hot friend wife fuck
नमस्कार दोस्तों, भाभी और आंटियों को भी। मेरा नाम राहुल है मैं इंदौर मध्य प्रदेश से हु। मैं जॉब करता हु। मेरा लन्ड का साइज 7.4 इंच का है जो औरत को एक दम तृप्त कर देता है। आपने मेरी पिछली कहानियां बहुत पढ़ी थी और मैसेज भी करा था। आज आप लोगो के लिए लेके आया हु एक और नई कहानी जिसमे आप पढ़ेंगे कैसे मैने एक भाई को ब्याज पर पैसे दिए मगर ना चुका पाने के लिए उसकी बीवी को रगड़ा। Hot Friend Wife Fuck
चलिए अब बोर ना करते हुए ये खास कहानी में आते है। दोस्तो पहले ही बता दू ये कहानी 100 परसेंट सच है एक एक चीज़।
दोस्तों बात करीब 1 साल पहले से शुरू होती है। मेरा दोस्त था सुजीत। हम दोनो अच्छे दोस्त थे। कभी कभी दारू पीने जाते थे साथ में, घूमते फिरते थे साथ में। फिर एक दिन सुजीत का रिश्ता तय हो गया। पहले मैं उसकी बीवी को नही जानता था और ना देखा था। फिर 2024 के मई महीने में सुजीत की शादी हो गई।
मैं काम के चलते उसके शादी में नही जा पाया। फिर शादी होने के बाद मुश्किल से 3,4 बार मिला था सुजीत से क्योंकि वो भी काम में लगा रहता था और मैं भी। एक बार ही उसकी बीवी को देखा था तब उसकी बीवी मुझे कुछ खास पसंद नही आई क्योंकि मुझे थोड़ी बड़े चूचे वाली, बड़ी गांड वाली पसंद आती है।
फिर देखते देखते 2025 आ गया। 2025 के अप्रैल में सुजीत को बेटा हुआ उसकी खुशी में हम दोनो मिलके पार्टी करी थी। फिर दोस्तो 3 महीने तक हम दोनो की कोई बात नही हुई मगर मुझे पता था सुजीत ने नया खाने पीने का बिजनेस शुरू किया है। सुजीत ने एक दिन मुझे कॉल करा और मुझसे कहा कुछ जरूरत है मिल सकता है क्या तो मैने कहा शाम को मिलते है।
शाम को मिले तो सुजीत कहने लगा मुझे 2 लाख की जरूरत है दे दे भाई 2,3 महीने में वापस दे दूंगा। मैने बिना कुछ सोचे उसको पैसे ट्रांसफर कर दिया था क्योंकि पुराना दोस्त था। फिर दोस्तो हमारी मुलाकात होती रहती थी कभी कभी। फिर दोस्तो एक दिन सुजीत ने मुझको अपने घर डिनर के लिए बुलाया तो मैं गया उसके घर।
तब पहली बार मैंने उसकी बीवी को अच्छे से देखा था। दोस्तो उसकी बीवी के बारे में बता दू उसका नाम नेहा है, उम्र करीब 28 साल, गोरी-चिट्टी, बदन ऐसा कि जैसे किसी ने तराश कर बनाया हो। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें, कजरारी और नशीली, जैसे शराब के जाम हों। उसका चेहरा गोल, चिकना, और होंठ जैसे गुलाब की पंखुड़ियाँ।
उसका फिगर, हाय राम, 36-28-36, वो भी टाइट कपड़ों में, जब चलती थी तो उसकी गांड का लचकना और चूचियों का उछलना किसी का भी लंड खड़ा कर दे। दोस्तों उस दिन शाम को गया था इसलिए ज्यादा टाइम था उसके घर। उसकी बीवी को देख कर मन बना लिया था की इसको चोदना ही है चाहे कैसे भी हो।
मैं और सुजीत उसके बालकनी में आके दारू पीने लगे। उसकी बीवी चखना देने आई तो सुजीत कहता है नेहा एक पेग पी लो। तो नेहा कहती है अभी नहीं रुको खाना तैयार कर और बच्चे को दूध पिला के सुला दू फिर आती हु। वो ये बोलते हुए चली गई। मैने सुजीत से कहा तेरी बीवी दारू पीती है क्या तो सुजीत कहता है हा भाई पहले नही पीती थी मगर शादी के बाद मैने सीखा दिया। करीब 30 मिनट बाद नेहा हमारे साथ जुड़ गई दारू पीने।
नेहा ने पीते हुए सुजीत से कहा:– भाई साहब को बात बताई की नहीं.
सुजीत:– नही यार भूल गया था बताता हु.
मैं:– कौनसी बात भाई, कौनसी बात भाभी आप ही बता दो.
नेहा:– आपके भाई ही बताएंगे, बोलो ना जी.
सुजीत:– बात ऐसी है राहुल मैं अपने पुराने बिजनेस को थोड़ा बड़ा करना चाहता हु मतलब ज्यादा आइटम खोलू।
मैं:– अच्छी बात है करना भी चाहिए मगर इसमें मुझे बताने लायक क्या है, मुझसे डिश के बारे में पूछेगा क्या??
सुजीत:– नही भाई, मुझे 8 लाख की जरूरत है ब्याज पर दे दे.
मैं:– भाई तूने पुराना तो दिया नही अब ये कैसे दू.
