सेक्सी ममेरी बहन को मामा के घर में चोदा- 1

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पुसी ईटिंग स्टोरी में मैं अपने मामा की जवान सेक्सी बेटी को चोद चुका था. उसे चुदाई की लत लग चुकी थी. एक बार मैं मामा के घर में था. वो पढ़ाई के बहाने मेरे कमरे में आ गयी.

मेरी मामी को पता चल चुका था कि मेघा बड़ी हो गई है और उसे घर में अकेली नहीं रोका जा सकता है इसलिए उन्होंने मुझे 10 दिन के लिए और रोक लिया क्योंकि मामा जी को अपने किसी काम से दिल्ली जाना था.

अगले दिन घर में सिर्फ़ मैं, मामी, मेघा और उसकी छोटी बहन ही रह गई थीं.
मैंने मेघा को सिर्फ़ चोरी-चोरी प्यार किया था.

शाम का वक्त हुआ और सबने रात का खाना खाया.

करीब 9:30 बज रहे थे.

मेघा ने मामी से पूछा- मुझे भैया से मैथ्स में कुछ सवाल पूछने हैं, तो क्या मैं नीचे भैया के पास चली जाऊं?

मामी ने गुस्से में कहा- हां, चली जाओ. आजकल कुछ ज़्यादा ही तुम भैया-भैया कर रही हो. आज रात वहीं रहो तुम!
मेघा मन ही मन बहुत खुश हो गई और बोली- ठीक है, मैं नीचे भैया के ही पास जा रही हूँ.

मेघा ने रात को सोने वाले कपड़े रखे और नीचे मेरे पास आ गई.

मैं- बैग में क्या है?
मेघा- मेरे कपड़े.

मैं- क्यों?
मेघा- मम्मी ने बोला है कि आज मैं आपके ही पास रहूँ.

मैं मन में तो बहुत खुश हुआ, लेकिन मैंने मामी को इस लिए फोन किया कि मेघा मेरे पास कैसे सो सकती है.
लेकिन मामी ने फोन नहीं उठाया.

मैं- मैं मामी का पूरा प्लान समझ गया.
मेघा- अब तो आप खुश हैं ना.
मैं- मुझसे ज़्यादा खुश तो तुम लग रही हो.

मेघा हंसती हुई बोली- भला मैं क्यों खुश होने लगी?
मैं- वह तो रात को पता चलेगा.

मैंने मेघा को अपनी तरफ़ खींच लिया.

मेघा- अरे इतनी भी क्या जल्दी है अभी तो सिर्फ़ 10 ही बजे हैं.

मैं- मामी लोग कितने बजे सोती हैं?
मेघा- वे लोग तो खाना खाने के बाद तुरंत सो जाती हैं.

मैं- तो फिर तो अब तक सो गई होंगी.
मेघा- रुकिए, मैं मैसेज करती हूँ. अगर पढ़ा नहीं तो इसका मतलब सो गई हैं.

मेघा ने मामी को मैसेज किया.
पर मामी ने मैसेज पढ़ा नहीं.

मेघा खुश होती हुई बोली- मम्मी सो गई हैं.

मैंने मेघा को अपनी तरफ़ खींच लिया और किस करने लगा.
मेघा भी मुझे किस कर रही थी.

मेघा- रुकिए मैं चेंज करके आती हूँ.

फिर जब मेघा बाथरूम से बाहर आई तो उसने एक सेक्सी सी नाइटी पहनी थी, जिसका टॉप और हाफ़ पैंट दोनों ट्रांसपेरेंट थे.
अन्दर से मेघा की ब्रा और पैंटी साफ़-साफ़ दिख रही थी.

मैं तो मेघा के हुस्न को देखता ही रह गया.
उसका बदन काफी भरा हुआ था, हाइट भी साढ़े पांच फुट की थी.

मेघा- ऐसे क्या देख रहे हैं आप?
मैं- तुम्हारे इस खूबसूरत जिस्म को इस नाइटी में तो और कयामत लग रही हो.

मेघा- वैसी ही तो हूँ, कुछ बदला थोड़े ना है!
मैं- आज तुम्हें पूरा खा जाऊंगा मेघा, तुम्हारे हर एक अंग को प्यार करूँगा आज!

मेघा- जो मन करे कर लीजिए आप!
मेघा चलकर मेरे पास आई.

मैंने उसे कमर से पकड़ कर अपने पास खींच लिया और हम दोनों ने किसिंग शुरू कर दी.
बहुत नर्म होंठ थे उसके …

हम दोनों पागल प्रेमी की तरह एक-दूसरे को पकड़े हुए थे और किस कर रहे थे.

