unethical sex story
अनएथिकल सेक्स स्टोरी में मैं अपने ही बेटे से खूब चुदी क्योंकि मेरे पति विदेश में जॉब करते हैं और मेरे अंदर की अन्तर्वासना ने मुझे नए लंड से चुदवाने को मजबूर कर दिया.
मेरा नाम मीनाक्षी है और मैं 42 वर्ष की हूं.
मेरी फिगर 36-32-38 की इतनी अधिक कामुक है कि जो भी मुझे एक बार देख ले, वह मुझे पाने के लिए तरसने लगता है.
मेरी कामुकता ने ही यह अनएथिकल सेक्स स्टोरी बना दी.
मेरे पति का नाम हिमांशु है, वे बाहर विदेश में काम करते हैं.
उनकी उम्र 49 वर्ष है और हमारा एक बेटा है, जिसकी उम्र 21 साल है.
मेरा बेटा देखने में बहुत सुंदर है. उसकी हाइट 5 फुट 9 इंच है और वह एकदम बॉडी बिल्डर टाइप का है.
सच कहूं तो, मैं खुद उस पर फिदा थी क्योंकि वह लगता ही इतना सुंदर था.
मेरी जितनी भी सहेलियां घर आती थीं, वे सभी मेरे बेटे पर लाइन मारती थीं और मुझ पर कमेंट कसती थीं- तेरा बेटा तो बहुत सुंदर है! अगर कहीं हमको मिल जाए, तो हम इसे छोड़ेंगी नहीं!
वे अक्सर ऐसे ही कमेंट्स करती रहती थीं.
कुछ दिनों से मैंने नोट किया कि मेरा बेटा मुझे अपना अंग दिखाता रहता था.
जैसे कभी बाथरूम करने के बहाने तो कभी लुंगी के बहाने.
एक बार उसने मुझसे कहा- मम्मी, मुझे कल सुबह जल्दी उठना है, तो आप मुझे जल्दी उठा देना.
मैंने ओके कह दिया.
मैं सुबह जैसे ही उसके कमरे में गई, तो देखा कि उसने केवल एक अंडरवियर पहना हुआ था, जो उसकी जांघों से काफी नीचे खिसका हुआ था.
उसका अंग पूरा खड़ा हुआ था, जिसे देखकर मैं पागल हो गई.
उसके अंग का साइज 7 से 7.5 इंच रहा होगा.
मैं तो उसे देखकर ही दंग रह गई क्योंकि उसके पापा का अंग सिर्फ 4 से 5 इंच ही लंबा था.
वह पूरा तना हुआ था.
मेरा मन किया कि अभी मुँह में ले लूं, लेकिन मैं हिम्मत नहीं कर पाई क्योंकि मुझे डर था कि कहीं बेटा जाग न जाए.
मैं करीब 4 से 5 मिनट तक उसे वैसे ही देखती रही. एक पल तो ऐसा आया कि मैं अपना मुँह बिल्कुल उसके अंग के पास ले गई, पर तभी मैंने वापस बाहर आने का फैसला किया और कमरे से निकल आई.
मुझे उस दिन पहली बार महसूस हुआ कि मुझे उसका आनन्द लेना चाहिए था.
मैं पूरा दिन और पूरी रात उसी के लिए तरसती रही.
उन दिनों में अपनी वासना पूर्ति के लिए अनजान नंबरों पर चैट किया करती थी और उसके लिए मेरे पास अलग अलग सिम हुआ करती थीं.
मैं अपने बेटे के लंड को सोचती हुई किसी ऐसी लड़की या महिला से बात करना चाहती थी, जिससे मेरी मन मुताबिक बात हो सके.
तभी मुझे एक अनजान नंबर से मैसेज आया, जिस पर एक लड़की की फोटो थी.
मैं उससे बात करने लगी- तुम कौन हो? कहां से हो? वगैरह-वगैरह …
उसने भी अपने बारे में बताया.
फिर थोड़ी देर बाद मुझे एक और नंबर से मैसेज आया.
कुल मिलाकर मुझे 4 अनजान लोगों के मैसेज आए और वे सभी मेरे साथ कामुक बातें कर रहे थे.
उनमें से एक ने अपना नाम सीमा बताया.
उसकी उम्र 46 साल थी और वह देखने में बहुत सुंदर थी. उसकी डीपी लगी हुई थी, जिसमें उसने अपनी फिगर 34-32-38 की बताई.
