रा से बाहर निकलने को मचल रहे थे। मैं उसे देखकर हैरान रह गया।

“कैसी लग रही हूँ?” उसने पूछा।

“बहुत सेक्सी,” मैंने कहा।

“और अंदर?” कहते हुए उसने अपनी ब्रा भी उतार दी।

उसके स्तन बाहर आ गए—गोल, गोरे, और निप्पल गुलाबी।

मैं उसे देखकर पागल हो गया। मेरा लंड खड़ा हो गया।

“तुम भी दिखाओ,” उसने कहा।

मैंने अपनी शर्ट उतारी। वो मेरी छाती देखकर मुस्कुराई।

“और नीचे?” उसने पूछा।

मैंने अपनी पैंट की चेन खोली और अंडरवियर से अपना लंड बाहर निकाला।

वो ७ इंच का, मोटा, और एकदम खड़ा था।

“वाह! कितना बड़ा है,” निषा ने कहा।

“पसंद आया?” मैंने पूछा।

“बहुत पसंद आया,” उसने कहा और अपने स्तनों को सहलाने लगी।

वो अपने निप्पलों को मसल रही थी।

मैं अपने लंड को हिला रहा था।

हम दोनों एक-दूसरे को देखकर मज़े ले रहे थे।

“मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ,” निषा ने कहा।

“मैं भी,” मैंने कहा।

मैंने अपने एक बिजनेस ट्रिप का बहाना बनाया और मुंबई जाने का फैसला किया।

हमने मरीन ड्राइव के पास एक पांच सितारा होटल में मिलने का तय किया।

मैं उस दिन का इंतज़ार कर रहा था।

रोज रात को हम वीडियो कॉल पर एक-दूसरे को देखकर मज़े लेते।

वो अपनी चूत भी दिखाती, मैं अपना लंड हिलाता। हम एक-दूसरे के लिए तड़प रहे थे।

आखिर वो दिन आ गया। मैं पुणे से मुंबई पहुंचा।

होटल में चेक-इन किया और निषा को मैसेज किया।

“मैं आ गया हूँ। तुम कब आ रही हो?” मैंने लिखा।

“आधे घंटे में,” उसने जवाब दिया।

वो आधा घंटा मुझे एक साल जैसा लगा।

मैं बार-बार दरवाज़े की तरफ देख रहा था।

मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।

मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था बस उसके आने का इंतज़ार में।

आखिर दरवाज़े की घंटी बजी। मैंने दरवाज़ा खोला और…

निषा सामने खड़ी थी। वो काले रंग की साड़ी में थी, जिसमें से उसकी कमर और नितंब झलक रहे थे।

उसने ब्लाउज बहुत ही गहरे कट का पहना था, जिसमें से उसके गोरे स्तनों का क्लीवेज साफ दिख रहा था। उसके बाल गीले थे, जैसे अभी नहाकर आई हो।

“अर्जुन?” उसने पूछा।

“हां, और तुम निषा?” मैंने कहा।

“हां,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

मैंने उसे अंदर आने का इशारा किया। जैसे ही वो अंदर आई, मैंने दरवाज़ा बंद किया और उस पर टूट पड़ा।

मैंने उसे दीवार की तरफ धकेल दिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

वो पहले तो चौंकी, फिर वो भी मेरा साथ देने लगी।

हम एक-दूसरे के होंठों को जोर-जोर से चूसने लगे। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं।

“उम्माह… इंतज़ार खत्म हुआ…” निषा ने कहा।

“हां… अब मैं तुम्हें पूरा मज़ा दूंगा…” मैंने कहा।

मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा और फेंक दिया।

उसकी गोरी कमर सामने आ गई।

मैंने उसकी कमर पर हाथ फेरा और उसे चूमने लगा।

“कितनी सेक्सी कमर है तुम्हारी…” मैंने कहा।

“और नीचे और भी सेक्सी है…” उसने कहा।

मैंने उसकी साड़ी की डोरी खोली और साड़ी नीचे गिरा दी।

वो अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

मैंने उसका ब्लाउज उतारने की कोशिश की, लेकिन उसने रोका।

“पहले तुम भी तो कुछ उतारो,” उसने कहा।

मैंने अपनी शर्ट उतार दी। मेरी छाती उसके सामने थी।

वो मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी।

“कितना कसरती बदन है तुम्हारा…” उसने कहा।

फिर उसने अपने हाथ मेरी पैंट पर ले गए।

उसने मेरी पैंट का हुक खोला और नीचे खींची।

मैंने अंडरवियर में अपना खड़ा लंड उसे दिखाया।

“वाह! वीडियो में जितना बड़ा लग रहा था, असल में और भी बड़ा है…” उसने कहा।

“चाहती हो?” मैंने पूछा।

“बहुत चाहती हूं…” उसने कहा और मेरी अंडरवियर नीचे खींच दी।

मेरा ७ इंच का लंड बाहर आ गया।

वो एकदम खड़ा, मोटा, और कड़ा था।

निषा उसे देखकर पागल हो गई।

“ओह माँ! कितना बड़ा लंड है तुम्हारा…” उसने कहा और उसे हाथ में ले लिया।

वो मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर वो घुटनों के बल बैठ गई और उसे चूमने लगी।