मैंने किस करते-करते मेघा की नाइटी का टॉप उतार दिया.
क्या गजब माल लग रही थी वह … पूरा भरा बदन, 30D के दूध, एकदम मुलायम और सफ़ेद.

बाकी उसके चौड़े कंधे और हाथ बहुत खूबसूरत थे.
हम लोगों ने दस मिनट तो खड़े-खड़े ही किस किया.

मेघा- भैया, बिस्तर पर चलिए.

मैं और मेघा बिस्तर पर लेट गए.
उसके बदन पर ब्लैक कलर की ब्रा और नाइटी का शॉर्ट्स था, जो उसकी जांघों तक पहुंच पा रहा था.

मेघा- भैया, मुझे अब प्यार भी कर लीजिए, कब तक देखते रहेंगे!
यह कह कर उसने अंगड़ाई लेकर अपना सीना ऊपर उठा लिया.

मेघा उस वक्त किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी.

मैं- आज तुम्हारे दूध खूब पियूँगा!
मेघा- पी लीजिए, जितना मन करे लेकिन पहले मेरी ब्रा तो उतारिए.

मैंने मेघा की ब्रा का हुक खोलकर उसकी ब्रा उतार दी.
उसके दूध आज बहुत खूबसूरत लग रहे थे. एकदम मुलायम और पिंक निप्पल.

मैंने मेघा के दूध हाथ में लेकर दबाए और फिर जीभ से उसके निप्पल चाटे.

मेघा- कैसे हैं?
मैं- बहुत खूबसूरत.

मैंने फिर मेघा के एक दूध को मुँह में भर लिया और मस्ती से चूसने लगा.
मेघा- ऊ…उफ्फ़.

मैं मेघा के एक निप्पल को दबा कर चूस रहा था और एक हाथ से दूध मसल रहा था.

मेघा- आह … खा ही जाओ इन्हें आज आह!
मैं- हां खा ही जाऊंगा … इतनी सेक्सी बहन को प्यार करने का मज़ा ही कुछ और है.

मेघा हंसने लगी और मैं लगातार मेघा के दूध मसल रहा था … चूस रहा था.

मेघा- आराम से चूसो न … मैं कहीं भागी जा रही हूँ क्या?

मैं रुक गया और प्यार से मेघा के निप्पल के चारों तरफ़ जीभ घुमाने लगा.

इससे मेघा तड़प उठी और मीठी आवाज में कराही- ये क्या कर रहे हैं आप!
मैं- अपनी बहन से प्यार कर रहा हूँ.

मेघा- भैया बहुत तड़प उठ रही है नीचे.
मैं- भरपूर जवान हो गई हो तुम मेघा, आज तुम्हें पूरे मज़े दूँगा.

ये कहकर मैं अपने होंठ मेघा के होंठों के करीब ले आया.

मेघा- कैसे मज़े देना चाहते हो मुझे?
मेरी और मेघा की सांसें एक-दूसरे की सांसों में मिल रही थीं.

मैं- वही मज़े, जो एक लड़का एक लड़की को देता है.

हम दोनों के होंठ आपस में टच कर रहे थे.

मेघा- मेरे दूध तो पी लिए आपने. अब क्या बाकी है?

मैं- तुम्हारी चूत मेघा.
मेघा- उसके साथ क्या करोगे?

मैं- तुम्हें नहीं पता.
मेघा- नहीं, आप खुद बताओ न!

हम दोनों के होंठ आपस में टच कर रहे थे और मेघा की सांसें तेज़ थीं.

मैं- तुम्हारी चूत की फांकों को खोल कर खूब पियूँगा … चुत चाट-चाट कर सुखा दूँगा और तुम्हारी चूत के दाने को दांत से काटूँगा, मुँह में भर कर खूब चूसूँगा.
मेघा- अच्छा … और क्या करोगे?
मेघा की सांसें और तेज़ हो गईं.

मैं- तुम्हारी चूत को चोदूँगा भी!
मेघा- आह्ह … कैसे?

मैं- तुम्हारी जांघें फैला कर अपना लंड तुम्हारी चूत में एकदम अन्दर तक डालूँगा.

मेघा- कितना अन्दर?
मैं- जितनी तुम्हारी चूत की गहराई है.

मेघा- उसके बाद … ?
ऐसी सेक्सी बातों से मेघा की निरंतर सांसें तेज़ हो रही थीं.