सुजीत:– भाई सब टोटल कर ले, 10 लाख होंगे अगर तूने 8 लाख दिया तो तू हर महीने 5 परसेंट ब्याज ले लेना.
मैं:– भाई ब्याज वाली बात नही पुराना मिला नही नया कैसे दू.
सुजीत:– भाई तू टेंशन ना ले हर महीने ब्याज आता रहेगा और थोड़ा थोड़ा कर के 10 लाख भी चुका दूंगा।
मैं:– मुझे कल शाम तक का टाइम दे फिर बताता हु.
फिर दोस्तो हमने दारू खतम कर के खाना खाया और मैं अपने घर आ गया। रात में सोचा और उसको अगले दिन सुबह मैने कॉल कर के कहा आजा पैसे लेले। वो आता है तो उसको बैंक ट्रांसफर करता हु ताकि प्रूफ रहे और साथ में एग्रीमेंट भी। दोस्तो हर महीने ब्याज टाइम पर मिलता गया।
उसने 3 महीने बराबर ब्याज दिया मगर असल नही दिया। फिर चौथा महीना नही दिया ब्याज कहता है थोड़ा नुकसान है कुछ दिन में दे दूंगा। फिर पांचवे महीने कहने लगा नुकसान है तो मैने उससे कहा भाई ऐसा नहीं होगा तू मिल मुझसे। उसी दिन शाम को मैने उसको कहा आजा होटल चलते है डिनर पर तो वो नेहा और बेटे को भी ले आ आया।
हम तीनो ने 2–2 पेग पिया फिर खाना खाते हुए उससे कहा भाई ऐसा नहीं होगा टाइम से ब्याज दो वरना असल देके खतम करो, दोस्त है इसलिए बोल रहा हु वरना कोई और होता तो तुझे भी पता है मैं कैसा इंसान हु। सुजीत कहता है 2,3 दिन का टाइम दे ब्याज देता हु। फिर हम लोग डिनर कर के अपने अपने घर चले जाते है।
देखते देखते 4 दिन बीत जाता है फिर मैं सुजीत के घर गया तो वो मिला नही मगर नेहा मिली। वो कहती है सुजीत दुकान पर है तो मै उसके दुकान गया। जब उसके दुकान जाके देखा तो पता चला उसका धंधा पूरा ठप पड़ गया था और ऊपर से सुजीत ने मार्केट से भी पैसे लेके बैठा था उसने किसी को भी नही दिए थे।
मैने उससे पूछा कैसे देगा लोगो को पैसे तो वो रोने लगा। उसका रोना देख कर मैं आ गया क्योंकि अच्छा नहीं लगा। 2 दिन बाद पता चला सुजीत ने अपना घर गिरवी रख के और अपनी बीवी के जेवर बेच कर मार्केट का पैसा लौटा दिया है मगर मेरा नही दिया। मुझे जब पता चला तो बुरा लगा इसलिए मैने उसको कॉल कर के कहा मुझसे मिलने आ।
वो आया तो मैने उससे पैसे का बोला तो कहता है भाई दे दूंगा भरोसा रख तब मैने उससे कहा मां चुदाने गई भरोसा तू ब्याज तो दे कम से कम। सुजीत कहता है भाई बहुत बुरी हालत है मगर तेरा एक एक पैसा दूंगा भरोसा रख।मैने भी सोचा चलो ठीक है फिर उसको कहा चल पीने चलते है।
हम दोनो बार में गए पीने तो बाते होने लगी, वो रोता रहा अपने बिजनेस पर। मैने उससे कहा ब्याज का कुछ कर जल्दी से तो उसने नशे में के दिया की अब क्या अपनी बीवी को चुदवा के लेकर आऊ पैसे। मैने भी झट से कह दिया मुझसे चुदवाने लग हर नाइट का 25000 दूंगा या तो असल में से कटवा लेना। “Hot Friend Wife Fuck”
वो गुस्सा होके चला गया। फिर 2 दिन बाद उसका कॉल आता है मुझसे मिलने का कहता है। मैं मिलता हु तो कहता है दारू पीला दी फिर बताऊंगा तो मै उसको दारू पिलाने ले जाता हु। हम दोनो ने बस 2 पेग ही पिया था तभी उसने उस दिन की बात छेड़ दी।
सुजीत कहता है:– भाई मैने नेहा से बात करी थी नाइट के बारे में, पहले तो वो नही मानी मगर जब मैने बताया कि 14 लाख के करीब देना होगा ब्याज मिला के तो वो टेंशन में आ गई, नेहा बहुत सोच विचार कर आज सुबह उसने कहा की बात कर लो राहुल से मैं रेडी हु मगर ये बात किसी को पता ना चले और हा सिर्फ राहुल ही करेगा ऐसा नहीं की इसको उसको ले आए।
दोस्तो जिस दिन मैने वो बात बोली थी वो असल में मजाक था मगर सुजीत ने हकीकत मान लिया। वैसे मैं भी चाहता था नेहा को चोदना इससे अच्छी बात हो नही सकती थी। तो मैने कहा आज भेज दे फिर। उसने नेहा को कॉल करा और कहता है तैयार हो जाओ राहुल ने बुलाया है आज।
मैने सुजीत से कहा नेहा को मैसेज कर के बोल दे की ब्लैक साड़ी, ब्लैक ब्लाउज, ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैंटी पहन के आए राहुल ने कहा है। उसने वैसे ही मैसेज कर दिया। मैने सुजीत से पूछा कहा से लेने आऊ तो कहने लगा यही बुला लेता हु तू ले जाना मगर अच्छे से और प्यार से कर के छोड़ देना घर। “Hot Friend Wife Fuck”
