nude virgin sex kahani
न्यूड वर्जिन सेक्स कहानी में मेरी सहेली मेरे किरायेदार लड़के को पसंद करती थी. उसने मेरे फोन से उसे फोन कर दिया. लेकिन उस लड़के ने उसे मना कर दिया क्योंकि वह मुझे चाहता था.
दोस्तो, मैं आशा करती हूँ कि आप सब ठीक होंगे.
मैं निम्मी हूँ और एक सच्ची व नई न्यूड वर्जिन सेक्स कहानी के साथ इस पटल पर आई हूँ.
मैं जयपुर में रहती हूँ.
स्कूल में 12वीं पास करने के बाद मैंने कॉलेज में दाखिला ले लिया था और अब मेरा मन अपनी पढ़ाई में लगने लगा था.
हमारा जो मकान बना हुआ है, उसमें आगे की तरफ दुकानें बनी हैं और हम ऊपर वाले फ्लोर में रहते हैं.
पापा ने वे सभी दुकानें किराए पर दे रखी थीं.
मकान में पांच दुकानें थीं, तो उनसे मिलने वाला किराया घर में आमदनी का एक अच्छा स्रोत था.
उन्हीं दुकानों में से एक लड़के ने खाद-बीज की दुकान डाली थी.
उसका नाम रोहित था और वह राजपूत था.
वह दिखने में अच्छा लड़का था.
मेरे साथ मेरी एक फ्रेंड मीना भी कॉलेज जाती थी जो उस लड़के को पसंद करती थी.
हम दोनों जब कॉलेज जातीं और कॉलेज से घर आतीं तो वह लड़का हमें देखा करता था.
हम दोनों भी उसे देखकर हँस देती थीं.
एक दिन रविवार था, तो कॉलेज की छुट्टी थी.
मैं घर पर ऊपर छत पर बैठकर पढ़ाई कर रही थी.
भाई क्रिकेट खेलने गए हुए थे.
पापा बाहर थे और मम्मी घर के काम में लगी हुई थीं.
रोहित पानी लेने के लिए ऊपर आया और मम्मी को आवाज लगाई- आंटी पानी दे दो, आज पानी वाला नहीं आया.
मम्मी ने मुझसे कहा- जा पानी दे आ.
मैंने रसोई में जाकर पानी की बोतल भरी और बाहर आकर उसे दे दी.
उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा कर पानी लेकर चला गया.
वक्त ऐसे ही निकलता गया.
लगभग 5 महीने हो गए.
मेरी फ्रेंड, जो मेरे साथ कॉलेज जाती थी, उसने मुझसे कहा- यार मुझे रोहित का नंबर जुगाड़ करवा दे, मुझे उससे बात करनी है.
मैंने उससे कहा- यार, मैं कहां से दे दूँ नंबर?
वह बोली- मुझे पता नहीं, पर तुम कैसे भी करके उसके नंबर ला दे.
मैंने कहा- ठीक है, मैं करती हूँ.
वह बोली- तुझे करना नहीं है, बस नंबर ही देना है.
मैंने उसकी तरफ देखा तो वह मुस्कुरा दी.
मेरे पापा एक डायरी रखते थे, जिसमें सभी के नंबर लिखे होते थे.
एक दिन मैंने उस डायरी में से उस लड़के का नंबर लेकर अपनी सहेली को दे दिया.
नंबर लेने के बाद लगभग 5-6 दिनों बाद वह मेरे घर पर आई और उसने मुझसे उस लड़के को कॉल करने को कहा.
मैंने कहा- तुम खुद ही कर लो.
वह बोली- मेरे फ़ोन में रिचार्ज नहीं है, तेरे फोन से कर लेने दे.
वह अच्छी लड़की थी, इसलिए मैंने उसको अपना फोन बात करने को दे दिया और उसने कॉल लगा दिया.
मीना- हैलो!
रोहित- हैलो कौन?