मैं- फिर तुमसे कसके लिपट जाऊंगा और खूब कस-कसके तुम्हारी चूत की चुदाई करूँगा, इतनी कसके चोदूँगा तुम्हें कि तुम्हारी चीख निकल जाएगी … मेघा आज पूरी रात तुम्हें चोदूँगा … खूब जोर जोर से लौड़े को चुत में अन्दर-बाहर करूँगा. जितनी ज़्यादा गीली चूत होगी, उतना ही तुम्हें चुदने में मज़ा आएगा.

मेघा- अपनी बातों से इतना ज़्यादा गीला कर देते हो कि क्या बताऊं … चलो जल्दी से सारे कपड़े उतारो मेरे!
मैं- सिर्फ़ नाइटी का शॉर्ट्स और पैंटी ही तो पहनी हो!
मेघा- तो इन्हें भी उतार दो न!

मैंने मेघा की नाइटी वाला शॉर्ट्स उतार दिया.
अब वह सिर्फ़ पतली सी ब्लैक कलर की पैंटी पहने थी.

मेघा- पैंटी भी.
मैंने मेघा की पैंटी भी उतार दी.

मेघा की 30D की चूचियां, मोटी और कसी हुई जांघें, एकदम गोरा बदन देख कर लग रहा था कि जन्नत की हूर चुदने आई है.

मेघा बिस्तर पर पूरी नंगी लेटी थी चुदवाने के लिए.

मेघा- पूरी नंगी हूँ आपके बिस्तर पर, जितने मज़े ले सकते हो … ले लो मेरे.
मेघा पर हवस चढ़ चुकी थी.

मैंने मेघा की दोनों जांघें फैलाईं.
उसकी चूत से रस टपक रहा था.

मैं बोला- बहुत गीली है.
मैंने मेघा की चूत को जीभ से चाटा.
एकदम नमकीन पानी था.

मैंने हल्के-हल्के से मेघा की चूत को चाटना शुरू कर दिया.

मेघा अपनी चुत उठाती हुई बोली- जितनी बेरहमी से खा सकते हो, खा लो.

मैंने मेघा की चूत की दोनों फांकें खोलीं.
अन्दर से गुलाबी पंखुड़ियां थीं उसकी.

फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर तक डाल दी और पूरी तन्मयता से चाटने लगा.

मेघा- ह्ह …

मैं पूरे मनोयोग से मेघा की चूत को चाट रहा था और मेघा बिस्तर पर तड़प रही थी.

मैंने मेघा की जांघों को और फैलाया और उसकी चूत को पूरा मुँह में भर लिया और चूसने लगा.

मेघा- आह भैया … बहुत बेरहम हो आप आह.

मैं मेघा की इन कामुक आवाजों से और ज्यादा भड़क जा रहा था और उसकी चूत को और कस-कसके चूसने में लग गया था.

मेघा- आह … मम्मी … मर जाऊंगी मैं!
उसने अपना सीना पूरा ऊपर उठा लिया था.

मैं मेघा की जांघों को मजबूती से पकड़े था और उसकी चूत को सच में किसी जानवर की तरह से चूस रहा था.

वह बिस्तर पर मचल रही थी और मैं मेघा की चूत को मुँह में भरे हुए भंभोड़ रहा था.

मेघा- आआआ … भैया … मार डालोगे आप तो!

फिर वह बीच में हंसने लगी- भैया छोड़िए मुझे!

मैं बस उसकी चूत को पीने में यानी पुसी ईटिंग में लगा था.

मेघा- भैया कुछ हो रहा है मुझे, कुछ निकलने वाला है!
मैं- मुझे पीना है तुम्हारा पानी.

मेघा- आह्ह … भैया … मम्मी …

बस मेघा की चूत से गाढ़ा-गाढ़ा रस निकल गया.
मैंने मेघा की चूत की पूरी क्रीम चाट ली और चुत साफ़ कर दी.

अब वह शांत थी.
‘कितना परेशान करते हैं आप!’

मैं- वह सब छोड़ो और यह बताओ कि कैसा लगा?
मेघा- चरम सुख मिलता है जब ऑर्गेज़्म होता है.

मैं और मेघा पूरे नंगे थे.

मेघा- भैया, मुझे आपका वाला पीना है.
मैं- ओके.

मेघा ने मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाया और बोली- कितना मोटा हो गया है ये … इतना लंबा कैसे ले पाऊंगी मैं?
मैं- मैं हूँ ना, चला जाएगा अन्दर.

मेघा ने मेरे लंड को पहले जीभ से चाटा और फिर मुँह में लेकर मस्ती से चूसने लगी.
मुझे तो जैसे जन्नत मिल गई.

मेघा ने बॉल्स को भी मुँह में ले लिया और पागलों की तरह चूस रही थी.

