hot mausi xxx kahani
इस हॉट मौसी Xxx कहानी में मेरी दूर के रिश्ते की मौसी मुझ पर डोरे डाल रही थीं. रात को वे बहाने से मेरे बेड पर सोयी और मुझे चूमना शुरू कर दिया. वे मेरे लंड के नीचे आकर चुद गईं.
दोस्तो, मेरा नाम अमित है और मैं अहमदाबाद गुजरात का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ.
आज मैं आपको अपनी और डिंपल मौसी की सच्ची सेक्स कहानी पेश कर रहा हूँ … आनन्द लीजिए हॉट मौसी Xxx कहानी का.
ये बात उन दिनों की है, जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था और जवानी के फुल जोश में था.
यह वाकया तब का है, जब मैं एक रिश्तेदार की शादी में गया हुआ था.
मैं रिश्तेदारों से ज़्यादा मिलता नहीं था इसलिए उस शादी में मेरा काफी सारे रिश्तेदारों से परिचय हुआ.
ऐसे ही पहचान करते-करते मेरे एक रिश्तेदार ने मेरी पहचान डिंपल मौसी से करवाई.
उस वक्त मैं उनसे दूर था और काफी सारे रिश्ते बताए जा रहे थे तो मैं एकदम से सबको समझ नहीं पा रहा था.
डिंपल मौसी मेरी दूर के रिश्ते में मौसी लगती थीं और वे अहमदाबाद में ही रह कर जॉब करती थीं.
वे 35 साल की एकदम फली-फूली फिगर की मालकिन हैं.
इधर मैं आपको डिंपल मौसी के फिगर के बारे में भी बता दूँ.
उनके बूब्स की साइज 36 की थी, कमर 32 और गांड 42 की थी.
यह सब उन्होंने ही मुझे बाद में बताया था.
उस दिन हुआ यूं कि डिंपल मौसी ने मुझे मिलते ही गले लगा लिया क्योंकि मैं रिश्ते में उनकी बहन का लड़का लगता हूँ, तो वे तो मुझे पहचान गई थीं लेकिन मैं उन्हें नहीं पहचान पाया था.
उनके गले लगते ही उनके बड़े-बड़े दूध मेरी छाती पर गड़ने लगे थे.
उनके गले लगने का अंदाज़ मुझे काफी अजीब लगा.
जब उन्होंने मुझे बताया कि वे मेरी मौसी हैं तो मैंने उनके गले लगने वाली बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.
मैंने उन्हें ‘नमस्ते’ किया, तो वे मुझे पकड़े हुई ही मुझसे लाड़ जताने लगीं.
मुझे भी यह सब सहज ही लग रहा था.
अब वे मुझसे हर समय बात करती रहती थीं और मुझे भी उनसे बात करने में अच्छा लगने लगा था.
शादी से एक दिन पहले की रात को सब रिश्तेदारों ने खूब गाना-बजाना किया और थक कर सो गए.
मुझे सिगरेट का सुट्टा मारने की आदत है तो मैं गाना-बजाना खत्म करके सुट्टा लगाने बाहर चला गया था.
मैं जब वापस लौटा तो सब सो चुके थे. मैं सोने के लिए जगह ढूँढते-ढूँढते हॉल की ओर चला गया.
जैसे ही मैं हॉल में गया, तो मैंने देखा कि कुछ लेडीज़ वहां हॉल में कपड़े चेंज कर रही थीं और हॉल का दरवाज़ा उन्होंने गलती से खुला छोड़ दिया था.
जब मैंने ध्यान से देखा, तो डिंपल मौसी भी वहीं पर थीं और वे ऊपर से नंगी थीं.
मुझे उनके दूध के दर्शन हो गए.
आहा … एकदम खरबूज जैसे दूध थे उनके, मैं तो देखता ही रह गया.
फिर मैं वहां से चुपचाप चला गया.
कुछ पल बाद मुझे एक कमरे में सोने के लिए खाली बिस्तर दिख गया, तो मैं उसी पर जाकर सो गया.
कुछ देर बाद कमरे की लाइट ऑन हुई, तो मैं जाग गया.
मैंने देखा कि मेरे सामने डिंपल मौसी खड़ी थीं.
उन्होंने मुझे जागा हुआ देखा तो बोलीं- अमित, अगर तुमको दिक्कत ना हो तो क्या मैं तुम्हारे साथ सो सकती हूँ? क्योंकि सारे कमरे फुल हैं और बाहर ठंड भी बहुत है.
मैंने उनके रसभरे मम्मों को याद करते हुए कहा- हां हां मौसी मुझे कोई दिक्कत नहीं है … आप इधर सो जाइए, मैं हॉल में सो जाता हूँ.
तो मौसी ने कहा- अरे तुम बाहर क्यों सोओगे? बाहर बहुत ठंड है, तुम इधर ही मेरे पास सो जाओ न!
