पार्टी-गर्ल मॉम अपने बेटे से चुदी- 2

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ऐस्स एनल सेक्स कहानी में बेटे से सेक्स के बाद मुझे पति से सेक्स में मजा नहीं आया. अब मेरा मन भी बेटे से चुदाई का होने लगा था. उसने मेरी गांड कैसे मारी?

दोस्तो, मैं आपकी अपनी सिम्मी एक बार पुनः अपनी परिचिता आयशा की सेक्स कहानी को उसी की जुबानी लिख रही थी.

कहानी के पहले भाग
शौहर समझ कर बेटे से चुदवा लिया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि उस रात आयशा के पति ने यानि मेरे पति ने मुझे चोदने के लिए कोई कामोत्तेजना बढ़ाने वाली दवा ली हुई थी और वे मुझे चोदने की तैयारी कर रहे थे.
जबकि मुझे इस बात की जानकारी करनी थी कि कल रात मुझे मेरे पति ने चोदा था या किसी और ने चोद दिया था.

तो आइए ऐस्स एनल सेक्स कहानी में जानते हैं कि आगे क्या हुआ :

मेरे पति ने मुझे घोड़ी बनाया और जैसे ही मेरी गांड में लंड डाला.
उनका लंड मुझे बिल्कुल भी वैसा महसूस नहीं हुआ; जैसा कल रात मेरी गांड में लंड गया था क्योंकि कल के मुकाबले वह बहुत छोटा था.

उसी वक्त मेरी नजर दरवाजे के नीचे से आती एक परछाई पर चली गई.

मैं पति के लंड को लेकर ऐसे ही चिल्लाने लगी- ओह बहुत दर्द हो रहा है धीरे करो, धीरे करो!

मुझे पता चल गया था कि शायद बाहर मेरा बेटा ही खड़ा है, जो मुझे की-होल से देख रहा है.
मुझे उसकी परछाई भी थोड़ी-थोड़ी देर में हिलती हुई दिख रही थी.
करीब 10-15 मिनट के बाद मेरे पति ने अपना सारा पानी मेरे अन्दर छोड़ दिया और सो गए.

मैं भी अपना पानी निकाल कर सो गई.

मैं सुबह 5:00 बजे ही उठ गई.
उठने के बाद मैं सीधा शौक़त के कमरे में गई.
मैंने देखा कि शौक़त बिल्कुल नंगा होकर सो रहा था.

सोते समय भी उसका लंड 4 से 5 इंच लंबा लग रहा था.
मैं सब समझ गई कि उस रात यही बना था मादरचोद.

हालांकि मैं एक पार्टी-गर्ल हूँ और पूरी चुदक्कड़ हूँ.
मुझे गैर मर्दों के लंड लेने में कोई गुरेज नहीं है, तो मैं बस शांत हो गई थी.
मुझे सिर्फ यही लग रहा था कि गैर मर्द का लंड और अपने बेटे का लंड लेने में कुछ गलत है या नहीं.

फिर मैं यही सब सोचती हुई अपने काम में लग गई.

सुबह सुबह मेरे पति ने किसी से फोन पर बात की और उसके बाद मुझसे कहा कि उन्हें आज रात ही एक हफ्ते के लिए कहीं बाहर जाना है, तो मेरे सामान की पैकिंग कर देना.
मैं उनके सामान और कपड़ों आदि की पैकिंग करने लगी.

यह उनका हमेशा का काम था तो मैं भी ज्यादा सवाल जबाव नहीं करती थी.

वे नाश्ता करके चले गए.

जब शौक़त सोकर उठा और नीचे आया, तो उसे देखकर मैं किचन में चली गई और उसके लिए नाश्ता बनाने लगी.
वह मेरे पास आया, लेकिन उसने मुझे आज किस नहीं किया; बस हल्का सा टच किया और ‘गुड मॉर्निंग’ बोलकर अपने काम में चला गया.

मैं समझ गई कि वह आज बहुत गुस्सा है.

वह गुस्सा करे भी क्यों ना?
जिसे उसने एक दिन पहले चोदा था, आज उसे उसका बाप चोद रहा था!

सारा दिन यूं ही वक्त गुजरता रहा, मैं अजीब से पेशोपेश में थी.

रात होते-होते शौक़त मुझसे थोड़ी-थोड़ी बात करने लगा.

