कॉलेज के क्रश को शादी के बाद चोदा- 1

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हॉट मैरिड गर्ल फक स्टोरी में एक लड़की मुझे बहुत पसंद करती थी, मैं भी उसे चोदना चाहता था पर बिना कमिटमेंट के. उसकी शादी हो गयी. एक बार उसने मेरे स्टेटस से देखा कि मैं उसके शहर में हूँ.

फ्रेंड्स, मैं अजय आज आपको अपनी सबसे हॉट मैरिड गर्ल फक स्टोरी बताने जा रहा हूँ.

मेरे कॉलेज में मेरे ग्रुप की एक लड़की थी, जिसका नाम अनुश्री था.
उसको मैंने उसकी शादी के बाद चोदा था.

वह मुझे पसंद करती थी और मैं उसका क्रश था.
यह बात वह मुझे बता चुकी थी और मुझसे बहुत प्रभावित थी.
ये मुझे पता था … क्योंकि मैं पढ़ाई में भी अच्छा था, अच्छा दिखता भी था, खेलता भी था.
मतलब उसके लिए मैं परफेक्ट था.

उसको चाहिए था सीरियस रिलेशनशिप … और मैं वह सब चाहता नहीं था, इसलिए कभी हम दोनों ने उस तरह से बात नहीं की.
बस हम दोनों एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बने रहे.

उसकी शादी हो गई और उसकी शादी हुए एक साल हो गया था.

एक बार मैं किसी काम से पुणे था.
मेरी इंस्टा स्टोरी देखकर उसे पता लग गया कि मैं पुणे में हूँ.

उसका मैसेज आया- हैलो अजय, क्या तुम पुणे आए हो?
मैंने मैसेज देखा और रिप्लाई किया- हाय अनुश्री … हां मैं पुणे आया हूँ. तुम किधर हो?
उसका रिप्लाई आया- अरे यार मैं आजकल पुणे में ही रहती हूँ. तुम ये बताओ कि अभी कहां हो? मैं तुम्हें लेने आती हूँ.

मैंने बोला- बस अभी अभी होटल के लिए कैब ली है.
वह बोली- अरे किसी होटल-वोटल में जाने की जरूरत नहीं है. मेरा घर है न, तुम बस मेरे घर रुक रहे हो.

मैं बोला- घर कब ले लिया तुमने यहां?
वह बोली- तुम आओ तो यार, सब बताती हूँ. मैं लोकेशन सेंड कर रही हूँ.

उसने लोकेशन भेजी तो मैंने कैब की लोकेशन चेंज की और उसके घर आ गया.

उसके घर को देखकर मैंने तारीफ की- अच्छा फ्लैट सजाया है अनुश्री … गुड जॉब!
वह हंसी और बोली- थैंक्यू अजय.

उसके बाद उसने मुझे मेरा रूम दिखाया.
मैं चेंज करके आया तो उसने कॉफ़ी पकड़ाई और हम हॉल में सोफे पर बैठ गए.

वह बोली- और बताओ, कैसे आना हुआ पुणे?
मैं बोला- काम था, मेरी छोड़ो. ये बताओ घर कब लिया … और हबी किधर हैं तुम्हारे?

वह बोली- यार, मेरा हेड ऑफिस यहां है. 3 महीने के लिए फिजिकल जॉब हो गया है इसलिए यहां शिफ्ट करना पड़ा और फ्लैट रेंट पर ले लिया. हबी अभी उधर अपनी जॉब में ही हैं. मैं इधर अकेली रह रही हूँ.
यह कह कर वह हंस दी.

मैं बोला- बढ़िया है, पतिदेव को अकेला छोड़ दिया.
वह हंसी और बोली- मजबूरी है, क्या करती?

थोड़ी देर हमने बातें कीं.
हम दोनों ही को सिगरेट पीने की लत थी तो सिगरेट पीते हुए बात करते रहे, फिर सोने चले गए क्योंकि अगले दिन हम दोनों का ऑफिस था.

अगले दिन शाम को हम दोनों ऑफिस करके आए और फ्रेश होकर बैठ गए.
अब अगले 2 दिन छुट्टी थी … सैटरडे और संडे.

