xxx bhabhi sexx kahani
Xxx भाभी Sexx कहानी में भाभी को मेरी नुन्नी से मजा नहीं आया तो मैंने बड़े लंड वाले एक अंकल को घर बुलाया. भाभी ने उनके बड़े लंड का मजा लिया.
दोस्तो, मैं रवि एक बार पुनः अपनी भाभी की एक मुहल्ले के अंकल से चुदाई वाली सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
भाभी को बड़े लंड वाले अंकल से मिलवाया
अब तक आपने पढ़ लिया था कि अंकल और भाभी बीयर का मजा लेते हुए एक दूसरे को चूमने लगे थे.
अब आगे Xxx भाभी Sexx कहानी:
अंकल एक हाथ से भाभी के गाल सहलाते हुए उनके होंठ चूस रहे थे और दूसरे हाथ से उनकी नाईटी को ऊपर करते हुए उनकी मोटी मोटी जाँघों को सहलाने लगे थे.
मैं एकटक उन दोनों को देख रहा था और मेरे लंड में भी तनाव आना शुरू हो गया था.
जल्द ही मेरा छोटा सा लंड तनकर खड़ा हो गया.
उधर भाभी ने अंकल की टी-शर्ट निकाली और अंकल ने भाभी की नाईटी निकाल दी.
अब भाभी ब्रा पैंटी में अंकल की बांहों में थीं.
अंकल उनके दूध को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगे और भाभी के सीने को चूमने लगे.
जल्द ही अंकल ने अपना पैंट भी निकाल दिया.
अंकल का लंड उनकी चड्डी के ऊपर से ही काफी बड़ा लग रहा था.
वे दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए एक दूसरे को चूम रहे थे.
उन दोनों को इस बात से बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ रहा था कि मैं भी वहीं बैठा हुआ हूँ.
जल्द ही अंकल ने भाभी को अपनी गोद में बिठा लिया और दोनों हाथों से उनके मम्मों को मसलने लगे.
भाभी का चेहरा मेरी तरफ ही था और वे मुझे देखकर मुस्कुरा रही थीं.
अंकल भाभी को अपनी गोद में बिठाये हुए थे और उस वक्त उनका एक हाथ भाभी की चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था.
फिर अंकल का हाथ वापस मम्मों पर आया और इस बार भाभी की ब्रा भी जमीन पर आ गई, उनके बड़े बड़े दूध बाहर निकल आए.
अब अंकल उनके मम्मों को चूसने लगे.
जैसे ही अंकल उनके मम्मों को चूसना शुरू किया, भाभी बिल्कुल पागल सी हो गईं.
‘आह आआह …’ मादक की आवाजों के साथ भाभी ने अपने हाथ से अंकल का लंड पकड़ लिया.
अंकल बुरी तरह उनके दूध मसल रहे थे और निप्पल चूस रहे थे.
भाभी ने उनकी जांघ पर बैठी बैठी ही उनका लंड चड्डी से बाहर निकाल लिया और जोर जोर से हिलाने लगीं.
कुछ देर के बाद अंकल भाभी को बिस्तर पर लिटा कर उनके ऊपर लेट गए और उनके दोनों दूध को मसलते हुए वापस चूसने लगे.
भाभी अपने दोनों पैरों को हिलाती हुई आअह आअह्ह की आवाज निकाल रही थीं.
अंकल भाभी को बुरी तरह चाट चूम रहे थे.
कुछ ही देर में दूध मसलने भाभी के दोनों दूध बिल्कुल लाल पड़ गए.
फिर अंकल भाभी के पेट को चूमते हुए उनकी पैंटी तक पहुंच गए और उन्होंने एक झटके में भाभी की पैंटी निकाल कर उनको पूरी नंगी कर दिया.
अंकल ने भाभी के दोनों पैरों को फैलाया और अपना मुँह उनकी फूली हुई चूत पर लगा दिया.
जैसे ही उन्होंने चूत चाटना शुरू किया, भाभी मचल उठीं और जोर जोर से कराहने लगीं ‘उई उउई मम्मीई आअह ..’
भाभी ने मुझे देखा और इशारे से मुझे अपने पास बुलाया.
जैसे ही मैं उनके पास गया, भाभी मुझे भी नंगा होने को बोलीं.
तो मैं भी नंगा हो गया.
भाभी ने मुझे अपने पास बिठाया और मेरे लंड को अपने मुँह में डाल लिया.
