पीठ का मैल छुड़ाके बाथरूम में पेला माँ को

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मेरा नाम अंकित है। मेरी उम्र 27 साल है। मैं एक स्मार्ट युवक हूँ। मेरा लंड 9 इंच का है, बहुत हार्ड और मजबूत है। जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तो मेरा मॉर्निंग कॉलेज था और क्लासेस सुबह 6 बजे शुरू होती थीं। इसके लिए मुझे 5 बजे ही घर से निकलना पड़ता था। हमारे फ्लैट में सिर्फ एक ही बाथरूम था। Maa Bathing Porn

मेरा और मेरी मॉम का टाइम साथ-साथ था, इसलिए मुझे कई बार बाथरूम के बाहर इंतजार करना पड़ता था। एक दिन मैंने बाथरूम की गेट में एक छेद देखा। फिर मैंने उसमें से झाँका तो बाथरूम के अंदर का पूरा सीन साफ दिख रहा था। बाथरूम में मॉम नहा रही थीं।

गोरा-गोरा चिकना भीगा बदन और बिल्कुल नंगी, सिर्फ एक पैंटी पहनी हुई थी। उभरे हुए बड़े-बड़े बूब्स। फिर उन्होंने नहाकर बदन पोंछा। अब तो मैं मौका पाकर रोज़ ही देखने लगा। एक दिन मॉम पूरी नंगी नहा रही थीं, पैंटी भी नहीं पहनी हुई थी। वह अपनी बुर में भी साबुन लगाकर साफ कर रही थीं।

यह देखकर मेरा लंड तन गया था और संभाल नहीं पा रहा था। सोचता था कि कैसे मॉम के बदन से लिपटूँ। मैंने पहले एक बार मॉम को डैड के साथ सेक्स करते हुए भी देखा था। अचानक मैं बैलेंस नहीं रख पाया और दरवाजे से भिड़ गया। दरवाजे पर आवाज़ होने से मॉम ने पूछा, “कौन?”

मैंने कहा, “मैं हूँ, मुझे कॉलेज के लिए लेट हो रही है, जल्दी करो।”

वह बोलीं, “तुम अंदर आ जाओ, मैं दरवाज़ा खोलती हूँ।”

दरवाज़ा खुला और मैं अंदर चला गया। मॉम ने दरवाज़ा बंद कर लिया। मैं जल्दी से लैट्रिन में घुस गया। और मॉम बदन से तौलिया हटाकर नहाने लगीं। मैं लैट्रिन के दरवाज़े के छेद से देखने लगा। मॉम पूरी नंगी होकर नहा रही थीं। उन्होंने पूरे बदन पर साबुन लगाया और मसल-मसल कर नहा रही थीं।

उनकी कमर पर हाथ नहीं पहुँच रहा था। भीगा गोरा बदन और भी सेक्सी लग रहा था। फिर उन्होंने अपनी बुर के ऊपर साबुन लगाया और मसल-मसल कर साफ करने लगीं। बुर के ऊपर काले-काले घने बाल बहुत सेक्सी लग रहे थे। वह उन्हें धो रही थीं।

मैंने इसी समय लैट्रिन से बाहर आने की सोची, किंतु फ्लश और दरवाज़े की आवाज़ सुनकर उन्होंने बदन को तुरंत सामने से तौलिए से कवर कर लिया और हड़बड़ी में मुझे देखकर पीछे घूम गईं। जबकि पीछे तौलिया नहीं था। उनके पूरे नंगे बदन को देखकर पूरे बदन में सनसनी फैल गई। क्या सेक्सी सीन था! नंगी कमर, मोटे-मोटे गोल बटॉक्स, चूतड़।

फिर मैंने पूछा, “आपको कितनी देर लगेगी? आपका नहाना हो गया क्या?”

