teachers day sex story
ये कहानी मेरे सबसे प्रिय दोस्त अर्जुन की है। उसे मेघना मैडम बहुत पसंद थी। उसने मुझे ये बात स्कूल के बाद बताई थी तो चलिए इस कहानी को पढ़ते हैं।
कॉलेज के प्रांगण में शिक्षक दिवस की धूम मची हुई थी। पूरे कैंपस को फूलों और रंगीन झंडियों से सजाया गया था।
छात्र-छात्राएं अपने-अपने पसंदीदा शिक्षकों के लिए तोहफे लेकर आए थे। कोई फूलों का गुलदस्ता लाया था, तो कोई मिठाइयों का डिब्बा। लेकिन अर्जुन ने कुछ अलग सोचा था।
अर्जुन अंतिम वर्ष का छात्र था। उसकी उम्र 22 साल थी। दिखने में वो एकदम स्मार्ट और एथलेटिक था।
उसका लंड 8 इंच लंबा और काफी मोटा था, जिसका उसे गुप्त तौर पर बहुत गर्व था।
कॉलेज की हर लड़की उसकी मर्दानगी का राज जानना चाहती थी, लेकिन अर्जुन का पूरा ध्यान केवल एक ही औरत पर था — उसकी अंग्रेजी की टीचर मेघना मैडम।
मेघना मैडम 32 साल की खूबसूरत औरत थीं। उनका फिगर 36-30-38 था। उनके बूब्स बड़े-बड़े और मोटे थे, जो हर ब्लाउज में अलग ही आकार लेकर उभरते थे।
उनकी गांड भी बहुत मोटी और आकर्षक थी। शादीशुदा होने के बावजूद उनके चेहरे पर वो जवानी और कामुकता थी जो किसी भी मर्द को उनकी तरफ खींच लाती।
अर्जुन को मेघना मैडम पिछले तीन सालों से बहुत पसंद थीं।
उसने हमेशा उन्हें केवल सम्मान की दृष्टि से नहीं, बल्कि एक औरत के रूप में देखा था।
उसे उनकी हर अदा पर मोहब्बत हो गई थी।
जब वो बोलतीं, उनके होंठ कैसे हिलते, जब वो चलतीं, उनकी गांड कैसे मटकती, हर बात अर्जुन के दिमाग में बसी हुई थी।
आज शिक्षक दिवस पर अर्जुन ने सोचा था कि वो मेघना मैडम को एक ऐसा तोहफा देगा जो वो कभी नहीं भूल पाएंगी। और वो तोहफा था उसका खुद का लंड।
अर्जुन ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी थी।
उसने अपने लंड के बाल साफ किए, उसे अच्छी तरह धोया, और एक खास क्रीम लगाई जिससे वो और भी मुलायम और आकर्षक लगे।
उसने सोचा था कि आज वो मेघना मैडम को अपना लंड गिफ्ट में देगा, और वो भी उनकी बुर में।
शाम के 4 बजे थे। कॉलेज में समारोह चल रहा था। छात्रों ने नाटक और गानों की प्रस्तुति दी।
मेघना मैडम भी वहां बैठी हुई थीं। उन्होंने आज हल्की नीली रंग की साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उनके बूब्स और भी ज्यादा उभरकर दिख रहे थे।
उनका ब्लाउज थोड़ा गहरे गले वाला था जिससे उनकी मोटी-मोटी चूचियों का हिस्सा दिखाई दे रहा था।
अर्जुन उन्हें दूर से देख रहा था। उसका लंड पैंट के अंदर खड़ा हो चुका था। वो सोच रहा था कि कैसे अपनी योजना को अंजाम देगा।
समारोह खत्म होने के बाद, जब सभी टीचर्स अपने-अपने केबिन में जाने लगे, अर्जुन ने मौका देखा।
वो मेघना मैडम के पास गया और बोला, “मैडम, आपके लिए एक खास तोहफा लाया हूँ। क्या मैं आपके केबिन में दे सकता हूँ?”