मैंने भी टिकट संडे की रात का कराया था कि फ्राइडे काम करके 2 दिन पुणे में थोड़ा घूम लूँगा.

हम दोनों ने अपनी ड्रिंक बनाईं.
अनुश्री ने वाइन ली और मैंने एक पैग बनाया.

थोड़ी देर तक हम बातें करते रहे और अच्छे सुरूर में आ गए.

अनुश्री बोली- तुमसे तो मैं शादी कर लेती अजय, मेरे लिए तो तुम परफेक्ट थे. बस तुमको ही प्यार नहीं करना था!
मैं बोला- हां यार, कभी-कभी लगता है कर लेना था प्यार. एक अच्छी लड़की हाथ से निकल गई.

फिर हम दोनों हंसने लगे.
मैंने बोला- सही में यार, मुझे कर लेना था प्यार … वैसे भी तुम मुझे अच्छी भी लगती थी, बस पास्ट एक्सपीरियंस की वजह से, यू नो?

वह बोली- कोई नहीं अब जो हुआ, अच्छा हुआ. ज्यादा क्या सोचना. अब कोई फर्क नहीं पड़ता. हम दोनों अब जिम्मेदार हैं और अपना अच्छा बुरा सोच सकते हैं.
मैं हूँ कह कर सिगरेट सुलगाने लगा.

वह बोली- अच्छा, ये बताओ … मुझमें क्या अच्छा लगा तुम्हें? ये तो मुझे जानना है. मुझे तो पता ही नहीं था कि यू आल्सो लाइक मी. मुझे तो लगता था तुम मुझे नोटिस भी नहीं करते.
मैं चुप रहा.

उसने भी एक सिगरेट सुलगा ली और फिर से टोका- बताओ न!
मैं बोला- यार, तुम इतनी खूबसूरत हो तो तुम्हें कौन पसंद नहीं करेगा?
यह सुनकर वह शर्मा गई.

वह बोली- नहीं तुम घुमा रहे हो, सच सच बताओ ना यार!
मैं बोला- अनुश्री, तुम मेरी फैंटसी हो इस हद तक इमेजिन किया है तुम्हें. कोई ऐसी पोजीशन नहीं होगी, जिसमें मैं तुमको अपने साथ सेक्स में इमेजिन न किया हो.

मैं जब सेक्स की बात कही तो अब अनुश्री भी मूड में आ गई.
वह बोली- हम्म … बताओ किस हद तक किया है अजय. मैंने भी तुम्हें हर एंगल से इमेजिन किया है. यू आर किंग ऑफ माय ड्रीम्स!

मैं बोला- जो फेयरवेल में तुमने पिंक साड़ी पहनी थी, उस दिन तुम्हें देखकर बस मन कर रहा था कि तुमको कस के पकड़ लूँ और पूरी रात तुम्हें प्यार करूँ. तुम्हारी साड़ी को उतार कर तुम्हारे जिस्म के हर भाग को जीभ से चाट कर तुम्हें चख लूं … और …

वह न.शीली आंखों से मुझे देखती हुई बोली- और .. क्या और?
मैंने- और तुमको अपनी तीसरी टांग से जी भर परेशान करूँ.

यह सुनकर माहौल में थोड़ी शांति सी छा गई.
थोड़ी देर की खामोशी के बाद अनुश्री ने उठकर लाइट ऑफ की और आकर मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

मैं पीछे हट गया और बोला- अनुश्री तुम अब किसी की पत्नी हो!
वह बोली- अजय चुप रहो … आज मैं तुम्हें पा लेना चाहती हूँ. मैं अपने पति राजीव के साथ तुम्हें इमेजिन करके सेक्स करती हूँ, लेकिन मेरे साथ तुम नहीं होते थे और ना बन भी सकते थे. मैं अपने पति की पहली गर्लफ्रेंड और बीवी हूँ. लेकिन तुम मेरे लिए बहुत खास हो … मेरे पति से ज्यादा खास!

