chhoti bahan ki chudai ki kahani
हाये फ्रेंड्स मेरा नाम राहूँल (नाम बदला हुआ) है और मै दिल्ली से हूँ। उम्र 24 साल, मैं इस वैबसाइट का बहुत पुराना फैन हूँ। मैं शुरू से ही इन्सेस्ट स्टोरीज का दीवाना रहा हूँ। मेरी हाइट 6 फुट 2 इंच है और मेरे लंड का साइज 7 इंच है। मैं आज आपको अपने और अपनी बहन के बीच हुई चुदाई के बारे में बताऊंगा जो की 100% रियल है।
अब मैं अपनी बहन के बारे में बताता हूँ, उसका नाम निशा (नाम चेंज्ड) है। उसकी हाइट 5 फूट 7 इंच है वह मुझसे 2 साल 4 महीने छोटी है और उसके बूब्स का साइज 32 है। वह दिखने में एकदम हीरोइन लगती है मगर सीधी सादी और शर्मीली लड़की है।
ये स्टोरी आज से लगभग 5 साल पहले की है जब मैं 20 साल का था और मेरी बहन बारहवीं में पढ़ाई कर रही थी। पहले मेरे मन मे उसके बारे में कोई गलत विचार नहीं थे। लेकिन जब मैं 18 साल का था तब मने गलती से एक अँगरेज़ भाई बहन कपल की सेक्स वीडियो देखी और उस दिन मेरा दिमाग खराब हो गया।
मैंने भाई बहन सेक्स के बारे में और सर्च किया तो मुझे बहुत सी सेक्स स्टोरीज और वीडियोस मिली और मेरे दिमाग में अपना और निशा का ख्याल आया। मैंने उस दिन पहली बार बाथरूम में जा कर निशा को सोच कर मुठ मारी। यकीन मानो मेरे दोस्तों मुझे इतना मज़ा आया जैसे मैंने पहली बार मूठ मारी हो। और माल भी पहले से 2 गुना निकला।
उस दिन से मेरा मेरी बहन के प्रति देखने का नजरिया बदल गया। अब मैं उसे पटा कर सेक्स करने की सोचने लगा। मगर डरता भी था क्योकि जैसा मैंने आपको बताया की वो शर्मीली है और हम दोनों आपस में बस काम से काम रखते थे। और ज्यादा फालतू की बात नहीं करते थे।
लेकिन मेरे ऊपर उस वक़्त चुदाई का भूत सवार हो चुका था। मेरे घर में 2 फ्लोर है ग्राउंड फ्लोर पे मेरा अलग कमरा और दूसरे कमरे में दादी और बहन सोते थे और ड्राइंग रूम में टीवी था। इसलिए गर्मिओं के मौसम में, मैं और मेरी बहन अधिकतर टीवी देखते देखते ड्राइंग रूम मे अलग अलग दीवान पर सो जाते थे और फर्स्ट फ्लोर पे हमारे पेरेंट्स सोते थे। एक दिन की बात है सर्दियों का मौसम था और रात को लाइट चली गयी। उस दिन हमारे पेरेंट्स शादी में गए हूँए थे और दादी अपने कमरे में आराम कर रही थी। मैंने रूम में कैंडल जला रखी थी और मैंने बहन को बोला चल अंताक्षरी खेलते है तो उसने बोला चल खेलते है।
फिर हम दोनों एक साथ एक दीवान पे दिवार की तरफ कमर करके रजाई ओढ़ के बैठ गए और अंताक्षरी खेलने लगे। मेरे मन में तो कुछ और ही चल रहा था और मेरा लंड मेरी लोवर में सर्दी के कारण बिलकुल टाइट हो रखा था। एक घंटे खेलने के बाद अचानक से मोमबत्ती पिघल कर बुझ गयी तो मेरी बहन बोली मै अभी दूसरी लेकर आती हूँ। अँधेरा होने के कारन वो मेरी तरफ से जब बेड से उतने लगी तो उसका हाथ सीधा मेरे खड़े लंड पे आ गया। २ सेकंड के लिए और वो सॉरी बोल कर बेड से उतर गयी और दूसरी मोमबती लेकर आयी और लगा दी।
मेरी तो जैसे लॉटरी सी लग गयी हो वो मुझसे नज़र नहीं मिला पा रही थी। मैंने ऐसा बिहेव किया जैसे कुछ नहीं हुआ हो। लेकिन वो शायद शर्म से पानी पानी हो रही थी कुछ बोल नहीं रही थी। फिर वह किचन में जा कर दूध लायी और मुझे देकर सीधा सोने चली गयी। मेरे अंदर तो जैसे ज्वालामुखी फुट रहा था मैंने उस रात मूठ मारी और अपने आपको शांत किया और सो गया।