मेघना मैडम ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे अर्जुन, तुमने क्यों तकलीफ की? यहीं दे दो ना।”
अर्जुन ने कहा, “नहीं मैडम, ये तोहफा बहुत खास है। मैं चाहता हूँ कि ये सिर्फ आपके और मेरे बीच में रहे।”
मेघना मैडम को कुछ अजीब लगा, लेकिन वो मना नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा, “ठीक है, आ जाओ मेरे केबिन में।”
मेघना मैडम का केबिन कॉलेज के पीछे की तरफ था।
वहां अभी सन्नाटा था क्योंकि सभी छात्र और टीचर समारोह हॉल में थे। अर्जुन मेघना मैडम के पीछे-पीछे उनके केबिन में गया।
केबिन बंद होते ही, अर्जुन ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और चाबी भी लगा दी।
मेघना मैडम ने पूछा, “अर्जुन, ये क्या कर रहे हो? दरवाजा क्यों बंद किया?”
अर्जुन ने कहा, “मैडम, मैं आपको अपना तोहफा देना चाहता हूँ।”
मेघना मैडम बोलीं, “दो फिर, क्या लाये हो?”
अर्जुन ने अपनी पैंट की चेन खोली और अपना मोटा लंड बाहर निकाल दिया।
वो लंड पहले से ही खड़ा था और काफी बड़ा दिख रहा था। 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड एकदम लोहे की तरह सख्त था।
मेघना मैडम ये देखकर चौंक गईं। उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं।
उन्होंने कहा, “अर्जुन, ये क्या बकवास है? अपना लंड अंदर करो और निकलो यहां से!”
अर्जुन ने कहा, “मैडम, ये कोई बकवास नहीं है। ये मैंने आपके लिए गिफ्ट लाया है। आज शिक्षक दिवस है, और मैं चाहता हूँ कि आप इसे स्वीकार करें। मैं जानता हूँ कि आपके पति अक्सर बाहर रहते हैं और आपकी बुर को लंड की जरूरत है।”
मेघना मैडम ने गुस्से में कहा, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसा बोलने की? मैं तुम्हारी टीचर हूँ!”
अर्जुन ने कहा, “हाँ मैडम, आप मेरी टीचर हैं, लेकिन आप एक औरत भी हैं। और हर औरत को लंड की जरूरत होती है। मैंने देखा है कि आप कैसे मुझे देखती हैं। आपकी आंखें मेरे लंड को तरसती हैं।”
मेघना मैडम चुप हो गईं। अर्जुन की बात में सच्चाई थी। वो अपने पति से खुश नहीं थीं।
उनका पति उनसे 15 साल बड़ा था और उसका लंड भी ढीला पड़ चुका था।
पिछले दो सालों से उन्हें ठीक से चुदाई नहीं मिली थी। उनकी बुर हमेशा तरसती रहती थी।
अर्जुन ने मौका देखा और आगे बढ़ा। उसने अपना लंड मेघना मैडम के हाथ में पकड़ा दिया।
मेघना मैडम ने पहले तो मना किया, लेकिन फिर धीरे से उसे पकड़ लिया।
वो लंड इतना मोटा और गर्म था कि उनके हाथ कांपने लगे।
अर्जुन ने कहा, “मैडम, ये लीजिए आपका गिफ्ट। क्या आप इसे पसंद करेंगी?”
