आंटी ने माँ के साथ गैंग-बैंग करवाया

anuty aur mom ke sath gangbang

मेरे दोस्तों मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ जो मैंने अपनी आँखों से देखी है।

अब मैं आपको अपने परिवार और अपने बारे में बताता हूँ। मेरा नाम रोहन है और मेरी उम्र 18 साल की है और मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता हूँ।

मेरे पापा की उम्र 48 और मम्मी की 43 साल है। हमारे परिवार में 3 ही सदस्य हैं।

पापा सरकारी नौकरी में हैं और वो भी केंद्र की नौकरी है। इसलिए हमेशा ट्रांसफर होती रहती है।

आजकल पापा की नौकरी कानपुर में है और हम किराए के मकान में रहते हैं। मकान मालिक नीचे और हम ऊपर के मकान में रहते हैं।

मेरी मम्मी का नाम प्रिया है और पापा का राजेश और मकान मालिक का नाम विनोद है और आंटी का नाम सुनीता है। दोनों मम्मी-पापा की उम्र के ही हैं।

अब पापा की फिर से पानीपत ट्रांसफर हो गई तो मम्मी ने बोला कि हम यहीं क्यों नहीं रह जाते, कभी यहाँ कभी वहाँ।

मम्मी ने कहा कि बेटे का स्कूल भी है, कैसे करेंगे?

तब पापा ने बोला कि मैं सोमवार सुबह नौकरी पर जाकर शुक्रवार रात को आ जाया करूँगा। इस बात पर मम्मी भी राजी हो गईं। फिर पापा ऐसे ही करने लगे।

फिर एक दिन मैं शुक्रवार की रात सो रहा था तो दूसरे कमरे से कुछ आवाजें आने लगीं और मेरी नींद खुली।

हमारे पास 2 ही कमरे थे, एक कमरे के पीछे दूसरा था। मैं आगे वाले कमरे में था और मैंने देखा कि दूसरे कमरे की लाइट जल रही थी।

मैंने हल्का सा खिड़की से पर्दा हटाया तो देखा कि पापा मम्मी के ऊपर चढ़े हुए हैं और दोनों बिल्कुल नंगे हैं।

मैंने ऐसा कभी नहीं देखा था, या तो ब्लू फिल्में देखी थीं या अब… पापा मम्मी की चूत में लंड डालकर चोद रहे थे।

तभी मैंने देखा पापा एकदम मम्मी के ऊपर लेट गए, ऐसा लगा कि पापा का हो गया। तभी पापा उठे और खड़े हो गए।

मैंने देखा पापा का लंड 3 इंच का ही मुश्किल से होगा। पापा का काम हो चुका था।

फिर मेरी नजर मम्मी पर गई तो देखा मोटी-मोटी चूचियाँ और गोरा बदन और मस्त गांड।

मेरा देखते ही खड़ा हो गया। मम्मी-पापा दोनों ने अपने कपड़े पहने और बाहर आने लगे। मैं भी सोने का नाटक करने लगा।

फिर मुझे पापा की छुट्टी का इंतजार रहता था।

लेकिन एक बार पापा सोमवार को ऑफिस चले गए तो सुनीता आंटी ने मम्मी से बोला, “प्रिया तो बोर हो रही होगी, चल तुझे मॉल में घुमा लाती हूँ।”

मैं भी तैयार हो गया और मैंने भी बोला कि मेरे स्कूल जाने का मन नहीं था तो मैं भी मम्मी के साथ चल दिया।

और मकान मालिक विनोद भी कार लेकर आ गया। मेरी मम्मी बहुत संस्कारी है और पूजा-पाठ भी बहुत ज्यादा करती है।

कुछ समय में हम मॉल पहुँच गए। शुरू में तो सुनीता आंटी मम्मी के साथ चल रही थीं, फिर वो मेरे साथ चलने लगीं और विनोद अंकल मम्मी से बात करने लगे।

