teacher ke ghar pe usko choda
नमस्ते! मैं आशीष, कानपुर यूपी से आप सभी लोगों का देसी कहानी में स्वागत करता हूं। और आज मैं अपनी सेक्स कहानी बताने जा रहा हूं, जो एक लेडी कंप्यूटर टीचर जिसका नाम निशा है, के साथ है। अब मैं कहानी पर आता हूं।
बात आज से दो महीने पहले की है, जब मैं कंप्यूटर कोर्स के लिए नोएडा आया था। मैंने एक सेंटर में एडमिशन ले लिया। जब मैं पहले दिन क्लास के लिए गया, तो मैंने एक खूबसूरत आंटी को देखा। उसकी उम्र 30-32 होगी, लेकिन देखने में वो 20-25 साल की ही लग रही थी। मुझे लगा ये भी हमारे साथ क्लास करेगी।
लेकिन कुछ देर बाद उन्हें बताया कि वो हमारी कंप्यूटर टीचर थी। उन्होंने अपना नाम निशा बताया। निशा मैम ने काले-सफ़ेद सलवार सूट पहना था जिसमें वो बहुत सुंदर और सेक्सी लग रही थी।
मैं तो उनको और उनके स्तनों को ही देख रहा था। फिर थोड़ी देर में निशा ने क्लास शुरू कर दी। वो सभी के पास जा रही थी। जा कर कंप्यूटर पर काम कर रही थी, समझा रही थी।
फिर जब वो मेरे पास आई थी, तो मैंने उनके स्तनों के बीच की लाइन और थोड़े से स्तन देखे। फिर कुछ देर बाद क्लास खत्म हो गई। मैंने घर आ कर निशा मैम को सोच कर मुठ मार ली।
धीरे-धीरे हमारी क्लास में थोड़ी बात होने लगी। मैं एक दिन उसके स्तन देख रहा था, और लंड भी खड़ा हो गया। ये निशा मैम ने देख लिया था। तभी वो मेरे पास आई और बोली-
मैम: क्या देख रहे हो?
मैं तो डर गया, लेकिन हिम्मत करके कुछ नहीं बोल दिया। फिर थोड़ी देर बाद क्लास खत्म करके घर आ गया।
फिर अगले दिन से निशा मैम मेरे और करीब आ कर खड़ी होकर काम बताती। वो अपने बूब मुझे टच करती और मौका देख कर मेरे लंड पे अपना हाथ रख देती। मैं भी टाइम देख कर बूब और गांड टच कर लेता। फिर 3-4 दिन ऐसे ही चलता रहा।
फिर एक दिन रात को 10 बजे मोबाइल पर मैसेज आया- व्हाट्स ऐप पर बात करो। मैंने नंबर सेव किया और मैंने पूछा, कौन? तो उन्होंने बताया निशा मैम। तो मुझे विश्वास नहीं हुआ।
तो मैंने कहा: निशा मैम ने मैसेज किया यकीन नहीं मुझे। तो कॉल करो।
फिर मैंने निशा से कुछ देर कॉल पे बात की और फिर व्हाट्स ऐप पे। उन्होंने अगले दिन मुझे रात के खाने के लिए घर बुलाया। मैं अगले दिन सेंटर भी नहीं गया और रात का इंतज़ार करने लगा।
फिर मैं 7 बजे निशा मैम के घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। तो वो बाहर आई। वो बहुत सेक्सी लग रही थी। उनके स्तन साफ दिखाई दे रहे थे। मैं अंदर गया और बैठ गया। वो किचन में कॉफी बनाने गई।
मैं निशा मैम के आने का इंतजार करने लगा। फिर वो जब कॉफी लेकर आई, तो मैं उनके स्तन और उनकी गोल गांड देख कर खुश हो रहा था। मेरा मेटा लंड बिल्कुल खड़ा था, और वो भी ये देख रही थी।
फिर वो मेरे पास आ कर बैठ गई। हम कॉफी खत्म कर चुके हैं और वो मेरे और करीब आ कर बैठ गई। अब शायद उनसे भी नहीं रहा जा रहा था। फिर मैंने उनके स्तनों को दबा दिया तो उन्होंने रोका, “अभी तो पूरी रात बाकी है। पहले डिनर तो कर ले। फिर आज मैं तुम्हारे लंड से पूरी रात खेलूंगी।”
फिर वो डिनर बनाने चली गई और मैं भी वहीं किचन में जाके खड़ा हो गया। मैंने निशा मैम से शादी के बारे में पूछा तो उन्हें बताया कि उनके पति बिजनेसमैन हैं, और उन्हें समय नहीं रहता।
तो मैंने कहा: कोई बात नहीं। मैं तो हूं।
मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और फिर से स्तन दबाने लगा, किस्स करना लगा।
तो निशा ने कहा: इंतजार करो।
तो मैंने कहा: अब इंतजार नहीं हो रहा।
फिर से मैं अपना लंड उनकी गांड में टच कर रहा था। फिर डिनर तैयार हो गया और हम डिनर के लिए टेबल पर आ गए। लेकिन मेरा मन नहीं लग रहा था डिनर करने में।
फिर निशा मैम ने कहा: चलो कमरे में चलते है।
वो मुझे रूम में ले गई। फिर मैंने उन्हें पकड़ कर किस्स करना शुरू कर दिया। वो मेरी पेंट के ऊपर से लंड सहला रही थी। फिर मैंने उनकी नाइटी, ब्रा और पैंटी उतार दी और उनके स्तन चूम रहा था।
निशा मैम ने मेरे भी पूरे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। मैं उनकी चूत चाटने लगा। वो भी पूरे जोश में आ गई थी। वो मेरे मुंह में ही झड़ गई। फिर मैंने उसका सारा पानी पी लिया। उसकी चूत एक-दम साफ थी।
फिर उसने मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगी। मैं उसके स्तन चूस रहा था और मैं भी उसके मुँह में ही झड़ गया। फिर थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हुआ। अब मैं उसे चोदने के लिए तैयार था।
मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा और धक्का देने लगा। उसने काफी दिनों से सेक्स नहीं किया था, तो काफ़ी टाइट चूत थी। लेकिन फिर मैंने थोड़ी ताकत से धक्का दिया तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया। वो अब चिल्ला रही थी “रुको-रुको”।
फिर मैं थोड़ा रुका और फिर से चोदने लगा। वो भी कुछ देर बाद मेरा साथ दे रही थी। वो ओह आह आह ओह चोद और चोद आह आह ओह कर रही थी। फिर वो झड़ गई, लेकिन मैं अभी नहीं झड़ा।
फिर थोड़ी देर रुका और फिर चोदने लगा। फिर मैंने पूछा कहा निकालूं, तो निशा मैम ने कहा अंदर ही डाल दे। मैं फिर अंदर ही झड़ गया।
फिर हम कुछ देर वैसे ही लेटे रहे। कुछ देर आराम करने के बाद निशा मैं मेरे लंड से खेलने लगी। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मैं फिर से उसे चोदने लगा। वो भी अपनी गांड हिला-हिला कर मजे ले रही थी।
मैम: मुझे चोदो, मुझे चोदो, और चोदो। आज मेरी प्यास बुझा दे।
यह सुन कर मुझे और जोश आ रहा था। मैं और जल्दी से चोदने लगा। फिर हम दोनों एक बार फिर झड़ गए। मैंने रात भर में 5 बार निशा मैम की चुदाई की।
सुबह बाथरूम में नहाते हुए मेरा मन उनकी गांड मारने का होने लगा। तो मैंने अपना लंड उसकी गांड पे टच किया।
उसने पूछा: ये क्या कर रहे हो?
शायद उसने पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी। तो मैंने कहा: कल से ज्यादा मजा आएगा।
वो तैयार हो गई और मेरा लंड बिल्कुल खड़ा था, तो मैंने ज़ोर से धक्का दिया।
मेरा आधा ही लंड अंदर गया और वो दर्द की वजह से रोने लगी। तभी मैंने और एक बार धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया। वो चिल्ला रही थी रुको-रुको लेकिन मैंने नहीं रोका और गांड मारे जा रहा था।
कुछ देर बाद वो भी साथ देने लगी और बोल रही थी: और करो, जल्दी करो, बहुत मजा आ रहा है।
और मेरी स्पीड भी बढ़ रही थी। फिर 10 मिनट बाद मैं झड़ गया। उसके बाद हम नहा कर बाहर आये, एक-दूसरे को किस्स किया, और मैं वापस अपने कमरे में आ गया। अब हमारा जब भी मन करता है, तो हम चुदाई में मजे लेते हैं।
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