मैंने हैरान होकर पूछा कि पीछे का यह नाप कैसे इतना ज्यादा हुआ?
तो उसने कहा- मुझे गांड मरवाने का बहुत शौक है, इसलिए मेरी फिगर ऐसी है!
मैं पहली बार किसी महिला के मुँह से ‘गांड’ जैसा शब्द सुन रही थी!
जब उसने मुझसे पूछा, तो मैंने अपनी फिगर 36-32-38 बताई.
उसने कहा- आप मुझसे थोड़ी ही तो ज्यादा हो!
फिर हमारी ऐसी ही बातें होने लगीं जिसमें उसने बताया कि उसके पति की एक दुकान है, जहां वह सारा दिन रहते है और रात को घर आते हैं.
तभी उसने एक चौंकाने वाली बात कही- मेरा बेटा ही मुझे परेशान सी नजरों से देखता है!
मैंने सोचा शायद बीमार है, तो मैंने पूछा- क्या हुआ बेटा? क्यों ऐसे देखता है … कोई प्रॉब्लम है आपको?
उसने हंसने वाला इमोजी भेजा और फिर बोली- नहीं … प्रॉब्लम आप समझती हो कि मैं सारा दिन वही चाहती हूँ कि कोई मेरे साथ सेक्स करता रहे और हसबैंड में तो अभी वह जोश नहीं रहा है … तो इसके लिए बेटा ही मेरा काम ज्यादा आता है.
मैंने चौंककर पूछा- क्या सच में? अपने बेटे से?
तो वह बोली- हां-हां! क्यों, बेटे से क्या दिक्कत है? एक तो घर की बात घर में रह जाती है और दूसरा उसका भी एक्सपीरियंस बढ़ता है. यह तो अच्छी बात है, आपको भी चाहिए क्या?
उस वक्त सीमा मुझसे जो बात कर रही थी, वह सीधे सीधे मॉम एंड सन सेक्स की बात करने लगी थी.
मुझे सीमा की बातों में मजा आ रहा था क्योंकि मुझे अपने बेटे का लंड याद आ रहा था.
फिर सीमा सारी रात मुझसे बातें करती रही और ऐसे ही दो-तीन दिन में मैं उससे पूरी तरह से खुल चुकी थी.
हम दोनों ने एक-दूसरे से अपनी फोटोज भी शेयर कर ली थीं, लेकिन मैंने अपना मुँह नहीं दिखाया था.
बाकी सबसे भी मेरी सेक्स की बातें हुई थीं लेकिन उन सभी ने मुझे अपना मुँह दिखाया था पर मैंने जरा परहेज किया था.
खैर … थोड़े दिनों तक ऐसे ही चलता रहा, फिर एक दिन सीमा ने मुझसे कहा- आपका बेटा भी तो है, अच्छा दिखता भी है, क्यों न उससे एक बार ट्राई करो!
तो मैंने उसको पूरा किस्सा बताया कि मैं चाहती तो हूँ पर जरा संकोच कर रही हूँ.
उसके पूछने पर मैंने उसको अपने और अपने बेटे के बारे में सब कुछ बताते हुए खुलासा किया कि अब तक हम दोनों क्या-क्या हुआ है.
हम दोनों अभी चैट पर यही सब बात कर रहे थे कि तभी मेरे बेटे की कॉल आ गई.
वह दूसरे रूम में ही था.
मैंने फोन पिक किया तो उसने मुझसे कहा- मुझे सुबह जल्दी उठा देना, ठीक है?
मैंने ओके कह दिया और वापस सीमा के साथ चैट करने लगी.
बेटे की कॉल की वजह से रिप्लाई करने में थोड़ी देरी हो गई थी.
सीमा ने मुझसे पूछा था- क्या हुआ आपको? इतनी लेट रिप्लाई क्यों कर रही हो?
मैंने कहा- कुछ नहीं यार, बेटे की कॉल आ गई थी, वह बोला मुझे जल्दी उठा देना.
वह बोली- आपका बेटा क्या बोला? जल्दी उठाना?
मैं हम्म लिख कर चुप रह गई.
फिर उसी का मैसेज आया- सुबह उसे उठाना बाद में, पहले उसका लंड को चूसना! मैंने भी तो ऐसे ही स्टार्ट किया था और आज देख लो, ज्यादातर समय उसका लंड मेरे मुँह में रहता है कभी कभी तो सारा दिन ऐसा होता रहता है!