अगले दिन जब मैं उठा तो सब कुछ नार्मल था और ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। इसी बीच मैं भी ये फैसला नहीं ले पा रहा था की ये सब सही है या गलत? लेकिन उसके नाम की मूठ तो जैसे मेरी जिंदगी का एक पार्ट बन गयी और मैंने सोचा की पहले उसके मन में भी चुदाई की प्यास जगानी पड़ेगी, तभी शायद कुछ बात आगे बढ़ सकती है।
एक दिन हम दोनों भाई बहन रात को अपने अपने बेड पे लेट कर टीवी देख रहे थे। रिमोट मेरे पास था और मैंने चैनल चेंज किया तो टीवी पर मर्डर मूवी आ रही थी। तो मै जान कर वो मूवी ही देखने लगा और थोड़ी देर बाद हॉट सीन आ गया। मैंने चैनल चेंज नहीं किया और मैं गरम हो गया मेरी बहन भी वो सीन देख रही थी। मैंने चादर के अंदर ही अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे हिलाना शुरू किया। खड़े लंड के कारण चादर के अंदर तम्बू सा बन गया। धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ायी और मैं झड़ गया।
उस दिन मैंने पहली बार अपनी बहन के सामने मूठ मारी लेकिन चादर के अंदर। मूठ मारते वक़्त मेरा ध्यान मेरी बहन पर भी था और मैं तिरछी नज़र से उसे देख रहा था उसका ध्यान भी मूवी और मेरे दोनों के ऊपर था। मैंने रिलैक्स होने के बाद टीवी बंद किया और बाथरूम चला गया चेंज करने।
जब मैं वापस आया तो मैंने देखा की वो भी चादर ओढ़ कर सोई हूँई थी। मैं आप लोगो को अपनी बहन के बारे में बताना भूल ही गयी की वो नींद की बहुत पक्की है एक बार सोने के बाद वो पूरी गहरी नींद में ही सोती है। मुझे नींद नहीं आ रही थी एक घंटे बाद मैंने अपनी बहन को आवाज़ दी कोई रिस्पांस नहीं मिला।
मैंने उसके पास जाकर हल्का सा उसका हाथ हिलाया मगर वो फिर भी नहीं उठी। मुझे यकीन हो गया की इस वक़्त वो बहुत गहरी नींद में सो रही है और मैंने उसकी चादर हटाई और उसके अंदर घुस कर उसके साथ लेट गया। उसने दूसरी तरफ मुँह किया हुआ था तो मैं अपना लंड उसकी गांड पे हल्का हल्का रब करने लगा और हाथ उसके पेट पे रख दिया।
मुझे मज़ा भी बहुत आ रहा था और मेरी गांड भी बहुत फट रही थी धीरे धीरे मैंने उसके टॉप में हाथ डाला उसने समीज़ पहन रखी थी। मैंने समीज़ के अंदर हाथ डाला और हलके हल्के उसके बूब्स प्रेस करने लगा।
कसम से दोस्तों पहली बार मैंने किसी लड़की के बूब्स हाथ में लिए थे इतने सॉफ्ट थे उसके बूब्स की आपको बता नहीं सकता। मैं उंगलिओ में उसके निप्पल फंसा कर खेलने लगा और हिम्मत करके मैं उसकी चूत को लोवर के ऊपर से ही सहलाने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड निकाला और उसका हाथ उठा कर अपने लंड पे रख दिया और उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर हिलाने लगा।
उसका हाथ मेरे लंड पे लगते ही मेरे शरीर में 5000 वाल्ट का करें सा दौड़ गया अचानक से वो थोड़ी हिली।। मेरी गांड फट गयी और मैं बिजली की स्पीड में उसके बेड से सीधा अपने बेड पे जाकर चादर ओढ़ कर सोने की एक्टिंग करने लगा।