मैं समझ चुकी थी कि परसों जो शख्स मेरे कमरे में था, वह यही था और मुझे बेदर्दी से चोद रहा था.

फिर भी मैं उसके मुँह से यह बात उगलवाना चाहती थी.
दूसरी बात यह भी लग रही थी कि मां-बेटे के बीच ऐसा संबंध बनना नामुमकिन सा था. शायद मैं गलत न होऊं!

फिर मैंने उसे अपनी तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और कहा- शौक़त बेटा, मेरी तबीयत खराब है, क्या तुम मेडिकल स्टोर से मेरे लिए दवाई ले आओगे?
तो वह बोला- हां मैं लेकर आता हूँ.

वह चला गया.
उस वक्त शाम के 5:00 बजे का समय था.

जैसे ही वह आया, उसने मुझे दवाई दे दी, मैंने दवाई देखी तो मुझे पता चल गया था कि उसमें एक नींद की गोली थी.
उस दवाई को मैं अच्छी तरह से जानती थी.

मैंने उससे कहा- पानी लाकर दे दो मुझे. जब वह पानी लेने गया, तो मैंने वह गोली बाहर फेंक दी और दूसरी गोली जो काम की थी, उसे मैंने अपने मुँह में रख ली और उसके सामने पानी पी लिया.

उसे लगा कि मैंने सारा डोज खा लिया.
मैं आज देखना चाहती थी कि आखिर यह क्या करता है!

फिर 10-15 मिनट टीवी देखने के बाद मैंने उससे बोला- शौक़त, मेरे सिर में दर्द हो रहा है, मैं सोने जा रही हूँ.
वह बोला- ठीक है मम्मी, आप सो जाइए और मैं आज खाना बाहर से ऑर्डर कर लेता हूँ.

मैंने ‘ओके’ कहा और कमरे में जाकर सोने का नाटक करने लगी.

करीब 25 से 30 मिनट के बाद वह कमरे में आकर मुझे आवाज देने लगा तो मैंने नाटक जारी रखा जैसे मैं बेहोश हूँ.

मैंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे वह समझ गया कि मैं सो चुकी हूँ.
मैं बस देखना चाहती थी कि वह क्या करता है.

थोड़ी देर बाद वह मेरे शरीर पर हाथ फेरने लगा.
मैंने जो कपड़े पहने थे, वे काफी ढीले थे … स्लीवलेस टी-शर्ट और नीचे लोअर.

वह धीरे-धीरे मुझे छूने लगा और मेरे पास आकर मेरे होंठ चूसने लगा.
मैं आंखें बंद करके नाटक करती रही.

तब वह बुदबुदा कर बोला- आज जितना मर्जी नाटक कर ले, आज तेरे को चोद कर ही छोड़ूँगा. कल तू उसको अपनी गांड चोदने दे रही थी, आज मैं तेरी गांड फाड़ता हूँ, तू रुक तो सही!
मैं सब सुन रही थी और अन्दर ही अन्दर मस्त हो रही थी कि मेरा बेटा ही मुझे चोदने को तरस रहा है.

दरअसल मुझे भी कहीं न कहीं उसके लंड से मुहब्बत हो गई थी और मुझे बेहोशी में उससे चुदवाने में कोई झिझक भी नहीं हो रही थी.

फिर उसने धीरे-धीरे मेरी शर्ट उतारी.
नीचे मैंने कुछ नहीं पहना था.

शौक़त वासना भरी आवाज में बोला- वाह क्या चूचियां हैं … उस रात तो मैं तेरा कुछ भी देख नहीं पाया था.

फिर शौक़त मेरे स्तन चूसने लगा और बहुत ही मस्त चूस रहा था.
मैं इतनी उत्तेजित हो गई थी कि दिल कर रहा था कि उठकर अपना पूरा स्तन उसके मुँह में दे दूँ.

फिर उसने मुझे थोड़ा सा ऊपर किया और मेरा लोअर उतारने लगा.
उतारते-उतारते उसने लोअर नीचे कर दिया और अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी थी.

जैसे ही उसने अपने कपड़े उतारे, मैंने हल्की सी आंखें खोलकर देखा; उसने अपना पूरा खड़ा हुआ लंड मेरे मुँह पर घिसना शुरू कर दिया.

मेरा मुँह बंद था तो वह अपने लौड़े को सिर्फ मेरे होंठों और गालों पर रगड़ रहा था.

