सुनसान खेत में वो खौफनाक रात

dehati gangbang chudai kahani

हम विलेज के रहने वाले हैं और हमारा घर गाँव से बाहर खेत में अकेला है, आसपास 1 किमी तक कोई घर नहीं है। घर में बस मैं और मॉम ही थे। रात को 4 लोग बाउंड्री वॉल जंप कर के अंदर घुसे, आवाज़ हुई जिससे मेरी नींद खुल गई। मैंने पूछा “कौन है?” Dehati Gangbang Chudai Kahani

तभी पीछे से एक ने मुझे पकड़ लिया और सामने से पिस्टल हेड पर लगा दी। बोला, “चुप रह नहीं तो मारा जाएगा।” मेरी तो गांड़ फट गई यार। मैं चुप-चाप खड़ा था, वो रस्सी से मेरे हाथ-पैर बाँध दिए और मुँह में कपड़ा ठूंस दिए। फिर वो घर के अंदर घुसे और सामान, पैसा-सोना खोजने लगे।

तभी एक आदमी मॉम के रूम में झाँक के आया और बोला, “उधर एक माल सो रही है।” मैं डर गया। तभी एक ने बोला, “यार घर में कुछ मिला नहीं, यही माल लूट लेते हैं।” सब मॉम को बेड से घसीट के आँगन में ले आए। मॉम गोरी-चिकनी थी, 42 की थी पर मोटी नहीं थी।

मॉम चिल्लाने लगीं, “बचाओ!” आँगन में ही मैं पड़ा था। मॉम नाइटी पहनी हुई थी, मुझे देख कर चिल्ला रही थी, “बेटा बचाओ!” उनसे बोल रही थी, “कुछ मत करो, छोड़ दो हमें।” सब बहुत ताकतवर थे, एक झटके में मॉम की नाइटी फाड़ के फेंक दिए। मॉम पूरी नंगी हो गई थी, ब्रा-पेंटी भी नहीं पहनी थी।

अब वो चारों मर्द भी नंगे हो गए। सब काले-काले थे, उनका लंड और भी काला था, 8 इंच लंबा और हाथ की कलाई जितना मोटा। मॉम को पता चल गया था क्या होने वाला है, वो हाथ जोड़ रही थी, “मैं तुम्हारी बहन जैसी हूँ।” फिर मॉम को ज़मीन पर लेटा कर एक पीछे से हाथ पकड़ लिया.

और दो ने मॉम के पैर फैला दिए, जिससे चूत सामने दिखने लगी- एकदम गोरी और क्लीन शेव थी। एक आदमी मॉम के ऊपर चढ़ा और ज़ोर से धक्का मारा, लंड आधा घुस गया। मॉम ज़ोर से चिल्लाई, “आह! मत करो, जाने दो मर जाऊँगी!” फिर दूसरा धक्का मारा, पूरा 8 इंच लंड चूत में चला गया।

वो ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगा रहा था, मॉम रो रही थी। सब मेरे सामने मॉम का गैंगबैंग हो रहा था। 20 मिनट बाद लंड बाहर निकाला, उस पर खून लगा था और मॉम की चूत से खून निकल रहा था थोड़ा सा। हम ऑपरेशन से पैदा हुए थे तो मॉम की चूत पूरी खुली नहीं थी।

मॉम बेहोश सी हो गई थी, साँस चल रही थी। फिर दूसरा मर्द चढ़ के चोदने लगा, 15-20 मिनट तक चोदा और चूत में ही लंड का पानी निकाल दिया। ऐसे ही चारों ने 2 घंटे तक मॉम की चूत चोदी और पानी अंदर ही निकाला, ज़मीन पर खून भी गिरा था। फिर उन्होंने मेरा कपड़ा फाड़ के नंगा कर दिया।

इतनी देर तक चुदाई देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था। सब हँसने लगे, “अपनी मॉम की चुदाई देख के इस गांडू की लुलिया खड़ी हो गई है।” फिर मॉम को उल्टा लेटा दिया, गांड़ ऊपर हो गई। उसने अपना मोटा लंड मॉम की गांड़ में डाल दिया।