मीना- पहचाना नहीं क्या?
रोहित- आवाज़ तो सुनी हुई सी लग रही है.
मीना ने कहा- मैं मीना बोल रही हूँ.
तो उसने कहा- हां पहचान गया … बोलिए कैसे कॉल किया?
मीना ने कहा- मैं आपको लाइक करती हूँ और आपसे दोस्ती करना चाहती हूँ.
रोहित ने कहा- मैं बाद में बात करता हूँ.
उसने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा और फोन रख दिया.
शायद उस वक्त दुकान में कोई और भी रहा होगा.
रात को मैं अपने रूम में पढ़ाई कर रही थी कि 10 बजे मेरे फोन पर कॉल आई.
मैंने देखा कि ये तो रोहित का नंबर है.
उसने शायद मीना से बात करने को किया होगा.
मैंने सोचा कि इसको बोल देती हूँ कि ये मेरा नंबर है और इसको मीना का नंबर दे देती हूँ.
मैं अपने रूम में अकेली सोती हूँ.
जैसे ही मैंने कॉल पिक किया, उसने मेरे बोलने से पहले ही कहा- मीना देखो …
मैं उसकी बात काट कर उससे कुछ कहने ही वाली थी कि वह वापस बोलने लगा.
रोहित- आप बुरा मत मानना, मैं आपकी फ्रेंड निम्मी को पसंद करता हूँ.
ये सुनकर मेरे पैरों तले की ज़मीन खिसक गई.
मैं चुप हो गई.
वह काफी देर तक ‘हैलो हैलो’ करता रहा.
फिर 2-3 मिनट तक चुप रहने के बाद वह बोला- आप गलत मत समझना, आप बोल क्यों नहीं रही?
तब जाकर मैंने कहा- मैं निम्मी बोल रही हूँ.
यह सुनकर वह चौंक गया. फिर बोला- ये नंबर तो मीना का है ना?
मैंने कहा- ये मेरा नंबर है. वह आज यहां घर पर आई थी और उसके फोन में बैलेंस नहीं था, इसलिए उसने मेरे फोन से आपको कॉल कर दिया.
उसने कहा- शायद भगवान को यही पसंद था!
मैंने उससे कहा- आप ये गलत कर रहे हो. मेरी फ्रेंड आपको पसंद करती है.
तब उसने कहा- मैं तो नहीं करता ना. मैं आपसे प्यार करता हूँ. अगर आपको पसंद हो तो देख लो!
मैंने कहा- नहीं, मैं अपनी फ्रेंड को धोखा नहीं दे सकती.
उसने कहा- आपसे कोई ज़बरदस्ती नहीं है. आपको पसंद हो तो सोच-समझकर जवाब दे देना … और हां, आप अपने पापा से कुछ मत कहना, नहीं तो वह मेरी दुकान खाली करवा देंगे.
इस बात को 4-5 दिन हो गए.
मैंने उसको कोई जवाब नहीं दिया और ना ही उसकी तरफ देखा.
एक दिन वह पानी लेने ऊपर आया और मौका देख कर उसने मुझसे कहा- आप जवाब क्यों नहीं दे रही हो? अगर आप नहीं करना चाहती तो कोई ज़बरदस्ती नहीं है.
मैंने कहा- ये गलत है. मैं अपनी दोस्त को धोखा नहीं दे सकती.
उसने कहा- उसको बताना ही मत … और मैं आज रात को कॉल करूँगा, तब बता देना.
इतना कहकर वह चला गया.
शाम को सभी खाना खाकर अपने-अपने रूम में चले गए.
जैसे-जैसे वक्त निकलता जा रहा था, मेरी धड़कनें बढ़ती जा रही थीं.
करीब 10 बजे उसका कॉल आया.
उसने पूछा- क्या सोचा फिर?
मैंने कुछ नहीं कहा.
