hot nude bhabhi xxx kahani
हॉट न्यूड भाभी Xxx कहानी में भाभी ने मेरे छोटे लंड से चुदवा तो लिया पर उनको मजा नहीं आया. उन्होंने बताया कि लम्बे मोटे लंड से चूत में मजा आता है.
नमस्ते दोस्तो, मैं रवि अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
रिश्ते में भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया
में आपने जाना कि कैसे जवानी की शुरुआत में मेरी अपनी भाभी के साथ संबंध बने और कैसे मेरे पहचान के अंकल के साथ मेरी बातें हुआ करती थीं.
पहले भाग में आपने अभी इतना पढ़ा था कि कैसे भाभी ने मुझे बाथरूम में बुलाकर मेरे साथ चुदाई की.
अब आगे हॉट न्यूड भाभी Xxx कहानी पढ़िए :
क्रिकेट खेलने के बाद मैं फिर से भाभी के घर ही चला गया क्योंकि मुझे 10 दिन भाभी के साथ ही रहना था.
उस दिन भाभी मुझसे इतना ज्यादा मजाक कर रही थीं, जितना कभी नहीं किया था.
वे ‘लंड व चुदाई’ जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल कर रही थीं.
रात में खाना खाने के बाद भाभी मुझे बेडरूम में ले गईं और मुझसे बोलीं- चल, आज मैं तुझे चुदाई कैसे करते हैं, ये सिखाती हूँ.
भाभी अपना मोबाइल लेकर आईं और उसमें एक इंग्लिश फ़िल्म लगा दी.
उस ब्लू फ़िल्म में लड़का लड़की को नंगी कर रहा था.
वे दोनों नंगे होकर एक-दूसरे के होंठ चूमने लगे थे.
लड़का लड़की की चूत चाटने लगा और लड़की लड़के का लंड चूस रही थी.
उस फ़िल्म में यह अच्छे से दिखाया गया था कि लंड कैसे चूसते हैं और चूत कैसे चाटते हैं.
फिर कैसे अलग-अलग पोजीशन में लड़का लड़की की चुदाई करता है.
लड़का, लड़की की चूत और गांड सब चोदता है.
फ़िल्म देखने के बाद भाभी ने मुझे नंगा कर दिया और खुद भी पूरी तरह से नंगी हो गईं.
हम दोनों बिस्तर में एक-दूसरे से लिपटे हुए थे और एक-दूसरे के होंठ चूम रहे थे.
भाभी का पूरा जिस्म बेहद गर्म था और इतना गोरा था कि बता नहीं सकता.
भाभी की चूत गुलाबी रंग की थी और उनकी जांघें बहुत मोटी-मोटी थीं.
मैं भाभी के ऊपर था और उनके होंठ चूम रहा था.
साथ ही मैं अपने दोनों हाथों से भाभी के बड़े-बड़े मम्मों को मसल रहा था और बेताबी से बारी बारी से दोनों मम्मों के निप्पलों को चूस रहा था.
कुछ देर बाद भाभी ने मुझे नीचे जाने को बोला और मैं उनकी चूत के पास चला गया.
भाभी ने अपनी टांगें फैलाईं और मेरे मुँह को अपनी चूत में लगा लिया.
मैं भी ब्लू फ़िल्म की तरह उनकी चूत चाटने की कोशिश करने लगा और अपनी जीभ चूत के ऊपर चलाने लगा.
भाभी के मुँह से ‘आह आह उह्ह’ की वासना भरी आवाजें निकल रही थीं.
बहुत देर तक भाभी ने अपनी चूत चटवाई जिससे भाभी की चूत पानी-पानी हो गई.
इसके बाद भाभी मुझे लिटा कर मेरे बाजू में गईं और मेरे लंड को मुँह में भरकर चूसने लगीं.
उनके लंड चूसने से मुझे इतना मजा आ रहा था कि मेरे मुँह से भी ‘आह अह’ की आवाज निकल रही थी.
अभी 5 मिनट ही हुए थे भाभी को लंड चूसते हुए कि मेरा पानी निकल गया और मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.
भाभी ने मेरे लंड को कपड़े से साफ किया और वे फिर से उसे चूस कर खड़ा करने लगीं.
वे लगातार लंड चूसती रहीं और मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया.
इसके बाद भाभी लेट गईं और उन्होंने अपने दोनों पैर फैला दिए.
वे मुझसे ऊपर चढ़ कर लंड चुत में डालने को बोलीं.