मैने उसको कहा तू टेंशन मत ले। फिर सुजीत ने नेहा को हमारी जगह बताई तो वो स्कूटी लेके आ गई। मैने नेहा को कार में बिठाया और सुजीत स्कूटी लेके चला गया घर। दोस्तो नेहा बहुत अच्छे से सजधज के आई थी। जैसे मैने कहा था वैसे तैयार होके आई थी। तो मैने बात शुरू करी।
मैने उससे पूछा दारू पियोगे या कुछ और तो कहती है जो तुम पियोगे वो ही पिऊंगी। तो दोस्तो मैं पहले दारू के दुकान जाके 2 बॉटल व्हिस्की ली और फिर हम दोनो होटल चले गए। होटल में आने के बाद चखने का ऑर्डर दिया। जब तक ऑर्डर आ रहा था तो इधर उधर की बाते करने लगे ताकि नेहा कंफर्टेबल हो जाए।
जैसे ही चखना आया तो मैंने 2 ग्लास में हम दोनो के लिए पेग बनाया। हम दोनो ने पहला पेग पिया, फिर दूसरा, फिर तीसरा। तीसरा पेग जैसे खतम हुआ तो नेहा को कहा पास में आके बैठो तो वो आ गई। वो आके बैठी तो मैने उससे पूछा तुम रेडी क्यों हुई ये सब के लिए, तुम्हें देख कर तो लगता नही तुम ये सब के लिए राज़ी हो जाओगी इतनी जल्दी।
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तो नेहा कहती है मैने सुजीत को रोते हुए देखा और अपने बच्चे के लिए कर रही हु वरना मैं ऐसी लड़की हु ही नहीं जो ये सब कोई पराए मर्द के साथ करू वो भी शादी होने के बाद। दोस्तो फिर मैने एक एक और पेग बनाया दोनो के लिए हमने पी लिया। मैने फिर उसके कमर पर हाथ रखा और करीब खींच लिया। “Hot Friend Wife Fuck”
अब में भी उससे थोड़ा और चिपकने लगा और उसके माथे पर किस किया तो उसने भी मेरा साथ दिया। फिर मैंने गर्दन पर और फिर थोड़ी देर के बाद लिप पर किस किया। मैं उसके होठ चूस जा रहा था। उसके दोनों होठ मेरे मुँह में दबे थे और वो मचल रही थी। उसके हाथ मेरी पीठ पर फिसल रहे थे। वो सिसकारी भर रही थी – ऊऊऊ आह्ह्ह की घुटी-घुटी सी आवाज़ कर रही थी। मैं 15 मिनट तक उसके होठ चूमता रहा। फिर मैंने उसे छोड़ा। वो संभली। “Hot Friend Wife Fuck”
मैंने कहा: देखो नेहा, मैं तुमको जैसा चाहे वैसा चोदूंगा कोई नाटक नही करोगी, पूरी रात अच्छे से करने देना और हा जो बोलूंगा वो करोगी, ये मत बोलना की नींद आ रही है नींद आए भी तो सुबह घर जाके सोना, मैं तुमको जी भर के चोदना चाहता हु।
वो बोली: जो मन चाहे आप करो। मैं पूरी आपकी हूँ। जैसा आप बोलोगे मैं करूँगी। जो आप कहोगे मैं करूँगी। मैं आपकी गुलाम हूँ पर सिर्फ आपके पास ही आउंगी ये मत बोलना की किसी और से भी करवाओ।
मैंने उसके होठों पर हाथ फेरते हुए कहा: मेरी जान, तुमको मैं ऐसा चोदूँगा कि तुम मस्त हो जाओगी और हमेशा मुझसे चुदती रहोगी।
उसकी साड़ी पकड़ी और कस कर खींच लिया। उसकी साड़ी उतर गई। वो ब्लाउज़ और पेटीकोट में रह गई। मैं उसके पीछे गया और उसके कंधे पर हाथ रखा और सहलाते हुए सीने पर लाया। दोनों गोलाइयों को सहलाते हुए उसकी दोनों चूचियाँ दबाईं और कस कर मसलते हुए ऊपर उठाया जिससे उसकी दोनों चूचियाँ बाहर निकलने लगीं।
मैंने कस कर दोनों पर चपत लगाई। वो चिहुँक उठी: हाय क्या करते हो, लगती है। फिर मैंने एक-एक करके ब्लाउज़ के सारे बटन खोले और जैसे ही हटाया ब्रा से दोनों चूचियां बाहर आने को तड़प रही थी। मैने एक झटके में ब्रा तोड़ दी तो उसके चूचे उछलने लगे। मैंने दोनों को पकड़ लिया और उसकी गाँड पर अपना लौड़ा दबाने लगा। वो सिसकारी भर उठी और मस्त हो गई। बोली: मेरे शरीर में क्या हो रहा है, कुछ करो।
मैंने उसका पेटीकोट खोल दिया और पेटीकोट फिसल गया। और जो शरीर निकला – गोरा दूध जैसा, मस्त चिकना और कयामत वाला। मैंने उसे अपनी तरफ किया और देखने लगा। मैं भूल गया कि मैं कहाँ हूँ और मैंने उसे छोड़ अपना लौड़ा पकड़ लिया और दबाने लगा।
वो मेरे पास आई बोली: क्या हुआ?
