चालू दीदी को चोद चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया

kunwari bahan bhai chudai

कहानी उस वक्त ही शुरू हो गई थी जब मेरी दीदी * ही साल की थी और मैं * साल का ही था। छोटी उम्र में ही दीदी ने गांव के एक लड़का को पैसे ऐंठने के लिए अपनी प्रेम जाल में फंसा रखीं थीं। मतलब एक नम्बर की चालू थी। उससे रोज चोरी छिपे मिलने लगीं और चुम्मा चाटी करके सौ दो सौ रुपए ऐंठ लेती थी।

जिसे गांव लोग कभी कभार देख लेते थे तो मेरे घर आकर मम्मी को बता देते थे बोलते थे आपकी बेटी बिगड़ गई है एक दिन नाक कटवा देंगी। आए दिन के ताने सुनकर मम्मी परेशान हो गई थी। एक दिन गुस्से में आकर दीदी से बोली कि अब तू जहां भी जाएगी अपने भाई को साथ लेकर जाएगी।

उस दिन मैं दीदी जहां भी जाती थी तो मै भी उसके साथ जाने लगा। चार पांच दिन तक सबकुछ ठीक रहा लेकिन उसके बाद एक दिन दीदी मुझसे बोली भाई एक बात बोलूं किसी को नहीं न बताएगा तो मैंने कहा नहीं बोलो तो दीदी बोली मेरा एक काम कर दो.

मैंने बोला क्या तो दीदी उस लड़के के नाम लेकर बोली तु नंदु के पास जाना वो तुझे कोई समान देगा उसे लें आओगे तो मैंने कहा ठीक है ले आऊंगा। लेकिन वो तुझे क्यों कुछ दे रहा है तो दीदी बोली भाई कुछ नहीं है हम दोनों में मैं सिर्फ उसे अपनी बाहों में भर लेती हुं तो वो मुझे पैसे देता है।

तो मैंने कहा सिर्फ बाहों में भरर्ती है या अपनी चुत में मरवाती है उससे तो बोली नहीं भाई तुम्हारी कसम खाकर कहतीं हूं ऐसी बात नहीं है। तो मैं उसी वक्त नंदु के पास चला गया और बोला दीदी को क्या देने को बोलें हों दीदी मांग रहीं हैं देदो तो नंदु बोला अभी नहीं लाया है चलो तुम भी साथ में ले आते हैं।

नंदु हमसे बड़ा था करीब 21 – 22 साल का था लेकिन दिखने मे भी बहुत ही कमजोर था बिल्कुल पतले और 6 फीट का लंम्बा था। वो मुझे अपने साथ साइकिल पर बैठाकर बजार ले गया और पहले मुझे होटल में बैठाकर जो जो मैं बोला वो सबकुछ खिलाया फिर नंदु ने दीदी की समान ख़रीदा.

दीदी ने उससे पैन्टी ब्रा और फेयर लवली क्रीम देने को बोलीं थी जो नंदु ने खरीद कर मुझे दे दिया और बोल दे देना अपनी दीदी को। फिर 100 रुपए नगद दीदी के लिए और 30रु मुझे दिया। उस दिन से मैं भडुआ गीड़ी करने लगा मैं रोज रात के अंधेरे में दीदी को नंदु से मिलवाने लगा उसके बदले मुझे भी पैसा देता था और रोज खिलाता पिलाता है।

नंदु ज्यादा कुछ दीदी के साथ करता भी नहीं था बस मेरी दीदी की होंठ चुमता और उसकी चूचियों को पकड़कर दबाता था। एक बार मैं और नंदु शराब पीने बैठा था तो नंदु से पूछा कि तुने कैसे मेरी दीदी को पटाया तो नंदु बोला तेरी दीदी ने ही मुझे पटाई है सिर्फ पैसा ऐंठती है पांच साल हो चुके आज तक अपनी चुत मारने नहीं दी है।

तो मैंने नशें में ही कहा ऐसा गलती से भी मत सोचना जितना मिल रहा है उतना ही तेरे लिए काफी है। ये सब लगातार चलता रहा अब मेरी दीदी कली से फूल बन चुकी थी। उसकी चुचिया बड़ी बड़ी और उसकी गान्ड भी चौड़ी हो गई थी। मैं भी जवान हो गया था।

अब दीदी को दुसरे बाहों में देखकर मुझे गुस्से आने लगा था। दीदी की चाल भी बदलने लगी थी। वो बहुत ज्यादा नंदु के करीब पहुंच गई थी। वो नंदु से चुदने के बेताब हो रही थी लेकिन मैं साथ में रहता तो अपनी मन मार लेती थी। एक दिन तो दीदी ने खुलकर बोल दी कि आज मैं अकेली जाउंगी नंदु से मिलने।

