phone sex kahani
फोन सेक्स कहानी में मैं ममेरी बहन की चुदाई का भरपूर मजा ले रहा था. मामी को पता चल गया. वे खुद भी लंड की प्यासी थी. उन्होंने मुझे पटा कर मेरे साथ फोन पर सेक्सी बातें की.
दोस्तो, मैं आपको अपनी भाई बहन सेक्स कहानी
मामी की जानकारी में उनकी बेटी चोदी
में सुना रहा था कि कैसे मैंने अपने ममेरी बहन मेघा को अपने साथ सैट कर रखा था और उसकी चुदाई का भरपूर मजा ले रहा था.
एक दिन मामी को शायद शक हो गया कि मैं उनकी लड़की मेघा को चोदता हूँ.
मामी खुद भी चुदासी थीं और मुझसे चुदवाना चाहती थीं.
तो मैंने उन्हें अपने साथ फोन सेक्स के लिए मना लिया.
अब आगे फोन सेक्स कहानी:
मैंने कहा- तो फिर शुरू करें?
मामी- जो तुम्हारा मन करे करो.
मैं- मामी, मैं आपके रूम में आ गया.
मामी- तो मैं क्या करूँ?
मैं- साड़ी पहनी है आपने?
मामी- रात में नाइटी पहन कर सोती हूँ.
मैं- मामी, आपकी नाइटी उतार दी है मैंने … अब आप सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में हो.
मामी- तुम तो रूम में हो, खुद देख कर बताओ न!
उनकी सांसें थोड़ी तेज़ होने लगीं.
मैं- मामी, आपकी ब्रा उतार दूँ?
मामी- क्यों?
मैं- तभी तो आपके दूध दबा पाऊंगा.
मामी- सिर्फ़ दबाओगे?
मैं- दबाऊंगा और पियूँगा भी.
मामी- उतार दो मेरी ब्रा.
मामी ने रबिंग शुरू कर दी थी.
मैं- आपके दूध मसल रहा हूँ और मुँह में लेकर चूस रहा हूँ.
मामी- पैंटी नहीं उतारोगे?
उनकी सांसें तेज़ थीं.
मैं- ओके पूरी नंगी कर दूँ आपको?
मामी- हां कर दो.
मैं- पूरी नंगी कर दिया आपको!
मामी- जैसे मेरी बेटी मेघा को किया था!
फोन सेक्स करने से उनकी सांसें काफी तेज़ थीं.
मैं- हां.
मामी- क्यों नंगी किया मुझे?
मैं- ताकि आपकी दोनों टांगें फैला कर कसके चुदाई कर सकूँ आपकी!
यह सुनकर मामी की सांसें और तेज़ होने लगीं.
मामी- चोदोगे मुझे?
मैं- हां.
मामी- आह … आओ मेरे ऊपर.
मैं- आ गया.
मामी- अब डालो मेरी चूत में अपना मोटा लंड.
मैं- आपकी चूत में अपना लंड डाल दिया. पूरी नंगी हो आप!
मामी- आह घुस गया … आ मैं पूरी नंगी हूँ अब कर लो कस-कसके!
मैं- क्या कर लो?
मामी- मुझे चोद लो कस-कसके.
मैं- चोद तो रहा हूँ आपको.
मामी- कस-कसके … अह!
मामी लगातार फिंगरिंग कर रही थीं.
मैं- खूब कस-कसके चोद रहा हूँ आपको.
मामी- और तेज़ करो आआह …
मैं- मामी, खूब कस-कसके चुदाई कर रहा हूँ आपकी असली में कब चुदवाओगी?
मामी- पहले फोन से तो चोद लो मुझे … आह और तेज़, और तेज़, और तेज़.
मामी पागल सी हो गई थीं.
मैं- आपसे लिपट कर आपको चोद रहा हूँ … मेरा लंड बहुत रफ्तार से आपकी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा है.
मामी- आ आआह्ह … और कस के, और कस के आऊ ऊऊ … मेरे दूध मसलते रहो आह …
मैं- खूब कस-कसके आपकी चूत में लंड चला रहा हूँ.