मैंने कहा: तुम तो बहुत सुंदर हो, पूरी सनी लियोनी लगती हो। कसम से मैं तो तुमसे शादी कर लूँ।
वो बोली: जाने दीजिए, जब मैं आपकी हूँ ही शादी क्यों।
मैंने उसकी चूची पकड़ी और उससे खेलने लगा, दबाने लगा। वो हँसने लगी मेरी इस हरकत से। वो मज़ा ले रही थी। उसमें आग भरती जा रही थी और मैंने उसकी चूची चूसनी शुरू की। कभी एक तो कभी दूसरी। दोनों चूस रहा था, चाट रहा था। 10 मिनट तक चूसने से उसके निप्पल्स खड़े हो गए, बाहर निकल आए। अब वो और कामुक लग रही थी। “Hot Friend Wife Fuck”
मैं अपने को रोक नहीं पा रहा था। मैंने अपने कपड़े उतार दिए और उसे उठा कर बेड पर पटक दिया। सीधे बिना कुछ सोचे अपना लौड़ा उसकी बूर पर रखा ही था कि घंटी बज उठी और बाहर से आवाज़ आई: सर आपके खाने का ऑर्डर लाया हु!
नेहा उठी और बाथरूम चली गई। वेटर के जाते ही मैंने तुरंत उसको बाथरूम से अंदर खींचा और गेट बंद कर लॉक लगा दिया और उसको गोदी में उठा कर बोला, “नेहा मेरी जानेमन, मेरी चुदैली, तुम मेरी जान हो। कोई मदरचोद तुमको चोद नहीं सकता। अब तुम सिर्फ़ मेरा माल हो और तुमको सिर्फ़ मैं ही चोदूंगा।”
और फिर उसके होठों को चूम लिया और उसे बिस्तर पर ले आया। मेरे से रहा नहीं गया। मैंने अपने लौड़े पर हाथ फिराया और बोला, “नेहा, ये हुस्न कहाँ छिपा था मैं तो बहुत पहले से तुमको सिर्फ़ तुमको चोदना चाहता था और तुम तो क़यामत हो मेरी जान।”
नेहा बोली, “सारी क़यामत आपके लिए है। जितनी चाहे लूटो राहुल, आपका अधिकार है।”
मैंने कहा, “हाय मर जाऊँ मेरी जान, तुम तो कमाल हो साली।”
वो हंस दी और मेरे करीब आई और मुझसे लिपट गई और बोली, “अब सिर्फ़ बोलेंगे ही या मेरी इज़्ज़त भी उतारोगे? लूटोगे या नहीं?”
मैंने कहा, “सब करूँगा मेरी जान।
और फिर उसके सारे शरीर को नोचने लगा। वो आय आय कर रही थी… आय… हाय… लग रहा है… उई… पर मैं तो पागल हुआ जा रहा था। मुझे जैसे कोई रंडी मिली हो और उसको प्रताड़ित करना है। तभी वो बोली, “लगता है मत करो ना।” मैंने उसके दूध पकड़े और कस कर निचोड़ने लगा। वो सितकारने लगी।
मैंने और कस कर किया। वो और चरमराई। उसके हाथ मेरी पीठ पर तेज़ी से फिसलने लगे। मैंने उसकी एक चूची को कस कर चबाया। वो चिल्ला उठी, “हाई मार गई… मत करो लग रहा है… मत काटो दर्द होता है…” पर मैं पागल हो गया था। मैंने उसके दूसरे चूची को और कस कर काटा। वो तड़पने लगी, चिल्लाने लगी, “मार गई… मार गई… हाय… छोड़िए छोड़िए… लगता है… मार जाऊँगी…”।
वो नशे में थी तो कहती है:–कभी ऐसा माहौल नहीं मिला और आपने जैसे सोचा है मुझे वैसे ही चोदिए और मज़ा दीजिए। मेरा शरीर का हर भाग आपके प्यार का प्यासा है। मेरे शरीर का सारा रस पी लो और मुझे तृप्त कर दो। मेरी प्यास बुझा दो मेरे राजा। मुझे जिस नाम से चाहे बुलाओ, मुझे कोई परवाह नहीं। बस चोदते ही जाओ, चोदते ही जाओ। रुकना नहीं। मेरे हर अंग को थका दो। मेरी आग ठंडी कर दो।”
मैंने बड़े प्यार से उसके सर को देख कर उठाया और बोला, “नेहा मेरी जानू, मेरी किसी बात का बुरा ना मानना और मैं तुमको ऐसा चोदूंगा कि तुम हिल भी नहीं पाओगी। तुम्हारे हर छेद को चोदूंगा, लुटूंगा कि तुम मर जाओगी और मुझे छोड़ कर कहीं नहीं जाओगी।”
मैंने उसके दूध पर काटा और चूसा। वो सितकार उठी। मैंने फिर काटा। वो मुझसे लिपट गई। मैंने उसके होठों को चिपका लिया और चूसने लगा। 20 मिनट तक चूसता रहा।वो मुझसे चिपकी रही। जब चूसता तो सारी लिपस्टिक मेरे होठों पर थी। उसके होठ साफ़ हो चुके थे और वो आँखें बंद किए थी, मस्त हो चुकी थी। “Hot Friend Wife Fuck”
