home sex with mother in law
होम सेक्स विथ मदर इन लॉ कहानी में मेरी बीवी गर्भवती हुई तो मुझे सेक्स की कमी हुई. एक बार सासू माँ ने हमें अपने घर बुलाया. तब उन्होंने मेरे साथ क्या किया?
मेरा नाम अभि है। वैसे तो मैं लखनऊ का निवासी हूँ, लेकिन आजकल नोएडा में जॉब करता हूँ।
तो चलिए, बिना देर किए होम सेक्स विथ मदर इन लॉ कहानी शुरू करते हैं।
तो हुआ यूँ कि मेरी लव मैरिज हुई थी।
घर वालों को पहले से सब पता था इसलिए शादी में कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे।
लेकिन शादी से पहले ही मैंने पत्नी के फोन में सासू माँ की तस्वीर देखी थी और मैं तभी से उनका दीवाना हो गया था।
मेरे दिल में एक उम्मीद छुपी थी कि जीवन में एक बार इस औरत को भोगना है।
समय के साथ सब आगे बढ़ता गया, शादी हो गई और सासू माँ के साथ मेरी घनिष्ठता भी बढ़ती गई।
हम दोनों सास-दामाद इतनी खुल कर बात किया करते थे कि सबको लगता था कि हम सास-दामाद नहीं, बल्कि बहुत ही अच्छे और घनिष्ठ मित्र हैं।
आपको बता दूँ कि मेरी सासू माँ का नाम गरिमा है और वह पेशे से अध्यापिका रही हैं।
दो महीने पहले ही उनकी पदोन्नति हुई है और अब वह नोएडा के एक मशहूर स्कूल की प्रिंसिपल हैं।
उनका शरीर ऐसा था जो किसी भी मर्द को पागल कर दे।
उनकी उम्र इस वक्त 43 साल है और उनका फिगर 36DD-32-38 है।
तो यह तो हो गया उनका परिचय।
जैसा कि मैंने बताया था, मैं शादी से पहले से ही अपनी सासू माँ को भोगना चाहता था.
लेकिन समय के साथ हमारी दोस्ती बढ़ती गई और यह ख्याल कहीं खो सा गया।
धीरे-धीरे हम लोग और करीब आ गए।
हम लोग साथ में शराब भी पी लेते थे, तो हर 1-2 हफ्ते में ऐसी बैठकें आम बात थीं और इसमें किसी को कोई शक भी नहीं होता था।
शादी के 4 साल बाद, सभी रिश्तेदारों के बोलने और समझाने के बाद हमने बच्चा करने का निर्णय लिया।
प्रेग्नेंसी के 3 महीने तक तो बीवी के साथ सेक्स हुआ, उसके बाद डॉक्टर की सलाह के चलते हमारे बीच सेक्स बंद हो गया और मुझे हाथ से ही काम चलाना पड़ रहा था।
अब क्योंकि बीवी प्रेग्नेंट थी, तो उसने शराब को भी कुछ समय के लिए हाथ न लगाना ही उचित समझा।
कभी-कभी दारू पीते हुए बातों-बातों में, मैं और सासू जी डबल मीनिंग बातें कर लेते थे और हममें से कोई भी इसका बुरा नहीं मानता था।
बहुत समय से साथ न बैठने के कारण सासू जी ने हमें घर बुलाया ताकि बैठना और बातें हो सकें, क्योंकि बीवी सिर्फ ऑफिस या चेकअप के लिए ही घर से बाहर आती-जाती थी।
घर पहुँचने के बाद हम बैठकर बातें कर रहे थे, तभी बीवी को नींद आने लगी और वह अपने कमरे में जाकर सो गई।
तभी सासू जी बोतल और गिलास ले आईं।
बातों का सिलसिला तब रुका जब हम 4-4 पेग पी चुके थे।
तभी मुझे सिगरेट की इच्छा हुई तो मैं बाहर टेरेस पर निकल गया।
वे भी पीछे-पीछे आ गईं और उन्होंने जो बोला वह मेरे लिए नया था।
वे बोलीं, “आज दामाद के साथ सास भी सिगरेट के छल्ले उड़ाएगी!”
वे हाथ से सिगरेट लेकर वह कश लेने लगीं।
खाँसने के बावजूद उन्होंने दोबारा पी और फिर मेरी तरफ बढ़ा दी।
दारू के कारण मेरा लिंग, जो 6.5 इंच का है, खड़ा हो गया था और मैं उसे सहला रहा था।
सासू जी ने यह देख लिया और उसके बाद उन्होंने जो बोला, उससे हमारी ज़िंदगी और रिश्ता दोनों बदल गए।
सासू जी बोलीं, “लगता है आज शेर दहाड़ मार रहा है!”
मैंने भी नशे में बोल दिया, “क्या फायदा इस दहाड़ का, जब शेर को शिकार ही नहीं मिलेगा!”
इस पर उन्होंने कहा, “शेर का शिकार तो सामने खड़ा है, अब शेर के ऊपर है कि वह शिकारी बनना चाहता है या नहीं!”
पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने मुझे देखकर एक मादक हँसी बिखेरी, तो मुझे समझ आ गया कि आज अगर ठीक से सब किया जाए तो सालों पुरानी संभोग की इच्छा पूरी हो सकती है।
बस फिर मैंने उनकी कलाई पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और उनके कानों में धीरे से बोला, “शिकारी शिकार करने के लिए 5 साल से तैयार है, बस शिकार ही शिकारी के सामने नहीं आता!”
इस पर सासू जी ने जवाब दिया, “मैं शादी के दिन से ही तुम्हें पसंद करती हूँ! यह सोचकर कि मेरी बेटी तुम्हारे साथ संभोग करके खुश है, मैं पिछले 5 साल से हर रात अपनी चूत में उँगली कर रही हूँ!”
यह जानने के बाद हम दोनों को समझ आ गया था कि आग दोनों तरफ लगी थी और अब हम दोनों ही इस आग में झुलसने के लिए तैयार थे।
क्योंकि वह टॉप फ्लोर के पेंटहाउस में रहती थीं तो किसी के देखने का कोई डर नहीं था।
हम दोनों वहीं शुरू हो गए।
पहले हमने 10 मिनट तक एक-दूसरे को बिना रुके चुंबन किया।
उसके बाद अगले 2-3 मिनट में हम दोनों पूरी तरह से बिना कपड़ों के थे।
तुरंत ही हम दोनों ’69 position’ में आ गए और एक-दूसरे को चूसना शुरू किया।
वे 5 मिनट में ही झड़ गईं, लेकिन उसके बाद भी वह 15 मिनट तक मेरा लिंग चूसती रहीं।
जब तक उन्होंने मेरा सारा पानी नहीं पी लिया, तब तक वह प्यार से अपना कमाल दिखाती रहीं।
फिर शुरू हुआ हमारा वह मिलन, जिसके लिए हम दोनों 5 साल से इंतज़ार कर रहे थे।
अगले ही पल हम दोनों फिर शुरू हुए।
मैंने 10 मिनट तक जी भर के उनकी 36DD की चूतियाँ चूसीं और उन्हें लाल कर दिया, फिर उनकी नाभि को भी चूसा।
उसके बाद उन्हें मिशनरी पोजीशन में लिटाकर 5 मिनट तक उनकी चूत चाटी और फिर अपना लंड उनकी आग बरसाती चूत में डाल दिया।
बाकी सब भूलकर हमारा मिलन शुरू हुआ।
10 मिनट तक ऐसे चोदने के बाद मुझे लगा कि अब कुछ नया किया जाए।
मैंने उन्हें उठाकर बालकनी की रेलिंग पर ‘घोड़ी’ बना लिया।
फिर पीछे से 15 मिनट तक उनकी चूत मारकर, उनका पानी निकल जाने तक तेज़ झटकों के साथ पेला।
उसके बाद लंड निकालकर उनकी गाँड़ में डाल दिया।
पहले तो वह चिल्लाईं, पर 5-7 मिनट बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा था।
अब वह और तेज़ चिल्लाकर कह रही थीं, “और तेज़! और तेज़!”
वह अपनी गाँड़ आगे-पीछे करके मरवा रही थीं और गाँड़ पर थप्पड़ पड़ने के कारण वह लाल हो चुकी थी।
जैसे ही मैंने उन्हें बताया कि मैं आने वाला हूँ, वे खुद हट गईं और मेरे लंड के आगे झुककर बैठ गईं।
वह बोलीं, “दामाद जी, नहला दो इस रंडी सास को अपने अमृत से!”
यह सुनकर मैं और भड़क गया और तेज़ी से हाथ चलाने लगा।
2 मिनट बाद उनका चेहरा, चूतियाँ और बाल सब मेरे माल से सन गए, जिसे उन्होंने चाटकर साफ़ किया।
उसके बाद उन्होंने वादा किया।
“राजा, तुम जब चाहो घर आकर मेरे सारे छेद इस्तेमाल कर सकते हो!”
वह हँसीं और अपने कपड़े लेकर सोने चली गईं।
सुबह उन्होंने 7 बजे मुझे लंड चूसकर उठाया, जहाँ हमने फिर एक बार संभोग किया।
उसके बाद मैं बीवी को लेकर घर आ गया क्योंकि उसे ऑफिस जाना था।
बीवी के जाते ही मैंने सासू जी को व्हाट्सएप पर मैसेज कर दिया, “तैयार रहो, आ रहा है राजा बजाने चूत का बाजा!”
इस पर उन्होंने मुझे दिल वाला इमोजी भेज दिया।
बीवी को ऑफिस ड्रॉप करके मैं सीधा सासू जी के पास चॉकलेट आइसक्रीम लेकर गया।
घर में घुसते ही हम दोनों ने अपने कपड़े निकाल दिए और सास-दामाद का मिलन फिर शुरू हो गया।
5 घंटे में मैंने 2 बार उनकी चूत और 2 बार उनकी गाँड़ इत्मीनान से बजाई।
उसके बाद हमेशा उनकी सेवा करने का वादा करके मैं बीवी को लेने निकल गया।
यह थी मेरी सास-दामाद के संभोग की कहानी।
आशा करता हूँ आप सबको होम सेक्स विथ मदर इन लॉ कहानी पसंद आएगी।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।