डेटिंग ऐप से मिली भाभी की सर्विस की

xxx dating kahani

Xxx डेटिंग कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है. इसमें एक रंगीन मिजाज वाली भाभी की चुदाई को लिखा गया है. उस भाभी ने अपनी शारीरिक संतुष्टि के लिए मुझसे चुदवाया था.

दोस्तो, मेरी प्यारी भाभियो, आंटियो और प्यासी लड़कियो, मेरा नाम सूरज है.
मैं बनारस का रहने वाला हूँ.

मेरी हाइट 5 फुट 11 इंच की है और मेरा लंड साढ़े छह इंच का है.
वैसे भी मैं दिखने में काफी सुंदर हूँ और शरीर से भी काफी मजबूत हूँ.
मैं एक कॉलब्वॉय का काम करता हूँ.

ये Xxx डेटिंग कहानी तब की है जब मैंने एक नेटवर्किंग ऐप पर ऑनलाइन सेक्स के लिए अपनी पोस्ट डाली हुई थी.
डेटिंग ऐप पर मुझे काफी सारे कमेंट्स आए.

उनमें से एक महिला से मेरी मुलाकात हुई.
उसकी उम्र 30 साल की थी.

उस भाभी का नाम (बदला हुआ) श्रेया था.
श्रेया भाभी से मेरी बात शुरू हुई तो पता चला कि उसे मेरी सेक्स सर्विस की जरूरत है, क्योंकि उसका पति उसे ढंग से नहीं चोदता है.
मैं उससे और भी इधर उधर की बात करने लगा. फिर मिलना तय हुआ.

बातचीत के अनुसार हमारी मुलाकात का समय 2 दिन बाद का पक्का हुआ.
मैं तय समय पर उसके घर Xxx डेटिंग के लिए पहुंच गया.

मैंने दरवाजा खटखटाया तो उसने मुझे कॉल किया और बोली- पहले तुम अपनी आंखों पर पट्टी बांध लो, तभी अन्दर आना!
मुझे यह सब मजाक लग रहा था.
पर उसने जबरदस्ती करते हुए कहा तो मैंने आंखों पर पट्टी बांध ली.

कुछ देर बाद उसने दरवाजा खोला और मेरा हाथ पकड़ कर अन्दर ले गई.
फिर उसने मुझे बैठाया और बोली- तक यहां बैठो, मैं दो मिनट में आ रही हूँ.

मैं अपनी आंखों पर पट्टी बांधे वहां बैठा रहा.
कुछ देर बाद वह आई.

उसके आते ही एक अलग खुशबू पूरे कमरे में फैल गई.
इतनी अच्छी खुशबू थी कि मैं आज तक वह खुशबू नहीं भूल पाया.

उसकी आवाज इतनी प्यारी थी कि मानो कोई स्वर्ग की अप्सरा बोल रही हो.

वह मेरे पास आई और मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी.
अब वह बोली- तुम ये पट्टी तब तक मत खोलना, जब तक मैं न कहूँ.

इतनी प्यारी आवाज और खुशबू से मैं उसे मना नहीं कर पाया.
वह मेरे ऊपर बैठकर मुझे किस करने लगी.

कभी होंठों पर तो कभी गर्दन पर. उसकी किस से मुझे एक अलग ही नशा हो रहा था.

फिर उसने किस करते करते मेरे सारे कपड़े उतार दिए.
मैं बस उसकी पतली कमर को पकड़े रहा.
अब तक मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था.

फिर उसने मेरे लंड को पकड़ कर उस पर चॉकलेट लगाया और मुँह में लेने लगी.

उसके मुँह की गर्मी से मेरा लंड एकदम से ऐसा टाइट हो गया मानो अभी ही फट जाएगा.

फिर उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपनी चूचियों पर रखवाए, तब मुझे पता चला कि वह पहले से ही बिना कपड़ों के थी.
उसकी चूचियों का साइज़ 36 इंच कर रहा होगा. एकदम नर्म और मुलायम चूचियां थीं.

मेरे हाथों में जितना दम था, उतनी ताकत से मैं उसके दूध दबाने लगा.
उसके मुँह से मादक आवाजें आने लगीं.

वह जोर-जोर से मुझे किस करने लगी.
फिर उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड पर लिटाया और मेरे दोनों हाथों को बेड से बांध दिया.
उसके बाद उसने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी.

उसकी चूत मेरे मुँह पर आते ही मैं पागल सा हो गया.
चूत से मस्त खुशबू के साथ-साथ पानी भी निकल रहा था.

मैंने पूरी जीभ अन्दर डालकर चाटना शुरू कर दिया.
जिससे वह एकदम पागलों की तरह अपनी चूत मेरे चेहरे पर रगड़ने लगी.