मामी- मुझसे लिपट जाओ और कस-कसके चूत में लंड अन्दर बाहर करो मेरी चुत फाड़ दो आह!
मैं- हां आपसे लिपट कर खूब कस-कसके चुदाई कर रहा हूँ आपकी!
मामी- आह … और तेज़, और तेज़ और तेज़.
फिर अचानक से मामी की आवाज़ आना बंद हो गई और उन्होंने फोन कट कर दिया.
कुछ देर बाद मामी का मैसेज आया- आज जो कुछ भी हुआ, उसे भूल जाना.
मैंने रिप्लाई किया- मैं आपका दीवाना हो गया आज से!
मामी ने सीन किया लेकिन रिप्लाई नहीं किया.
उधर मेघा लेटी-लेटी सो गई.
मैंने भी उसे नहीं जगाया.
मेघा को मेरे और मामी की कॉल के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया.
मॉर्निंग में हम तीनों लोग साथ में ब्रेकफास्ट कर रहे थे.
मैं थोड़ा शर्मा रहा था लेकिन मामी को कोई फर्क नहीं पड़ा था.
मामी- मेघा, कल रात में तुम्हारी चीखने की आवाज़ क्यों आ रही थी?
मेघा- अरे मम्मी, रूम में एक बहुत बड़ा चूहा आ गया था.
यह कह कर मेघा मेरी तरफ़ देख कर मुस्कुराई.
मामी- अच्छा, तो भैया ने भगाया नहीं?
मेघा- ट्राई तो इन्होंने किया लेकिन पूरी रात नहीं भगा वह!
मामी- अच्छा अबकी लगता है चूहे मारने वाली दवा रखनी पड़ेगी.
मेघा- हां, रख दीजिए.
मैं- दवा से कुछ नहीं होने वाला उसका!
मामी- फिर क्या इलाज है उस चूहे का?
मैं- चूहा भी तो बेचारा जानवर है, क्या ज़रूरी है उसे मारना?
मामी- अच्छा, बेचारी मेरी बेटी को उसने परेशान किया रात भर … उसका कुछ नहीं?
मैं- उसका पेट भरते रहिए, वह फिर कभी परेशान नहीं करेगा.
मामी- कैसे पेट भरेगा उसका?
मेघा- मम्मी, भैया को पता है उसका पेट कैसे भरेगा … इनका पालतू है वह!
मामी- तो तुमने उसे पालतू भी बना लिया?
मैंने मेघा की तरफ़ देख के कहा- उस चूहे को रहने के लिए बिल दे दो, फिर वह कभी परेशान नहीं करेगा.
मामी- कितना बड़ा बिल चाहिए उस छोटे से चूहे को रहने के लिए?
मैं- छोटा नहीं है वह.
मेघा- हां मम्मी, छोटा नहीं है काफी बड़ा है, तभी तो कल मैं इतना चिल्ला रही थी.
मेघा को लगा शायद उसकी मम्मी नादान हैं.
लेकिन मामी को सब कुछ समझ आ रहा था.
मामी- तो उस चूहे को कैसा बिल चाहिए रहने के लिए? नया बिल या पुराने बिल से काम चल जाएगा?
मामी ने मेरी तरफ़ कामुक भाव से देखा.
मैं- दोनों में रह सकता है वह तो!
यह कह कर मैंने मामी को आंख मार दी.
मेघा थोड़ी कन्फ्यूज़ हो गई.
फिर हम लोगों का ब्रेकफास्ट खत्म हो गया और सब अपने-अपने काम में बिज़ी हो गए.
मामी भी नॉर्मल ही बिहेव कर रही थीं.
मेघा ने मुझे मैसेज किया- पापा छुटकी के साथ 2 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं. आपके पास अच्छा मौका है.
मैं- देखता हूँ … कुछ करता हूँ.
मेघा- लेकिन मम्मी अब नीचे नहीं भेजेंगी.
मैं- कोई बात नहीं.
फाइनली वह दिन आ गया और मामा घर पर नहीं थे.
मामी और मेघा अपने रूम में थीं और मोबाइल चला रही थीं.
मैं नीचे वाले रूम में था.