ये बोलकर उसने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए और मेरी टी-शर्ट उतार दी.
मेरी छाती पर हाथ रखकर मेरी गर्दन को चूमना शुरू किया.

कमाल के होंठ थे उसके … मखमल जैसे.

फिर वह मेरी तरफ देखकर बोली- जैसा सोचा था, वैसे ही फिट निकले तुम तो!

अब मैंने उठकर अनुश्री को प्यार से नंगी करना शुरू कर दिया.
उसने भी साथ दिया.
मैं अपने दोनों हाथों से उसे उठाकर बेडरूम में ले आया.

मैं उसे नंगी देखता हुआ बोला- डियर अनुश्री, तुम मेरी 6 साल की फैंटसी हो. तुमसे मेरी शादी नहीं हुई तो क्या? आज तुम्हारे पति के अधिकार वाले इस बेड पर तुम्हारी असली सुहागरात होगी क्योंकि आज के बाद तुम मेरे बिना रह नहीं पाओगी!
अनुश्री बोली- नहीं, आज फर्स्ट एंड लास्ट होगा अजय क्योंकि जो करना था … वह कर लूँगी मैं!
मैं बोला- ओके, मुझे मंजूर है.

आज मुझे अनुश्री को प्यार से चोदना था.
मैंने उसकी टांगें खोलकर उसकी चुत पर मुँह लगाया और उसे चूसने लगा.
अनुश्री मजे में चूर होकर पागल हो रही थी.

वह मजे में मेरे मुँह को अपनी चुत पर दबाने लगी, मेरे सर के बाल पकड़कर नोचने लगी.

कमाल की चुत थी अनुश्री की … उसकी चुत के दोनों होंठों को मैं काट-काटकर खा रहा था और जीभ से पिंक चुत को चूस रहा था.
मजे में पागल होकर अनुश्री बोली- कमाल हो यार अजय … जैसा मैंने तुम्हारे वाले पति में कल्पना की थी, तुम उससे ज्यादा मजबूत और स्पेशल हो!

मैं अनुश्री को चूमने लगा और वह मेरे लंड को पकड़ कर जोर-जोर से हिलाने लगी.
मैंने अनुश्री के दोनों हाथों को अपने हाथों से पकड़ कर हटाया और कमर को हिला कर अनुश्री की चुत पर लंड टिकाया.

वह गांड उठा कर लंड लेने की कोशिश करने लगी थी कि तभी मैंने एक जोरदार झटका दे मारा.
मेरा लंड चुत की दरार को चीरता हुआ चुत की जड़ में गड़ गया.
लंड की मोटाई और लंबाई ने अनुश्री की चुत को फाड़कर रख दिया.

मेरे लंड की करामात अनुश्री के चेहरे पर साफ झलक रही थी.
वह दर्द से कराह रही थी लेकिन न तो उसने अपने मुँह से एक आवाज निकाली और न ही मुझसे रुकने के लिए कहा.

उल्टा उसने मुझे कसके खुद से चिपका लिया था और मीठे दर्द से मस्त हो रही थी.
मैंने प्यार से अनुश्री के सर को सहलाया और उसके होंठों को चूसने लगा.

फिर गाल को किस करके कमर को पीछे किया और लंड को चुत से निकाला. वह कुछ समझ पाती कि मैंने दुबारा से एक जोरदार झटका दे दिया और लंड चुत की दीवारों की गर्मी को झेलता हुआ किसी मिसाइल की तरह अन्दर घुसता चला गया.
आह … मुझे खुद भी लगा कि मेरा लंड, उसकी चुत की तप्त भट्टी में बेखौफ दनदनाता हुआ अन्दर तक घुसता चला गया है.

मेरा ये दूसरा झटका इतना तेज था कि लंड चुत में ‘फच’ की आवाज के साथ गड़ गया था.
अनुश्री उस जोरदार झटके से पूरा हिल गई थी.

इससे पहले कि अनुश्री खुद को संभाल पाती, मैंने उसकी चुत में तूफान ले आया और उसकी चुत में रेलगाड़ी चला दी.
मैं उसे धक्कम-पेल पेलने लगा.