कुछ ही देर में मैं चरम पर आने को हो गया था.

मैं- रस निकलने वाला है.
मेघा ने जैसे सुना ही नहीं, वह तो बस लंड पीने में लगी थी और जैसे ही रस निकला, वह पूरा माल पी गई और चाट-चाट कर लंड को एकदम साफ़ कर दिया.

फिर मैं और मेघा बिस्तर पर ही लेट गए.

मेघा- अब क्या करेंगे?
मैं मेघा के ऊपर आ गया- क्या करवाने का मन है तुम्हारा?

मेघा- आप बताइए पहले, आप बड़े हैं!
मैं- मेघा, मुझे तुम्हारे बदन की हर एक जगह को प्यार करना है.

मेघा- जितना हो सकता है उतना प्यार करिए मुझे .. आप को सौंप दिया है मैंने आज की रात!

मैंने मेघा को पलट दिया, उसकी पीठ ऊपर थी.

मैंने मेघा की गर्दन को किस किया. बहुत गजब का हुस्न था उसका … क्या गजब की बैक थी उसकी.

पूरी बैक को किस किया और खूब चाटा.
मेघा मदहोश होने लगी.

उसकी गांड खूब बड़ी और मुलायम थी. मैंने उसकी गांड को भी चूमा.

फिर बारी आई मेघा की जांघों की. मोटी-मोटी गोरी जांघें थीं उसकी.

मैंने उसकी जांघों को खूब प्यार किया और खूब चाटा.

मेघा लगातार आहें भर रही थी- प्यार करना तो कोई आपसे सीखे … मजबूर कर देते हो आप बिल्कुल!

मैंने मेघा को सीधा किया और उसके ऊपर आ गया. मेघा की आंखों में आंख डालकर पूछा- किस चीज के लिए मजबूर हो गई हो तुम?
मेघा- चुदने के लिए.
उसकी सांसें तेज़ थीं.

मैं- कितना मन है तुम्हारा?
मेघा- बहुत ज़्यादा … चूत बहुत गीली हो गई है मेरी.

मैं- कैसे चुदोगी आज?
मेघा- आपका कैसे मन है मुझे चोदने का?

मैं- तुम्हारे ऊपर आकर तुम्हारी टांगों को फैलाऊंगा.
मेघा- फिर?

मैं- फिर तुम्हारी गीली चूत में अपना लंड पूरा अन्दर तक घुसा दूँगा.
मेघा- फिर?

मैं- फिर तुमसे कसके लिपट जाऊंगा.
मेघा- फिर भैया?

मैं- फिर तुम्हारी चूत को खूब कस-कसके चोदूँगा.
मेघा- तो डालो न अपना लंड मेरी चूत में.

मैंने मेघा की दोनों जांघें फैलाईं और उसकी गीली चूत में अपना लंड पूरा अन्दर तक डाल दिया.

मेघा- ये तो बहुत मोटा है भैया पूरा टाइट फिट हो गया अन्दर तक!
मैं- और तुम बोल रही थीं कि इतना बड़ा लंड तुम नहीं ले पाओगी.

मेघा हंसने लगी.

मैंने मेघा की चूत की चुदाई शुरू कर दी.

मेघा- ऐसा लग रहा है जैसे आपका लंड मेरी चूत के लिए ही बना है … एकदम फिट हो गया.

मैं धीरे-धीरे मेघा की चूत में अन्दर-बाहर कर रहा था.

मेघा- नीचे गर्मी लग रही है.
मैं मेघा की आंखों में देखने लगा- कैसा लग रहा है?
मेघा- अच्छा लग रहा है … अब तो आपका सपना पूरा हो गया ना? मुझे रात में अकेले प्यार करने का!

मैं- हां मेरी जान.
मेघा- मेघा से सीधे जान पर आ गए आप.
मैं- तुम जान ही हो मेरी.

मेघा- तो अपनी जान कि थोड़ा और कसके चोदिए ना!
मैंने मेघा की चूत में रफ्तार बढ़ा दी.

मेघा- ऊऊऊ.

मैं- कैसा लग रहा है?
मेघा- बहुत अच्छा.

मैं और मेघा एक-दूसरे की आंखों में देख रहे थे और मैं लगातार मेघा की चुदाई कर रहा था.

मेघा- कैसी लगती हूँ मैं आपको?
मैं- कयामत हो तुम मेरी जान.

मेघा- कयामत नहीं, आपकी छोटी बहन हूँ.
मैं- छोटी नहीं हो तुम मेघा बहुत जवान हो गई हो.

