चंडीगढ़ में अस्पताल की नर्स को चोदा

Hospital Nurse Xxx Kahani

हॉस्पिटल नर्स Xxx कहानी में मेरे अस्पताल में एक नई नर्स मेरे नीचे ड्यूटी पर आई. वो सेक्सी माल थी. ऐसी ही जान पहचान हो गयी. फोन पर सेक्स की बातें भी होने लगी.

हेलो दोस्तो, मैं हूँ डॉ ऋषि।
अब मैं आपका टाइम खराब न करके, सीधा हॉस्पिटल नर्स Xxx कहानी पे आता हूँ।

कुछ समय पहले मेरी पोस्टिंग चंडीगढ़ में हो गई और मैं यहाँ मजे से रह रहा था, कोई दिक्कत नहीं थी।
अपने समय से अस्पताल जाता और वापस अपने फ्लैट पर आ जाता था।

फिर मेरे अस्पताल में, नर्सिंग स्टाफ में एक नई नर्स फरियल की जॉइनिंग हुई।
फरियल की ऐज ज्यादा नहीं थी, 30+ थी, पर दिखने में एकदम मस्त माल थीं!

सॉरी, मैं उनके बारे में बता दूँ, दिखने में मस्त माल थीं।
उनकी साइज 30-34-36 थी। वह चलती थीं तो उनकी गांड बहुत मस्त हिलती थी और लोग उनके दीवाने हो जाते थे।

हमारे अस्पताल के कर्मचारी उनको देख के यही सोच रहे थे कि किस डिपार्टमेंट में ड्यूटी लगेगी।

संयोग से उनकी मेरी ही साथ ड्यूटी लग गई थी!
वह अपनी ड्यूटी कर रही थीं और मैं अपनी ड्यूटी कर रहा था।

करीब 15 से 20 दिन तक ऐसे ही चलता रहा और हम एक दूसरे को गुड मॉर्निंग बोलते रहे।
वह बड़े मजे से ‘सर’ बोलती थीं।

एक दिन मैंने बैठे-बैठे ऐसे ही पूछ लिया, “आपके हसबैंड क्या करते हैं?!”
तब उसने बताया कि उसके हसबैंड कुछ नहीं करते, घर पर ही रहते हैं।

अब मैंने पूछा, “तो फिर घर खर्च कैसे चलता है?!”
तो उसने बताया, “मैं ही घर का खर्चा चलाती हूँ।”

और मैंने पूछा, “आपके घर में और कौन-कौन है?!”
तो उसने बताया, “मैं और मेरे हसबैंड ही हैं।”

मैंने पूछा, “बच्चे नहीं हैं?!”
तो उसने बोला, “नहीं, बच्चे नहीं हैं।”

थोड़े दिन ऐसे ही चलता रहा!
हम इधर-उधर की बातें करते रहते और समय निकल जाता।

थोड़े दिन ऐसे ही हंसी-मजाक चलते रहे।

फिर एक दिन उसने बोला, “सर, आपका नंबर दे दो!”
और वह मेरा नंबर लेकर चली गई।

एक दिन मॉर्निंग में सुबह-सुबह कॉल आया, अननोन नंबर से कॉल आया था।

मैंने उठाया तो उसने बोला, “हेलो सर, मैं फरियल!”
मैंने बोला, “हाँ मैम, बोलिए!”
तो उन्होंने बोला, “सर, आज मैं नहीं आऊँगी क्योंकि मुझे घर पर कुछ व्यक्तिगत काम है।”

मैंने बोला, “ठीक है, मुझे कोई दिक्कत नहीं है!”
और फिर ऐसे ही हम लोग व्हाट्सएप पर हंसी-मजाक करने लगे।
मैं भी उन्हें जोक्स भेजता था और वह भी मुझे जोक्स भेजती थीं।

ऐसे धीरे-धीरे हमारी बातों का सिलसिला आगे बढ़ा।

एक दिन मैंने उन्हें व्हाट्सएप पर ऐसे ही हंसी-मजाक में उनकी सेक्सी लाइफ के बारे में पूछा तो उन्होंने बोला, “क्या सर, आप भी बिना फालतू की बातें कर रहे हैं!”
फिर भी हम ऐसे ही हंसी-मजाक में सेक्स की बातें करने लगे थे।

एक दिन मुझे बाहर जाना था, पंचकूला।

अस्पताल में ड्यूटी के वक्त मैंने बोला, “मैम, आप चलोगे मेरे साथ वहाँ?!”
तो वो बोलीं, “हाँ, चलूँगी! कोई समस्या नहीं है।”

मैं और फरियल मैम पंचकूला निकल गए।
शाम को आते समय थोड़ा बारिश का मौसम था तो बारिश हो गई।
बारिश होने से हमारे कपड़े भीग गए तो मैंने बोला, “मैम चलो मेरे घर चलो, कपड़े चेंज कर लेना!”