मैंने देखा वो उठी और उठ कर मेरी तरफ देख रही थी और 2 मिनट कुछ सोच कर वापस सो गयी। मेरी जान में जान आयी मैं सोच रहा था के कहीं वो अभी के अभी शोर मचाना शुरू ना कर दे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसके सोने के 15 मिनट बाद मैंने उसके नाम की मूठ मारी और मैं सो गया।।
दोस्तों अब मै बहुत परेशान सा रहने लगा उसकी चूत के लिए मुझे किसी भी हाल में उसे पटा कर चोदना था। लेकिन समझ नहीं आ रहा था की मैं क्या करू! उसके सामने टीवी देखते देखते मूठ मारना और उसके सोने के बाद उसके बाद बेड पे जाकर लंड रगड़ना तो जैसे मेरी रोज़ की आदत हो चुकी थी।
अब तो वो भी जान चुकी थी की मेरा भाई बहुत बड़ा वाला हरामी है और उसके इरादे कुछ ठीक नहीं है और वो मुझसे दूरियां बनाने की कोशिश करने लगी। कुछ दिन बाद उसके बारहवीं के बोर्ड एक्जाम स्टार्ट हुए और मेरी उसके एग्जाम सेंटर तक बाइक पर लाने ले जाने की ड्यूटी लगी। उसका एग्जाम सेंटर मेरे घर से 5 किलोमीटर की दूरी पर था।
अपने पहले एग्जाम वाले दिन वो अपने रूम में कपडे चेंज कर रही थी। मैं गलती से बिना नॉक किये उसके रूम में दरवाज़ा नॉक किये एंटर हुआ और मैंने देखा की वो ब्रा पैंटी में है। उसकी नज़र मेरी ऊपर पड़ी और वो एक दम से अपने हाथों से अपना बदन छुपाने की कोशिश करने लगी और मुझे बोला-
नॉक नहीं कर सकता था? चल बाहर जा।
मुझे तो जैसे सांप सूंघ गया और 15-20 सेकंड तक मै उसकी मोटी चूचियां जो ब्रा को फाड़ने को हो रही थी उसे देखने लगा।
वो फिर से चिल्लाई गेट आउट और मैं फिर होश में आया और सॉरी बोला और नीचे मुँह करके बाहर आ गया।
वो रेडी हुई और मैंने उसे बाइक पे बैठाया और सेंटर की तरफ चल पड़ा। मैंने सोच लिया था की अब तो मैं उसे एहसास दिला कर ही रहूँगा की आखिर मैं चाहता क्या हूँ।
मैंने उसे पकड़ कर बैठने को बोला और उसकी शर्ट सलवार होने के कारण उसे दोनों साइड पैर करके बैठने को बोला। रास्ते में मैं जान बूझ कर थोड़ा पीछे की तरफ होकर बैठा और बार बार ब्रेक मारता जिससे की उसके बूब्स मेरी पीठ पे टकराते और मुझे मज़ा सा आता।।
हम सेण्टर पहुंचे और वो एग्जाम देने के बाद वापस आयी और वापसी में बाइक पर मुझे शरारत सी सूझी। जिस हाथ से उसने मेरे पेट को पकड़ा हुआ था मैंने धीरे धीरे उस हाथ को सहलाना शुरू किया। पर उसने अपना हाथ छुड़ाया और मुझे छोड़ दिया और बाइक को पीछे से पकड़ लिया मैंने बाइक जान कर रश चालानी शुरू कर दी और उसका हाथ अपने आप फिर वही आ गया।
मैंने फिर सहलाना शुरू किया और इस बार उसने गुस्से से मेरे हाथ को झटका के छुड़ा दिया। मैंने भी हरकत रोकी और घर आ गए। मै समझ गया की वो अभी इस चीज़ के लिए रेडी नहीं है। अपनी बहन को पहले एहसास दिलाना पड़ेगा की भाई बहन के बीच ऐसा हो सकता है। स्टोरीज और वीडियोस के माध्यम से। फिर एक दिन मैं नया फ़ोन खरीद कर लाया और अपना पुराना फ़ोन निशा को दे दिया।
पर मैंने जान कर उसमे से ब्लू फिल्म और सविता भाभी की पिक्स डिलीट नहीं की और अधिकतर उसमे भाई बहन की सेक्स वीडियोस थी और स्टोरीज भी थी। दोस्तों अगले पार्ट में बताऊंगा की कैसे मेरी बहन ने खुद गरम होकर सेक्स के लिए पहल की और कैसे मैंने उसकी चूत को फाड़ कर अपना बनाया।
अगला भाग: छोटी बहन निशा की चुदाई – 2
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