मॉम ज़ोर से चिल्लाई, साला गांड़ फाड़ दिया था, सील पैक गांड़ थी, बाप ने भी कभी नहीं चोदा था। उसके लंड पर बहुत खून लगा था। थोड़ी देर बाद मॉम को गोद में उठा लिया, एक लंड चूत में और एक गांड़ में डाल के चोदने लगे। फिर दो मर्द मेरे पास आए और लंड चूसने को बोला। मना किया तो गन हेड पर लगा दी।

मैं लंड चूसने लगा, पूरा गला तक चला गया था, साँस फूलने लगी। फिर दूसरे ने मेरी कोरी गांड़ में लंड डाल दिया। लगा कि कोई गांड़ में चाकू मार दिया हो। दर्द के मारे मेरा लंड पानी निकाल दिया। वो हँसने लगे, “रंडी तेरा बेटा गांडू बन गया, गांड़ मरवाने में मज़ा आ रहा है इसे।”

फिर उन्होंने अपना पानी मेरे मुँह में निकाल दिया और कहा, “पूरा पी जा।” पीना पड़ा, बहुत गंदा लग रहा था। 4 बज रहे थे जब वो पिस्टल लगा के धमकी देकर चले गए। हम दोनों नंगे ज़मीन पर पड़े थे, खून और लंड का पानी फैला था। मॉर्निंग में मॉम उठीं, बाथरूम में साफ़ हुईं।

फिर गरम पानी लेके आईं और मेरी गांड़ के होल पर डाला। बहुत जलन हो रही थी। हम दोनों 2-3 घंटे नंगे ही रहे। बाथरूम में मॉम ने मेरी बॉडी पर साबुन लगाया और मेरी गांड़ के होल में उँगली डाल के साफ़ की, होल पूरा खुला था। मेरा लंड खड़ा हो गया।

फिर मैंने मॉम की पूरी बॉडी पर साबुन लगा के रगड़ा- पीठ, गांड़, चूची, पेट और चूत साफ़ की। मेरा लंड बार-बार उनकी बॉडी से टच हो रहा था। होल खुले थे तो लंड का टोपा मॉम की गांड़ में घुस गया। मैंने अंदर डालने की कोशिश की तो मॉम बोलीं, “जलन हो रही है, मत करो।”

फिर मॉम ने मुझे गले लगा लिया, हम दोनों की हाइट सेम है तो लंड सीधे मॉम की चूत पर गया और टोपा अंदर चला गया। मॉम बोलीं, “जो हुआ गलत हुआ पर हम क्या कर सकते हैं, पुलिस में गए तो तुम्हें मार देंगे। इसे एक सपना समझ के भूल जाओ।”

फिर मॉम ने मेरे हेड पर किस किया, मैंने उनके लिप्स पर किस किया और धक्का लगाने लगा। मॉम ने हाथ से हिला कर मेरा पानी निकाल दिया। एक वीक बाद जब सब नॉर्मल हुआ और बहन स्कूल गई थी, मैंने किचन में पीछे से मॉम को पकड़ लिया।

उन्हें “आई लव यू” बोला और उनकी चूची दबाने लगा। मैंने सिंदूर उठाया और मॉम की माँग में भर दिया, बोला “लो हो गई शादी, अब मेरी बीवी हो।” फिर मॉम तैयार हुई, 16 श्रृंगार किया और सुहागरात वाली साड़ी पहन कर बेड पर आईं। मैंने उनकी पूरी बॉडी चाटी, चूत-गांड़ सब चाटा।

विगोरा की वजह से मेरा लंड लोहे जैसा था। मॉम मेरे ऊपर बैठ कर उछलने लगीं। मैंने बोला, “साली रंडी, पति के लिए सील नहीं बचा सकी?” मॉम बोलीं, “तुम इतने दिन बाद आए, गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई तो चुद गई।” 1 घंटे बाद मैंने अपना पानी उनकी चूत में निकाल दिया।

असली प्रॉब्लम तब हुई जब मॉम की प्रेग्नेंसी 6 वीक की निकली। वो उन डाकुओं का ही था। हमने हॉस्पिटल जा कर हस्बैंड-वाइफ बन के उसे गिरवा दिया। अब जब भी मौका मिलता है हम चुदाई कर लेते हैं- घर में या खेत में। अब सब नॉर्मल है।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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