उनके ज्यादा जोर देने पर मैं मान गया.
जैसे ही मैं अपने लिए एक गद्दा उठा कर नीचे बिछाने लगा, तो उन्होंने मुझे डांटते हुए कहा- तुम अपना गद्दा नीचे क्यों लगा रहे हो? तुम मेरे साथ बेड पर ही सो जाओ न!
मैं मान गया क्योंकि कंबल आदि भी नहीं दिख रहा था.
बेड पर लेटने के बाद मैं काफी देर तक करवटें बदलता रहा, मुझे नींद ही नहीं आ रही थी.
कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मौसी ने अपना एक पैर मेरे पैर पर रख दिया है.
मुझे लगा शायद मौसी ने नींद में पैर रख दिया होगा.
कुछ देर बाद मौसी ने अपना हाथ मेरे पेट पर रखा तो मुझे जरा सा शक हुआ.
मैं सोने का नाटक करता रहा.
फिर धीरे-धीरे मौसी मेरे करीब आने लगीं और उनकी गर्म सांसें मुझे महसूस होने लगीं.
कुछ देर बाद मौसी ने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए.
उनकी इस हरकत से मैं तो एकदम चौंक गया पर मैं फिर भी सोने का नाटक करता रहा.
जैसे ही उन्होंने मुझे किस करना शुरू किया, मेरा लंड टाइट होने लगा और मौसी को भी यह बात पता चल गई.
उन्होंने धीरे से मेरे कान में कहा- जब तुम्हारा लंड जाग रहा है, तो तुम क्यों सोने का नाटक कर रहे हो?
उनके लंड बोलते ही मैं भी किस में उनका साथ देने लगा.
कुछ देर किस करने के बाद हम अलग हुए, फिर मौसी ने मुझसे कहा- मैंने तो जबसे तुझे देखा है, तबसे तुझसे चुदना चाहती थी!
मैंने उन्हें चूमा और कहा- तो देर किस बात की है मौसी … खोल दो न अपनी जवानी की दुकान और ले लो मेरे लंड का स्वाद!
वे हंस दीं और बोलीं- हां, अभी तुझे चखती हूँ.
यह कह कर उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने मम्मों पर रख दिया.
मैंने भी उनके दूध दबाए और कुछ ही देर में उनकी नाइटी के ऊपर से उनके एक दूध को मुँह में भर लिया.
वे मस्ती से आह आह करने लगीं और मेरे सर को अपने मम्मों में दबाती हुई मुझसे अपने चूचे चुसवाने लगीं.
उनके दूध बेहद रसभरे थे और काफी टाइट थे.
मैंने पूछा- क्या साइज़ है इनका?
मौसी वासना से बोलीं- तुझे नहीं पता चल रहा है क्या?
फिर उन्होंने मुझे अपना साइज़ बताया और मुझसे मस्ती करने लगीं.
मौसी- क्या सच में तुमने किसी के दूध नहीं देखे हैं?
मैंने कहा- मैं तो आज पहली बार किसी के दूध पकड़ रहा हूँ!
वे हंस दीं और बोलीं- अरे … इसका मतलब तू कुंवारा है?
मैंने कहा- हां अभी तक तो हूँ … पर आज के बाद नहीं रहूँगा.
वे बोलीं- यह तो मेरा सौभाग्य है कि मुझे कुंवारा लंड मिलने वाला है.
मैंने मौसी के दूध के निप्पल को अपने दांतों से चुभलाया और खींच कर छोड़ दिया.
फिर मैंने कहा- आज तो आप मेरे लंड की नथ उतारेंगी मतलब?
वे बोलीं- हां और तुझे नेग भी दूँगी.
मैंने कहा- नेग में क्या मिलेगा?
वे बोलीं- मैं तुम्हारे लंड को मुँह में लेकर चूस लूँगी.
मैंने कहा- यह इनाम तो आपको मिला कहलाएगा!
वे बोलीं- तो तू बता कि तुझे क्या चाहिए?
मैंने मौसी की गांड पर हाथ फेर कर कहा- इधर से तो शायद आप भी कुंवारी ही होगी?
वे समझ गईं और बोलीं- हां उधर का छेद तो सील बंद है लेकिन सुना है कि बहुत दर्द होता है.
मैंने कहा- हां दर्द तो होता है लेकिन तैयारी करके किया जाए तो उधर भी मजा आता है.
वे हंस कर बोलीं- तो क्या तुझे किसी लड़के की गांड मारने का अनुभव है?
मैंने कहा- नहीं मौसी मेरा लंड एकदम कुंवारा है और मैं गे भी नहीं हूँ.
वे बोलीं- चलो अब देर न करो … अभी मेरी चुत की खुजली मिटाओ पहले, फिर देखती हूँ कि तुझे क्या क्या इनाम दे सकती हूँ.