मेघा- भैया 11 बज गए हैं कुछ करो ना, मम्मी से बात करो ना!
मैंने मामी को कॉल किया.
मामी- क्या हुआ?
मैं- मामी, आज मुझे नीचे बहुत डर लग रहा है … पता नहीं क्यों?
मामी- तो ऊपर आ जाओ वैसे भी मामा और सलोनी नहीं हैं आज रात!
मैं- अपने ऊपर बुला लो आज रात.
मामी अपने ऊपर बुला लेने की बात सुनकर हल्का सा मुस्कुराईं और बोलीं- कभी नहीं.
मैं- अच्छा मैं ऊपर आ जाता हूँ फिर.
मैंने ऊपर का दरवाज़ा नॉक किया.
मामी- मेघा, देखो भैया आए होंगे.
मेघा तुरंत उठी और उसने दरवाज़ा ओपन किया.
वह मुझे देख कर मुस्कुराई.
मैं अन्दर आ गया.
मामी- हम लोग वाले रूम में ही सो जाओ, यहां एसी है. बाहर गर्मी लगेगी तुमको!
हम तीनों रूम में थे.
मामी और मेघा बेड पर थीं.
वैसे तो बेड पर 4 लोगों के लिए जगह थी लेकिन मैं सोफ़े पर ही सोने के लिए गया.
दस मिनट बाद मैंने मामी और मेघा से पूछा- किसको-किसको कॉफ़ी पीनी है?
मेघा तुरंत तैयार हो गई लेकिन मामी ने मना कर दिया.
मैं किचन में गया और कॉफ़ी बना लाया.
मामी के लिए भी कॉफ़ी बना ली.
मामी- अरे मैं नहीं पियूँगी तुम दोनों भाई-बहन पियो.
मैं- मामी, आधा कप एक्स्ट्रा है, पी लीजिए.
फिर हम तीनों ने कॉफ़ी पी और फिर सब अपनी-अपनी जगह चले गए.
कोई 30 मिनट बाद मेघा का मैसेज आया- भैया, मुझे नींद नहीं आ रही.
मैं- मामी सो गईं क्या?
मेघा- हां, आवाज़ से तो लग रहा है.
मैं- रुको, तुम्हारे पास आता हूँ.
मैं मेघा के पास बेड पर आ गया.
मेघा- भैया, लेकिन मम्मी जग जाएंगी किसी और रूम में चलो ना!
मैं- मामी नहीं जगेंगी.
मेघा- क्यों?
मैं- क्योंकि मैंने कॉफ़ी में नींद की दवा मिला दी थी, अब मामी कम से कम 5-6 घंटे बेहोश रहेंगी.
मेघा- वाओ भैया क्या बात है … आपकी तो मैं फैन हो गई!
मामी ये सब बात सुन रही थीं.
उनको सारी बात समझ में आ गई.
मैं और मेघा ने किसिंग शुरू कर दी.
कोई 5 मिनट किस करने के बाद मेघा बोली- मेरे सारे कपड़े उतारिए न!
मैंने मेघा के बाल ओपन कर दिए, फिर उसका टॉप उतार दिया.
उसने अन्दर रेड कलर की ब्रा पहनी थी.
मैं- मेघा, कितने मोटे-मोटे दूध हैं तुम्हारे .. और इस रेड ब्रा में तो जन्नत की परी लग रही हो!
मेघा- आप ही ने बड़े किए हैं दबा-दबा के.
मामी बगल में लेटी सारी बातें सुन रही थीं.
मैं- आज और बड़ा करूँगा.
मेघा- सब समझ जाएंगे कि ये लड़की किसी से मेहनत करवाती है खुद पर.
यह कह कर वह हंसने लगी.
मैं- समझने दो, मुझे तो तुम्हारे दूध पीने हैं.
मेघा- ओके ब्रा उतारिए मेरी और चूस लीजिए.
मैंने मेघा की ब्रा उतार दी.
उसके मोटे-मोटे दूध बाहर लटक आए.
‘वाओ मेघा कितने गजब दूध लग रहे हैं यार … आज तो इनको और भी ज़्यादा पीने का मन कर रहा है!’