उधर अंकल उनकी चूत चाट रहे थे और भाभी मेरा लंड चूस रही थीं.
कुछ दो मिनट ही हुए थे कि मेरा रस निकल गया क्योंकि भाभी लंड ही ऐसा चूस रही थीं.
मेरा पूरा पानी भाभी के गालों में लग गया.
भाभी ने अपने गालों को साफ किया और वापस से अंकल का मजा लेने लगीं.
मैं वहीं बिस्तर पर ही बैठा रहा और भाभी को देख रहा था.
उन्होंने मेरे चेहरे को अपने मम्मों में झुका लिया.
अब मैं उनके दूध चूस रहा था और अंकल उनकी चूत चाट रहे थे.
प्रिया भाभी इतनी ज्यादा गर्म हो गई थीं कि वे मुझे अब लगभग नोंचने लगी थीं और उनके मुँह से बहुत ही गर्म आहें निकल रही थीं.
वे गाली देती हुई बक रही थीं- आअह आअह और चूस साले … आअह और जोर जोर से चूस मेरी चुत आअह … मस्त चूसता है रे … आह मां चुद गई मेरी चुत की आह.
अंकल सच में माहिर खिलाड़ी थे.
वे समझ गए थे कि भाभी बहुत गर्म हो गई हैं, तो अंकल ने मुझे किनारे कर दिया और भाभी को अपने ऊपर लिटा लिया.
अब भाभी अंकल के ऊपर चढ़ गई थीं और उनको चूमती हुई नीचे को सरकती हुई उनके लंड तक पहुंच गईं.
पहले भाभी ने अंकल के लंड को अपने हाथों से सहलाया और ऊपर होकर अपने बालों को बांधने लगीं.
उस वक्त भाभी की चूचियां मस्त लग रही थीं.
अपने बालों का जूड़ा बांध लेने के बाद भाभी ने अंकल के लंड के सुपारे को गप्प से अपने मुँह में भर लिया.
भाभी अपने मुँह से लौड़े के सुपारे को इस तरह से मुँह से अन्दर बाहर कर रही थीं मानो वे कुल्फी चूस रही हों.
कुछ ही पलों बाद भाभी अंकल के पूरे लंड को अपने मुँह में लेकर तेजी से अपना सर हिलाने लगी थीं.
अंकल भी अपनी कमर को उठा रहे थे, तो उनका लंड बड़ी तेजी से भाभी के मुँह में अन्दर बाहर होने लगा था.
अंकल का लंड वास्तव में बेहद लम्बा और मोटा था भाभी किसी भूखी रांड की तरह उनके लंड को चूस रही थीं.
मुझे तो लग रहा था कि भाभी इतने बड़े और मोटे लंड को कैसे अपने मुँह में अन्दर तक ले रही हैं … उसके बाद ये इस मूसल को अपनी चुत में भी ले लेंगी.
काफ़ी देर तक भाभी अंकल के लंड को चूसती रहीं.
फिर जब अंकल से रहा नहीं गया तो उन्होंने खुद ही भाभी को अपने लंड से हटा दिया.
मैं बिस्तर में ही बैठा हुआ था और उन दोनों के काफ़ी नजदीक था.
अंकल अपने लौड़े को भाभी के मुँह से निकाल कर उठे और उन्होंने झटके से भाभी की कमर पकड़ कर उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया.
बिजली की तेजी से अंकल ने भाभी के दोनों पैरों को फैला दिया और अपने लंड को हिलाते हुए उनकी चूत में लगा दिया.
भाभी समझ गईं कि आज उनकी चुत का भोसड़ा बनने वाला है.
अंकल भाभी के ऊपर लेट गए और उनके होंठों को चूमते हुए उनकी जांघों को सहलाने लगे.
भाभी ने अपने दोनों पैर मोड़ लिए और चुत खोल कर चुदाई की पोजीशन बना ली.
अंकल ने भाभी के दोनों हाथों को फैलाकर उंगलियां जकड़ लीं और लंड को चुत से रगड़ने लगे.
फिर जैसे ही अंकल ने लंड को जोर से पेला तो उनका लंड भाभी की चूत को फाड़ता हुआ अन्दर तक घुसता चला गया.