विनोद अंकल आगे चल रहे थे और मैं और सुनीता आंटी पीछे। फिर मॉल जैसे ही ऊपर चढ़ने लगे तो अंकल ने मम्मी को पीछे से गांड को अपने हाथ से दबा दिया और मम्मी एकदम से घबरा गईं।

और मैंने ये सब देख लिया। मम्मी कुछ साइड में हो गईं। फिर हम मॉल में 2 घंटे के बाद मॉल की पार्किंग में आ गए तो आंटी बोली कि मेरा फोन एक दुकान में रह गया है।

आप सब कार को पार्किंग से बाहर ले आओ और वो मुझे भी साथ ले गईं।

फिर मैंने देखा कि कुछ देर बाद आंटी ने अपना फोन पर्स से निकाला और विनोद अंकल को फोन किया, पूछा कहाँ पर हो और क्या हुआ? विनोद अंकल ने कुछ बोला।

फिर हम बाहर कार में मिले तो देखा कि मम्मी आगे वाली सीट पर हैं और अंकल के साथ।

अंकल हमको पीछे वाली सीट पर बैठने के लिए कहा। हमने भी वैसे ही किया।

फिर मैंने देखा अंकल और आंटी आपस में इशारे कर रहे थे, जैसे आंटी पूछ रही हों क्या हुआ और अंकल ने सिर्फ हंसकर इशारा किया।

कुछ देर बाद हम घर पहुँच गए।

फिर जब मम्मी ऊपर जाने लगीं तो विनोद अंकल फिर से मम्मी का हाथ पकड़ा और धीरे से बोला, “आज रात को नीचे ही सो जाना।” मम्मी ने कुछ नहीं बोला और ऊपर चली गईं।

अब मुझे समझ आ रहा था कि अंकल मम्मी को चोदना चाहते हैं और आंटी भी कुछ नहीं बोल रहीं।

मैं नीचे ही था, ऊपर जाने ही वाला था कि आंटी ने अंकल से पूछा कि क्या हुआ? मैं वहीं पर रुक गया।

उनको पता नहीं था तब अंकल बोले, “मैंने प्रिया को कार में जब वो अंदर आई तो मैं भी उसके साथ पीछे वाली सीट पर चला गया। और पार्किंग में लाइट न होने के कारण मैंने उसे कार में ही जबरदस्ती किस किया और उसकी चूची दबाई और साड़ी अंदर तक हाथ डाल दिया।

प्रिया ने मना किया और बोली मैं शोर मचाऊंगी। मैंने भी बोला कुछ नहीं होगा तुम्हारी ही बेइज्जती होगी।

उस डर से वो कुछ नहीं बोली और मैंने 5 मिनट उसको बहुत चूची पी और चूत गांड पर भी मजा किया और बोला आज रात को नीचे ही सो जाना। पर वो कुछ नहीं बोली।”

और विनोद अंकल ने कहा कि अब तुम जाकर देखो वो क्या कर रही है। मैं जल्दी से ऊपर जाकर साइड में छुप गया।

इतने में सुनीता आंटी आईं और मम्मी से बोलीं, “क्या हुआ?” तो मम्मी ने आंटी को बोला कि विनोद भाई साहब ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया, मुझे गलत तरह से पकड़ा।

तो आंटी बोलीं, “अच्छा एक बात बता, क्या कभी किसी और मर्द ने तुम्हारे साथ ऐसा किया है जैसे विनोद ने किया?” मम्मी कुछ नहीं बोलीं।

फिर आंटी ने पूछा, “अच्छा क्या राजेश भाई साहब ने इतने जोर से किया है कि तुम्हारे आँसू निकल गए हों? बताओ।” फिर मम्मी ने बोला, “नहीं ऐसा नहीं तो नहीं।”

रेखा आंटी ने मम्मी से कहा कि जो बाहर के मर्द जो मजा देते हैं वो घर के मर्द नहीं देते।