फिर उसने अपना लंड मेरे स्तनों के बीच में किया और दोनों मम्मों को पकड़ कर बीच में घिसने लगा.
मुझे यह बहुत अच्छा लगा.

उस दौरान उसका लंड मेरे मुँह तक आ रहा था तो मुझे उसके लौड़े को चूसने का दिल कर रहा था मगर मैं अभी सब कुछ खोलना नहीं चाहती थी तो चुपचाप उसके लौड़े की रगड़न का मजा लेती रही.

फिर वह मेरी चूत चाटने लगा.
मैंने भी कुनमुनाते हुए अपनी टांगें खोल दी थीं.

मेरी चूत पानी छोड़ रही थी, जिसे शौक़त पीता जा रहा था.
यह सब देखकर मुझे उस पर और भी प्यार आने लगा.

एक बार को तो मेरा दिल कर रहा था कि उठकर बता दूँ कि मैं सब जानती हूँ … पर दूसरी ओर दिल ने कहा कि चुपचाप लेटी रह, कहीं शौक़त शर्म के मारे मुझे छोड़ न दे.

फिर जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत पर रखा, वह बहुत गर्म महसूस हुआ.
तभी उसने एक झटका दिया, जिससे उसका 4 इंच तक मेरे अन्दर चला गया.

मैं हल्की सी आवाज़ में सिसकी- आह्ह्ह!
तब शौक़त रुक गया.

मैं नींद में होने का नाटक करती हुई बोली- आह जान, मत करो … बेटा अभी घर में है, उसको सो लेने दो, फिर रात को कर लेना!
शौक़त ने समझा शायद मैं नींद में बोल रही हूँ.
धीरे-धीरे वह झटके देने लगा और जब लंड पूरा अन्दर-बाहर होने लगा, तब उसने एक जोरदार झटके के साथ पूरा अन्दर डाल दिया.

मैं भी समझ गई कि यही वह मर्द है, जिसने उस दिन मुझे चोदा था, जिसके झटके मैं समझ सकती थी.

उसने करीब 15 मिनट तक मुझे ऐसे ही चोदा और फिर अपना सारा पानी मेरे अन्दर छोड़ दिया.
लेकिन मैं अभी तक संतुष्ट नहीं थी.

उसके झड़ने के कुछ ही मिनट के बाद उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और उसने फिर से मेरी चूत पर जैसे ही लंड लगाया, मुझे बहुत मजा आया.

उसने एक ही झटके में अन्दर डाल दिया.
अभी उसने कोई चार-पांच मिनट ही उसने चोदा था कि मेरा पानी निकलने वाला था.

मैं बहुत जोर से चिल्लाई और चिल्लाने के साथ ही अपना पानी छोड़ दिया.
तब मैं यह भूल चुकी थी कि मेरी आंखें बंद हैं.

मैं आंखें खोलकर बैठ गई.

यह देखकर शौक़त रुक गया और बोला- आप सोई नहीं?
मैं बोली- नहीं और तू जो कर रहा है, अब रुकना मत … चोद दे मुझे भोसड़ी के!

वह गाली सुनकर और जोर-जोर से मेरी चुदाई करने लगा.

करीब 30 मिनट के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी चूत में छोड़ दिया.
मैंने भी साथ में ही अपना पानी निकाल दी.

हम दोनों बेड पर नंगे ही लेट गए, तो शौक़त मुझे किस करने लगा.
वह बोलने लगा- मॉम, आप सब जानती हो?

तब मैं बोली- हां, मैं सब कुछ जानती हूँ कि तू क्या करता है. उस रात भी तुमने जो किया, मैं सब जानती थी.
शौक़त बोला- उस रात की मेरी कोई गलती नहीं है, वह आपने ही सब कुछ किया था. मैं तो सो रहा था, आपने ही आकर मेरे साथ किया था!

फिर मैं मन में सोचने लगी कि हां, सारी गलती तो मेरी ही है, मैंने ही सब कुछ किया था क्योंकि इसने तो कुछ किया ही नहीं था.

वह फिर से मुझे पागलों की तरह किस करने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगी क्योंकि इस बार मैं यह सोच ही नहीं रही थी कि वह मेरा बेटा है.
जब उसने लंड मेरे मुँह में दिया, तो मैं पहले तो चूसने लगी, फिर मैंने झटके से बाहर निकाला और कहा- शौक़त, यह गलत बात है!