भाभी को एकदम से दर्द हुआ और वे अपना सर ऊपर उठाती हुई कराहीं- आह मर गई अजीत. आह प्लीज आह फट गई मेरी. आह धीरे आह प्लीज उई मम्मीई रे!
अंकल ने भाभी की आवाज को दरकिनार किया और पुनः एक जोर से धक्का देकर अपना पूरा लंड भाभी की चूत में घुसेड़ दिया.
भाभी ने वापस से जोर से आवाज निकाली- आह बहन के लौड़े … आह फाड़ दी साले ने आआई मम्मीई रे … आअह!
कुछ देर के बाद उन दोनों को मजा आने लगा था और उन दोनों ने एक दूसरे को जोर से जकड़ लिया.
अंकल किसी पागल कुत्ते की तरह हाँफ़ते हुए ‘आअह आअह …’ की आवाज के साथ भाभी को चोदने में लगे हुए थे.
भाभी भी बुरी तरह से आअह आअह उउहह कर रही थीं.
अंकल ने अब भाभी के पैरों में अपने हाथ से पकड़ कर उनके दोनों पैर हवा में कर दिए और अपनी पूरी ताकत से भाभी को चोदने लगे.
मैं भाभी के बाजू में ही बैठा हुआ था.
भाभी ने मेरी जांघों को सहलाया और मेरे लंड को पकड़ लिया.
उस वक्त अंकल इतनी जोर-जोर से भाभी को चोद रहे थे कि पूरा पलंग हिलने लगा था और भाभी के हाथ में पकड़ा हुआ मेरा लंड अपने आप आगे पीछे होने लगा था.
उनके धक्के जब भाभी के पेट और जांघों पर लगते तो मस्त थप-थप की आवाज आने लगी थी.
भाभी के दोनों दूध बुरी तरह से अंकल के सीने से दबे हुए थे.
अंकल भाभी के गोरे गालों को लगातार चूम रहे थे और बिना रुके उनकी चुदाई किए जा रहे थे.
अभी चुदाई को अभी सिर्फ 10 मिनट ही हुए थे कि भाभी का बदन अकड़ने लगा.
भाभी जोरदार ‘आह’ के साथ अंकल से लिपट गईं.
मैं कुछ समझा नहीं लेकिन कुछ देर में ही भाभी के गांड के पास की चादर गीली हो गई.
उनकी चूत में जब लंड घुस रहा था तो फच्च-फच्च की आवाज निकलने लगी थी.
मैं समझ गया कि भाभी झड़ गई हैं, जो मुझसे नहीं हो पाता.
लेकिन अंकल ने सिर्फ 10 मिनट में ही भाभी का पानी निकाल दिया.
इसके बाद अंकल ने भी भाभी को जोर से जकड़ लिया और बहुत तेज-तेज धक्के मारने के बाद वे भी भाभी के अन्दर ही झड़ गए.
वे दोनों पसीने से भीगे हुए एक-दूसरे से लिपटे हुए थे.
उनकी चुदाई देखकर मैं भी पसीने-पसीने हो गया था.
कुछ देर बाद दोनों अलग हुए और भाभी अपनी चूत पौंछती हुई बाथरूम में चली गईं.
भाभी के जाने के बाद अंकल मुझसे बोले- देखा, इसे कहते हैं चुदाई … आज इसको रात भर चोदूंगा … साली बड़ी कंची माल है. ऐसी माल को चोदने के ही तो सपने देखता था मैं!
भाभी के आने के बाद अंकल ने मुझसे फ्रिज में रखी बियर मंगाई और मैं बियर लेकर आ गया.
हम तीनों ने फिर से बियर पी और उसके बाद वे दोनों फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गए.
वे दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे और एक-दूसरे को गर्म करने लगे.
जल्द ही दोनों गर्म हो गए और अंकल भाभी को फिर से चोदने लगे.
इस बार अंकल भाभी को अलग-अलग पोजीशन में चोद रहे थे.
जल्द ही अंकल ने भाभी को पलंग के बाहर उतार लिया और भाभी की एक टांग उठा ली.
इस पोजीशन में भाभी की फैली हुई गुलाबी चूत मुझे नजर आई जो पूरी तरह पानी से गीली हो गई थी.
अंकल ने भाभी की टांग उठाकर अपना मोटा लंड चूत में पेल दिया और दूसरे हाथ से उनकी गांड को थामकर गपा-गप लंड पेलने लगे.