मैंने उसकी बुर पर हाथ फेरा। दूसरे से उसकी चूची का निप्पल दबाया। थोड़ा ताकत लग गई। वो उछल पड़ी पर चिल्लाई नहीं, जैसे दर्द बर्दाश्त करने को तैयार थी। बोली, “आपका शरीर है, जो चाहे करो।” मैंने निप्पल को कस कर मसल दिया। उसने मुँह कस कर बंद कर लिया। मैं फिर उसको कस कर निप्पल चबा डाला।
अब बारी-बारी से दोनों निप्पल चूस रहा था और चबा रहा था। वो मचल रही थी। मेरी दो उँगलियाँ उसकी बुर में घुसी थीं। मेरा हाथ लगातार चल रहा था और वो मेरी उँगलियों से चुद रही थी। साली सिसकारियाँ भर रही थी… उफ़्फ़… हाई… क्या हो रहा है… ये… मैं मार जाऊँगी… हाय रुकिए… मत कीजिए… हाय मैं गई… उई हाय राम मार गई… राहुल मत करो ये…
पर मैं तो उसकी चूचियों और बुर दोनों को ख़त्म कर देना चाहता था और लगातार मेरे चूसने से उसके निप्पल टाइट होकर खड़े हो गए थे और बाहर निकल आए थे और बड़ी चूचियों पर मस्त नज़र आ रहे थे। साथ ही साली की बुर टाइट हो गई थी। सूखी बुर रस भरी हो गई थी।
दो बार पानी छोड़ चुकी थी और मैंने अभी उसकी बुर को सिर्फ़ उँगलियों से भेदा था और वो उछल रही थी, तड़प रही थी, मचल रही थी, मस्त हो चुकी थी। उसकी आँखें बंद थीं।मैंने इसी समय उसके होठों को एक बार फिर कैद किया और अबकी बार तीन उँगलियाँ डाल उसकी चूत में घुसने लगा।
उसको थोड़ा दर्द हुआ। तभी मुझे याद आया कि क्यों ना इससे लंड चुसवाया जाए। मैंने अंडरवियर उतार दिया और खड़ा हो गया। नेहा मेरे पास आई और बैठ गई और मेरे लौड़े को चूम लिया और फिर टोपे को हल्के से चूसा और बोली, “अब आप आराम से बैठो राहुल जी और बस लंड चुसाई का मज़ा लो।”
नेहा मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह मुँह ले लेकर चूसने लगी। मैं बता नहीं सकता हूँ कि लंड चुसवाने में मुझे कितना मज़ा आ रहा था। नेहा के रसीले होंट मेरे लंड को रगड़ रहे थे। फिर नेहा ने अपना होंट गोल कर के मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मेरे अंडों को हथेली से सहलाते हुए सिर ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया मानो वो मुँह से ही मेरा लंड को चोद रही हो। “Hot Friend Wife Fuck”
धीरे-धीरे मैंने भी अपनी कमर हिला कर नेहा के मुँह को चोदना शुरू कर दिया। अब मैंने कस कर उसके मुँह में लंड पेलना शुरू कर दिया और थोड़ी देर के लिए लंड उसके मुँह में रोक भी देता था और वो गूँ… गूँ की आवाज़ निकालती थी। थोड़ी हाँफ भी रही थी पर रुक नहीं रही थी। साली कुतिया हो चुकी थी।
मैंने बोला, “कस कर मेरी मेरी जान… और कस कर चूस… साली और चूस और तेज़ और तेज़… साली तेज़ कर… मेरा लौड़ा फट जा रहा है…”
मैं तो मानो सातवें आसमान पर था। थोड़ी ही देर में लगा कि मेरा लंड अब पानी छोड़ देगा। मैं किसी तरह अपने ऊपर काबू कर के बोला, “नेहा मेरा पानी छूटने वाला है।” नेहा ने मेरी बातों का कुछ ध्यान नहीं दिया बल्कि अपने हाथों से मेरे चुतड़ को जकड़ कर और तेज़ी से सिर ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया।
मैं भी नेहा के सिर को कस कर पकड़ कर और तेज़ी से लंड मुँह में पेलने लगा। कुछ ही देर बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और नेहा ने गटगट करके पूरा पानी पी गई। फिर नेहा अपनी हथेली से अपनी चूची को मसलते हुए पूछा, “क्यों मेरे राजा, मज़ा आया लंड चुसवाने में?”