तब शौक़त बोला- मॉम, क्या हो गया?
मैंने फिर कहा- नहीं, यह गलत बात है.

शौक़त मुझे प्यार करने लगा और बूब्स चूसने लगा.
मैं उसका साथ देने लगी और साथ में बोलती रही- यह गलत बात है!

लेकिन उसने मुझे थोड़ा सीधा किया और एक ही झटके में अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया.

मैं मजे से चिल्लाने लगी- आआहह बेटे … और जोर से चोदो अपनी मां को … आह पूरी ताकत से चोदो आहह … बड़ा मज़ा आ रहा है … तुम हमेशा मुझे ऐसे ही चोदते रहना!
वह मेरे बूब्स भी दबाने लगा और चूत चोदने लगा.

मैं चिल्लाती रही और शौक़त जोर-जोर से चोदने लगा.
पूरे रूम में ‘पच-पच’ की आवाज़ आ रही थी

शौक़त बोला- मॉम, मेरे साथ मज़ा आ रहा है या पापा के साथ आता है?
मैं कुछ बोली नहीं, तब वह बोला- बोल आयशा, बोलती क्यों नहीं बहन की लवड़ी?

मैं बोली- तेरे साथ …

तब वह और जोर-जोर से चोदने लगा और उसके बाद वह मेरी गांड में लंड देकर चोदने लगा.

करीब एक घंटे तक चोदने के बाद उसने मेरी गांड के अन्दर ही सारा पानी छोड़ दिया.

मैं हांफती हुई बोली- बहुत मज़ा आया बेटे!

जब हमने टाइम देखा तो रात के 11 बज चुके थे.

मैं बोली- मैं तेरे लिए खाना बनाती हूँ!
यह बोलकर मैं किचन में चली गई.
शौक़त भी मेरे पीछे-पीछे आ गया.

मैं अभी भी नंगी ही थी और मेरी चुत से उसके लंड का पानी नीचे टपक रहा था.

शौक़त मुझे पीछे से गले लगाकर अपना लंड चुभाने लगा.
मैं हंस कर बोली- बेटे इसको साइड करो, चुभ रहा है!

तो शौक़त ने लंड हाथ में लिया और मुझे थोड़ा आगे करके मेरी गांड के छेद में डाल दिया.

उसके लंड के गांड में अन्दर चले जाने से मेरी गांड में दर्द होने लगा.
ऐस्स एनल सेक्स के बाद मैं ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी.

मैं बोली- बेटे क्या कर रहे हो? इतना चोद चुके हो, तो तुझे मना कहां कर रही हूँ. बस थोड़ी प्रतीक्षा कर लो!
तब शौक़त बोला- मैं जब भी आपको किचन में देखता था, दिल करता था कि अभी चोद दूँ … मेरा वह सपना आज पूरा हो रहा है, तो चोदे बिना कैसे छोड़ दूँ आपको!

इतना बोलने के बाद वह जोर-जोर से झटके मारने लगा. मैं आगे की स्लैब से बार-बार टकरा रही थी.
मैं बोली- बेटे धीरे करो न!
शौक़त बोला- अगर धीरे करना था तो पापा हैं ना … मैं तो ऐसे ही करूँगा और ऐसे ही चोद चोद कर गांड फाड़ दूँगा!

उसके झटके मुझे पूरा हिला रहे थे.
जब मैंने अपनी गांड को देखा, वह पूरी खुल चुकी थी.

उसके झटकों की स्पीड और ज्यादा होने लगी.
उसने मुझे काफी देर तक ऐसे ही चोदा.

फिर मैं नीचे घोड़ी बन गई तो वह मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे चोदने लगा.

इस बार कोई डर नहीं था क्योंकि मुझे पता था कि घर में हमारे अलावा कोई नहीं है.
मैं खुलकर चिल्लाने लगी.

जब उसने अपना पानी छोड़ा, तो मुझे बोला कि बहुत मजा आया!
उसने मेरी गांड में अपना वीर्य निकाल दिया था.

मैं उससे अलग हुई और उसका लंड चूस कर साफ़ करने लगी.
लंड साफ करने के बाद मैं उठ कर उसे किस करने लगी और वह भी मुझे पागलों की तरह किस करने लगा.

