first sex ki kahani
मेरा नाम मनीष है।
मैं यूपी के रायबरेली डिस्ट्रिक्ट से बिलॉन्ग करता हूँ।
यह फर्स्ट सेक्स की कहानी मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड, जिसका नाम भावना है, की है।
यह बात 2016 की है, जब मैं ग्रेजुएशन कंप्लीट कर आर्मी की तैयारी कर रहा था और मेरी गर्लफ्रेंड ग्रेजुएशन फाइनल ईयर में थी।
हम दोनों शाम को डेली मिलते थे क्योंकि हम साथ में कंप्यूटर कोर्स कर रहे थे।
भावना एक सेक्सी जिस्म की मालकिन थी, जिसका फिगर 34-28-32 था; मतलब एकदम मस्त आइटम थी।
मैं उसे डेली किस और बूब्स टच कर के उत्तेजित कराता था।
एक दिन मेरे घर में सब लोग कुछ दिन के लिए गुवाहाटी गए थे।
मैं घर में 10 दिन के लिए अकेला था तो मैंने भावना को घर बुला के चोदने का प्लान बनाया।
वह अपने घर से कॉलेज के लिए निकली.
तो मैंने रास्ते में उसे पिक किया और डायरेक्ट अपने घर ले आया क्योंकि हमने एक रात पहले ही फोन में सेक्सी बातें करते हुए प्लान कर लिया था और उसने बोला था कि घर ही सेफ है।
मैं जैसे ही घर लाया, सारे डोर लॉक किए और मेन डोर में बाहर की तरफ से लॉक लगा दिया, जिससे मोहल्ले में किसी को भी शक न हो कि घर में कोई है।
जैसे ही मैं लॉक कर आया, भावना और मेरी बात शुरू हुई, वैसे ही मैं उसे बेड में लिटा, उसका दुपट्टा हटा, बेड में गिरा के किस और कपड़े के ऊपर से ही दूध पकड़ के दबाने लगा।
वह सहम के किस में साथ दे रही थी, साथ में हाथ से मेरे बालों को सहलाने लगी।
मैंने किस करते-करते उसके होठों को काट के बूब्स को तेजी से दबाया.
तो वह बोली, “भाग नहीं रही हूँ मैं, पूरे दिन आज रहूँगी! आराम से करो, मैं तुमसे चुदने के लिए ही आई हूँ घर से!”
फिर मैं उसे किस करते-करते दोनों हाथ से बूब्स दबाने लगा और वह मस्त होकर मसलवा रही थी।
मैंने धीरे से हाथ नीचे ले जा के कपड़े के ऊपर से उसकी कमसिन चूत को टच किया और उसे सहलाया तो वह तड़पने लगी।
मैंने किस के साथ उसके सलवार का नाड़ा खोल के, हाथ पैंटी में डाल के, दो उंगलियाँ चूत में पेल दिया.
जिससे वह एकदम से सहम गई।
मैंने कहा- आज बहुत दिन बाद तुम्हें नंगी कर के चोदने का मौका मिला है!
तो बोली, “इसी वजह से तो मुझे आना पड़ा कि कहीं तुम किसी और के साथ न कर लो!”
उसके मुँह से सेक्सी बातें सुन के मेरा लंड एकदम टाइट हो गया।
मैंने उसके सारे कपड़े एक-एक कर के निकाल के फेंक दिए।
जैसे ही उसकी ब्रा खोली, मेरा तो दिमाग खुल गया! बूब्स इतने टाइट और सुडौल देख के मज़ा आ गया।
मैं एक झटके में दोनों दूधों को हाथों में पकड़ के मसलने लगा और एक-एक बूब्स का स्तनपान करने लगा।
उसकी गोल चुच्चियों से कामरस की बूँदें ऐसे टपक रही थीं जैसे मीठा शहद।
करीब 20 मिनट तक स्तनपान कराने के बाद मैंने उससे कहा- जवानी का रंग तुमपे बहुत चढ़ गया है!
तो बोली, “मुझसे यही तो सहा नहीं जा रहा है! तुम इसे निचोड़ के मुझे जवानी का सुख दो और खुद को भी शांत करो!”