मैने कहा:– “बहुत मज़ा आया नेहा, तुमने तो एक दूसरी जन्नत की सैर करवा दी मेरी जान।”
मैं उठ कर खड़ा हो गया और अपने लंड को हाथ से सहलाते हुए नेहा को पलंग पर सीधा लिटा कर उनके ऊपर चढ़ने लगा और तुरंत उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूची को दबाते हुए उसके रसीले होंट चूसने लगा। नेहा ने भी मुझे कस कर अपने आलिंगन में कस कर जकड़ लिया और चुम्मा का जवाब देते हुए मेरे मुँह में अपनी जीभ ठेल दी।
हाय क्या स्वादिष्ट और रसीली जीभ थी। मैं भी उनकी जीभ को जोर-शोर से चूसने लगा। इस फ्रेंच किस का मज़ा ऐसा आया कि पूरे जोश के साथ मैंने उसके होठों को चबा डाला। उसकी आँखों में आँसू आ गए मगर साली मस्त ही रही। कुछ देर तक तो हम ऐसे ही चिपके रहे, फिर मैं अपने होटों नेहा की नाज़ुक गालों पर रगड़-रगड़ कर चूमने लगा।
फिर नेहा ने मेरी पीठ पर से हाथ ऊपर ला कर मेरा सर पकड़ लिया और उसे नीचे की तरफ़ ठेला। मैं अपने होंट उसके होठों से उसकी ठोड़ी पर लाया और कंधों को चूमता हुआ चूची पर पहुँचा। मैं एक बार फिर उसकी चूची को मसलता हुआ और खेलता हुआ काटने और चूसने लगा। “Hot Friend Wife Fuck”
उसने बदन के निचले हिस्से को मेरे बदन के नीचे से निकाल लिया और हमारी टांगें एक-दूसरे से दूर हो गईं। अपने दायें हाथ से वो मेरा लंड पकड़ कर उसे मुट्ठी में बंद कर सहलाने लगी और अपने बायें हाथ से मेरा दाहिना हाथ पकड़ कर अपनी टांगों के बीच ले गई। जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत पर पहुँचा उसने अपनी चूत के दाने को ऊपर से रगड़ दिया।
समझदार को इशारा काफ़ी था। मैं उसके चूची को चूसता हुआ उसकी चूत को रगड़ने लगा। “राहुल अपनी उंगली अंदर डालो ना?” कहती हुई नेहा ने मेरी उंगली अपनी चूत के मुँह पर दबा दी। मैंने अपनी उंगली उनकी चूत के दरार में घुसा दी और वो पूरी तरह अंदर चली गई। जैसे-जैसे मैंने उसकी चूत के अंदर मुआइना करता मेरा मज़ा बढ़ता गया।
जैसे ही मेरी उंगली उसके चूत के दाने से टकराई उसने जोर से सिसकारी ले कर अपनी जाँघों को कस कर बंद कर लिया और चुतड़ उठा-उठा कर मेरे हाथ को चोदने लगी। उसकी चूत से एक बार फिर पानी बह रहा था। थोड़ी देर बाद तक ऐसे ही मज़ा लेने के बाद मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से बाहर निकाल ली और सीधा हो कर उस के ऊपर लेट गया।
नेहा ने अपनी टांगें फैला दीं और मेरे फड़फड़ाते हुए लंड को पकड़ कर सुपारा चूत के मुहाने पर रख लिया। उस की बीना झांटों वाली चूत के स्पर्श मुझे पागल बना रहा था, फिर नेहा ने मुझसे बोली “अब अपना लौड़ा मेरी बुर में घुसाओ राहुल। कब चोदोगे मुझे? मैं पागल हुई जा रही हूँ। मेरी बुर लगातार पानी फेंक रही है और आप कुछ नहीं कर रहे। अब चोद भी डालो अपनी रंड को, मगर प्यार से घुसेड़ना और चोदना राहुल नहीं तो मुझे दर्द होगा, अह्ह्ह, तुम्हारा लंड सुजीत के लंड से बहुत बड़ा है!”
शुरू-शुरू में मुझे अपना लंड उसकी टाइट हो चुकी चूत में घुसाने में काफ़ी परेशानी हुई। मैंने जब जोर लगा कर लंड अंदर पेलना चाहा तो उसे दर्द भी हुआ। लेकिन पहले से उंगली से चुदवा कर उसकी चूत काफ़ी गीली हो गई थी इसलिए बुर एकदम तैयार थी चुदने के लिए और नेहा भी आतुर थी चुदने को। “Hot Friend Wife Fuck”
मेरा एक ही धक्के में सुपारा अंदर चला गया। इससे पहले कि नेहा संभले और अपना आसन बदलती, मैंने फ़ौरन दूसरा धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड चूत में दाखिल हो गया जैसे कि मक्खन में छुरी जाती है। नेहा चिल्लाई, “उईईई माँ उहुहुह्ह्ह हाई मार गई भगवान ये क्या कर डाला राहुल… कैसे पेलते हैं आप ऐसे नहीं किया जाता है बहुत दर्द हो रहा है… पहले ही आप मेरी फाड़ चुके हो अब सूज चुकी है तो ऐसे पेल दिया है ये माँ बहनचो… कैसे सैयां से पाला पड़ा है… बस ऐसे ही कुछ देर हिलना-डुलना नहीं, हाय! बड़ा ज़ालिम है तुम्हारा लंड। मार ही डाला मुझे तुमने मेरे राजा।”
नेहा को काफ़ी दर्द हो रहा लगता था। मैं अपना लंड उसकी चूत में घुसा कर चुपचाप पड़ा था। नेहा की चूत अंदर ही अंदर मेरे लौड़े को मसल रही थी। उसकी उठी-उठी चूचें काफ़ी तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने हाथ बढ़ा कर दोनों चूची को पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूसने और चबाने लगा।