वह फिर से बोला- अगर आपको पसंद नहीं है तो बता दो, मैं आज के बाद कॉल नहीं करूँगा.
मुझे लगा कि लड़का भी अच्छा है.
इस ज़माने में कौन लड़की किसी लड़के को आगे से कहे तो कौन मना करता है.
काफी सोचने के बाद मैंने हां कर दिया.
मेरे हां करते ही उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
अब हम दोनों के बीच फोन पर ही ‘आई लव यू’, किस और ये सब चलने लगा.
कुछ दिनों बाद मेरी कॉलेज की परीक्षा शुरू होने वाली थी तो मैंने उससे कहा- अब कम बात किया करो, मेरी परीक्षा है.
उसने कहा- यार इतने दिन हो गए, कभी किस भी नहीं दिया … एक बार कहीं मिल लो अकेले में.
वह मुझसे मिलने के लिए काफी बार कह चुका था पर कोई ऐसी जगह नहीं थी जहां मिल सकें.
कॉलेज जाते समय मेरी सहेली मेरे साथ रहती थी, इसलिए ऐसे नहीं मिल सकते थे.
मैं सोचती थी कि कहीं उसे शक ना हो जाए.
वह मुझे कह रहा था कि यार एक किस तो दे दो.
मैंने कहा- सब्र रखो.
एक दिन मैं घर में बैठी टीवी देख रही थी, तो उसमें एक किसिंग सीन आ गया.
मेरी भी इच्छा हो गई.
दोपहर में मम्मी सो रही थीं, भाई घर पर नहीं थे.
मैंने उसे कॉल किया और कहा- पानी के बहाने से ऊपर आ जाओ.
उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वह बोला- अभी आ रहा हूँ जानू.
फोन काटकर वह ऊपर आ गया.
मेरी धड़कनें बढ़ रही थीं.
मैं रसोई से पानी की बोतल भरकर दरवाजे के पास आ गई.
उसने अन्दर आकर सीधा मेरे होंठों पर किस कर दिया और साथ ही मेरे बोबों को दबा दिया.
उसने मेरे बोबों को दबाया तो मेरे मुँह से ‘ईससस … आऊं … आउँ.’ की आवाज आने लगी और पानी की बोतल मेरे हाथ से छूट गई.
मम्मी जाग ना जाएं, इस डर से मैंने उसे जल्दी भेज दिया और वह भी जल्दी से नीचे अपनी दुकान में चला गया.
नीचे जाकर उसने कॉल किया और पूछा- कैसा लगा जानू?
मैं गुस्से से बोली- आप बहुत बुरे हो … किस करके मेरे बोबों को दबा दिया.
तो वह बोला- यार, तेरे बोबे बहुत मस्त हैं मुलायम मुलायम.
मैंने कहा- चुप, अब मैं आपसे बात नहीं करूँगी.
वह माफी मांगने लगा.
मैंने कहा- कोई बात नहीं.
ऐसे ही बात चलती रही.
मैं परीक्षा की तैयारी करती रही.
उसी समय मेरे बड़े भाई की शादी की बात चल रही थी और वह फिक्स भी कर दी गई.
एक दिन मेरे घर वालों को शादी की शॉपिंग करने पास के शहर की मार्केट में जाना था.
सभी जाने को खुश थे कि शादी है, कपड़े लेकर आएंगे.
मैं भी जाने वाली थी कि तभी रोहित का कॉल आया और बोला- तुम मत जाना.
मैंने उससे कहा- पागल हो क्या? मेरे भाई की शादी है और मैं कपड़े लेने नहीं जाऊंगी? किसी पागलों की बातें कर रहे हो.
तो उसने कहा- अभी शादी में समय है, तुम परीक्षा देने जाओ. जब जाकर ले आना.
वह जोर देने लगा तो मैं मान गई.