भाभी बुरी तरह से अंकल को जकड़ी हुई थीं और अंकल दनादन उनकी चुदाई किए जा रहे थे.
दोनों की ‘आअह … आअह …’ की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था.
दोनों चुदाई का पूरा मजा ले रहे थे.
भाभी मुझे देख रही थीं क्योंकि मैं अपना लंड सहला रहा था, जो कि खड़ा हो चुका था.
फिर भाभी ने अंकल के कान में पता नहीं क्या कहा और वे दोनों हंसने लगे.
इस बार तो दोनों झड़ने का नाम ही नहीं ले रहे थे और लगातार चुदाई किए जा रहे थे.
अंकल कभी टांग उठाकर, कभी खड़े होकर, कभी झुकाकर भाभी को चोदे जा रहे थे.
भाभी भी बहुत मस्त आवाज निकालती हुई अंकल के मोटे लंड से चुदाई का मजा ले रही थीं.
मैं उन दोनों की चुदाई देख ही रहा था, तभी अंकल ने ऐसा कुछ किया, जिसे देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए कि ऐसा भी होता है क्या चुदाई में?
अंकल ने भाभी को पलंग के पास झुका दिया और भाभी अपने हाथ पलंग पर टिका कर झुक गईं.
अंकल भाभी के पीछे की तरफ आ गए.
उन्होंने गांड की तरफ से भाभी की कमर को पकड़ा और अपना लंड भाभी की चूत में डाल दिया.
अब अंकल ने बहुत ही तेजी से भाभी को चोदना शुरू कर दिया था.
अंकल तेजी से 10-15 धक्के मारने के बाद जल्दी से अपना लंड बाहर निकाल लेते और भाभी की चूत से पानी की तेज धार निकलती.
फिर अंकल 10-15 धक्के मारते और लंड निकाल लेते, फिर चूत से तेज पानी की धार निकलती.
ऐसा अंकल ने 4-5 बार किया, जिससे भाभी की चूत से इतना पानी निकला कि पूरा फर्श गीला हो गया.
अंकल के ऐसा करने से भाभी को इतना मजा आ रहा था कि उनकी आंखों में अलग ही नशा दिखाई दे रहा था.
हल्की बंद आंखों से भाभी बस यही कह रही थी- आह … अजीत, मजा आ रहा है और करो … आअह!
अंकल की इस तरह की चुदाई से भाभी तो झड़ गई थीं लेकिन अंकल अभी भी नहीं झड़े थे.
जब भाभी की चूत का बूंद-बूंद पानी निकल गया तो वे दोनों फिर से बिस्तर पर आ गए.
भाभी झड़ने के बाद थोड़ी शांत दिखाई दे रही थीं लेकिन अंकल अभी पूरे जोश में थे.
उन्होंने भाभी के बड़े-बड़े दूध पर हमला बोल दिया और दोनों दूध को दबाना और चूसना शुरू कर दिया.
निप्पल चूसने से भाभी फिर जोश से भर गईं और चुदाई के लिए तैयार हो गईं.
अब अंकल ने भाभी के कान में कुछ कहा और भाभी ने मुझे अपने पास बुलाया.
मैं बिस्तर पर ही था, भाभी के पास चला गया.
भाभी ने मुझे लिटा दिया और मेरे लंड को मुँह में भरकर चूसने लगीं.
पहले से तना हुआ मेरा 4 इंच का लंड भाभी के चूसने से और ज्यादा तन गया.
भाभी ने मेरे लंड को ज्यादा देर तक नहीं चूसा.
वे अपनी टांगें फैलाती हुई मेरे लंड पर बैठ गईं.
भाभी ने एक बार में ही मेरे लंड को अपनी चूत में ले लिया और मेरे ऊपर लेट गईं.
भाभी ने अपना निप्पल मेरे मुँह में डाल दिया और मैं उनके निप्पल को चूसने लगा.
भाभी अपनी गांड को आगे-पीछे कर रही थीं, जिससे लंड अन्दर-बाहर हो रहा था.
तभी अंकल अपने लंड पर तेल लगाकर आए और भाभी की गांड को भी तेल से भिगो दिया.
अंकल भाभी की गांड की तरफ हो गए और भाभी की गांड थपथपाते हुए उसे चौड़ा किया.
उन्होंने लंड भाभी की गांड के छेद में लगाया और उनकी कमर को थाम लिया.