करीब 15 मिनट चूत चुसाई के बाद उसका पूरा पानी मेरे मुँह पर आ गया.

फिर वह वापस मेरे लंड को पागलों की तरह चूसने लगी.
वह इतनी तेजी से चूस रही थी मानो मेरा लंड खा ही जाएगी.

दस मिनट लंड चुसाई के बाद वह मेरे लंड पर बैठ गई.
मेरे लंड ने चुत में घुसने में एक मिनट की भी देरी नहीं की और सीधा जड़ कर घुसता चला गया.

उसकी आह निकल गई और वह उठने को हुई मगर तभी मैंने उसकी कमर पकड़ कर उसे अपने लौड़े पर दबाए रखा.

उसकी चूत एकदम टाइट थी और वह पहले तो दर्द से तड़फ रही थी.
पर कुछ देर में ही लौड़े से उसकी चुत की दोस्ती हो गई और अब वह पागलों की तरह मेरे लंड पर कूद रही थी.
उसकी मादक आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी उसकी चूत में निकल गया.

वह मेरे ऊपर लेट गई और बोली- अभी आंख की पट्टी मत खोलना, अभी आगे की चुदाई बची है.

कुछ देर बाद वह लौड़े से उठी और एक व्हिस्की की बोतल ले आई.

उसने मुझसे पूछा- तुम ड्रिंक करते हो?
मैंने ‘हां’ बोल दिया.
तो उसने मुझे एक हार्ड ड्रिंक का पैग बना कर अपने हाथों से मुझे पिलाया.

अब उसने सिगरेट जलाई और पीने लगी, उसका धुआं मेरे मुँह पर देने लगी.
मुझे एकदम नशा होने लगा.

फिर वह बोली- आज तक तुमने इस स्टाइल में दारू नहीं पी होगी!
मैंने कहा- किस स्टाइल में?

मेरे इतना बोलते ही वह मेरे ऊपर आ गई और अपनी चूत मेरे मुँह पर रखकर बोली- लो इस स्टाइल में … चूसो मेरे राजा.

मैं उसकी चूत चाटने लगा और वह हल्के हल्के से दारू की धार बना कर अपनी चूत पर गिराने लगी, जिससे चुत को चाटने में और मजा आने लगा.

दोस्तो, इस तरह चूत चाटने में जो मजा है … वह मजा सीधे दारू में नहीं है … और न ही बिना दारू की चूत चाटने में है.

सच कह रहा हूँ … उस वक्त मैं अपने होश में नहीं था.

करीब 20 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने मुँह हटाया तो वह उठी और मेरे लंड को पकड़ कर उस पर दारू गिरा-गिराकर चूसने लगी.
मेरा लंड जल्दी ही खड़ा होने लगा.

करीब 15 मिनट लंड चूसने के बाद वह मेरे करीब लेट गई और बोली- राजा, तेरे लंड में तो दम बहुत है!

मैं यहां पागल हो रहा था.
मुझे ऐसा लग रहा था कि वह तो मेरे पूरे मजे ले रही है और मैं बस लेटा हुआ हूँ!

यही बात मैंने उससे कही.
तो उसने मेरे ऊपर आकर अपने पैरों से मेरे लंड को रगड़ना शुरू कर दिया.

वह लौड़े से खेलने के साथ-साथ मुझे किस भी कर रही थी; कभी किस करती, तो कभी दारू टपका कर उठती और लंड चूसने लगती.
फिर वह मुँह में दारू डालकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर पागलों की तरह चूसने लगी.

साली इतनी मस्त चूस रही थी कि मुझसे रुका ही नहीं जा रहा था.
वह मेरे पूरे लंड को अपने गले तक आराम से ले रही थी.

काफी देर तक लंड चुसाई के बाद मेरा लंड पानी छोड़ने वाला था.

मैं बोला- मेरा पानी निकलने वाला है!
यह सुनकर तो वह और जोर-जोर से चूसने लगी.

तभी मेरा पूरा पानी उसके मुँह में निकल गया.
वह पूरा पानी पी गई और उसने लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया.

अब वह उठकर अलग हुई और वापस से एक और सिगरेट जलाकर मेरे ऊपर आ गई.
उसने चूत मुँह पर रख दी.

मैं उसकी चूत चाटने लगा.

कुछ देर बाद बहन की लौड़ी ने मेरे मुँह में ही सूसू कर दी.
मैंने उसका पूरा पानी पी लिया.

इससे वह बहुत खुश हुई और बोली- आज तक कोई ने मेरा सूसू नहीं पिया था. तुमने पिया, इसका तुम्हें इनाम मिलेगा!