मेघना मैडम ने लंड को सहलाते हुए कहा, “अर्जुन, ये गलत है… लेकिन… ये कितना मोटा है…”
अर्जुन ने कहा, “8 इंच लंबा है मैडम, और पूरा आपके लिए।”
मेघना मैडम का दिमाग खराब होने लगा। वो इतने दिनों से इसी लंड की तलाश में थीं।
उनकी बुर में आग लगी हुई थी। उन्होंने अपने हाथ से अर्जुन के लंड को सहलाना शुरू कर दिया।
अर्जुन ने मौका देखा और मेघना मैडम को अपनी बाहों में भर लिया।
उसने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मेघना मैडम पहले तो विरोध करने लगीं, लेकिन फिर वो भी किस में शामिल हो गईं।
अर्जुन ने उनकी साड़ी खोलनी शुरू कर दी। नीली साड़ी जमीन पर गिर गई।
अब मेघना मैडम केवल ब्लाउज और पेटीकोट में थीं।
अर्जुन ने उनका ब्लाउज भी खोल दिया। अंदर काले रंग की ब्रा थी जो उनके मोटे बूब्स को कसे हुए थी।
अर्जुन ने ब्रा के ऊपर से ही उनके बूब्स दबाने शुरू कर दिए। मेघना मैडम आहें भरने लगीं।
अर्जुन ने फिर ब्रा का हुक खोला और उनके बूब्स आजाद कर दिए। वो मोटे-मोटे बूब्स लटक रहे थे, जिनके निप्पल गुलाबी और बड़े-बड़े थे।
अर्जुन उन बूब्स को चूसने लगा। वो एक-एक करके दोनों बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूस रहा था।
मेघना मैडम के मुँह से सिसकारियां निकल रही थीं, “आह्ह्ह… अर्जुन… बस करो… नहीं…”
लेकिन अर्जुन रुकने वाला नहीं था। उसने मेघना मैडम को केबिन की मेज पर बिठाया।
फिर उसने उनका पेटीकोट और पैंटी उतार दी। अब मेघना मैडम पूरी तरह नंगी थीं। उनकी बुर दिख रही थी जो पहले से ही गीली हो चुकी थी।
अर्जुन ने उनकी बुर को देखा। वो एकदम गुलाबी और खूबसूरत थी।
उस पर थोड़े-थोड़े बाल थे। अर्जुन ने अपनी उंगली उनकी बुर में डाली। वो पूरी गीली थी। उंगली अंदर-बाहर हो रही थी और मेघना मैडम मदहोश हो रही थीं।
अर्जुन ने कहा, “मैडम, आपकी बुर तो पहले से ही गीली है। आप भी चाहती हैं ना मेरा लंड?”
मेघना मैडम ने शरमाते हुए हाँ में सिर हिलाया।
अर्जुन ने मेघना मैडम को केबिन की मेज पर लेटा दिया।
उनके पैर मेज के किनारे लटक रहे थे और बुर पूरी तरह खुली हुई थी। अर्जुन ने अपना लंड उनकी बुर के मुँह पर सेट किया।
मेघना मैडम घबरा गईं। उन्होंने कहा, “अर्जुन, धीरे डालना… बहुत मोटा है तुम्हारा लंड… मेरी बुर फट जाएगी…”
अर्जुन ने कहा, “मैडम, डरिये मत। आज मैं आपको पूरा मजा दूंगा।”
उसने धीरे से अपने लंड का सुपारा मेघना मैडम की बुर में डाला।
मेघना मैडम के मुँह से एक तेज़ आह निकली, “उई माँ… बहुत मोटा है…”
अर्जुन ने धीरे-धीरे लंड अंदर धकेलना शुरू किया। मेघना मैडम की बुर बहुत टाइट थी क्योंकि उन्हें काफी समय से चुदाई नहीं मिली थी।
लंड आधा अंदर गया तो मेघना मैडम चिल्लाने लगीं, “बस करो अर्जुन… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो…”