और वह मेरे घर आ गईं और कपड़े चेंज कर लिए।
फिर हम इधर-उधर की बातें करने लगे।

फिर मैंने पूछा, “मैम, आपका बच्चा क्यों नहीं है?!”
तो उन्होंने बताया कि उनके हसबैंड के हार्मोन्स की कमी है और फिर वह रोने लगीं।

तो मैंने उन्हें चुप कराया, “कोई बात नहीं मैम, होता है!”
और मैं उनके पेट को सहलाने लगा और उनके बालों को सहलाने लगा।

मैं बोला, “मैं हूँ ना मैम, आप टेंशन क्यों ले रही हो?!”
मैं कुछ सोचता, उससे पहले ही हॉस्पिटल नर्स Xxx ने मुझे किस किया और मेरे होठों को चूसने लगीं।

मैं भी फरियल मैम का साथ देने लगा और फरियल मैम मुझे किस करने लगीं।
मेरे गले से मानो पानी जैसे उतर रहा था और मैं भी उनके होठों को चूसता रहा।
कंटीन्यू मुझे जैसे जन्नत मिल रही हो और मैं उनके बालों को सहलाता रहा।

फिर मैंने फरियल मैम के कपड़े उतार दिए और फरियल मैम मेरा साथ देने लगीं।

मैं उनके गले पर किस करने लगा।

उनके कपड़े उतार के मैं उनके बूब्स को चूसने लगा, उनकी कमर को चूसने लगा, उनकी पीठ को चूसने लगा।
वह गर्म होने लगीं और मेरा साथ देने लगीं।

मैंने जल्दी-जल्दी फरियल मैम के सारे कपड़े उतार दिए और उनकी पेंटी खोल के फेंक दी, और चूत को चूसने लगा।
वह तो जैसे पागल हो गई हों!
वह मेरा मुँह अपनी चूत पे दबा रही थीं और, “उफ्फ… आ… उफ्फ… और जोर से चूस! और जोर से चूस! उफ्फ्फ… अअअ… उफ्फ्फ!” करने लगीं।

फिर मैम 10 मिनट बाद झड़ गईं और मैं उनकी चूत का सारा पानी पी गया।
फिर उन्होंने बोला, “मेरे हसबैंड तो कभी भी मेरी चूत को नहीं चूसते हैं! आपने आज मुझे कितना मज़ा दिया!”

फिर मैंने अपनी टी-शर्ट निकाली और वह मेरा लंड चूसने लगीं।
मेरा 8 इंच का है, तो वह उसे देखकर दंग रह गईं और चूसती रहीं।
मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था!

मैं जोर-जोर से फरियल के बाल पकड़ के उनके सर को ऊपर-नीचे कर रहा था।

कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया, पर मैडम ने मेरा लंड नहीं छोड़ा और चूसती रहीं।
फिर मेरा लंड वापस खड़ा हो गया और मैंने देर न करते हुए अपने लंड को उनकी छेद पर रख लिया।

मैंने भी देर न करते हुए थूक लगाया और मैम की चूत में पेल दिया!

जैसे ही मैंने एकदम से लंड डाला, तो फरियल रो पड़ीं और बोलीं, “पागल हो क्या? दर्द हो रहा है, निकालो! उफ्फ् मर गई… अअ अअह अअ… उफ़्फ़ निकालो प्लीज! उफ़्फ़ दर्द हो रहा है!”

लेकिन मैंने एक न सुनी और लंड को आगे-पीछे करता रहा और मैम को चोदता रहा।
15 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा और मैडम बोलीं, “हाँ, दर्द हो रहा है… तेज… तेज… और तेज!”

फिर फरियल बहुत हॉट हो गई और बोलीं, “और तेज करो! और पेलो… मादरचोद, चोद ना मुझे! चोद, चोद, जल्दी चोदना!” और ऐसे करती रहीं।
करीबन मैं 15 मिनट तक उनको चोदता रहा।

चोदने के बाद जब मेरा होने वाला था, तो मैंने बोला।
उन्होंने बोला, “मेरे चूत में ही गिरा दे!”
फिर हम सो गए।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top