“उम्माह… कितना प्यारा लंड है…” उसने कहा और उसे मुंह में ले लिया।

वो मेरे लंड को चूसने लगी। वो जीभ से मेरी टोपी चाट रही थी, फिर पूरा लंड अपने मुंह में ले रही थी।

“उम्माह… और अंदर… गले तक ले लो…” मैंने कहा।

उसने पूरी कोशिश की।

मेरा लंड उसके गले तक घुस रहा था।

वो मुझे बहुत मज़ा दे रही थी।

“क्या मस्त चूसती हो…” मैंने कहा।

“तुम्हारा लंड ही इतना मस्त है…” उसने कहा और चूसना जारी रखा।

मैंने उसके सिर को पकड़ा और अपना लंड उसके मुंह में पेलने लगा।

वो रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी।

“साली रंडी… बहुत अच्छा चूसती है…” मैंने गाली दी।

“हां… मैं तुम्हारी रंडी हूं… मुझे अपनी रखैल बना लो…” उसने कहा।

यह सुनकर मैं और भी उत्तेजित हो गया।

मैंने उसे उठाया और बेड पर पटक दिया।

“अब मेरी बारी…” मैंने कहा।

मैंने उसका ब्लाउज फाड़कर उतार दिया।

वो लाल रंग की ब्रा में थी।

मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी।

उसके स्तन बाहर आ गए—गोल, गोरे, और निप्पल कड़े।

“कितने सुंदर चूचे हैं तुम्हारे…” मैंने कहा और उन पर टूट पड़ा।

मैं एक स्तन को मुंह में लेकर चूसने लगा, दूसरे को हाथ से मसल रहा था।

निषा कराहने लगी।

“आह… और जोर से… काटो इन्हें…” उसने कहा।

मैंने उसके निप्पलों को काटा।

उसे दर्द हुआ लेकिन मज़ा भी आया।

“उम्माह… बहुत मज़ा आ रहा है…” उसने कहा।

मैं १० मिनट तक उसके स्तनों का रस पीता रहा। फिर मैं नीचे बढ़ा।

मैंने उसका पेटीकोट उतार दिया। वो सफेद पैंटी में थी, जिस पर गीली धब्बे थे।

“देखो… तुम्हारी वजह से मेरी पैंटी भीग गई…” उसने कहा।

“अभी और भीगेगी…” मैंने कहा और उसकी पैंटी नीचे खींची।

उसकी चूत सामने आ गई।

बिल्कुल साफ, गीली, और गुलाबी। उसने आज ही शेव की थी।

“कितनी सुंदर चूत है तुम्हारी…” मैंने कहा।

“चाटो इसे… पी जाओ इसका रस…” उसने कहा।

मैंने उसकी टांगें चौड़ी कीं और उसकी चूत पर अपनी जीभ रख दी।

मैं निषा की चूत को चाटने लगा। उसकी चूत की महक बहुत अच्छी थी—मीठी, मादक, और उत्तेजक।

मैंने उसकी चूत की फांकों को अपनी जीभ से चाटा, उसकी क्लिट को चूसा।

“ओह गॉड… अर्जुन… बहुत मज़ा आ रहा है…” निषा कराह रही थी।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।

निषा पागल हो रही थी। उसने मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा दिया।