मम्मी बोली, “मुझे कोई मजा नहीं चाहिए।” फिर आंटी बोलीं कि एक बार मेरी बात मान और आज नीचे सो जाना।

और अगर मजा न आए तो फिर कभी मत आना और किसी को पता भी नहीं चलेगा।

मम्मी ने फिर मना कर दिया तो आंटी बोलीं कि चलो 1 महीने का रेंट भी मत देना, तू अपने पास रख लेना। जय भाई साहब से लेकर।

मम्मी फिर भी नहीं मानीं तो रेखा आंटी ने बोला कि तू मेरी बहन है और अगर तू रात को नहीं आई तो तुझसे बात नहीं करूँगी।

ये बोलकर आंटी नीचे चले गईं। मम्मी सोची कि क्यों रेखा को नाराज़ करूँ, एक बार करने में क्या जाता है। फिर मम्मी ने आंटी को ऊपर से बोला कि ठीक है, मैं रात को आ जाऊंगी।

मम्मी शाम से ही तैयार होने लगीं। तो मम्मी ने मुझे बोला कि आज मुझे नीचे काम है, तू खाना खाकर सो जाना। मैं समझ गया कि आज तो मम्मी विनोद अंकल से चुदवाएगी ही।

फिर मैंने बोला, “मम्मी मुझे नींद में डर लगता है, मैं भी तुम्हारे साथ ही सो जाता हूँ।”

मम्मी ने मना किया पर मैं नहीं माना। मम्मी ने सुनीता आंटी को बताया तो आंटी ने कहा उसको अंदर वाले कमरे में जल्दी सुला देना।

फिर मम्मी ने वैसे ही किया। अब शाम के 7 बज चुके थे। विनोद अंकल के दोस्त वहाँ घर के बाहर रोज हुक्का पीने आते थे।

उनके नाम थे फरहान, इमरान, करन और अमित। चारों हुक्का पीने लगे। मैं भी जल्दी खाना खाकर मम्मी से बोला मुझे नींद आ रही है।

तो आंटी बोलीं तू हमारे पीछे वाले कमरे में सो जा। मुझे पता था आगे वाले कमरे में ही होगा जो होगा।

मैंने कमरे में जाकर एक रोशनदान में देखा, वहाँ से सब कुछ क्लियर दिख रहा था।

अब रात के 9 बज गए थे और मुझे इंतजार हो रहा था।

तभी रेखा आंटी मम्मी को लेकर कमरे में आईं और मम्मी से मजाक में हंसकर चूची दबने लगीं। मम्मी ने उनका हाथ हटा दिया।

फिर आंटी ने मम्मी और अपने लिए एक ड्रिंक बनाई और बोली ले पी जा। मम्मी ने मना किया पर आंटी ने पिला ही दी।

बाहर विनोद अंकल अपने दोस्तों से बोले कि मैं अभी आता हूँ और वो भी कमरे में आ गए।

आते ही उन्होंने मम्मी को एक जबरदस्त किस किया, वो भी ड्रिंक किए हुए थे।

फिर रेखा आंटी ने मम्मी की साड़ी और ब्रा सब उतार दी।

तो मम्मी बोलीं, “अपने भी कपड़े उतार दो।” तो रेखा आंटी ने भी अपने सारे कपड़े उतार दी।

मैंने पहली बार दो लेडीज को बिल्कुल नंगा देखा एक साथ। आंटी की चूची मम्मी से छोटी थी पर ठीक थी।

इतने में विनोद अंकल ने भी अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ अंडरवियर में थे।

अंकल ने जल्दी से मम्मी को पकड़ा और मम्मी को किस करने लगे और मम्मी शर्म के मारे ऐसे ही खड़ी रहीं।

तभी रेखा आंटी ने मम्मी की चूची को पकड़ा और धीरे से सहलाने लगीं और विनोद अंकल ने अपना अंडरवियर भी उतार दिया।

अब मम्मी भी विनोद अंकल का साथ देने लगीं किस करने में और अंकल ने मम्मी का हाथ पकड़कर अपने लंड पर लगा दिया।