मैंने घर वालों से कहा- आप लोग जा आओ. मेरी परीक्षा है, अभी सही से पढ़ाई नहीं हो पाई. मैं परीक्षा देने के बाद जाकर अपनी पसंद के कपड़े ले आऊंगी, आप मुझे पैसे दे देना.
घर वाले भी मान गए.
मम्मी ने कहा- सही है, पढ़ाई भी कर लेना और घर का ध्यान भी रख लेना. गहने आदि भी सभी ऐसे ही रखे हैं यहां, तो सुरक्षा भी हो जाएगी!
मम्मी की बात सुनकर सभी घर वाले मान गए और चले गए.
उनके जाने के बाद 15 मिनट बाद वह ऊपर आया.
वह पानी की बोतल लेकर आया था और कोई ना देख ले, इस वजह से वह छुपकर आया था.
ऊपर आते ही उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया.
मैंने कहा- अरे रुको तो … पहले बैठ तो जाओ ठीक से … बात तो कर लो.
वह बोला- बातें तो फोन पर रोज होती हैं, यह करने का मौका कब कब मिलता है!
यह कहते हुए वह मुझे पकड़ कर किस करने लगा.
मैं भी उसका साथ देने लगी.
हम दोनों किस करने में इतना खो गए कि दरवाजा बंद करने का ध्यान ही नहीं रहा.
मैंने अचानक से दरवाजा खुला देखा तो फट से उठकर गई और दरवाजा बंद कर आई.
हम दोनों में फिर से किस होना शुरू कर दिया.
हम दोनों इस तरह से पागल हो गए कि किस में को मुँह का पानी एक-दूसरे के मुँह में जाने लगा था.
उसके किस करने से मेरी भी चुत में चींटियाँ रंगने लगीं और उसके लंड से चुदने की इच्छा होने लगी.
मेरी चूत में से पानी आने लगा.
वह धीरे-धीरे किस करता हुआ गले पर आ गया और पीछे कानों के पास किस करने लगा.
मदहोशी से मेरी आंखें बंद होने लगीं और मैं उस पल का मजा लेने लगी.
वह मेरे बोबों को दबाने लगा.
मैंने कहा- यही सब करने के लिए रोका था न मुझे!
वह रुक गया.
मैंने कहा- अब करो, रुक क्यों गए?
वह खुश हो गया और शुरू हो गया.
वह मेरे बोबों को दबा रहा था और मेरी चूत को ऊपर से मसल रहा था.
उसने किस करते हुए मेरी कुर्ती उतार दी और ब्रा के ऊपर से बोबों को दबाने लगा.
मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे बोबों को दबाने लगा और एक हाथ से मेरी पजामी खोल दी.
मेरी चड्डी गीली हो चुकी थी.
अब मैं उसके सामने सिर्फ ब्रा और चड्डी में थी.
मेरे गोरे बदन को देखकर वह मेरी जांघों को चाटने लगा.
पैरों को चाटता हुआ जांघों से होते हुए मेरी चड्डी के ऊपर से मेरी चूत को किस करने लगा.
उसने मेरी ब्रा खोलकर मेरे बोबों को आजाद कर दिया और मुँह से एक दूध को चूसने लगा.
मुझे बहुत मजा आने लगा.
मैंने कहा- जल्दी करो किसी को शक हो जाएगा कि आप इतनी देर ऊपर क्या कर रहे हो!
उसने मेरी चड्डी खोल दी और मेरी बिना बालों वाली चिकनी चूत देखकर उसका लंड लहराने लगा.
मैं उसका लंड देखकर मस्त हो गई. न्यूड वर्जिन सेक्स के लिए बेचैन हो गयी.
उसने मुझे लंड मुँह में लेने को कहा.
मैंने मना कर दिया.
वह मेरे बोबों को दबाकर चूसने लगा और अपनी पैंट खोल कर लंड को मेरी चूत में डालने लगा.
मेरी चूत टाइट होने की वजह से लंड अन्दर नहीं जा रहा था.