मैं चौंक गई कि सारा सारा दिन कैसे? मैंने उससे पूछा तो उसने बताया.
‘क्योंकि हसबैंड रात को आते हैं, वे अधिकतर समय घर से बाहर ही रहते हैं और जब आते हैं तो थके हुए रहते हैं. मेरे साथ सेक्स करते भी हैं तो थोड़ा बहुत और वह भी कभी-कभार ही करते हैं. यूं समझो कि महीने में दो-तीन बार बस! इसी वजह से मेरी भूख मिटती नहीं है और मैं अपने बेटे को बुला लेती हूँ.’
मैंने कहा- बुला लेती हूँ, से क्या मतलब है तुम्हारा?
सीमा हंस कर बोली- आप समझो न … मेरा बेटा तो सुबह से ही शुरू हो जाता है और जिस दिन वह घर पर हो, उस दिन तो पूरा ही दिन ही करता है! और जब जाना हो तब सुबह-सुबह दो बार करके ही जाता है. जब वापस आता है, तब भी. हम दोनों तो ज्यादातर समय घर में नंगे ही रहते हैं! आप भी ट्राई करके देखो, बहुत मजा आएगा!
उसकी इतनी खुली खुली बातों से मुझे कुछ कुछ होने लगा था तो मैंने कहा- हां ठीक है, करके देखूँगी.
वह बोली- देखना नहीं है, करना है! और करके मुझे बताना भी है कि क्या रिस्पांस मिला तुम्हें!
फिर ऐसे ही मैं दूसरी फ्रेंड्स से बात करने लगी.
उनसे भी इसी सब्जेक्ट पर बात करने लगी, उन्होंने भी सेम ही कहा.
वे सब लोग भी यही बोलीं- तेरा बेटा ऐसे लंड दिखाने के अंदाज में ही सोया होगा. उसका लंड खड़ा होगा, उसको मुँह में लेकर चूसो … और तब तक मत छोड़ना जब तक उसका पानी तेरे मुँह में न चला जाए … और फिर वह उठ जाएगा!
खैर … इन सब बातों से मैं काफी उत्तेजित हो गई थी तो जैसे-तैसे रात गुजरी.
बल्कि यह भी लिखूँ कि रात को मुझे फिंगर करने पड़ी, तो गलत न होगा.
जैसे ही रात गुज़री और सुबह हुई, मैं बेटे को उठाने के लिए गई तो देखा वह आज भी बिल्कुल नंगा है!
न तो उसका अंडरवियर ही कहीं पास में है और न ही कोई चादर उसके पास है. मगर उसका लंड एकदम तना हुआ था!
आज मैंने हिम्मत करके उसका लंड अपनी मुट्ठी में पकड़ ही लिया.
मुझे बहुत मज़ा आया!
फिर मैं अपना मुँह उसके पास लेकर गई और उसे अपने मुँह में लेने लगी.
मैं उसका लंड सिर्फ 2 से 3 इंच ही अन्दर ले पाई और सुपारा भी थोड़ा सा ही चूसा, फिर छोड़ दिया कि अगर वह उठ गया तो मैं क्या करूँगी!
फिर मैं वहां से चली गई.
मैंने उसे एक-दो आवाज़ भी लगाईं लेकिन वह नहीं उठा.
थोड़ा उसको हिलाने के बाद मैं नीचे आ गई और अपना काम करने लगी.
फिर मैं खाना बनाने में लग गई.
जब खाना बन गया और जैसे ही मैं टेबल पर सर्व करने लगी, तब मेरा बेटा आया.
मैं किचन से पानी लाने जा रही थी, तभी उसने मुझे पकड़ा!
उसके पकड़ने का स्टाइल बहुत मस्त था और वह मुझे गोद में उठाने लगा!
मेरा मुँह उसके मुँह के पास था और उसने मुझे उठा भी लिया था!
मैं बोली- पागल, क्या कर रहा है? गिरा देगा क्या मुझे?
तो वह बोला- कुछ नहीं होता मेरी जान, मैं गिरने नहीं दूँगा तेरे को!
फिर उसने मुझे नीचे उतार दिया.
जैसे उसने मुझे उठाया था, मैं उसका लंड अपनी टांगों के बीच महसूस कर रही थी क्योंकि उसका लंड बहुत मोटा था.