भाभी ने अपनी गांड थोड़ी ऊपर उठाई और बोली- आराम से अजीत … तुम्हारा बड़ा है!
अंकल ने अपना लंड भाभी की गांड में डालना शुरू किया और भाभी का मुँह ऐसे खुल गया, जैसे लंड उनके मुँह से निकलने वाला हो.
भाभी के मुँह से बस ‘ओहो मर गई …’ ही निकला और अंकल ने पूरा लंड उनकी गांड में पेल दिया.
भाभी को तकलीफ हो रही थी क्योंकि उनके चेहरे से साफ समझ आ रहा था.
अंकल ने अब उनकी गांड को थामा और गांड चोदना शुरू कर दिया.
जल्द ही भाभी भी अपनी कमर हिलाने लगीं और मेरा लंड उनकी चूत में जाने लगा.
मतलब अब भाभी अपने दोनों छेदों से चुद रही थीं.
जैसे-जैसे अंकल अपनी रफ्तार तेज कर रहे थे, भाभी भी उतनी ही तेजी से अपनी गांड मटका रही थीं.
मुझे पता नहीं कितना ज्यादा मजा आ रहा था कि मैं भाभी के निप्पल को काटने लगा और दूसरे दूध को बुरी तरह मसलने लगा था.
कोई 5 मिनट की चुदाई ही हुई थी कि मैं झड़ गया.
भाभी ने मुझे अलग कर दिया और ऐसे ही घोड़ी बनी रहीं.
मैं अपना लंड कपड़े से पौंछता हुआ दूर हो गया.
अंकल ने भाभी को घोड़ी बने हुए ही जकड़ लिया और उनकी गांड की धुआंधार चुदाई शुरू कर दी.
भाभी के दोनों झूलते हुए दूध तेजी से हिल रहे थे और उनकी गांड में धक्के पड़ने से वह किसी मस्त फुटबॉल के जैसी लहरा रही थी.
उन दोनों को देखकर मुझे लगा कि भाभी को ऐसे ही सांड मर्द की जरूरत थी, जो इन्हें इस तरह बुरी तरह चोद सके.
मैं बिस्तर पर लेटा हुआ बस Xxx भाभी Sexx देख रहा था.
इस बार अंकल ने भाभी को आधा घंटा से ज्यादा टाइम तक चोदा था, जिससे भाभी 2 बार झड़ चुकी थीं.
इसके बाद जब अंकल भाभी की गांड में झड़े, तो वे एकदम से चुस से गए थे.
उसके बाद हम तीनों बिस्तर पर लेटे हुए थे.
मैं तो काफी थक गया था, इसलिए मेरी आंख लग गई. लेकिन रात में जब भी मेरी आंख खुलती, तब मैं देखता कि अंकल बस भाभी को चोद रहे हैं.
वे कभी बिस्तर पर तो कभी फर्श पर खड़ी करके चुदाई करते ही दिखाई दिए.
पूरी रात में पता नहीं कितनी बार अंकल ने भाभी को चोदा होगा.
सुबह 4 बजे जब उन्होंने मुझे उठाया, तो दोनों कपड़े पहन चुके थे.
अंकल ने मुझसे कहा- चल अब मुझे घर छोड़ दे.
मैंने मुँह धोकर कपड़े पहने और स्कूटी से अंकल को घर छोड़ दिया.
वापस आकर मैं फिर से सो गया.
जब मैं सुबह 9 बजे उठा तो भाभी अभी भी सो रही थीं.
मैं फ्रेश हुआ और घूमने निकल गया.
वापस आने पर दोपहर में भाभी मेरे साथ ही नहाईं और मैंने उन्हें फिर से चोदा.
लेकिन मैं सफल नहीं हो पाया और जल्दी झड़ गया.
रात में फिर से मैं अंकल को लेकर आया और अंकल ने भाभी को फिर से पूरी रात चोदा.
मैं 10 दिन भाभी के घर रहा, जिसमें से 6 दिन अंकल आए और भाभी को चोदा.
आज भी अंकल और भाभी होटल या शहर के बाहर किसी जगह में मिलते हैं और चुदाई करते हैं.
मैं भाभी को कई बार चोद चुका हूँ लेकिन आज तक उनका पानी नहीं निकाल पाया.
दोस्तो, मेरी ये Xxx भाभी Sexx कहानी आप लोगों को जरूर पसंद आई होगी.
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।