तुरंत ही उनको गलती समझ में आई और उन्होंने तौलिए को कमर में लपेट लिया। लेकिन फिर बूब्स नंगे हो गए। उन्होंने हाथ से ढँक लिए।

मैंने कहा, “आप जल्दी नहा लो।”

फिर मैंने कहा, “लगता है कि आपकी कमर ज्यादा मैली हो रखी है, कुछ काली-काली है।”

वह बोलीं, “हाँ, हाथ नहीं पहुँचता है ना, इसलिए ठीक से साफ नहीं होती है।”

मैंने तुरंत कहा, “लाओ, मैं आपकी कमर और पीठ को रगड़कर साफ कर देता हूँ।”

वह बोलीं, “ठीक है।”

उन्होंने रबिंग पैड की तरफ इशारा किया कि वह ले लो। मैंने रबिंग पैड लेकर पीठ पर साबुन लगाया। कमर पर हाथ फेरने से पूरे बदन में करंट सा दौड़ गया। मैंने अपना पजामा खोल दिया, यह कहते हुए कि भीग जाएगा। फिर मैंने रबिंग पैड से कमर को जोर से रगड़ा।

कमर और पीठ का मैल उतर रहा था। मैं बोलता जा रहा था कि बहुत मैल उतर रहा है। मलता भी जा रहा था। बड़ी मस्ती से मॉम के गोरे-गोरे चिकने बदन पर रबिंग पैड रगड़ रहा था। मॉम को खुशी भी हो रही थी। बोलीं, “ठीक से रगड़ दे, जिससे सारा मैल उतर जाए।”

मैंने भी बोला, “येस, पूरा मैल उतार दूँगा।”

फिर मैंने उनको घुटनों के बल खड़ा होने को कहा। कमर को रगड़ते-रगड़ते मैंने रबिंग पैड को नीचे चूतड़ के ऊपर ले जाकर यह बोलते हुए रगड़ने लगा कि यहाँ भी बहुत मैल है। वह बोलीं, “अच्छा, जल्दी कर।” मैं भी चूतड़ पर गोलाई में घुमा-घुमाकर रबिंग पैड से दबाने लगा। फिर साबुन से हाथों से मला।

फिर गर्दन पर साबुन लगाते-लगाते मेरा हाथ फिसलकर बूब्स पर चला गया और मैंने बूब्स पर भी साबुन लगा दिया। मैं बूब्स को मसलने लगा और कहा कि यहाँ का भी मैल साफ कर दिया। अब मुझसे नहीं रहा जा रहा था। मेरा लंड तन गया था और अंडरवियर से टाइट हो गया था।

मैंने अपनी बनियान भी उतार दी थी। भीगे-भीगे बदन पर मोती जैसी पानी की बूँदें चमक रही थीं, जो मॉम को और सेक्सी बना रही थीं। फिर मैं कभी भीगे बदन को मलता, और कमर के पीछे से हाथ देकर बूब्स पर साबुन मल रहा था। तो मेरा लंड बार-बार उनके चूतड़ और कभी-कभी दोनों चूतड़ की फाँक में टच हो रहा था।

टच होने पर वह भी कुछ सकपकाई थीं। फिर सामने से बूब्स मसलकर पेट मसलने लगा। फिर गर्दन मसलते हुए अपने हाथ को पीछे की तरफ ले जाकर कमर मसलने लगा। लेकिन इससे उनके बूब्स मेरे चेस्ट से जोर से टकराकर दब रहे थे और उनके मुँह से “आह” की आवाज़ निकली।

मैं समझ गया कि कुछ-कुछ जरूर हो गया। अब तूफान होने वाला है। फिर मैंने बूब्स को दबाकर मसलना शुरू किया और पूछा, “ठीक से मैल उतर रहा है ना?” और उनका चेहरा लाल होने लगा। मैंने भी सोचा आज अच्छा मौका है। मैंने उनका बदन मसलते-मसलते अपने लंड को बाहर निकाल लिया था।

वह पूरा खड़ा था, पूरा तैयार था। मॉम-डैड के सेक्स सीन याद आ गया। मैंने अचानक कहा, “मॉम, कॉकरोच है!” और उनसे बुरी तरह से लिपट गया। वह बोलीं, “कहाँ है?” साइड में चला गया। इसी लिपटी-लिपटी में मेरा लंड बार-बार उनकी बुर से टकराकर रगड़ने का मजा ले चुका था, जो उनको भी मजा आया था।

अब मैंने भी बदन पर पानी डालकर नहाना शुरू कर दिया। मेरी मॉम अब मेरे बदन पर साबुन मल रही थीं और मेरे सारे बदन पर साबुन मल रही थीं — छाती में, पेट पर, कमर में, चूतड़ पर। फिर धीरे-धीरे उन्होंने मेरा अंडरवियर भी नीचे खिसका दिया और लंड के आस-पास साबुन मलने लगीं।

मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। फिर वह लंड पर साबुन मलने लगीं। मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने भी उनके बूब्स को जोर से दबा दिए और मॉम से बोला, “कहो तो दूध भी पिलूँ?” बस फिर मैंने बूब्स को पकड़कर पहले जीभ से चाटा, फिर जोर-जोर से चूसना शुरू किया। और वह भी लंड को जोर-जोर से मसलने और दबाने लगीं। फिर मेरे रस गिरने वाला था।

वह बोलीं, “देर हो रही है, चलो अभी कॉलेज में देर हो रही होगी।” और मेरे लंड पर जोरदार किस जड़ दिया। फिर मैंने कहा कि बाकी काम रात को करेंगे। अभी तो बदन पोंछना बाकी है, पाउडर भी लगाना है। और उसने फिर चूतड़ पर थपकी लगा दी। मुझे याद था आज डैड शाम को ही आउटस्टेशन दो दिनों के लिए जा रहे हैं।

और बड़ी बेसब्री से मैं शाम का इंतजार कर रहा था कि आज क्या होना है। बहुत गर्मी थी। शाम को डैड के जाने के बाद मॉम नहाने बाथरूम में घुस गईं और मैं भी मौका पाकर अपनी आँखों को दरवाज़े के छेद से बाथरूम के अंदर का सीन देखने लगा।

मॉम ने अभी नहाना शुरू ही किया था। अपनी साड़ी उतार रही थीं। फिर उन्होंने अपना ब्लाउज खोलना शुरू किया। अब मॉम ब्रा और पेटीकोट में मेरे सामने थीं। उनकी बड़ी-बड़ी गोरी चूचियाँ मानो ब्रा से निकलने के लिए बेताब हो रही थीं। और मॉम ने ब्रा भी उतार दिया।

मॉम की दोनों चूचियाँ आज़ाद हो गईं। मॉम ने अपना पेटीकोट भी उतार दिया। अब वह बिल्कुल नंगी थीं। पहली बार मैं किसी औरत को नंगा देख रहा था। मेरी नंगी मॉम गज़ब की हसीन लग रही थीं। मॉम की चूचियों से मेरी नज़र नीचे खिसकता हुआ उनके चूत पर ठहर गई।

अम्मा का चूत काफी बड़ा और गोरा था। उस पर हल्की सी झाँट उगी हुई थी। मेरे पूरे बदन में सनसनी होने लगी और मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया। मॉम अपने सारे बदन पर साबुन मसलकर नहा रही थीं। नहाते-नहाते मॉम अपने दोनों चूचियों को हाथों से दबाने लगीं।

इसी तरह दबाते-दबाते अम्मा पर जवानी की मदहोशी छाने लगी और अपने हाथों से बुर भी मसल रही थीं। पहले तो बुर को होंठों से हल्के-हल्के सहलाती रहीं और फिर उन्होंने अपनी चूत में अपनी दो उँगलियाँ पेल दीं और अम्मा के मुँह से हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकलने लगीं… “ओओह्ह्ह… आह्ह्ह… स्स्सीई…”

मॉम ने अब नहाना शुरू कर दिया। मैं दरवाज़े से हट गया। थोड़ी देर बाद मॉम नहाकर बाथरूम से निकलीं। इस बार मुझे उनका हुस्न और भी लाजवाब लगा। मॉम का यह रूप मुझे अपनी मॉम में दिलचस्पी लेने के लिए बेकरार कर दिया था। मॉम अपने रूम में चली गईं, दरवाज़ा बंद कर लिया।

और ज्यादा चाहत जाग उठी थी मॉम का एक नया मस्ताना रूप देखने की। फिर मुझसे भी नहीं रहा गया। मैंने भी बाहर से मॉम को पुकारा, “क्या हुआ? अंदर आऊँ क्या?” और शायद मॉम भी इंतजार में थीं। उन्होंने दरवाज़ा खोल दिया। मेरे अंदर दाखिल होते ही दरवाज़ा लॉक कर दिया।

मैंने कहा, “और सब बच्चे भी सो गए हैं।”

मॉम सिर्फ तौलिए में लिपटी हुई थीं। तौलिए वाला गाउन पहनकर बाथरूम से आई थीं। फिर क्या था, मैंने कहा, “बोला तो बदन पोंछकर पाउडर लगा दूँ।” मैंने उनके बदन पर तौलिए से रगड़कर पोंछना शुरू किया। पहले गर्दन, फिर बूब्स, कमर, पेट और फिर नाभि के नीचे भी।