जब मुझे नीचे उतारा तो मेरी नज़र पहले उसके लंड पर ही गई.
मैं लंड को देखने लगी, वह पूरा तना हुआ था!
मेरे बेटे ने बोला- मम्मी, आज भी आपने उठाया नहीं?
मैं बोली- हां, मैं गई तो थी उठाने, लेकिन कुछ पहन लिया कर! जैसे तू लेटा हुआ था, कोई भी नहीं उठा सकता तेरे को!
यह कह कर मैं वहां से भागने लगी.
तो वह बोला- आप तो उठाती हो ना?
फिर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे वह बहुत सेक्सी लगा.
वह मुझे अपनी तरफ खींचने लगा जो मुझे बहुत बिंदास लगा.
मैं बोली- क्या कर रहा है पगले?
वह बोला- वही जो आपने काम अधूरा छोड़ दिया!
यह कह कर उसने मुझे पकड़ लिया.
वह मेरे मुँह के पास आया और मेरे दोनों गालों पर बारी बारी से किस करने लगा.
जैसे ही मेरे होंठों पर उसने किस किया, मेरे पैरों तले से ज़मीन निकल गई!
मैंने उसको एक झटका दिया और गुस्से से बोली- पागल है क्या?
तो वह बोला- क्यों, क्या हो गया?
उसकी पकड़ ऐसी थी कि उसने मुझे छोड़ा ही नहीं. मैंने बहुत कोशिश की छूटने की लेकिन उसने नहीं छोड़ा.
वह लगातार मुझे किस करता रहा.
उस समय मैंने एक लॉन्ग नाइटी पहनी थी, जिसके अन्दर सिर्फ़ ब्रा पहनी थी.
उसका हाथ भी मेरे चूतड़ों पर चला गया और वह मुझे ऐसे किस कर रहा था …जैसे मालूम नहीं कब से तरसा हो!
वह मुझे बहुत जबरदस्त तरीके से किस करने लगा और आखिर में मैं भी उसका साथ देने लगी.
मैं भी करीब 5 मिनट तक उसको इग्नोर करती रही, हटाती रही, लेकिन मैं भी एक औरत हूँ और मेरे अन्दर की आग भी बढ़ गई थी … तो मैंने उसको और रिस्पॉन्स देना शुरू कर दिया.
मैंने उसका 7 इंच से कुछ बड़ा लंड पकड़ लिया और उसको आगे-पीछे करने लगी.
यह देख कर वह बिंदास हो गया और उसने एक झटके में मेरी नाइटी खोल कर साइड कर दी.
जब उसने देखा कि मैंने नाइटी के नीचे सिर्फ ब्रा पहनी है और नीचे कुछ नहीं पहना है, तो वह मुझे चूमते हुए बोला- वाह … आपने तो पूरी तैयारी की हुई थी!
मैं शर्म से चुपचाप रही क्योंकि मैंने तीन दिन पहले ही अपनी चूत के बाल काटे थे.
मेरी चुत एकदम मस्त लग रही थी.
मेरी चूत इतनी टाइट थी कि जो भी उसको देखता, पागल हो जाता.
मेरा बेटा मेरी चुत को देखकर बोला- वाह मॉम, आपकी चूत तो बड़ी मस्त है!
मैं चुपचाप रही.
वह झुक कर कुछ नीचे हुआ और अपने मेरे बूब्स चूसने लगा.
जैसे ही उसने ब्रा का हुक खोला तो मेरे दोनों दूध अनावृत हो गए और वह उन्हें बारी बारी से चूसने व दबाने लगा.
फिर उसने मेरे दोनों बूब्स एक साथ इकट्ठे किये और उनके मध्य में अपना लंड घुसाने लगा.
मैं भी यह क्रिया सेक्स वीडियो में देख चुकी थी तो समझ गई कि यह मेरी बूब्स फकिंग करना चाहता है.
मैंने खुद ही अपने दोनों दूध पकड़ लिए और उसने मजे से अपना लंड मेरे मम्मों में दबा दिया और उसमें अपना थूक टपका कर मेरे दूध चोदने लगा.
उसका बड़ा और कड़क लंड कभी कभी मेरे मुँह तक आ जा रहा था तो मैं उसका लंड चूस ले रही थी.
