शादीशुदा बहन को चोद दिया

bahan bhai chudai kahani

बहन भाई चुदाई कहानी में मैं अपनी कुंवारी सेक्सी बहन को चोदना चाहता था लेकिन उसकी शादी हो गयी. शादी के कुछ दिन बाद वह मायके आई तो और ज्यादा माल बन चुकी थी.

दोस्तो, मेरा नाम आसिफ है. मेरे घर में हम 5 लोग रहते हैं. मैं, मेरा भाई, मेरी बहन और अम्मी-अब्बू.

ये बहन भाई चुदाई कहानी मेरी बहन आशिफा की चुदाई की कहानी है.
वह मुझसे 2 साल बड़ी है और देखने में एकदम कमसिन माल है.

अब तो मेरी बहन की शादी हो गई है.
मगर शादी से पहले मैंने अपनी बहन की लेने की बहुत कोशिश की है.
कई बार मैंने उसे सोचकर मुठ भी मारी है.

शादी से पहले वह घर में हमेशा सलवार सूट में रहती थी.
शादी के बाद वह नकाब पहनने लगी है.
जब भी मैं उसको सूट में देखता था तो उसकी तनी हुई बड़ी बड़ी चूचियां देखकर मेरा उसे चोदने का बहुत मन होता था … अब तो और ज्यादा होता है.

उस वक्त उसकी चाल देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था.
कई बार उसने मुझे लंड को सहलाते हुए भी देखा है.

निकाह के पहले घर की सफाई करती हुई जब भी वह झुकती थी तो हर बार मुझे उसके चूचे साफ दिख जाते थे.
उसके गोरे और रसीले चूचों को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और उसी वक्त वह भी मेरे खड़े लंड को देखकर मुझे देखने लगती.

हालांकि इससे ज्यादा कुछ भी नहीं हो पाया और मैं अपने लौड़े की मुट्ठ मार कर शांत हो जाता रहा.

कुछ दिन बाद उसकी शादी हो गई.

शादी के 5 दिन बाद बाद मेरी बाजी कुछ दिनों के लिए घर आई थी.
शादी के बाद मायके आया ही जाता है, तो वह भी आई थी.

इन 5 दिन में उसे अपने शौहर के लंड से चुदाई का चस्का लग गया था.

उसी रात की बात है, मेरा बड़ा भाई काम से बाहर गया हुआ था.

हमारे घर में दो रूम हैं और किचन अलग से बना है.

एक रूम में अम्मी-अब्बू और मैं और बाजी सोए हुए थे, हम दोनों एक ही बेड पर लेटे हुए थे.

अचानक बाजी की चूत में खुजली हुई तो वह मेरी तरफ घूमी और अपना शौहर समझकर मुझे किस करने लगी.
मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि बाजी मुझे किस कर रही है.

हम दोनों एक ही रजाई में थे.

कुछ पल बाद मैंने भी बाजी को किस करना शुरू कर दिया तो उसकी आंख खुल गई और उसने मुझे दूर कर दिया.

वह मुँह घुमा कर सो गई.
मैं भी सोने का नाटक करने लगा.

उसे चूमने से मेरा लंड तो खड़ा हो गया था, मगर मैं क्या कर सकता था.

कुछ देर बाद मैं भी सो गया.

अगले दिन मैंने बाजी को प्यार से देखा तो उसने मुझे अपनी आंखों से तरेर कर देखा.
मैं डर गया और चुपचाप बाहर चला गया.

मेरे दिमाग में रात का वही सीन चल रहा था.
मैंने सोच लिया था कि बाजी को अब चोदना ही है.

दिन तो कैसे भी करके गुजर गया.
फिर रात हुई तो हमने खाना खाया.

तभी भाई का कॉल आया.

वह बोला- मुझे कुछ दिन और लगेंगे.
अम्मी-अब्बू बोले- ठीक है.