इतना बोलते ही उसने मेरा हाथ खोल दिए.
मैंने उसे जोर से पकड़ कर बेड पर लिटाया और किस करने लगा.

उसके बड़े-बड़े चूचे दबाने और चूसने लगा.

तभी मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डाली और जोर-जोर से हिलाने लगा.
वह पागलों की तरह मुझे किस करने लगी.
मैं भी उससे किस करने लगा और जोर-जोर से उंगली करने लगा.

वह मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी, जिससे मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा.

तभी मैं अपनी उंगली निकाल कर उसकी गांड की तरफ ले गया.
उसकी पिछाड़ी करीब 40 इंच की रही होगा.

तभी उसने मेरे कान में धीरे से कहा- अपनी उंगली मेरी गांड में डालो!
मैंने झट से उंगली गांड में घुसेड़ दी.

वह आह करके मीठी आवाज में बोली- मेरी गांड अब तक कुंवारी है और आज मेरी सूसू पीने के इनाम में मैं तुमको अपनी गांड कर छेद चोदने दे रही हूँ. पर तुम आराम से करना … फाड़ न देना.
मैंने कहा- जान, यदि आप मेरी आंखों से पट्टी नहीं खोलोगी तो आपको भी मजा नहीं आएगा.

वह हंस कर बोली- ओके खोल लो, तुम्हारे हाथ खुले तो हैं!
तब मुझे याद आया और मैंने अपने हाथों से अपनी पट्टी खोल दी.

आह … मेरे सामने वह मस्त अंगड़ाई लेती हुई अपने दूध हिला कर मुझे मादक नजरों से देख रही थी.

उसके होंठों में सिगरेट दबी थी.
मेरी कल्पना के अनुरूप वह मेरे ऊपर बैठी थी.

मैंने उसके दूध दबाए और उसको अपने लौड़े पर सरका लिया. वह भी आराम से लंड पर आ गई लेकिन उसने लंड को चुत में नहीं लिया.

मैंने उसके हाथ से सिगरेट लेकर कश भरा और मस्ती से उसे निहारने लगा.
अब वह झुक कर मुझे चूमने लगी.

मैंने एक हाथ की उंगली से उसकी गांड में थूक लगाना शुरू किया और उंगली से गांड को ढीली करने लगा.

वह बोली- सच में तुम मस्त मर्द हो!
मैंने कहा- गांड मारूँगा तब कहना कि मैं कैसा हूँ!

वह हंस दी- मुझे मालूम है कि गांड में दर्द होगा, इसलिए मैंने दवा लगाई हुई है.
मैंने पूछा- कैसी दवा!

वह बोली- डॉक्टरों वाली .. जब वे किसी मरीज की गांड में उंगली करते हैं न तो मरीज को दर्द न हो … ऐसी दवा लगाते हैं. वही दवा मैंने लगाई हुई है.

यह सुनते ही मैंने दो उंगलियां उसकी गांड में सरका दीं.

उसे अहसास तो हुआ कि गांड में दो उंगलियां घुस गई हैं लेकिन दर्द नहीं हुआ.

कुछ देर दो उंगलियों से गांड ढीली करने के बाद मैंने उसे अपने लंड पर गांड सैट करने के लिए कहा.

वह हल्की सी उठी और उसने अपनी गांड का छेदा मेरे लौड़े पर लगा दिया.

उसी पल मैंने उसे अपने लंड पर दबा दिया तो लंड का सुपारा गांड के पहले छल्ले को फैला कर अन्दर घुस गया.

अब वह असहाय सी मुझे देख रही थी.

मैंने पूछा- गांड में दर्द हो रहा है क्या?
वह बोली- दर्द नहीं है लेकिन उधर पहली बार घुसा है न … तो जरा अजीब सा लग रहा है.

मैंने कहा- अब आप आंख बंद कर लो और मेरे सीने पर लेट जाओ.
वह मेरी छाती पर अपनी चूचियां टिका कर लेट गई और मैंने अपने हाथ की उंगली से थूक लेकर गांड में घुसे लौड़े में लगा कर कमर उठा दी, तो मेरा लंड गांड में घुस गया.

वह मस्ती से मेरे सीने पर अपने दूध रगड़ रही थी.
मैं उसकी गांड मारता रहा और वह मरवाती रही.

करीब बीस मिनट बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया तब वह मेरे लौड़े से हटी और मेरे बाजू में लेट गई.
वह मेरे लंड की तारीफ कर रही थी.
मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और थकान के चलते हम दोनों नंगे बदन ही सो गए.

फिर मैंने आगे क्या-क्या किया, इसकी बात मैं आपके मेल मिलने के बाद लिखना तय करूंगा.

आशा करता हूँ कि आपको मेरी Xxx डेटिंग कहानी अच्छी लगी होगी

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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