मेघा- आप ही के हैं, पी लीजिए लेकिन पहले इन्हें मसलिए भी खूब, तभी तो रसीले हो पाएंगे!
मैंने कहा- हां सख्त आमों को मसल कर ही तो रसीला किया जाता है, तभी तो इन्हें चूसने में मजा आएगा!
मैंने मेघा के दोनों दूध मसलने शुरू किए.
मेघा- आह …
मैं- मसलने में कितने ज़्यादा मुलायम लग रहे हैं, जबकि ऊपर से देखो तो ऐसे तने हुए सख्त लगते हैं मानो पत्थर के हों!
मेघा- आह और जोर जोर से मसलिए न भैया.
मैं- बहुत मज़ा आता है तुम्हारे दूध दबाने में मेघा.
मेघा- तो दबाइए कस-कसके!
मैं अब मेघा के एक निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूस रहा था और दूसरे दूध को किसी भौंपू की तरह दबा रहा था.
मेघा- आह … जीभ घुमाइए निप्पल के चारों तरफ़.
मैंने वैसा ही किया.
मेघा- म्म … बहुत अच्छा लगता है और कीजिए न ऐसे ही.
मैं मेघा के दूध को चूस भी रहा था और निप्पल के चारों तरफ़ जीभ भी घुमा रहा था.
मेघा- म्म्म … मेरा पानी निकाल दो भैया.
मैं- कहां का पानी मेरी जान?
मामी लेटी-लेटी सब सुन रही थीं.
मेघा- मेरी चूत का पानी निकाल दो भैया.
चुत चुसाई का सुनकर मामी का भी मौसम बनने लगा.
मैं- कैसे निकालूँ मेरी जान?
मेघा- मुझे चोद कर निकाल दो भैया!
मैं- कितना मन है चुदने का मेघा?
मेघा- बहुत … पूरी पैंटी गीली हो गई है मेरी पैंटी उतारो नंगी करो मुझे पूरी!
मामी भी अब हल्के स्वर में भारी भारी सांसें ले रही थीं.
मैंने मामी को देख लिया था कि वे जाग रही हैं और अपनी बेटी की सेक्सी बातें सुन रही हैं.
तब मैंने मामी को और एक्साइट करने की सोची.
मैंने मेघा का लोअर और पैंटी उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया.
मैं- लो तुम्हें पूरी नंगी कर दिया मेरी जान.
मेघा- अब अपने चूहे को इसके बिल में डालो.
मैं मेघा के ऊपर आ गया और अपने होंठों को उसके होंठों के पास ले जाकर बोला- चूहे को बिल में नहीं डालूँगा मेरी जान!
मेघा- फिर क्या करोगे?
मैं- अपने मोटे काले लंड को तुम्हारी कसी हुई चूत में डालूँगा और कस-कसके चोदूँगा तुम्हें.
ये सुन कर मामी की सांसें भी और तेज़ होने लगीं.
मेघा- डालिए न अपना लंड … और जल्दी से चोद दीजिए मुझे.
मैंने मेघा की गीली चूत में अपना लंड पूरा अन्दर तक डाल दिया और मेघा की चुदाई शुरू कर दी.
मेघा- भैया, मम्मी तो नहीं जगेंगी ना? मैं आहें भर सकती हूँ ना?
मैं- जो करना है करो, वे नहीं उठेंगी.
मेघा- आआआह्ह …
मैं- और कस के मेरी जान.
मेघा- कस-कसके चलाइए न अपना लंड मेरी चूत में!
मामी भी पूरी गर्म हो गई थीं और अपनी उंगली से अपनी चुत को रगड़ने लगी थीं.
लेकिन मेघा की आवाज़ में उनकी सिसकारियां छुप गईं.
मैं- और कस के चोदूं मेघा!
मेघा- हां कस-कसके चोदो भैया और तेज़ पेलो अपना लंड आह बहनचोद बन जाओ पूरे!
मैं- हां और तेज़ चोदूंगा मेरी जान … तेरी चुत को भोसड़ा बना दूंगा.
मैं मामी की सिसकारियों से ज़्यादा एक्साइट हो रहा था.