मेघा- मेरी जवानी का पानी निकाल दीजिए आज … कैसा लग रहा है आपको मुझे चोद के?
मैं- आह मेरी जान आज तो मेरा सपना पूरा ही हो गया.

मैं मेघा को लगातार चोद रहा था.

मेघा- सिर्फ 21 साल की उम्र में ही मैंने ये सब करवा लिया!
मैं- अरे 21 की नहीं लगती तुम … 25 से कम की नहीं लगती हो!

मेघा- वह कैसे?
मैं- इतने बड़े-बड़े दूध, इतनी मोटी कमर, मोटी-मोटी जांघें.

मेघा- आप तो मेरे एकदम दीवाने हैं भैया.
मैं- अपनी बहन को इतना प्यार करता हूँ, तभी तो ऐसे कर रहा हूँ.

मेघा- बहुत कस-कसके चुदाई करते हैं आप!
मैं- तुमने कभी अपना हुस्न देखा है मेघा, तुम्हें तो ऐसे ही प्यार करना चाहिए.
मेघा- मुझे हर बार ऐसे ही प्यार करवाना है आपसे.

मैं मेघा को लगातार चोद रहा था.

मैं- अभी तो शुरुआत है, बहुत तरीकों से प्यार करूँगा तुम्हें.
मेघा- अच्छा जी.
मेघा ने नीचे झुक कर देखा तो लंड फुल स्पीड में उसकी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था.

मेघा- पूरी चूत खोल दी आपने मेरी … आह कितनी तेज़-तेज़ अन्दर-बाहर हो रहा है ये!
मैं- तुम्हारी जैसी हुस्न की परी की चुदाई ऐसे ही होनी चाहिए.

मेघा मुस्कुराई और उसने अपनी टांगों से मुझे लपेट लिया.
‘तो अपनी इस हुस्न की परी को और कसके रगड़ कर प्यार कीजिए न!’

मैं- इससे भी और तेज़ मेरी जान?
मेघा- हां नाम लेकर चोदिए … आह कस-कसके पेलिए लौड़े को मेरी चुत में आह!

मैं- ले और कसके ले … मेरी मेघा रानी!
मेघा- आह हां और कसके पेलो भैया!

मैंने जोर जोर से लंड पेलना जारी रखा और उसे गर्म रखने की नियत से कहने लगा- और कसके चोदूँ मेघा तुम्हें?
मेघा भी मदहोश थी- हां आह कस कसके चोदिए मुझे.

मेघा की चूत में लंड पूरी रफ्तार से अन्दर-बाहर हो रहा था और फच-फच की आवाज़ें आ रही थीं.

मैं- और तेज़!
मेघा- हां और तेज़.

मैं- ले और तेज़ ले मेरी जान.
मेघा- हां ऐसे ही … और तेज़ चोदो भैया.

‘हां ले साली लंड खा!’

मेघा- तेज़ भैया चुदने में बहुत मज़ा आता है … कस कसके चोदिए मुझे अपने मोटे लंड से … आह खूब कस-कसके मेरी चूत में अन्दर-बाहर करिए अपना लंड … चुदाई में इतना मज़ा कभी नहीं आया और कसके मेरी चूत मारिए भैया … खूब कस-कसके मुझे चोदिए.

मैं- मेघा …
मेघा- भैया … चोदते रहिए ऐसे ही मुझे.

‘आह आह … ले साली ले लंड ले आह!’
मेघा- भैया … मेरा होने वाला है आआह … म्म्म … मम्मी … ऊऊफ्फ़ मर गई मैं …

मेघा की चूत से पिचकारी छूट गई.
मैंने भी मेघा की चूत भर दी.

हम दोनों एक-दूसरे की बांहों में थे और पसीना-पसीना थे.

मेघा- भैया, बहुत मज़ा आया इस बार.
मैं- तुम्हारे इस हुस्न को प्यार करके मुझे ज़्यादा मज़ा आया.

मेघा ने अपनी ब्रा-पैंटी पहनी और पानी की बोतल से पानी पीने लगी.
मैंने भी पानी पिया.

मेघा- ये सब करने के बाद बहुत प्यास लगती है.
मैं- मैं तो अब थोड़ा आराम करूँगा.

दोस्तो, तो कैसा लगा आपको मेरी भाई बहन सेक्स कहानी का यह भाग, प्लीज मुझे जरूर बताएं.
अभी इसके आगे का मसला भी है, जब मैंने मेघा की मम्मी यानि अपनी मामी से साथ भी सेक्स किया.

पुसी ईटिंग स्टोरी का अगला भाग: सेक्सी ममेरी बहन को मामा के घर में चोदा- 2

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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