मैं भाभी के ऊपर चढ़ गया और लंड चूत में लगाकर धक्का लगाया.
एक-दो बार तो मेरा निशाना चूक गया और लंड छिटक गया.
फिर भाभी ने लंड को पकड़ा और चूत के छेद पर लगा कर मुझे जोर से धक्का देने को कहा.
मैंने धक्का लगाया और लंड अन्दर चला गया.
लंड घुस जाने के बाद मैं जोर-जोर से कमर हिलाने लगा और लंड अन्दर-बाहर होने लगा.
लेकिन अभी मेरी चुदाई का तरीका इतना अच्छा नहीं था इसलिए बार-बार लंड बाहर निकल जा रहा था.
फिर भाभी ने मुझे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गईं.
वे लंड पर बैठकर उसे अन्दर लेने लगीं.
उन्होंने मेरे ऊपर अपना वजन नहीं रखा था.
वे साइड में अपने पैर और हाथ रख कर केवल लंड को चुत में ले रही थीं.
उनके दूध मेरे मुँह से लग रहे थे तो मैं बदल बदल कर दूध चूस रहा था.
भाभी का यह तरीका मस्त था और मुझे बहुत मजा आ रहा था.
भाभी जब उछल रही थीं, तो उनके दोनों बड़े-बड़े दूध जोर-जोर से ऊपर-नीचे उछल रहे थे.
मुश्किल से 3-4 मिनट में ही मैं फिर से झड़ गया और भाभी बोलीं- हट्ट साले … तेरा तो निकल गया, अब मेरा क्या होगा!
फिर भाभी ने मुझसे चूत चाटने के लिए कहा.
मैं उनकी चूत चाटने लगा और भाभी ने मेरी दो उंगलियां अपनी चूत में डलवा लीं.
मैं जोर-जोर से उंगलियों से ही उन्हें चोदने लगा.
करीब 15 मिनट उंगली करने के बाद भाभी की चूत से सफेद गाढ़ा पानी निकल गया.
भाभी शिथिल स्वर में बोलीं- बस कर अब!
आधा घंटा आराम करने के बाद भाभी ने फिर से मेरा लंड खड़ा किया.
इस बार वे अपने घुटनों के बल हो गईं और मुझे पीछे से लंड डालने को बोला.
जैसा मैंने फिल्मों में देखा था, वैसे ही मैं लंड उनकी गांड की तरफ से डालने लगा.
भाभी की गांड इतनी बड़ी और उभरी हुई थी कि बड़ी मुश्किल से मेरा सुपाड़ा ही उनकी चूत में जा पा रहा था, जिससे भाभी को कोई मजा नहीं आ रहा था.
मुझ जैसे अनाड़ी खिलाड़ी को पाकर भाभी भी परेशान हो गई थीं और वे फिर से मेरे लंड पर बैठकर चुदने लगीं.
ऐसा लग रहा था कि मैं नहीं, बल्कि वे मुझे चोद रही हैं.
कोई 5 मिनट में ही फिर से मेरा पानी निकल गया और भाभी ने फिर से मुझसे उंगली करवाई.
भाभी का पानी निकलने के बाद हम दोनों सो गए.
दूसरी रात भी भाभी ने मेरे साथ चुदाई की.
लेकिन एक बार भी मैं उनका पानी अपने लंड से नहीं निकाल सका.
मेरे छोटे से लंड से भाभी को ज़रा सा भी मजा नहीं आ रहा था.
बस आखिर में भाभी मुझसे चूत चटवा कर और उंगली करवा कर ही अपना पानी निकाल रही थीं.
उस रात थककर भाभी मुझसे बोलीं- अभी तेरा लंड बहुत छोटा है यार, तू मेरा कुछ नहीं कर सकता!
मैं भी निराश हो गया था.
भाभी आगे बोलीं- जानता है, जब तू और बड़ा हो जाएगा, तो तेरा लंड भी बड़ा हो जाएगा, तब हम दोनों को असली मजा आएगा!
मैं उन्हें सिर्फ सुन रहा था.
भाभी बोलीं- जानता है, बड़े आदमियों का लंड कितना बड़ा होता है?
मेरे मुँह से निकल गया- हां भाभी जानता हूँ, मैंने देखा भी है!
भाभी बोलीं- किसका देखा है?
मैंने कहा- एक अंकल हैं, उनका देखा हूँ.
भाभी बोलीं- तूने उनका कैसे देख लिया?
