मेरी सीलबंद बुर की पहली चुदाई: एक दर्दभरा अनुभव

painful sex kahani

पेनफुल सेक्स कहानी में मेरा बॉयफ्रेंड था, उसने मुझे अपने दोस्त के घर मिलने बुलाया. वहां वह मुझे किस करने लगा, मेरी चूचियां दबाने लगा. मुझे मजा आने लगा.

दोस्तो, मैं 18 साल की हूँ और मेरा बॉयफ्रेंड 21 साल का था।
उसी ने मेरी पहली बार सील तोड़ी थी।
यहाँ ‘था’ शब्द का प्रयोग इसलिए कर रही हूँ क्योंकि अब वह मेरा बीएफ नहीं है, हमारा ब्रेकअप हो चुका है।

तो जिस दिन उसने मेरी सील तोड़ी थी, उस दिन हुआ यों कि हमारे रिलेशन को 6 महीने हो चुके थे।
रोमांटिक बातें भी होती थीं कभी-कभी।

पेनफुल सेक्स कहानी तब शुरू हुई जब एक दिन उसने मुझे अपने दोस्त के यहाँ मिलने बुलाया; उसका रूम सेक्स के लिए खाली था।
पहले तो मैंने मना किया लेकिन बाद में मैं मान गई।

फिर घर से मैं तैयार होकर निकली, वह मेरा इंतज़ार कर रहा था।

मैं वहाँ पहुँची, हम दोनों बेड पर बैठे, कुछ देर पानी पिया और मुझे बहुत शर्म आ रही थी।

फिर उसने पहले मुझे गले से लगाया, मैंने भी उसे कसकर गले लगाया।

फिर हम दोनों किस करने लगे।

उसने धीरे से मेरी टी-शर्ट उतार दी और मुझे बेड पे धक्का दे दिया।

मेरा पहली बार था तो मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था और शर्म भी आ रही थी।
वह तो एक्सपर्ट दिख रहा था, शायद पहले भी किसी लड़की की फुद्दी मारी हो।

फिर वह मुझे धक्का देकर अपनी शर्ट उतार के मेरे ऊपर चढ़ गया और किस करते-करते मेरे चूचे धीरे-धीरे दबाने लगा।

यहाँ तक तो मुझे भी अच्छा लग रहा था दोस्तो!
मैंने सोचा आगे भी मज़ा आयेगा, मैंने उसका साथ दिया।

धीरे-धीरे चूचे दबाने की उसकी स्पीड तेज़ हुई; एक दबा रहा था तो एक चूसता जा रहा था।
मेरे दूध को उसने दबा-दबा के लाल कर दिया।

फिर वह नीचे की ओर आया और जींस और पैंटी उतार दी।
मुझे शर्म आ रही थी, पहली बार किसी के सामने नंगी हुई थी, मैंने लाइट ऑफ करवा दी।

फिर वह मेरी चूत मजे लेकर चाट रहा था और उँगली भी कर रहा था।
अभी तक तो मैं भी खुश थी, मज़ा आ रहा था।

मेरी टाइट चूत और टाइट चूचे देखकर वह पूरे जोश में आ गया था और उसका लंड एकदम टाइट खड़ा हो चुका था।

पहली बार में ही 6 इंच का टाइट लंड लेने वाली थी मैं!

थोड़ा डर भी था इसलिए मैंने उससे कहा, “पहली बार है, आराम से करना!”
वह बोला, “कुछ नहीं होगा!”

फिर उसने अपने हथियार पे कंडोम लगाया और डालने की कोशिश की.
लेकिन जा नहीं रहा था।

फिर झटके से आधा गया।
मेरा पहली बार था, मैं चिल्लाई, “आ आआ आह्ह!”
फिर वह बोला, “बस कुछ नहीं होगा!”

आधे लंड को ही उसने मेरी चूत में ही उसने धीरे-धीरे अंदर-बाहर किया।
उसका कंडोम बार-बार गिर जाता था तो मैंने कहा, “हटा लो कंडोम कोई दिक्कत नहीं है, माल बाहर गिरा देना!”

फिर बिना कंडोम के उसका नंगा लंड मेरी चूत पे रखा, मैं मचल उठी।
उसने आधा डालने के बाद जोर का झटका फिर से दिया।

उसका लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए पूरा अंदर चला गया।

क्योंकि मेरा पहली बार था, मैं बहुत जोर से चिल्लाई मानो मेरी जान निकल गई हो, “आह! मैं मर गई, बाहर निकालो! मुझे नहीं करना!”
मैं चिल्लाने लगी।

उसने मुझे समझाया, थोड़ा रुक गया और कहा, “कुछ नहीं होगा, बस हल्का होगा! मेरे लिए इतना तो सह लोगी न तुम?”

उसने अपनी प्यार की बातों में फँसाया और धीरे-धीरे मेरे नॉर्मल होने पर अंदर-बाहर करने लगा।

पहले वह आराम से कर रहा था, मैं भी “आह, आउच” कर रही थी।
फिर उसने स्पीड बढ़ाई और दना-दन लग गया।

मैं चिल्लाई कि आराम से करो!
लेकिन उसको जोश चढ़ गया था।

वह अपने वाइल्ड रूप में आ गया और मेरे दर्द की फिकर किए बिना मुझे चोदता गया।

वह मेरे मना करने पर भी नहीं रुका।
मैं चिल्लाती रही, वह बस बोलता गया, “बेटू, मेरे से प्यार करती हो न? यह नॉर्मल है, इतना दर्द सबको होता है! बस एक बार मेरा गिर जाने दो, फिर बंद कर दूँगा!”