मैंने देखा मामी भी झड़ने वाली थीं.
मेघा- खूब कस-कसके लंड चलाओ न!
मैं- मेघा, मेरा होने वाला है.
मेघा- आह मेरा भी … आप अन्दर ही बारिश कर दो अपने लंड के पानी की!
मैं- नहीं यार आज तुम्हारे फेस पर झड़ना है.
मेघा- आआ आह … तो मेरा फेश वाश कर दो न!
मैंने अपना लंड मेघा की चूत से निकाला और पिचकारी मेघा के फेस पर छोड़ दी और जान-बूझकर कुछ पानी मामी के चेहरे पर भी छोड़ दिया.
तब तक मामी भी ठंडी हो चुकी थीं.
मैंने जानबूझ कर लंड का पानी मेघा के चेहरे पर कम और मामी के फेस पर ज़्यादा गिराया था.
मामी ने अपनी एक उंगली से फेस पर गिरा पानी पौंछा और मेरी तरफ़ देख कर मुस्कुरा दीं.
फिर उन्होंने अपनी जीभ से उंगली को चाट लिया.
मैं समझ गया कि मामी पूरे मूड में हैं.
मेघा- आह भैया, बहुत मज़ा देते हैं आप!
मैं मेघा के बगल में लेट गया.
थोड़ी देर बाद मेघा और मैंने फिर से किसिंग शुरू कर दी.
मैं फिर से मेघा के ऊपर आ गया.
मेघा- क्या बात है आज तो बड़ा जोश दिखा रहे हैं आप!
मैं- अबकी बार पीछे से करना है.
मेघा- धीरे-धीरे करना दर्द होता है पीछे से.
मामी सारी बातें सुन रही थीं.
मैंने मेघा को पलट दिया और वह घुटनों के बल मुँह नीचे करके बिस्तर पर बैठ गई.
मैंने धीरे-धीरे लंड मेघा की गांड में डालना शुरू किया.
कुछ देर में लंड मेघा की गांड में अन्दर तक चला गया.
मेघा- पूरा चला गया!
मैं- हां!
मैंने अब छोटी बहन की गांड की चुदाई शुरू कर दी.
मेघा- भैया, बहुत मोटा लंड है आपका पूरा छेद खोल दिया आपने.
मैं लगातार अन्दर-बाहर कर रहा था.
मेघा- आआ … बहुत अच्छा लग रहा है.
मैं- और कस के करूँ जान?
मेघा- हां खूब कस-कसके धक्के मारो.
मैं- और तेज़ मेघा!
मेघा- हां और कस-कसके मेरी मारो गांड आह तबला बना कर बजा दो इसे आप आह.
मेघा की सिसकारियां और आवाज़ें सुन कर मामी फिर से जोश में आ गई थीं.
मैं लगातार मेघा की गांड मार रहा था और उसकी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था.
मेघा- आआआ … और कस के करो खूब तेज़-तेज़.
मैंने मेघा की गांड में रफ्तार बढ़ा दी और लंड मेघा की गांड में खूब कस-कसके अन्दर-बाहर हो रहा था और खूब फच-फच की आवाज़ आ रही थी.
हम दोनों की चुदाई देख कर मामी भी पूरे जोश में आ गईं और चुत की रबिंग शुरू कर दी.
मामी ने हम दोनों की तरफ़ करवट ले ली और मुझे प्यार से देखने लगीं.
मैं मेघा को चोद भी रहा था और मामी की आंखों में लगातार देख रहा था.
मामी एक हाथ से रबिंग कर रही थीं और मुझे देख रही थीं.
उनके चेहरे से लग रहा था कि उन्हें फिंगरिंग करने में बहुत मज़ा आ रहा है.
उन्हें भी चुदने का मन हो गया था.
मैंने समझ लिया कि अब वक्त आ गया है कि उन्हें अपने लौड़े का दीदार करवा दिया जाए.
दोस्तो, आप कल्पना कीजिए कि एक ही पलंग पर मामी और उनकी बेटी के साथ चुदाई का मजा मिल रहा हो तो कैसा लगता है.
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