मैंने पहले तो सोचा कि भाभी को बताऊं कि नहीं, लेकिन भाभी बार-बार पूछ रही थीं तो मैं बोल पड़ा.
मैंने कहा- अरे भाभी, एक अंकल हैं मेरी पहचान के, वह हमेशा ऐसी गंदी-गंदी बातें किया करते हैं हम लड़कों से … और वे हमें अपना लंड निकाल कर दिखाते हैं.
भाभी ने पूछा- कितना बड़ा है उनका?
मैं बोला- समझो 8-9 इंच का होगा और उनका बहुत मोटा भी है!
इसके बाद भाभी कुछ सोचने के बाद मुझसे अंकल के बारे में ही पूछने लगीं कि वह कौन हैं? कहां रहते हैं? और क्या-क्या बातें करते हैं वह?
मैं भाभी को अंकल के बारे में खुलकर सब बताता रहा.
मेरी बातें सुनकर भाभी बोलीं- एक बात बोलूँ?
मैंने कहा- हां भाभी.
भाभी बोलीं- अगर तू किसी को नहीं बताएगा तो …
मैंने कहा- नहीं बताऊंगा भाभी!
भाभी ने फिर से पूछा- पक्का किसी को नहीं बताएगा?
मैंने कहा- हां भाभी, पक्का किसी को नहीं बताऊंगा, विश्वास करो.
भाभी बोलीं- तू मेरी दोस्ती अपने उस अंकल से करवा दे, फिर हम तीनों साथ में मज़ा किया करेंगे.
भाभी की बात सुनकर मुझे अंकल की बात याद आ गई, जब वे मुझसे कह रहे थे कि ऐसी किसी माल को मुझे दिलवा दे.
मैंने कहा- अगर ऐसी बात है तो मैं कल उनसे पूछूँगा.
भाभी बोलीं- अगर वे तैयार होंगे, तो कल रात उनको आने के लिए कह देना.
मैंने कहा- जी बिल्कुल.
इसके बाद हम दोनों सो गए.
सुबह उठने के बाद मैं तैयार हुआ और भाभी की स्कूटी लेकर घूमने निकल गया.
मोहल्ले के चौराहे पर मेरी नज़र अजीत अंकल पर पड़ी और मैंने उन्हें आवाज़ दी.
अंकल मेरे पास आए और मैं उन्हें स्कूटी में बैठाकर ग्राउंड की तरफ चल दिया.
ग्राउंड में पहुंच कर अंकल ने मुझसे पूछा- अभी सुबह-सुबह ग्राउंड क्यों ले आया मुझे?
मैंने अंकल को सारी बात बताई कि भाभी आपसे दोस्ती करना चाहती हैं और आपको आज रात बुलाया है.
अंकल को मेरी बात पर भरोसा नहीं हो रहा था और वे बार-बार मुझसे पूछ रहे थे.
फिर जब मैंने अंकल के सामने ही भाभी को फोन लगाया और फोन स्पीकर पर डालकर भाभी से बोला- भाभी, उन अंकल को बोल दूँ दोस्ती के लिए?
भाभी बोलीं- हां-हां मैं तो कल ही तुझे बोली हूँ, अगर वे तैयार हों तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
भाभी को यह पता नहीं था कि अंकल मेरे पास ही खड़े हैं.
मैंने कहा- आप उनके साथ सब कुछ करोगी क्या?
भाभी बोलीं- क्यों नहीं करूँगी तेरा सामान अभी छोटा है न मेरे लिए … इसलिए मुझे बड़े सामान वाला मर्द चाहिए.
मैंने भाभी से ‘ओके’ कहा और फोन काट दिया.
अब अंकल को भरोसा हो गया था और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था.
अंकल बोले- आज रात पक्का है तू मुझे लेने आ जाना, आज तेरी भाभी को पटक-पटक कर चोदूँगा रात भर … ऐसी माल तो जन्नत में भी नहीं मिलने वाली मुझे!
फिर अंकल मुझे होटल ले गए और मुझे नाश्ता-मिठाई खिलाई.
उसके बाद मैं वापस भाभी के पास आ गया.
मैंने घर आकर भाभी को सब बात बताई, तो भाभी की आंखों में भी एक अजीब सी खुशी आ गई.
भाभी तुरंत बोलीं- अपने अंकल को बता देना कि ये सब बात कभी किसी को पता नहीं चलनी चाहिए.
मैंने कहा- नहीं भाभी, वे क्यों किसी को बताएंगे.