अर्जुन ने रुककर उनके बूब्स दबाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जब मेघना मैडम शांत हुईं, तो उसने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
मेघना मैडम चीख उठीं, “हाए राम… मर गई… इतना गहरा…”
अर्जुन का पूरा 8 इंच लंबा लंड मेघना मैडम की बुर में समा चुका था।
वो रुके बिना धक्के मारने लगा। मेज हिल रही थी और मेघना मैडम की चूचियां भी हिल रही थीं।
“आह्ह्ह… अर्जुन… धीरे… बहुत तेज़ हो रहा है…” मेघना मैडम सिसक रही थीं।
लेकिन अर्जुन पूरी तरह मस्त हो चुका था। वो जोर-जोर से धक्के मार रहा था।
उसका लंड मेघना मैडम की बुर में अंदर-बाहर हो रहा था। फच-फच की आवाज़ पूरे केबिन में गूंज रही थी।
“कैसा लग रहा है मैडम?” अर्जुन ने पूछा।
“बहुत अच्छा… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… मेरी बुर को पूरी तरह भर दिया है…” मेघना मैडम कामुक होकर बोलीं।
अर्जुन ने उनके पैर अपने कंधों पर रख लिए और और गहरे धक्के मारने लगा।
मेज पर मेघना मैडम की गांड टकरा रही थी और उन्हें बहुत मजा आ रहा था।
लगभग 15 मिनट तक मेज पर चुदाई चलती रही। मेघना मैडम दो बार झड़ चुकी थीं।
उनकी बुर से पानी निकल रहा था जो मेज पर गिर रहा था।
अर्जुन ने कहा, “मैडम, मेरा निकलने वाला है… कहाँ निकालूँ?”
मेघना मैडम ने कहा, “अंदर ही निकाल दो… मैं आज गर्भवती होना चाहती हूँ… तुम्हारे बच्चे को जन्म देना चाहती हूँ…”
ये सुनकर अर्जुन और उत्तेजित हो गया। उसने जोर-जोर से धक्के मारे और फिर अपना गाढ़ा वीर्य मेघना मैडम की बुर में छोड़ दिया।
वो पूरा झड़ गया और मेघना मैडम ने भी तीसरी बार झड़कर उसका पूरा रस अपनी बुर से निकाल दिया।
दोनों थककर मेज पर ही पड़े रहे। अर्जुन का लंड अभी भी मेघना मैडम की बुर में ही था।
कुछ देर आराम करने के बाद, अर्जुन का लंड फिर से खड़ा हो गया। मेघना मैडम को देखते ही उसका लंड फिर से तन गया।
अर्जुन ने कहा, “मैडम, अभी तो शुरुआत है। अब मैं आपको स्कूल की बेंच पर चोदना चाहता हूँ।”
मेघना मैडम ने कहा, “अर्जुन, बहुत हो गया… मेरी बुर दर्द कर रही है…”
अर्जुन ने कहा, “मैडम, डरिये मत। आज मैं आपको पूरा संतुष्ट करूंगा। चलिए क्लासरूम में चलते हैं।”
उसने मेघना मैडम को नंगा ही उठाया और केबिन से बाहर निकला।
कॉरिडोर में कोई नहीं था क्योंकि सभी समारोह में व्यस्त थे। अर्जुन मेघना मैडम को नंगा लेकर क्लासरूम में गया।
क्लासरूम में पुरानी लकड़ी की बेंचें थीं। अर्जुन ने मेघना मैडम को एक बेंच पर बिठाया।
फिर उसने उनके पैर फैलाए और उनकी बुर को चाटना शुरू कर दिया।
“आह्ह्ह… अर्जुन… क्या कर रहे हो… जीभ मत फेरो इतनी तेज़…” मेघना मैडम कांप रही थीं।
अर्जुन ने उनकी बुर को अच्छी तरह चाटा। उसने अपनी जीभ उनकी बुर के अंदर डाली और चूसना शुरू कर दिया।