मॉम तौलिए को बदन पर पकड़े हुई थीं। मैं हाथ अंदर डालकर यह सब कर रहा था। फिर मैंने नाभि के नीचे पोंछते समय जोर से झटका दिया और तौलिया गिर गया। पूरा गोरा-गोरा जिस्म नंगा हो गया। मॉम ने दोनों हाथ से बूब्स पर रख लिए। मैंने बुर को मस्ती से रगड़-रगड़कर पोंछना शुरू किया।

उन्हें भी मस्ती आने लगी। वह बड़ी हसीन लग रही थीं। आज मॉम के बुर पर बड़ी-बड़ी झाँटें थीं… और झाँटों के अंदर से झाँकता उनका गोरा बुर… मैं तो बस इस मस्त प्रदेश की अदा को देखकर मदहोश हो रहा था। अब मैंने पाउडर लगाना शुरू किया और इसी बहाने अम्मा को अपनी बाहों में भरकर उनकी चूचियों को मसलने लगा और हाथों से जोर-जोर से दबाने लगा।

और अचानक मॉम ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। मैं भी मौका देखकर होंठों से होंठ रगड़ते हुए चूसने लगा और बूब्स भी जोर से दबाने लगा। वह फिर हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकलने लगीं… “ओओह्ह्ह… आह्ह्ह… स्स्सीई…”

वह बोलीं, “तुम क्या कर रहे हो?”

मैं बोला, “मैंने आपको डैड के साथ कई बार सेक्स का मजा लेते हुए देखा है।”

और फिर उनका एक हाथ सरकता हुआ मेरे लंड पर चला गया और हाथ में लेकर सहलाने लगीं और बोलीं, “तुम मेरे बूब्स को चूसते रहो।” मैं भी चूसता, फिर कभी जीभ फेरता। अब जीभ फेरते-फेरते नाभि तक आ गया। मेरे भी लंड में सनसनी होने लगी। मॉम लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगीं।

देखते ही देखते लंड मूसल की तरह खड़ा हो गया। “हाय, कितना शानदार लंड है… मैं तो बस इस लंड की दीवानी हूँ।” और मॉम लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। दोनों के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं… “आह्ह्ह…” से भरपूर मजा लेकर चूस रही थीं… “ओओह्ह्ह… क्या मस्ती आई… मजा आ रहा था… दाँत भी गड़ा रही थीं… गज़ब का चूस रही थीं… क्या मस्त चीज… कभी सोचा भी नहीं था कि अपनी मॉम की मस्तानी जवानी का मजा लूटने मिलेगा।”

मैंने मॉम से पूछा, “अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, और कैसे करना है?”

मॉम ने कहा, “सब्र करो। पूरे खेल का मजा लेना है तो जैसे-जैसे मैं बोलती हूँ, वैसे करते जाओ।”

मैंने तुरंत “येस” कर दिया।

मॉम ने अपनी अलमारी से हेयर रिमूवर क्रीम निकाली और दोनों हाथ ऊपर कर बाँहों के बगल के बाल पर लगाने को कहा। फिर कहा कि नीचे बुर के ऊपर के हेयर्स पर लगाओ। मैंने दोनों जगह क्रीम लगा दी। इसके बाद वह वैसी ही बिस्तर पर लेटी रहीं। लाल रोशनी में उनका पूरा बदन लाल लावे की तरह बहुत सेक्सी लग रहा था। मैं उनके बदन पर हाथ फेर रहा था।

5 मिनट बाद वह बोलीं, “कॉटन लेकर अब क्रीम पोंछ दो।” मैंने कॉटन लेकर क्रीम पोंछने लगा। पहले दोनों बगल के सारे बाल अपने आप उतर गए। अब नीचे के पोंछने लगा। पूरी क्रीम पोंछते ही सारे बाल उतर गए और क्या गज़ब की चिकनी-चिकनी मक्खन की तरह गोरी चूत के दर्शन हुए।

मैंने मॉम से कहा, “इसे क्यों छुपाकर रखा था?”