“और अंदर… जीभ अंदर डालो… चाटो इस रंडी की चूत को…” उसने गाली दी।

मैं और भी तेज़ी से चाटने लगा।

उसकी चूत से पानी निकल रहा था जो मैं पी जा रहा था।

“मैं झड़ने वाली हूं…” निषा ने कहा।

“झड़ो… मेरे मुंह में झड़ो…” मैंने कहा।

और वो झड़ गई। उसकी चूत से पानी की धार निकली जो मैंने पी लिया।

उसका पूरा बदन कांप रहा था।

अब निषा की बारी थी। उसने मुझे लेटाया और मेरे लंड को फिर से चूसने लगी।

वो इस बार और भी जोर से चूस रही थी।

“उम्माह… क्या मस्त लंड है…” उसने कहा।

“अब रहा नहीं जाता… मेरी चूत में डालो…” निषा ने कहा।

मैंने उसे लेटाया और उसकी टांगें चौड़ी कीं।

मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा।

“तैयार हो?” मैंने पूछा।

“हां… पेल दो… मेरी चूत फाड़ दो…” उसने कहा।

मैंने एक जोरदार धक्का दिया।

मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। निषा चीखी।

“आह… माँ… दर्द…” उसने कहा।

“दर्द तो होगा… लेकिन थोड़ी देर में मज़ा आएगा…” मैंने कहा।

मैंने धीरे-धीरे झटके लगाने शुरू किए।

उसकी चूत बहुत टाइट थी, लेकिन गीली होकर चिकनी हो गई।

मेरा लंड आसानी से अंदर-बाहर होने लगा।

“फच… फच… फच…” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी।

“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।

“बहुत अच्छा… और तेज़… और जोर से…” उसने कहा।

मैंने गति बढ़ा दी। मैं जोर-जोर से उसकी चूत में धक्के मार रहा था।

उसके स्तन हिल रहे थे। मैंने उन्हें पकड़कर दबाना शुरू कर दिया।

“तेरे चूचे कितने मस्त हैं…” मैंने कहा।

“चूसो इन्हें… मसलो इन्हें…” उसने कहा।

मैंने उसे घुमाकर कुत्ते की तरह बना दिया।

अब मैं पीछे से उसकी चूत चोद रहा था।

मैंने उसके बाल पकड़े और उसका सिर पीछे खींचा।

“आह… और जोर से… मारो…” वो चीख रही थी।

मैंने उसके नितंबों पर थप्पड़ मारे। “साली रंडी… बहुत चिल्लाती है…”

“हां… मैं रंडी हूं… मुझे और चोदो…” उसने कहा।

मैं २० मिनट तक उसे इसी तरह चोदता रहा।

फिर मैंने उसे घुमाया और मिशनरी पोजीशन में फिर से चोदने लगा।

“मैं झड़ने वाला हूं…” मैंने कहा।

“अंदर ही झड़ जाओ… मेरी चूत में अपना माल छोड़ दो…” उसने कहा।

मैंने कुछ और जोरदार धक्के मारे और फिर उसकी चूत में ही झड़ गया।

मेरा गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया। वो भी झड़ गई।

हम दोनों थककर बेड पर गिर गए। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया।

“कैसा लगा?” मैंने पूछा।

“स्वर्ग जैसा… मैंने आज तक इतना मज़ा नहीं लिया…” उसने कहा।

“मुझे भी बहुत मज़ा आया…” मैंने कहा।

थोड़ी देर बाद हम फिर से तैयार हो गए। इस बार निषा ने कहा, “मेरी गांड भी मारो…”

“तुम्हें गांड मरवाना आता है?” मैंने पूछा।

“हां… कई बार मरवा चुकी हूं…” उसने कहा।

मैंने उसे घुटनों के बल किया और उसके नितंबों को चौड़ा किया।

मैंने थूक लगाया और अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा।

“धीरे से…” उसने कहा।

मैंने धीरे से धक्का दिया। मेरा लंड का सिरा अंदर चला गया। वो कराही।

“आह… दर्द…” उसने कहा।

“सहन करो… थोड़ी देर में मज़ा आएगा…” मैंने कहा।

मैंने एक और धक्का दिया और आधा लंड अंदर घुसा दिया।

वो चीखी, लेकिन मैंने रुकने नहीं दिया। धीरे-धीरे मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया।

“आह… भर गई…” उसने कहा।

मैंने धक्के लगाने शुरू किए। उसकी गांड बहुत टाइट थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।

“अच्छा लग रहा है… और तेज़ करो…” उसने कहा।

मैंने गति बढ़ा दी। मैं जोर-जोर से उसकी गांड मार रहा था। उसकी गांड से फच-फच की आवाजें आ रही थीं।

१० मिनट बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया। मेरा वीर्य उसकी गांड में भर गया।

हम दोनों थककर सो गए। अगली सुबह जब मेरी आंख खुली, तो निषा फिर से मेरे लंड को चूस रही थी।

“सुबह-सुबह एक बार और?” उसने पूछा।

“हां…” मैंने कहा।

उसने मेरा लंड फिर से खड़ा किया और मुझ पर चढ़ गई।

वो काउगर्ल पोजीशन में मुझे चोदने लगी।

वो ऊपर-नीचे उछल रही थी, और मैं उसके स्तनों को मसल रहा था।

“क्या मस्त चूत है तुम्हारी…” मैंने कहा।

“और तुम्हारा लंड भी…” उसने कहा।

हम दोनों एक साथ झड़े। वो मेरी छाती पर गिर गई।

हमने पूरे दिन में चार बार चुदाई की।

हर बार नई पोजीशन में—बाथरूम में, सोफे पर, बालकनी में, और फिर से बेड पर।

शाम को जब वो जाने लगी, तो उसने मुझे गले लगाया और कहा, “अर्जुन, यह रात मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगी।”

“मैं भी…” मैंने कहा।

“हम फिर मिलेंगे?” उसने पूछा।

“ज़रूर… हर महीने…” मैंने कहा।

“पक्का?” उसने पूछा।

“पक्का…” मैंने कहा और उसे किस किया।

वो चली गई।

लेकिन हमारी कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

अगले महीने मैं फिर मुंबई आया,

और इस बार हमने और भी ज्यादा मज़े किए। लेकिन वो कहानी मैं अगली बार बताऊंगा…

Next PART: पुणे की वह चुदाई वाली रात

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “सोशल मीडिया से मिली खुबसूरत लड़की की चुदाई”

  1. Mast chudai story. main ek housewife hun, agr koi mujhe chodna chahe to message kare lekin lund baga hona chahiye.

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