फिर हम सब सोने चले गए.
मैंने टीवी पर फिल्म लगा दी और हम दोनों टीवी देखने लगे.

उस फिल्म में एक रोमांटिक सीन आया.
तो मेरी वासना जाग गई.
मैंने तो सोच को पक्का कर लिया कि आज की रात में बाजी को चोदना ही है, चाहे कुछ भी हो जाए.

फिर हम दोनों को नींद आने लगी तो मैंने टीवी बंद कर दिया और सोने लगे.

मैंने आज अन्दर कुछ भी नहीं पहना था, बस शॉर्ट पहना था, अंडरवियर नहीं पहनी थी.

करीब आधा घंटा बाद मैंने धीरे से बाजी की कमर पर हाथ रखा.
उसने सलवार सूट पहना था.

धीरे-धीरे मैं उसके चूचों पर हाथ फेरने लगा.
आह … मेरी बाजी के इतने मुलायम-मुलायम चूचे थे कि लंड में आग लग गई.

शायद बाजी को भी मजा आने लगा था तो वह धीरे-धीरे आवाज निकालने लगी.
बाजी बोलने लगी- धीरे करो धीरे करो उ उफ्फ … आह्ह ह …

वह मुझे अपना शौहर समझने लगी.
फिर उसकी अचानक आंख खुली.
वह मुझे देखकर घबरा गई.

वह बोली- आसिफ तुम ये सब क्या कर रहे हो? तुम मेरे छोटे भाई हो!
मैं बोला- बाजी तुम कितनी हॉट हो, इसलिए मैं खुद को रोक नहीं पाया!

बाजी बोली- लेकिन ये सब गलत है!
मैं बोला- क्या किसी को पता चलेगा? घर की बात घर में ही रहेगी.

वह बोली- अम्मी-अब्बू को पता चल जाएगा!
मैं बोला- उन्हें कौन बताएगा? ना तुम बताओगी ना मैं!

बाजी ने पहले तो मुंडी हिला दी, लेकिन अगले ही पल वह बोली- फिर भी ये गलत है तुम मेरे भाई हो.

मैंने कहा- बाजी, कमर के नीचे रिश्ते नहीं देखे जाते … चूत को लंड चाहिए होता है बस, फिर वह चाहे किसी का भी हो! आपको जीजू का लंड याद आ रहा है न … तो कौन सा उनके लवड़े पर नाम लिखा है. लंड लंड सब एक जैसे ही तो होते हैं!
उसने बोली- हम्म … ये तो सही बात है!

फिर मैं बोला- चलो बाजी, मजा करते हैं.
उसने मुस्कुरा दिया और मुझे किस करने लगी.
मैं भी करने लगा.

फिर मैंने अपनी बहन की चूचियों को दबाया और किस करने लगा.

वह भी मुझे जी-जान से चूमने लगी थी.

कुछ ही देर में हम दोनों के लंड चुत में आग भड़क गई और मैंने उसे बेड पर चित लिटा दिया.

फिर जल्द ही मैंने उसे पूरी नंगी कर लिया.
उसकी प्यारी सी चूत देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.

मैं इतनी प्यारी चूत पहली बार देख रहा था.
बाजी वासना से बोली- देख क्या रहा है, चाट ले न अपनी बहन की चूत!

मैं भूखे कुत्ते की तरह उसकी चूत को चाटने लगा.
वह मेरे सर को अपनी चुत पर दबाती हुई ‘आआह्ह्ह … उउउफ्फ …’ की आवाजें निकालने लगी.

मैंने अपना पूरा मुँह बाजी की चूत में लगा दिया था और जीभ को अन्दर डालकर ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा था.

वह भी ऊंह ऊं करती हुई कहने लगी- आह चाट दे भैनचोद … आह अपनी प्यारी बहन की चूत चाट ले साले चाट कर खा जा!
मैं और ज़ोर-ज़ोर से बहन की चुत चाटने लगा.