भाभी बोलीं- ठीक है, तो आज रात उनको घर लेकर आना और ध्यान रहे कि किसी को कानो-कान खबर न हो.
मैंने आश्वस्त करते हुए कहा- हां भाभी, मैं पूरा ध्यान रखूँगा कि कोई न देखे. जब मोहल्ले वाले सो जाएंगे, तब मैं उन्हें अंधेरे में लेकर आऊंगा.
भाभी ने आगे कहा- और एक बात, अपने अंकल को बोलना कि भाभी को बियर पीने का शौक है, तो साथ लेते आएं.
मैंने अचंभे से पूछा- भाभी क्या आप बियर पीती हो?
भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- मैं कई बार पी चुकी हूँ, कॉलेज में भी और उसके बाद भी … बियर पीने के बाद चुदाई का मज़ा दोगुना हो जाता है.
मैं हंसते हुए बोला- ठीक है, मैं उन्हें बोल दूँगा.
इसके बाद भाभी उठीं और अलमारी से एक क्रीम निकाल कर बाथरूम जाने लगीं.
जब मैंने पूछा कि भाभी आप तो नहा चुकी हो, अब कहां जा रही हो?
भाभी मुझे वह क्रीम दिखाती हुई बोलीं- रात की तैयारी करने जा रही हूँ तेरे अंकल को क्या ऐसी बालों वाली चूत दिखाऊंगी?
उनके हाथ में अनचाहे बाल साफ करने की क्रीम थी.
आधा घंटा बाद जब भाभी बाथरूम से बाहर निकलीं, तो वे सीधे मेरे सामने आईं और बड़ी ही बेशर्मी से अपना गाउन कमर तक उठा दिया.
अपनी चूत दिखाती हुई भाभी बोलीं- अब देख, कैसी लग रही है?
उनकी चूत वास्तव में बिल्कुल साफ और चमक रही थी.
मैंने कहा- वाओ भाभी यह तो वाकई मस्त चमक रही है.
इसके बाद हम दोनों ने दोपहर का खाना खाया और मैं सो गया.
शाम को 4 बजे मैं उठा और क्रिकेट खेलने ग्राउंड चला गया.
ग्राउंड में मुझे अजीत अंकल मिले और वे मुझे सभी लड़कों से अलग ले गए.
उन्होंने मुझसे पूछा- क्या प्लान है रात का? जल्दी बता!
मैंने कहा- जब मोहल्ला शांत हो जाएगा, तब मैं आपको लेने आऊंगा … और भाभी ने आपसे बियर लाने के लिए बोला है.
अजीत अंकल चौंककर बोले- बियर? बियर कौन पिएगा बे?
मैंने जवाब दिया- भाभी पीती हैं.
अजीत अंकल हंसते हुए बोले- वाह … वह तो चालू होने के साथ-साथ शौकीन भी हैं … अब तो उसे पेलने में और भी मज़ा आएगा.
क्रिकेट खेलने के बाद मैं वापस भाभी के पास चला गया और 8 बजे तक हम दोनों ने खाना खा लिया.
रात 10 बजे तक हम दोनों टीवी देखते रहे, फिर भाभी ने अलमारी से एक सिल्क की नाइटी और नई ब्रा-पैंटी निकाली.
भाभी बिना किसी शर्म के मेरे सामने ही नंगी हो गईं और अपनी नई ब्रा, पैंटी और नाइटी पहनी.
उस समय मेरा लंड पूरी तरह से तमतमा गया क्योंकि भाभी का नंगा बदन आज कुछ ज्यादा ही दमक रहा था
इसके बाद भाभी मुझसे बोलीं- जा अब जल्दी जा … और उनको लेकर आ.
मैंने स्कूटी निकाली और अंकल के मोहल्ले की तरफ चल दिया.
मोहल्ले के चौराहे पर पहुंच कर मैंने अंकल को फोन लगाया और कुछ ही देर में अंकल आ गए.
फिर हम दोनों वाइन शॉप गए, जहां अंकल ने 6 बियर की बोतलें लीं.
उन्हें बैग में रखकर हम दोनों भाभी के घर की तरफ चल दिए.
घर पहुंचते-पहुंचते 11 बज चुके थे और पूरा मोहल्ला सूना हो गया था.
मैंने स्कूटी गेट के अन्दर की और गेट पर ताला लगा दिया.
इसके बाद मैं और अंकल मेन दरवाजे के पास पहुंचे.
मैं और अंकल रात 11 बजे भाभी के घर पहुंचे और मैंने दरवाजे की घंटी बजाई.