तो मैंने कहा क्यों आज नंदु से चुत मरवाएगी तो दीदी बोली है भाई अब मुझे भी मन करता है। तो मैंने कहा ठीक है दीदी दीदी जब तुझे चुदने को मन करता है तो मैं तुझे चोदुगा किसी और से तुझे चुदने की जरूरत नहीं है। तो दीदी बोली.. ये तु क्या बोल रहा है।

तो मैंने बोला..हा दीदी ठीक बोल रहा हूं। मेरे होते कोई और मेरी बहन को चोदे ये मुझे बर्दाश्त नहीं है. तो दीदी बोली.. हर किसी कि बहन दुसरे से ही चुदतीं है। तो मैंने बोला… हां शादी के बाद चुदतीं है पहले नहीं जब तक तुम कुंवारी हों तब तक सिर्फ मेरी हों।

तो दीदी बोली.. कहीं सुना है लोगों को अपनी बहन को चोदा है तो मैंने कहा… ऐसी बातें फैलाई नहीं जाती है लेकिन अधिकतर लोग अपनी बहन को चोदते है जब तक वो कुंवारी होती हैं अधिकांश तो शादी के बाद भी अपनी बहन को नहीं छोड़ते है। ताऊ उम्र तक मौका पाकर चोदते रहते हैं।

तो दीदी बोली ठीक है लेकिन पहली बार आराम से करना अभी मेरी चुत कि सील नहीं टुटी है। तो मैंने कहा.. ठीक है दीदी और उसे घर के पिछवाड़े में ले गया और बोला दीदी आज तो नंदु तेरी इन्तजार करता ही रह जाएगा। तो दीदी बोली.. उससे लाख गुना अच्छा मुझे तु मिल गया है। सच कहूं तो मैं तुम्हें ही चाहतीं थीं लेकिन कुछ कहने से डरती थी। अच्छा हुआ जो तु खुद बोल दिया भाई जैसा भतार हर लड़की चाहती है।

इतना बोलकर दीदी मेरे से लिपट गई तो मैं भी दीदी को अपनी बाहों में भरकर उसकी होंठों को चूसने लगा मेरे लिए उस वक्त किसी जन्नत से कम नहीं था क्योंकि पहली बार दीदी मेरी बाहों में थी। मैं उसकी होंठों को चूसते हुए उसकी बड़ी-बड़ी दोनों चूचियों को उपर से ही दबा रहा था उसकी चूची बहुत ही टाईट थी।

थोड़ी देर बाद मैं दीदी की सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और उसकी मुलायम बुर को सहलाने लगा दीदी की चुत पर एक भी बाल नहीं था। तो मैंने दीदी से पूछा.. दीदी अपनी झांट आज ही साफ की हों। तो दीदी बोली.. हां भाई मैंने नंदु के लिए की थी। तो मैंने दीदी को गाली देते हुए बोला.. अब उस साले का नाम मत लेना तुझे जो भी चाहिए मैं दुग्गा। तो दीदी डरकर चुप हो गई बोली ठीक है।

उसके बाद मै दीदी को घर के पिछवाड़े से थोड़ी दूर ले गया क्योंकि मुझे पता था कि दीदी की चुत में पहली बार लन्ड घुसाऊंगा तो दीदी चिल्लाएगी। इसलिए गांव से बाहर झाड़ी में ले जाकर उसके एक एक करके सभी कपड़े उसकी बदन से जुदा कर दिया और मैं भी नंगा हो गया.

फिर दीदी को जमीन पर लेटा दिया और उसकी दोनों टांगों को फैलाकर बिच में बैठ गया और उसकी चुत में अपने लन्ड को घुसाने लगा. अंधेरा काफी था जो मुझे दीदी की छेद नहीं दिख रहा था तो दीदी ने खुद मेरे लन्ड पकड़कर अपनी छेद पर सेट किया तो एकदम जोर से पेल दिया.

दीदी की चुत फाड़ते हुए मेरा लन्ड अन्दर घुस गया दीदी ज़ोर से चिल्लाने लगी थी तो मै घबड़ा गया था. लेकिन मेरे वासना उफ़ान पर था जो मैं दीदी को और कस कर पकड़ लिया ताकि दीदी छटपट न करें और लगातार पेलता रहा. दीदी दर्द से रोने लगी थी फिर मुझे दीदी के उपर थोड़ा भी दया नहीं आया मैं बेरहमी से दीदी को चोद रहा था।

धीरे धीरे दीदी बिल्कुल शान्त हो गई तो मैं डर गया। उसके मुंह में उंगली डालकर देखा तो दीदी को दादा के उपर दाद लग गई थी जो किसी छोड़ा दिया ऐसा इसलिए हुआ था कि दीदी पहली बार चुद रही थी उसकी चुत कि सभी सील टूटनें के वजह से उसे काफी दर्द हो रही थी।