फिर उसे थोड़ी राहत मिली और उसने कमर हिलानी शुरू कर दी। नेहा मुझसे बोली, “राजा जी शुरू करो, चोदो ना मुझे। ले लो मज़ा जवानी का मेरे राजा, और पीस डालो मेरी चूत को अपने कड़क लौड़े से और माईया चोद डालो मेरी।” और अपनी गांड हिलाने लगी। मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में अंदर-बाहर होने लगा।
फिर नेहा ने स्पीड बढ़ा कर करने को कहा। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अंदर-बाहर करने लगा। नेहा को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से कमर उठा-उठा कर हर शॉट का जवाब देने लगी। और चिल्ला रही थी:– और तेज़ मेरे राजा और तेज़… हाय मार गई रे क्या कर डाला है… मुझे जवान कर दिया आज तू… पहली बार इतना तगड़ा लंड मिला है मेरे राजा मज़ा आ रहा है… और तेज़ करो और तेज़ चोदो और तेज़ चोदो अपनी नेहा को।
20 मिनट बाद करवट ले कर मुझे अपने ऊपर से उतार दिया और मुझे चित लेटा कर मेरे ऊपर चढ़ गई। अपनी जाँघों को फैला कर बगल कर के अपने गद्देदार चुतड़ रखकर बैठ गई। मेरे ऊपर लेट कर धक्का लगाया। मेरा लंड घप से चूत के अंदर दाखिल हो गया। नेहा ने अपनी रसीली चूची मेरी छाती पर रगड़ते हुए अपने गुलाबी होंट मेरे होंट पर रख दिया और मेरे मुँह में जीभ ठेल दी। “Hot Friend Wife Fuck”
फिर नेहा ने मज़े से कमर हिला-हिला कर धक्का लगाना शुरू किया। बड़े कस-कस कर धक्का लगा रही थी मेरी प्यारी नेहा। चूत मेरे लंड को अपने में समाए हुए तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत पहुँच गया हूँ। जैसे-जैसे नेहा की मस्ती बढ़ रही थी उसके धक्के भी तेज़ होते जा रहे थे।
अब नेहा मेरे ऊपर मेरे कंधों को पकड़ कर घुटने के बल बैठ गई और जोर-जोर से कमर हिला कर लंड को तेज़ी से अंदर-बाहर लेने लगी। उसका सारा बदन हिल रहा था और सांसें तेज़-तेज़ चल रही थीं। नेहा की चूचें तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थीं। मुझसे रहा नहीं गया और हाथ बढ़ा कर दोनों चूची को पकड़ लिया और जोर-जोर से मसलने लगा।
नेहा एक खिलाड़ी की तरह कमान अपने हाथों में लिए हुए थी और कस-कस कर धक्का लगा रही थी। जैसे-जैसे वो झड़ने के क़रीब आ रही थी उसकी रफ़्तार बढ़ती जा रही थी। कमरे में फचा-फच फच की आवाज़ गूँज रही थी। जब उसकी सांस फूल गई तो मेरे नीचे आकर मुझे अपने ऊपर खींच लिया और टांगों को फैला कर ऊपर उठा लिया और बोली, “मैं थक गई मेरे राजा, अब तुम मोर्चा संभालो।”
मैं झटपट उसकी जाँघों के बीच बैठ गया और निशाना लगा कर झटके से लंड अंदर डाल दिया। फचाक की आवाज़ हुई और मैं नेहा के ऊपर लेट कर धन-धना-धन धक्के लगाने लगा। नेहा ने अपनी टांग को मेरी कमर पर रख कर मुझे जकड़ लिया और जोर-जोर से चुतड़ उठा-उठा कर चुदाई में साथ देने लगी।
उसकी चूची को मसलते हुए ठका-ठक धक्के लगा रहा था। कमरा हमारी चुदाई की आवाज़ से भरा पड़ा था। नेहा अपनी कमर हिला कर चुतड़ उठा-उठा कर चुद रही थी और बोल जा रही थी, “अह्ह आह्ह उन्ह्ह्ह ओओह्ह ओओह्ह हाँ हाई मेरे राज्जा, मााार गय्ये रे, चोोोड रे चोोोड उईई मेरीी माँ, फााात गााये रे आााज तो मेरी चूत। मेरा तो दम निक्कल तूने तोो आााज। बरााा जाालेम हाााईरे तुम्हारा लौरा, एकदम महीन मस्सला पीईईईस दिय्या रेएए।” “हाई मेरे राजा जी क्या कर डाला आपने… हाई मार गए रे… पीस डाला… मार आह्ह्ह… हाई मेरी बुर… मार गई… साली दर्द करने लगी।”
नेहा गांड उछाल-उछाल कर मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी और मैं भी पूरे जोश के साथ उनकी चूचों को मसल-मसल कर नेहा को चोदे जा रहा था।
नेहा मुझको ललकार कर बोली, नेहा:–“लगाओ धक्के मेरे राजा”.
मैं:– “ये ले मेरी रानी, ले ले अपनी चूत में”।
नेहा:–ज़रा और जोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राजा.
मैं:–“ये ले मेरी रानी, ये लंड तो तेरे लिए ही है।
नेहा:–देखो राज्जा मेरी चूत तो तेरे लंड की दीवानी हो गई, और जोर से और जोर से आई मेरे राज्जा। मैं गई रे.