अब मैंने उससे अपना लंड चूसने के लिए बोला.
उसने मना कर दिया.

उसने अभी तक किसी का लंड नहीं लिया था और न चूसा था.
मैंने कहा, तो वह बोली- तेरे जीजू भी कहते हैं चूसने के लिए … मगर मैं नहीं ले सकती मुँह में!

यह सुनकर मैंने उसका मुँह पकड़ा और उसके मुँह में अपना लंड देते हुए कहा- सीख ले लवड़ी … जब ससुराल जाएगी तो दूल्हा भाई को मजा आ जाएगा.

यह सुनकर वह हंस दी और थोड़ी देर के बाद वह खुद ही लंड चूसने लगी.
अब उसे भी लंड चूसने में मजा आने लगा था.

नॉनवेज खाते समय जो मजा मटन की नल्ली चूसने में मजा आता है, उसे सेम वही मजा लंड चूसने में आ रहा था.
कुछ ही देर में मेरा लंड 7 इंच लंबा हो गया.

अब मैं उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगा- बहनचोद रंडी है … साली तू अपने ही भाई का लंड चूस रही है बहन की लवड़ी रंडी है तू … आह सच में तू बहुत बड़ी रंडी है!
वह भी चुदास में बोली- हां भैनचोद मैं रंडी हूँ और तू दल्ला है इस रंडी का आह साले अपने ही बाजी को चोद रहा है!

मैं बोला- आह चूस मादरचोद … तू तो मेरी रंडी है रंडी!
वह भी मस्त होकर लंड चूसने में लगी थी.

फिर वह बोली- अब चोद न मुझे … मेरी चुत भभक रही है!
मैंने उसकी बात सुनी तो चुदाई का पोज सैट किया और अपना लंड उसकी चूत पर रख कर चूत पर सुपारा रगड़ने लगा.

वह गांड उठाती हुई बोली- आह भाई मत तड़पा इतना … डाल दे अब!
मैंने लंड पर जरा ज्यादा सा थूक लगाया और बहन की चुत के छेद में सुपारा फंसा कर एक ज़ोर का धक्का दे मारा.

उसकी चिकनी चुत में मेरा आधा लंड अन्दर घुसता चला गया.
बहन भाई चुदाई कहानी शुरू हो गयी और वह आह आह करने लगी.

मैंने कहा- बाजी कितनी प्यारी चूत है आपकी!
वह बोली- अभी तक किसी का लंड नहीं लिया ना … इसलिए. बस मैंने इसमें अपने शौहर का लंड ही लिया है … और आज अपने प्यारे भैनचोद भाई का लंड ले रही हूँ.

मैंने उसकी बात सुनकर एक और धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर पेल दिया.
बाजी कराह कर बोली- उफ्फ … कितना बड़ा है तेरा लंड … अपनी बहन की चूत फाड़ देगा क्या मादरचोद!

मैंने कहा- हां साली रंडी आज तेरी चूत फाड़ दूँगा.
मैं ज़ोर-ज़ोर से बहनिया चोदने लगा.

मैं उसकी चुत चोदते-चोदते बोलने भी लगा- बाजी मैं तुम्हें शादी के पहले से चोदना चाहता था!
बाजी बोली- हां मुझे मालूम है, मगर मैं निकाह के पहले किसी से चुदना नहीं चाहती थी. अब मेरे राजा आज चोद डाल बाजी की चूत … आह फाड़ भी डाल, तो भी कुछ नहीं कहूँगी. अब तो मेरे पास चुदने का लाइसेंस है.

यह सुनकर मैं हंस दिया और उसकी एक चूची को दबाने लगा और दूसरी को मुँह में लेकर उसका दूध पीने लगा.
बड़ी ही मुलायम-मुलायम चूचियां थीं मेरी बाजी की.