मेघना मैडम पागल हो रही थीं। उन्होंने अर्जुन का सिर अपनी बुर पर दबा लिया।
5 मिनट तक बुर चाटने के बाद, अर्जुन उठा और अपना लंड मेघना मैडम के मुँह के पास ले गया।
उसने कहा, “मैडम, अब इसे चूसो।”
मेघना मैडम ने पहले तो हिचकिचाया, लेकिन फिर उस मोटे लंड को अपने मुँह में ले लिया।
वो उसे चूसने लगीं। अर्जुन का लंड इतना बड़ा था कि आधा ही मुँथ में जा पा रहा था।
“चूसो मैडम… अच्छे से चूसो… मेरे लंड को पूरी तरह चाटो…” अर्जुन कह रहा था।
मेघना मैडम पूरी तरह रंडी बन चुकी थीं। वो अर्जुन के लंड को चूस रही थीं और उसकी गोलियां भी चाट रही थीं।
कुछ देर बाद अर्जुन ने अपना लंड मुँह से निकाला और मेघना मैडम को बेंच पर घोड़ी बनने को कहा।
मेघना मैडम बेंच पर घुटनों के बल खड़ी हो गईं और अपनी गांड उठा दी।
अर्जुन ने उनकी गांड देखी। वो बहुत मोटी और मुलायम थी। उसने सोचा कि गांड भी मारनी है, लेकिन पहले बुर का काम खत्म करे।
उसने अपना लंड मेघना मैडम की बुर में डाला।
इस बार थोड़ा आसानी से चला गया क्योंकि बुर पहले से ही गीली थी और थोड़ी ढीली भी हो चुकी थी।
“ठुमकाओ मैडम… अपनी गांड हिलाओ… मुझे और मजा आएगा…” अर्जुन कह रहा था।
मेघना मैडम अपनी गांड हिला-हिला कर उसका साथ दे रही थीं।
अर्जुन ने उनके बूब्स पकड़ लिए और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। बेंच हिल रही थी और आवाज़ आ रही थी “चर्र्र… चर्र्र…”
“आह्ह्ह… अर्जुन… तुम तो पूरे पोर्नस्टार हो… इतनी अच्छी चुदाई… मेरी बुर को फाड़ दो…” मेघना मैडम चिल्ला रही थीं।
अर्जुन ने उनके बाल पकड़ लिए और पीछे की तरफ खींचते हुए धक्के मारने लगा।
मेघना मैडम का सिर पीछे खिंचा हुआ था और वो कामुक आवाजें निकाल रही थीं।
बेंच पर ये चुदाई 20 मिनट तक चली। मेघना मैडम तीन बार और झड़ीं।
उनकी बुर से पानी बेंच पर गिर रहा था और बेंच गीली हो चुकी थी।
अर्जुन ने फिर अपना वीर्य मेघना मैडम की बुर में ही छोड़ दिया।
वो दो बार झड़ा और उसका सारा माल मेघना मैडम की बुर में भर गया।
अभी भी अर्जुन का मन नहीं भरा था। उसने सोचा था कि मैडम को कुर्सी पर भी चोदेगा।
उसने क्लासरूम में रखी टीचर की कुर्सी देखी। वो एक आरामदायक कुर्सी थी।
अर्जुन ने मेघना मैडम को कहा, “मैडम, अब कुर्सी पर बैठिए।”
मेघना मैडम थक चुकी थीं, लेकिन अर्जुन के लंड के आगे वो कमजोर पड़ गईं। उन्होंने कुर्सी पर बैठ लिया।
अर्जुन ने उनके पैर फैलाए और खुद जमीन पर बैठकर उनकी बुर चाटने लगा।
मेघना मैडम कुर्सी पर बैठी हुई थीं और अर्जुन उनकी बुर चाट रहा था। उनके मुँह से आहें निकल रही थीं, “आह्ह्ह… हाँ… और चाटो… जीभ अंदर डालो…”
अर्जुन ने उनकी बुर में अपनी जीभ गहरी डाली और चूसने लगा।
मेघना मैडम उछल उछल कर झड़ने लगीं। उन्होंने अर्जुन का सिर अपनी बुर पर कसकर दबा लिया।