अनुश्री को अब मजा आने लगा और वह भी साथ देने लगी.

बीस मिनट की इस भीषण चुदाई में अनुश्री झड़ गई.

मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अनुश्री को लंड पर झुका दिया.
वह लंड को चूसने लगी.

मैं बोला- कॉलेज में ही ये मजा दे देती अनुश्री, तो क्या पता मैं इस चुत का ओरिजिनल मालिक होता और जब मन करता, तब तुम्हें चोद लेता. समुंदर किनारे रेत में धँसा-धँसा कर चोदता, पहाड़ों की वादियों में चुत का भोसड़ा बनाता. तुम्हें हर रोज प्यार करता … रोज लंड चुसाता … आह बहुत देर कर दी सनम आते-आते!

अनुश्री बोली- तुम भी तो सीधे रह गए, कभी दूसरे एंगल से अप्रोच ही नहीं किया. करते तो मैं आराम से दे देती … बिना कुछ पूछे. आज ही देख लो, तुमको तड़पाया नहीं, सीधे चुत दे दी. मैं तो चाहती थी तुम मेरी लेने के बहाने ही अप्रोच करो. मैं तो चाहती थी तुम पेलो, मैं तुम्हारे लंड को चूसूँ, तुमको अपने बूब्स पिलाऊं. तुम मुझे हर तरीके से चोदो … लेकिन तुमको तो साले शरीफ बनना था न!

अनुश्री एकदम खुलकर बात कर रही थी.
उसका ये बेशर्म रूप मैंने पहली बार देखा था.

नॉर्मली सधी हुई बातें, हिंदी से ज्यादा अंग्रेजी में बातें, एकदम अनुशासन में पिरोई हुई बातों के अलावा जा तक मैंने उसकी ये जुबान कभी नहीं सुनी थी.

अब मैंने अनुश्री को घोड़ी बनने को कहा.
वह फट से बन गई.

उसे घोड़ी बनाकर उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और उसके ऊपर चढ़कर चुदाई करने लगा.

अनुश्री ने मस्ती में अपना सर गद्दे में टिका लिया और गांड को हिला हिला कर चुत देने लगी.

थोड़ी देर मैंने उसके बालों को पकड़ कर लगाम बनाई और अनुश्री पर घुड़सवारी करने लगा.

उसकी गांड पर चांटे बरसा-बरसा कर उसे बजाने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने लंड चुत से निकाला और अनुश्री को सीधा लिटा दिया.
मैं लेटकर उसके बूब्स चूसने लगा, उन्हें पीने लगा.

अनुश्री हांफती हुई अपने बूब्स चुसवाने लगी और बोली- मनीषा ने तुम्हारे बारे में ग्रुप में सही कहा था. तुम देखने में ही क्यूट, हैंडसम, शरीफ लगते हो, लेकिन बेड पर तुम मॉन्स्टर हो!

मैं हंसा और बोला- एक्सेप्ट यू डार्लिंग … एवरीवन नोज कि मैं मॉन्स्टर हूँ!
यह कह कर मैंने उसके बूब्स को हल्का सा काटा, फिर दोनों हाथों से बूब्स को निचोड़ने लगा.

मैं बोला- सुन लिया न कि सिर्फ आप रह गई थीं मैडम … और मैं आपकी शराफत को बदनाम नहीं करना चाहता था. कभी ऐसा मौका मिलता, जहां तुम मुझे अकेले मिलतीं, तब मैं पक्का तुम्हें चोदता और खूब चोदता … और उस बात को हम दोनों के अलावा कोई नहीं जानता.

वह मेरी आंखों में प्यार से बस देखे जा रही थी.

मैं आगे बोला- तुम्हारे सारे फ्रेंड्स को ये इंस्ट्रक्शन थी कि तुम तक ये बात नहीं पहुंचनी चाहिए कि उन सबको मैं चोदता हूँ. उनको पता था मैं अनुश्री की बहुत इज्जत करता हूँ!
यह सुनकर अनुश्री शॉक्ड रह गई.