यही कहते-कहते वह मेरी टाँगें उठा-उठा कर चोदता रहा।
कभी मेरे ऊपर आता, कभी मुझे अपने ऊपर लाता, कभी अगल-बगल, दाएं-बाएं चोदता रहा।

एक टाइम के लिए मैं भी नशे में चली गई और कहती रही, “और जोर! और जोर!”

मैं 1 घंटे में झड़ गई, लेकिन आप लोगों को सुनकर हैरानी होगी दोस्तो कि उस दिन उसका गिर ही नहीं रहा था।
मैं थक चुकी थी, अब हिम्मत नहीं थी, पर उसका अभी भी खड़ा था।

मेरी चूत में हल्की सूजन आ गई थी.

फिर भी वह बोला, “बेटू बस मेरा एक बार गिर जाने दो, फिर नहीं करूँगा!”
उसने कहा, “प्लीज़ थोड़ा सा घोड़ी बन जाओ, शायद उस पोजीशन में गिर जाए!”

मुझे तो बस जल्दी पड़ी थी कि इसका गिरे।

मैंने सोचा शायद जल्दी हो जाए इसलिए मैं घोड़ी बन गई।
पर शायद यह उसकी चाल थी मुझे घोड़ी बना के चोदने की।

मैं घोड़ी बनी रही, वह डालता रहा।
मैं झड़ चुकी थी, अब मुझे बिल्कुल मज़ा नहीं आ रहा था और वह है कि झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था।

फिर से वह मेरी टाँगें उठा-उठा कर चोदने लगा।
मैंने बोला, “बस! अब और नहीं!”

वह नहीं माना। मुझे उल्टा लेटा कर मेरी कमर को पकड़कर ज़ोर से चोदने लगा।
मैं हट्टी-कट्टी हूँ दोस्तो, मेरी कमर अच्छे से उसकी पकड़ में आ रही थी।

वह चोदता रहा और अब मैं चिल्लाने लगी थी क्योंकि यह मेरी सहनशक्ति से बाहर था।
मैं बोलती रही, “बस आह आह आह, उह्ह्ह! छोड़ दे अब!”

वह और अपने जोश में आ गया।
मेरे मना करने पर भी जोश-जोश में अगले एक या डेढ़ घंटे तक लगातार मुझे पेलता गया।

मैं चिल्लाती रही।
अब मुझे अहसास हो गया था कि शायद उसे प्यार नहीं मुझसे, उसे मेरे दर्द में भी चोदना था।
शायद सिर्फ मेरी चूत से मतलब था उसे।

उसने उस दिन मेरे शरीर के एक-एक अंग को बहुत अच्छी तरह से निचोड़ा था और चूत का चीथड़ा बना दिया था।
जहाँ मुझे लगा था कि पहली बार में ज़्यादा से ज़्यादा 1 घंटे का ही होगा, उसने लगातार मुझे 2 या ढाई घंटे तक पेला।

शायद उसने गोली खाई होगी, तभी नहीं गिरा।

मैंने पूछा तो यही बोला कि नहीं खाई, पता नहीं क्यों टाइम लग रहा है।

उसका गिराने के चक्कर में मेरी चूत पूरी सूज चुकी थी।
उसने बाकायदा दबोच के चोदा था मुझे।

अंत में जब उसका गिरा, तो मुझे राहत आई कि मैं बच गई, वरना अब तो मर ही जाती।
फिर वह बाथरूम ले गया, वहीं अपना गिराया और हम दोनों ने अपना-अपना साफ किया।

मेरी चूत इतनी सूज गई थी कि साफ करने में भी दर्द हो रहा था।
उस दिन मेरा पूरा शरीर लाल पड़ गया था।

पहली बार की ही चुदाई मेरी बहुत ही वाइल्ड तरीके से हुई दोस्तो, चुदाई में दर्द बहुत हुआ था।

कपड़े पहनने के बाद उसने मुझसे सॉरी कहा और बोला, “गलत मत समझना, मैं तुमसे प्यार करता हूँ! बस सेक्स करते टाइम जोश आ जाता है तो खुद को रोक नहीं पाता!”

मैंने फिर कुछ नहीं बोला।
मैं अब लंगड़ाते हुए चल रही थी, तो मैंने कहा, “चोद लिए हो, अब घर भी छोड़ो!”

फिर उसने बाइक से घर छोड़ दिया।
बहुत दर्द हो रहा था दोस्तो।

यह थी मेरी पहली दर्दभरी चुदाई की कहानी।

फिर कुछ दिनों बाद किसी लड़ाई में हमारा ब्रेकअप भी हो गया।
पर बंदे ने मेरे शरीर का अंग-अंग चखा और निचोड़ा।

वैसे फिगर ही ऐसा है कि कोई देख के कंट्रोल कर ही न सके।

पहली बार का मेरा अनुभव कुछ खास रहा नहीं दोस्तो, लेकिन अगली बार ज़रूर मज़ा आयेगा क्योंकि मैं भी अब अनुभवी हो चुकी हूँ।
चलिए ठीक है, फिर मिलूँगी अपनी दूसरी कहानी के साथ।
पेनफुल सेक्स कहानी पर कमेंट्स में बताएं कि कैसी लगी?
बाय-बाय दोस्तो!

लेखिका के आग्रह पर मेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top