कुछ देर बाद अर्जुन उठा और अपना लंड मेघना मैडम की बुर में डाल दिया।
अब मेघना मैडम कुर्सी पर बैठी हुई थीं और अर्जुन उनके सामने खड़ा होकर धक्के मार रहा था।
ये पोजीशन बहुत अच्छी थी। अर्जुन मेघना मैडम के बूब्स दबा सकता था और उन्हें किस भी कर सकता था।
उसने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए।
“आह्ह्ह… अर्जुन… तुम बहुत अच्छा चोदते हो… मेरी बुर को पूरी तरह से भर दिया है तुम्हारे लंड ने…” मेघना मैडम कह रही थीं।
अर्जुन ने उनके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। वो एक-एक करके दोनों बूब्स चूस रहा था और धक्के भी मार रहा था।
मेघना मैडम कुर्सी पर बैठी-बैठी झड़ रही थीं।
“मैं झड़ने वाली हूँ… और जोर से चोदो…” मेघना मैडम चिल्लाईं।
अर्जुन ने और तेज़ धक्के मारे। मेघना मैडम झड़ गईं और उनकी बुर ने पानी छोड़ दिया जो अर्जुन के लंड पर गिरा।
अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला और मेघना मैडम के मुँह में डाल दिया।
उसने कहा, “मैडम, अब इसे चूसो और मेरा दूध पी जाओ।”
मेघना मैडम ने उसका लंड चूसना शुरू किया।
कुछ ही देर में अर्जुन झड़ गया और उसका गाढ़ा वीर्य मेघना मैडम के मुँह में भर गया।
मेघना मैडम ने सारा दूध पी लिया और बचा हुआ चाटकर साफ कर दिया।
अब अर्जुन ने सोचा कि खड़े होकर भी मैडम की चुदाई करनी है। उसने मेघना मैडम को खड़ा किया और उनसे लिपट गया।
दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे। अर्जुन का लंड फिर से खड़ा हो गया था।
उसने मेघना मैडम को दीवार से सटा दिया। उनके पैर थोड़े फैलाए और अपना लंड उनकी बुर में डाल दिया।
अब मेघना मैडम दीवार से सटी हुई थीं और अर्जुन उनके सामने खड़ा होकर धक्के मार रहा था।
“आह्ह्ह… ये पोजीशन भी बहुत अच्छी है…” मेघना मैडम कह रही थीं।
अर्जुन ने उनके एक पैर उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और और गहरे धक्के मारने लगा।
उसका लंड पूरी तरह से मेघना मैडम की बुर में घुस रहा था और उनकी गहराई तक जा रहा था।
“मारो अर्जुन… मारो… मेरी बुर को फाड़ दो… इतने दिनों से यही तो चाहती थी मैं…” मेघना मैडम चिल्ला रही थीं।
अर्जुन ने उनके बूब्स कसकर पकड़ लिए और उन्हें दबाते हुए धक्के मारने लगा।
मेघना मैडम के मुँह से कामुक आवाजें निकल रही थीं।
ये खड़े होकर चुदाई 25 मिनट तक चली। मेघना मैडम दो बार झड़ीं। अर्जुन ने फिर अपना वीर्य उनकी बुर में ही छोड़ दिया।
अब शाम हो चुकी थी। कॉलेज खाली होने वाला था।
अर्जुन ने मेघना मैडम से कहा, “मैडम, एक बार और… इस बार मैं आपको घोड़ी बनाकर चोदना चाहता हूँ…”
मेघना मैडम थक चुकी थीं, लेकिन मान गईं।
उन्होंने क्लासरूम की बेंच पर घोड़ी बनकर खड़ी हो गईं। उनकी गांड और बुर दोनों दिख रहे थे।
अर्जुन ने पहले उनकी गांड पर थप्पड़ मारे। फिर उसने अपना लंड उनकी बुर में डाल दिया।