मैं बाजी की चुत को और जोर-जोर से चोदने लगा.
बाजी बोली- धीरे कर न … मैं कहीं भागी जा रही हूँ क्या?
मैं बोला- हां भागकर तो नहीं रही है … लेकिन आज बड़ी मुश्किल से तो तुझे चोदने का मौका मिला है तो आज तो अपनी बहन की चुत को पूरी ताकत से चोदने का मन कर रहा है!

सच में मेरी बाजी की चुत बहुत ही गोरी थी और एकदम रेशम सी मुलायम भी थी.

कुछ देर बाद बाजी ने एक ऐसी बात बोली कि मेरे तो होश ही उड़ गए.
वह बोली- भाई सिर्फ चूत ही चोदोगे क्या? मेरी गांड भी तो मारो!

मैंने सोचा कि दूल्हा भाई ने पांच दिन में ही मेरी बहन को फुल रंडी बना दिया.
मैं उसकी चूची चूसता हुआ बोला- हां हां क्यों नहीं बाजी, आप तो मेरी रंडी बाजी हो, जो आप बोलोगी मैं वह सब करूँगा!

हम दोनों हंसने लगे.

फिर बाजी ने लंड चुत से निकलवाया और अपनी गांड उठाकर मेरी तरफ कर दी.
मैंने लौड़े में तेल लगाया और एक ही झटके में आधा लंड अन्दर डाल दिया.

बाजी दर्द से कराह कर बोली- आराम से चोद मादरचोद … मेरी गांड फाड़ देगा क्या? मैंने अभी तक गांड में लंड नहीं लिया था … सिर्फ गाजर ही डाली थी.
यह सुनकर मैं और ज्यादा शॉक्ड हो गया कि दूल्हा भाई के लौड़े के लिए मेरे लंड से गांड मरवाना सीख रही है साली.

फिर मैंने सोचा कि अभी तो गांड मारने का मजा लेता हूँ, बाद में इससे बात करूंगा.
मैंने दूसरा झटका मारा और इस बार अपना पूरा लंड बाजी की गांड के अन्दर पेल दिया.

बाजी तो दर्द से मर ही गई थी.
वह तड़फ कर बोली- आह फट गई साले हरामी … अपना लंड बाहर निकाल जल्दी भोसड़ी के आह!

मैं कहां मानने वाला था.
मैंने ज़ोर-ज़ोर से बहन की गांड चोदना शुरू कर दिया.

कुछ देर के बाद बाजी भी मजा लेने लगी.
फिर मैं बाजी को घोड़ी बनाकर चोदने लगा.

उस तरह से बहन की चुदाई का मजा ही कुछ और आ रहा था.

बाद में मैंने बाजी को सीधी लिटाया और उसकी चूत में लंड डाल कर उसे चोदने लगा.
बाजी मस्ती से बोलने लगी- चोद अपनी बहन को चोद आह और दूध चूस ले कमीने मेरे आह.

‘हां बाजी चुत चोद रहा हूँ आपकी आह … लाओ अपना एक दूध चुसवाओ.’
यह कह कर मैं नीचे को झुका और बाजी का एक दूध मुँह में दबा कर उसको ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.

कुछ देर के बाद बाजी का पानी निकल गया.
मेरी बाजी तो झड़ कर शांत हो गई थी, लेकिन मैं अभी भी लगा था.

फिर कुछ देर बाद मैं भी झड़ने वाला हो गया था.

मैंने बाजी से पूछा- कहां निकालूँ पानी?
बाजी बोली- अन्दर ही निकाल दे … अभी पता तो नहीं है कि तेरे जीजू के लौड़े के बीज से मां बनूँगी या तेरे ब.च्चे की मां बनूँगी!

मैं कुछ देर के बाद बहन की चुत में ही झड़ गया और हम दोनों शांत होकर लेट गए.
उस रात मैंने अपनी बाजी को दो बार और चोदा.

अब हमें जब भी मौका मिलता, हम तब चुदाई कर लेते.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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