नेहा ने मुझे कस कर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया यानी नेहा की बुर ने पानी फेंक दिया था।अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था और मैं बोला, “मैं भी आया मेरी जााान,” और मैंने भी अपना लंड का पानी उसकी बुर में ही ख़लास कर दिया और मैं हाँफते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर कस के चिपक कर लेट गया। “Hot Friend Wife Fuck”
नेहा के चेहरे पर संतोष था, उसकी आँखों की ज्वाला शांत हो चुकी थी, उसकी सांसें तेज़ चल रही थीं और उसके दोनों चूचियाँ उछल-उछल कर गिर रही थीं जैसे। मैंने नेहा के सीने पर सर रख कर सो गया। नेहा ने भी एक हाथ से मेरे सिर को धीरे-धीरे सहलाते हुए दूसरे हाथ से मेरी पीठ सहला रही थी। मैं उसकी चूची पर था।
उसने भी आँखें बंद कर ली थीं और सुस्ताने लगी थी। मेरी 50 मिनट की चुदाई ने उसकी जान ढीली कर दी थी। कुछ देर बाद होश आया तो मैंने नेहा के रसीले होठों के चुम्बन लेकर जगाया। नेहा ने करवट लेकर मुझे अपने ऊपर से हटाया और मुझे अपनी बाहों में कस कर कान में फुसफुसा कर बोली, “मेरे राजा जी आपने तो कमाल कर दिया, क्या ग़ज़ब की ताक़त है आपके लंड में।”
अभी भी मेरा लौड़ा नेहा की चूत पर ही रखा था और नेहा के पानी से लिसा-पिसा पड़ा था। नेहा ने अपने मुलायम हथेलियों में मेरा लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू किया। उसकी उँगलियाँ मेरे अंडों से खेल रही थीं। उसकी नाज़ुक उँगलियों के स्पर्श पकड़ मेरा लंड भी जग गया और एक अंगड़ाई लेकर नेहा की चूत पर ठोकर मारने लगा।
नेहा ने कस कर मेरा लंड को कैद कर लिया और बोली, “बहुत जान तुम्हारे लंड में, देखो फिर से फड़-फड़ाने लगा, अब मैं इसको नहीं छोड़ूँगी।” और कह कर उठ गई और मेरे लौड़े को मुँह में लेकर चूसने लगी। कभी मेरे अंडे चूसती तो कभी लंड। मेरी सिसकारियाँ निकल रही थीं और मन फिर से मस्त हो रहा था।
मेरे लौड़े पर लगी सारी चिकनाई उसने साफ़ कर दी और बोली, “देखो कितना हसीन मस्त लौड़ा निकल आया है आपका, अब तो मैं इसे खा जाऊँगी नहीं छोड़ूँगी इसे। ये मेरा हो गया है अब मैं इसको किसी को नहीं दूँगी, ये मुझे चाहिए बस, सुजीत को बोलूंगी आराम से देते रहना पैसे ताकि मैं इस लंड की सवारी करती रहूं, ये उधार कभी खतम ही ना हो, मुझे इसी लंड से प्रेग्नेंट भी होना है।”
मेरा लंड पूरे जोश में आकर लोहे की तरह सख्त हो गया था। और अब नेहा को बेताबी हद से ज़्यादा बढ़ गई थी। मैंने आव देखा ना ताव और अपना लौड़ा उसके मुँह में पेल दिया और पूरी रफ़्तार से अंदर-बाहर करने लगा। वो गूँ गूँ गूँ करती रह गई। और मैं लगातार उसके मुँह को चोदता रहा और रुका तब जाकर जब मेरे लौड़े ने अपना सारा माल उसके मुँह में छोड़ दिया और मैंने उसके मुँह में अपना लौड़ा दबा दिया और 1 मिनट रोके रहा।
जब बाहर खींचा तो नेहा की सांस में सांस आई। दो मिनट बाद वो संभली और मेरा सारा माल बड़ी मदकता से गटक गई और बोली, “मुझे और चाहिए राहुल मुझे अपने वीर्य से नहला दो… डुबा दो अपने पानी के तालाब में… मुझे पागल कर डालो अपना पानी पिला-पिला कर।”
ये सब बोलके उसने आँखें बंद कर लीं और मस्त हो कर बोली, “ये क्या-क्या कर दिया आपने जो मैं आपकी दीवानी हो रही हूँ… जो अभी तक कभी नहीं किया था अपने पति के साथ आपके साथ क्यों कर रही हूँ।” फिर दोस्तो उस रात 5 शॉट चोदा नेहा को। उसके बाद से आज तक नेहा को चोद रहा हु। “Hot Friend Wife Fuck”
नेहा भी अब मेरे लंड की दीवानी बन गई है। सुजीत से महीने में 1या2 बार चुदवाती है मगर मेरे से कम से कम 15 से 18 बार। नेहा को मैने प्रेगनेंट कर के एक बेटा और दिया था। सुजीत का कर्जा खतम होने के बाद उसको और पैसा दिया ताकि वो दूसरे शहर जाके बिजनेस करे।
सुजीत को बिजनेस में सपोर्ट करा और उसको नया बिजनेस बना के दिया दूसरे शहर में ताकि मैं बिना किसी टेंशन के नेहा को चोदता रहूं। अब नेहा मेरी बीवी बनके घूमती है, मेरे नाम का सिंदूर भी लगाती है। मैने शादी नही करी अब तक मगर पत्नी का पूरा सुख भोग लिया। सुजीत 2,3 महीने में आता है फिर चला जाता है मगर मैं उसकी बीवी नेहा को आज भी जब चाहे तब रौंदता रहता हु।
कभी चूत तो कभी कभी गांड मारता रहता हु। तो फिर दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी। ये 100 परसेंट सच में हुआ था, 100 परसेंट रीयल कहानी है।
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