अब वो आसानी से जा रहा था क्योंकि मेघना मैडम की बुर पूरी तरह से ढीली हो चुकी थी।
“आह्ह्ह… अर्जुन… मेरी बुर तो पूरी ढीली हो गई है तुम्हारे लंड से…” मेघना मैडम कह रही थीं।
अर्जुन ने कहा, “मैडम, इसी लिए तो मैंने आपको ये गिफ्ट दिया है। अब रोज आपकी बुर इसी लंड से चुदेगी।”
वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मेघना मैडम की गांड की थप-थप आवाज़ पूरे क्लासरूम में गूंज रही थी।
उनके बूब्स नीचे की तरफ लटक रहे थे और हिल रहे थे।
“मैं झड़ने वाली हूँ… जोर से चोदो… अपनी मैडम को चोदो…” मेघना मैडम चिल्लाईं।
अर्जुन ने और तेज़ धक्के मारे। मेघना मैडम झड़ गईं और उनकी बुर ने पानी छोड़ दिया।
अर्जुन ने भी अपना वीर्य उनकी बुर में छोड़ दिया।
दोनों थककर बेंच पर ही गिर गए।
अर्जुन ने मेघना मैडम को अपनी बाहों में भर लिया और कहा, “मैडम, ये था आपके लिए शिक्षक दिवस का गिफ्ट। कैसा लगा?”
मेघना मैडम ने मुस्कुराते हुए कहा, “ये सबसे अच्छा गिफ्ट है जो मुझे कभी मिला है। तुम्हारा लंड बहुत मोटा और अच्छा है। आज के बाद रोज मुझे यही गिफ्ट देना।”
अर्जुन ने कहा, “मैडम, मैं तो रोज आपकी बुर में अपना लंड देना चाहता हूँ। आप मेरी रंडी बन जाओ।”
मेघना मैडम ने कहा, “हाँ अर्जुन, आज से मैं तुम्हारी रंडी हूँ। जब भी तुम कहोगे, मैं तुम्हारा लंड लूंगी अपनी बुर में।”
दोनों ने कपड़े पहने और केबिन से बाहर निकले।
मेघना मैडम चलते समय अजीब तरह से चल रही थीं क्योंकि उनकी बुर में अर्जुन का वीर्य भरा हुआ था और वो बहुत दर्द भी कर रही थी।
अर्जुन ने उनसे वादा किया कि वो रोज उनकी चुदाई करेगा — कभी बेंच पर, कभी कुर्सी पर, कभी खड़े होकर, और कभी मेज पर।
मेघना मैडम भी खुश थीं कि उन्हें आखिरकार एक असली मर्द मिल गया था जो उनकी बुर को संतुष्ट कर सके।
शिक्षक दिवस का ये तोहफा दोनों के लिए यादगार बन गया।
अर्जुन ने अपने लंड से मेघना मैडम को खुश कर दिया और मेघना मैडम ने अपनी बुर से अर्जुन का स्वागत किया।
आज के बाद से, कॉलेज में जब भी अर्जुन और मेघना मैडम अकेले मिलते, वो एक-दूसरे को किस करते और चुदाई करते।
कभी-कभी तो वो क्लासरूम में ही छात्रों के बीच बैठकर एक-दूसरे को छूते रहते थे।
मेघना मैडम की बुर अब हमेशा अर्जुन के लंड की इंतजार में रहती थी।
और अर्जुन भी हमेशा तैयार रहता था अपनी मैडम की बुर को अपने लंड से भरने के लिए।
यही थी उनकी शिक्षक दिवस की कहानी —
जहाँ एक स्टूडेंट ने अपनी टीचर को सबसे खास गिफ्ट दिया —
अपना मोटा लंड।
- गुरूजी टीचर्स डे पर चोद दिए
- मेरे यार ने मुझे चोदकर रंडी बनाया
- काजल मैम के साथ नैना मैम भी चुद गई
- दोस्त की साली रंडी भाभी मुझसे चुदवाई
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Bahut hi jabarjast chudai kahani thi.