वह बोली- कौन-कौन सी कुतिया थी उनमें?
उसकी आवाज में उत्सुकता थी कि इतनी बड़ी बात उस तक नहीं पहुंची कि मैं सबको चोदता हूँ.

मैं बोला- तुम प्रॉमिस करो कि ये बात तुम किसी को पता नहीं लगने दोगी कि हम दोनों ने सेक्स किया है.
अनुश्री बोली- थैंक्यू, मैं भी यही चाहती हूँ.

फिर वह हंसी और बोली- वैसे भी सबकी असलियत मुझे पता है और मेरे राज कोई जाने, ये मैं नहीं चाहती!
यह बोलकर उसने आंख मारी और बोली- तुम आगे भी तो बताओगे कइयों के राज!

अब मैंने अनुश्री को अपने लंड पर बिठा लिया और उसे नीचे से उछाल-उछाल कर चोदने लगा.
मैं बोला- मलाई हो तुम यार … कमाल है तुम्हारी चुत, लंड ढीला ही नहीं पड़ रहा. फक क्या चुत है आह्ह … मस्त माल हो!

मैं अनुश्री को मस्ती से चोदे जा रहा था.

अनुश्री बोली- चोदते रहो अजय. आज बस चुदना है तुमसे, बुझा दो आज मुझे चोद-चोद कर सच में तुम बिस्तर पर कामदेव हो. ये मेरी लाइफ का बेस्ट सेक्स है अजय … आह चोदो मुझे चाहे जैसे चोद दो.

मैंने उसे पकड़ कर चोदते-चोदते उसको अब सीधा लिटा दिया और उसकी टांगें फैलाकर उस पर चढ़ गया. फिर लंड पेल कर उसे धीरे-धीरे उसको चोदने लगा.

मैं उसे प्यार से चूम-चूम कर चोदने लगा और बोला- तुम मेरी फैंटसी हो अनुश्री, जैसे मैं तुम्हें चोद रहा हूँ न, सबको नहीं चोदता. तुम मेरी कई सालों की भूख हो. तुम्हारी चुत को कई बार इमेजिन करके लंड को तड़पा चुका हूँ. आज सारी ख्वाहिशें तुम्हें चोद-चोद कर ही पूरी करूँगा. सिर्फ चोदने के लिए चोदना होता तो आज तक इंतज़ार नहीं करता. अब तक तुम्हें पेल चुका होता!

अनुश्री मजे में चूर हो चुकी थी और मुझे चूम रही थी.
वह बोली- बताओ ना किस-किसके साथ किया है?

मैं बोला- सबसे पहले मनीषा को. वह मेरे फ्लैट पर नोट्स लेने आई थी और तब मैंने उसको चार घंटे तक चोदा था. वह 2 दिन तक ठीक से चल नहीं पाई थी. उसके बाद फिर 2 दिन बाद 2 दिन तक अपने फ्लैट में चोद-चोद कर उसको रंडी बना लिया था अपनी. ऐसे ही थोड़े मॉन्स्टर बोलती है … उसको हैवानों की तरह चोद रखा है मैंने!

अनुश्री बोली- ओह गॉड, तभी मनीषा तुम्हारे आगे सरेंडर रहती थी. मुझे भी उसकी तरह एक बार चोदो ना, जैसे उसको चोदा था प्लीज!

मैंने अनुश्री की बात सुनकर उसे सीधा उल्टा लिटाया, उसके पेट के नीचे तकिया लगाया और पीछे से उसकी चुत को कूद-कूद कर पीटने लगा.

ऐसे मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा.

हॉट मैरिड गर्ल फक के बाद झड़ गई, अकड़ गई और बोली- प्लीज डार्लिंग, स्टॉप … थक गई मैं!

अब मैंने 3-4 मिनट तक अनुश्री को और चोदा और खुद को रिलीज कर दिया.

मैंने अनुश्री की चुत को भर दिया और एक जोरदार किस करके उससे अलग हो गया.

इस हॉट मैरिड गर्ल फक स्टोरी के आगे के भाग में आप जानेंगे कि मैंने अनुश्री को चोदते-चोदते उसको चुदाई के सारे राज बताए.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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