तो मम्मी एकदम डरकर पीछे हो गईं और अंकल के लंड को देखने लगीं।

अंकल का लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था। मम्मी ने एकदम बोला, “ये क्या है, इतना बड़ा?” रेखा आंटी बोलीं, “यही तो असली मजा देगा।”

मैं भी अंकल का लंड देखकर डर गया कि पापा के लंड से दोगुने से भी ज्यादा था।

फिर अंकल ने मम्मी के हाथ में लंड दे दिया और मम्मी भी लंड को आगे-पीछे करने लगीं।

फिर रेखा आंंटी ने मम्मी को लंड चूसने के लिए बोला और मम्मी के मुँह के आगे लंड ले गईं।

मम्मी ने लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और लंड अब अपने विकराल रूप में आ गया।

फिर अंकल ने मम्मी को ऊपर उठाकर चूची पीना शुरू कर दिया। ये सब देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया।

फिर 15 मिनट के बाद रेखा आंटी ने मम्मी को बेड पर लिटा दिया और चूची पीने लगीं। उधर विनोद अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे।

मम्मी की चूत पर अब बाल नहीं थे, मुझे लगा आज ही साफ की है। अंकल काफी देर तक चूत चाटते रहे।

तब आंटी ने मम्मी से पूछा, “क्या भाई साहब चूत चाटते हैं?” तो मम्मी को मजा आ रहा था और “आह आह” की आवाजें आ रही थीं।

मम्मी ने सिर हिलाकर मना किया, “नहीं वो ऐसे नहीं करते।” फिर जय अंकल उठे और अपना लंड मम्मी की चूत के ऊपर रख दिया। मम्मी आँख बंद कर लीं और अंकल ने एक झटका मारा और आधा लंड मम्मी की चूत में चला गया। मम्मी “नहीं नहीं और नहीं” करने लगीं।

तभी अंकल ने बोला, “अभी तो आधा ही गया है।” ये सुनकर मम्मी की हालत खराब हो गई और वो रेखा आंटी की तरफ देखकर बोलीं, “नहीं मुझे और नहीं लेना, मुझे छोड़ दो।”

तब रेखा आंटी ने बोला कि रितु, लंड अंदर जाने के बाद जब तक लंड का पानी नहीं निकलता तब तक बाहर नहीं आता।

इतने में विनोद अंकल ने दूसरा झटका मारा और पूरा लंड मम्मी की चूत में चला गया। मम्मी ने इतना बड़ा लंड कभी नहीं लिया था इसलिए जोर से चिल्ला पड़ीं।

तभी रेखा आंटी ने बोला, “चुप हो जा, नहीं तो तेरा बेटा जाग जाएगा।”

जैसे ही आंटी ये बोलीं, मम्मी ने और रेखा आंटी ने कमरे की तरफ देखा तो मैं एकदम पीछे हो गया, पर मुझे लगा रेखा आंटी ने मुझे देख लिया क्योंकि उनकी और मेरी नजरें मिल गई थीं।

पर वो कुछ नहीं बोलीं और विनोद अंकल को बोलीं कि चोदो अब।

अंकल मम्मी के ऊपर लेटकर लंड अंदर-बाहर करने लगे और मम्मी आँख बंद करके लंड का मजा लेने लगीं।

रेखा आंटी बार-बार मेरे कमरे की तरफ देख रही थीं और मेरी नजर भी उनसे मिल गई।

और इस बार मैं भी पीछे नहीं हटा और रेखा आंटी और मैं दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे।

10 मिनट लगातार मम्मी की चुदाई से मम्मी का पानी निकलने लगा और मम्मी जोर-जोर से बोल रही थीं, “मेरी चूत फाड़ दी तुमने” और विनोद अंकल को बोलीं, “और जोर से चोदो, मेरा निकलने वाला है।” अंकल भी चोदे जा रहे थे।