उसने पूछा- पहले किसी से नहीं चुदवाया क्या?
मैंने कहा- आप पागल हो क्या … मैंने आपके अलावा किसी से बात तक नहीं की!
तो वह बोला- चुदवाया नहीं तो तेरे बोबे इतने मोटे कैसे हो गए हैं? क्या खुद दबाती हो!
मैंने हंस कर कहा- मुझे पता नहीं.
वह और जोश में आ गया.
उसने वापस से मेरी चुत में लंड घुसेड़ा तो इस बार मेरी चूत में उसके लंड का सिर्फ आगे का टॉप ही घुसा था.
मुझे दर्द होने लगा, तो उसने लंड हटा लिया.
अब वह मेरी चूत को हाथ से ऐसे मसल रहा था, जैसे चुत का हलवा बना कर खा जाएगा.
कुछ देर बाद उसने फिर से कोशिश की.
जैसे ही उसका लंड का टॉप मेरी चूत में गया, उसका पानी निकल गया.
वह मेरे ऊपर लेट गया और मेरे बोबों को चूसने लगा.
मेरी चुत की आग ऐसे ही जलती रही.
अब उसका लंड खड़ा नहीं हो रहा था तो वह फटाफट उठा और अपने कपड़े पहन कर नीचे चला गया ताकि किसी को शक न हो जाए.
उसके बाद हम सब भाई की शादी में व्यस्त हो गए और वह एक दिन दुकान खाली करके चला गया.
दुकान खाली करने के बाद उसने एक दिन मुझे होटल में बुलाया, उधर मैं गई पर वह नामर्द निकला.
साला मुझे चोद ही न सका. लंड चुत से लड़ाते ही झड़ गया.
मैंने उसे गाली देकर भगा दिया.
उसके बाद हम दोनों कभी नहीं मिले.
फिर मेरे भाई की शादी अच्छे से हो गई.
भाभी भी बहुत अच्छी आई.
भाभी का भाई उन्हें विदा कराने आया.
उसकी बॉडी देख कर मैं उस पर मर मिटी थी क्योंकि खाद वाले लड़के के कमजोर लंड से चुदाई का मजा नहीं मिला था तो मैं भी लंड की भूखी थी.
उसकी मेरी नजरें मिलीं तो मैं मुस्कुरा दी.
वह समझ गया कि मैं चुदासी हूँ.
शाम को वह अपनी बहन यानि भाभी से कह कर मुझे बाजार घुमाने ले गया.
उसे कुछ सामान लाना था और उसने बाजार देखा नहीं था.
मैं भी उसके साथ जाने को मरी जा रही थी.
एक्टिवा पर बैठ कर मैं उसके साथ चली गई.
रास्ते में वह मुझसे बातें करने लगा और बोला- आप कुछ कहना चाह रही थीं क्या?
मैंने सीधे उसके लंड पर हाथ रख दिया.
उसका लंड काफी मोटा था तो मैं एकदम से गनगना गई.
वह भी समझ गया और उसने एक्टिवा के तरफ रोक कर मुझसे बात की.
वह बोला- होटल चलें?
मैंने हामी भर दी.
उसने मोबाइल से एक होटल में कमरा बुक किया और मुझे कमरे में ले आया.
उधर हम दोनों चिपक गए और सेक्स का मजा लेने के लिए गर्म होने लगे.
यह सेक्स कहानी बड़ी कामुक है … लेकिन इसे मैं अगले भाग में लिखना पसंद करूंगी.
आप बताएं कि क्या आप मेरी चुदाई की कहानी सुनना चाहेंगे?
यदि आपके कमेंट्स मिले कि न्यूड वर्जिन सेक्स कहानी का अगला भाग भी लिखा जाना चाहिए, तभी मैं आपको अगली कहानी बताऊंगी कि मैंने भाई के साले से कैसे चुदवाया.
जब तक के लिए बाय.
आपकी प्यारी निम्मी
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।