और मैंने जोर से किस कर लिया। मॉम ने भी सिसकारी मारी। फिर उन्होंने लिक्विड चॉकलेट निकाली और कहा, “इसे नाभि के नीचे फैला दे।” मैंने लिक्विड चॉकलेट को उँगली से बुर के ऊपर चारों तरफ फैला दिया और इशारा काफी था। फिर जीभ से चाटने लगा। चारों तरफ जीभ घुमा-घुमाकर चिकनी बुर पर चॉकलेट चाट रहा था।

क्या मजा आ रहा था! फिर जोर-जोर से चॉकलेट के साथ चूत चूसने लगा… “आह्ह्ह… उईई… मेरी मॉम… ओह्ह्ह… बड़ा मजा आ रहा है… चूस ले… चूस ले… फिर मौका नहीं मिलेगा… अपनी मॉम का चॉकलेटी बुर… खा जा रे… खा जा…” मॉम मदहोश सिसकारियों के बीच बोल रही थीं।

“मॉम चूत कितना टेस्टी है… हाय मेरी मॉम… हाई… मॉम क्या मस्ताना चूत है…” और बोलते हुए जीभ चूत में अंदर भी घुमा दी। “ऊऊईई… श्ह्ह…” मॉम के मुँह से निकला। बोलीं, “इतना मजा पहले कभी नहीं आया। वेल डन माय बॉय, कैरी ऑन।”

मैंने कहा, “कितने मार्क्स?” बोलीं, “सेशन पूरा होने दो।” और बोलीं, “मुझे भी चॉकलेटी लंड का टेस्ट करना है।” मैंने तुरंत ही अपने लंड पर चॉकलेट ज्यादा-ज्यादा लगा दी। और वह पहले जीभ से चाट रही थीं, फिर मुँह में लेकर जोर से चूसने लगीं और सिसकारियाँ भरने लगीं… “उम्म्म… या…” मैं भी “श्ह्ह… ऊऊ” कर रहा था। बोलीं, “क्या शानदार चॉकलेट स्टिक है!”

अब उसने लंड मुँह से निकालकर बुर के पास हाथ से रखा और मैं समझ गया। बोलीं, “जल्दी करो।” लंड बुर पर फेरते-फेरते फिसलकर मॉम के हसीन नाजुक बूर में एक धक्के के साथ “घच्च्…” से अंदर चला गया… “ऊऊईई… नॉटी बॉय… मार दिया रे तूने…” मॉम चिल्लाईं… “और तेज़।”

मैं भी तेज़ी से अपना लंड मॉम के बुर में अंदर-बाहर करने लगा… “आह्ह्ह… य्य्ये… एस्स… ओह्ह्ह… गॉड… आह्ह… आह्ह… आह्ह… आह्ह…” और मैंने महसूस किया जैसे स्वर्ग में हो। अम्मा नीचे से अपना चूत उछाल-उछालकर लंड को अपने चूत में निगल रही थीं.

और बोलीं, “जा रही और जोर से… और जोर से… मैं भी चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी… “ओह्ह्ह… आह्ह्ह… अब मजा आ रहा है… और चोद… ज़ोर से चोद… अपनी मॉम की हसीन चूत को… अपनी माँ की मस्त चूत लूट ले… चूत का मजा चख ले… हाई… ऊऊईई… तुमने मुझे आज स्वर्ग पहुँचा दिया…”

मैं “ओह्ह्ह… हाई… है… ओह्ह्ह… ओह्ह… आह्ह… लेकिन आई लव यू।” मॉम ने भी कहा, “आई लव यू टू।” चुदाई का खेल अब खत्म हो चुका था और अपना गरम-गरम जूस उसकी चूत में छोड़ चुका था। मैंने अपनी बिच्छी की उँगली उसकी पसी में फिर घुसा दी और जोर से घुमाने लगा और उसके भी गरम पानी को महसूस कर रहा था। वह बोलीं, “ओह मेरे जान, आई लव यू… ऐसे ही मुझे हमेशा चोदना… मैं जन्मों की प्यासी हूँ।” मैंने भी कहा, “तुम जब भी चाहोगी, मैं तुम्हें हमेशा तैयार मिलूँगा।

बस मुझे ऐसे ही अपने पास रखना और मुझे बहुत प्यार करना।” मॉम को गले लगाते हुए होंठों को चूमने लगा। “मेरी मॉम… मेरी जान… तू मस्त चीज है… क्या शानदार चूत है तेरी… काश मैं इस चॉकलेटी चूत को पहले देख पाता… आई एम सो लकी… जिसे तुम जैसी मॉम मिली है… मेरी जान… फिर कब बुलाओगी? यह दिन कब आएगा? गज़ब की मॉम हो तुम… डैड के नेक्स्ट टूर में ज़रूर…” उसने मेरे गाल पर किस किया। बोलीं, “नॉटी बॉय… जल्दी फिर खेल होगा… फ्रूट जैम के साथ…”

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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