तभी मम्मी का पानी निकल गया और वो अंकल से चिपक गईं और मम्मी का पानी निकलने जा रहा था और अंकल चोदे जा रहे थे और मम्मी अंकल को जोर से पकड़े हुए थीं।

फिर एकदम मम्मी ने अंकल को छोड़ दिया, लेकिन अंकल का तो हुआ ही नहीं था। मम्मी बोलीं, “मैं और नहीं कर सकती।”

जब मम्मी की जोर से चीख निकली थी उसको सुनकर विनोद अंकल के दोस्त भी कमरे के बाहर सब सुन रहे थे।

अब उन्होंने विनोद अंकल को धीरे से आवाज लगाई और बोला, “कमरे का गेट खोलो, नहीं तो हम शोर मचा देंगे।” मम्मी घबरा गईं और बोलीं, “कौन है?” इतने में रेखा आंटी ने चुपचाप जाकर गेट खोल दिया और वो चारों अंदर आ गए।

और आते ही बोले, “जय भाई सारे मजे अकेले-अकेले ही लोगे या कुछ हमें भी लेने दोगे?”

मम्मी को नंगा देख उन सब की आँखें फट गईं और बोले, “भाई को तो चुदना चाहते थे और तुमने पहले चूत मार ली।” फिर फरहान बोला, “कोई बात नहीं, हम अब मार लेंगे।” इतना सुनते ही मम्मी बिस्तर से उठने वाली थीं पर अंकल का लंड अंदर था फिर वो उठ नहीं पाईं।

फिर इमरान बोला, “जय अपना लंड बाहर निकाल और अब हमारी बारी है।” चारों ने ये बोलते ही अपने कपड़े उतारने लगे और सब बिल्कुल नंगे हो गए।

मम्मी को देखकर उनका सबका लंड खड़ा हो गया और सबके लंड 8 से 10 इंच के थे। मम्मी के होश ही उड़ गए।

तभी रेखा आंटी ने मेरी तरफ देखा और फिर हमारी नजरें मिलीं। फिर रेखा आंटी ने कहा, “तुमको करने है तो करो, पर बाहर किसी को मत बताना।”

फिर सबने कहा, “तुझे भी चोदेंगे, पर पहले इसकी चूत और गांड फाड़ेंगे।” ये सुनकर मम्मी की हालत खराब हो गई।

फिर क्या था, वो मम्मी पर टूट पड़े और फरहान मम्मी के होठों पर किस करने लगा और अमित और इमरान मम्मी की चूची को पकड़कर जोर-जोर से खींच रहे थे। इतने जोर से कभी किसी ने की होगी।

मम्मी की दोनों चूचियों पर थप्पड़ मार रहे थे, कभी मुँह से चूस रहे थे और करन मम्मी की चूत में उंगली करने लगा जोर-जोर से।

15 मिनट ऐसे करने के बाद मम्मी का पानी निकलने वाला था। तभी करन ने मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया और बड़ा और मोटा होने के कारण मम्मी की चीख निकल गई।

तभी रेखा आंटी ने मेरी तरफ देखा। अब हम दोनों को पता था कि दोनों ने एक-दूसरे को देख लिया है।

तभी करन ने मम्मी की चूत में लंड अंदर-बाहर करना तेज कर दिया और मम्मी का पानी निकलना शुरू हो गया।

मम्मी भी अपनी चूत को ऊपर उठा-उठा कर दे रही थीं। उधर विनोद अंकल और रेखा आंटी देखकर खुश हो रहे थे। तभी मम्मी के पानी की पिचकारी छूटी और वो शांत हो गईं। मम्मी का पहली बार एक रात में दो बार पानी निकला था।

तभी रेखा आंटी जय अंकल के कान में कुछ कही। वैसे ही अंकल ने मेरी तरफ देखा और उन्होंने भी मुझे देख लिया। अब मम्मी थक चुकी थीं और बोलीं, “मुझे पेशाब आया है।” तो फरहान ने कहा, “यहीं कर लो।” मम्मी ने मना कर दिया।