मैंने भी देर न करते हुए अपने सारे कपड़े उतार दिए और मौसी को भी नंगी कर दिया.
अब मेरे सामने मौसी के रसभरे आम नग्न हो गए थे और मैं एक-एक करके उन्हें चूस रहा था.
मौसी भी काफी समय से चुदी नहीं थीं क्योंकि उनकी शादी तो हुई थी पर कुछ सालों में ही उनका डाइवोर्स हो गया था.
मैंने अपना लंड मौसी के हाथ में दे दिया.
लंड को देखते ही मौसी बोलीं- तेरा तो बहुत बड़ा है … मैंने आज तक इतना बड़ा लंड अपने हाथ में ही नहीं लिया!
यह कह कर मौसी ने लंड को सीधा मुँह में ले लिया और वे भूखी शेरनी की तरह लंड को चूसने लगीं.
काफी देर तक लंड चुसाई के बाद मैंने उनके मुँह में ही अपना माल गिरा दिया और वे सारा माल पी भी गईं.
फिर मैंने मौसी की चुत में उंगली करना शुरू किया.
जैसे ही मैंने उंगली डाली, तो मुझे उनकी चुत की नमी महसूस हुई.
अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए; मैं उनकी चुत चाट रहा था और वे मेरा लंड मुँह में ले रही थीं.
कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मौसी बोलीं- तेरा तो बड़ी जल्दी इरेक्ट हो गया?
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- हां इसको भी आपकी चुत पसंद आ गई है!
वे बोलीं- तो देर क्यों कर रहे हो … पेल दो न!
यह सुनकर मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और उनको सीधा लेटा कर उनके पैर मोड़ कर उनके ही कंधों पर अड़ा दिए.
इस पोजीशन में आने से मौसी की चुत व गांड नीचे से साफ लपलप करते हुए दिखने लगे थे.
मैंने एक हाथ से उनके पैर दबाए रखे और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़ कर उनकी चूत के मुहाने पर सैट कर दिया.
मौसी की चुत से रस रिस रहा था.
लंड लगाते ही मौसी ने गांड मटका कर लंड अन्दर लेने की कोशिश की.
मैंने भी देर न करते हुए एक ज़ोरदार धक्का दे मारा.
पहले ही शॉट में मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुसता चला गया.
वे दर्द से चिल्ला उठीं, तो मैंने तुरंत अपने हाथ से उनका मुँह बंद कर दिया ताकि उनकी आवाज़ कमरे से बाहर न जा सके.
कुछ देर मैंने लंड को उनकी चूत में वैसे ही रहने दिया.
फिर जैसे ही मौसी थोड़ी नॉर्मल हुईं, मैंने एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया.
मौसी की आंखों से दर्द के मारे आंसू निकल गए थे और वे छटपटाने लगी थीं.
कुछ देर बाद हॉट मौसी सहज हो गईं और चुदाई का मज़ा लेने लगीं.
अब वे उत्तेजित होकर कहने लगीं- अमित मुझे और तेज़ तेज़ चोदो!
मैं धकापेल चुदाई करने लगा तो वे भी साथ देने लगी थीं.
मैंने उन्हें लगातार 25 मिनट तक चोदा और झड़ गया.
इस दौरान वे दो बार झड़ चुकी थीं.
झड़ कर मैं भी काफी थक गया था तो उनके बाजू में ही लेट गया.
मौसी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून था, क्योंकि काफी सालों बाद उनकी प्यास बुझी थी.
फिर मौसी ने मुझे किस करते हुए कहा- अमित तूने आज मेरी बरसों की प्यास बुझा दी. अब जब भी मेरा मन करेगा, मैं तुझसे ही चुदवाऊंगी. आज से मैं तेरी रानी हूँ, तेरा जब भी मन करे तू मेरी ले सकता है!
मैंने कहा- और इनाम?
वे बोलीं- गांड चुदाई मिलेगी … पर बाद में, अभी मैंने तेरे लिए किसी दूसरी चुत का इंतजाम कर सकती हूँ.
मैंने कुछ नहीं कहा.
उसके बाद शादी के उन दिनों में मैंने Xxx मौसी को दो बार और चोदा.
आखिरी दिन वे एक लड़की को ले आईं और उसको भी मैंने नंगी करके चोद दिया.
वह चुदी चुदाई लौंडिया थी तब भी उसकी लेने में भी मुझे मजा आ गया था.
अब तो आलम यह है कि मेरा जब भी मन करता है, मैं मौसी को होटल ले जाकर पेल देता हूँ.
इसी के साथ उनकी गांड में एक बट प्लग लगा कर गांड को ढीली करने का काम भी चल रहा है.
मौसी की कुंवारी गांड मेरे लंड के मुताबिक होते ही मैं उनकी गांड चुदाई का मजा भी ले लूँगा.
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।