भाभी ने दरवाजा खोला और उन्होंने अंकल को देखा.
अंकल को देखते ही भाभी के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई और फिर उन्होंने हमें अन्दर बुलाया.
कुछ देर हम तीनों सामने वाले रूम में बैठे हुए थे. फिर मैं अंकल का बैग लेकर बीयर को फ्रीज में ठंडा होने के लिए रखने चला गया.
वापस आकर मैंने भाभी और अंकल का आपस में परिचय करवाया और अंकल का नाम सुनकर भाभी ने अंकल को सवालिया नजरों से देखा.
देर तक कमरे में सन्नाटा छाया रहा; कोई किसी से कुछ बोल ही नहीं रहा था.
मैं समझ गया कि भाभी और अंकल एक-दूसरे के लिए अनजान हैं इसलिए ऐसा हो रहा है.
मैंने भाभी से कहा- आप लोग कुछ बोलिए, ऐसे क्यों बैठे हैं!
भाभी मुझसे बोलीं- तू अभी कुछ देर जाकर बाहर आंगन में टहल, जब मैं बुलाऊंगी तब आना.
मैं उठकर बाहर चला गया और भाभी ने दरवाजा बंद कर लिया.
मैं आंगन में इधर से उधर टहल रहा था और सोच रहा था कि ये दोनों अन्दर क्या कर रहे होंगे? क्या दोनों चुदाई करने लगे या मेरे सामने कुछ बोल नहीं पा रहे थे?
मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था.
आधा घंटा बाद भाभी ने दरवाजा खोला और मुझे बुलाया.
मैं अन्दर गया तो देखा कि अंकल भाभी के बेडरूम में बैठे हुए थे. वे दोनों अब खुलकर बातें कर रहे थे और भाभी ने मुझसे बीयर और ग्लास लाने के लिए कहा.
मैंने बिस्तर के सामने टेबल लगाया और दो ग्लास और दो बीयर की बोतलें ले आया.
भाभी किचन में गईं और काजू लेकर आईं.
फिर भाभी ने मेरे लिए भी ग्लास मँगवाया, लेकिन मैंने मना कर दिया कि मैं नहीं पीता.
लेकिन भाभी मुझसे जबरदस्ती करने लगीं और मैं एक और ग्लास ले आया
इसके बाद अंकल ने मुझे पूरी एक बीयर की बोतल थमा दी और मुझसे कहा- इसे पूरी तू ही पिएगा!
मैंने कभी शराब या बियर नहीं पी थी, इसलिए मुझे पता नहीं था कि इसका स्वाद कैसा होगा या कैसा नशा होगा.
अंकल अपने और भाभी के लिए ग्लास में बियर डालने लगे और मैं खुद ही अपना ग्लास भरने लगा.
अंकल और भाभी बिस्तर पर बैठे हुए थे और मैं सामने कुर्सी पर.
देखते ही देखते उन दोनों ने एक बियर खत्म कर दी और मैं बस थोड़ा-थोड़ा चख ही रहा था.
इसके बाद भाभी उठीं और मेरा ग्लास लेकर जबरदस्ती मेरे मुँह से लगा दिया और पूरा ग्लास पिलवा दिया.
अब मैं खुद ही बियर पीता रहा और वहां उन दोनों ने दूसरी बियर भी खत्म कर दी.
थोड़ी देर में ही तीसरी बोतल भी खत्म हो गई और अब उन दोनों के चेहरे पर नशा साफ-साफ दिखाई दे रहा था.
अंकल ने और पीने का इशारा किया, लेकिन भाभी बोलीं- नहीं अभी बस, बाकी बाद में.
अंकल ने मुझे आंख मारी और बोले- तू अपनी बियर पी, मैं अब कुछ और पियूँगा.
मैं उनकी बात समझ पाता, उससे पहले ही अंकल ने भाभी को अपनी बांहों में खींच लिया और वे उनके होंठ चूसने लगे.
भाभी भी अंकल से चिपक गईं और उनकी पीठ को सहलाने लगीं.
तो दोस्तो, आपको समझ में आ गया होगा कि भाभी अब अंकल के मोटे लौड़े से चुदने की तैयारी करने लगी थीं.
हॉट न्यूड भाभी Xxx कहानी के अगले भाग में आपको सेक्स कहानी का भरपूर मजा आएगा.
आप बस अपने सोनम वर्मा जी की ईमेल आईडी पर अपने मेल भेजना जारी रखें.
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।