ऐसे ही करीब 10 से 15 मिनट तक वह मेरे मम्मों से अपने लौड़े की मालिश करवाता रहा.
उसके बाद उसने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया, जिसको मैं मजे से चूसने लगी.
जैसे-जैसे मैं उसके लंड को चूसती, वह मुझे और बड़ा होता दिखता!
उसकी मोटाई और लंबाई मुझे ज्यादा लगने लगती.
मैं उसका लंड करीब 3 से 4 इंच ही मुँह में ले पा रही थी और उसका 4 इंच लंड मेरे मुँह से बाहर ही रह जा रहा था.
वह बोला- मॉम, पूरा लंड मुँह में लो ना!
मैं जैसे ही थोड़ी कोशिश करती, तो मुझे सांस लेने में दिक्कत होती और मैं उसके लौड़े को अपने मुँह से बाहर निकाल देती.
मैंने उसके लंड को हाथ पकड़ कर सहलाते हुए कहा- नहीं बेटा, मैं नहीं कर पाऊंगी!
वह बोला- कोई बात नहीं, मैं आपको धीरे-धीरे सिखा दूँगा कि पूरा कैसे लेते हैं!
फिर वह मेरी चूत की ओर आ गया.
उसने पूरे 20 मिनट तक मेरी चूत को चाटा, जिसके दौरान मैं दो बार अपना पानी छोड़ गई.
वह मेरी चुत से निकला सारा पानी पी गया.
मुझे उसका यह काम बहुत अच्छा लगा क्योंकि पहली बार मेरा इतना सारा पानी निकला था, जिसे वह पूरा पी गया.
अब उसका भी पानी निकलने वाला था और मैं भी तैयार थी.
उसने मेरा पिया था, तो मैं भी उसका पियूँगी जो मेरे लिए पहली बार था.
जैसे ही उसका गाढ़ा पानी निकला, उसने अपना पूरा रस मेरे मुँह में ही छोड़ दिया.
मुझे उसके वीर्य का स्वाद पहले तो बहुत अजीब सा लगा, लेकिन मैं सारा पानी पी गई.
उसका वीर्य मेरे गले से नीचे जा ही नहीं रहा था और नमकीन सा भी लग रहा था, लेकिन मैं सारा पी गई.
उसके बाद 5 मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे.
पांच मिनट के बाद वह मुझे फिर से किस करने लगा, तो मैं बोली- पहले खाना खा लो … ठंडा हो जाएगा.
तो वह बोला- आपकी चूत भी तो इतनी गर्म है, वह भी ठंडी हो जाएगी तो क्या फायदा? खाना तो हम बाद में भी बना लेंगे!
इतना कह कर वह फिर से मेरी चूत चाटने लगा.
कुछ मिनट बाद उसने अपना लंड मेरी चूत पर टिकाया और एक मस्त झटका दे दिया, जिससे मेरी चीख निकल गई.
मैं कराह उठी- आह्ह्ह्ह … आहह … मर गई … बाहर निकाल इसे!
चूंकि अभी तक उसका सिर्फ 2 इंच ही अन्दर गया था और मुझे चुदवाए हुए बहुत समय हो गया था, जिसकी वजह से मुझे दर्द हो रहा था.
लेकिन मेरा बेटा कहां रुकने वाला था!
वह बोला- बाकी का लंड भी तो आप ही का है, इसे कहां पर लेकर जाऊंगा? चलो, इसको पूरा अपनी चूत में लो!
उसने फिर से एक और मस्त झटका दिया, जिसकी वजह से उसका लंड पूरा मेरे अन्दर चला गया.
इस बार मुझे इतना ज्यादा दर्द हुआ कि मैं आपको बता ही नहीं सकती.
वह मुझे ऐसे बार-बार झटके मार रहा था और मैं हर झटके के साथ चीख रही थी.
कुछ ही देर बाद मेरी चीखें मादक आहों में बदल गईं.
मैं ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी क्योंकि घर में हम दोनों ही थे तो किसी का कोई डर नहीं था.
दोस्तो, मेरी यह मॉम एंड सन सेक्स कहानी कुछ लंबी चलने वाली है तो आपको इस अनएथिकल सेक्स स्टोरी के अगले भाग में अपनी चुदाई को आगे लिखूँगी.
अनएथिकल सेक्स स्टोरी का अगला भाग: मेरे बेटे के बड़े लंड की मौज हो गयी- 2
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