उसने मुझसे बोला- आयशा, मेरे से शादी करोगी?
मैं बोली- जान शादी भी अभी जरूरी है क्या? इतना कुछ तो हो गया हमारा, अब शादी तो सिर्फ एक नाम की रह जाएगी. जो शादी के बाद होना चाहिए था, वह तो पहले ही हो गया, तुमने सब कर दिया!

वह बोला- नहीं मॉम, मैं तुमसे शादी करूँगा और तुम्हारा नाम सिर्फ ‘मॉम’ होगा, आयशा नहीं.
मैंने पूछा- क्यों? अगर हमारी शादी हो जाएगी तो तुम मुझे मेरे नाम से बुला सकते हो!

वह बोला- नहीं मैं आयशा को नहीं, अपनी मां को चोदना चाहता हूँ, इसलिए मां ही बोलूँगा!
मैं हंस कर बोली- अरे भोसड़ी के … मां को चोद तो चुका है, मां की चूत फाड़ दी, गांड फाड़ दी, मुँह फाड़ दिया … अब और क्या रह जाता है?

वह हंस कर बोला- अभी बहुत कुछ है. अभी तो यह चुपके-चुपके वाला था, फिर सारा-सारा दिन करेंगे … हम दोनों दिन-रात सोयेंगे ही नहीं!
मैं भी हंस कर बोली- अरे यार शौक़त तुम तो पागल हो गए हो क्या? कभी किसी और की चूत नहीं देखी क्या तूने?

शौक़त बोला- देखी तो बहुत हैं, लेकिन इतनी मस्त चूत नहीं देखी मैंने … और मैं इतनी मस्त चूत कभी नहीं छोड़ने वाला!
यह बोलकर वह मुझे हग करने लगा और मुझे किस करने लगा.

मैं भी उसका जवाब देने लगी.
मैं बोली- मेरा बेटा इतना प्यार करता है मुझसे!

‘अभी तो आपको प्यार दिखाया ही नहीं है मैंने, अभी तो दिखाऊंगा आपको!’
मैं बोली- जान और कैसे दिखाओगे? अभी इतना कुछ तो दिखा दिया!
तब शौक़त बोला- मॉम, आपने अभी मेरा प्यार देखा ही नहीं है, यह तो बस एक ट्रेलर था!

फिर मैं खाना बनाने लगी.

मैं बोली- ठीक है, करो प्यार जैसे करना है.

वह मुझे फिर से किस करने लगा.
मैं खाना बनाती रही और वह मुझे चूमता रहा, छेड़ता रहा.

खाना बनने के बाद मैं टेबल पर गई और बोली- चलो, आ जाओ इधर.

तब उसने पहले अपना लंड खड़ा किया और मुझे बोला- इधर ऊपर आकर बैठो.
मैं हंसने लगी और बोली- जानू, यह ज़रूरी है क्या?
तब शौक़त बोला- हां, बहुत ज़रूरी है!

मैंने पहले उसका लंड अपने मुँह में लेकर गीला किया और जब वह पूरा तन कर खड़ा हो गया, तो मैं उस पर बैठने लगी.
उसका लंड मेरी चूत में जाने लगा.

धीरे-धीरे मैंने पूरा अन्दर ले लिया और मैं बोली- अब क्या करूँ?
वह बोला- खाना खाओ और मुझे भी खिलाओ.

हम दोनों ने ऐसे ही एक साथ खाना खाया.
फिर वह मुझसे बोला- अपनी टांगें ऊपर करो.

मैंने वैसे ही अपनी टांगें ऊपर कीं तो वह मुझे गोद में उठाकर बेडरूम तक ले गया.

मैं हैरान थी कि मेरा बेटा मुझे उठाकर लेकर जा रहा है.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

वह मुझे बेड पर लेकर गया, वहां पर मुझे पटक कर उसने मुझे खूब चोदा.

जब हम दोनों चुदाई से फ्री हुए, तब रात के 1:00 बज चुके थे.

मैं बोली- अब सो भी जाओ मेरी जान!
मैं उसको हग करके लेट गई.
हम दोनों नंगे ही थे और आपस में चिपक कर सो गए.

मुझे कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

दोस्तो, आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लग रही है … प्लीज जरूर बताएं.

ऐस्स एनल सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं इस सेक्स कहानी का सबसे रोमांचक भाग लिख कर आपकी वासना को और अधिक भड़काने का प्रयास करूंगी.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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