दर्द तो मुझे भी हो रहा था क्योंकि मेरे लन्ड के सील भी तभी टुटा था लेकिन मेरे अंदर वासना इतना अधिक बढ़ा था जो दर्द उतना महसूस नहीं हो रहा था। मैं दीदी को करीब 30 मिनट तक चोदता रहा तब जाकर मैं अपनी विर्य दीदी की चुत के अंदर ही छोड़ दिया विर्य इतना निकला जो दीदी चुत भर गया था।

दीदी की हालत गंभीर हो गई थी उठ नहीं पा रही थी तो मैंने उसे कपड़े पहनाया फिर अपने कन्धों के सहारे घर पर लाया संयोग से उस वक्त घर पर मम्मी नहीं थी धीरे से दीदी को बेड पर लिटा दिया। अगले दो दिन तक दीदी बेड पर ही लेटीं रहीं जब मैंने दीदी को दवा लाकर खिलाया तब जाकर वो फिर से घूमने फिरने लगी।

इधर नंदु परेशान हो रहा था क्योंकि दीदी उससे दो दिनों से मिल नहीं रही थी एक बार नंदु ने मुझसे पूछा क्या बात है अब तुम्हारी दीदी मुझसे मिलने नहीं आती तो मैंने कहा अब भुल जाओ अब नहीं मिलेगी, और पटा लो. तो बोला कुछ तो बात होगी तो मैंने कहा कोई बात नहीं बस हों गया सो हो गया।

उसके बाद मै दीदी को पांच दिनों तक कुछ नहीं बोला छठे दिन बहुत बढ़िया मौका मिल गया उस दिन घर में कोई नहीं था सिर्फ मैं और मेरी दीदी थी मम्मी बाकी बच्चों को लेकर सुबह 9 बजे ही माइके चलीं गईं थीं। दीदी खाना पीना खाकर कमरे में सो रही थी तभी मैं पहुंच गया और अंदर से किल्ली ठोंक दिया.

फिर दीदी के बगल में लेट गया और उसके उपर अपने टांगें फेरकर उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां को मसलने लगा दीदी जाग गई तो नाकर नोकर करने लगीं थीं मुझे चुत मारने नहीं दे रहीं थीं। बोल रही थी मेरी चुत में जलन हो रही है। तब भी मैंने जबरदस्ती करके उसकी लोवर को खींचकर निकाल दिया ऊपर में दीदी शर्ट पहनी थी तो उसकी एक-एक बटन खोल दिया और उसकी दोनों चूचियों को पकड़कर दबाने लगा।

दीदी को मैं पहली बार दिन के उजाले में नंगी देखकर मैं मदहोश हो गया था दीदी चिकनी बदन और गुलाबी बुर और गोल गोल चूचियां मस्त लग रही थी। दीदी ज्यादा झटपट कर रही थी इसलिए मैंने बिना देर किए बगैर झट से उसकी बुर में अपनी लन्ड डाल दिया और दीदी को चोदने लगा।

थोड़ी देर बाद दीदी आराम से मेरे लन्ड को अपने अंदर लेने लगी अपनी गान्ड उठा उठा कर अब दीदी थोड़ा भी विरोध नहीं कर रही थी बल्कि सपोर्ट करने लगी थी। थोड़ी देर बाद मैंने दीदी को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी कमर पकड़कर चोदने लगा.

दीदी मेरी आह उह उउउफ ओह भाई करके सिसकारियां भरने लगी थी और बोलने लगी भाई और जोर जोर से से चोदो मुझे और धक्का मारकर चोद ले अपनी दीदी को चोद चोदकर मुझे प्रेग्नेंट करदे मुझे अपने बच्चों की मां बना दे मुझे।

दीदी बोल रही थी तो मेरे अंदर और भी जोश भर गया था तो मैंने दीदी को पलंग पर लेटा है और मैं खुद नीचे खड़े हों गया तो दीदी ने दोनों टांगे फैलाकर अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपनी बुर आगे कर दीं तो मैं दो फिट पीछे हट हटके जोर जोर से धक्का मारकर दीदी को चोदने लगा.

तो दीदी बोली ठीक भाई ऐसे ही चोदो मुझे बहुत मजा आ रही है तुमसे चुदकर अब रोज मुझे चोदकर खुश करते रहना जो होगा देखा जाएगा। काफी देर तक दीदी को चोदने के बाद दीदी की बुर में ही अपना वीर्य छोड़ दिया। दोस्तों.. अगले एक हफ्ते तक मम्मी मायके से नहीं आई इस दौरान मैंने दीदी को रात दिन में अनगिनत बार चोदा पूरी पूरी रात मैं दीदी को नंगी करके रखता था। इसी एक हफ्ते में मैंने दीदी को प्रेग्नेंट भी कर दिया। उसके बाद क्या हुआ अगले भाग में बताऊंगा कैसी लगी मेरी यह रियल कहानी कमेंट में जरूर बताना।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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