फिर उसे बाहों में भर के किस करते-करते बाथरूम में ले जा के शावर के नीचे खड़ी कर दिया।
वह अपने हाथों से अपने जवानी के गुब्बारे को छुपा रही थी और पैर आपस में जोड़ कुंवारी चूत को छुपा रही थी।
मैंने उसके बाल खोल के झटके से हाथ नीचे किए, तो 34 के बूब्स एकदम से बाहर आ गए।
उसे देखकर मैं काफी जोश में आ गया और उसके बूब्स को स्मूच करने लगा।
फिर मैंने अपने कपड़े निकाले। जैसे ही अंडरवियर उतारी, वह देख के सहम गई और बोली, “इतना मोटा और लंबा कैसे जाएगा?!”
मैंने उसके बूब्स दबाते उसे बोला- आज तुम कली से फूल बनोगी!
और अपनी बाहों में भर के उसे उठा के रूम में ले जा के बेड में पटक दिया।
ऊपर आके उसके बूब्स दबा के किस करने लगा, वह तड़पने लगी।
फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया, जिसे वह चूसने लगी।
थोड़ी देर चूसने के बाद बोली, “अब रहा नहीं जा रहा है, मुझे शांत कर दो!”
मैं उसे बेड में सीधा लिटा के, पैर खोल के बीच में आ गया और अपना लंड पकड़ के उसकी कुंवारी चूत में रगड़ दिया।
वह मछलियों के जैसे तड़प के बोली, “बहनचोद, पेल दो मुझे! आज पूरा दिन है तेरे पास!”
उसके मुँह से यह सुन के जोश आया और मैंने एक तेज़ का झटका मार के लंड पेल दिया, और उसकी सील टूट गई।
वह दर्द में चिल्लाई, “छोड़ दो मुझे!”
मैंने उसे दोनों बाहों में जकड़ के एक और स्पीड में झटका मारा, तो लंड पूरी तरह चूत में घुस गया।
वह बोली, “रहने दो अब!”
मैंने कहा- जवानी में यह एक बार तुम्हारे साथ होना ही था।
थोड़ी देर बाद उसने धीरे से कमर हिलाई तो मुझे लगा कि अब दर्द कम है।
फिर मैंने उसे चोदना शुरू किया।
चूत टाइट थी, तो मज़ा बहुत आ रहा था।
मैं जोश में बोला- साली रंडी, तुझे आज रखैल बना के पेलूँगा!
तो बोली, “रखैल हूँ तेरी मैं! तो चोद, जितना चोद सकते हो आज! यह रांड तुझे शांत करने ही आई है!
जो रोज़ फोन में वीडियो कॉल में देखते हो दूध मेरे, आज खुले पड़े हैं! जितना मन चाहे पियो और चोद!”
मैंने उसे कहा- साली तेरी जवान चूत को मैं भोसड़ा बना दूँगा!
तो बोली, “गधे के जैसा लंड है, तो भोसड़ा तो बनेगा ही!”
फिर मैंने कंटिन्यू 25 मिनट चोदा, जिसमें वह झड़ के शांत हुई.
और फिर मैं भी झड़ के शांत हो गया और थोड़ी देर ऐसे ही बेड में लेट गया।
उस दिन शाम के 4 बजे तक वह मुझसे 3 बार चुदी।
फर्स्ट सेक्स की कहानी पूरी करके फिर हम नहाये.
तब मैंने उसे उसके कॉलेज के पास तक छोड़ा, जहाँ से वह घर गई और मैं अपने घर आ गया।
तब से अभी तक जब भी मौका मिलता है, मैं उसे बहुत चोदता हूँ और वह भी मेरे लंड के बिना शांत नहीं होती है।
अब वह लखनऊ में रहती है और एक सरकारी टीचर के पद पर नियुक्त है।
लेकिन उसे जब भी शांत होना होता है, मुझे अपने रूम पर बुलाती है और कभी दिन में, कभी रात में हम दोनों एक साथ एन्जॉय करते हैं।
अब मेरी नज़र में उसकी एक फ्रेंड है जिसका नाम रीमा है।
मैं जल्दी ही उसे भी चोद के शांत करूँगा क्योंकि उसका एक सीक्रेट मेरे पास है जिसे वह जानती है कि इसकी कीमत मेरी चुदाई ही है।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
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