तभी इमरान ने मम्मी के बाल पकड़े और बोला, “जैसे हम बोलें वैसे करना है।” फिर इमरान और फरहान ने मम्मी की कमर में एक हाथ डाला और एक हाथ से पैर को उठाया और टांगें फैला कर उस कमरे के कोने में ले गए और मूतने के लिए बोला।

मम्मी की चूत बिल्कुल मेरे सामने थी। जैसे ही मम्मी ने मूतना शुरू किया सब हंसने लगे। मुझे भी मजा आया।

मम्मी की पेशाब की धार बहुत दूर तक गई। फिर रेखा आंटी ने मम्मी की चूत चटकर साफ की।

अब रेखा आंटी मम्मी से पूछा, “तुम्हारा इससे पहले पानी कब निकला था लंड से?”

मम्मी सोचते हुए बोलीं, “मुझे याद ही नहीं।”

तभी रेखा आंटी बोलीं, “मुझे पता है तुम्हारे पति का लंड छोटा सा है और चूत में जाते ही फुस हो जाता है।”

मम्मी बहुत हैरानी से बोलीं, “तुमको कैसे पता?”

रेखा आंटी बोलीं, “क्योंकि मैंने तुम्हारे पति के साथ किया है, वो 2 मिनट भी नहीं कर सकते। इसीलिए तो हमने तुझे चरमसुख दिलवाने की बात सोची।”

अब मम्मी ने भी राहत की सांस ली और बोलीं, “तो ठीक है, आज जैसे तुम चाहो वैसे ही होगा।”

ये सुनते ही सबके सब अपना लंड लेकर मम्मी के पास आ गए।

सबने मिलकर मम्मी की चूत और गांड में लंड डाल दिए और मम्मी भी इतने मोटे लंड लेती रहीं और दर्द में गाली भी देती रहीं।

मम्मी ने पहली बार चूत और गांड में एक साथ लंड लिया और एक लंड निकलते ही दूसरा लंड उसकी झाग ले लेता। सारी रात मम्मी की चुदाई चली और मम्मी का कितनी बार पानी निकला मुझे याद नहीं। सुबह के 6 बज गए, सब एक-दूसरे पर नंगे पड़े हुए थे।

मैंने अंदर से अपना कमरा खोला और निकलने लगा। इतने में मम्मी ने अपनी आँख खोली और मुझे देखा, पर तभी आँख बंद कर ली ताकि वो कुछ पूछे ना।

5 आदमी और 2 औरतें, मैंने फर्स्ट टाइम ऐसे नंगे देखे और अपने फोन से वीडियो बना ली और फोटो भी।

मुझे लगा मम्मी नाटक कर रही हैं, मुझे ना देखने का। तो मैंने भी फायदा उठाया और मम्मी की चूची पकड़कर भींच दी।

मम्मी बिल्कुल भी नहीं हिलीं। फिर मेरा लंड भी रात से खड़ा था तो मैंने मम्मी के पास जाकर अपना लंड हिलाने लगा और सारा पानी मम्मी की चूचियों पर गिरा दिया।

मुझे पता था मम्मी कुछ नहीं बोलेंगी, चाहे मैं कुछ भी कर लूँ। फिर मैं मम्मी की चूत की तरफ गया और दोनों टांगें फैला दीं और मम्मी की चूत बहुत खुली पड़ी थी और वीर्य से भरी पड़ी थी।

फिर मैंने चूत पर अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। 2 मिनट चाटने के बाद मैं वहाँ से चला गया।

अब अगले भाग में बताता हूँ कि कैसे पापा ने भी मम्मी का गैंगबैंग देखा।

आप सब ये बताओ ये कहानी कैसी लगी और अब मुझे क्या करना चाहिए था।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

2 thoughts on “आंटी ने माँ के साथ गैंग-बैंग करवाया”

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